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वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा

रायपुर विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने वन, झरनों की कलकल ध्वनि और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 820 विदेशी पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ की यात्रा की, जो यह संकेत देता है कि राज्य की अनछुई प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ तथा बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है। छत्तीसगढ़ को “पर्यटकों का स्वर्ग” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे भव्य जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल, बस्तर की अद्वितीय जनजातीय परंपराएँ और लोकनृत्य, सरगुजा के पर्वतीय क्षेत्र तथा जशपुर की शांत और हरित वादियाँ विदेशी सैलानियों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय संस्कृति को समझना चाहते हैं। राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना, होटल और होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार, पर्यटक मार्गदर्शकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्रचार-प्रसार तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे प्रयासों से पर्यटकों को अधिक सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर क्षेत्र विदेशी सैलानियों के लिए अत्यंत संभावनाशील पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहाँ के प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, राष्ट्रीय उद्यान, आदिवासी जीवन शैली और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर के पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव प्रस्तुत करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान देते हैं। चित्रकोट फॉल्स के पास तीर्था गांव में प्रीमियम लक्जरी टेंट सिटी प्रस्तावित है। चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर की प्रकृति और संस्कृति गंतव्य के रूप में पुनर्विकसित करना है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से बस्तर आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।  बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव भी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है। बेहतर सुरक्षा, सड़क संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सु किर्सी ह्यवैरिनेन की बस्तर की छह दिवसीय यात्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय समुदायों की जीवन शैली की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए एक अनूठा पर्यटन अनुभव बताया। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और सकारात्मक अनुभव विदेशों में छत्तीसगढ़ की छवि को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे। सरगुजा और जशपुर क्षेत्र भी विदेशी सैलानियों के लिए अपार संभावनाएँ समेटे हुए हैं। सरगुजा के पर्वतीय वन क्षेत्र, मैनपाट का शांत और मनोहारी वातावरण, जशपुर की हरित घाटियाँ तथा वहाँ की प्राकृतिक जैव विविधता प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। इन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएँ भी तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए नए अनुभवों के द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, पर्यटन मेलों में भागीदारी, डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रचार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे कई कदम उठा रही है। साथ ही, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्सवों को पर्यटन से जोड़कर छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ विदेशी सैलानियों के लिए एक नया और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा।  प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता, बेहतर होती सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिलकर राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले बुमराह की चर्चा, न्यूजीलैंड खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने कहा कि जसप्रीत बुमराह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, लेकिन उनका भी दिन खराब हो सकता है। फाइनल में यही उनकी टीम की उम्मीद है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। यह खिताबी मुकाबला 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। फाइनल मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड के स्टार खिलाड़ी ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि वह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं। लेकिन उनका भी दिन खराब हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम को उम्मीद है कि बुमराह की दिन फाइनल में खराब हो सकता है। फिलिप्स ने कहा, “बुमराह एक शानदार गेंदबाज हैं। उनके पास कई वैरिएशन हैं और डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी बेहतरीन रहती है। लेकिन वह भी इंसान हैं। उनका दिन खराब हो सकता है, जैसा हम सब के साथ होता है। हमारा काम है कि ऐसे मौकों का फायदा उठाएं।” टी20 विश्व कप 2026 में बुमराह भारत के स्टार खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। डेथ ओवरों में उनकी गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए अहम रही। जिसके कारण भारतीय टीम को रन बचाने में काफी आसानी हुई है। बुमराह के खिलाफ मौका का फायदा उठाना होगा फिलिप्स ने आगे बताया कि द्विपक्षीय सीरीज में उन्हें जसप्रीत बुमराह के खिलाफ कुछ हद तक सफलता मिली थी, लेकिन अब फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को हर उस मौके का लाभ उठाना होगा, जिसमें बुमराह चूक सकते हैं। उन्होंने कहा, “इंग्लैंड ने कल जिस तरह बुमराह के खिलाफ खेला, आखिरी दो ओवरों में खुद को मौका दिया। हमारी टीम उसी रणनीति को अपनाने की कोशिश करेगी।” भारत के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले ग्लेन फिलिप्स ने भारत के खिलाफ मुकाबले को अपने देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसी क्रिकेट महाशक्ति के सामने खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात है। फिलिप्स ने दोनों टीमों के बीच अंतर को दर्शाते हुए कहा कि उनके देश की आबादी लगभग 50 लाख है, जबकि भारत की जनसंख्या 1.4 अरब से अधिक है। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभा का विशाल भंडार है और देश आसानी से इतनी मजबूत कई टीमें बना सकता है। ऐसे में उनके खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण और रोमांचक रहेगा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेंद्र ग्राम की बदहाल व्यवस्था उजागर

राजेन्द्रग्राम/ छबिलाल जिले के राजेंद्र ग्राम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं हाल ही में आए एक तस्वीर जो डिलीवरी व प्रसव के टाइम में जंग लगे बेड में चादर न होने से भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है तस्वीर में अव्यवस्था साफ नजर आ रही है मरीज को किसी साफ सुथरा  बेड में रखने की बजाय पुराने लोहे के बेड पर शिशु व मां लेटने में मजबूर किया जाता है जिस पर ना तो चादर है और ना ही पर्याप्त साफ सफाई दिखाई दे रही है वही अस्पतालों की दीवारों पर गंदगी लटकते तार और रखरखाव की कमी भी नजर आ रही है। अगर ऐसी हालत बनी रही तो मां एवं बच्चों पर पढ़ने वाले बीमारी को होने वाले बीमारियों से कोई सहायक नहीं बन सकता है। और डॉक्टर भी जिम्मेदार नहीं हो पाएंगे इसलिए ग्रामीणों का कहना है बच्चे और उसके मां को तंदुरुस्त करने में डॉक्टरों की जिम्मेदारी होती है ताकि ताकि बीमार करने में नहीं। कहां खर्च हो रहा है बजट  स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रसव के बाद गंभीर हालत में बेहतर सुविधा मिलनी चाहिए थी लेकिन उसे बुनियादी इलाज की सुविधा भी ठीक से नहीं मिल पा रही है इस घटना को लेकर लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है वही सवाल उठ रहे हैं कि अस्पतालों के रखरखाव और सुविधाओं के लिए मिलने वाला बजट खर्च कहां हो रहा है ताकि सुविधा नहीं मिलता पा रहा है या तो बीएमओ डॉक्टर आर के वर्मा अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं। आखिर कहां जाता है बजट कहां होता है खर्च कार्यवाही कर साफ सफाई पर रखरखाव करने की मांग की गई।  

दाखिल-खारिज में देरी से शहरी जनता परेशान: विधायक

मुजफ्फरपुर. शहरी अंचल में दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों में आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर बोचहां की विधायक बेबी कुमारी ने जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन से मुलाकात कर शिकायत की। उन्होंने बोचहां विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। विधायक ने कहा कि मुशहरी अंचल में दाखिल-खारिज के मामलों में लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। उन्होंने नरौली डीह निवासी विनय कुमार भोला कुशवाहा के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि उनका दाखिल-खारिज आवेदन बार-बार अस्वीकृत किया जा रहा है। इसके अलावा राम बाबू पांडेय के परिमार्जन से जुड़े मामले समेत कई लंबित दाखिल-खारिज आवेदनों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारी, कर्मचारी या डाटा ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुलाकात के दौरान विधायक ने जीरोमाइल गोलंबर के सौंदर्यीकरण, विभिन्न सड़कों के निर्माण व चौड़ीकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना, बिजली आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा। इसी के साथ प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 19 मार्च को मुशहरी और 23 मार्च को बोचहां प्रखंड कार्यालय परिसर में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। विधायक बेबी कुमारी ने बताया कि इन कार्यक्रमों में सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जहां आम लोग अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे।

क्षत्रिय कुशवाह समाज द्वारा फाग महोत्सव ओर होली मिलन समारोह

बड़वानी क्षत्रिय कुशवाह समाज युवा संगठन बड़वानी द्वारा फाग महोत्सव एवं होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर रंग-गुलाल के साथ उत्साहपूर्वक होली उत्सव मनाया। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण बालगोपाल की प्रतिमा पर रंग-बिरंगी गुलाल अर्पित कर समाज की खुशहाली और समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद डीजे की धुन पर समाजजन जमकर थिरके और फाग के पारंपरिक रंग में रंगे नजर आए। पूरे आयोजन में भाईचारे और सामाजिक एकता का वातावरण दिखाई दिया। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष नंदराम कुशवाह, संचालक किशोर मोंगर, युवा संगठन अध्यक्ष राजू कुशवाह, कोषाध्यक्ष नवीन कुशवाह, प्रतिनिधि नीरज कुशवाह, शंकर कुशवाह, अजय कुशवाह तथा सुधीर पीपर सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समाज के पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित समाजजनों को फाग महोत्सव एवं होली मिलन की शुभकामनाएं देते हुए समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।

रंगों का साइड इफेक्ट: होली के बाद त्वचा और आंखों की परेशानी से सिम्स में 465 मरीज

बिलासपुर होली के रंगों का असर इस बार लोगों की सेहत पर भी देखने को मिला. मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से कई लोगों को स्किन इंफेक्शन और आंखों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा. होली के बाद पिछले दो दिनों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए सिम्स पहुंचे. अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक दो दिनों में स्किन ओपीडी में 465 औरओपीडी में 187 यानी कुल 652 मरीज पहुंचे. इनमें 465 मरीज स्किन से जुड़ी समस्याओं और 187 मरीज आंखों में जलन, लालिमा और अन्य परेशानी की शिकायत लेकर इलाज कराने पहुंचे. सिम्स में इन दो दिनों के दौरान स्किन, आई सहित अन्य विभाग में कुल 2958 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया. गुरुवार को 1292 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 1666 हो गई. एलर्जी, खुजली और जलन की शिकायत अधिक स्किन विभाग में गुरुवार को 125 मरीज पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या बढ़कर 340 हो गई. वहीं नेत्र विभाग में गुरुवार को 72 मरीजों ने उपचार कराया, जबकि शुक्रवार को 115 मरीज आंखों में रंग जाने, जलन और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे. डॉक्टरों के अनुसार होली में केमिकल युक्त रंगों के इस्तेमाल से इस तरह की समस्याएं बढ़ जाती हैं. ऐसे रंग त्वचा पर एलर्जी, खुजली और जलन का कारण बनते हैं. वहीं आंखों में चले जाने पर संक्रमण का खतरा भी रहता है.

सपा को मिला बड़ा सियासी बल, रोहित पांडेय व पूर्व DIG की एंट्री; अखिलेश का BJP पर हमला

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनीतिक दल ने अपनी सियासी गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश में सियासी हलचलें काफी तेज हो गई हैं। इस बीच शनिवार को संतकबीरनगर सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहित कुमार पांडे ने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोहित के साथ-साथ पूर्व डीआईजी राम शरद राम, डीएनएनएस यादव, अंकित सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी राजीव गुप्ता को भी पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर उन्होंने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने एलपीजी के बढ़े दामों और भारी टैक्स को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘जब जाएंगे भाजपाई, तभी हटेगी महंगाई।’ सपा मुखिया ने कहा कि सरकार टैक्स लगा कर महंगाई बढाती जा रही है। सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि महंगाई एक बार बढ़ने के बाद कम नहीं होती है। अखिलेश ने कहा कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है वहां-वहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर की एक घटना का हवाला देते हुए सपा मुखिया ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के लोग ही अपराधियों को जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों की कॉल डिटेल निकली तो पता चला कि वे अपराधियों से मिले हुए हैं। गांजे की तस्करी में भी पुलिस की संलिप्तता है। उन्होंने सवाल उठाया किक आखिर भारी मात्रा में पकड़ा जाने वाला गांजा जाता कहां है? उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक रही समाजवादी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार में एक्सप्रेसवे, लैपटॉप वितरण, रिवर फ्रंट और थर्मल प्लांट जैसे तमाम बड़े काम हुए। सीएम योगी की विदेश यात्रा पर निशाना साधते हुए अखिलेश याव ने कहा, ‘ये पहले ऐसे सीएम हैं जो अपनी विदाई से पहले घूमने निकल गए।’ उन्होंने भाजपा द्वारा लॉन्च किए गए एक गाने पर आपत्ति जताई और कहा कि हम इस पर एफआईआर करवाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि कोई पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि इसमें बीजेपी के लोग ही शामिल हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बेरोजगार की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में फंसे लोगों को सरकार को जिम्मेदारी से वापस लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आज हमारी विदेश नीति विदेशों में तय होती है। रूस को भारत का पुराना मित्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सस्ता मिले तो रूस से और तेल लेना चाहिए। अखिलेश यादव ने फॉम-7 को लेकर चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि चुनाव आयोग झूठा है। वो झूठ बोल रहा है कि फार्म-7 नहीं भरवाए गए। कौन हैं रोहित पांडे? रोहित कुमार पांडे पूर्व में लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। सपाइयों का कहना है कि उनके पार्टी ज्वाइन करने से संगठन को जमीनी स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी  रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी  संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी  डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सु दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री  साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

रायसीना मंच से जयशंकर का बड़ा बयान, कहा— भारत दुनिया को एक प्लेटफॉर्म पर ला सकता है

नई दिल्ली.  भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आज आखिरी दिन है। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कार्यक्रम को संबोधित किया और हिंद महासागर में भारत की कूटनीति की सराहना की। ईएएम जयशंकर ने बताया कि भारत के पास सभी देशों को एक प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की काबिलियत है, क्योंकि वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "जब हिंद महासागर की बात आती है तो भारत की एक खास अहमियत है और इसलिए एक खास जिम्मेदारी और एक खास योगदान है। यह सिर्फ इसलिए नहीं है कि हम बड़े और सेंट्रल हैं, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि हमारे पास सच में बहुत सारे देशों को टेबल पर या प्लेटफॉर्म पर साथ लाने की क्षमता है क्योंकि हमारे उनके साथ अच्छे संबंध हैं। शायद वे हम पर ज्यादा भरोसा करते हैं या वे हमारे साथ ज्यादा कम्फर्टेबल हैं, इसे आप जो चाहें कह सकते हैं।"  जयशंकर ने आगे कहा, "मेरे लिए इसका मतलब यह है कि गुरुग्राम के फ्यूजन सेंटर में इतने सारे लोग, इतने सारे देश, इतने सारे प्रतिनिधि हैं जो इस समय यहां एक साथ काम करने को तैयार हैं, साझा करने को तैयार हैं, एक समग्र तस्वीर बनाने को तैयार हैं। यह न केवल हिंद महासागर की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को भी रेखांकित करता है। हम निरंतर ऐसे संस्थानों का निर्माण कर रहे हैं, जिनमें आईओआर, कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन और बिम्सटेक जैसे मंच शामिल हैं। यद्यपि हम जीसीसी जैसे कुछ समूहों का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी ये सभी प्रयास एक वृहद हिंद महासागर की आधारशिला हैं। दूसरी ओर, प्रशांत क्षेत्र के देश भी इस व्यापक संरचना का आधार बन रहे हैं। ये एक बड़े प्रकार की समग्र तस्वीर की नींव हैं। अब इसके अलावा, यह द्विपक्षीय भी है।" भारत और इसके सहयोगियों के बारे में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "जब मैं वहां अपने तीन सहयोगियों, सेशेल्स, मॉरीशस और श्रीलंका को उनकी नौसेनाओं और उनके तट रक्षकों के साथ देखता हूं, तो हमारा साथ मिलकर काम करने का एक लंबा इतिहास रहा है। उनमें से कई के पास भारतीय मूल के जहाज या शिल्प हैं। हमने एक साथ प्रशिक्षण किया है, हमने एक साथ अभ्यास किया है और सिर्फ उनके साथ ही नहीं, अगर आप वास्तव में हिंद महासागर या भारत-प्रशांत में बड़े अभ्यासों को देखें, तो ऑस्ट्रेलिया फिर से एक बहुत ही महत्वपूर्ण अभ्यास भागीदार है।" उन्होंने कहा कि आप भारतीय नौसेना या भारतीय तट रक्षक को देखें, वास्तव में उनमें से प्रत्येक में यह एक सामान्य तत्व है। मेरा मतलब है कि यदि आप समुद्री गतिविधियों की समग्रता को लेते हैं और कहते हैं कि किस देश में सबसे अधिक विशेषताएं हैं, तो हम वहां हैं। हम सिंगापुर में समुद्री डकैती का मुकाबला करने के लिए आधारित संगठन के सदस्य हैं, लेकिन इसका एक हिस्सा उपस्थिति है, एक साथ काम करना है। लेकिन हम वास्तव में व्यावहारिक रूप से मदद करते हैं; हम ड्रग्स नेटवर्क का मुकाबला करने के मामले में मदद करते हैं, हम आईयूयू मछली पकड़ने से निपटते हैं। हम एचएडीआर की स्थिति से निपटते हैं, हम ऑयल स्पिल से डील करते हैं। श्रीलंका में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था, मॉरीशस में एक बड़ा ऑयल स्पिल हुआ था। असल में इंडियन वेसल ही थे जो सबसे पहले वहां गए और सफाई में मदद की। मेरे कहने का मतलब यह है कि जब आपने "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" शब्द का इस्तेमाल किया, तो हां, हम एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर हैं।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सु वैभवी अग्रवाल को मुख्यमंत्री ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सु वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की।  मुख्यमंत्री  साय ने सु वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सु वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सु वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर सु वैभवी अग्रवाल के पिता  शीतल अग्रवाल और भाई  विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।