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एआई रिवोल्यूशन को गति देगा सेमीकंडक्टर सेक्टर: पीएम मोदी का बड़ा बयान

साणंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एटीएमपी) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। यह भारत के सेमीकंडक्टर इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसे पीएम मोदी ने "टेक्नोलॉजी लीडरशिप की ओर भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण कदम" बताया। पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा, "माइक्रोन की यह फैसिलिटी और आज का यह कार्यक्रम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत सहयोग और साझेदारी का भी प्रमाण है। खासतौर पर एआई और चिप जैसी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और अमेरिका की साझेदारी बहुत महत्वपूर्ण है। आज पूरा विश्व मानवता के बेहतर भविष्य से जुड़ी इन दोनों टेक्नोलोजी की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना चाहता है। दुनिया की दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका इसके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। एआई समिट के दौरान भारत और अमेरिका के बीच हुआ पैक्स-सिलिका से जुड़ा समझौता इसी दिशा में किया गया एक और प्रयास है। हमारे साझा प्रयास क्रिटिकल मिनरल की ग्लोबल सप्लाई चेन को भी अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाएंगे।" पीएम मोदी ने 20वीं सदी की इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का जिक्र करते हुए कहा, "20वीं सदी तक दुनिया ने इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन का दौर देखा है। उस समय जो देश फैक्ट्री, मशीन और मास प्रोडक्शन में आगे थे, उन्होंने तेजी से तरक्की की। यह सदी एआई रिवोल्यूशन की शताब्दी है। सेमीकंडक्टर इसी बदलाव का बड़ा ब्रिज है। छोटी सी चिप इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन और एआई रिवोल्यूशन को जोड़ने वाला माध्यम है। अगर पिछली शताब्दी का रेगुलेटर ऑयल था, तो इस शताब्दी का रेगुलेटर माइक्रोचिप होने वाला है।" उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर नीति पर प्रकाश डालते हुए बताया, "इसी सोच के साथ भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ने का फैसला किया। जब दुनिया कोविड के कहर से जूझ रही थी, तो भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन की घोषणा की थी। अभी तक सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत कुल 10 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से माइक्रोन के अलावा तीन अन्य प्रोजेक्ट भी बहुत जल्द प्रोडक्शन शुरू करने वाले हैं। हम जो सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहे हैं, वह किसी एक रीजन तक नहीं, बल्कि पैन-इंडिया है।" पीएम मोदी ने आगे कहा, "यहां साणंद के अलावा धोलेरा में भी बहुत बड़े स्तर पर काम चल रहा है। कुछ दिन पहले ही यूपी के नोएडा में भी नई फैसिलिटी पर काम शुरू हुआ। असम, ओडिशा और पंजाब में भी सेमीकंडक्टर यूनिट पर काम शुरू हुआ। आज पूरी दुनिया के इन्वेस्टर के लिए भारत का एक ही मैसेज है- 'इंडिया इज रेडी, इंडिया इज रिवाइवल एंड इंडिया इज डिलीवर्स'।"

हिजाब को लेकर बोर्ड परीक्षा में बवाल, टीचर ने छात्राओं के नंबर काटने की दी धमकी, शिक्षा विभाग का स्पष्टीकरण

