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खेत में घुसा तेंदुआ हुआ बेकाबू, दौड़ते हुए पुलिसकर्मी पर हमला, मचा हड़कंप

धार ग्राम तोरनोद में शुक्रवार सुबह खेत में तेंदुआ दिखाई देने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। गेहूं की कटाई के दौरान अचानक तेंदुआ नजर आने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इ समें तेंदुआ खेतों में दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है, वहीं कुछ ग्रामीण वाहन से उसका पीछा करते नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वन विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद वन विभाग की टीम भी पहुंची और तेंदुए की तलाश शुरू की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। जानकारी के अनुसार सुबह करीब साढ़े दस बजे हार्वेस्टर चालक को सबसे पहले तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद आसपास के किसानों और ग्रामीणों को सूचना दी गई, जिससे मौके पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान नौगांव थाने के पुलिस जवान अनिल बीसी खेत में मौजूद थे। अचानक सामने से तेंदुए ने छलांग लगाई और उनके हाथ पर पंजा मार दिया। इससे उनके हाथ पर नाखून के निशान आ गए। हालांकि जवान ने डंडा लहराया तो तेंदुआ वहां से भाग गया। इसके बाद जवान को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया है और आगे भी डोज दिए जाएंगे। जल्द पकड़ा जाए तेंदुए को ग्रामीण प्रवीण चौहान, जितेंद्र, केशव आदि किसानों ने बताया कि गेहूं की कटाई के दौरान तेंदुआ खेत में छिपकर बैठा था। जब लोगों की भीड़ बढ़ी तो वह खेतों में इधर-उधर दौड़ने लगा। तेंदुआ काफी बड़ा और वयस्क था तथा संभवतः कालूखेड़ी या तिरला क्षेत्र के जंगल से यहां पहुंचा होगा। इससे पहले भी कुछ साल पहले क्षेत्र में तेंदुए के आने से दहशत फैल चुकी है।   ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।     उनका कहना है कि जब तक तेंदुआ नहीं पकड़ा जाएगा।     तब तक किसान खेतों में जाने से डरेंगे और गेहूं की कटाई प्रभावित होगी।     किसान अकेले खेत पर जाने से बच रहे हैं, जिससे काम में देरी हो सकती है। दो घंटे सर्चिंग के बाद भी नहीं मिला, बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए वनकर्मी वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक तेंदुए की तलाश करती रही। ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की गई, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया और भाग निकला। सर्चिंग के दौरान कुछ वनकर्मी बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण के नजर आए। ऐसे में यदि तेंदुआ हमला करता तो सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ सकता था, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बुलेट के शोर पर कार्रवाई: पंजाब में पटाखा साइलेंसर वालों पर शिकंजा, 50 चालान जारी

मोगा. पंजाब के मोगा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों, खासकर बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाया है। वीरवार को सुबह विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर दोपहिया वाहन चालकों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे गए। ट्रैफिक पुलिस प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह की अगुआई में चलाए गए इस अभियान के दौरान वाहन चालकों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। इस दौरान जिन चालकों के पास पूरे कागजात नहीं थे या जो अन्य नियमों की अनदेखी कर रहे थे, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई। ट्रैफिक प्रभारी ने बताया कि जिला पुलिस प्रभारी अजय गांधी और उप पुलिस आयुक्त ट्रैफिक गुरप्रीत सिंह के निर्देशों के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन जहां एक ओर असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में जुटा है, वहीं ट्रैफिक पुलिस भी सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय है। कल से जारी अभियान में 50 चालान काटे उन्होंने बताया कि बुधवार को पूरे दिन चले अभियान के दौरान करीब 30 वाहन चालकों के चालान किए गए थे। इसके बाद वीरवार को सुबह से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में नाकाबंदी कर जांच की गई, जिसमें 20 और वाहन चालकों के चालान काटे गए। इस तरह दो दिनों में कुल 50 चालान किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पटाखे की आवाज सुनी तो कटेगा चालान अभियान के दौरान विशेष रूप से उन बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्रवाई की गई, जिनके साइलेंसर से तेज पटाखे जैसी आवाज निकल रही थी। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट, अधूरे दस्तावेज और अन्य खामियों वाले वाहनों को भी नहीं बख्शा गया। ट्रैफिक प्रभारी सुखमंदर सिंह ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सभी लोग अपने वाहनों के जरूरी दस्तावेज पूरे रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी बुलेट मोटरसाइकिल के साइलेंसर से पटाखे की आवाज पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धान से मक्का की ओर बढ़ते कदम :फसलचक्र परिवर्तन से धमतरी के किसानों की बढ़ी आय, जल संरक्षण को मिली नई दिशा

