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विभागीय समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने मंगलवार को, भोपाल में मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक लेकर, विभिन्न विभागीय विषयों के अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय, संकाय उन्नयन एवं विधि महाविद्यालय से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने नवीन संकाय एवं स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ करने के संबंध में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री  परमार ने प्रदेश में संचालित शासकीय विधि महाविद्यालयों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर निर्देशित किया कि समस्त मानकों की पूर्ति करते हुए बीसीआई से मान्यता प्राप्त करने एवं विश्वविद्यालयो से संबद्धता प्राप्त करने की कार्यवाही आगामी सत्र प्रवेश प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में विश्वविद्यालयों से उच्च स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने को भी कहा। मंत्री  परमार ने निर्देशित किया कि जन प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले प्रस्तावों पर, समय-सीमा में परीक्षण कर प्रावधान अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति से अनिवार्यतः अवगत भी कराया जाए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि महाविद्यालय में छात्र संख्या के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत शैक्षणिक पदों का युक्तियुक्तकरण किया जाए एवं प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को अनुमति के लिये प्रेषित किया जाए जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो सके। मंत्री  परमार ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर

लखनऊ 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के माध्यम से योगी सरकार ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान कर युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को नए पंख देने का काम कर रही है। इसी योजना का लाभ लेकर योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को लखनऊ की रहने वाली खुशी गुप्ता ने धरातल पर उतारकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंने न सिर्फ ब्यूटी बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान खुशी गुप्ता ने बताया कि वे लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं। उनकी मेकअप और ब्यूटी पार्लर में रुचि है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स भी किया। उनको 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' योजना के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर योजना की जानकारी ली और एक हफ्ते का उद्यमिता प्रशिक्षण भी लिया। इस योजना के तहत उनको 4.5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह पूरी तरह ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त था। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने से सैलून का इंटीरियर और वेंडर्स का भुगतान किया। लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में 2025 में ‘ग्लैम हाउस’ के नाम से यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी की शुरुआत की। खुशी आज न सिर्फ हर महीने लाखों रुपए कमा रहीं है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहीं हैं।   ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से प्रदेश के युवा बन रहे उद्यमी  योगी सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रही है। योजना के तहत ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाती है। आज खुशी जैसी प्रदेश की हजारों महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रहीं हैं। खुशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

अफगानिस्तान मुद्दे पर खरगे का बड़ा बयान, कहा– पाकिस्तान की हरकतों का वैश्विक स्तर पर विरोध जरूरी

नई दिल्ली कांग्रेस ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हवाई हमले की मंगलवार को निंदा की और कहा कि इस तरह की बर्बरता को विश्व स्तर पर दृढ़ता से खारिज किया जाना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस अफगानिस्तान के उन परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करती है जिन्होंने अपने प्रियजन को खोया है। उन्होंने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ''हम काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले के बाद जानमाल की भीषण क्षति से बहुत व्यथित हैं। इसमें लगभग 400 लोग मारे गए।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''हम मानवता के खिलाफ ऐसे कृत्यों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। इस तरह की बर्बरता को विश्व स्तर पर दृढ़ता से खारिज किया जाना चाहिए और भारत को खुलकर अफगानिस्तान का समर्थन करना चाहिए।' उन्होंने कहा, ''भारत, अफगानिस्तान के लोगों के साथ लंबे समय से मित्रता और सद्भावना का रिश्ता साझा करता है। इस कठिन क्षण में, हम अपने अफगान पड़ोसियों के साथ सहानुभूति जताते हैं और उनके राष्ट्र के लिए शांति और स्थिरता की कामना करते हैं।'' काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तानी हवाई हमले में 400 लोगों की मौत हो गई। अफगानिस्तान के सरकारी उप प्रवक्ता ने मंगलवार सुबह यह जानकारी दी। पाकिस्तान ने जिस अस्पताल पर हमला किया है वहां नशे के आदी लोगों का इलाज किया जाता था। अफगान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''सोमवार रात हुए हमले में अस्पताल का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है। हमले में 400 लोग मारे गए हैं, जबकि 250 लोग घायल हुए हैं।'' भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले को कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत सोमवार की रात काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर पाकिस्तान के बर्बर हवाई हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों की जान चली गई। इस अस्पताल को किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किया गया यह घृणित आक्रमण अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला है और क्षेत्रीय शांति तथा स्थिरता के लिए सीधा खतरा है। यह पाकिस्तान के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी आंतरिक विफलताओं को सीमा पार हिंसा के बढ़ते हिंसक कृत्यों के माध्यम से छिपाने के बार-बार किए जाने वाले प्रयासों को दर्शाता है।