इंदौर जिले के सिरपुर इलाके में एक निजी स्कूल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब 8वीं बोर्ड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक महिला टीचर ने न सिर्फ छात्राओं के सिर से कपड़ा हटाने को कहा, बल्कि विरोध करने पर उनके 20 नंबर काटने की धमकी तक दे डाली। जब यह मामला सामने आया, तो स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। हिजाब नहीं उतारने पर नंबर काटने की धमकी यह पूरी घटना 25 फरवरी की है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा हॉल में बैठी छात्राओं को टीचर ने टोकते हुए कहा कि वे सिर ढककर पेपर नहीं दे सकतीं। जब बच्चियों ने मना किया, तो उन्हें डराया गया कि उनके रिजल्ट से नंबर कम कर दिए जाएंगे। जैसे ही यह बात बच्चों को छोड़ने आए परिजनों तक पहुंची, उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और पूछा कि आखिर किस नियम के तहत यह पाबंदी लगाई गई है? नकल का डर या अपनी मनमानी? हंगामा बढ़ता देख ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र तंवर जांच के लिए सेंटर पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित टीचर से पूछताछ की, तो अजीबोगरीब दलील सामने आई। टीचर का कहना था कि उन्होंने यह निर्देश इसलिए दिया ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर रोक लगाने का ऐसा कोई भी लिखित आदेश उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों ने मांगी सफाई संस्थाओं का कहना है कि स्कूल अपनी मर्जी से ऐसे नियम नहीं थोप सकता जो सरकारी निर्देशों में ही न हों। फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल से इस पूरे मामले पर लिखित सफाई मांगी है। इस घटना के बाद से सेंटर पर तनाव का माहौल है और परिजनों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाए।  

सबसे निचले पायदान पर काबिज वॉल्व्स ने तीसरे नंबर की टीम एस्टन विला को हराया

वॉल्वरहैम्प्टन जोआओ गोम्स ने इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) के वर्तमान सत्र का अपना पहला गोल किया जबकि रोड्रिगो गोम्स ने स्टॉपेज टाइम में गोल दागा जिससे इस प्रतिष्ठित फुटबाल प्रतियोगिता के सबसे निचले पायदान की टीम वॉल्वरहैम्प्टन ने शानदार फॉर्म में चल रहे एस्टन विला को 2-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। लीग में यह उस क्लब की केवल दूसरी जीत है जिसके 29 मैच में केवल 13 अंक हैं जो अपनी करीबी टीम से छह अंकों से पिछड़ रही है। एक ऐसी टीम जिसका निचली श्रेणी के टूर्नामेंट में खिसकना तय है। वॉल्व्स के प्रशंसक अपनी टीम की इस जीत से काफी खुश थे जिससे एस्टन विला की चैंपियंस लीग में जगह बनाने की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। यह बर्मिंघम के इस क्लब के कोच के रूप में अपनी 100वीं जीत दर्ज करने की कोशिश कर रहे कोच उनाई एमरी के लिए भी करारा झटका है। एस्टन विला अभी प्रीमियर लीग की तालिका में 28 मैच में 51 अंक लेकर तीसरे स्थान पर है। मैनचेस्टर यूनाइटेड (48 अंक), चेल्सी (45) और लिवरपूल (45) भी शीर्ष चार में जगह बनाने की दौड़ में शामिल हैं। आर्सेनल (61) और मैनचेस्टर सिटी (56) पहले दो स्थान पर हैं।  