रायपुर धान से मक्का की ओर बढ़ते कदम :फसलचक्र परिवर्तन से धमतरी के किसानों की बढ़ी आय, जल संरक्षण को मिली नई दिशा कभी धान की पारंपरिक खेती के लिए पहचाने जाने वाला धमतरी जिला अब कृषि नवाचार की नई मिसाल बनता जा रहा है। यहां के किसान फसलचक्र परिवर्तन अपनाकर कम पानी में अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बदलाव ने न केवल खेती की तस्वीर बदली है, बल्कि किसानों की सोच और संसाधनों के उपयोग में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया है।       जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल में फसलचक्र परिवर्तन को एक जन-अभियान का रूप दिया गया है। किसानों को जागरूक करने, प्रशिक्षण देने और निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयासों ने इस पहल को सफल बनाया है। कृषि विभाग की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद स्थापित किया, जिससे उनमें नई फसलों के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।        ग्राम गट्टासिल्ली तालपारा के किसान रामप्रकाश नेताम इस परिवर्तन के प्रेरक उदाहरण हैं। पहले वे केवल धान की खेती करते थे, लेकिन अब 3.5 एकड़ में मक्का की खेती कर बेहतर उत्पादन और आय अर्जित कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से उन्होंने उन्नत तकनीकों, कीट प्रबंधन और फसल देखरेख के बेहतर तरीकों को अपनाया है, जिससे उनकी खेती अधिक लाभकारी बन गई है।         रामप्रकाश जैसे सैकड़ों किसानों ने मक्का सहित अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है। खेतों में लहराती मक्का की फसल इस सकारात्मक बदलाव की सजीव तस्वीर प्रस्तुत कर रही है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ी है, बल्कि खेती का जोखिम भी कम हुआ है।         फसलचक्र परिवर्तन का पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों के कारण सिंचाई पर दबाव घटा है, जिससे जल संसाधनों का संरक्षण हो रहा है और भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिल रही है। साथ ही, विविध फसलों की खेती से भूमि की उर्वरता में भी सुधार हुआ है।       यह पहल केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की आय को स्थायी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। धमतरी में फसलचक्र परिवर्तन अब एक सफल शासकीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए कृषि नवाचार और सतत विकास का प्रेरणास्रोत बनेगा।

IPL के ‘वन-टीम हीरो’: कोहली का अनोखा रिकॉर्ड, टॉप-10 लिस्ट में 4 विदेशी खिलाड़ियों की एंट्री

