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राइस मिलर्स के लिए खुशखबरी: बिना फोर्टिफाइड चावल की भी होगी सरकारी खरीद

कैथल. हरियाणा में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति करने वाले राइस मिलरों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। चावल में एक प्रतिशत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) के मिलान में छूट दे दी गई है। पहले 100 किलोग्राम चावल में एक किलोग्राम एफआरके का मिलान करना जरूरी था। राइस मिलर्स को इसमें परेशानी आ रही थी, क्योंकि प्रदेश में एफआरके की सप्लाई के लिए तीन राइस मिलों को ही टेंडर मिला था और वे इसकी पर्याप्त आपूर्ति नहीं कर पा रहे थे। राइस मिलर अपनी इच्छानुसार फोर्टिफाइड या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और अन्य खरीद एजेंसियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के तहत जब तक फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति ज्यादा मात्रा में उपलब्ध नहीं होती, इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रदेश में करीब 1350 राइस मिलरों को सीएमआर नीति के अनुसार चावल धान दिया गया था। 67 प्रतिशत चावल देना अनिवार्य है। मिल मालिकों को 59.41 लाख टन धान दिया गया था।केंद्र सरकार ने फैसला ले दी बड़ी राहत, 40 प्रतिशत चावल दे चुके मिलर lएफआरके की आपूर्ति कम होने से राइस मिलरों को आ रही थी परेशानी पहले एफआरके के भंडार की व्यवस्था होगी केंद्र और प्रदेश सरकार पहले मौजूदा फोर्टिफाइड चावल (एफआरके) के भंडार का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अच्छे तरीके से तैयारी करेंगी। इसके बाद इसे लागू करने का फैसला लिया जा सकता है। चावल डिलीवरी का पहले यह था शेड्यूल नई नीति के तहत मिल मालिकों को दिसंबर तक सीएमआर का 15 प्रतिशत, जनवरी के अंत तक 25 प्रतिशत, फरवरी के अंत तक 20 प्रतिशत, मार्च के अंत तक 15 प्रतिशत, मई के अंत तक 15 प्रतिशत और शेष 10 प्रतिशत जून के अंत तक लगाना होता है। केंद्र सरकार ने एफआरके नियमों में छूट दी है, जिन राइस मिलर के पास एफआरके उपलब्ध है, चावल में मिलाकर कर अपनी गाड़ियां एफसीआई को भेज सकते हैं। जिनके पास उपलब्ध नहीं है, वे भी बिना एफआरके चावल दे सकते हैं। इससे राइस मिलर्स को बड़ी राहत मिली है। -अमरजीत छाबड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन पोषक तत्वों से भरपूर होता है एफआरके फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन) से भरपूर चावल होता है। जिन्हें ‘एक्सट्रूज़न’ तकनीक से चावल के आटे के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। सामान्य चावल के साथ 1:100 में मिलाकर यह कुपोषण और एनीमिया (खून की कमी) को दूर करने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में वितरित किया जाता है। सूखे चावल को पीसकर पाउडर बनाया जाता है, जिसमें पोषक तत्व मिलाकर, मशीन द्वारा चावल के रूप में आकार दिया जाता है। इसमें मुख्य रूप से आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन शामिल होते हैं। 100 किलोग्राम सामान्य चावल में एक किलोग्राम एफआरके मिलाया जाता है। यह चावल सामान्य चावल जैसा होता है और खाने में भी अच्छा होता है। चावल लौटाने में अंबाला अव्वल अंबाला को छोड़ किसी भी जिले के मिल मालिकों की ओर से सरकार को चावल देने का निर्धारित लक्ष्य हासिल करना तो दूर उसके आसपास भी चावल वापस नहीं किया। प्रदेश भर में कुल 41,62,553.93 एमटी चावल (सीएमआर) देना है लेकिन 12,72,293.18 एमटी ही एफसीआई तक पहुंचा है। करीब 61.72 प्रतिशत के साथ अंबाला राज्य में नंबर वन है। करनाल 15.69, कुरुक्षेत्र 33.65 प्रतिशत, पानीपत 1.02 प्रतिशत और रोहतक में 6.2 प्रतिशत चावल की डिलीवरी हुई है। पंचकूला ने 52.26 प्रतिशत की प्रगति दिखाई है, जिसकी मिलिंग अंबाला के ही अधीन आती है। यमुनानगर (31.63), कैथल (30.79) और फतेहाबाद (28.27) भी औसत हैं। यमुनानगर 31.63 प्रतिशत, कैथल 30.79 प्रतिशत और फतेहाबाद 28.27 प्रतिशत पर हैं। 30 जून तक चावल लौटाना है। अंबाला में करीब 61 प्रतिशत सीएमआर की डिलीवरी हो चुकी है जोकि प्रदेश में नंबर वन है। बिना एफआरके चावल डिलीवरी की अनुमति दे दी गई है। इसका प्रयोग इथेनाल निर्माण के लिए केवल फैक्ट्रियों में किया जाना है। -निशांत राठी, डीएफएससी। गेहूं भंडारण की सता रही चिंता प्रदेश में लगभग 28,90,260 मीट्रिक टन चावल की डिलीवरी अभी बाकी है। गोदाम खाली नहीं हुए तो नई फसल के भंडारण के लिए जगह का संकट खड़ा हो सकता है।