ऑनलाइन सट्टे की लत ने पहुंचाया जेल: IIT ग्रेजुएट समेत तीन गिरफ्तार

गुरुग्राम विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट के लोग भारत के पढ़े लिखे युवाओं को अपने साथ शामिल कर उन्हें भी गुनाह के रास्ते पर चला रहे हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस ने ठगी के एक मामले की जांच करते हुए अब एक आईआईटीयन समेत तीन युवाओं को गिरफ्तार किया है। आईआईटीयन आरोपित अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर विदेश में बैठे सिंडिकेट के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और उनका संचालन करने में शामिल थे। तीन लाख 13 हजार रुपये की ठगी  एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान ने बताया कि एक जनवरी को एक व्यक्ति ने साइबर थाना पश्चिम में ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर तीन लाख 13 हजार रुपये की ठगी होने का केस दर्ज कराया था। मामले की जांच करते हुए साइबर थाना वेस्ट पुलिस उस आरोपित तक पहुंची, जिसके खाते में ठगी के रुपये गए थे। उससे पूछताछ में इन तीनों आरोपितों की जानकारी मिली और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को जयपुर से इन्हें धर दबोचा। इनकी पहचान जयपुर के रहने वाले सौरभ कुमार मीणा, फालोदी के अभिषेक बिश्नाेई और नागौर के रहने वाले लक्ष्मण उर्फ लकी के रूप में की गई। पूछताछ में पता चला कि सौरभ ने आइआइटी जोधपुर से 2022 में पासआउट किया था। वहीं अभिषेक बिश्नोई एसएमएस जयपुर से नर्सिंग की पढ़ाई कर रहा है और लक्ष्मण ने शिक्षाशास्त्र से एमए कर रखा था। नवंबर में टेलीग्राम के माध्यम से ठगों से जुड़ा साइबर पुलिस के अनुसार पूछताछ में पता चला कि सौरभ को बेटिंग करने की लत थी। वह पिछले साल तक बेटिंग एप से सात लाख रुपये हार चुका था। इसके बाद वह नवंबर 2025 में टेलीग्राम के माध्यम से साइबर सिंडिकेट से जुड़ा। जोधपुर में ही सौरभ की मुलाकात अभिषेक और लक्ष्मण से हुई थी। इसने इन दोनों को भी इसमें शामिल किया। ये आरोपित लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे। अब तक 55 से ज्यादा खाते इन्हें लोगों से खरीदे। बाकी राशि को ठगों को भेज देते इन खातों में ठगी की आने वाली राशि को ये निकालकर उसे यूएस डालर में कन्वर्ट कर विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट को भेजते थे। साइबर ठगी के माध्यम से प्राप्त राशि में से 30 प्रतिशत कमीशन रखकर बाकी राशि को ये लोग ठगों को भेज देते थे। पुलिस टीम ने आरोपित के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, 40 सिम कार्ड, 43 एटीएम कार्ड, 15 पासबुक व सात चेक बुक बरामद किए हैं। इन आरोपितों ने अब तक 10 लाख से ज्यादा की राशि ठगी के कमीशन से प्राप्त की। आरोपित सौरभ को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इससे सिंडिकेट के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी।

