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हर हेयर वॉश के बाद टूटते हैं बाल? जानिए सही तरीका जिससे बाल बनें हेल्दी और चमकदार

हर कोई चाहता है कि उसके बाल सुंदर, मुलायम और हेल्दी दिखें। लेकिन बालों की सही देखभाल सिर्फ तेल लगाने या महंगे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है। बालों को सही तरीके से धोना भी उतना ही जरूरी है। बहुत से लोग हेयर वॉश को एक रूटीन मानते हैं और जल्दी में बाल धो लेते हैं, लेकिन गलत तरीके से किए गए हेयर वॉश से बालों को नुकसान पहुंच सकता है। यहां बताए गए कुछ आसान लेकिन असरदार टिप्स और ट्रिक्स की मदद से आप हेयर वॉश को एक हेल्दी हेयर केयर रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं। तो आइए जानते हैं इनके बारे में- हेयर वॉश से पहले बालों को सुलझाएं हेयर वॉश से पहले बालों को अच्छी तरह सुलझा लें, जिससे गीले बालों को धोते समय टूटने की संभावना कम हो जाए। हमेशा गुनगुने पानी से शुरुआत करें गर्म पानी बालों की नमी छीन सकता है और ठंडा पानी बालों की सफाई अच्छे से नहीं कर पाता। गुनगुना पानी स्कैल्प के पोर्स खोलकर गंदगी हटाने में मदद करता है। इसलिए गुनगुने पानी से शुरुआत करें। स्कैल्प के अनुसार शैम्पू चुनें अगर स्कैल्प ऑयली है तो डीप-क्लीनिंग शैम्पू, और अगर ड्राई है तो हाइड्रेटिंग शैम्पू का चयन करें। सल्फेट-फ्री शैम्पू हमेशा बेहतर होते हैं। शैम्पू को सीधे न लगाएं शैम्पू को हाथ में लेकर पानी के साथ हल्का झाग बनाएं और फिर स्कैल्प पर लगाएं। इससे शैम्पू अच्छे से फैलता है और नुकसान नहीं करता। स्कैल्प की मसाज करें उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से स्कैल्प पर मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और बालों की ग्रोथ में मदद मिलती है। सिरों पर ज्यादा शैम्पू न लगाएं शैम्पू को पानी सहित स्कैल्प पर रखें, बालों की लंबाई पर झाग अपने आप फैल जाएगा। कंडीशनर को सही जगह लगाएं कंडीशनर को केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं। स्कैल्प पर लगाने से चिपचिपापन और हेयर फॉल हो सकता है। सॉफ्ट टॉवल से सुखाएं गीले बालों को जोर से रगड़ें नहीं, बल्कि किसी सॉफ्ट टॉवल से धीरे-धीरे प्रेस करके सुखाएं। बार-बार हेयर वॉश से बचें हर दिन बाल धोने से बालों के नैचुरल ऑयल निकल जाते हैं। हफ्ते में 2–3 बार हेयर वॉश करना पर्याप्त होता है। सही हेयर वॉश तकनीक न केवल आपके बालों को साफ रखती है, बल्कि उन्हें हेल्दी, मजबूत और शाइनी भी बनाती है। ऊपर दिए गए टिप्स को अपनाकर आप बालों की खूबसूरती को बनाए रख सकते हैं और हेयर प्रॉब्लम्स से बच सकते हैं।  

ऐसे करें अपने स्लो स्मार्टफोन को फैक्ट्री रीसेट: मिनटों में मिलेगा नया जैसा परफॉर्मेंस

