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प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: सभी कैंटोनमेंट अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के लाभार्थियों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा देने जा रही है। जल्द ही स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) प्रदेश के 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों से एमओयू साइन करने जा रही है। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं। प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में पहले से ही आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान कार्ड) के लाभार्थियों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज की सुविधा देने जा रही है। जल्द ही स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) प्रदेश के 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों से एमओयू साइन करने जा रही है। प्रदेश में कुल 13 कैंटोनमेंट अस्पताल हैं। प्रयागराज कैंटोनमेंट अस्पताल में पहले से ही आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज किया जा रहा है। इसके सफल परिणाम को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के अन्य 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मुहैया कराने का निर्णय लिया है। साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि जनवरी-2026 से प्रयागराज के कैंटोनमेंट अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। यहां पर मरीजों को कार्डियोलाॅजी, नेफ्रोलॉची, मेडिकल एंड सर्जिकल अनकालॉजी आदि गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही मुफ्त ओपीडी अप्वाइंटमेंट, मुफ्त जांच व गंभीर मरीजों को मुफ्त परिवहन की सुविधा दी जा रही है, जिसके सफल परिणाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के अन्य 12 कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) द्वारा औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एमओयू के बाद लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, वाराणसी, अयोध्या, शाहजहांपुर, मथुरा, आगरा, फतेहपुर, झांसी और बबीना के कैंटोनमेंट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इन अस्पतालों के जुड़ने से प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत पैनल्ड अस्पतालों की संख्या और अधिक बढ़ जाएगी। साचीज की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि कैंटोनमेंट अस्पतालों के साथ समन्वय से आयुष्मान कार्ड धारक को बेहतर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी। विशेष रूप से गंभीर और जटिल बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, गंभीर रोगियों के लिए पिक एंड ड्रॉप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में आवश्यक प्रक्रियाओं को आयुष्मान योजना के अनुरूप ढाला जा रहा है। एमओयू के बाद इन अस्पतालों को योजना के पोर्टल से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों के इलाज, बिलिंग और क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी। योगी सरकार की पहल से सेना क्षेत्र के अस्पतालों की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला दबाव भी संतुलित होगा। कैंटोनमेंट अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ने का निर्णय गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव: ट्रंप के बयान के बाद सवाल—क्या रूस बचाएगा ईरान को?

नई दिल्ली अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले के बाद वैश्विक राजनीति में उबाल आ गया है. राजधानी तेहरान में कई धमाकों और पूरे ईरान में हमलों की खबरों के बीच रूस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. रूसी सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ट्रंप ने एक बार फिर अपना "असली रंग" दिखा दिया है. रूस के मेदवेदेव ने तंज कसते हुए कहा कि खुद को "शांति निर्माता" बताने वाले ट्रंप ने फिर सैन्य रास्ता चुना है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया. शुरुआती हमले की खबर तेहरान से आई, जहां सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के कार्यालय के पास धमाके होने की सूचना मिली. ईरानी मीडिया के मुताबिक देश के कई हिस्सों में हवाई हमले हुए और राजधानी के ऊपर धुएं के गुबार देखे गए.   US- Israel हमले से दहला Tehran? ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में "बड़े सैन्य अभियान" शुरू कर दिए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और ऐसी मिसाइलें विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं. ट्रंप का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी थी. रूस ने हालांकि, इस पूरे अभियान को खतरनाक और अस्थिर करने वाला कदम बताया है. मेदवेदेव के बयान को मॉस्को की कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि रूस का यह रुख संकेत देता है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन नहीं करेगा और कूटनीतिक मोर्चे पर अमेरिका को घेरने की कोशिश कर सकता है. हमले से पहले अमेरिका ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की थी और कई बार ईरान को समझौते के लिए चेतावनी दी थी. अब रूस के तीखे बयान के बाद यह संकट और जटिल होता दिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या यह टकराव सीमित रहेगा या फिर बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है. ईरान पर अमेरिकी दबाव के बीच रूस की तरफ से लगातार ट्रंप को चेतावनी दी जा रही थी.

