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UPSC में धार का गौरव: प्रक्षाल जैन ने हासिल की ऑल इंडिया 8वीं रैंक

बाग धार जिले के छोटे कस्बे बाग के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार युवा पक्षाल सेक्रेटरी ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे नगर में खुशी और गर्व का माहौल है। लोगों ने मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं। माता-पिता का आशीर्वाद पक्षाल सेक्रेटरी का कहना है कि माता-पिता का आशीर्वाद और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही। उनके पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं, जबकि माता दीप्ति जैन गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार प्रक्षाल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और उन्होंने कड़ी मेहनत व लगन से यह मुकाम हासिल किया। पक्षाल की प्रारंभिक पढ़ाई बाग के महेश मेमोरियल स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे इंदौर चले गए और बाद में उन्होंने आईआईटी कानपुर से फाइनेंस में पढ़ाई की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में जाने के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना और सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। दिल्ली में रहकर तैयारी पक्षाल वर्ष 2022-23 के आसपास दिल्ली चले गए और वहीं रहकर यूपीएससी की तैयारी की। उनकी छोटी बहन क्रिया जैन ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कई बार ऐसा समय भी आया जब वे रोजाना केवल 3 से 4 घंटे ही सोते थे और दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई करते थे। प्रयास जारी रहा पहले प्रयास में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) मिलने की संभावना थी, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में वे प्रीलिम्स में ही रह गए, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 8 प्राप्त की। तैयारी के दौरान कई चुनौतियां भी सामने आईं। एक बार इंटरव्यू से एक दिन पहले उनका पैर मुड़ गया था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पक्षाल जैन की इस सफलता से बाग सहित पूरे क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा मिली है कि छोटे कस्बों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

वीनस विलियम्स पहले दौर में बाहर

इंडियन वेल्स सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स का वापसी के बाद खराब प्रदर्शन जारी है और उन्हें यहां बीएनपी पारिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में हार का सामना करना पड़ा। वाइल्ड कार्ड से प्रवेश पाने वाली 45 वर्षीय वीनस को पहले दौर में फ्रांस की डायने पैरी ने 6-3 6-7(4) 6-1 से हराया। इस तरह से वीनस अपने पिछले आठ डब्ल्यूटीए मैच हार चुकी हैं। वीनस ने दूसरे सेट में अच्छा खेल दिखाया लेकिन विश्व रैंकिंग में 111वें स्थान पर काबिज 23 वर्षीय पैरी ने तीसरे सेट में फिर से नियंत्रण बना दिया और आसानी से जीत दर्ज की। वीनस ने जनवरी में ऑस्ट्रेलियाई ओपन में भाग लिया था लेकिन एकल और युगल दोनों में पहले दौर में ही हार गईं थी।  

क्या प्रियंका चतुर्वेदी और आदित्य ठाकरे में सब ठीक नहीं? चर्चाओं के बीच संजय राउत ने दी सफाई

