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CBSE Exam में रट्टा नहीं अब तर्क और समझ से मिलेंगे अंक

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की बोर्ड परीक्षाओं में अब पारंपरिक यानी रटे-रटाए सवालों का युग समाप्त हो रहा है। बोर्ड ने अपनी मूल्यांकन पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड (योग्यता आधारित), केस बेस्ड और सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्नों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है। इस नए बदलाव का उद्देश्य शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक बनाना है। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, अब प्रश्नपत्र इस तरह तैयार किए जा रहे हैं जो छात्र की सिर्फ याद्दाश्त का नहीं, बल्कि उनकी तर्क शक्ति, विश्लेषण क्षमता और किसी विशेष परिस्थिति को समझने की क्षमता का आकलन कर सकें। इस नए पैटर्न में ‘असर्शन-रीजन’ (कथन-कारण) आधारित सवालों की संख्या में भी उल्लेखनीय बढौतरी की गई है। कैमिस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी और कक्षा 10वीं के अन्य महत्वपूर्ण विषयों में भी इसी तरह के चुनौतीपूर्ण और समझ पर आधारित प्रश्नों की प्रधानता रहेगी, ताकि छात्रों को विषय की गहराई तक ले जाया जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार कॉम्पिटेंसी आधारित प्रश्नों को बढ़ाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इससे छात्र रटने के बजाय कॉन्सेप्ट को बेहतर तरीके से समझेंगे। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे एन.सी.ई.आर.टी. के हर सिद्धांत को गहराई से पढ़ें, सैंपल पेपर हल करते समय प्रश्नों की भाषा और तर्क को समझें तथा प्रतिदिन केस-स्टडी आधारित प्रश्नों का अभ्यास करें।

मुख्यमंत्री के बेटे ने भी भरा था सरकारी नौकरी के लिए CET एग्जाम का फार्म

पंचूकला. हरियाणा में तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) की गंभीरता और महत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी ने भी परीक्षा के लिए आवेदन फार्म भरा था अनिकेत सैनी बीए-एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं और इस समय उनका द्वितीय वर्ष चल रहा है। अनिकेत आवेदन फार्म भरने के बाद 26 व 27 जुलाई को हुई सीईटी की परीक्षा सिर्फ इसलिए नहीं दे पाए, क्योंकि उस समय दिल्ली की एक लॉ कंपनी में उनकी इंटर्नशिप चल रही थी। मुख्यमंत्री के बेटे अनिकेत द्वारा सीईटी की परीक्षा के लिए फार्म भरने की सूचना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूचा विपक्ष राज्य में बाहरी युवाओं को नौकरियां देने, हरियाणवी युवाओं की अनदेखी करने तथा राज्य के युवाओं को नौकरियां नहीं मिलने के आरोप लगा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है। हरियाणा के युवाओं को मिल रहीं नौकरियां उनका मानना है कि जब दूसरे राज्यों में हरियाणा के युवाओं को नौकरियां मिल सकती हैं तो फिर हरियाणा में बाहरी राज्यों के युवा मैरिट के आधार पर नौकरियां क्यों नहीं प्राप्त कर सकते। हरियाणा लोक सेवा आयोग के आंकड़ों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि बाहरी युवाओं के नौकरी पाने का प्रतिशत दो से तीन ही है, जबकि बाकी पदों पर हरियाणवी युवा ही नौकरियां कर रहे हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा सरकार ने हर साल 15 से 16 हजार 500 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। इनमें हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की नौकरियां करीब 15 हजार और हरियाणा लोक सेवा आयोग की नौकरियां एक हजार से डेढ़ हजार प्रतिवर्ष शामिल हैं। अभी तक कर्मचारी चयन आयोग की ओर से एक लाख 60 हजार सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग की ओर से करीब 18 हजार नौकरियां दी चुकी हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल जब हरियाणा के मुख्यमंत्री थे, तब साल 2022 में पहली बार सीईटी हुआ था। 13.58 लाख युवाओं ने किया आवेदन उसके तीन साल बाद 2025 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सीईटी हुआ है। अब सरकार चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के लिए सीईटी के आयोजन की तैयारियों में जुटी है। तृतीय श्रेणी की नौकरियों के लिए हुई सीईटी की परीक्षा के लिए 13.48 लाख युवाओं ने आवेदन भरे थे, जिनमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बेटे अनिकेत सैनी भी एक अभ्यर्थी रहे हैं। इनमें से करीब 12 लाख ने परीक्षा दी और आठ लाख य़ुवा पास हुए। इन पास युवाओं के लिए सरकार ने अब तक करीब 13 हजार नौकरियों के अवसर प्रदान कर दिए हैं और करीब 10 हजार पदों पर नौकरियां जल्द निकलने वाली हैं। सीएम का दावा- हम योग्य युवाओं को नौकरी दे रहे सीएम के बेटे द्वारा नौकरी के लिए प्रारंभिक परीक्षा का फार्म भरने से लेकर रिक्शा चलाने वाले व ठेला खींचने वाले लोगों के घर भी सरकारी नौकरियां लगी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि जिस मुहिम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने चालू किया था, वह आज भी उसी तरह से अनवरत जारी है। विपक्ष कमियां ढूंढता रहे और हम गरीब व जरूरतमंदों को मैरिट के आधार पर नौकरियां देते रहेंगे।

मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए पंजाब के सैनिक गुरप्रीत सिंह हुए शहीद

संगरूर. पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि वे भारतीय सेना में तैनात थे और पिछले 21 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। मणिपुर में चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से हुई। अचानक फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। शहादत की खबर मिलते ही गांव महलां चौक सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आसपास के इलाकों के लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदना जता रहे हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। परिवार में छाया मातम परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह मिलनसार, बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्हें गांव का हर व्यक्ति सम्मान देता था। इस बीच शहादत को लेकर मुआवजे और सरकारी सहायता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह मैहलां ने राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और गांव में उनकी याद में स्मारक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र घोषणा नहीं करती तो संगठन स्तर पर आवाज उठाई जाएगी। लोग वीर सपूत को अंतिम विर्दा देने की तैयारी में जुटे प्रशासन की ओर से एसडीएम दिड़बा ने जानकारी दी कि शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं। गुरप्रीत सिंह की शहादत ने एक बार फिर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साहस और बलिदान को उजागर किया है।

आर-पार की जंग में टीम इंडिया दांव पर, हार हुई तो खतरे में पड़ेंगे चार सितारों के करियर

 चेन्नई  साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज से हारने के बाद भारत और जिम्बाब्वे दोनों के लिए गुरुवार (26 फरवरी) को होने वाला ग्रुप 1 का सुपर 8 गेम अहम हो गया है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों ही टीमें यह मुकाबला सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए जीतना चाहेंगी. भारत पर तो खैर इस मुकाबले को लेकर एक अलग ही दबाव है.  वहीं भारतीय टीम को यह दुआ भी करनी है द‍िन के पहले मैच (26 फरवरी को वेस्टइंडीज vs साउथ अफ्रीका ) में वेस्टइंडीज की टीम को साउथ अफ्रीका हरा दे, बाद में भारतीय टीम वेस्टइंडीज को हरा दे. क्योंकि वेस्टइंडीज का नेट रनरेट 5 पार है. वहीं साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट +3.800 है. चूंकि भारतीय टीम ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन है और अपने घर पर खेल रही है, ऐसे में उस पर दोहरा दबाव है. साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 में है. ऐसे में सूर्या ब्रिगेड चाहेगी कि उनके पक्ष में ही समीकरण रहें. वेस्टइंडीज की अफ्रीका पर जीत से भारत का सेमीफाइनल समीकरण बिगड़ सकता है.  सुपर 8 में आज (गुरुवार) द‍िन के मुकाबले दोपहर 3 बजे वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में है. वहां दो पॉइंट्स के लिए मुकाबला होगा. पर अहमदाबाद से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर चेन्नई में भारत और ज‍िम्बाब्वे की टीमें इस मुकाबले को ध्यान से देखेंगे.  वैसे आज भारतीय टीम के साथ उनकी उम्मीद के मुताब‍िक नहीं हुआ तो कई ऐसे प्लेयर्स हैं, ज‍िनके टी20 कर‍ियर पर खतरा हो जाएगा. क्योंकि ऑप्शन तो बेंच पर कई तैयार हैं.    