रिश्तों को किया शर्मसार: चचेरे भाई पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप

 खंडवा पुनासा के बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात लगभग तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुनासा में एक बालिका को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर छात्रावास प्रबंधन द्वारा छात्रा को तत्काल अस्पताल लाया गया, जहां उसे जच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।रात करीब सवा तीन बजे सुरक्षित प्रसव हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। उल्लेखनीय है कि छात्रा की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं और शनिवार को उसका पेपर निर्धारित था। स्वास्थ्य केंद्र से सूचना मिलने पर नर्मदानगर थाना प्रभारी विकास खींची ने पुनासा चौकी प्रभारी राजेंद्र सइदे को अस्पताल भेजकर मामले की जांच करवाई। पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा मुंदी क्षेत्र के समीप स्थित एक गांव की निवासी है।  

ईरान पर इजरायल की स्ट्राइक पर बोले नेतन्याहू—खतरे को दूर करने के लिए उठाया कदम

तेल अवीव इजरायल ने शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर कई बड़े हमले किए, जिससे मिडिल ईस्ट एक बार फिर से युद्ध की गिरफ्त में आ गया। इन हमलों में अमेरिका ने भी इजरायल का साथ दिया। ईरान पर हुए हमलों पर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका के साथ मिलकर किया गया हमला ईरान से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए था। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, "मेरे भाइयो और बहनो, इजरायल के नागरिको, कुछ समय पहले इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स ने ईरान में आतंकवादी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है।" नेतन्याहू ने आगे कहा, "हमारी मिली-जुली कार्रवाई बहादुर ईरानी लोगों के लिए अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने के हालात बनाएगी। ईरान के सभी लोगों के लिए… ज़ुल्म का बोझ उतार फेंकने और एक आजाद और शांति चाहने वाला ईरान लाने का समय आ गया है।" नेतन्याहू ने आगे कहा कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और शनिवार को इजरायल और अमेरिका के इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले शुरू करने के बाद इजरायलियों से एक साथ खड़े होने की अपील की। नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा, "इस खूनी आतंकवादी सरकार को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, जिससे वह पूरी इंसानियत को खतरे में डाल सके।" उन्होंने आगे कहा, “हम साथ खड़े रहेंगे, साथ लड़ेंगे और साथ मिलकर इजरायल की हमेशा-हमेशा के लिए रक्षा करेंगे।” ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा कई दिनों से मंडरा रहा था। इजरायल ने अमेरिका का साथ देते हुए पहले ईरान पर मिसाइलों से हमला किया और फिर अमेरिका ने भी अटैक शुरू कर दिए। पहला हमला सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ऑफिस के पास हुआ। ईरानी मीडिया ने पूरे देश में हमलों की खबर दी, और राजधानी से धुआं उठता देखा जा सकता था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़े लड़ाकू ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम डेवलप करना जारी रखे हुए है और अमेरिका तक पहुंचने के लिए मिसाइलें डेवलप करने की योजना बना रहा है और ईरानी लोगों से अपील की कि अपनी सरकार संभालो- यह तुम्हारी होगी।  

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने राज्य को ‘अनछुए अनुभवों की धरती’ के रूप में नई पहचान दिलाई