मॉरीशस ने मालदीव से तोड़े रिश्ते, रातों-रात हुआ बड़ा कूटनीतिक विवाद

माले मॉरीशस सरकार ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए मालदीव के साथ अपने सभी राजनयिक संबंधों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कड़ा फैसला चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता को लेकर मालदीव के बदले हुए रुख के बाद लिया गया है। बता दें कि ये दोनों ही देश भारत के मित्र हैं। विवाद का मुख्य कारण क्या है? मॉरीशस के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मालदीव सरकार ने हाल ही में चागोस द्वीप समूह को लेकर अपना रुख बदल लिया है। मालदीव अब चागोस द्वीप समूह और उसकी क्षेत्रीय अखंडता पर मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता नहीं देता है। इसके अलावा, मालदीव ने मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच चागोस द्वीप को लेकर हुए हालिया समझौते पर भी आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। इसी वजह से मॉरीशस की कैबिनेट ने मालदीव के साथ रिश्ते तोड़ने का यह सख्त कदम उठाया है और मालदीव सरकार को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी गई है। मॉरीशस सरकार का आधिकारिक रुख मॉरीशस के विदेश मंत्रालय ने कहा- आज का निर्णय मॉरीशस के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतर्राष्ट्रीय कानून और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के सिद्धांतों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मालदीव के साथ रिश्ते तोड़ने के अलावा, मॉरीशस की कैबिनेट ने चागोस और डिएगो गार्सिया से जुड़े कुछ अन्य अहम कानूनी और कूटनीतिक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। यह कूटनीतिक संकट 5 फरवरी को मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के ‘स्टेट ऑफ द नेशन’ संबोधन के बाद गहराया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि चागोस द्वीपसमूह पर मालदीव का किसी भी अन्य देश से अधिक मजबूत दावा है। मुइज्जू ने 2022 में मालदीव की पिछली सरकार द्वारा मॉरीशस की संप्रभुता को दी गई मान्यता को औपचारिक रूप से वापस ले लिया। उन्होंने इस फैसले को मालदीव के समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। इसके साथ ही, मालदीव सरकार ने यूनाइटेड किंगडम की उस योजना का विरोध करते हुए औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई, जिसके तहत ब्रिटेन चागोस द्वीपसमूह का नियंत्रण मॉरीशस को हस्तांतरित करने वाला है। चागोस द्वीप समूह का पूरा मामला क्या है? चागोस द्वीप समूह का विवाद आधुनिक इतिहास के सबसे जटिल भू-राजनीतिक और मानवाधिकार के मुद्दों में से एक है। यह केवल दो देशों के बीच जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि इसमें हिंद महासागर की रणनीतिक सुरक्षा, महाशक्तियों का प्रभाव और हजारों मूल निवासियों का विस्थापन शामिल है। चागोस द्वीप समूह हिंद महासागर के मध्य में स्थित 60 से अधिक छोटे द्वीपों का एक समूह है। यह मॉरीशस से लगभग 2,200 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और मालदीव के दक्षिण में स्थित है। इसका सबसे बड़ा द्वीप डिएगो गार्सिया है। अपनी लोकेशन के कारण, यहां से मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और अफ्रीका पर सैन्य नजर रखना और ऑपरेशन चलाना बेहद आसान है। 1965 का बंटवारा मॉरीशस और चागोस दोनों ही ब्रिटिश उपनिवेश थे। 1968 में मॉरीशस को आजादी मिलने वाली थी। लेकिन आजादी से तीन साल पहले, 1965 में, ब्रिटेन ने मॉरीशस से चागोस द्वीप समूह को अलग कर दिया और इसे एक नया नाम दिया: ब्रिटिश-हिंद महासागर क्षेत्र। ब्रिटेन ने इसके एवज में मॉरीशस को मात्र 30 लाख पाउंड का मुआवजा दिया था। मॉरीशस का हमेशा से यह तर्क रहा है कि आजादी से पहले दबाव में यह समझौता कराया गया था, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ था। डिएगो गार्सिया और अमेरिकी सैन्य बेस चागोस को मॉरीशस से अलग करने का मुख्य कारण अमेरिका था। शीत युद्ध के दौरान अमेरिका को हिंद महासागर में एक सुरक्षित और रणनीतिक सैन्य अड्डे की जरूरत थी। ब्रिटेन ने 1966 में डिएगो गार्सिया द्वीप को 50 साल के पट्टे पर अमेरिका को दे दिया (जिसे बाद में बढ़ा दिया गया)। आज यह अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण विदेशी सैन्य अड्डों में से एक है, जिसका इस्तेमाल इराक और अफगानिस्तान युद्धों में भी किया गया था। मूल निवासियों का जबरन विस्थापन सैन्य अड्डा बनाने के लिए अमेरिका की शर्त थी कि द्वीप पर कोई स्थानीय आबादी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद, 1967 से 1973 के बीच ब्रिटेन ने चागोस के लगभग 1,500 से 2,000 मूल निवासियों को जबरन वहां से निकाल दिया और उन्हें मॉरीशस और सेशेल्स में निर्वासित कर दिया। इन लोगों को अपने घर लौटने से रोक दिया गया, जो एक बड़ी कानूनी और मानवाधिकार लड़ाई का कारण बना। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) और यूएन (UN) का फैसला मॉरीशस ने दशकों तक अपनी संप्रभुता और चागोसियों की वापसी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। 2019 में, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने एक ऐतिहासिक सलाहकारी राय में कहा कि चागोस को मॉरीशस से अलग करना गैर-कानूनी था और ब्रिटेन को जल्द से जल्द इस द्वीप को छोड़ देना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने भी भारी बहुमत से प्रस्ताव पारित कर ब्रिटेन से मॉरीशस को द्वीप सौंपने को कहा, लेकिन ब्रिटेन ने शुरू में इसे मानने से इनकार कर दिया। हालिया ब्रिटेन-मॉरीशस समझौता दशकों के विवाद और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद, ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच एक समझौता हुआ (जिसका जिक्र आपके पिछले दस्तावेजों में भी था)। इस समझौते के तहत:     ब्रिटेन, चागोस द्वीप समूह पर मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता देने के लिए तैयार हो गया।     हालांकि, एक अहम शर्त के तहत डिएगो गार्सिया पर अमेरिकी सैन्य बेस एक लंबी अवधि (आमतौर पर 99 साल) के पट्टे के तहत काम करता रहेगा। अब मालदीव का विवाद क्या है? मालदीव और चागोस के बीच समुद्री सीमा (EEZ) का विवाद रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून न्यायाधिकरण (ITLOS) ने पहले मॉरीशस के पक्ष में सीमांकन किया था। मालदीव ने पहले मॉरीशस के दावे का समर्थन किया था, लेकिन अब मालदीव सरकार ने अपना कूटनीतिक रुख बदल लिया है। मालदीव अब चागोस पर मॉरीशस की संप्रभुता और ब्रिटेन के साथ हुए समझौते पर आपत्ति जता रहा है, जिसके कारण मॉरीशस ने मालदीव से राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं।