1: अभ‍िषेक शर्मा: इस समय भारत में सबसे ज्यादा किसी ख‍िलाड़ी की आलोचना हो रही है तो वो अभ‍िषेक शर्मा हैं. ज‍िन्होंने टी20 वर्ल्ड 2026 के 4 मैचों में 15 रन बनाए हैं. ये 15 रन भी उनके साउथ अफ्रीका संग प‍िछले टी20 में आए थे. उन्होंने शुरुआती टी20 में तो 3 डक (शून्य) बनाए थे. अभ‍िषेक शर्मा इस समय टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हैं, पर उनके हाल‍िया फॉर्म ने टीम इंड‍िया की टेंशन बढ़ा दी है.  1 जनवरी 2025 से अब तक के टी20 आंकड़े देखे जाएं तो अभ‍िषेक शर्मा भारतीय टीम के सबसे सफल बल्लेबाज हैं.उन्होंने अब तक 30 मैचों की    30 पार‍ियों में  1056 रन  37.71 के एवरेज और  196.64 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं.  पर इस बात में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि भारतीय टीम की यही इस वर्ल्ड कप में सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरा है. एक आंकड़ा देखा जाए तो पहले विकेट के लिए भारत का औसत 6.80 है, जो 20 टीमों में सबसे कम है. अभ‍िषेक अगर आगे भी फ्लॉप होते हैं, उनके ऑप्शन के रूप में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी भी हैं. वैभव आने वाली 27 मार्च को सीन‍ियर टीम इंड‍िया में चुनने के पात्र हो जाएंगे. वैभव अभी 14 वर्ष के हैं और ICC के नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए खिलाड़ी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए 2: त‍िलक वर्मा: मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में त‍िलक वर्मा भी भारतीय टीम की कमजोर कड़ी बनकर सामने आए हैं. वो टीम की सबसे मजबूत 3 नंबर पोजीशन पर खेल हैं. उन्होंने 5 पारियों में 107 रन बनाए हैं. इसमें उनका एवरेज 21.40 और स्ट्राइक रेट 118.88 है. जो 3 नंबर के बल्लेबाज के लिए कहीं से भी सटीक नहीं माना जाएगा. उनकी जगह लेने के लिए भी श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज हैं. त‍िलक जिस तरह वो साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ निकलकर शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, उसके बाद तो सुनील गावस्कर ने भी उनको लताड़ा था.  3: र‍िंकू सिंह: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रिंकू सिंह ने अब तक खेले 5 मैचों में सिर्फ 29 गेंदें खेलीं और सिर्फ 24 रन बनाए हैं. रिंकू ने अमेर‍िका के खिलाफ मैच में 14 गेंदों पर 6 रन, नामीबिया के खिलाफ 6 गेंद में 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंद में नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंद में नाबाद 6 रन बनाए. वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 2 गेंदें खेलीं लेकिन बिना खाता खोले आउट हो गए. वैसे क्रिकेट के जानकार एक हिस्से का कहना है कि रिंकू को ज्यादा मौका नहीं मिले हैं, ऐसे में उन पर सवाल उठाना ठीक नहीं हैं. रिंकू की जगह लेने के लिए भी टीम में कई प्लेयर्स हैं.  4: सूर्यकुमार यादव: इस टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं. लेकिन उनका फॉर्म भी वैसा नहीं है, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. भारतीय टीम का सफर वर्ल्ड कप में खत्म हुआ तो 35 साल के सूर्या के कर‍ियर पर ब्रेक लग सकता है. सूर्या इस वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय टीम की ओर इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है . सूर्या ने 5 मैचों की 5 पार‍ियों में  1 बार नाबाद रहते हुए 180 रन 45.00 के एवरेज और 127.65 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. सूर्या का हाइएस्ट स्कोर 84* का था, जो उन्होंने ओपन‍िंग मैच में अमेर‍िका के ख‍िलाफ बनाया था. पर सूर्या का कर‍ियर टी20इंटरनेशल मैचों का स्ट्राइक रेट 162.77 और एवरेज 37.32 है, जो वर्ल्ड कप में गिर चुका है. 