आजकल स्मार्टफोन हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन समय के साथ फोन स्लो होने लगता है-ऐप्स हैंग करते हैं, स्टोरेज भर जाता है और बैटरी भी जल्दी खत्म होने लगती है। ऐसे में फैक्ट्री रीसेट एक बेहतरीन तरीका है जिससे आपका फोन फिर से नए जैसा तेज चलने लगता है। आइए जानते हैं फैक्ट्री रीसेट क्या है और इसे करने का सही तरीका क्या है। फैक्ट्री रीसेट क्या होता है? फैक्ट्री रीसेट करने से आपका स्मार्टफोन पूरी तरह से क्लीन हो जाता है। इस प्रक्रिया में- सभी ऐप्स और डेटा डिलीट हो जाते हैं फोन की सेटिंग्स डिफॉल्ट हो जाती हैं वायरस या बग्स हट जाते हैं यानि फोन उसी स्थिति में आ जाता है जैसा आपने खरीदते समय पाया था। फैक्ट्री रीसेट करने से पहले क्या करें? फैक्ट्री रीसेट से आपका पूरा डेटा डिलीट हो जाता है, इसलिए ये जरूरी काम पहले कर लें: -अपने फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट का बैकअप लें -कॉन्टैक्ट्स को Google अकाउंट में सिंक करें -WhatsApp चैट का बैकअप लें -फोन को कम से कम 60% चार्ज रखें -Google अकाउंट का पासवर्ड याद रखें एंड्रॉयड फोन को फैक्ट्री रीसेट करने का तरीका तरीका 1: फोन की सेटिंग्स से फोन की Settings में जाएं नीचे स्क्रॉल करके System / General Management पर टैप करें Reset ऑप्शन चुनें Factory Data Reset पर क्लिक करें Erase all data पर टैप करें PIN / पासवर्ड डालकर कन्फर्म करें फोन कुछ मिनट में रीस्टार्ट होकर रीसेट हो जाएगा। तरीका 2: रिकवरी मोड से (अगर फोन हैंग हो रहा हो) फोन को स्विच ऑफ करें Power + Volume Up बटन साथ में दबाएं रिकवरी मोड खुलने पर Wipe data / Factory reset चुनें Yes पर क्लिक करें प्रोसेस पूरा होने पर Reboot system now दबाएं फैक्ट्री रीसेट के फायदे -फोन की स्पीड बढ़ जाती है -हैंग होने की समस्या खत्म हो जाती है -स्टोरेज खाली हो जाता है -बैटरी परफॉर्मेंस बेहतर होती है -सॉफ्टवेयर से जुड़े कई बग ठीक हो जाते हैं कब करना चाहिए फैक्ट्री रीसेट? फोन बहुत ज्यादा स्लो हो गया हो बार-बार ऐप्स क्रैश हो रहे हों स्टोरेज हमेशा फुल रहता हो फोन बेचने या किसी को देने से पहले ध्यान रखने वाली बातें -फैक्ट्री रीसेट बार-बार न करें -जरूरी डेटा का बैकअप जरूर लें -रीसेट के बाद सिर्फ जरूरी ऐप्स ही इंस्टॉल करें निष्कर्ष अगर आपका स्मार्टफोन बेहद स्लो हो गया है और सामान्य तरीकों से ठीक नहीं हो रहा, तो फैक्ट्री रीसेट सबसे आसान और असरदार उपाय है। सही तरीके से बैकअप लेकर रीसेट करने पर आपका फोन फिर से स्मूथ और फास्ट चलने लगेगा।  

हरित भविष्य का रोडमैप तैयार, मुख्यमंत्री ने वन विभाग का विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग द्वारा प्रकाशित "विजन 2047- रीइमैजिनिग फॉरेस्ट रिसोर्सेस फॉर ए क्लाइमेट रेसिलियंट फ्यूचर" पुस्तक का मुख्यमंत्री निवास में विमोचन किया। "विजन@2047" राज्य में जैव विविधता समृद्ध, सामुदायिक सहभागिता आधारित वन प्रबंधन की दीर्घकालिक रूपरेखा प्रस्तुत करता है। प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव ने बताया कि प्रदेश के वनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु-सहिष्णु तथा जैव-विविधता से समृद्ध आदर्श वनों के रूप में स्थापित करना विजन@2047 का लक्ष्य है। दृष्टि पत्र में वनों के संरक्षण और प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। दृष्टि पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आजीविका को सुरक्षित करने में सक्षम, समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में प्रदेश के वनों का संरक्षण किया जाएगा। दृष्टि पत्र में प्रदेश के वन क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों को भी रेखांकित किया गया है। उन्होंने बताया कि वन विभाग का यह दृष्टि पत्र भारत के पर्यावरणीय तथा विकास लक्ष्यों में निर्णायक योगदान देगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही एन अम्बाड़े, ⁠प्रबंध संचालक राज्य वन विकास निगम श्री एच यू ख़ान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) श्री विभाष कुमार ठाकुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री शुभरंजन सेन,⁠ प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ श्रीमती समीता राजौरा तथा संचालक वन विहार श्री विजय कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।  

इस्लामिक देशों पर रमजान में कार्रवाई पर घिरी अमेरिका सरकार, सांसद ने उठाए गंभीर सवाल