रीवा जिले की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रूपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रूपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। "मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम" को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा। पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय,गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।  

बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को प्रदान की नई ऊंचाइयां: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।  समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मैदान में शतक, क्लास में औसत: कप्तान सूर्या ने खुद खोला पढ़ाई का राज

नई दिल्ली सूर्यकुमार यादव को भले ही पढ़ाई में बहुत अधिक सफलता नहीं मिली लेकिन क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने आखिरकार 80 प्रतिशत अंक हासिल कर लिए हैं। सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने हाल में टी20 विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। इस जीत का भरपूर आनंद ले रहे सूर्यकुमार का भारतीय कप्तान के रूप में जीत का रिकॉर्ड 80 प्रतिशत है। मुंबई के रहने वाले सूर्यकुमार स्वाभाविक रूप से अपने इन आंकड़ों से बेहद खुश थे, क्योंकि शिक्षा ग्रहण करते समय वह कभी इतने अधिक नंबर लेकर नहीं आए थे। 'मैं 50-60 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया' सूर्यकुमार ने 2024 में टी20 कप्तान का पद संभालने के बाद लगातार सफलता हासिल की। उनकी अगुवाई में भारत ने अभी तक जो 52 मैच खेले हैं उनमें से 42 मैच में उसे जीत मिली है। सूर्यकुमार ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ''मुझे लगता है कि स्कूल और कॉलेज में मैंने जो प्रतिशत हासिल करने की कोशिश की वह अब मुझे क्रिकेट में मिल रही है।'' उन्होंने कहा, ''वहां (स्कूल या कॉलेज में) मैं कभी 50-60 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। लेकिन यह (जीत की दर 80 प्रतिशत) सुनकर वास्तव में बहुत अच्छा लग रहा है। मैं वैसे आंकड़ों पर बहुत ज्यादा गौर नहीं करता हूं लेकिन किसी को भी किसी भी खेल में हारना पसंद नहीं होता और मुझे भी जीतना पसंद है।'' सूर्यकुमार के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे सूर्यकुमार के पिता अशोक कुमार यादव भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। लेकिन सूर्यकुमार का कभी पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगा और उनके परिवार ने क्रिकेट में उनके सपनों को साकार करने के लिए पूरा सहयोग दिया। उन्होंने कहा, ''मेरे परिवार ने मुझे पढ़ाई में अच्छा करने के लिए बहुत प्रेरित किया लेकिन कुछ समय बाद ही उन्हें समझ में आ गया कि इस लड़के को पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं है। यह लड़का उनके हाथ नहीं आएगा।'' 'अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर हम…' सूर्यकुमार ने कहा, ''लेकिन उन्होंने खेल में मेरा हमेशा समर्थन किया क्योंकि उन्होंने पाया कि इसमें मुझे पूरा आनंद आ रहा है और मुझे खेलना पसंद है। इसलिए उन्होंने कहा, 'ठीक है, जाओ खेलो। अगर कुछ हासिल नहीं होता है तो फिर ख्याल रखने के लिए हम तो हैं ही।'' हमेशा मुस्कुराते रहने वाले इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालांकि ऐसी नौबत नहीं आने दी जिससे कि उन्हें 'प्लान बी' का सहारा लेना पड़े।

धान के बजाय मक्का से बढ़ा मुनाफा : किसान मालती मोहन बने उन्नत खेती की मिसाल किसान मालती मोहन

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम काडरो के किसान श्री मालती मोहन के रूप में सामने आया है। पूर्व में ग्रीष्मकालीन धान की खेती करने वाले कृषक श्री मालती मोहन ने इस बार कृषि विभाग के मार्गदर्शन में बदलाव करते हुए 2 एकड़ भूमि में मक्का फसल की खेती की। इस नवाचार से उन्हें बेहतर उत्पादन के साथ 88 हजार 200 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। किसान ने बताया कि मक्का की खेती में कुल 11 हजार 800 रुपये का खर्च आया, जिसमें बीज, खाद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। मक्का की बिक्री से उन्हें लगभग 1 लाख रुपये की आय हुई, जिससे अच्छी-खासी शुद्ध कमाई संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि धान की तुलना में मक्का की खेती में कम पानी और कम लागत लगती है, जबकि लाभ अधिक प्राप्त होता है। श्री मालती मोहन ने बताया कि ग्रीष्मकालीन धान की खेती में अधिक पानी की आवश्यकता होती है और लागत भी ज्यादा आती है, जबकि मक्का एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आया है। इस बदलाव से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि जल संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। किसान ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उनकी यह सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जो अब धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