प्रोत्साहन राशि मिलने पर बसंती ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

रायपुर प्रोत्साहन राशि मिलने पर बसंती ने मुख्यमंत्री का जताया आभार जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता राशि वितरण कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर जिले से वर्चुअल तौर पर जुड़े मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के मुंडापाल की महिला कृषक बसंती कश्यप से रूबरू होकर उन्हें समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रोत्साहन राशि मिलने की बधाई देते हुए उक्त राशि के उपयोग के बारे में पूछा।     इस पर बसंती कश्यप ने बताया कि उनके परिवार में साढ़े तीन एकड़ पैतृक कृषि भूमि है जिसमें धान की उन्नत खेती करते हैं। इस वर्ष 50 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किए थे, जिसकी एक लाख 18 हजार रुपए राशि तुरंत बैंक खाते में जमा हुई थी। जिससे आवास बनाने और खेती किसानी के लिए उपयोग किए। आज जो प्रोत्साहन राशि 36 हजार रुपए मिली है उसे कुक्कुटपालन के विस्तार सहित होली त्योहार मनाने के लिए उपयोग करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री  साय का आभार जताया।        उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती किसानी के साथ ही कुक्कुटपालन भी कर रहा है जिससे अच्छी आमदनी हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए अब अपने कुक्कुटपालन गतिविधि को और ज्यादा बढ़ाने का निर्णय लिया है और अब 300 से अधिक कुक्कुट रखेंगी। जिससे उन्हें ज्यादा से ज्यादा आमदनी हो। उन्होंने शासन की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित होने की जानकारी देते हुए किसान हितैषी फैसलों के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया।