ईरान ईरान पर अमेरिकी हमलों की आशंका बढ़ने के बीच अमेरिकी सांसद ने ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंसूबों पर सवाल उठाए हैं। सोमालियाई मूल की अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार पर तीखे सवाल उठाए कि अमेरिका रमजान के महीने में ही मुस्लिम देशों को निशाना क्यों बनाता है। उन्होंने इस दौरान पूर्व में इराक पर अमेरिका के हमलों का भी जिक्र किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इल्हान उमर ने लिखा, “अमेरिका ने रमजान के दौरान इराक पर हमला किया था और यह जानकर दुख हो रहा है कि अमेरिका एक बार फिर रमजान में ही ईरान पर हमला करने जा रहा है। संभवतः अमेरिका को रमजान के दौरान ही मुस्लिम देशों पर हमला करना पसंद है।” अमेरिकी सांसद ने आगे कहा, “और मुझे यकीन है कि इन देशों पर अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन ना करने की वजह से ये हमले नहीं किए जा रहे बल्कि इसीलिए कि वे किसकी पूजा करते हैं।” मंडरा रहा हमले का खतरा इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकला तो वे हमला करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन कोई सहमति बनती नहीं दिख रही है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वह यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा और यही अमेरिका के लिए लाल रेखा है। अमेरिका ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। तीसरे दौर की वार्ता का क्या निकला नतीजा? इस बीच ईरान और अमेरिका ने गुरुवार को तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कई घंटे तक अप्रत्यक्ष वार्ता की, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। जिनेवा में हुई वार्ता में मध्यस्थता करने वाले ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने कहा कि बातचीत में 'महत्वपूर्ण प्रगति' हुई है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता देश की 'सबसे गहन और लंबी वार्ताओं' में से एक रही। अराघची ने गुरुवार को ईरान के सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में यह बात कही। वहीं अमेरिका ने अभी तक वार्ता को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधायक सुलोचना रावत के स्वास्थ्य का जाना हालचाल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व विधायक मती सुलोचना रावत के निवास स्थल पहुँचकर स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने मती रावत के परिजनों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पूर्व विधायक के गृह निवास पहुंचने पर परिजनों द्वारा उनका तिलक लगाकर पुष्प-गुच्छ से आत्मीय स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम कानाकाकड़ में पूर्व विधायक मती रावत के निवास पहुंचे। उन्होंने परिजनों से उपचार की विस्तृत जानकारी ली। उनके पुत्र  विशाल रावत व परिजनों ने बताया कि उनके स्वास्थ्य में सुधार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मती रावत के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है। इस अवसर पर अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागरसिंह, पूर्व सांसद  गुमानसिंह डामोर, संभागायुक्त इंदौर डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर मती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

मध्य प्रदेश भेजी जाने वाली गांजे की खेप का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कार में ओडिशा से अवैध गांजा भरकर मध्यप्रदेश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली. कार्रवाई में 35 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 17 लाख से अधिक रुपए बताई जा रही है. थाना सिंघोडा क्षेत्र का मामला है. नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल से कार में अवैध गांजा की तस्करी की सूचना पर नाकेबंदी की गई. एंटी नारकोटिक्स फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने कार को रुकवाकर पूछताछ की तो युवकों ने अपना नाम पंकज राठौर और हेमंत सिंह तोमर बताया, दोनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी बताया. इस दौरान पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे सीट में बने चेंबर में गांजा रखना पाया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 17,50,000 रुपए का गांजा और कार जब्त कर लिया गया. दोनों युवकों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट की तहत कार्रवाई करते गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. बता दें कि इससे पहले ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था. 68 लाख के गांजे के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली, इस गिरफ्तारी में एक आरोपी महिला भी शामिल थी.

लाखों शिक्षकों की बल्ले-बल्ले! बिहार सरकार प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में

पटना बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने प्रमोशन को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकेत दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में घोषणा की कि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह ने शिक्षकों को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिलने का प्रश्न उठाया। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग आवश्यक तैयारियां पूरी कर रहा है और वित्तीय वर्ष के समापन के बाद पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (मार्च 2026) के समाप्त होते ही, यानी अप्रैल महीने से प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस फैसले से न केवल शिक्षकों के पदोन्नति होगी बल्कि उनके वेतन में भी अच्छी खासी वृद्धि होगी।

Nano Banana 2 लॉन्च: Google AI से मिनटों में तैयार करें 4K फोटो, जानें कैसे और कहां होगा इस्तेमाल