रायपुर साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन नई दिल्ली में छाया छत्तीसगढ़ का पर्यटन छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन 2026 में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। 25 से 27 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा स्थापित भव्य पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ राज्य के प्राकृतिक वैभव, जनजातीय संस्कृति, आध्यात्मिक धरोहर, वन्यजीव पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया। तीन दिवसीय इस आयोजन में पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत 36 स्टेकहोल्डर्स संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लेकर राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और ट्रैवल विशेषज्ञों के समक्ष पेश किया। बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, इको-टूरिज्म मॉडल, जलप्रपातों और घने वनों से आच्छादित प्राकृतिक स्थलों की प्रस्तुति ने विशेष सराहना प्राप्त की। पवेलियन पर लगातार विभिन्न राज्यों एवं लंका, नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही, जिससे छत्तीसगढ़ के प्रति उत्सुकता और संभावित निवेश अवसरों को बल मिला। प्रदर्शनी के दौरान स्टेकहोल्डर्स को सकारात्मक व्यावसायिक प्रतिसाद प्राप्त हुआ तथा कई संभावित साझेदारियों पर प्रारंभिक चर्चा भी हुई। पर्यटन विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ को ‘इमर्जिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में रेखांकित करते हुए इसकी अप्रयुक्त संभावनाओं की सराहना की। राज्य में हाल के वर्षों में विकसित हो रहे इको-रिसॉर्ट्स, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, जनजातीय पर्यटन सर्किट और फिल्म पर्यटन गतिविधियों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की सशक्त उपस्थिति राज्य के पर्यटन भविष्य के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, प्राकृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना हमारा संकल्प है। साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन जैसे मंच राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंत्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पूरी टीम और सभी पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों से राज्य में पर्यटन निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, कनेक्टिविटी विस्तार, डिजिटल प्रमोशन और अंतरराष्ट्रीय रोड शो के माध्यम से छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम मती पूनम शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस मंच के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, इको-टूरिज्म और अनछुए प्राकृतिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में हम सफल हो रहे हैं। हमारे पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में ओडिशा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, केरल, असम, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली सहित अनेक राज्यों के पर्यटन विभागों ने भाग लिया। ऐसे प्रतिस्पर्धी वातावरण में छत्तीसगढ़ पवेलियन ने अपनी विशिष्ट प्रस्तुति और व्यवस्थित प्रबंधन से विशेष पहचान बनाई। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव, हेरिटेज वॉक, फिल्म शूटिंग प्रोत्साहन, वेलनेस एवं आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट जैसी अनेक पहलें संचालित हो रही हैं, जिससे राज्य को निरंतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर प्राप्त हो रहा है। पर्यटन मंडल की रणनीतिक ब्रांडिंग, डिजिटल कैंपेन और बीटूबी नेटवर्किंग प्रयासों ने राज्य को ‘अनछुए अनुभवों की धरती’ के रूप में नई पहचान दिलाई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल राज्य को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाकर वैश्विक पर्यटन परिदृश्य में स्थापित करने के अपने संकल्प पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। सकारात्मक दृष्टिकोण, मजबूत टीमवर्क और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ छत्तीसगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी स्थायी पहचान बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।

अब पांच अप्रैल को अर्जेंटीना में मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे भारत के संग्राम

नई दिल्ली भारत के एमएसए फाइटर संग्राम सिंह अब अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के टाइग्रे इलाके में पांच अप्रैल को फ्रांस के युवा फाइटर मौटेऊ मोंटेइरो का मुकाबला करेंगे। इसी के साथ ही संग्राम पहले भारतीय एमएमए फाइटर होंगे जो अर्जेंटीना की धरती पर मुकाबले के लिए उतरेगा। इसस पहले उन्होंने जॉर्जिया और नीदरलैंड में मुकाबले खेलें हैं। मुकाबले के आयोजकों के अनुसार संग्राम की एमएमए की कला में जो आकर्षण है उससे अर्जेंटीना के लोगों में काफी उत्साह है। वहां के लोग यह भी जानने को उत्सुक हैं कि संग्राम किसी प्रकार यहां तक पहुंचे हैं। इसका कारण है कि वह 40 की उम्र के बाद इस क्षेत्र में उतरे हैं। उन्होंने भारत को इस खेल में पहचान दिलाई है। पूर्व पेशेवर रेसलर से मिक्स्ड मार्शल आर्ट के फाइटर बने संग्राम ने कहा कि जब उन्होंने एमएमए की शुरुआत की तो हर किसी ने इस बात को लेकर हैरानगी जाहिर की थी कि वह कैसे सफल होंगे क्योंकि  कुश्ती और एमएमए काफी अलग हैं हालांकि उन्हें भारोसा था कि अनुशासन, फिटनेस और योद्धा की तरह जुझारूपन से वह यहां भी सफल होंगे। इस मुकाबले के लिए संग्राम अपने कोच भूपेश कुमार और उनकी टीम की देखरेख में कड़ी तैयारी कर रहे हैं। टीम ने उनके ट्रांज़शिन, ग्राउंड कंट्रोल, स्ट्राइकिंग कॉम्बिनेशन, फाइट जैसी कंडीशंस में ढलने और फिटनेस पर विशेष काम किया है, जिससे वह एक एलीट अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।  