कारोबार करना होगा आसान! चंडीगढ़ में नया एक्ट लागू, सरकारी कामकाज में आएगी तेजी

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन शहर में कारोबार को और आसान बनाने के लिए जल्द एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पंजाब की तर्ज पर जल्द ही इज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट लागू करने की तैयारी है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बड़ी राहत मिलेगी। उद्योग विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मसौदा तैयार किया जा रहा है और एक्ट को अगले महीने लागू कर दिया जाएगा। इससे उद्योगों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को सरकारी प्रक्रियाओं में होने वाली देरी और जटिलताओं से छुटकारा मिलेगा। व्यापार शुरू करने, लाइसेंस प्राप्त करने, भवन अनुमति, प्रदूषण से संबंधित मंजूरी, बिजली और पानी कनेक्शन जैसी कई प्रक्रियाएं सरल हो जाएंगी और पारदर्शी आएगी। तय समय सीमा के भीतर अनुमति या सेवा प्रदान करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी। प्रस्तावित एक्ट के तहत नए एमएसएमई उद्यमों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर सर्टिफिकेट ऑफ इन-प्रिंसिपल अप्रूवल जारी किया जाएगा। यह प्रमाणपत्र तीन वर्ष छह माह तक मान्य रहेगा और इस अवधि में उद्यमों को कई तरह की नियामकीय मंजूरियों और नियमित निरीक्षणों से छूट मिलेगी। प्रशासन इस एक्ट को डीरेगुलेशन 2.0 नामक व्यापक सुधार कार्यक्रम के साथ लागू करेगा। भूमि उपयोग, निर्माण, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं से जुड़े कई नियमों को सरल बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह सुधार मार्च से सितंबर 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे और सभी विभागों को समयबद्ध लक्ष्य दिए गए हैं। सीएलयू की अनिवार्यता समाप्त किया जाएगा सुधारों के तहत चेंज इन लैंड यूज की अनिवार्यता समाप्त करने का भी प्रस्ताव है। इससे जमीन मालिकों, खासकर किसानों को लंबी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। साथ ही भूमि उपयोग योजना में परमिटेड अनटिल प्रोहिबिटेड सिद्धांत अपनाने की योजना है, जिसके तहत मास्टर प्लान तैयार होने तक भी निर्माण संबंधी अनुमतियां दी जा सकेंगी। औद्योगिक क्लस्टरों में औद्योगिक भूमि उपयोग को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जाएगा और एमएसएमई के लिए विशेष प्रविधान किए जाएंगे। इन बदलावों को 30 जून 2026 तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को तेजी देने के लिए बिल्डिंग परमिट प्रक्रियाओं को सरल किया जाएगा और अग्नि सुरक्षा मानकों को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार तार्किक बनाया जाएगा। यह सुधार 31 मई 2026 तक लागू करने की योजना है, जिससे बिल्डरों और संपत्ति मालिकों को मंजूरियां जल्दी मिल सकेंगी। कई अहम फैसले प्रस्तावित व्यापारियों और उद्यमियों के लिए भी कई अहम फैसले प्रस्तावित हैं। 30 अप्रैल 2026 तक डुअल लाइसेंसिंग व्यवस्था खत्म करने, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े नियमों को उदार बनाने तथा लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत लाइसेंस प्रक्रिया को सरल करने की योजना है। औद्योगिक क्लस्टरों में मंजूरियों के लिए राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण को एकल नोडल एजेंसी बनाया जाएगा, जबकि एमएसएमई को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर पूर्व-स्थापना मंजूरी दी जाएगी और नियमित निरीक्षणों से संरक्षण मिलेगा। इसके अलावा प्रशासन ने 31 मार्च 2026 तक बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज करने का लक्ष्य भी तय किया है, जिससे नए घरों और कारोबारियों की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का समाधान हो सके। पर्यावरण मंजूरी के लिए पोर्टल किया जाएगा अपलोड पर्यावरण मंजूरियों को तेजी से देने के लिए राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति और राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण की बैठकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त वन और गैर-वन भूमि का एक लैंड बैंक बनाकर उसे पारदर्शिता के लिए पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी नियामकीय ढील देने की योजना है। निजी स्कूलों और विश्वविद्यालयों के लिए न्यूनतम भूमि स्वामित्व की अनिवार्यता हटाई जाएगी, जबकि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए बुनियादी ढांचे और एंडोमेंट फंड से जुड़े नियमों को 31 जुलाई 2026 तक तार्किक बनाया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में 30 जून 2026 तक डाॅक्टरों के पंजीकरण और एनओसी प्रक्रिया को सरल करने तथा सभी स्वास्थ्य लाइसेंस के लिए एकल नोडल एजेंसी नियुक्त करने की योजना है। डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सेवाओं की समय सीमा घटाई जाएगी और राइट टू सर्विसेज के तहत आटो-अपील व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे तय समय में सेवा न मिलने पर आवेदन स्वतः उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल विश्वास आधारित शासन और तकनीक आधारित सेवा वितरण की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे लोगों और निवेशकों को होने वाली अनावश्यक परेशानियां कम होंगी तथा चंडीगढ़ में कारोबार और निवेश का माहौल बेहतर होगा।  

