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भ्रष्टाचार पर सख्ती: 1.19 करोड़ की गड़बड़ी उजागर, 8 पंचायत सचिव निलंबित

गौरेला. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिवों द्वारा 15वें वित्त आयोग मद की कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये की अनियमित भुगतान संबंधित वेन्डर को करने पर निलंबित कर दिया है. गुरुवार को जारी अलग-अलग निलंबन आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम के विपरीत होने पर पंचायत सेवा अनुशासन और अपील नियम 1999 में प्रदत्त अधिकारों को प्रयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया जाता है. निलंबित किए गए पंचायत सचिवों में ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव उमा शंकर उपाध्याय, ग्राम पंचायत नेवरी नवापारा के सचिव भैयालाल करसायल, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव नान्हूदास बघेल, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव ओंकार भानू, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव रतन सिंह, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव राधेश्याम मरावी, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव राजकुमार शर्मा और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव त्रिलोक सिंह शामिल हैं. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. निलंबन आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव द्वारा 29 लाख 98 हजार 445 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत नेवरी नवापाऱा के सचिव द्वारा 26 लाख 13 हजार 200 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव द्वारा 23 लाख 26 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव द्वारा 10 लाख 91 हजार 400 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव द्वारा 10 लाख 72 हजार 378 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव द्वारा 6 लाख 40 हजार 182 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव द्वारा 6 लाख 69 हजार रुपये और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव द्वारा 5 लाख 47 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने संबंधित वेन्डर को किया गया है.

बड़े नशा नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, हैदराबाद-सरगुजा कनेक्शन उजागर

मनेन्द्रगढ़ नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात रसल एक्का गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हैदराबाद से जुड़ा था कनेक्शन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह गिरोह ATM और डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार का पैसा संचालित कर रहा था। इस तरीके से न सिर्फ सप्लाई चेन, बल्कि पूरे फाइनेंशियल नेटवर्क को भी छुपाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि नशे का सामान हैदराबाद से सरगुजा संभाग तक सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने पहले कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रसल एक्का को रायपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वैंदला वासु (हैदराबाद), रजत कुमार (सूरजपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया। ATM के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिली रकम को ATM ट्रांजेक्शन के जरिए अलग-अलग खातों से निकालकर नेटवर्क में बांटा जाता था, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके। इस खुलासे के बाद पुलिस ने न सिर्फ तस्करी, बल्कि पूरे फाइनेंशियल ऑपरेशन को भी ट्रैक कर तोड़ दिया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है। इससे सरगुजा संभाग में सक्रिय अंतरराज्यीय नशा तस्करी की एक बड़ी चेन खत्म हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

81वीं जीएचआरडीएन बैठक में मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0, मैट्स विश्वविद्यालय में हुआ आयोजन