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आशंका, ट्रंप की चेतावनी के बाद देशों ने दूतावास किए खाली, भारत सतर्क

नई दिल्ली मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाओं के बीच अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों और दूतावास के कर्मचारियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यह स्थिति तब और गंभीर हो गई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हवाई हमलों को टालने के लिए चल रही कूटनीतिक बातचीत पर निराशा व्यक्त की है। ट्रंप का कड़ा रुख और बातचीत की स्थिति बातचीत से निराशा: टेक्सास में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा- मैं बातचीत से खुश नहीं हूं। हम अभी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन वे सही नतीजे पर नहीं पहुंच रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि वह सैन्य हमलों का फैसला करने के कितने करीब हैं, ट्रंप ने स्पष्ट जवाब देने से इनकार करते हुए कहा- मैं आपको यह बताना पसंद नहीं करूंगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जिनेवा में हाल ही में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद, ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर के नेतृत्व वाले अमेरिकी वार्ताकार निराश होकर लौटे हैं। अगली तकनीकी बातचीत सोमवार को वियना में होने की संभावना है। दूसरी ओर, ईरान और मध्यस्थ देश ओमान ने प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने वाइट हाउस में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मुलाकात के बाद कहा- शांति हमारी पहुंच में है। दूतावासों को खाली करने के निर्देश और यात्रा परामर्श लगातार मंडरा रहे युद्ध के खतरे को देखते हुए कई देशों ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अमेरिका: अमेरिका ने यरूशलेम (इजरायल) में अपने गैर-आपातकालीन कर्मचारियों को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है। अमेरिका को आशंका है कि यदि वह ईरान पर हमला करता है और इजरायल उसमें साथ देता है, तो ईरान इजरायल पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इससे पहले वाशिंगटन ने बेरूत (लेबनान) के लिए भी इसी तरह का आदेश जारी किया था। भारत और अन्य देश: भारत, ब्रिटेन, चीन, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और सिंगापुर जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों और राजनयिकों को मध्य पूर्व के कुछ हिस्से छोड़ने की सलाह दी है। ब्रिटेन का कदम: ब्रिटेन ने घोषणा की है कि वह ईरान से अपने राजनयिक कर्मचारियों को अस्थायी रूप से वापस बुला रहा है। सैन्य तैनाती और इजरायल पर प्रभाव अमेरिकी सेना का जमावड़ा: कूटनीतिक रास्ते खुले होने के दावों के बावजूद, अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। एक दूसरा अमेरिकी विमानवाहक पोत (USS जेराल्ड आर. फोर्ड) क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और वर्तमान में इजरायली जलक्षेत्र में तैनात है। उड़ानें रद्द: कई एयरलाइंस ने इजरायल की वाणिज्यिक राजधानी तेल अवीव के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों के लिए यरूशलेम के ओल्ड सिटी और वेस्ट बैंक जैसे क्षेत्रों में यात्रा करने पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। इजरायली अर्थव्यवस्था पर मार: संभावित संघर्ष के डर से इजरायल के वित्तीय बाजारों पर भारी दबाव है। वहां की मुद्रा 'शेकेल' (Shekel) में पिछले साल जून के 12-दिवसीय युद्ध के बाद से दो दिनों की सबसे भारी गिरावट देखी गई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर तेल की कीमतों में उछाल: ऊर्जा-समृद्ध मध्य पूर्व में अमेरिकी हमलों की संभावना के बीच कच्चे तेल की कीमतें 3.2% बढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो जुलाई के बाद सबसे अधिक है। हालांकि, ट्रंप ने तेल की कीमतों की चिंता को दरकिनार करते हुए कहा- मुझे लोगों की जान और इस देश के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की अधिक परवाह है। व्यापारिक जहाजों का मार्ग बदला: लाल सागर क्षेत्र में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की सक्रियता और सुरक्षा खतरों के कारण, दुनिया की प्रमुख शिपिंग कंपनियों (A.P. Moller-Maersk और Hapag-Lloyd) ने अपने जहाजों का मार्ग बदल दिया है। अब ये जहाज स्वेज नहर से गुजरने के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी हिस्से का लंबा चक्कर लगाकर जा रहे हैं।

