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मत्स्य क्षेत्र में 30 कंपनियां करेंगी 1400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश

वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में निवेश करेंगी बड़ी कंपनियां यूपी के दो हजार से ज्यादा युवाओं को जल्द मिलेंगे रोजगार के अवसर अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बना उत्तर प्रदेश, मीन महोत्सव और मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन के जरिए यूपी में बढ़ रहे आय के नए अवसर लखनऊ, योगी सरकार अब मत्स्य विकास से भी यूपी के युवाओं को रोजगार के अवसर देगी। मत्स्य क्षेत्र में जल्द ही 30 कंपनियां 1407 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं, जिससे प्रदेश के दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए मत्स्य विभाग ने भी तैयारी प्रारंभ कर दी है। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली अन्य राज्यों के लिए प्रेरक बन गई है। मत्स्य क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जनपदों में जल्द निवेश करेंगी। वाराणसी में 300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी औरो सुंदरम दो दिन पहले हुए मीन महोत्सव में उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग को 1200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। वहीं दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मीन महोत्सव (27-28 फरवरी) को मिले निवेश प्रस्ताव के मुताबिक औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड 300 करोड़ रुपये वाराणसी में निवेश करेगी। इसी तरह, प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड तथा नेक्सजेन कंपनियां 200-200 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कुल मिलाकर 30 कंपनियों की ओर से 1407 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन लगाएगी फिश प्रोसेसिंग प्लांट आंध्र प्रदेश की नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड उत्तर प्रदेश में फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में 200 करोड़ रुपये निवेश करने की इच्छा जताई है। कंपनी के निदेशक दीपक श्रीनिवास ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिवेश की तारीफ की। उन्होंने बताया कि प्लांट में 150 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्लांट 2028 तक तैयार हो जाएगा। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के एवी सुब्रमण्यम ने बताया कि कंपनी बाराबंकी में फिश फीड प्लांट लगाएगी। 2027 तक पूरी होने वाली इस परियोजना में 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे 300 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग निवेश प्रस्तावों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगा। प्रदेश में पहली बार हुए मीन महोत्सव में आए उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश में 1200 करोड़ रुपये का निवेश करने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मत्स्य विकास की अपार संभावनाओं को बढ़ाने एवं विजन 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने के उद्देश्य से विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में पहली बार देश-प्रदेश के 5000 मत्स्य किसानों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों को एक जगह एकत्र किया गया। 17-18 दिसंबर 2025 को हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में भी 207 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। ये प्रस्ताव जल्द ही धरातल पर उतरेंगे।   धनलक्ष्मी के., महानिदेशक मत्स्य

भारत का कमाल बरकरार, ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा सेमीफाइनल खेलने वाली टीमों में शामिल

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने वेस्टइंडीज को आखिरी सुपर-8 मैच में पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया। ‘संकटमोचक’ संजू सैमसन ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 196 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यादगार पारी खेली। भारत का पांच मार्च को दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से सामना होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत टी20 वर्ल्ड कप में छठी बार सेमीफाइनल खेलता हुआ नजर आएगा। वहीं, टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में चार मार्च को साउथ अफ्रीका की न्यूजीलैंड से भिड़ंत होगी। यह मैच ईडन गार्डन्स में होगा। भारतीय टीम ने कर दिया नया कमाल भारत ने एक नया कमाल किया है। भारत आईसीसी टूर्नामेंट में 20 बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं। दोनों ने 18-18 बार ऐसा किया। ऑस्ट्रेलिया को मौजूदा टूर्नामेंट में शुरुआती चरण से बाहर होना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे ने उलटफेर कर दिया था। इंग्लैंड और पाकिस्तान ने आईसीसी टूर्नामेंट में 16 मर्तबा सेमीफाइनल में जगह बनाई है। हालांकि, पाकिस्तान जारी टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 चरण से आगे नहीं बढ़ सका। उपविजेता साउथ अफ्रीका ने 15 बार सेमीफाइनल एंट्री की है। ICC टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमें 20 – भारत 18 – ऑस्ट्रेलिया 18 – न्यूजीलैंड 16 – इंग्लैंड 16 – पाकिस्तान 15 – साउथ अफ्रीका 11 – श्रीलंका 11 – वेस्टइंडीज 1 – अफगानिस्तान 1 – बांग्लादेश 1 – केन्या 'हम सेमीफाइनल के हकदार थे' कप्तान सूर्यकुमार ने सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद कहा, ''बहुत अच्छा लग रहा है। यह क्वार्टर फाइनल की तरह था। जिस तरह से टीम खेली, वह शानदार था। हम जिस तरह से पहले मैच से खेल रहे हैं, हम सेमीफाइनल के हकदार थे। अभी इसके बारे में नहीं सोचेंगे। मुंबई जाएंगे, और वहां जाकर ही देखेंगे कि क्या करना है।'' उन्होंने 50 गेंदों में नाबाद 97 रनों की पारी खेलने वाले संजू की तारीफ की। सूर्या ने कहा, ‘’मैं हमेशा कहता हूं कि अच्छे लोगों के साथ अच्छा ही होता है। संजू काफी मेहनत कर रहा था और इसका उसे फल मिला।'' वहीं, हेड कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल को लेकर कहा, ''इंग्लैंड एक विश्वस्तरीय टीम हैं। उनके पास कई बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं और हम सभी जानते हैं कि वानखेड़े में खेलना आसान नहीं होता है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।''

नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार: 36 हजार से ज्यादा केस दर्ज, सजा दर 88% – भगवंत मान

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर पंजाब के लोगों को बधाई दी और इसे राज्य को नशों के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान बताया। पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए इस जन आंदोलन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने पंजाब में नशों के खिलाफ लड़ाई की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है और नशा आपूर्ति के नेटवर्क को सख्ती से समाप्त किया गया है। एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। पिछली सरकारों ने ड्रग व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे भेजकर नशे के कारोबार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है।” इस मुहिम के प्रभाव और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस मुहिम को आम लोगों के सक्रिय सहयोग से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई। इस मुहिम के अंतर्गत की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। उन्होंने आगे कहा कि नशा तस्करों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है और तस्करों से संबंधित करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही है, जो निरंतर सुधार के साथ वर्ष 2025 में लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह मजबूत केस तैयारी और फॉरेंसिक सहयोग का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार नशा पीड़ितों की लाशों और चिताओं की कीमत पर तस्करों को फलने-फूलने नहीं देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए है और इसे बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा जाएगा।

मिडिल-ईस्ट तनाव के बीच ओमान में बड़ा हमला, तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक में भारतीय की जान गई

नई दिल्ली मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध में एक भारतीय व्यक्ति की मौत हो गई है। ओमान में सोमवार को मार्शल द्वीपों के झंडे वाले तेल टैंकर MKD VYOM पर बम से लैस ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें जहाज पर सवार एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। ओमान न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला मस्कट के तट से दूर हुआ। हमले के चलते जहाज में आग लग गई और इंजन रूम में विस्फोट हुआ। जहाज पर कुल 21 क्रू मेंबर्स थे, जिनमें 16 भारतीय शामिल थे। बाकी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के निकट हुआ, जो फारस की खाड़ी का पतला रास्ता है। वैश्विक तेल व्यापार के लिए यह काफी अहम है। ओमान के मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने बताया कि टैंकर पर लगभग 59,463 मीट्रिक टन कार्गो था और हमला मस्कट से करीब 52 नॉटिकल मील दूर हुआ। यह घटना मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के विस्तार का हिस्सा मानी जा रही है। इजरायल और अमेरिका ने हाल ही में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के नजदीक आने वाले जहाजों को धमकी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने कई हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल शामिल है। इस हमले को ईरान समर्थित ताकतों से जोड़ा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी ने स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी नहीं ली है। यह क्षेत्र पहले भी समुद्री हमलों का गवाह रहा है, लेकिन मौजूदा संघर्ष के कारण तनाव और बढ़ गया है। इस हमले में भारत के व्यक्ति की मौत को अमेरिका-ईरान संघर्ष में पहली भारतीय हानि के रूप में देखा जा रहा है। ओमान ने हमले के बाद जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं और तेल की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। यह हमला क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा करने वाला है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है। ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव से समुद्री व्यापार प्रभावित हो रहा है। ओमान जैसे तटवर्ती देशों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है। विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर गंभीर असर पड़ सकता है।  