गूगल के नैनो बनाना टूल का इस्‍तेमाल करके तस्‍वीरें बनवाने वाले तमाम लोगों के लिए बड़ी खबर है। गूगल ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) नाम से अपना नया इमेज मॉडल लॉन्‍च कर दिया है। कंपनी ने पिछले साल अगस्‍त में नैनो बनाना को पेश किया था। उसका इस्‍तेमाल करके लोगों ने खूब फोटो बनवाईं। साड़ी ट्रेंड भी काफी सुर्खियों में रहा। अब Nano Banana 2 आ गया है। गूगल ने बताया है कि इसकी मदद से लोग 4K फोटो एआई से बनवा पाएंगे। टूल को रोलआउट किया जा रहा है, आइए जानते हैं इसे कहां इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। Nano Banana 2 क्‍या है? गूगल ने पिछले साल अगस्‍त में Nano Banana को पेश किया था। फिर नवंबर में Nano Banana Pro को रिलीज किया। अब कंपनी ने Nano Banana 2 (Gemini 3.1 Flash Image) को उतारा है। कहा है कि यह उसका सबसे नया इमेज मॉडल है। दावा है कि इसकी मदद से ज्‍यादा बेहतर क्‍वॉलिटी वाली फोटोज को तेजी से बनवाया जा सकता है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा है कि यह गूगल का अबतक का सबसे बेस्‍ट इमेज जेनरेशन मॉडल है। Nano Banana 2 के प्रमुख फीचर्स तस्‍वीरें ज्‍यादा रियल: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 मॉडल, Gemini के रियल-वर्ल्ड नॉलेज का इस्‍तेमाल करके किसी इमेज को ज्‍यादा रियल बनाता है। अब लोग इन्‍फ्रोग्राफ‍िक्‍स तैयार करवा सकते हैं। नोट्स को डायग्राम में बदल सकते हैं। डेटा विजुअलाइजेशन भी इससे कर सकते हैं। टेक्‍स्‍ट को इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र: गूगल ने बताया है कि Nano Banana 2 किसी टेक्‍स्‍ट को सही तरीके से इमेज में लगाने और ट्रांसलेशन में माहि‍र हो गया है। दावा है कि किसी तस्‍वीर में टेक्‍स्‍ट लगवाना अब इसके बायें हाथ का खेल है। दावा है कि यह हाई-क्‍वॉलिटी और सच लगने वाली तस्‍वीरें बनाता है। जैसा कहा, वैसा बनाएगा: Nano Banana 2 अपने यूजर के प्रॉम्‍प्‍ट्स को बारीकी से समझकर इमेज बनाता है। दावा है कि यह वैसी ही तस्‍वीर बनाने में सक्षम है जैसा किसी यूजर ने सोचा था। हाई-क्‍वॉलिटी इमेज: नैनो बनाना2 की मदद से लोग 4K तक अलग-अलग आस्पेक्ट रेशियो और रेजॉलूशन में फोटोज बनवा सकेंगे। दावा है कि यूजर्स को वाइब्रेंट लाइटिंग, बेहतर टेक्सचर और शार्प डिटेल मिलेंगी। Nano Banana 2 कौन कर पाएगा इस्‍तेमाल? Nano Banana 2 को गूगल के सभी प्रमुख प्रोडक्‍ट्स से जोड़ा जा रहा है। Gemini ऐप: जेमिनी ऐप में यह नैनो बनाना के अबतक आए मॉडलों की जगह लेगा। कंपनी ने कहा है कि Google AI Pro और Ultra सब्सक्राइबर इसे इस्‍तेमाल कर पाएंगे।

बच्चों का बढ़ता वजन क्यों है खतरनाक? स्टडी में दिल की बीमारी और डायबिटीज का अलार्म