ईरान का बड़ा एक्शन: बहरीन-कतर में US बेस पर मिसाइल स्ट्राइक, बढ़ा तनाव

तेल अवीव इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने बड़ा बदला लिया है। उसने शनिवार दोपहर कम से कम सात देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला किया है। इसमें बहरीन के नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत आदि शामिल हैं। हमलों के बाद ने कहा है कि अमेरिकी नेवी के पांचवें फ्लीट के हेडक्वार्टर को मिसाइल हमलों से निशाना बनाया गया है। इससे पहले, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को पूरे ईरान में टारगेट करते हुए एक बड़ा हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर कब्जा करने की अपील की। पहला हमला तेहरान के डाउनटाउन में ईरान के 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर के कंपाउंड को टारगेट करता हुआ लगा। यह तुरंत साफ नहीं था कि वह उस समय वहां थे या नहीं। ईरानी राजधानी से धुआं उठता देखा जा सकता था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, “47 सालों से, ईरानी शासन अमेरिका को मौत का नारा लगा रहा है और खून-खराबे और बड़े पैमाने पर हत्या का एक कभी न खत्म होने वाला कैंपेन चलाया है, जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स, हमारे सैनिकों और कई, कई देशों के बेगुनाह लोगों को टारगेट किया गया है।” उन्होंने ईरानियों से हमलों के दौरान कवर लेने की अपील की, लेकिन फिर कहा कि जब हम खत्म कर लें, तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह आपकी होगी।” वहीं, इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने जवाब देना शुरू कर दिया है। ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर लॉन्च करके जवाब दिया। इस बीच, यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूतियों ने रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल पर हमले फिर से शुरू करने की कसम खाई है। ऐसा दो सीनियर हूती अधिकारियों ने कहा। उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर यह बात कही क्योंकि हूती लीडरशिप की तरफ से कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुई थी। इसके अलावा, ट्रंप ने वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर डील के लिए दबाव बनाने की कोशिश में इस इलाके में फाइटर जेट और वॉरशिप का एक बड़ा बेड़ा इकट्ठा करने के बाद ईरान में बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चरमराई, शिक्षकों की भारी कमी पर CAG की चेतावनी

भोपाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पांच साल में करीब 35 हजार पदों पर भर्ती होने के बाद भी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के एक लाख पद खाली हैं। वहीं 1,895 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 435 स्कूल शून्य नामांकन वाले हैं। वहीं 29,116 स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश स्कूल खाली हैं। ये विसंगतियां हाल में विधानसभा में प्रस्तुत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2026 की रिपोर्ट में सामने आई हैं। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं। शहरी स्कूलों में सरप्लस शिक्षक रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जबकि राजधानी समेत कई शहरी स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। जिला स्तर पर प्राथमिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण नहीं होने से यह स्थिति बनी। वर्ष 2022 में 46 जिलों में प्राथमिक शिक्षकों के 1,72,336 स्वीकृत पद थे, जिनमें से 1,56,084 शिक्षक कार्यरत पाए गए। वहीं शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के मानकों के अनुसार इन जिलों में 1,53,643 शिक्षकों की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बावजूद 2,441 प्राथमिक शिक्षक अतिरिक्त पदस्थ थे। शिक्षकों का समायोजन करने के बजाय 7,429 नए प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती कर दी गई, जिससे असंतुलन और बढ़ गया। ग्रामीण और शहरी स्कूलों में बड़ा अंतर रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों के बीच शिक्षक उपलब्धता में बड़ा अंतर भी सामने आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62,213 स्कूल हैं, जहां 2,81,887 स्वीकृत पदों के मुकाबले 1,98,175 शिक्षक कार्यरत हैं, यानी करीब 70.30 प्रतिशत पद ही भरे हैं। वहीं इसके विपरीत शहरी क्षेत्रों के 4,601 स्कूलों में 47,556 स्वीकृत पदों के मुकाबले 43,319 शिक्षक कार्यरत हैं, जो लगभग 91.09 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि शहरों में कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक मौजूद हैं। पिछले साल 20 हजार अतिशेष शिक्षकों का समयोजन किया गया। अब नए सत्र के शुरू होने से पहले शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके। साथ ही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। डॉ. संजय गोयल, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग  