जड़ी-बूटी विरासत बचाने की दिशा में बड़ा कदम, केदार कश्यप बोले—सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा , विधायक  किरण सिंह देव, विधायक  अनुज शर्मा और विधायक  इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।           वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन  अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।           समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि  शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक  किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि  शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने  शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।         कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष  केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग  अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम,  लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण  नंदकुमार साहू , , जिला पंचायत सदस्य मती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास,  रमेश सिंह ठाकुर, मान उपकार चंद्राकर , अंजिनेश शुक्ल पिंटू साहू   श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जे.ए.सी.एस. राव  सुरेन्द्र पाटनी,  अमित साहू,  आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

RCB के पूर्व खिलाड़ी का धमाका: चिकारा ने 21 सिक्स के दम पर जड़ा 195, रिकॉर्ड स्कोर खड़ा

नई दिल्ली   आईपीएल 2026 क आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है, मगर इस रंगारंग लीग के शुरू होने से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पूर्व खिलाड़ी स्वास्तिक चिकारा ने धमाल मचा दिया है। स्वास्तिक चिकारा ने अयोध्या T20 प्रीमियर लीग में मात्र 69 गेंदों पर 11 चौकों और 21 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 195 रनों की नाबाद पारी खेली। वह अपने दोहरे शतक से मात्र 5 रनों से चूक गए। उनके इस धाकड़ परफॉर्मेंस के दम पर उनकी टीम गोमती थंडर 300 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रही। स्वास्तिक चिकारा के अलावा प्रियांशु पांडे ने भी शतक जड़ा। अब हम स्वास्तिक चिकारा को आरसीबी का पूर्व खिलाड़ी इसलिए कह रहे हैं क्योंकि 2025 में आरसीबी की टीम में शामिल हुए इस खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी ने 2026 के ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया। इस साल नीलामी में उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। अब आरसीबी उनका यह धाकड़ परफॉर्मेंस देखकर पछता रही होगी। बात मैच की करें तो, गोमती थंडर ने हिंडोन टाइटंस के खिलाफ पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवर में बिना विकेट खोए 307 रन बोर्ड पर लगाए। चिकारा और प्रियांशु ने पारी का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया और विपक्षी टीम के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दोनों ने अपना विकेट नहीं गिरने दिया। यह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी हो सकती है। प्रियांशु ने 54 गेंदों पर 12 चौकों और 5 छक्कों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए, वहीं चिकारा ने 11 चौकों और 21 छक्कों की मदद से 195 रनों की पारी खेली। गौर करने वाली बात यह है कि हिंडोन टाइटंस के सभी 5 गेंदबाजों ने अपने 4 ओवर के कोटे में 50 से अधिक रन खर्च किए। 308 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए हिंडोन टाइटंस ने अच्छी लड़ाई लड़ी, मगर इस पहाड़ जैसे स्कोर के सामने पूरी टीम 19.3 ओवर में 218 के स्कोर पर सिमट गई। शेखर सिरोही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने 50 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 68 रनों की शानदार पारी खेली।