अजित पवार और पत्नी सुनेत्रा को 25,000 करोड़ के घोटाले में मिली क्लीन चिट

मुंबई  सांसदों और विधायकों के मामलों की सुनवाई करने वाली एक विशेष अदालत ने  25000 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (MSCB) घोटाला मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दायर की गई दो क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है जिसमें दिवंगत अजित पवार को क्लीन चिट दी गई है। इस बैंक और इसकी सहायक कंपनियों का नेतृत्व करने वाले कई प्रमुख नेताओं के नाम इस कथित घोटाले में सामने आए थे। नेताओं को क्लीन चिट: EOW ने अपनी रिपोर्ट में दिवंगत अजित पवार, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और उनके भतीजे रोहित पवार को क्लीन चिट दे दी है। सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की मौजूदा उपमुख्यमंत्री हैं। ED और अन्ना हजारे की याचिकाएं खारिज जज महेश के. जाधव ने क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करने और मामले में हस्तक्षेप करने की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका को खारिज कर दिया। इसके अलावा, अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे सहित 50 अन्य व्यक्तियों द्वारा दायर की गई विरोध याचिकाओं को भी नामंजूर कर दिया है। याचिका खारिज होने का कारण जज ने बताया कि EOW की पहली क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ ED ने पहले भी इसी तरह की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज किया जा चुका है। उस फैसले के खिलाफ ED की अपील फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है। अदालत के विस्तृत आदेश अगले सप्ताह तक उपलब्ध होने की उम्मीद है। ED का पक्ष और दलीलें ED ने अपनी हस्तक्षेप याचिका में दावा किया था कि वह इस मामले में एक 'प्रभावित पक्ष' है क्योंकि उनका मनी लॉन्ड्रिंग का पूरा मामला EOW द्वारा दर्ज की गई FIR पर ही आधारित था। ED ने दलील दी कि जांच के दौरान उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी और संपत्तियां भी कुर्क की थीं, जिसमें अजित पवार, सुनेत्रा पवार और रोहित पवार से जुड़ी एक मिल (कारखाना) भी शामिल थी। EOW का पक्ष और क्लोजर रिपोर्ट का आधार EOW ने अदालत में कहा कि ED को इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है, खासकर तब जब उनकी ऐसी ही एक याचिका पहले ही खारिज हो चुकी हो। EOW ने स्पष्ट किया कि मामले की गहन और आगे की जांच के बाद भी उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो कि कोई 'संज्ञेय अपराध' हुआ है। इसी कारण से उन्होंने मामले को बंद करने की रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) अदालत में पेश की। सुप्रीम कोर्ट के नियम का प्रभाव इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट का 2022 का एक अहम फैसला लागू होता है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि यदि कोई 'प्रेडिकेट' या 'शेड्यूल्ड' अपराध (यानी वह मूल आपराधिक मामला जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस आधारित होता है) साबित नहीं होता है या मौजूद नहीं है, तो 'धन शोधन निवारण अधिनियम' (PMLA) के तहत दर्ज मामला आगे नहीं बढ़ सकता। इस स्थिति में, EOW का मामला ही वह 'मूल अपराध' था। चूंकि EOW ने ही मामले में कोई अपराध न होने की बात कहकर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी है, इसलिए कानूनी रूप से ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस का आधार भी खत्म हो जाता है। बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और दिग्गज राजनेता अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। 66 वर्षीय पवार मुंबई से अपने गृह क्षेत्र बारामती जा रहे थे, जब उनका चार्टर्ड विमान (लियरजेट 45) बारामती हवाई अड्डे पर लैंडिंग के दौरान क्रैश होकर आग की लपटों में घिर गया। इस भीषण हादसे में अजित पवार के साथ-साथ विमान में सवार चार अन्य लोगों (दो पायलट, एक सुरक्षा अधिकारी और एक फ्लाइट अटेंडेंट) की भी जान चली गई। दशकों तक महाराष्ट्र की सियासत में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले 'अजित दादा' के इस आकस्मिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। वर्तमान में इस दुर्घटना के कारणों को लेकर सीआईडी (CID) और उड्डयन अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