जॉर्जिया वोल के शतक से ऑस्ट्रेलिया की दमदार जीत, मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में ली 6-4 की बढ़त

होबार्ट बेलरिव ओवल में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने भारत महिला टीम को 5 विकेट से हराकर श्रृंखला 2-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में 6-4 की बढ़त भी बना ली। ऑस्ट्रेलिया की जीत की नायिका रहीं जॉर्जिया वोल, जिन्होंने अपने करियर का दूसरा वनडे शतक जड़ा, जबकि फोएबी लिचफील्ड ने तूफानी 80 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 251/9 के स्कोर को 36.1 ओवर में ही हासिल कर लिया। भारत की अच्छी शुरुआत, फिर मध्यक्रम ध्वस्त टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत शानदार रही। प्रतीका रावल और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी। हालांकि स्मृति मंधाना को एक बार फिर एश्ले गार्डनर ने बोल्ड कर पवेलियन भेजा, जिसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। 17वें से 31वें ओवर के बीच भारत ने 52 रन के भीतर 5 विकेट गंवा दिए। तीसरे नंबर पर उतरी जेमिमा रोड्रिग्स केवल 11 रन बनाकर एनेबेल सदरलैंड का शिकार बनीं। इसके बाद 52 रन बनाकर अच्छी लय में दिख रहीं प्रतीका रावल रन आउट हो गईं, जब हरमनप्रीत कौर के साथ गलतफहमी के चलते वह बीच पिच पर फंस गईं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 70 गेंदों में 54 रन बनाकर निचले क्रम को संभाला और टीम को 50 ओवर में 251/9 तक पहुंचाया। एश्ले गार्डनर (2/39) और अलाना किंग (2/41) ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से प्रभावी गेंदबाजी की। लिचफील्ड की आक्रामक बल्लेबाजी ने तोड़ी भारत की उम्मीदें लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को फोएबी लिचफील्ड ने विस्फोटक शुरुआत दिलाई। उन्होंने पावरप्ले में ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और केवल 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। लिचफील्ड ने कांति गौड़ के एक ओवर में लगातार तीन चौके जड़े और बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा पर भी खुलकर प्रहार किया। 80 रन बनाकर वह कांति गौड़ की गेंद पर बोल्ड हुईं, लेकिन तब तक मैच ऑस्ट्रेलिया की पकड़ में आ चुका था। जॉर्जिया वोल का दबदबे वाला शतक सीरीज के पहले मैच में गोल्डन डक का सामना करने वाली जॉर्जिया वोल ने इस मुकाबले में शानदार वापसी की। एलिस पेरी की चोट के बाद टीम में जगह बनाने वाली वोल ने मिले जीवनदानों का पूरा फायदा उठाया। 19 और 53 रन पर उन्हें कैच का मौका मिला, लेकिन भारतीय फील्डरों की चूक भारी पड़ी। वोल ने 80 गेंदों में शतक पूरा किया और 101 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनका विकेट गिरने तक ऑस्ट्रेलिया जीत के बेहद करीब पहुंच चुका था। अंततः ऑस्ट्रेलिया ने 36.1 ओवर में 252/5 बनाकर मुकाबला 5 विकेट से जीत लिया। संक्षिप्त स्कोर: भारत महिला – 251/9 (50 ओवर) प्रतीका रावल 52, हरमनप्रीत कौर 54 एश्ले गार्डनर 2/39, अलाना किंग 2/41 ऑस्ट्रेलिया महिला – 252/5 (36.1 ओवर) जॉर्जिया वोल 101, फोएबी लिचफील्ड 80 कश्वी गौतम 2/47 ऑस्ट्रेलिया ने मैच 5 विकेट से जीता।