NCP में नई सियासी चाल, अजित पवार खेमे ने सुनेत्रा पवार पर लगाया दांव

मुंबई  अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला लेने की खबर है। पार्टी की केंद्रीय कार्यकारिणी ने सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार तय किया है। इस निर्णय को अजित पवार के बाद पार्टी की कमान तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) की केंद्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आज गुरुवार को मुंबई के वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में होने जा रही है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की औपचारिक घोषणा की जाएगी। पिछले महीने बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार के निधन ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद से ही पार्टी नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर जारी था। पार्थ पवार नहीं, सुनेत्रा पर लगी मुहर अजित पवार के निधन के बाद से ही सवाल उठ रहा था कि पार्टी का अगला मुखिया कौन होगा? चर्चाओं के बाजार में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार का नाम भी काफी ऊपर था, लेकिन पार्टी के अनुभवी नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर भरोसा जताया है। महायुति गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ एनसीपी के दिग्गज नेता प्रफुल्ल पटेल और सांसद सुनील तटकरे ने भी सुनेत्रा पवार के नाम का पुरजोर समर्थन किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज होने वाली बैठक में कार्यकारिणी सर्वसम्मति से सुनेत्रा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपेगी। सुनेत्रा पहले ही उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखा चुकी हैं, और अब संगठन की कमान संभालना उनके लिए एक नई परीक्षा होगी। राज्यसभा की सीट पर अब बेटे का कब्जा नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ परिवार और पार्टी के भीतर पदों का नया बंटवारा भी शुरू हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि वे अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। खाली हुई इस राज्यसभा सीट के लिए पार्टी ने पार्थ पवार को अपना उम्मीदवार बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब पिता की विरासत को सुनेत्रा राज्य में संभालेंगी, जबकि दिल्ली की राजनीति में पार्थ पवार पार्टी का चेहरा बनेंगे। हालांकि, सुनेत्रा पवार के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए अगले छह महीने के भीतर महाराष्ट्र विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होगा। क्या सुप्रिया सुले देंगी सुनेत्रा को वॉकओवर? अजित पवार के निधन से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर अब सबकी नजरें टिकी हैं। एनसीपी (अजित गुट) यहाँ से सुनेत्रा पवार को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश यह है कि इस उपचुनाव को 'निर्विरोध' कराया जाए। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करने की यह एक राजनीतिक परंपरा होनी चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसके संकेत दिए हैं कि मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो बारामती से सुनेत्रा पवार की जीत तय है और यह पवार परिवार के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट को कम करने का एक बड़ा जरिया भी बन सकता है। संगठन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक आज वर्ली में होने वाली यह बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि अजित पवार के बिना पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक बड़ा मोड़ है। कार्यकर्ताओं में अपने चहेते नेता को खोने का गम तो है, लेकिन सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में वे नई ऊर्जा तलाश रहे हैं। आगामी उपचुनाव और संगठन को मजबूती देने के लिए सुनेत्रा के पास बहुत कम समय है। क्या वे अजित पवार के उस करिश्मे को बरकरार रख पाएंगी जिसने एनसीपी को महाराष्ट्र की सत्ता के केंद्र में रखा था? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन आज का दिन महाराष्ट्र के इतिहास में सुनेत्रा पवार के उदय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