सिंहस्थ-2028 में आने वाले सभी श्रद्धालु होंगे हमारे अतिथि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को उज्जैन में 662 करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित नगर विकास योजनाएँ, सिंहस्थ-2028 संबंधी कार्य एवं गीता भवन का भूमि-पूजन शामिल है। राज्यपाल  पटेल ने कहा है कि उज्जैन विकास की 662 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का भूमि-पूजन केवल अवसंरचनाओं का निर्माण मात्र नहीं है। यह उज्जैन के गौरवशाली भविष्य और सांस्कृतिक एवं अभ्युदय का शंखनाद है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समर्थ, समृद्ध और सशक्त विकसित भारत के दिव्य संकल्प की सिद्धि का प्रतीक भी है। उन्होंने त्रिवेणी विहार में इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर 'गीता भवन' निर्माण के निर्णय के लिए डॉ. मोहन यादव की सरकार को बधाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में भूमि-पूजन और विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन किया गया। शुरूआत में राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से बनने वाले ये निर्माण कार्य केवल कंक्रीट के ढाँचे नहीं होंगे, बल्कि उज्जैन के नये ‘स्वर्ण युग’ की आधारशिला हैं, जो दुनिया के सामने सुनियोजित विकास के प्रतीक बनेंगे। इन विशाल निर्माण कार्यों और उत्कृष्ट नगरीय सुविधाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाखों लोग महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैचारिक परिवर्तन का नया दौर शुरू हो गया है, अब हम सबका लक्ष्य और संकल्प विकसित भारत ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल एवं विद्युत संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता की सुविधाएँ और सेवाओं की उपलब्धता के द्वारा उज्जैन की आदर्श आध्यात्मिक पर्यटन गंतव्य के रूप में पहचान बनाने में उज्जैनवासियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि गीता भवन निर्माण हमारी भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों के बीजारोपण और सनातन ज्ञान-पुंज को सम्पूर्ण विश्व में आलोकित करने का दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी कदम है। गीता भवन युवाओं, शोधार्थियों और नागरिकों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, दर्शन और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, जो समाज में भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों की मजबूती और विस्तार में सहयोगी होगा। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, कर्तव्य बोध और मानव कल्याण का सर्वकालिक मार्गदर्शक ग्रंथ है। फल की इच्छा किए बिना कार्य करने वाले जीवन में सफल होते है। ‘भगवद् गीता’ के दर्शन का यह ज्ञान नई पीढ़ी में नैतिकता, अनुशासन और सकारात्मक विचारों के आधार को मजबूत बनाएगा। प्रदेश में सनातन परंपरा पुनउर्त्थान के सशक्त केंद्र के रूप में गीता भवन भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैचारिक संवाद को नई दिशा देने के माध्यम बनेंगे। ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का होगा वैश्विक-समागम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ‍सिंहस्थ-2028 सनातन संस्कृति का वैश्विक-समागम है। हमारा कर्तव्य, दायित्व और जवाबदारी सिंहस्थ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को गरिमापूर्वक सुविधाजनक दर्शन करने के प्रति है। सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आने वाला प्रत्येक व्यक्ति हमारा अतिथि होगा। सिंहस्थ-2028 का वैभव इस बार "भूतो न भविष्यति" को साकार करते हुए अद्वितीय होगा। राज्य सरकार के प्रयासों को भारत सरकार का साथ मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने 3 हजार 839 करोड़ की लागत से NH- 752 D के बदनावर-पेटलावद थांदला खंड को फोर लेन करने की स्वीकृति दी है। यह इस बात का प्रमाण है कि केंद्र और राज्य मिलकर सिंहस्थ-2028 को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधे जोड़कर विकास की नई धुरी बनेगा। राज्य सरकार ने सिहंस्थ-2028 महापर्व की भव्यता और जन सुविधाओं के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपए के कार्यों की ऐतिहासिक स्वीकृति दी है। वर्ष 2026-27 के बजट में सिहंस्थ के लिए 3060 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान रखा गया है, यह उज्जैन के भविष्य को बदलने का रोडमेप है। हम उज्जैन को सुविधा और शुचिता का ऐसा मॉडल बनाएंगे जो पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के साथ आधुनिकतापूर्वक कदम से कदम मिलाकर चलने का उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में गीता भवन सहित अन्य विकास कार्यों के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, हिन्दू नववर्ष की पावन बेला में उज्जैन को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ-2028 विकास कार्यों को समर्पित है, जो तय सीमा में पूर्ण होंगे। उज्जैन को 662 करोड़ 46 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी है। आज 77 करोड़ 14 लाख की लागत से गीता भवन की आधारशिला रखी गई है। इसके साथ ही 30 करोड़ 68 लाख की लागत से विक्रम नगर रेलवे ओवर ब्रिज और 11 सड़क निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 में किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। पशुपालन विभाग ने सवा साल में श्रेष्ठ कार्य करते हुए 25 प्रतिशत दूध उत्पादन बढ़ाया है। सभी पशुपालक इसके लिए बधाई के पात्र हैं। किसानों को 5 से 8 रुपए लीटर अधिक मूल्य का लाभ मिला है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। स्कूली बच्चों को आने-जाने के लिए साइकिलें, ड्रेस, किताबें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। टॉपर बच्चों को स्कूटी, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप की सौगात मिल रही है। अब प्रदेश के बच्चों को नवीन माता यशोदा योजना अंतर्गत स्कूलों में नि:शुल्क दूध के पैकेट मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन वह नगरी है, जहां सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली अतीत को जीवंत करते हुए आज 30वाँ दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ है। उज्जैन में भगवान कृष्ण … Read more