विधायक किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल

रायपुर विधायक  किरण सिंह देव सहित बड़ी संख्या में कृषक हुए शामिल मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बिलासपुर से प्रदेश के 25 लाख किसानों को 10 हजार 328 करोड़ रुपए से अधिक राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित किया। इस कार्यक्रम में वर्चुअली जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित आदान सहायता कार्यक्रम एवं वृहद किसान सम्मेलन से उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी शामिल हुए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने अपने वादे के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतर की राशि को एकमुश्त देकर किसानों की होली त्योहार की खुशी को दुगुनी कर दी है। राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए संवेदनशील होकर पहल कर रही है और वर्तमान बजट में भी उनकी सहायता के लिए अनेक किसान हितैषी प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को उन्नत खेती किसानी के लिए सहूलियत होगी।        उन्होंने सहकार से समृद्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि बस्तर में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने सहित लघु वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण के लिए सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को हरसंभव मदद देने, सिंचाई संसाधनों को बेहतर बनाने प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां के निवासियों की आमदनी बढ़े और बस्तर की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो।        उन्होंने बस्तर की बेहतरी और तरक्की में समाज की व्यापक सहभागिता पर जोर देते हुए इस दिशा में सभी को मिलजुल कर कार्य करने का आव्हान किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक  किरण देव ने हल्बी में संबोधित करते हुए किसानों को होली त्योहार की हार्दिक बधाई दी और कहा कि हमारी सरकार के निर्णय से किसानों के परिवारों में उत्सव का माहौल है उनकी होली की खुशियां बढ़ गई है। यह हमारी सरकार की किसान हितैषी सकारात्मक प्रयास है। वीर सावरकर भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जगदलपुर महापौर  संजय पांडे, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष  दिनेश कश्यप, जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति के अध्यक्ष  कामदेव बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार   बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया गया। जिसमें मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई है। जिले में इस योजना का सर्वाधिक लाभ बकावण्ड और बस्तर ब्लॉक के किसानों को मिल रहा है, जहाँ क्रमशः 67.90 करोड़ रुपए और 55.78 करोड़ रुपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित की गई।

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के हीरो आकिब नबी डार: शानदार प्रदर्शन से जीता अवार्ड, IPL से भी बना चुके पहचान

जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर (J&K) ने आठ बार की चैंपियन कर्नाटक को पहली पारी की विशाल बढ़त के आधार पर हराकर अपना पहला खिताब जीत लिया है। हुबली के केएससीए मैदान पर खेले गए इस खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में कर्नाटक की टीम पहली पारी में मात्र 293 रनों पर ढेर हो गई, जिससे जेएंडके को 291 रनों की निर्णायक बढ़त मिली। मैच के अंतिम दिन जेएंडके ने अपनी दूसरी पारी 342/4 पर घोषित की, जिसके बाद दोनों कप्तानों ने हाथ मिलाया और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की इसी बढ़त ने जम्मू-कश्मीर को 67 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चैंपियन बना दिया। इस पूरी ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक मध्यम-तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर आकिब नबी डार रहे। आकिब ने इस सीजन में अपनी धारदार गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के सीजन में सर्वाधिक 60 विकेट लिए और उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' के खिताब से नवाजा गया। फाइनल मुकाबले में भी उनका जलवा बरकरार रहा, जहां उन्होंने कर्नाटक की पहली पारी में मात्र 54 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिससे कर्नाटक की मजबूत बल्लेबाजी बिखर गई। उनके कप्तान पारस डोगरा ने भी माना कि आकिब का प्रदर्शन असाधारण रहा है और उन्होंने टीम की सफलता में रीढ़ की हड्डी की भूमिका निभाई है। मैदान पर शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ आकिब नबी डार IPL 2026 की नीलामी में भी चर्चा का केंद्र बने रहे। अबू धाबी में दिसंबर 2025 में आयोजित हुई इस नीलामी में मात्र 30 लाख रुपये के बेस प्राइस वाले इस खिलाड़ी के लिए दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच जबरदस्त होड़ देखने को मिली। अंततः दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा, जो उनके बेस प्राइस से लगभग 28 गुना अधिक थी। आईपीएल में आने से पहले आकिब कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमों के लिए नेट गेंदबाज के रूप में भी काम कर चुके हैं। आकिब के व्यक्तिगत और पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनका जन्म 4 नवंबर, 1996 को हुआ और वे उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के शीरी गांव के रहने वाले हैं। अपनी इस सफलता पर आकिब ने अपने परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्थन के बिना यह यात्रा संभव नहीं थी। सुविधाओं की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि संघर्ष ही आपको अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आकिब के नाम दलीप ट्रॉफी में लगातार 4 गेंदों पर 4 विकेट लेने का भी एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है। जम्मू-कश्मीर की इस जीत ने पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल पैदा कर दिया है। श्रीनगर, जम्मू, बारामूला, पुंछ और कारगिल की सड़कों पर लोग ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। टीम की इस सफलता पर जेएंडके के मुख्यमंत्री भी मैदान पर खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते दिखे। आकिब नबी डार की यह कहानी अब जम्मू-कश्मीर के हजारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है, जो साबित करती है कि संसाधनों के अभाव में भी यदि इरादे फौलादी हों, तो इतिहास रचा जा सकता है।