विजय-रश्मिका बने दूल्हा-दुल्हन, शुरू हुई शादी की रस्में और पारंपरिक तेलुगू अंदाज

उदयपुर पावर कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी को इंटीमेट रखा गया है. करीबी दोस्त और रिश्तेदार ही वेडिंग का हिस्सा बने हैं. वेन्यू पर फोन का इस्तेमाल करने पर पाबंदी है. कपल की कोई भी फोटो लीक ना हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है. कपल ने शादी से पहले पूल पार्टी, वॉटर वॉलीबॉल, विरोश प्रीमियर लीग के नाम से क्रिकेट मैच भी रखा था. उदयपुर में शाही शादी के बाद 4 मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी होगी. जिसमें इंडस्ट्री के नामी सितारे शामिल होंगे. फैंस कपल को दूल्हा-दुल्हन के गेटअप में देखने के लिए सुपर एक्साइटेड हैं. बीती रात कपल की संगीत सेरेमनी हुई थी. इसकी झलक सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रश्मिका ने पुष्पा 2 के गाने अंगारों पर डांस कर विजय देवरकोंडा को सरप्राइज किया. विजय की मां ने अपनी होने वाली बहू पर जमकर प्यार बरसाया.  कौन था रश्मिका का पहला प्यार? रश्मिका मंदाना अब भले ही विजय की दुल्हन बनने वाली हैं. लेकिन एक वक्त वो एक्टर रक्षित शेट्टी के प्यार में थीं. वे फिल्म के सेट पर मिले, दोस्त बने, और फिर डेटिंग शुरू की. 2017 में उन्होंने सगाई की. लेकिन 2018 में उनका रिश्ता टूट गया था. सगाई टूटने के सालों बाद रश्मिका को विजय से प्यार हुआ. दोनों ने लंबे समय तक अपने रिश्ते को सीक्रेट ही रखा. शादी से ठीक पहले उन्होंने अपना रिश्ता कंफर्म किया.  हल्दी में दिखा होली का खुमार 25 फरवरी को कपल की हल्दी सेरेमनी की रस्म निभाई गई. रश्मिका-विजय ने इंस्टा स्टोरी पर जश्न की झलक दिखाते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं. सबने हल्दी की होली खेली. ढेर सारी मस्ती और फन हुआ. रश्मिका का एलिगेंट डिनर और जापानी जायका वहीं, रश्मिका मंदाना ने उत्सव के अधिक परिष्कृत और सौम्य पक्ष को साझा किया। उनकी तस्वीरों में सुनहरी रोशनी में चमकता हुआ एक भव्य डिनर सेटअप दिखा। टेबल को ताजा ब्लश लिली, हाइड्रेंजिया और फलों से सजाया गया था। विशेष ध्यान खींचने वाली बात यह थी कि मेहमानों के लिए एक खास 'जापानी डाइनिंग एक्सपीरियंस' का प्रबंध किया गया था। इस बारीक और सोच-समझकर तैयार किए गए मेन्यू ने सेलिब्रेशन की भव्यता को और बढ़ा दिया। 'विरोश' का व्यक्तिगत स्पर्श इस पूरी शादी में सबसे खास रहा VIROSH नाम का आधिकारिक उपयोग। नैपकिन पर कढ़ाई किए गए इस नाम ने प्रशंसकों के प्रति उनके प्यार को दर्शाया। कपल ने एक दिन पहले ही मैचिंग नोट्स के जरिए अपनी शादी की पुष्टि करते हुए कहा था, 'आपने हमें प्यार से जो नाम (विरोश) दिया, हम अपनी शादी को वही नाम देना चाहते हैं।' यह पूरा भव्य आयोजन उदयपुर के आलीशान ITC मेमेंटोस (एकाया) में हो रहा है, जो अपने शानदार लैंडस्केप के लिए जाना जाता है। फिलहाल, आज दोनों शादी के बंधन में बंध जाएंगे। दोनों की शादी का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, अब से कुछ ही देर में दोनों सात फेरे लेंगे, शादी की रस्में अब शुरू हो चुकी हैं। कोडवा वेडिंग ( Kodva Wedding Ritual) भारत में हजारों क्षेत्रीय समुदाय हैं, जिनकी अपनी गहरी परंपराएं और खासकर शादी से जुड़ी अनोखी रस्में हैं. ऐसा ही एक समुदाय है कर्नाटक के कूर्ग क्षेत्र का कोडवा समुदाय. इनकी शादी की रस्में सच में देखने लायक होती हैं. कर्नाटक के कूर्ग (कोडगु) इलाके से आने वाले कोडवा लोग अपनी खास लोकल खानपान परंपरा और सदियों पुरानी रीति-रिवाजों के लिए जाने जाते हैं. और ये उनकी शादियों में भी साफ दिखता है. कूर्ग की शादी (जिसे उनकी स्थानीय भाषा में ‘मंगला' कहा जाता है) भी रंगीन, खुशियों से भरी और उत्साहपूर्ण होती है. तो चलिए जानते हैं इस शादी की परंपराओं के बारे में.  कूर्ग शादियां सिर्फ खाने-पीने और नाच-गाने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि ये रिश्तेदारों और दोस्तों के मिलने, बातचीत करने (और थोड़ा-बहुत गपशप करने!) का भी मौका होती हैं. यहां एक दिलचस्प बात यह है कि आम हिंदू शादियों की तरह यहां ब्राह्मण पुजारी नहीं होते. इसके बजाय, पवित्र दीपक के सामने पूर्वजों को याद कर आशीर्वाद लिया जाता है और परिवार के बुजुर्ग ही पूरी शादी की अगुवाई करते हैं. यही सादगी और अनोखी रस्में कूर्ग शादी को खास बनाती हैं.