मैट्स विश्वविद्यालय में 81वीं जीएचआरडीएन बैठक के अंतर्गत मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का आयोजन, देशभर के प्रमुख मानव संसाधन विशेषज्ञों की भागीदारी रायपुर  मैट्स विश्वविद्यालय में जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मानव संसाधन क्षेत्र के अग्रणी नेताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा पेशेवरों का एक भव्य संगम रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती प्रवृत्तियों, चुनौतियों तथा नवाचारों पर विचार-विमर्श का एक प्रभावी मंच बना। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, माननीय कुलपति प्रोफेसर के. पी. यादव, आदरणीय महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया तथा आदरणीय कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा की गरिमामयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इस महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गेडाम (आईएसटीडी नागपुर) रहे। कार्यक्रम का समन्वय श्री एस. के. लाजेवर (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रकरण) तथा श्री सुरेश (सचिव, छत्तीसगढ़ प्रकरण) द्वारा किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उमेश गुप्ता, प्राध्यापक एवं अधिष्ठाता, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय ने की। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न उद्योगों से आए विशिष्ट अतिथि वक्ताओं तथा मानव संसाधन क्षेत्र के नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रमुख अतिथियों में श्री डी. के. मोहंती (समूह मानव संसाधन प्रमुख, नीको), डॉ. राज्जू कुमार (एन एक्सिडेंटल इंजीनियर), श्री अभिषेक सिंह (सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ, यूनिसेफ), श्री श्याम वर्मा (निदेशक, मिरेकल्स) तथा श्री साइमन जॉर्ज (प्रमुख – शिक्षण एवं विकास / प्रशासन, एसआरयू) शामिल रहे। उनके विचारों और अनुभवों ने चर्चा को अत्यंत समृद्ध बनाया तथा शिक्षा जगत और उद्योग जगत से आए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न उद्योगों और कॉर्पोरेट क्षेत्रों के प्रतिष्ठित मानव संसाधन पेशेवरों के साथ आयोजित एक रोचक विचार गोष्ठी रही। इस चर्चा में समकालीन मानव संसाधन कार्यप्रणालियों, भविष्य के कार्यबल की प्रवृत्तियों, नेतृत्व विकास, डिजिटल परिवर्तन तथा बदलते व्यावसायिक वातावरण में प्रतिभा प्रबंधन की रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न उद्योगों से आए बड़ी संख्या में मानव संसाधन पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह शिखर सम्मेलन अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव बन गया। अनुभवी मानव संसाधन नेताओं और उभरते पेशेवरों के बीच विचारों के आदान-प्रदान ने सीखने, संपर्क स्थापित करने तथा सहयोग का एक सशक्त मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में मैट्स विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं नियुक्ति प्रकोष्ठ की समर्पित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने कार्यक्रम की योजना बनाने और उसे सुचारू रूप से संपन्न कराने में उल्लेखनीय योगदान दिया। जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का समापन सभी वक्ताओं, विचार गोष्ठी के प्रतिभागियों, गणमान्य अतिथियों तथा उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ, जिन्होंने इस आयोजन को अत्यंत सफल बनाया। यह शिखर सम्मेलन उद्योग और शिक्षा जगत के मध्य सहयोग को सुदृढ़ करने तथा मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में नेतृत्व और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के प्रति मैट्स विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

सड़क हादसे में मानवता की मिसाल: मंत्री अरोड़ा ने घायलों की मदद कर अस्पताल पहुंचाया

लुधियाना. पंजाब के लुधियाना शहर में शनिवार तड़के हुए एक सड़क हादसे में पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायलों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। मंत्री और उनके सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर घायल लोगों को गाड़ियों से बाहर निकाला और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। जानकारी के अनुसार, उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा सुबह करीब 5 बजकर 15 मिनट पर अपने निवास से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। जब उनका काफिला फिरोजपुर रोड पर मलहार कट के पास पहुंचा, तो वहां दो गाड़ियों की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो चुकी थी। हादसे के बाद दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और उनमें सवार लोग अंदर फंसे हुए थे। मंत्री अरोड़ा के आदेश पर सुरक्षाकर्मी राहत कार्य में जुटे स्थिति को गंभीर देखते हुए मंत्री अरोड़ा तुरंत अपनी गाड़ी से नीचे उतरे। उनके साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने भी राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने मिलकर घायलों को सावधानीपूर्वक गाड़ियों से बाहर निकाला। इस दौरान मंत्री अरोड़ा ने तुरंत लुधियाना के प्रमुख अस्पताल में संपर्क कर एंबुलेंस भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी फोन कर घटना की सूचना दी, ताकि समय पर राहत और बचाव कार्य हो सके। कुछ ही देर में पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद दिल्ली रवाना हुए मंत्री घटना के दौरान मंत्री संजीव अरोड़ा लगभग 30 मिनट तक मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी घायलों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचा दिया जाए। जब एंबुलेंस घायलों को लेकर रवाना हो गई, तब वह वहां से दिल्ली के लिए आगे बढ़े। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मंत्री अरोड़ा की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना की है। संकट की घड़ी में उनकी सक्रिय भूमिका ने घायलों को समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्यार भरी ड्राइव! प्रियंका चोपड़ा ने शेयर किया क्यूट मोमेंट, निक जोनस संग रोमांटिक रील वायरल