स्टेशन पर अफरा-तफरी: कन्फर्म टिकट न मिलने से जनरल कोचों की ओर दौड़े यात्री, RPF की अपील बेअसर

  होली के मौके पर यात्रियों की भारी भीड़ के कारण धनबाद रेलवे स्टेशन पर बीते रविवार रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सीट कन्फर्म नहीं होने से परेशान लोग जनरल डिब्बों की ओर दौड़ पड़े, जिससे हालात बेकाबू हो गए। बीते रविवार रात करीब 9:50 बजे जैसे ही हटिया-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर पहुंची, जनरल बोगियों में चढ़ने के लिए यात्रियों में होड़ मच गई। लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण जिन लोगों की सीट कन्फर्म नहीं हो सकी, वे भी किसी तरह ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगे। हालात ऐसे थे कि जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। कई यात्री स्लीपर कोच में घुस गए, जिससे वहां भी जनरल जैसी भीड़ हो गई। लोग सीटों के बीच फर्श पर, दरवाजों पर और शौचालय के पास खड़े होकर सफर करने को मजबूर दिखे। वहीं दर्जनों यात्री ट्रेन में चढ़ नहीं सके और प्लेटफॉर्म पर ही रह गए। RPF की टीम करती रही अपील भीड़ का असर महिला और दिव्यांग कोच पर भी पड़ा। महिला कोच में पुरुषों के घुसने से हंगामा हुआ, जबकि दिव्यांग बोगी में आम यात्रियों के चढ़ जाने से दिव्यांग यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान आरपीएफ की टीम लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करती रही, लेकिन त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दबाजी में कई लोग नियमों की अनदेखी करते नजर आए। होली के कारण ट्रेनों में बढ़ी भीड़ ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।  

बाबा बैद्यनाथ धाम में रंगों का उत्सव शुरू, ढोल-नगाड़ों संग निकलेगी भगवान की डोली

देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम की पावन नगरी देवघर में आस्था, परंपरा और विशेष ज्योतिषीय संयोग के बीच आज से तीन दिवसीय होली महोत्सव की शुरुआत हो रही है। पूरे शहर में उत्साह और भक्ति का माहौल है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों को रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया है। परंपरा के अनुसार, सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा सोमवार शाम चार बजे बाबा वैद्यनाथ पर गुलाल अर्पित कर होली उत्सव का विधिवत शुभारंभ करेंगे। विशेष तिथि संयोग के कारण इस वर्ष दो मार्च से चार मार्च तक होली मनाई जाएगी, जबकि पांच मार्च को बासी होली खेली जाएगी। सोमवार को दिनभर जलार्पण के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे मंदिर का पट बंद किया जाएगा और ठीक चार बजे फिर से खोला जाएगा। इसके बाद बाबा को गुलाल चढ़ाकर “सुखी होली” की शुरुआत होगी। इसी दौरान भितरखंड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से भगवान की डोली ढोल-नगाड़ों के साथ आजाद चौक स्थित दोल मंच तक निकाली जाएगी। जयकारों और गुलाल के बीच संपन्न होगी विशेष पूजा शोभायात्रा के दौरान विभिन्न चौक-चौराहों पर मालपुआ का भोग लगाया जाएगा। दोल मंच पर राधा-कृष्ण को झूला झुलाने की परंपरा निभाई जाएगी। हरिहर मिलन तक मंदिर का पट पूरी रात खुला रहेगा। मंगलवार तड़के पांच बजकर ग्यारह मिनट पर दोल मंच पर विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा। इसके बाद राधा-कृष्ण की डोली वापस बाबा मंदिर पहुंचेगी। सुबह छह बजे गर्भगृह में हरिहर मिलन का दिव्य दृश्य होगा, जहां जयकारों और गुलाल के बीच विशेष पूजा संपन्न होगी। श्रृंगार पूजन के बाद मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया जाएगा और सुबह दस बजे से जलार्पण शुरू होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखा जा रहा है।  