CM पद की रेस में नया मोड़: अशोक चौधरी का बयान—नौंवा फेल क्लेम करे तो निशांत क्यों पीछे?

पटना नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री पर बयानबाजी तेज हो गई है। अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता एवं नीतीश के करीबी मंत्री अशोक चौधरी ने इसमें ट्विस्ट दे दिया है। उन्होंने संकेत दिए कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार भी सीएम की रेस में हैं। निशांत ने पिछले दिनों ही राजनीति में कदम रखा और जेडीयू की सदस्यता ली थी। दूसरी ओर, चर्चा है कि नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में अपना पहला मुख्यमंत्री बना सकती है। बिहार में 5 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार शाम पटना में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या नीतीश के बेटे बिहार में एनडीए की नई सरकार में डिप्टी सीएम बनेंगे? इसके जवाब में अशोक चौधरी ने कहा- निशांत कहीं भी जा सकते हैं, स्काई इज द लिमिट। उन्होंने मीडिया से कहा कि आप निशांत को डिप्टी सीएम पर ही क्यों रोक रहे हैं, भविष्य में कहीं भी कुछ भी हो सकते हैं। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या निशांत मुख्यमंत्री बनेंगे, तो अशोक चौधरी ने कह दिया- क्यों नहीं बन सकते हैं? मंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "नौंवा फेल अगर अपने आप को क्लेम कर सकता है प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के लिए, तो जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई किया है वो क्यों नहीं क्लेम कर सकता है देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए।" मंत्री ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में आरजेडी का एक भी एमएलसी नहीं करेगा। राज्यसभा चुनाव में आरजेडी कैंडिडेट एडी सिंह की हार पर उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर जो व्यक्तिगत प्रहार करता है, तो जनता उन्हें उसी तरीके से जवाब देती है। बता दें कि नीतीश कुमार ने पिछले दिनों राज्यसभा जाने का ऐलान किया। 16 मार्च को हुए चुनाव में वे राज्यसभा चुनाव जीत भी गए। अब वे आने वाले दिनों में सीएम पद से इस्तीफा देंगे और बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। नीतीश के बाद एनडीए में बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इस पर अटकलबाजी चल रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बना सकती है, जबकि जेडीयू से किसी को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। नीतीश के राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद उनके बेटे निशांत कुमार भी राजनीति में आ गए। चर्चा यह भी चल रही है कि अप्रैल में बनने वाली एनडीए की नई सरकार में निशांत को डिप्टी सीएम जैसा कुछ बड़ा पद मिल सकता है। निशांत पेशे से इंजीनियर हैं। हालांकि, जेडीयू के अंदर निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लिए माहौल भी बनाया जा रहा है। निशांत जहां-जहां जा रहे हैं, वहां जेडीयू कार्यकर्ता उन्हें भावी सीएम के रूप में देख रहे हैं और नारेबाजी भी कर रहे हैं। अब मंत्री अशोक चौधरी के निशांत को लेकर आए बयान ने सूबे की सियासत में बिहार के नए सीएम की चर्चा में ट्विस्ट आ गया है।