संभल जाएं लोग! अगले 48 घंटों में इस राज्य में मौसम का कहर, विभाग ने दी चेतावनी

रांची झारखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने लोगों को चौंका दिया है। आमतौर पर मार्च में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार ठंड ने फिर से वापसी कर ली है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लातेहार में यह 12 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है। इसके कारण ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि स्थिति पहले की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। इन जिलों में वज्रपात की संभावना अधिक लातेहार, लोहरदगा, पलामू और गढ़वा जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इन इलाकों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना अधिक है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ रहा है। इधर, पाकुड़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान जोरदार बारिश दर्ज की गई है, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया है। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन दिन में चल रही ठंडी हवाएं लोगों को राहत दे रही हैं। जहां एक ओर आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल झारखंड में मौसम का यह बदला हुआ रूप चर्चा का विषय बना हुआ है।  

CM साय का सख्त रुख: रोप-वे हादसे की जांच के बाद जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिला स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में आज सुबह हुए रोप-वे हादसे को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा और बलौदाबाजार जिले के दौर पर रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कवर्धा में लोधी समाज द्वारा अवंति बाई की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें शामिल होंगे. इसके अलावा बलौदाबाजार में गोंडवाना समाज की ओर से आयोजित आदर्श विवाह समारोह में शामिल होंगे. वहीं शाम को केरल के दौरे को लेकर कहा कि कल (केरल विधानसभा चुनाव के लिए) बीजेपी प्रत्याशियों का नामांकन है. उसमें शामिल होने जा रहे हैं. विधानसभा में पारित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर मिल रही लोगों से बधाई पर कहा कि कल हम सरगुजा गए थे, वहां अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने मुलाकात के दौरान विधेयक का स्वागत किया. रायपुर में भी सीएम हाउस पहुंचे लोगों ने धन्यवाद दिया.  एक मौत, 17 श्रद्धालु घायल हादसे में एक महिला की मौत हो गई है जबकि 17 श्रद्धालु घायल हुए हैं। नीचे वाली ट्राली में 9 लोग और ऊपर वाली ट्राली में 8 लोग सवार थे। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रबंधन व पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञात हो कि नवरात्र जारी है और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है।

फिर चमकी किस्मत: आर्मी को दूध-चाय पहुंचाने वाले श्रवण सिंह ने जीते 5 लाख

फिरोजपुर. फिरोजपुर जिले के कस्बा ममदोट के गांव तारा वाली के रहने वाले मास्टर श्रवण सिंह की किस्मत एक बार फिर चमकी है। उन्होंने अब 5 लाख रुपये की लॉटरी जीती है, जिसके बाद पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। श्रवण सिंह को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025' से सम्मानित किया था क्योंकि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान आर्मी के जवानों की बहुत सेवा की थी। अब श्रवण सिंह की 5 लाख रुपये की लॉटरी निकली है। जानकारी के मुताबिक, श्रवण सिंह ने अपने पिता सोना सिंह के साथ ममदोट में सिर्फ 350 रुपये की लॉटरी डाली थी (जिसमें एक टिकट 7 रुपये का था), जिससे उनकी किस्मत बदल गई। यह खुशी की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने ढोल की थाप पर नाचकर जश्न मनाया। गौरतलब है कि श्रवण सिंह को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सेना के जवानों को दूध, चाय और लस्सी पहुंचाने में उनकी सेवा और बहादुरी के लिए सेना ने सम्मानित भी किया है। उन्हें 26 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास बातचीत भी की। श्रवण के पिता सोना सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तीन बार लॉटरी डाली थी और तीनों बार इनाम निकला। उन्होंने कहा कि वह इस इनाम की रकम को श्रवण के सुनहरे भविष्य के लिए बचाकर रखेंगे। उनके पिता के मुताबिक, श्रवण ने पहले भी देश भर में परिवार का नाम रोशन किया था और आज उसकी किस्मत ने परिवार की किस्मत बदल दी है। 