मुंबई शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी का राज्यसभा से कार्यकाल समाप्त हो गया है और उन्हें दूसरा मौका नहीं मिला है। उनके स्थान पर दिग्गज नेता शरद पवार को उच्च सदन में भेजा जा रहा है और इसे लेकर उद्धव सेना ने भी सहमति जताई। इस बीच चर्चाएं यह भी थीं कि पार्टी के भीतर प्रियंका को भेजने या फिर मौका ना देने को लेकर मतभेद थे। आदित्य ठाकरे चाहते थे कि प्रियंका चतुर्वेदी को फिर से मौका मिले, लेकिन संजय राउत ने शरद पवार को भेजे जाने का वादा किया और अंत में उनकी ही चली। इसे लेकर चर्चाएं यहां तक शुरू हो गईं कि आदित्य ठाकरे के आगे संजय राउत की ही चली और शरद पवार को किया कमिटमेंट पार्टी को मानना पड़ गया। अब इस मामले में संजय राउत ने सफाई भी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि राजनीतिक समीकरण पक्ष में नहीं थे और शरद पवार जैसे सीनियर नेता राज्यसभा जाना चाहते थे। इसलिए प्रियंका चतुर्वेदी का नाम आगे नहीं बढ़ाया गया। यदि समीकरण अनुकूल होते और शरद पवार जैसे नेता का नाम नहीं होता तो निश्चित तौर पर पार्टी की ओर से प्रियंका को ही दोबारा राज्यसभा भेजने पर विचार किया जाता। उन्होंने कहा कि यह बात रही है कि उद्धव सेना में अंदरखाने यह इच्छा प्रबल थी कि प्रियंका चतुर्वेदी को फिर से राज्यसभा में भेजा जाए। लेकिन पार्टी के पास अपने स्तर पर नंबर कम थे और फिर जब शरद पवार जैसे सीनियर नेता ने दावा कर दिया तो प्रियंका चतुर्वेदी के लिए मुकाबले में बने रहना मुश्किल हो गया। संजय राउत ने कहा, 'पार्टी में यह प्रबल इच्छा थी कि प्रियंका चतुर्वेदी को एक और मौका दिया जाए। लेकिन जरूरी नंबर नहीं थे। यदि शरद पवार खुद मुकाबले में ना आना चाहते और नंबर होते तो उन्हें ही भेजा जाता। उन्हें 100 फीसदी चांस दिया जाता।' बता दें कि महाराष्ट्र में 7 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, जिनमें से 6 पर एनडीए जीतने की स्थिति में है। एकमात्र सीट विपक्ष जीत सकता है, जिस पर शरद पवार को उतारा गया है। इस एकमात्र सीट पर उद्धव सेना, कांग्रेस और एनसीपी-एसपी तीनों ही दावा कर रहे थे, लेकिन अंत में शरद पवार के नाम पर ही सहमति बनी। भाजपा ने रामदास आठवले और विनोद तावड़े जैसे नेताओं को चांस दिया है। संजय राउत से जब एनडीए उम्मीदवारों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आठवले के बारे में तो पहले से ही तय लग रहा था। अब विनोद तावड़े को भेजना अहम है। दरअसल विनोद तावड़े बीते कई सालों से संगठन में काम कर रहे हैं। कई राज्यों के प्रभारी रहे हैं। उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति से दूर रखा गया और वह चुपचाप करते रहे। माना जा रहा है कि अब उसका इनाम उन्हें राज्यसभा भेजकर दिया जा रहा है।  

सतना में सनसनीखेज वारदात, पैरोल पर बाहर आए आरोपी ने पिता-पुत्र को मारी गोली

सतना सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के बारा पत्थर गांव में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब पैरोल पर जेल से बाहर आया उम्रकैद का सजायाफ्ता अपराधी पुरानी रंजिश के चलते पिता-पुत्र पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गया। घटना में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार बारा पत्थर गांव निवासी करीब 50 वर्षीय बबलू यादव अपने बेटे राणा यादव के साथ गांव में मौजूद थे। इसी दौरान गांव पहुंचे आरोपी चंदन यादव ने अचानक दोनों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से बबलू यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राणा यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को पहले नागौद अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नागौद थाना प्रभारी अशोक पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित पुलिस के अनुसार आरोपी और मृतक के परिवार के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी दुश्मनी के चलते आरोपी ने पिता-पुत्र को निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। थाना प्रभारी अशोक पांडे ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।  

जशपुर में भीषण दुर्घटना, घर में जा घुसी बस; 5 की मौत, 20 घायल

जशपुरनगर जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग से जशपुर के कुनकुरी के बीच चलने वाली यात्री बस अनमोल शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे कुरडेग से कुनकुरी के लिए रवाना हुई थी। बस जब कुनकुरी से लगभग 14 किलोमीटर दूर हल्दीमुंड पंचायत के आश्रित ग्राम गोड़अम्बा के पास पहुंची, तभी एक पुल के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे निर्माणाधीन मकान में घुसते हुए गड्ढे में पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। बस के नीचे दबे कुछ यात्रियों को निकालने के लिए क्रेन बुलानी पड़ी। दुर्घटना का प्रारंभिक कारण बस का ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह मौके पर पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था कराई। घायलों को तपकरा और कुनकुरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने जताई संवेदना तपकरा थाना क्षेत्र के गोड़अम्बा में हुई बस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौत पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। दुर्घटना के बाद सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने भी सक्रियता दिखाते हुए घायलों की सहायता के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उपचार की व्यवस्था की निगरानी की।  