शाहिद कपूर की पत्नी मीरा ने बैकलेस मोनोकनी में दिखाया बीच पर अद्भुत स्वैग, फैंस हुए दीवाने

मुंबई  शाहिद कपूर की पत्नी मीरा कपूर फिल्मी पर्दे से दूर होकर भी लाइमलाइट में बनी रहती हैं. मीरा बिजनेसवुमन हैं. सोशल मीडिया पर वो काफी एक्टिव रहती हैं. मीरा अपने पोस्ट के जरिए बच्चों और पति संग अपनी पर्सनल लाइफ की झलक फैंस संग शेयर करती रहती हैं. अब मीरा की नई पोस्ट इंटरनेट पर वायरल है.  मीरा का दिखा स्वैग दरअसल, मीरा इन दिनों परिवार संग वेकेशन पर हैं. एक्ट्रेस ने वेकेशन से कुछ एस्थेटिक तस्वीरें शेयर की हैं. एक्ट्रेस ने बीच पर खूब एन्जॉय किया. उन्होंने फैंस संग भी कई सारी सनकिस्ड तस्वीरें साझा की हैं.  मीरा एक फोटो में पूल में चिल करती हुई नजर आ रही हैं. प्रिंटेड मोनोकनी में वो काफी खूबसूरत लग रही हैं. ब्लैक सनग्लासेस और बालों में बन बनाए मीरा का जवाब नहीं है.  एक दूसरी फोटो में मीरा बीच पर अपनी लाडली बेटी संग क्वालिटी टाइम स्पेंड करती हुई दिखाई दीं. दोनों बीच पर सुकून से सनसेट एन्जॉय करती नजर आईं. मां-बेटी का बॉन्ड फैंस का दिल जीत रहा है.  मीरा ने बीच वेकेशन से अपनी खास फोटो भी शेयर की, जिसमें वो बैकलेस स्काई ब्लू मोनोकनी में दिखाई दे रही हैं. तस्वीर पीछे से ली गई है. फोटो में मीरा अपनी बैक फ्लॉन्ट करती हुई देखी जा सकती हैं. मीरा के वेकेशन फोटोज ने फैंस का दिल जीत लिया है. कमेंट सेक्शन में फैंस उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं. कोई उन्हें फायर बता रहा है तो कई हार्ट इमोजी बनाकर अपना प्यार लुटा रहा है.  पति शाहिद संग मीरा का रोमांस इससे पहले मीरा ने पति शाहिद कपूर के बर्थडे पर उनके साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर करके उन्हें बर्थडे विश किया था. शाहिद और मीरा एक दूजे की बांहों में रोमांटिक होते दिखे थे. उनकी केमिस्ट्री किसी न्यूलीमैरिड कपल से कम नहीं लगी.   शाहिद और मीरा की बात करें तो उन्होंने साल 2015 में शादी रचाई थी. शादी के बाद कपल दो बच्चों का पेरेंट बना. मीरा ने बेटी मीशा को 2016 में जन्म दिया था. इसके बाद साल 2018 में बेटे जैन का वेलकम किया था. शाहिद और मीरा बच्चों संग खुशहाल जिंदगी गुजार रहे हैं.