ईरान में सियासी हलचल तेज! खामेनेई को लेकर अटकलें, IRGC गार्ड्स पर मंत्री का बड़ा बयान

ईरान ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद वहां के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब स्वतंत्र होकर बदले की कार्रवाई कर रही है और हमले कर रही है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघाची ने दावा किया है कि ओमान पर हमला करना देश की प्राथमिकता और च्वाइस में शामिल नहीं था लेकिन IRGC ने उस पर हमले किए। इससे इस बात की संभावना जोर पकड़ने लगी है कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद IRGC के सैनिक बेकाबू हो चले हैं। बता दें कि IRGC ईरान का सबसे शक्तिशाली और विशिष्ट सैन्य संगठन है, जिसे ईरानी क्रांति के बाद 1979 में स्थापित किया गया था। ईरान के पास दो अलग-अलग सेनाएं हैं। एक पारंपरिक सेना (Artesh) जो सीमाओं की रक्षा करती है, और दूसरी IRGC, जिसका मुख्य कार्य ईरान की 'इस्लामिक व्यवस्था' और क्रांति की रक्षा करना है। यह संगठन सीधे ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के प्रति जवाबदेह होता है। इसकी अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना (एयरोस्पेस फोर्स) है। इसके अलावा, इसमें दो महत्वपूर्ण इकाइयाँ कुद्स फोर्स और बसीज शामिल हैं। सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है IRGC IRGC ईरान के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है, यह पद अयातुल्लाह अली खामेनेई के पास था, जब तक कि वह US-इज़राइल हमले के दौरान मारे नहीं गए। इसका मतलब है कि IRGC अब बिना हेड के है और स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्री का बयान भी इस बात की तस्दीक कर रहा है। "हमारी पसंद नहीं" ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने अल जज़ीरा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान यह चौंकाने वाली बात कही है। ओमान पोर्ट को टारगेट करके किए गए स्ट्राइक के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, "ओमान में जो हुआ वह हमारी पसंद नहीं थी। हमने पहले ही अपनी सेना को बता दिया है कि वे अपने चुने हुए टारगेट के बारे में सावधान रहें।" उन्होंने कहा, “असल में, हमारी मिलिट्री यूनिट अब असल में इंडिपेंडेंट और किसी तरह अलग-थलग हैं, और वे पहले से दिए गए इंस्ट्रक्शन – आप जानते हैं, जनरल इंस्ट्रक्शन – के आधार पर काम कर रही हैं।” अऱाघाची का यह बयान अहम है। इसका सीधा मतलब है कि IRGC ईरानी सरकार के ऑर्डर पर काम नहीं कर रहा है, बल्कि खामेनेई के अपनी हत्या से पहले दिए गए निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है। एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, अराघाची की बातों को हमलों के बहाने के तौर पर भी देखा जा सकता है, क्योंकि तेहरान खाड़ी में अपने पड़ोसियों के साथ तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। ईरानी क्रांति के बाद बनी थी IRGC IRGC, जिसे ईरानी क्रांति के बाद मई 1979 में रूहोल्लाह खुमैनी ने बनाया था, पारंपरिक ईरानी आर्मी से अलग है। BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 1979 में राज बदलने के बाद, ईरान के रूलिंग मौलवियों ने एक नया संविधान पेश किया था, जिसमें ईरान की सीमाओं की रक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक रेगुलर मिलिट्री (आर्टेश) और ईरान में इस्लामिक सिस्टम की रक्षा के लिए एक अलग रिवोल्यूशनरी गार्ड (पासदारन) दोनों का इंतजाम किया गया था।  

युद्ध की आंच UAE तक: Apple ने सुरक्षा कारणों से ऑफिस और रिटेल स्टोर्स बंद किए

संयुक्‍त अरब अमीरात ईरान-अमेरिका-इस्राइल की जंग में घ‍िरे मिड‍िल ईस्‍ट में हालात को देखते हुए दिग्‍गज कंपनी ऐपल ने UAE (संयुक्‍त अरब अमीरात) में अपने कॉरपोरेट ऑफ‍िस और सभी ऐपल स्‍टोर्स को अस्‍थायी तौर पर बंद कर दिया है। MacRumours की रिपोर्ट में बताया गया है क‍ि कंपनी ने अपने स्‍टोर्स को कम से कम मंगलवार 3 मार्च तक के लिए बंद किया है। आगे की स्‍थ‍ित‍ि को देखते हुए स्‍टोर्स खोलने पर फैसला लिया जाएगा। दिलचस्‍प यह है कि कंपनी इस हफ्ते अपने कई नए गैजेट लॉन्‍च करने वाली है, जिनमें iphone 17e को भी शामिल बताया जा रहा है। UAE में 3 मार्च तक बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स रिपोर्ट के अनुसार, UAE में ऐपल स्‍टोर्स को 3 मार्च तक बंद रखा जाएगा। यूएई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं और ऐपल स्‍टोर्स उनके लिए तब पसंदीदा जगह हाे जाती है, जब उन्‍हें नया ऐपल गैजेट खरीदना होता है। ऐपल इस सप्‍ताह अपने कई नए गैजेट लेकर आने वाली है। इनमें नया आईपैड, आईफोन 17e, मैक शामिल हो सकता है। अगर ऐपल स्‍टोर्स को अधिक दिनों तक बंद रखा गया तो कंपनी की बिक्री पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। इन जगहों पर बंद रहेंगे ऐपल स्‍टोर्स     दुबई मॉल     मॉल ऑफ द ऐमिरेट्स     यास मॉल     अल जिमी मॉल     अल मरिया आईलैंड SIM स्‍कैम का खतरा बढ़ा मिडिल ईस्‍ट में बढ़ते तनाव के बीच यूएई में सिम स्‍कैम के मामलों का खतरा भी बढ़ गया है। दुबई पुलिस ने इसको लेकर अपने लोगों को चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग क्राइसि‍स मैनेजमेंट अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों से उनकी पर्सनल डिटेल्‍स ना बताने की हिदायत दी गई है। साथ ही किसी संदिग्‍ध कॉल या मैसेज पर ना रिप्‍लाई करने को कहा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि मदद के नाम साइबर धोखेबाज लोगों की जरूरी जानकारी चुरा सकते हैं। भारत के संदर्भ में यह खबर इसलिए महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि दुबई में बड़ी संख्‍या में भारतीय रहते हैं। अगर आपका भी कोई जानकार, करीबी इन जगहों पर है तो उसे सिम स्‍कैम के बारे में सतर्क अवश्‍य करें।

अब सरकारी स्कूलों में भी नर्सरी-केजी! MP में 4500 स्कूलों के लिए आयु सीमा और गाइडलाइन जारी