हाल ही में ऑस्कर के रेड कार्पेट से लेकर गाने के प्रमोशन, अपकमिंग फिल्म की शूटिंग और 'द ब्लफ' से जुड़े इवेंट के बाद आखिरकार प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस एक-दूसरे के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने के लिए निकल पड़े हैं। प्रियंका चोपड़ा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो निक जोनस के साथ ओपन कार में खुली सड़क पर मस्ती करती दिख रही हैं। सोशल मीडिया पर नजर आ रहे इस वीडियो प्रियंका चोपड़ा किसी प्रिंसेस की तरह पति निक जोनस के साथ ओपन कार में ड्राइविंग का लुत्फ उठाती नजर आ रही है। दोनों इस रोमांटिक ट्रिप पर बेहद खुश नजर आ रहे हैं।  निक कार ड्राइव करते दिख रहे हैं और प्रियंका रील बना रही शुक्रवार को प्रियंका ने इंस्टाग्राम पर ये मजेदार वीडियो शेयर किया, जिसमें वो अपने पति निक जोनस की ड्राइविंग के दौरान 'पैसेंजर प्रिंसेस' बनकर इसका मजा लेती दिख रही हैं। वीडियो शेयर करते हुए प्रियंका ने लिखा, 'मम्मी-डैडी वाले दिन मेरे फेवरेट हैं।' निक कार ड्राइव करते दिख रहे हैं और प्रियंका रील बना रही हैं। वीडियो में कार रेड लाइट पर रुकती है और उनकी कार के पास ही दूसरी कार भी खड़ी दिख रही है। हालांकि, रेड लाइट खत्म होते ही निक अपनी ड्राइविंग पर फोकस कर रहे हैं और प्रियंका उनपर प्यार जताती नजर आ रही हैं। फैन्स ने कहा- एक ब्रेक की सख्त जरूरत थी वीडियो पर लोगों ने लिखा है- आप दोनों को एक ब्रेक की सख्त जरूरत थी। एक ने लिखा है- आप दोनों बहुत मेहनत करते हैं। लोगों ने उन्हें इंजॉय करने की सलाह दी है। हालिया रिलीज फिल्म 'द ब्लफ' के प्रमोशन में बिजी वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका पिछले दिनों हालिया रिलीज फिल्म 'द ब्लफ' के प्रमोशन में बिजी थीं। वहीं निक अपने नए एल्बम 'संडे बेस्ट' के प्रमोशन में जुटे थे। इन सबके अलावा, दोनों ने पिछले दिनों गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स और एकेडमी अवार्ड्स समेत कई इंटरनैल रेड कार्पेट पर भी नजर आए। ऑस्कर में प्रियंका ने प्रेजेंटर की जिम्मेदारी भी संभाली। प्रियंका चोपड़ा की आनेवाली बिग बजट फिल्म यहां ये भी बता दें कि प्रियंका चोपड़ा जल्द ही 'वाराणसी' की शूटिंग फिर से शुरू करने वाली हैं। ये फिल्म उनकी 8 साल के गैप के बाद भारतीय सिनेमा में उनके कमबैक की तरह ह। एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी लीड रोल में हैं। राजामौली ने ये भी कन्फर्म किया है कि फिल्म के एक फ्लैशबैक सीन में महेश बाबू भगवान राम के रूप में देखेंगे। यह फिल्म कथित तौर पर 1,000 करोड़ रुपये के बजटमें तैयार हो रही है जो सबसे महंगी भारतीय फिल्मों में से एक होगी । फिल्म की शूटिंग का काम जारी है जिसे अप्रैल 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है तथा अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है।  साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से हमारी सरकार किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है। उन्होंने किसानों से संवाद कर होली के पूर्व धान के अंतर की राशि का भुगतान तथा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी ली।        मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाकर तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।          कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने तिलहन विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अनुसंधान संस्थानों के जरिए हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक  रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर  मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष  राम किशुन सिंह, सभापति  हरविंदर सिंह,  राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त  नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने जोन 8 में राजस्व वसूली की गहन समीक्षा की

नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने जोन 8 में राजस्व वसूली की गहन समीक्षा की सभी एआरआई जोन 8 के सभी 7 वार्डों के घर – घर, दुकान – दुकान जाकर फील्ड में उतरकर राजस्व वसूली करें, कोई भी घर, कोई भी  दुकान 31 मार्च 2026 तक राजस्व वसूली से छूटने ना पाए रायपुर  आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार नगर निगम अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने नगर निगम जोन 8 महोबा बाजार पहुंचकर जोन 8 के सभी 7 वार्डों में राजस्व वसूली अभियान की गहन समीक्षा नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और जोन सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल एवं सभी राजस्व निरीक्षकों और सहायक राजस्व निरीक्षकों की उपस्थिति में की. अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय ने दिए गए निर्धारित लक्ष्य अनुसार 31 मार्च 2026 तक शत – प्रतिशत राजस्व वसूली करना नगर निगम हित में सर्वोच्च प्राथमिकता से हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. अपर आयुक्त ने जोन 8 के अंतर्गत सभी 7 वार्डों के प्रत्येक घर और प्रत्येक दुकान में जाकर घर – घर और दुकान – दुकान फील्ड में उतरकर नगर निगम जोन 8 राजस्व विभाग के लिए राजस्व वसूली करने सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया. अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि 31 मार्च तक जोन 8 अंतर्गत किसी भी वार्ड में कोई भी घर और कोई भी दुकान राजस्व वसूली से छूटने ना पाए , यह सभी सहायक राजस्व निरीक्षक हर हाल में नगर निगम हित में सुनिश्चित करें.

Vastu Tips: नए घर में प्रवेश करते ही अपनाएं ये 5 उपाय, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उसका नया आशियाना न केवल सुंदर हो, बल्कि वहां कदम रखते ही जीवन में सौभाग्य और समृद्धि का संचार हो। अक्सर हम घर की सजावट पर तो लाखों खर्च कर देते हैं, लेकिन गृह प्रवेश के समय उन सूक्ष्म वास्तु नियमों को भूल जाते हैं जो घर की आर्थिक स्थिति और परिवार की खुशहाली तय करते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, नए घर की ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए शुरुआती कुछ कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण माने गए हैं। नए घर में प्रवेश करते समय कौन सा पैर पहले रखना चाहिए? या रसोई में सबसे पहले क्या बनाना शुभ होता है? इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं वे 5 अचूक वास्तु उपाय, जिन्हें अपनाकर आप अपने नए घर से नकारात्मकता को कोसों दूर रख सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके घर में धन-धान्य के भंडार हमेशा भरे रहें। तो आइए जानते हैं नए घर में प्रवेश के वे स्वर्णिम नियम जो आपके जीवन को खुशियों से सराबोर कर देंगे। शुभ मुहूर्त और 'दाहिने पैर' का प्रवेश हिंदू धर्म और वास्तु में मुहूर्त का बड़ा महत्व है। हमेशा विद्वान ब्राह्मण से पूछकर ही गृह प्रवेश करें। घर में प्रवेश करते समय ध्यान रखें कि पुरुष और महिला दोनों अपना दाहिना पैर पहले अंदर रखें। यह कदम आपके जीवन में नई सफलताओं और शुभता का मार्ग प्रशस्त करता है। मंगल कलश की स्थापना नए घर में खाली हाथ कभी न जाएं। एक तांबे के कलश में शुद्ध जल भरकर, उसमें कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। कलश के मुख पर अशोक या आम के पांच पत्ते रखें और ऊपर नारियल रखें। इस मंगल कलश को लेकर घर में प्रवेश करने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और लक्ष्मी जी का वास होता है। नमक के पानी का पोंछा वास्तु के अनुसार, निर्माण के समय घर में कई तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं जमा हो जाती हैं। नए घर में प्रवेश के पहले दिन पूरे घर में नमक मिले हुए पानी से पोंछा जरूर लगाएं। नमक नकारात्मकता को सोख लेता है और वातावरण को शुद्ध बनाता है। रसोई में पहली बार 'दूध' उबालना रसोई घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है। नए घर की रसोई में सबसे पहले गैस चूल्हे पर दूध उबालना चाहिए। दूध का उबलकर बर्तन से बाहर गिरना बेहद शुभ माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि आपके घर में सुख और वैभव की कभी कमी नहीं होगी। इसके बाद उसी दूध से बनी खीर का भोग भगवान को लगाएं। शंख और घंटे की ध्वनि घर के कोने-कोने में सकारात्मकता पहुंचाने के लिए गृह प्रवेश के बाद शंख जरूर बजाएं। शंख और घंटी की आवाज से घर की सोइ हुई ऊर्जा जागृत होती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और कुमकुम से स्वास्तिक बनाना न भूलें।

पीली सरसों के चमत्कारी उपाय: नवरात्रि में अपनाएं और आर्थिक तंगी को कहें अलविदा!

आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है. ये दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा को समर्पित किया गया है. माता चंद्रघंटा असुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं. नवरात्रि का ये पावन पर्व 27 मार्च तक चलेगा. इस दौरान की गई व्रत-पूजा से देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. यह समय जीवन की कई समस्याओं से निजात पाने का भी माना जाता है. ऐसे में नवरात्रि के समय में कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं. इन्हीं उपायों में शामिल है पीली सरसों के उपाय. ज्योतिष और लाल किताब में पीली सरसों के प्रभावी उपाय बताए गए हैं. इन उपायों को करने से कर्ज खत्म हो सकता है. आर्थिक तंगी दूर हो सकती है. ये उपाय ज्यादा से ज्यादा फल दें, इसके लिए इन्हें चैत्र नवरात्रि के समाप्त होने से पहले अवश्य कर लें. पीली सरसों के प्रभावी उपाय     नवरात्रि के दौरान थोड़ी सी पीली सरसों को लाल कपड़े में बांधकर एक पोटली बनाएं. फिर इस पोटली को अपने घर के मुख्य द्वार पर टांग दें. इस उपाय को करने से नकारात्मक उर्जा दूर होती है.     नवरात्रि के दौरान रात को एक मुट्ठी पीली सरसों अपने सिर से 7 बार वारकर (उसारकर) किसी सुनसान चौराहे या बहते जल में प्रवाहित कर दें. इससे धन प्राप्त करने में जो बाधाएं हैं वो दूर होती हैं.     नवरात्रि के दौरान लाल कपड़े में पीली सरसों बांधकर पोटली बनाकर उसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखें. इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है.     नवरात्रि में मंगलवार और रविवार को अपने सिर से पीली सरसों 7 बार वारकर घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर या चौराहे पर फेंक दें. इससे करियर में आ रही सारी परेशानियां दूर होती है.     नवरात्रि में पूजा के दौरान एक चांदी की कटोरी एक मुट्ठी पीली सरसों रखकर माता के चरणों में रखें. फिर पूजा करें. इसे पूजा पूर्ण होती है.  

मध्य प्रदेश राजनीति: मंत्रियों ने छोड़ी जिलों की जिम्मेदारी? भोपाल में ही जुट रहा कोर ग्रुप