नेपाल की राजनीति में नया चेहरा: बालेन शाह PM पद की दौड़ में, भारत को लेकर क्या सोचते हैं?

नई दिल्ली पिछले साल सितंबर में जेन-जी (Gen-Z) के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल ने अपनी नई सरकार चुनने के लिए मतदान किया है। इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र रहे हैं काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह। उन्होंने झापा-5 से चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 35 साल के बालेन शाह अब न केवल युवाओं के पसंदीदा उम्मीदवार हैं, बल्कि उन्हें नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है। बालेन शाह का राजनीतिक सफर जितना प्रभावशाली रहा है, उतना ही विवादों से घिरा भी। नवंबर 2025 में उनके एक फेसबुक पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी थी। उस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका, भारत और चीन के साथ-साथ नेपाल के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों (यूएमएल, कांग्रेस, माओवादी आदि) के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। हालांकि पोस्ट बाद में हटा ली गई, लेकिन इसके स्क्रीनशॉट ने उनकी छवि एक अराजक विद्रोही के रूप में स्थापित कर दी। इससे पहले वे नेपाल के शासन केंद्र सिंह दरबार को आग लगाने की धमकी देकर भी विवादों में रहे थे। कौन हैं बालेंद्र शाह? एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के बेटे बालेन की रुचि बचपन से ही कविता में थी, जो आगे चलकर रैप संगीत में बदल गई। अमेरिका के प्रसिद्ध रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित बालेन ने नेपाल के संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 2019 में उनका गाना 'बलिदान' काफी लोकप्रिय हुआ, जिसमें उन्होंने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया था। बालेन ने 'परिवर्तन का समय' के नारे के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था। मेयर रहते हुए उन पर सड़कों को साफ करने के नाम पर रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के आरोप भी लगे। पिछले साल जब तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा, तब बालेन ने युवाओं से कहा था, "प्रिय जेन-जी, तुम्हारे हत्यारे का इस्तीफा आ गया है। अब तुम्हारी पीढ़ी को देश का नेतृत्व करना होगा।" दिसंबर 2025 में बालेन शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने। क्या है बालेन और RSP का विजन? राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने अपने घोषणापत्र में आर्थिक सुधारों को प्राथमिकता दी है। पार्टी ने 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने और युवाओं के विदेश पलायन को रोकने का वादा किया है। नेपाल की प्रति व्यक्ति आय को 1,447 से बढ़ाकर 3,000 डॉलर करने और जीडीपी को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। चुनाव प्रचार के दौरान बालेन शाह को तब आलोचना का सामना करना पड़ा जब वे झापा-5 में लगभग 4 करोड़ नेपाली रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार में घूमते देखे गए। उनके आलोचकों का कहना है कि वे पारंपरिक राजनेताओं को चुनौती देने का दावा तो करते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली अब उन्हीं की तरह वैभवशाली हो गई है। नेपाल अब चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। एक रैपर और सोशल मीडिया स्टार से देश के संभावित शीर्ष नेता तक बालेन शाह का यह सफर 2026 के चुनावों की सबसे बड़ी कहानी बन चुका है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नेपाल का युवा वर्ग उन्हें वास्तव में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचा पाता है।  

ड्यूटी के साथ UPSC की तैयारी, धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव बने SP