भोपाल राज्य सरकार सत्र 2026-27 में प्रदेश के 4500 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने जा रही है। नई शिक्षा नीति में पहली कक्षा में प्रवेश से पहले प्री-प्राइमरी में प्रवेश का प्रविधान किया गया है। अभी तक करीब दो हजार स्कूलों में यह व्यवस्था की गई थी। प्रवेश के लिए तीन से साढ़े चार वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में तीन से छह वर्ष के बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा से पहले खेल-खेल में सीखने का माहौल देने का प्रविधान है। इसके तहत किंडरगार्टन की तर्ज पर प्री-प्राइमरी बालवाटिका कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। सरकार ने इसे चरणबद्ध ढंग से लागू करने का निर्णय लिया था। अब राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रवेश संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नए प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु की गणना संबंधित सत्र की 31 जुलाई तथा पहली कक्षा के लिए 30 सितंबर से की जाएगी। कक्षाओं को बनाया जाएगा आकर्षक सरकारी स्कूलों में अब तक सीधे पहली कक्षा में प्रवेश दिया जाता था, जबकि निजी प्ले स्कूलों में अभिभावक बच्चों को प्री-प्राइमरी में पढ़ाते थे। इससे सरकारी स्कूल के बच्चे पिछड़ जाते थे। अब तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए आकर्षक फर्नीचर, खिलौने और रंगीन दीवारों वाली कक्षाएं तैयार की जाएंगी। जिन परिसरों में पहले से हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं, वहीं इन कक्षाओं का चयन किया गया है, ताकि बच्चों को एक ही परिसर में निरंतरता मिल सके। खेल और गतिविधि आधारित पढ़ाई इन कक्षाओं में पढ़ाई का बोझ नहीं होगा। बच्चों को एनसीईआरटी द्वारा तैयार विशेष पाठ्यक्रम ‘विद्या प्रवेश’ के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। एलईडी स्मार्ट टेलीविजन लगाए जा रहे हैं, जिनके जरिए हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला, गिनती तथा पूर्व-प्राथमिक गतिविधियां विजुअल टूल्स से सिखाई जाएंगी। पेंटिंग, मिट्टी के खिलौने बनाना, कविताएं और कहानी सुनाने जैसी गतिविधियों से सीखने का अवसर मिलेगा। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्राथमिक शिक्षकों को छोटे बच्चों को खेल-खेल में आधुनिक तरीकों से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए अतिथि शिक्षकों की भी भर्ती की जाएगी। प्रवेश की आयु सीमा नर्सरी: 3 से 4.5 वर्ष केजी-1: 4 से 5.5 वर्ष केजी-2: 5 से 6.5 वर्ष पहली कक्षा: 6 से 7.5 वर्ष अधिकारियों का क्या कहना डॉ. अरुण सिंह, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र का कहना है कि आगामी सत्र से प्रदेश के 4500 सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इन कक्षाओं में बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा।

इजरायल में बड़ा हमला? नेतन्याहू के दफ्तर को निशाना बनाने का ईरान का दावा, जानें कितना नुकसान

ईरान ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर हमला किया है। साथ ही, इजरायली वायु सेना के कमांडर के मौजूद स्थान को भी निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने यह जानकारी दी है कि यह हमला टारगेटेड था, जिसमें खैबर शेकन बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में नेतन्याहू की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। फार्स न्यूज एजेंसी की ओर से जारी उनके बयान में कहा गया है कि ज़ायोनी शासन के अपराधी प्रधानमंत्री का कार्यालय और शासन की वायु सेना कमांडर का मुख्यालय निशाना बनाया गया। यह दावा ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान की ओर से लगातार जवाबी कार्रवाई हो रही है। इजरायली पक्ष ने इन हमलों की पुष्टि नहीं की है। ट्रू प्रॉमिस 4 ऑपरेशन अमेरिका और इजरायल की ओर से शनिवार को किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई सैन्य व राजनीतिक लीडर मारे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान में 2000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, कमांड सेंटर्स और वायु रक्षा प्रणालियां शामिल थीं। ईरान ने इसे अवैध करार देते हुए जवाबी हमले शुरू किए, जिनमें इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों में यूएस बेस को निशाना बनाया गया। IRGC ने इसे ट्रू प्रॉमिस 4 ऑपरेशन का हिस्सा बताया है। अमेरिकी संपत्तियों पर ड्रोन हमला इस संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। लेबनान में हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच भी गोलीबारी बढ़ गई है, जबकि ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते। इजरायल ने तेहरान के केंद्र में हमलों को बढ़ाने की बात कही है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है कि यह युद्ध व्यापक क्षेत्रीय या वैश्विक संघर्ष में बदल सकता है। अब खुलकर हो रहा युद्ध ईरान के हमलों से इजरायल में सायरन बजे और यरुशलम के ऊपर विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। आईआरजीसी का यह दावा प्रचार का हिस्सा भी हो सकता है, क्योंकि इजरायल की आयरन डोम जैसी रक्षा प्रणालियां अधिकांश मिसाइलों को रोकने में सक्षम हैं। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीति को दर्शाता है, जहां ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से छिपा युद्ध अब खुलकर सामने आ गया है। नेतन्याहू के कार्यालय पर हमले का दावा ईरान की ओर से मजबूत जवाब देने की कोशिश को दिखाता है, लेकिन वास्तविक क्षति और नतीजे अभी साफ नहीं हैं।