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झारखंड में 250 किलो का मिसाइल बम बरामद, जिंदा विस्फोटक ने बढ़ाई चिंता, अमेरिका से जुड़ा मामला?

जमशेदपुर झारखंड के जमशेदपुर से बड़ी खबर सामने आई. जहां नदी किनारे भारी भरकम मिसाइल दिखने से सनसनी फैल गई. जब पुलिस ने जांच की, तो बम के जिंदा होने की पुष्टि की गई. यह अमेरिकन मिसाइल बताया जा रहा है. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया. उसे डिफ्यूज़ करने की तैयारी की जा रही है । जमशेदपुर के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब सुवर्णरेखा नदी किनारे बालू की खुदाई के दौरान एक विशाल जिंदा बम बरामद हुआ. यह घटना पानीपड़ा नागुड़साई गांव के पास की है. जहां ग्रामीण नदी किनारे बालू निकाल रहे थे. खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से लोहे का भारी गोलाकार वस्तु बाहर निकली, जिसे देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी । 250 किलो का है बम सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर सुरक्षित कर दिया गया. प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि यह कोई साधारण वस्तु नहीं बल्कि लगभग 500 पाउंड (करीब 227 से 250 किलोग्राम) वजनी अमेरिकी मिसाइल बम है, जो अभी भी जिंदा अवस्था में है. बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा बताया जा रहा है और उस पर ‘AN-M64’ मॉडल नंबर तथा ‘मेड इन अमेरिका’ अंकित है। बम निरोधक टीम को बुलाया गया पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने जानकारी दी कि बम अत्यंत शक्तिशाली और खतरनाक है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रांची से बम निरोधक दस्ता और सेना की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है, जो आज मौके पर पहुंचकर बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करेगी. बम निरोधक दस्ते ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि यह बम अत्यधिक विनाशकारी है और इसे केवल सेना की तकनीकी सहायता से ही निष्क्रिय किया जा सकता है। लंबे समय से बालू के नीचे दबा था विशेषज्ञों का मानना है कि यह बम संभवतः द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है और किसी कारणवश नदी के किनारे मिट्टी और बालू के नीचे दबा रह गया था. इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है. प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पोल्का डॉट साड़ी में तमन्ना का स्टाइल, ब्लाउज ने 70s ग्लैमर में ताजगी भर दी

मुंबई  रेट्रो ग्लैमर का अपना ही अलग अंदाज़ है और सबसे अच्छी बात? यह कभी फैशन से बाहर नहीं होता, बस वापसी के लिए सही समय का इंतज़ार करता है। और इस समय, तमन्ना भाटिया इस मौके का पूरा फायदा उठा रही हैं। तोरानी की डिज़ाइन की हुई शानदार साड़ी में, वह विंटेज ग्लैमर को पूरी तरह से अपना रही हैं, लेकिन एक नए और चंचल अंदाज़ के साथ। सबसे पहले, बोल्ड पोल्का डॉट्स आपका ध्यान खींचते हैं। साड़ी में सरसों पीला और गहरा गुलाबी जैसे विपरीत रंगों का मेल है। इस पर बड़े-बड़े काले डॉट्स की लेयरिंग की गई है जो बॉलीवुड प्रिंट्स और 70 के दशक के फैशन की याद दिलाती है। यह बोल्ड और बेबाक है – तमन्नाह के स्टाइल से पूरी तरह मेल खाती है। यह साड़ी पूरे लुक में सही मात्रा में नाटकीयता जोड़ रही है। इसे साफ-सुथरा और पारंपरिक रखने के बजाय, साड़ी स्वतंत्र रूप से लहरा रही है, और पल्लू को इस तरह स्टाइल किया गया है जो किसी फिल्म की याद दिलाता है।  अगर साड़ी पूरे लुक की शुरुआत कर रही है, तो ब्लाउज सबका ध्यान खींच लेता है। यह स्लीवलेस, बैकलेस ब्लाउज है जो पीछे की तरफ एक सुंदर बो में बंधा हुआ है। यह ब्लाउज नारीत्व से भरपूर, थोड़ा चंचल और रेट्रो स्टाइल के साथ पूरी तरह मेल खाता है। ब्लाउज में पोल्का डॉट पैटर्न भी खूबसूरती से झलकता है, जो पूरे लुक को एक साथ बांधता है। यही मेल इस आउटफिट को खास बनाता है। यह आउटफिट इतना आकर्षक है कि तमन्ना ने स्टाइलिंग को न्यूनतम रखा। उन्होंने आउटफिट को भारी गहनों से नहीं सजाया। इसके बजाय, उन्होंने नाजुक चूड़ियाँ, आकर्षक अंगूठियाँ और हल्के झुमके चुने। उनके बाल मुलायम, घनी लहरों में स्टाइल किए गए हैं, जो एक तरफ से पार्ट किए गए हैं – जिससे एक पुराने जमाने का आकर्षण झलक रहा है। इससे पहले, अभिनेत्री को एक बेहद स्टाइलिश लुक में देखा गया था जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था। जी हां, यह सच है कि रेड कार्पेट आमतौर पर फ्लोर-लेंथ गाउन और सीक्वेंस से जुड़े होते हैं, लेकिन तमन्ना ने नाइकी x जैक्वेमस ला जुप लाउंज सेट पहनकर जलवा बिखेरा, जो बेहद ही शानदार लग रहा था। अभिनेत्री ने लाउंज सेट के साथ एक ट्रांसपेरेंट जैकेट पहनी, जिससे उनका ट्रेंड और भी बढ़ गया। उन्होंने एक स्टाइलिश सेलीन बैग भी चुना, जिससे उनके स्पोर्टी लुक में लग्जरी का सही स्पर्श जुड़ गया। स्टेटमेंट डायमंड नेकलेस, कई डायमंड रिंग्स, एक स्टाइलिश घड़ी और खूबसूरत ईयररिंग्स के साथ, तमन्नाह बेहद आकर्षक लग रही थीं। उनका लुक मॉडर्न, बोल्ड और बेहद फ्रेश था।

LPG नहीं तो मोबिल सही! सरायकेला में अनोखे तरीके से तैयार हो रहा गर्मा-गरम नाश्ता

सरायकेला. पूरे देश में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत से होटल और रेस्तरां ठप पड़े हैं। मिडिल ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन चरमरा गई है, तो वहीं सरायकेला के एक होटल मालिक ने बेकार पड़े पुराने मोबिल से चूल्हा जला लिया। न गैस, न लकड़ी, न कोयला फिर भी उनकी भट्टी धधक रही है और ग्राहकों को गर्मागर्म नाश्ता व खाना परोसा जा रहा है। होटल मालिक ने निकाला जुगाड़ पूरे कोल्हान के कई ढाबे, होटल व रेस्टोरेंट में ताले लटकने लगे हैं। कई जगह मेन्यू सीमित कर लकड़ी-कोयले पर निर्भरता बढ़ी है, तो कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया। लेकिन सरायकेला के इस होटल मालिक ने हार नहीं मानी। उन्होंने वाहनो से निकलने वाले पुराने मोबिल, बैटरी, पंखा व स्लाईन के पाइप का इस्तेमाल कर हीटिंग तकनीक से लौ पैदा कर ली, जिससे नाश्ता बनाना आसान हो गया। एके लीटर जले हुए मोबाइल से 45 मिनट तक भट्टी को आसानी से जलाया जा सकता है। ऐसे करता है काम स्नेक्स एंड चाट नामक होटल के मालिक जितेन कुमार ने बताया कि कॉमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से वे लोग परेशानी में पड़ गए थे। फिर उन्होंने अपने दिमाग का इस्तेमाल वाहनों से निकलने वाले खराब मोबिल को एक डिब्बे में डाला। डिब्बे के नीचे एक छेद किया और सलाईन चढ़ाने वाले पाइप को उस डिब्बे के छेद में लगाया और पाइप के दूसरे हिस्से को भट्टी से बाहर निकलने वाले एक पाइप में जाकर छोड़ दिया। उस पाइप के माध्यम से मोबिल जैसे ही भट्टी के पास पहुंचता है उसमें आग लगा दी गई। फिर इस आग को और बढ़ाने के लिए एक 12 बोल्ड का एक पंखा का इस्तेमाल किया गया। इस पंखे को चलाने के लिए एक 12 वोल्ट की बैटरी लगाई गई। पंखे की हवा एक पाइप के माध्यम से सीधे भट्टी के नीचे जल रही आग के पास जाती है और हवा के माध्यम से आग फैल कर भट्टी के ऊपर रखे कढ़ाई में समोसा, सहित अन्य खाद्य पदार्थ बनाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं एक पाइप के माध्यम से एक रेगुलेटर भी लगाया गया है, जो आग को कम बेसी करने में मदद कर रहा है।

नागरिकों को राहत: छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे निगम कार्यालय, टैक्स वसूली जारी

लुधियाना. नगर निगम लुधियाना ने शहरवासियों की सुविधा और सरकारी खजाने को भरने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पंजाब सरकार की ओर से साल 2025-26 का प्रॉपर्टी टैक्स 31 मार्च 2026 से पहले जमा करवाने पर ब्याज में दी जा रही छूट का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए निगम ने छुट्टियों के दौरान भी दफ्तर खुले रखने का हुक्म जारी किया है। कमिश्नर नगर निगम की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक, अब आने वाली सरकारी छुट्टियों और रविवार को भी निगम के सभी जोनल दफ्तर, पानी, सीवरेज, डिस्पोजल स्टाफ और सुविधा सेंटर आम दिनों की तरह ही काम करेंगे। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च की डेडलाइन नजदीक होने के कारण लोगों को टैक्स जमा करवाने में कोई दिक्कत न आए, इसलिए स्टाफ को मुस्तैद रहने को कहा गया है। आदेशों के अनुसार, मार्च महीने की बड़ी छुट्टियों जैसे ईदुल-फितर, शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी का शहीदी दिवस, रामनवमी और महावीर जयंती जैसे दिनों में भी दफ्तर पूरी तरह वर्किंग मोड में रहेंगे। हालांकि, इन छुट्टियों के दौरान काम करने वाले कर्मचारियों को अगले दिनों में छुट्टी एडजस्ट करने की अनुमति दी गई है। इन तारीखों पर भी खुला रहेगा नगर निगम निगम की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक 21 मार्च (ईदुल-फितर), 22 मार्च (रविवार), 23 मार्च (शहीदी दिवस), 26 मार्च (रामनवमी), 28 मार्च (शनिवार), 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) को भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। निगम अधिकारियों का कहना है कि लोग इस मौके का फायदा उठाएं और जुर्माने से बचने के लिए समय रहते अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाएं।

कठिन समय में कैसे जीतें जंग? जानिए चाणक्य नीति की 10 शक्तिशाली बातें

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। ऋण, शत्रु और रोग को समाप्त कर देना चाहिए चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है। चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

ई-चालान भुगतान में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल से OTC सिस्टम लागू, ऑनलाइन ट्रांसफर होगा डेटा