T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान की किस्मत तय? श्रीलंका की हार से बने नए समीकरण

नई दिल्ली श्रीलंका के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भी पाकिस्तान की सेमीफाइनल उम्मीदें जिंदा हो गई हैं. , लेकिन अब क्वाल‍िफिकेशन का रास्ता बेहद मुश्किल समीकरणों पर टिक गया है. न्यूजीलैंड ने श्रीलंका  को बुधवार (25 फरवरी) को कोलंबो में 61 रन से हराकर ग्रुप-2 की तस्वीर लगभग साफ कर दी है. इस जीत से न्यूजीलैंड का नेट रन रेट +3.050 पहुंच गया, जो उन्हें इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूत बनाता है. कोलंबो में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड की एकतरफा जीत ने पाकिस्तान के लिए रास्ता बेहद संकरा कर दिया. अब अंक तालिका में पिछड़ने के साथ-साथ पाकिस्तान नेट रन रेट (-0.461) के मामले में भी काफी पीछे है. क्या पाकिस्तान अब भी कर सकता है सेमीफाइनल के लिए क्वाल‍िफाई?  पाकिस्तान को अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में श्रीलंका को हर हाल में हराना होगा. लेकिन सिर्फ जीत काफी नहीं, उन्हें कम से कम 70 रन से जीत दर्ज करनी होगी (मौजूदा समीकरण के अनुसार) ताकि नेट रन रेट में बड़ी छलांग लग सके. क्या इंग्लैंड की जीत बनेगी पाकिस्तान की सबसे बड़ी उम्मीद इस पूरे समीकरण की चाबी इंग्लैंड की टीम बन गई है.इंग्लैंड को न्यूजीलैंड को हराना ही होगा. जीत का अंतर जितना बड़ा होगा, पाकिस्तान का टारगे उतना आसान होगा.अगर यह मैच बारिश से धुल गया, तो न्यूजीलैंड सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा और पाकिस्तान बाहर हो जाएगा. अगर इंग्लैंड 20 रन से जीतता है, तो पाकिस्तान को लगभग 50 रन से जीत चाहिए. श्रीलंका पहले बल्लेबाजी कर 200 बनाता है, तो पाकिस्तान को लक्ष्य 15 ओवर से पहले हासिल करना होगा.अगर स्कोर 150 के आसपास होता है तो पाकिस्तान को 14 ओवर के भीतर जीत दर्ज करनी होगी. तो पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए क्या करे? इंग्लैंड-न्यूजीलैंड मैच पहले होने वाला है, जिससे पाकिस्तान को अपने मैच से पहले ही स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कितने रन या कितने ओवर में जीत हासिल करनी है. यानी मैदान पर उतरते समय गणित पूरी तरह सामने होगा,  लेकिन उसे हासिल करना ही असली चुनौती होगी. T20 वर्ल्ड कप सुपर 8 ग्रुप 2 पॉइंट्स टेबल  1. इंग्लैंड (4 पॉइंट्स, 2 मैच, NRR +1.491) 2. न्यूजीलैंड (3 पॉइंट्स, 2 मैच, NRR +3.050) 3. पाकिस्तान (1 पॉइंट, 2 मैच, NRR -0.461) 4. श्रीलंका (0 पॉइंट, 2 मैच, NRR -2.800) T20 वर्ल्ड कप सुपर 8 में ग्रुप 2 में बाकी मैच 27 फरवरी: न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड 28 फरवरी: पाकिस्तान बनाम श्रीलंका कुल म‍िलाकर पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की क्या संभावना है, आइए, फ‍िर समझ लेते हैं… अगर न्यूजीलैंड हारे तो क्या होगा? अगर न्यूजीलैंड अपना अगला मैच इंग्लैंड के ख‍िलाफ हार जाता है, तो पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड दोनों के तीन पॉइंट्स हो जाएंगे (बशर्ते पाकिस्तान श्रीलंका को हरा दे). ऐसे में बेहतर नेट रन रेट (NRR) वाली टीम आगे बढ़ जाएगी. पाकिस्तान को उम्मीद करनी होगी कि न्यूजीलैंड बहुत बड़े अंतर से हारे और फिर 'मेन इन ग्रीन' श्रीलंका को बहुत बड़े अंतर से हरा दे. तभी पाकिस्तान न्यूजीलैंड के शानदार नेट रन-रेट को पार कर पाएगा.  अगर पाकिस्तान श्रीलंका से हार गया तो… अगर पाकिस्तान श्रीलंका से हार जाता है, तो वे बाहर हो जाएंगे. अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड को हरा देता है, तो पाकिस्तान श्रीलंका से खेलने से पहले ही रेस से बाहर हो जाएगा. अगर न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड मैच बारिश की वजह से रद्द हो जाता है, तो पाकिस्तान अपने आखिरी मैच में श्रीलंका से जीतने पर भी बाहर हो जाएगा.     

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का कोयंबटूर में हुआ स्लिप डिस्क का ऑपरेशन

रायपुर. विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह का कोयंबटूर में स्लिप डिस्क का ऑपरेशन हुआ. डॉक्टर रमन सिंह का आपरेशन सफल रहा. खुद डॉक्टर रमन सिंह ने सोशल मीडिया साइट x पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. (CG Vidhansabha Speaker) डॉ. रमन सिंह ने पोस्ट कर कहा कि “आज तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित हॉस्पिटल में मेरे कमर संबंधी (स्लिप डिस्क) समस्या का ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ है और चिकित्सकों के परामर्श अनुरूप मैं स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहा हूँ. आप सभी की मंगलकामनाओं के लिए आभारी हूं .” बता दें विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह कल 23 फरवरी को बजट प्रस्तुत होने पर विधानसभा में थे. उन्होंने विधानसभा सत्र की कार्यवाहियों का संचालन भी किया था. कल बजट सत्र के संचालन के बाद वह शाम को तमिलनाडु के कोयंबटूर के लिए रवाना हुए. इसके बाद वहां उनका सफल आपरेशन हुआ. ऑपरेशन के बाद चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार वे कुछ समय तक विश्राम में रहेंगे. विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में वर्तमान में चल रहे बजट सत्र का संचालन सुचारू रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं. इस दौरान सत्र संचालन की जिम्मेदारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रहे वर्तमान बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और विधानसभा उपाध्यक्ष रहें. वर्तमान तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह को सौंपी गई है. इनके सहयोग के लिए पैनल ऑफ चेयरमेन का गठन किया गया हैं. जो जरूरत पड़ने पर विधायी कार्यों और सदन की कार्यवाही का संचालन किया जाएगा. 