भोपाल जिलों में आम लोगों व कार्यकर्ताओं के लिए मंत्रियों की उपलब्धता सहज रहे और प्रशासनिक कार्य भी ठीक से संचालित हों, इसके लिए सरकार द्वारा बनाई प्रभारी मंत्रियों की व्यवस्था पर मंत्री ही पानी फेर रहे हैं। प्रभारी मंत्रियों ने अपने जिलों से दूरी बना रखी है। यही नहीं, संगठन की दृष्टि से मंत्रियों को जिले के कोर ग्रुप के साथ प्रतिमाह बैठक करने के निर्देश दिए गए थे, इसके विपरीत प्रभारी मंत्री भोपाल में जिलों से सभी पदाधिकारियों को बुलाकर बैठकें करने लगे हैं। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 17 मार्च को भिंड जिला और उदय प्रताप सिंह ने 16 मार्च को कटनी जिला कोर ग्रुप की बैठक भोपाल में ले ली थी। मंत्रियों को प्रभार के जिले में रात्रि विश्राम के निर्देश दिए गए हैं। प्रहलाद सिंह पटेल अपने प्रभार के जिले में केवल दो रात ही रुके। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा अपने प्रभार के जिले जबलपुर और राजेंद्र शुक्ल ने शहडोल में दो बैठकें ही लीं और दो रात ही रुके। सार यही है कि न तो मंत्री प्रभार के जिलों में नियमित रात्रि विश्राम करते हैं और न ही जनता से संवाद के लिए आसानी से उपलब्ध रहते हैं। इससे पार्टी कार्यकर्ता व आमजन मंत्रियों के कामकाज को लेकर संतुष्ट नहीं है। केवल मुख्यमंत्री ही प्रभार के जिले में सक्रिय मुख्यमंत्री मोहन यादव ही अपने प्रभार के जिले इंदौर में सक्रिय रहते हैं, हर सप्ताह वह इंदौर की जनता के लिए उपलब्ध भी हो जाते हैं लेकिन मंत्रियों की कार्यशैली उनसे ठीक उलट है। समय का अभाव था इसलिए भोपाल में कर ली बैठक 17 मार्च को आवश्यक कार्य की वजह से, समयाभाव के कारण मैंने भिंड जिला कोर ग्रुप की बैठक भोपाल में ही ले ली थी। वैसे मैं अपने प्रभार के जिले में सबसे अधिक समय देता हूं और आमजन के लिए उपलब्ध रहता हूं। मेरे पास रीवा का भी प्रभार है। वहां पिछले माह ही बैठक की थी। प्रहलाद सिंह पटेल, प्रभारी मंत्री, भिंड व रीवा   वैसे कोर ग्रुप की बैठक जिले में होती है, लेकिन उस दिन कृषि महोत्सव के कार्यक्रम में हम सब भोपाल में ही थे इसलिए मंत्री जी के साथ उनके बंगले पर ही बैठक कर ली। यह रूटीन बैठक है, हर माह जिले में होती है। – दीपक टंडन सोनी, भाजपा जिला अध्यक्ष, कटनी    मंत्री जी भोपाल में थे और हम भी भोपाल आए हुए थे इसलिए कोर ग्रुप की बैठक वहीं कर ली, वैसे जिले में ही नियमित बैठक होती है। -देवेंद्र नरवरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष, भिंड मंत्रियों के दौरे और बैठकों की यह स्थिति धारः प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। आखिरी दौरा 11 जनवरी। केवल 'जी राम जी' योजना के लिए मीडिया से चर्चा की। देवासः प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा। आखिरी दौरा आठ जनवरी, पार्टी कार्यक्रम में। कोर ग्रुप बना है लेकिन बैठक अब तक नहीं हुई। 23 मार्च को बैठक संभावित। नीमचः प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया। आखिरी दौरा 14 मार्च। 26 जनवरी से अब तक करीब तीन बार आ चुकी हैं। कोर ग्रुप की बैठक ली। मंदसौरः प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया। सात दिन पहले आई थीं, कोर ग्रुप की बैठक हुई। एक बार रात्रि विश्राम किया है। बुरहानपुरः प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री)। बीते दो माह में चार बार दौरा। आठ जनवरी, 26 जनवरी, 14 फरवरी और 15 मार्च। खरगोनः प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग। आखिरी दौरा 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर। कोर ग्रुप की बैठक लंबे समय से नहीं हुई। रतलामः प्रभारी मंत्री विजय शाह। आखिरी दौरा 14 दिसंबर, 2025। छिंदवाड़ा : प्रभारी मंत्री राकेश सिंह। पिछले माह आए थे। भाजपा कोर ग्रुप के साथ बैठक ली। जिला प्रशासन की बैठक ली थी। बालाघाट : प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह। एक हफ्ते पूर्व आए थे। जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। सिवनी : प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा। 15 मार्च को आए थे, पार्टी के कोर ग्रुप की बैठक ली। मंडला : प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल। इसी सप्ताह एक धार्मिक कार्यक्रम में आए थे। डिंडौरी : प्रभारी मंत्री प्रतिभा बागरी। आखिरी बार 14 दिसंबर, 2025 को आई थीं। शहडोल : प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला। इसी सप्ताह एक संस्था के कार्यक्रम में आए। प्रशासनिक और पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक ली। उमरिया : प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान। पिछले सप्ताह आए थे। जिला प्रशासन की बैठक भी ली। कटनी : प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह। 14 मार्च को बरही आए थे, कटनी में रुके। पार्टी नेता व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। दमोह : प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार। 11 मार्च को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आए। प्रभारी मंत्री बनने के बाद से केवल तीन बार ही दमोह आए। रीवा : प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल। आखिरी बार 18 फरवरी को आए थे, जिला प्रशासन और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। सतना : प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। मार्च के पहले सप्ताह में आए थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी।