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अशोकनगर को रंग पंचमी पर मिला विकास का तोहफा, 115.35 करोड़ की परियोजनाओं का ऐलान

भोपाल/अशोकनगर  रंग पंचमी के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। उन्होंने 8 मार्च को यहां 115 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत के 50 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। उन्होंने करीला माता धाम में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता भी की। सीएम डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ दिए। इससे पहले उन्होंने वनोपज, कृषि आधारित उत्पादों और स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर उन्होंने विभिन्‍न क्षेत्रों में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्‍मानित भी किया। महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए अनेको योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही, आगामी लोकसभा-विधानसभा निर्वाचन में भी 33 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहनों को प्रदेश सरकार हर महीने 1500 रुपये दे रही है। महिलाओं को विभिन्न विभागों में आरक्षण देकर उच्च पदों पर नियुक्ति दी गईं हैं। किसान कल्याण वर्ष का आयोजन प्रदेश में किया जा रहा है। किसानों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार 6-6 हजार रुपये की राशि किसान सम्मन निधि के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की बड़ी घोषणा इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ग्राम दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किलोमीटर की सड़क की स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि करीला धाम तीर्थ के लिए कार्य योजना बनाई जाए। बता दें, इससे पहले उन्होंने करीला धाम पहुंचकर माता जानकी के दर्शन किए। यहां उन्होंने प्रदेश वासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-पाठ के बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ खेली फूलों की होली भी खेली। इस दौरान उन्होंने कहा कि करीला धाम में आस्था के साथ पूर्ण श्रद्धा भाव से श्रद्धालु माता जानकी के दर्शन करने आते हैं। माता जानकी श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण करती हैं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर माता जानकी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया है। माता सीता शक्ति पराक्रम की देवी है, माता सीता का प्रताप गौरवशाली संस्कृति है। इस पवित्र स्थान से महर्षि वाल्मीकि, सीता माता एवं लव कुश की कहानी जुड़ती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काल में अलग-अलग देवताओं का महत्व रहा है। हमारी भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को प्रथम स्थान दिया गया है। इतनी लागत के होंगे निर्माण कार्य अशोकनगर में सांदीपनी शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय महिदपुर (लागत 29.45 करोड़), मोहन पुर लिधोरा मार्ग से किर्राया सड़क (लागत 1.26 करोड़), मुंगावली चंदेरी मार्ग से डुंगासरा तक सड़क निमार्ण (लागत 25 लाख रुपये), नदी पर उच्‍च स्‍तरीय पुल निमार्ण (लागत 7.06 करोड़ रुपये), 30 बिस्‍तरीय सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र भवन राजपुर (लागत 10.94 करोड़ रुपये), आंगनवाड़ी भवन निर्माण ग्राम खैरोना (लागत 95 लाख रुपये), पंचायत भवन निमार्ण कजराई (लागत 2 लाख 25 हजार रुपये), शासकीय गणेश शंकर विद्यार्थी महाविद्यालय (लागत 5.42 करोड़ रुपये), 100 बिस्‍तरीय बालिका छात्रावास मल्‍हारगढ़ (लागत 1.78 करोड़ रुपये), प्राथमिक शाला भवन अथाई घाट (लागत 43 लाख रुपये) का लोकार्पण हुआ। इसके अलावा मां जानकी करीला धाम परिसर में वीआईपी दर्शन एप्रोच मार्ग (लागत 6.50 लाख रुपये), सीता रसोई के पास हट निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), टीनशेड निर्माण (लागत 2.5 लाख रुपये), हेलीपेड-रोड निर्माण (लागत 15 लाख रुपये), वीआईपी पार्किंग के लिए रैंप निर्माण (लागत 5 लाख रुपये), पानी टंकी निर्माण (लागत 40 लाख रुपये), पेयजल के लिए नए 5 हैंडपंप (लागत 89 लाख रुपये) का लोकार्पण भी हुआ।  

तरनतारन में दो मासूमों की मौत: अचानक बीमार पड़े भाई-बहन, अस्पताल में तोड़ा दम

तरनतारन (पंजाब) पंजाब के तरनतारन में छह और नौ साल के भाई बहन की मौत हो गई। दोनों बच्चों की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। तरनतारन में संदिग्ध हालात में सगे भाई-बहन की मौत हो गई। दोनों ने शनिवार रात 6 बजे मोमोज व चाप खाए थे। करीब 10 बजे दोनों की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।   शहर की डीएसपी वाली गली में रहने वाले 40 वर्षीय विशाल व उनकी 36 साल की पत्नी नेहा के दो ही बच्चे थे। उन दोनों की एक साथ मौत से परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू से जांच कर रही है। बताया गया कि शनिवार को विशाल के परिवार में सब कुछ सामान्य था। उनका 6 वर्षीय बेटा आरव और उसकी 9 वर्षीय बहन दानिका पूरी तरह से स्वस्थ थे। परिजन का कहना है कि बच्चों के जिद करने पर उनके पिता उनके लिए एक रेहड़ी से मोमोज और चाप लाए थे। दोनों बच्चों ने घर पर रात करीब 8 बजे चाप व मोमोज खाए। करीब 10 बजे के आसपास उनकी तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। परिजन का कहना है कि 10 दिन पहले आरव का जन्मदिन मनाया गया था। अब अचानक दोनों बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों की रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

रंग पंचमी उत्सव में भगदड़ जैसे हालात: उज्जैन की गेर में पटाखा फटने से 5 घायल

उज्जैन रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित गेर के दौरान रंगीन पटाखा फटने से 5 लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। धमाके से मची अफरा-तफरी में कुछ लोग नीचे गिर गए, जिससे पांच लोग घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।  

ग्राम बेतबेड़ा में 83.50 लाख के 14 विकास कार्यों का भूमिपूजन, वन मंत्री कश्यप ने दी सौगात

रायपुर वन मंत्री  कश्यप ने ग्राम बेतबेड़ा में 83 लाख 50 हजार रुपये के 14 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन प्रदेश के वन मंत्री  केदार कश्यप ने शनिवार को कोंडागांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बेतबेड़ा में 83 लाख 50 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत 14 विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि सरकार द्वारा क्षेत्र के समग्र विकास एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वन मंत्री  कश्यप ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या में महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में प्राचीन समय से महिलाओं को सम्मान देने की समृद्ध परंपरा रही है। सरकार की  जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश की महिलाएं सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत जीरामजी योजना प्रारंभ की गई है, जो ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने योजना के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से गांवों में आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। योजना के अंतर्गत अब 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध होगा तथा मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा बेरोज़गारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है। वन मंत्री  कश्यप ने परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आज हमारे पारंपरिक अनाज एवं वनोपज की मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य मती यशोदा कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती अनीता कोर्राम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत मुंगवाल में पंचायत भवन के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 5 लाख रूपए, ग्राम पंचायत चमई में कोकड़भाटा में जैतराम नेताम के खेत के पास 3 मीटर पुलिया निर्माण लागत 9 लाख रूपए, ग्राम पंचायत मड़ागांव में बावड़ी पटेलपारा में सांस्कृतिक भवन के पास 1.50 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बेतबेड़ा में मुख्य मार्ग जाने वाले रोड में लखूराम के खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बोरगांव अंतर्गत खंडम मार्ग में फूलसिंह के खेत के पास 1.5 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बोटीकनेरा अंतर्गत मांझीपारा फरसू घर के पास 1.50 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मड़ानार के बड़ेपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5 लाख रुपए, ग्राम पंचायत हथकली के हासेल में मुख्य मार्ग से गोट गोंदी पारा मानू खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत तुमड़ीवाल में आलवाड़पारा के बीच 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कुधूर में मुख्य मार्ग से चंडेला मार्ग में 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मटवाल में जटानाथ घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बड़े कुरूषनार के पुरन बेड़ापारा मार्ग में चिंतु लोहार घर के पास 3 मीटर पुलिया निर्माण लागत 9 लाख रूपए, ग्राम पंचायत मूलनार में इन्द्रू यादव के घर के पीछे 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए तथा ग्राम पंचायत नवागांव के खोड़सानार में पीलू घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

होली मिलन में दिखी कांग्रेस की रंगत: जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह को लगाया रंग

भोपाल देशभर की तरह एमपी में भी रंगपंचमी पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाई जा रही है। इंदौर की विश्व विख्यात गैर में हजारों लोग शामिल हुए। रंगपंचमी पर राजधानी भोपाल में भी श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में पंरपरागत चल समारोह निकाला गया जिसमें हुरियारों ने खूब रंग-गुलाल उड़ाया। ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की थाप पर लोग नाचते थिरकते आगे बढ़े। इधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने अपने निवास पर होली मिलन समारोह आयोजित किया। यहां कांग्रेसी मस्ती मूड में नजर आए, एक दूसरे को खूब रंग, गुलाल लगाया। रविवार को सुबह से ही रंगपंचमी का उत्साह नजर आने लगा था। श्री हिंदू उत्सव समिति के चल समारोह में पूरा रास्ता रंगों से रंग गया। इसमें कई झांकियां भी शामिल हुईं। एक झांकी में टी 20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की जीत की कामना करते हुए ट्रॉफी लेने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ हुआ। जुमेराती गेट, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवारा, घोड़ा नक्कास, छोटे भैया चौराहा, हनुमान मंदिर, गल्ला बाजार होते हुए हनुमानगंज थाना पर इसका समापन हुआ।   दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए रंगपंचमी के मौके पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने अपने भोपाल स्थित निवास पर होली मिलन समारोह आयोजित किया। इसके लिए एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेसियों व आमलोगों को बाकायदा आमंत्रित किया गया था। रंगों के इस पर्व को मनाने डी-13, 74 बंगला पर रविवार सुबह से ही बड़ी संख्या में कांग्रेसी आ जुटे थे। उत्साह और उल्लास के साथ एक दूसरे को रंग-गुलाल लगाया। प्रदेश के पूर्व सीएम वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी होली मिलन समारोह में शामिल हुए। जीतू पटवारी ने उन्हें भी रंगों से रंग दिया। होरी खेलत रघुवीरा की धुन पर लोग खूब नाचे। कांतिलाल भूरिया, अशोक सिंह सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने भी होली खेली।

प्राकृतिक खेती से बदली किस्मत, पूजा माहौरे बनीं ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा

भोपाल  कहते हैं मेहनत और सही दिशा में उठाया गया कदम जिंदगी की तस्वीर बदल देता है। छिंदवाड़ा जिले के ग्राम रोहनाकला की महिला किसान पूजा माहौरे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी बढ़ती लागत और घटती पैदावार से चिंतित रहने वाली पूजा आज प्राकृतिक खेती और पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और हर महीने लगभग 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। पति तरुण माहौरे के साथ मिलकर उन्होंने खेती को नया स्वरूप दिया और आज वे अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। जब खेती बनी चिंता का कारण पूजा माहौरे के पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग कर खेती करती थीं। लेकिन समय के साथ खेती की लागत बढ़ने लगी और मिट्टी की उर्वरता भी कम होने लगी। इससे खेती का लाभ घटता गया और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी। प्रशिक्षण ने बदली सोच इसी बीच कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के अंतर्गत उन्हें कृषि सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। यहां उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, पंचगव्य, निर्मास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक घोल तैयार करना और उनका उपयोग करना सीखा। प्रशिक्षण से मिली जानकारी को उन्होंने अपने खेतों में लागू किया और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा दिए। प्राकृतिक खेती से बढ़ी आमदनी आज पूजा माहौरे अपने खेत के लगभग एक एकड़ क्षेत्र में रसायन मुक्त सब्जियों की खेती कर रही हैं। उनकी सब्जियां पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण बाजार में उनकी मांग अधिक है। वे अपने उत्पाद प्राकृतिक जैविक हाट बाजार में बेचती हैं, जहां उन्हें अच्छा मूल्य मिलता है। सब्जियों की बिक्री से उन्हें लगभग 10 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। पशुपालन बना आय का मजबूत आधार प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पूजा माहौरे ने देसी गिर और साहीवाल नस्ल की 10 गायों का पालन भी शुरू किया। इन गायों के दूध की बिक्री से उन्हें लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। इस तरह खेती और पशुपालन के समन्वय से उनकी कुल अतिरिक्त आय लगभग 40 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। मेहनत को मिला सम्मान कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय मिलेट मेले में पूजा माहौरे ने प्राकृतिक और जैविक सब्जियों की दुकान लगाई, जिसे लोगों ने खूब सराहा। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें संयुक्त संचालक कृषि और उपसंचालक कृषि द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। महिलाओं के लिए प्रेरणा आज पूजा माहौरे अपने अनुभव साझा करते हुए आसपास के किसानों और महिलाओं को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि यदि किसान कम लागत वाली प्राकृतिक खेती और पशुपालन को अपनाएं तो खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है।  