नई दिल्ली आईपीएल 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है। डिफेंडिंग चैपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) से टक्कर होगी। आईपीएल में खिलाड़ियों की टीम बदलना आम बात है। हालांकि, कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी टीम चेंज नहीं की। चलिए, आपको आईपीएल में सिर्फ एक टीम के लिए खेलने वाले टॉप 10 क्रिकेटर के बारे में बताते हैं। लिस्ट में चार विदेशी हैं। कोहली के नाम अनोखा कमाल 2008 में आईपीएल की शुरुआत से स्टार बल्लेबाज विराट कोहली आरसीबी का हिस्सा हैं। उनके नाम अनोखा कमाल है। वह आईपीएल में एक ही फ्रेंचाइजी की ओर से सभी सीजन खेलने वाले इकलौते क्रिकेटर हैं। वह 267 आईपीएल मैच खेल चुके हैं। उन्होंने लंबे अरसे तक आरसीबी की कमान संभाली लेकिन बतौर कप्तान कभी ट्रॉफी नहीं जीत सके। रजत पाटीदार की अगुवाई में आरसीबी ने 2025 में खिताबी सूखा समाप्त किया। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर आईपीएल में एक ही टीम से खेले। वह 2008 से 2013 तक मुंबई इंडियंस (एमआई) की ओर से 78 मैचों में मैदान पर उतरे। मलिंगा और पोलार्ड MI में ही रहे श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा और वेस्टइंडीज के पूर्व ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड मुंबई इंडियंस में ही रहे। मलिंगा ने 2009 से 2019 तक 122 मुकाबले खेले। पोलार्ड ने 2010 से 2022 तक 189 मैचों में एमआई का प्रतिनिधित्व किया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शॉन मार्श ने किंग्स इलेवन पंजाब के लिए 71 मैच खेले। किंग्स इलेवन पंजाब अब पंजाब किंग्स के नाम से जानी जाती है। वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए खेल रहे हैं। वह 189 आईपीएल मैच खेल चुके हैं। धाकड़ पेसर जसप्रीत बुमराह आईपीएल में सिर्फ मुंबई की ओर से खेले हैं। उन्होंने 2013 में आईपीएल डेब्यू किया था। बुमराह ने 145 आईपीएल मैच खेले हैं। ऋतुराज गायकवाड़ चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रियान पराग राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की कमान संभालेंगे। दोनों ने आईपीएल में कभी टीम नहीं बदली। गायकवाड़ ने 71 और पराग ने 84 आईपीएल मैच खेले हैं। IPL में सिर्फ एक टीम के लिए खेलने वाले टॉप 10 क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर – मुंबई इंडियंस विराट कोहली – रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु लसिथ मलिंगा – मुंबई इंडियंस कीरोन पोलार्ड – मुंबई इंडियंस शॉन मार्श – किंग्स इलेवन पंजाब सुनील नरेन – कोलकाता नाइट राइडर्स जसप्रीत बुमराह – मुंबई इंडियंस ऋतुराज गायकवाड़ -चेन्नई सुपर किंग्स पृथ्वी शॉ – दिल्ली कैपिटल्स रियान पराग – राजस्थान रॉयल्स

बड़ा प्रशासनिक फैसला: सीवरेज सफाई बिना परमिशन नहीं, भू-राजस्व संशोधन बिल भी पास

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए. उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए. इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए. साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए. विनियोग विधेयक प्रस्तुत – वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपए का व्यापक और जनोन्मुखी विनियोग विधेयक प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत खाका सामने रखा. विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के 3 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार इस बजट को सरकार ने “संकल्प आधारित बजट” बताया है, जो राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित – विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित हुआ. इस विधेयक पर विपक्ष ने आपत्ति की. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा, बिना वित्तीय पत्रक के विधेयक को पारित करना ठीक नहीं है. संशोधक विधेयक के प्रावधान से वित्तीय हानि की संभावना है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा, वित्तीय हानि नहीं होगी. विधेयक के लिए वित्तीय पत्रक की आवश्यकता नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का होली मिलन समारोह संपन्न

बिलासपुर भारतीय जनता युवा मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर के शहनाई गार्डन मे आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुआ इस अवसर पर मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के यशश्वी मुख्यमंत्री माननीय विष्णुदेव साय जी एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरण सिंहदेव जी सहित मंत्रीगण, भाजपा नेतागण उपस्थित रहें.  *शानदार होली मिलन कार्यक्रम के आयोजन के लिये ऊर्जावान भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा प्रदेश महामंत्री जितेंद्र देवांगन कुणाल ठाकुर उपाध्यक्ष गौरी गुप्ता सनी केसरी जी आयुष सिंह आलिंद तिवारी जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता जिला महामंत्री केतन वर्मा राजकमल कश्यप महर्षि बाजपेई भानु श्रीवास अमर राजपूत पृथ्वी श्रीवास शुभम यादव गुलशन खांडेकर गौरव मिश्रा अमन सोनी  सिद्धार्थ त्रिवेदी शुभम मिश्रा आयुष चतुर्वेदी.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, विक्रमादित्य के सुशासन आदर्श 2 हजार साल बाद भी प्रासंगिक

विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का पर्व है नव संवत्सर मुख्यमंत्री ने की ब्रह्म ध्वज की स्थापना, नवसंवत्सर पर्व पर सभी के लिए की मंगलकामना रवीन्द्र भवन में हुआ कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम सम्राट विक्रमादित्य नाटक का हुआ मंचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे। उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। विक्रमोत्सव-2026 के आयोजन में निहित भावों और इसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात्र किया। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। आज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव परिलक्षित होता है कि भारत राष्ट्र की सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज स्वस्फूर्त और अनुशासित समाज है। हमने हमेशा जियो और जीने दो सहित सबको लेकर चलने की भावना से जीना सीखा है। सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र को बढ़ावा दिया, इसी से लोकतंत्र के सूत्र हम भारतीयों के शरीर में रक्त की तरह प्रवाहित है और अब यह हमारे अस्तित्व की पहचान भी बन गया है। स्वागत उद्बोधन देते हुए विधायक श्रीभगवानदास सबनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं। वीर विक्रमादित्य की कर्मभूमि उज्जैन से देश में लोकतंत्र का दीप प्रज्ज्वलित हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उसी दीप को और अधिक प्रकाशमान बना रहे हैं। कार्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी नाट्य कलाकारों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति, कमिश्नर भोपाल डिवीजन श्री संजीव सिंह, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण एवं स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।  

मुझे हटाओ मत…: वर्ल्ड कप जीत के बाद अगरकर ने उठाया बड़ा दांव, BCCI क्या कदम उठाएगा?

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से अपने कार्यकाल को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की औपचारिक गुजारिश की है। दरअसल, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैम्प‍ियंस ट्रॉफी की खिताबी सफलता के बाद IPL 2025 से ठीक पहले अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाया गया था. अब घरेलू सरजमीं पर T20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के बाद उन्होंने अपने कार्यकाल को और लंबा करने की इच्छा जताई है। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुद्दे पर बोर्ड के अंदर शुरुआती स्तर पर चर्चा भी हो चुकी है. हालांकि, अंतिम फैसला अभी बाकी है. यह निर्णय ऐसे समय में लिया जाना है जब भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप के अहम चरण में है और साथ ही 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों का रोडमैप भी तैयार किया जा रहा है। अगरकर जून 2023 से मेंस सीनियर चयन समिति के चेयरमैन हैं. उनके कार्यकाल में भारत ने कुल तीन ICC खिताब अपने नाम किए हैं. दो T20 वर्ल्ड कप और एक चैम्प‍ियंस ट्रॉफी. यही नहीं टीम ने 2023 और 2025 एशिया कप भी जीते और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 33 में से सिर्फ दो मुकाबले गंवाए। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. भारत को घरेलू मैदान पर लगातार दो टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा, जबकि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी विदेशी जमीन पर हार मिली. इसी वजह से अगरकर के कार्यकाल की चमक थोड़ी फीकी भी पड़ी है। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिले हैं कि अगरकर की जगह लेने के लिए वेस्ट जोन का एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी रेस में आगे बताया जा रहा था, लेकिन फिलहाल इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। अब नजरें BCCI के फैसले पर टिकी हैं, क्या बोर्ड अगरकर की सफलता को देखते हुए उन्हें 2027 तक का भरोसा देगा या फिर सेलेक्शन कमेटी में बदलाव की राह अपनाएगा। टीम इंड‍िया की सेलेक्शन कमेटी में कौन-कौन? भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को जो लोग चुनते हैं, उनके सर्वेसर्वा यानी चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर हैं. वह जुलाई 2023 में टीम इंड‍िया के चीफ सेलेक्टर बने बने थे.  सेलेक्शन कमेटी में 2007 की वर्ल्ड चैम्प‍ियन टीम के सदस्य आरपी सिंह हैं, दूसरे द‍िग्गज प्रज्ञान ओझा हैं. आरपी और ओझा के अलावा सेलेक्शन कमेटी में शिव सुंदर दास और अजय रात्रा हैं।