पारंपरिक ईंधन की जगह ग्रीन हाइड्रोजन पर ऊर्जा सचिव ने दिया जोर

रायपुर. छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) द्वारा आज छत्तीसगढ़ को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्लोबल क्लीन एनर्जी के विस्तार के उद्देश्य से अर्धदिवसीय सेमिनार का आयोजन कोर्टयार्ड बाय मैरियट में किया गया. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. सचिव रोहित यादव ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक परिवेश में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक औद्योगिक ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ विकल्पों को अपनाने की दिशा में कार्य करना है. उन्होंने बताया कि बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी. सेमिनार में चर्चा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, डेयरी उद्योग से उत्पन्न अपशिष्ट, फल एवं सब्जी मंडियों का जैविक कचरा तथा गोबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. उपयुक्त तकनीक के माध्यम से इनके प्रसंस्करण द्वारा बड़े पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं. राज्य में स्टील एवं स्पंज आयरन उद्योग का मजबूत आधार रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र जैसे उरला, सिलतरा, भिलाई तथा रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में है. इसके अतिरिक्त जगदलपुर एवं बस्तर में भी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं. इन क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से औद्योगिक डिकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी. ग्रीन हाइड्रोजन को औद्योगिक ईंधन के रूप में अपनाने से दोहरे लाभ होंगे—एक ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बायोमास के मूल्य संवर्धन से किसानों की आय में वृद्धि होगी. यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अपशिष्ट से आय सृजन तथा नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी. ऊर्जा विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना, भविष्य के अनुसंधान की दिशा तय करना, संभावित बाधाओं की पहचान करना तथा इसके व्यापक क्रियान्वयन के लिए मार्ग प्रशस्त करना है. सेमिनार में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए. “Hydrogen Economy: Innovation-Led Growth in Industrial Clusters in Chhattisgarh” विषय पर भाभा परमाणु अनुसंधान रिसर्च संस्थान (बार्क) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सयाजी मैहत्रे ने बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन पर प्रस्तुतीकरण दिया. “Accelerating Green Hydrogen Adoption in Chhattisgarh” विषय पर Ministry of New and Renewable Energy, भारत सरकार के विषय विशेषज्ञ श्री धर्मेन्द्र कुमार पंचार्या, भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों एवं अन्य उद्यमियों ने पैनल चर्चा में भाग लिया. सेमिनार में वित्तीय संस्थानों जैसे एसबीआई एवं नाबार्ड के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही.इसके अतिरिक्त नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. सचिन कुमार, बार्क, सीएसएमसीआरआई भावनगर, आईआईटी भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक, विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि तथा सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

निकायों को कर्मचारियों के वेतन के चुंगी क्षतिपूर्ति के 51.71 करोड़ आवंटित

रायपुर. प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को होली के पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया। इसमें वेतन भुगतान के लिए 51.71 करोड़ रुपये और नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़ रुपये शामिल हैं। फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार लंबित वेतन और देयकों को ध्यान में रखते हुए यह आबंटन किया गया है ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन कायम रहे और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन भुगतान के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसमें प्रमुख नगर निगमों का विवरण इस प्रकार है:     नगर निगम भिलाई – 4 करोड़     नगर निगम बिलासपुर – 5 करोड़     नगर निगम दुर्ग – 1.65 करोड़     नगर निगम राजनांदगांव – 3 करोड़     नगर निगम जगदलपुर – 1.50 करोड़     नगर निगम अंबिकापुर – 3 करोड़     नगर निगम चिरमिरी – 2 करोड़     नगर निगम रिसाली – 2 करोड़     नगर निगम बीरगांव – 0.54 करोड़     नगर निगम धमतरी – 1.07 करोड़     नगर निगम भिलाई-चरोदा – 1.27 करोड़ इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7.51 करोड़ रुपये और आबंटित किए गए हैं। वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़ नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि और 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है। गौरतलब है कि है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जल प्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है। विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है। चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।