मुख्य सचिव की बैठक: गृह रक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने की दिशा में कदम

जयपुर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को गृह रक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभाग की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गृह रक्षा विभाग के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की ​दीर्घकालीन परिकल्पना 'विकसित राजस्थान@2047' के अनुरूप गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को केवल आरक्षित सहायक बल के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें एक सक्रिय तकनीकी रक्षक और मुख्य धारा में एकीकृत सहायक बल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन में होमगार्ड की अग्रिम भूमिका को सुदृढ़ करने, जयपुर सहित प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन में उनकी संस्थागत एवं परिचालनात्मक भागीदारी बढ़ाने तथा नवीनतम तकनीकों के अनुरूप उनके प्रशिक्षण एवं क्षमता सर्वंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने विभाग की आईटी एवं सरंचना को सुदृढ़ करने एवं एचडीएमएस प्रणाली की कार्यात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे स्वयंसेवकों के नियोजन, प्रशिक्षण तथा सेवा प्रबंधन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार गृह रक्षा दल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में एक विश्वसनीय, सक्रिय एवं तकनीकी सक्षम सहायक बल के रूप में और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभा सकेगा। वी. श्रीनिवास ने विभागीय केडर रिव्यू, स्वयंसेवकों को देय शीतकालीन वर्दी वितरण प्रणाली में विद्यमान विसंगतियों के समाधान तथा विभाग में आईटी सेल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रगति पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन विषयों पर आगामी तीन माह के भीतर पुन: समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लिये जाएंगे।   बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल, संयुक्त शासन सचिव गृह (ग्रुप-7) सोविला माथुर, निदेशालय अधिकारीगणों सहित समस्त जिलों के गृह रक्षा कमांडेंट उपस्थित रहे।

नकल रोकने के इंतजाम फेल! MP बोर्ड परीक्षा में सबसे ज्यादा मामले मुरैना में, भोपाल दूसरे स्थान पर

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) की ओर से आयोजित कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा (MP Board Exam) शनिवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गई। इस परीक्षा में मध्यप्रदेश के करीब सात लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद अब विद्यार्थियों की निगाहें परिणाम घोषणा पर टिक गई हैं। अंतिम दिन हिंदी पेपर में नौ नकल प्रकरण परीक्षा के अंतिम दिन हिंदी विषय का पेपर आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेशभर में कुल नौ नकल प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें छिंदवाड़ा जिले में सबसे अधिक चार मामले सामने आए। इसके अलावा भोपाल और मुरैना में दो-दो तथा इंदौर में एक छात्र नकल करते हुए पकड़ा गया।   उड़नदस्तों की निगरानी में हुई कार्रवाई परीक्षा केंद्रों पर तैनात उड़नदस्तों और केंद्राध्यक्षों ने लगातार निगरानी रखी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कई स्थानों पर कार्रवाई भी की गई। मंडल ने इस वर्ष नकल रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और उड़नदस्तों की नियमित जांच के कारण नकल के मामलों पर काफी हद तक नियंत्रण रहा। पूरे परीक्षा सत्र के दौरान प्रदेशभर में कुल 71 नकल प्रकरण दर्ज किए गए। विद्यार्थियों ने बताया हिंदी पेपर आसान परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि हिंदी का प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल था। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से ही पूछे गए थे। छात्रों के अनुसार अच्छी तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए पेपर काफी आसान रहा। मुरैना में दो नकलची और पकड़े गए, 831 अनुपस्थित मुरैना जिले में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सबसे अधिक नकल प्रकरण मुरैना में दर्ज किए गए हैं। शनिवार को आयोजित हिंदी पेपर में भी दो नकलची पकड़े गए। जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया के अनुसार जिले के 54 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। इसमें 23,844 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 23,013 उपस्थित रहे, जबकि 831 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। अंबाह के प्राइवेट स्कूल टीसी जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दो छात्र नकल करते पाए गए, जिनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कमलेश कुमार भार्गव ने चार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया।

रोमांचक मुकाबले में बीपीसीएल की ओएनजीसी पर 4-3 से जीत, पीएससीबी हॉकी में आईओसीएल भी विजयी

पुणे 41वें पीएसपीबी इंटर-यूनिट हॉकी टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और रनर-अप इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शुक्रवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। पुणे के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में दूसरे दिन जीत के साथ टीम ने पूरे तीन-तीन प्वाइंट्स हासिल किए। इस जीत के साथ, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) छह प्वाइंट्स (2 जीत) के साथ स्टैंडिंग में अकेली लीड पर आ गई, जबकि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) राउंड 2 मुकाबलों के बाद तीन प्वाइंट्स (1 जीत) के साथ ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के साथ दूसरे स्थान पर है। इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) लगातार अपना दूसरा मैच हार गई है। इस टीम ने खाता नहीं खोला है। शुक्रवार को, बीपीसीएल ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) पर 4-3 से जीत दर्ज की। बीपीसीएल ने गेम की शुरुआत एक गोल (0-1) से पीछे रहकर की, जब गुरजोत सिंह (17′) ने ओएनजीसी के लिए एक फील्ड गोल किया। इसके बाद, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तीन गोल किए, जिसमें 2002 ओलंपिक मेडलिस्ट वरुण कुमार (22′) का पेनाल्टी कॉर्नर पर किया गया बराबरी का गोल (1-1) शामिल था और इसके बाद 2012 ओलंपियन तुषार खांडेकर (37′) और विश्वास जी (45′) की कोशिशों से दो और फील्ड गोल करके अपनी टीम बीपीसीएल को 3-1 से लीड दिलाई। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) की तरफ से जगवंत सिंह (52′) ने गोल करके अंतर कम किया। हालांकि, मौजूदा इंडिया इंटरनेशनल राजिंदर सिंह (56′) ने एक और गोल करके बीपीसीएल के लिए स्कोर 4-2 कर दिया। दूसरे आखिरी मिनट में, ओएनजीसी ने अपना तीसरा गोल किया जब बिकाश टोप्पो (59′) ने स्कोर 3-4 कर दिया। दिन के दूसरे मैच में, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) को 2-0 से हराया। रोशन मिंज (14′) और सुनील यादव (54′) के दोनों हाफ में किए गए एक-एक गोल की मदद से आईसीसीएल को पूरे प्वाइंट्स मिले।  

महिलाओं ने मुक्त कंठ से की सीएम योगी की प्रशंसा, महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री योगी को बताया बहन-बेटियों का रक्षक

लखनऊ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 और राज्यस्तरीय महिला सम्मान समारोह में नारी सम्मान, सशक्तीकरण और रोजगार का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुक्त कंठ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी यूपी की शान हैं। सीएम योगी ने जिस तरह महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी, अत्यंत सराहनीय: आनंदी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित हुईं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आनंदी अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वर्ष 2017 के बाद से मुख्यमंत्री ने जिस तरह महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी प्रदेश सरकार मातृशक्ति की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी। महिला पुलिसकर्मियों ने कहा, अब प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद पुलिस निरीक्षक नीलम राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिला कल्याण और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐसी मिसाल कायम की है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। आज प्रदेश की महिलाएं अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही हैं। मुख्य आरक्षी वेदवती ने मुख्यमंत्री को बहन-बेटियों का रक्षक बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम अत्यंत सराहनीय हैं। मुख्य आरक्षी शिमला सिंह ने कहा कि योगी सरकार में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें समाज में सम्मान भी मिल रहा है। महिलाओं की भागीदारी से ही समाज का समग्र विकास संभव कार्यक्रम में सीएम योगी ने नवचयनित मुख्य सेविकाओं को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नियुक्ति पत्र पाने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कानपुर की गुंजा गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हमें योगी आदित्यनाथ जैसे मुख्यमंत्री मिले हैं। हम भी प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना चाहते हैं। कानपुर की ही स्मृति कपूर ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर इससे बड़ा उपहार क्या हो सकता है कि हमें मुख्यमंत्री के साथ यह दिन मनाने का अवसर मिला। लखनऊ की सुनयना कुमारी ने कहा कि योगी सरकार में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। यहां जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता और पात्रता के आधार पर अवसर दिए जाते हैं। कन्नौज की रीता वर्मा बोलीं कि अब समय बदल गया है। आम जनता की सुनवाई होती है और हमें ऐसे मुख्यमंत्री मिले हैं जो जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लेते हैं। लखनऊ की अंजुम फातिमा ने कहा कि योगी सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिसकी जितनी योग्यता है, उसे उतना ही महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।