सीएम भगवंत मान ने किया खुलासा, पंजाब में नहर सिंचाई 78 प्रतिशत तक पहुंची

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने चार साल में मौसमी नदियों से 10,000 क्यूसेक पानी निकालकर और खराब हो रहे नहर नेटवर्क को फिर से चालू करके खेतों तक भाखड़ा नहर के बराबर पानी की सप्लाई सुनिश्चित की है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि नहर सिंचाई का दायरा 2022 में 26.50 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। इसके तहत 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर जैसी लंबे समय से बंद पड़ी नहरों को फिर से चालू किया गया है। फिरोजपुर-सिरहिंद फीडर के जरिए 24 घंटे पानी की सप्लाई सुनिश्चित की गई है, और आजादी के बाद पहली बार 1,446 गांवों तक नहर का पानी पहुंचा है। मुख्यमंत्री मान ने यहां मीडिया के समक्ष पिछले चार वर्षों में सिंचाई क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा, "अप्रैल 2022 से अब तक नहरों की लाइनिंग, मरम्मत, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे ज्‍यादा खर्च है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में नहर सिंचाई की कुल क्षमता लगभग 75.90 लाख एकड़ है, लेकिन मार्च 2022 तक, केवल 20.89 लाख एकड़ जमीन तक ही नहर का पानी पहुंच रहा था, जो कुल क्षमता का महज 26.5 प्रतिशत था। सीएम मान ने कहा, "आज हमने इस दायरे को बढ़ाकर लगभग 58 लाख एकड़ तक पहुंचा दिया है, जिससे नहर के पानी का इस्तेमाल लगभग 78 प्रतिशत तक हो गया है। यह पहले के आंकड़े का लगभग तीन गुना है।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने राज्य में उपलब्ध नहर के पानी का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्तेमाल सुनिश्चित किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "हमने लगभग 13,000 किलोमीटर नहरों के निर्माण और जीर्णोद्धार पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसके कारण नहरों का पानी अब 58 लाख एकड़ भूमि तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही, लगभग 7,000 जलमार्गों का जीर्णोद्धार किया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "कुल 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 जलमार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अब कृषि के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों को भी नहर का पानी मिल रहा है।" मुख्यमंत्री मान ने एक महत्वपूर्ण ढांचागत सुधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार 545 किलोमीटर में फैली 101 परित्यक्त नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। इनमें से कई नहरें 30 से 40 वर्षों से बंद थीं और यहां तक कि मिट्टी से भर गई थीं। उन्होंने कहा, "हमने एक इंच भी जमीन अधिग्रहित किए बिना ही इन्हें बहाल कर दिया।" उन्होंने बताया कि केवल वर्षा जल निकासी चैनलों के पुनरुद्धार से ही अतिरिक्त 27 लाख एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। उन्होंने आगे कहा, "पुरानी नहर प्रणालियों को पुनर्स्थापित करके हमने यह सुनिश्चित किया कि अब खेतों तक अतिरिक्त 10,000 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। वास्तव में, हमने बिना किसी भूमि अधिग्रहण के एक नई भाखरा नहर का निर्माण किया है।"

कलेक्टर ने जनगणना की तैयारियों का लिया जायजा, 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना

कलेक्टर ने जनगणना की तैयारियों का लिया जायजा    प्रथम चरण में 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना  बिलासपुर जनगणना 2026-27 के तहत जिले में मकान गणना का कार्य 01 मई से शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिले के सकरी, नेवसा, रतनपुर एवं रानीगांव क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।     दौरे के दौरान कलेक्टर ने हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना से संबंधित की जा रही तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले डेटा संकलन की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।     निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उन्हें जनगणना के महत्व के बारे में अवगत कराया और इसमें सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है, इसमें दी गई प्रत्येक जानकारी भविष्य की योजनाओं को दिशा देती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में सहभागिता निभा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नागरिकों की निजी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाए। जिले में 01 मई से 30 मई तक हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जबकि जनसंख्या गणना का कार्य सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर मार्च 2027 तक संचालित होगा। जनगणना की तैयारियों के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है, जबकि फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 23 मार्च से शुरू हो रहा है।      दौरे के दौरान सहायक कलेक्टर श्री अरविंथ कुमारन, एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित थे।