हर माता-पिता की नजर अपने बच्चे की लंबाई, वजन और अच्छी सेहत पर रहती है। लगभग हर घर में ये सवाल तो जरूर होता है कि इतना दुबला क्यों है? या इतनी जल्दी मोटा कैसे हो गया? अगर आपका बच्चा अपनी उम्र के मुताबिक असामान्य तरीके से बढ़ रहा है, तो जरूरी नहीं कि यह सिर्फ खानपान या लाइफस्टाइल की वजह से हो। जर्नल नेचर कॉम्युनिकेशन में प्रकाशित एक शोध में सामने आया है कि बच्चों के वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) में होने वाले बदलावों का बड़ा हिस्सा उनके जीन से जुड़ा हो सकता है। यानी बढ़ता वजन सिर्फ चॉकलेट या फास्ट फूड का नतीजा नहीं होता। बच्चे की ग्रोथ जीन पर आधारित ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड ने एक स्टडी में बताया है कि बच्चे की 10 साल की उम्र का वजन और एक से 18 साल तक उनके बढ़ने की रफ्तार भविष्य की बीमारियों का संकेत दे सकती है। अगर बचपन की ग्रोथ असामान्य है, तो आगे चलकर डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर बच्चे की ग्रोथ उसके जेनेटिक फैक्ट्स पर निर्भर करती है, इसलिए सिर्फ बाहरी दिखावट के आधार पर सेहत का अंदाजा लगाना गलत हो सकता है। इस रिसर्च में लगभग 6,300 बच्चों और एडल्ट्स के करीब 66,000 BMI मेजरमेंट की जांच की गई। वैज्ञानिकों ने बच्चों की ग्रोथ को सिर्फ एक उम्र में नहीं, बल्कि समय के साथ लगातार ट्रैक किया। इससे उनको समझने में मदद मिली कि बच्चे के जेनेटिक्स कैसे उनकी ग्रोथ पर असर डालते हैं। अध्ययन में यह भी सामने आया कि छोटे बच्चे के शरीर के आकार को प्रभावित करने वाले जेनेटिक फैक्टर, टीनएजर में असर डालने वाले फैक्टर से अलग हो सकते हैं। यानी छोटे बच्चों में शरीर के आकार का अंतर जरूरी नहीं कि आगे चलकर मोटापे का जोखिम बन जाए। वैज्ञानिकों ने बताई असली चुनौती वैज्ञानिकों का कहना है कि अब असली चुनौती यह पता लगाना है कि किस उम्र में बच्चों की सेहत पर ध्यान देकर उन्हें भविष्य में मोटापे और गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है। यह डेटा यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल की स्टडी चिल्ड्रन्स ऑफ द 90s पर आधारित है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डेटा एक खजाने जैसा है, जिससे यह समझने में मदद मिलेगी कि पर्यावरण और हमारे जीन्स मिलकर इंसान के विकास और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की 95वीं पुण्य तिथि पर किया नमन

भोपाल  अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 95वीं पुण्य तिथि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उनकी जन्मस्थली चंद्रशेखर आज़ाद नगर स्थित ऐतिहासिक आज़ाद कुटिया पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्र के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। अनुसूचित जाति कल्‍याण मंत्री  नागर सिंह चौहान, सांसद मती अनीता चौहान, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे, आईजी  अनुराग, कलेक्टर मती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक  रघुवंश सिंह भदौरिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजाद कुटिया में क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के स्वतंत्रता संग्राम में अविस्मरणीय योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने आज़ाद कुटिया परिसर में ही स्थापित संग्रहालय का भी अवलोकन किया, जहां उनके जीवन, संघर्ष और क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज, चित्र और स्मृति चिह्न संजोए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद की शहादत पर स्मरण कर कहा कि भारत के सभी क्रांतिकारी नायकों का स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान रहा है। शहीद चंद्रशेखर आज़ाद जैसे वीर क्रांतिकारी ने अनेक कठिनाइयों के बावजूद अपने अदम्य साहस और त्याग से तत्कालीन समय में स्वतंत्रता की अलख को रौशन रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदिवासी अंचलों के नायकों के संघर्ष को भी याद किया और कहा कि उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध कर स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय नायक शहीद छीतू किराड़ के बलिदान को भी नमन करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। आलीराजपुर जिले में 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद का प्रारंभिक जीवन तत्कालीन भाबरा वर्तमान चन्द्रशेखर आजाद नगर की पावन भूमि पर बीता। बचपन में उन्होंने भील बालकों के साथ रहकर धनुष-बाण चलाना और निशानेबाजी की शिक्षा प्राप्त की। आदिवासी अंचल में पले-बढ़े आज़ाद ने यहीं से साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा ली, वहीं से उनके क्रांतिकारी जीवन की आधारशिला बनी। 27 फरवरी 1931 को, इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) के अल्फ्रेड पार्क (अब चंद्रशेखर आज़ाद पार्क) में अपने एक साथी के विश्वासघात के कारण पुलिस ने उन्हें घेर लिया। उस दौरान उनके पास सिर्फ एक गोली बची थी, तो उन्होंने अपने संकल्प के अनुसार स्वयं को गोली मारकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। पूर्व में भाबरा के नाम से प्रसिद्ध इस तहसील का नाम परिवर्तित कर आधिकारिक तौर पर 2011 में चंद्रशेखर आज़ाद नगर कर दिया गया है। उनकी स्मृतियों से जुड़ा उनके पैतृक घर को आज़ाद कुटिया के रूप में संरक्षित किया गया है। यह अब शहीद स्मारक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो चुका है। प्रतिमा पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस स्टैंड स्थित चन्द्रशेखर उद्यान में अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस दौरान अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान, क्षेत्रीय सांसद मती अनीता नागर सिंह चौहान, कलेक्टर मती नीतू माथुर, पुलिस अधीक्षक  रघुवंश सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।