धमतरी जिले के मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव का संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में चयन हुआ है। उन्होंने परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं और अब यूपीएससी में चयन के बाद एसपी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। बीएचयू और जेएनयू से पढ़ाई मगरलोड ब्लाक के ग्राम परसवानी निवासी अंबिका सूर्यवंशी के पुत्र डायमंड सिंह ध्रुव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर मगरलोड में पहली से पांचवीं तक प्राप्त की। इसके बाद कक्षा छठवीं से 12वीं तक की पढ़ाई रेडिएंट पब्लिक स्कूल निमोरा रायपुर से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से बीए ऑनर्स किया, जबकि पीजी की पढ़ाई जेएनयू दिल्ली से पूरी की। डायमंड सिंह ध्रुव वर्ष 2023 से यूपीएससी की तैयारी में जुटे हुए थे। दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और अब तक तीन बार यूपीएससी मेंस की परीक्षा दे चुके हैं। कठिन मेहनत और लगातार प्रयास के बाद उन्हें यह सफलता मिली है। पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास परिवारजनों ने बताया कि डायमंड ने पहले ही प्रयास में सीजीपीएससी परीक्षा पास कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया था। अब यूपीएससी में चयन होने से परिवार सहित जिले में खुशी का माहौल है। डायमंड सिंह ध्रुव ने बताया कि उनके पिता जनपद पंचायत मगरलोड में कर्मचारी थे, जिससे बचपन से ही शासकीय सेवा के प्रति उनका झुकाव रहा। उन्होंने पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में रहकर दोस्तों के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तैयारी के दौरान वह रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई करते थे और सेल्फ स्टडी के साथ इंटरनेट का भी उपयोग करते थे।  

खाटूश्यामजी मंदिर में आतंकियों की एंट्री से अफरा-तफरी, बाद में खुला राज—ATS की मॉक ड्रिल थी

जयपुर विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर शुक्रवार को उस समय सुरक्षा छावनी में तब्दील हो गया, जब मंदिर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एटीएस (Anti-Terrorist Squad) की टीम ने अचानक धावा बोल दिया। हथियारों से लैस जवानों की त्वरित कार्रवाई और घेराबंदी को देखकर परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन कुछ ही देर बाद जब सच्चाई सामने आई तो सभी ने राहत की सांस ली। त्वरित कार्रवाई और जवाबी हमला आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एटीएस के जवानों ने मोर्चा संभाला और योजनाबद्ध तरीके से मंदिर परिसर में प्रवेश किया। कुछ ही मिनटों के भीतर टीम ने कड़ा संघर्ष करते हुए दो काल्पनिक आतंकवादियों को ढेर कर दिया। कार्रवाई के दौरान जवानों ने उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और बारूद बरामद करने का प्रदर्शन भी किया। सुरक्षा परखने के लिए था अभ्यास जैसे ही एटीएस के अधिकारियों ने इसे मॉकड्रिल घोषित किया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रशासन की चिंता दूर हुई। इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की जांच करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पॉन्स टाइम को मापना और मंदिर की सुरक्षा घेराबंदी और समन्वय को और अधिक पुख्ता करना है। चौथी बार हुआ सुरक्षा अभ्यास गौरतलब है कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटू श्याम मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस अब तक यहां चार बार मॉकड्रिल कर चुकी है। इस सफल अभ्यास के दौरान एटीएस टीम के साथ मंदिर सुरक्षा गार्ड प्रभारी रघुनाथ सिंह, मंदिर समिति के लक्ष्मीकांत रंगलालका सहित अन्य सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी भी मुस्तैद रहे।

गार्ड से मोबाइल पर गाना बजाकर ठुमके लगवाए, फिर डंडों और बेल्ट से पिटाई, बेइज्जती का वीडियो वायरल

 सूरजपुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के देवनगर इलाके से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक फॉरेस्ट नर्सरी में तैनात फॉरेस्ट गार्ड के साथ कुछ स्थानीय युवकों ने न केवल मारपीट की, बल्कि उसे सबके सामने नाचने के लिए भी मजबूर किया. इस पूरी घटना का वीडियो हमलावरों ने खुद रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।  दरअसल, फॉरेस्ट गार्ड अपनी एक महिला साथी के साथ नर्सरी में मौजूद था. इसी दौरान वहां स्थानीय लड़कों का एक गुट पहुंचा और विवाद करने लगा. बात इतनी बढ़ गई कि उन लड़कों ने गार्ड को घेर लिया और डंडों व बेल्ट से उसकी जमकर पिटाई की।  डांस करने पर किया मजबूर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावर डरे-सहमे गार्ड को मोबाइल पर म्यूजिक बजाकर नाचने के लिए मजबूर कर रहे हैं. गार्ड वर्दी में था और हाथ जोड़कर उनसे विनती कर रहा था, लेकिन युवकों ने उसकी एक न सुनी और उसकी बेइज्जती का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।  विभाग ने जारी किया 'कारण बताओ' नोटिस वीडियो वायरल होने के बाद सूरजपुर फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है. हालांकि, गार्ड के साथ हुई मारपीट की निंदा हो रही है, लेकिन वन विभाग ने खुद गार्ड को ही 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है. विभाग ने पूछा है कि वह ड्यूटी के दौरान किन परिस्थितियों में एक महिला के साथ नर्सरी में मौजूद था।  पुलिस की कार्रवाई का इंतजार पुलिस का कहना है कि अब तक फॉरेस्ट गार्ड की ओर से इस हमले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही लिखित शिकायत मिलेगी, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

हार के बाद भी उम्मीद बरकरार: भारतीय महिला टीम ने बीएटीसी के क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

चिंगदाओ (चीन) गत चैंपियन भारत को बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप (बीएटीसी) के विमेंस डिवीजन के दूसरे ग्रुप वाई मैच में हार का सामना करना पड़ा है। गुरुवार को उसे थाईलैंड ने 2-3 से हराया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। थाईलैंड ने ग्रुप वाई में टॉप स्थान हासिल करने के लिए शानदार प्रदर्शन किया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर रहा और दोनों टीमें टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज में पहुंच गईं। इस मुकाबले में भारतीय महिलाओं ने शानदार शुरुआत की। वर्ल्ड नंबर 42 तन्वी शर्मा ने वर्ल्ड नंबर 16 बुसानन ओंगबामरुंगफान को 21-14, 17-21, 21-18 से मात दी। यह मुकाबला एक घंटे और तीन मिनट तक चला। इसके बाद डबल्स जोड़ी गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली ने टिडैप्रोन क्लीबीसुन और नट्टामोन लाइसुआन को 21-14, 20-22, 21-11 से मात देकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, थाईलैंड ने मैच में वापसी की। भारत की रक्षिता रामराज लय बरकरार नहीं रख सकीं। उन्हें 19 वर्षीय पिचामोन ओपटनिपुथ ने 19-21 और 17-21 से हराया। अगले मैच में हथैथिप मिजाद और नपापकोर्न तुंगकासतन की जोड़ी ने तनीषा क्रास्टो और श्रुति मिश्रा की जोड़ी को 21-19, 14-21, 15-21 के स्कोर से हराकर मैच में 2-2 से बराबरी कर ली। इसी के साथ मुकाबला पांचवें और निर्णायक गेम तक पहुंचा। 40 मिनट तक चले निर्णायक मैच में, थाईलैंड की पोर्नपिचा चोइकीवोंग ने मालविका बंसोड़ को 18-21 और 14-21 से मात दी, जिससे थाईलैंड ने मैच जीत लिया और ग्रुप में टॉप पर रहा। यह टूर्नामेंट अप्रैल-मई में हॉर्सेंस, डेनमार्क में होने वाले थॉमस और उबर कप फाइनल के लिए एशिया का क्वालीफाइंग इवेंट भी है। भारतीय महिलाएं डिफेंडिंग चैंपियन हैं, जबकि चीन मौजूदा पुरुष चैंपियन है। भारत के पुरुषों ने 2016 और 2020 में दो बार कांस्य अपने नाम किया है। इससे पहले, बुधवार को भारत ने ग्रुप वाई के अपने पहले गेम में म्यांमार को 5-0 से रौंदा था।