राजनांदगांव. जिला कोषालय अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार भौतिक चालानों की व्यवस्था समाप्त कर अब ई-चालान को बढ़ावा देने के लिए ओटीसी सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी. नई व्यवस्था के तहत सभी चालान अब केवल ऑनलाईन माध्यम से जमा के किए जाएंगे. इस संबंध में जिले सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को चालान जमाकर्ताओं को ई-चालान प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं. ओटीसी सुविधा अंतर्गत ई-चालान पोर्टल पर चालान भरते समय उसका डेटा सीधे बैंक को ऑनलाईन ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे बैंक स्तर पर दोबारा डेटा प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं रहेगी. बैंक काउंटर पर केवल ऑनलाईन जनरेटेड चालान, जिसमें ट्रेजरी रेफरेंस नंबर दर्ज होगा. इसके माध्यम से राशि जमा की जाएगी. एमआईएस के माध्यम से कोषालय में इसके बाद बैंक द्वारा यह जानकारी ऑनलाईन प्रस्तुत की जाएगी. इस नई व्यवस्था से डेटा प्रविष्टि में होने वाली त्रुटियों में कमी जाएगी और लेखांकन प्रक्रिया अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनेगी. ई-चालान पोर्टल के सर्च प्लान विकल्प के माध्यम से जमाकर्ता आसानी से चालान का प्रिंट निकाल सकेंगे. यह पहले भौतिक चालान में संभव नहीं था .

ओलावृष्टि और बारिश से 42 जिलों में फसलों की तबाही, 14 जिलों में आज भी जारी है खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट ली है कि हालात चिंताजनक बन गए हैं। India Meteorological Department (IMD) के अनुसार पिछले 72 घंटों से सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण पूरे प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज़ आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 42 जिलों में इसका असर साफ देखने को मिला है। शुक्रवार को कई शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में पारा अचानक 23.9°C तक पहुंच गया, जो एक ही दिन में 10.6 डिग्री की गिरावट दर्शाता है। मौसम में इस बदलाव ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन नुकसान कहीं ज्यादा हुआ। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ी है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं, केला, पपीता और संतरे जैसी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में खेत पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। तेज आंधी ने बढ़ाई तबाही बारिश के साथ चली तेज आंधी ने हालात और खराब कर दिए। आगर-मालवा में 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि सीहोर में 54 किमी और नरसिंहपुर में 46 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण फसलें टूटकर गिर गईं और खेतों में पानी भर गया। धार और खरगोन में सबसे ज्यादा नुकसान धार जिले के मनावर क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश से केले और पपीते की फसल पूरी तरह तबाह हो गई। एक किसान के करीब 2 हजार केले के पेड़ गिर गए, जिससे लाखों रुपए का नुकसान हुआ। वहीं खरगोन में तेज हवा से मक्का की फसल चौपट हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार थी, लेकिन मौसम ने पूरी मेहनत बर्बाद कर दी।  रायसेन में हाईवे पर बर्फ जैसी चादर रायसेन जिले में ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि नेशनल हाईवे पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई। सड़क पर जमी ओलों की चादर ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि यह नजारा देखने लायक था, लेकिन किसानों के लिए यह भारी नुकसान का संकेत बन गया। तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं इंदौर में 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की कमी आई है।  किसानों पर संकट, मुआवजे की मांग तेज बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। खड़ी और कटी दोनों फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान बढ़ गया है। कई किसान कर्ज में डूबने की आशंका जता रहे हैं और सरकार से जल्द मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।  आगे भी ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इससे जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता अभी कम होती नजर नहीं आ रही है। IMD ने शनिवार को 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जैसे जिले शामिल हैं, जहां तेज़ आंधी और बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 22 मार्च (रविवार) से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी बची फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में करीब 70 स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है, जबकि 11 जिलों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। अचानक बदले इस मौसम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे सभी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं।

9 साल में उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक बदलाव, एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक

नव निर्माण के 9 वर्ष: इंफ्रास्ट्रक्चर 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर का चेहरा, एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक ऐतिहासिक छलांग 2017 में सीमित संसाधनों से आज देश का लॉजिस्टिक्स हब बनने की ओर अग्रसर यूपी एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, जलमार्ग और औद्योगिक कॉरिडोर से विकास को नई रफ्तार निवेश, निर्यात और रोजगार के नए अवसरों के साथ भविष्य की मजबूत आधारशिला लखनऊ  वर्ष 2017 से पहले सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी चुनौतियों से जूझता उत्तर प्रदेश, बीते 9 वर्षों में तेजी से बदलकर आज देश के उभरते लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, जलमार्ग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार ने न केवल विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है, बल्कि निवेश, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आने वाले वर्षों में यही बुनियादी ढांचा प्रदेश को देश की आर्थिक प्रगति का प्रमुख इंजन बनाने की आधारशिला साबित होगा। 2017 से पहले की स्थिति वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास सीमित दायरे में था। प्रदेश में केवल 2 एक्सप्रेसवे संचालित थे और कनेक्टिविटी का दायरा अपेक्षाकृत कमजोर था। औद्योगिक विकास के लिए बड़े स्तर पर योजनाबद्ध भूमि चिह्नांकन और कॉरिडोर आधारित विकास की गति धीमी थी। लॉजिस्टिक्स लागत अधिक होने और परिवहन में समय लगने के कारण उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी प्रभावित होती थी। एविएशन सेक्टर में भी सीमित विस्तार था और प्रदेश का उपयोग बड़े निवेश गंतव्य के रूप में अपेक्षाकृत कम होता था। जलमार्ग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी की दिशा में भी कोई बड़ा प्रभावी ढांचा विकसित नहीं हुआ था। 9 वर्षों में बदली तस्वीर पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है। जहां 2017 में केवल 2 एक्सप्रेसवे थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच गई है। इनमें 7 संचालित, 5 निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित एक्सप्रेसवे शामिल हैं। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा अब उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इन एक्सप्रेसवे के किनारे 26 जनपदों के 27 स्थानों पर लगभग 5,300 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई है। साथ ही बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) का गठन कर 47 वर्षों बाद एक नए औद्योगिक शहर की नींव रखी गई है, जिससे 56,662 एकड़ क्षेत्र में बहुआयामी विकास को गति मिली है। निर्यात के क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार किया है। ‘एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024’ में उत्तर प्रदेश चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि 2022 में यह सातवें स्थान पर था। लैंडलॉक्ड राज्यों में प्रदेश का प्रथम स्थान इसकी नीतिगत मजबूती को दर्शाता है। लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सुधार के चलते परिवहन समय में कमी आई है और लागत घटी है, जिससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ी है और निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। जल, थल और नभ तीनों क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया गया है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्थापित किया गया है, जबकि रामनगर, चंदौली, मीरजापुर और गाजीपुर में टर्मिनल और फ्रेट विलेज विकसित किए जा रहे हैं। सड़क निर्माण में तेजी लाते हुए औसतन 19 किलोमीटर प्रतिदिन के हिसाब से सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। एविएशन सेक्टर में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्तमान में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं, जबकि 8 हवाई अड्डे प्रक्रियाधीन हैं। भविष्य का विजन आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे, जिससे वैश्विक कनेक्टिविटी और निवेश को नई दिशा मिलेगी। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के विस्तार, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के और सुदृढ़ीकरण तथा औद्योगिक कॉरिडोर के विकास से प्रदेश में लॉजिस्टिक्स लागत और कम होगी तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। निर्यात उन्मुख नीतियों, निवेश अनुकूल वातावरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति देगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बैंक ऋण व अनुदान वितरण में आई तेजी

योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ से डेयरी सेक्टर में आ रही नई क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बैंक ऋण व अनुदान वितरण में आई तेजी किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम लखनऊ योगी सरकार की ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर के सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल बनकर उभर रही है। किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना के तहत राज्य सरकार ने तीन वर्षों में 204 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए बैंक ऋण स्वीकृति और अनुदान वितरण की प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे डेयरी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। इस दौरान पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मंडल मुख्यालय जनपदों में 50 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें बैंक ऋण स्वीकृति के केवल 2 मामले (मेरठ व लखनऊ) विचाराधीन हैं। वहीं, प्रथम किश्त के 12 मामलों (लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली) और द्वितीय किश्त के 35 मामलों (आगरा, लखनऊ, कानपुर नगर, झांसी, गोरखपुर, अयोध्या, वाराणसी, मेरठ व बरेली) में अनुदान वितरण प्रक्रियाधीन है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में योजना के तहत 8 मंडल मुख्यालय जनपदों में 40 इकाइयों का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 18 बैंक ऋण स्वीकृति के मामले मिर्जापुर, बस्ती, आजमगढ़, गोंडा, बांदा, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे जनपदों में तेजी से प्रक्रिया में हैं। साथ ही 32 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान तय प्रक्रिया के तहत जल्द अवमुक्त किया जाएगा, जिनमें अलीगढ़, बांदा, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, सहारनपुर और मुरादाबाद प्रमुख हैं।   वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का दायरा और बढ़ाते हुए 57 जनपदों में 114 इकाइयों (प्रति जनपद 2 इकाई) का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें जौनपुर, ललितपुर, जालौन, सम्भल, देवरिया और रामपुर जैसे जनपदों में ऋण स्वीकृति शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा सभी 57 जनपदों में 114 लाभार्थियों को प्रथम किश्त का अनुदान अवमुक्त करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।    राज्य सरकार ने सभी प्रक्रियागत मामलों के शीघ्र निस्तारण और अनुदान वितरण में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचे। ‘नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश न केवल डेयरी सेक्टर को नई दिशा दे रहा है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम भी उठा रहा है।

हर्षित राणा का IPL से बाहर होना तय, KKR ने 5 संभावित रिप्लेसमेंट तैयार किए

 कोलकाता  इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है. टीम के तेज गेंदबाज हर्षित राणा पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं. हर्षित को यह चोट हाल ही में हुए T20 वर्ल्ड कप के वॉर्म-अप मैच के दौरान लगी थी, जब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला खेला जा रहा था।  हर्षित  के दाएं घुटने में लिगामेंट स्ट्रेन हुआ था. इसके बाद फरवरी में उनकी सर्जरी हुई और अब उन्हें लंबी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसी वजह से वह IPL 2026 में नहीं खेल पाएंगे।  KKR के हेड कोच अभिषेक नायर ने इसे टीम के लिए बड़ा नुकसान बताया. उन्होंने कहा कि हर्षित पिछले कुछ सीजन से टीम का अहम हिस्सा रहे हैं और खासकर चैम्प‍ियनश‍िप सीजन में उनका योगदान काफी अहम रहा. नायर ने यह भी साफ किया कि टीम अब नए गेंदबाज की तलाश में जुटी है और जल्द ही रिप्लेसमेंट पर फैसला लिया जाएगा।  इस बीच KKR ने विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है. नवदीप सैनी, आकाश मधवाल, सिमरजीत सिंह, संदीप वारियर और केएम आसिफ जैसे गेंदबाज ईडन गार्डन्स में ट्रेनिंग करते नजर आए हैं. यानी KKR के पास 5 व‍िकल्प तैयार हैं।  IPL 2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है. KKR अपना पहला मैच 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी, जबकि 2 अप्रैल को टीम अपने घरेलू मैदान पर सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी।  वहीं कप्तान अजिंक्य रहाणे ने वरुण चक्रवर्ती का बचाव किया. उन्होंने कहा कि T20 वर्ल्ड कप में विपक्षी बल्लेबाजों ने वरुण के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं है. रहाणे का मानना है कि 10 दिन का ब्रेक वरुण के लिए फायदेमंद रहेगा।  हर्ष‍ित के जाने से KKR को कितना नुकसान? हर्षित राणा का हटना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए बड़ा झटका है. वह टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और पिछले कुछ सीजन में उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है.उन्होंने  IPL 2024 में KKR को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उस सीजन में उन्होंने 19 विकेट लिए थे. उनके इसी प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया में उनके डेब्यू का रास्ता भी खुला और धीरे-धीरे उन्होंने नेशनल टीम में अपनी जगह मजबूत की।  IPL 2025 से पहले कोलकाता ने हर्षित को 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था. उस सीजन में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मैचों में 15 विकेट अपने नाम किए थे।