ग्राम मलैकी में नहीं है बिजली पानी की सुविधा शासन प्रशासन मौन।

राजेंद्रग्राम/छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्रामपंचायत परसेल में आने वाले ग्राम मलैकी में जीवन यापन करने वाले ग्रामीण पानी व बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। शासन ने लाखों रुपये की लागत से नल जल योजना अंतर्गत लगाया है। लेकिन कोई काम का नहीं बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया मलैकी में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है। गांव में पीने योग पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव की महिला एवं बच्चे कठिन रास्ते से गुजरते हुए घढ़े और बर्तनों में पानी भरकर नहाने कपड़े धोने और घरेलू उपयोग के लिए ग्रामीणों को इसी प्रकार दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों की परेशानी वहीं समाप्त नहीं होगी गांव के लोग आज भी नल मे पानी कब तक आएगा इंतजार में लगे रहते हैं लेकिन पानी न मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश जनक साबित हो रहा है।  गांव में नहीं है बिजली गांव में करीब एक माह से लगातार आज भी बिजली की समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन अपना जिम्मेदारी ना समझते हुए ग्रामीणों को अंधेरे में रहने को प्रताड़ित किया जा रहा है ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच को अवगत कराया जा चुका है उन्होंने बताया कि जब भी ग्रामीणों द्वारा इस विषय में पूछा जाता है तो सरपंच द्वारा यही कहा जाता है कि इस संबंध में आवेदन किया जा चुका है हालांकि लंबे समय से यही जवाब मिल रहा है लेकिन समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए एवं विद्यार्थी बच्चों की पढ़ाई को मद्देनजर रखते हुए देखा जाए तो बिजली न होने से समय से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे हैं जिससे बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने पहले ट्रांसफार्मर जल गया था उसके लिए हम चंदा लगाकर बिजली ऑफिस जाकर ऑफिसर को कह कर थक चुके हैं लेकिन देखने नहीं आ रहे हैं आज लगाएंगे कल लगाएंगे इस तरीके का बहाना बनाते हुए नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर गांव में पेयजल व्यवस्था बिजली आपूर्ति की मांग की है। इनका कहना है कि यदि जल्द ही इन मूलभूत सुविधाओं को व्यवस्था नहीं दी गई तो ग्रामीणों को इसी प्रकार आगे परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जहरीले दूध से बढ़ता मौत का आंकड़ा: आंध्र में 16 की जान गई, 3 अब भी गंभीर

राजा महेंद्रवरम. राजामहेंद्रवरम में मिलावटी दूध पीने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. कई पीड़ितों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. इस घटना से पूरे आंध्र प्रदेश में चिंता फैल गई है. यह मामला पिछले महीने की 16 तारीख को सामने आया था. इस घटना के बाद अब भी शहर के लोग गहरे सदमे में हैं. अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई. डॉक्टर अभी भी उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने वह जहरीला दूध पिया था. वर्तमान में, एक पांच महीने के शिशु और दो साल के बच्चे सहित पांच मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि सभी मरीज वेंटिलेटर पर हैं. उनका डायलिसिस किया जा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि जहरीले रसायन ने शरीर के जरूरी अंगों को पहले ही काफी नुकसान पहुंचा दिया था, जिससे इलाज करना बेहद मुश्किल हो गया. मरने वालों में दो बच्चे, मनोहर (6 साल) और जयकृत राज (3 साल) भी शामिल हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूध में 'इथाइलीन ग्लाइकॉल' नाम का एक बेहद जहरीला रसायन मिला था. आरोप है कि यह दूध कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम के रहने वाले गणेश्वर राव नाम के विक्रेता ने सप्लाई किया था. इस घटना का पता तब चला जब एक ही परिवार के चार सदस्यों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने इसकी जांच शुरू की. मेडिकल जांच में मरीजों के सीरम क्रिएटिनिन का स्तर 8 से 11 के बीच पाया गया, जो किडनी के गंभीर नुकसान को दर्शाता है. मरीजों का इलाज मशहूर किडनी विशेषज्ञ डॉ. रविराज की देखरेख में किया गया, वहीं हैदराबाद के विशेषज्ञों ने भी अस्पताल आकर स्थिति का जायजा लिया और जरूरी सलाह दी. अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाकों के लगभग 65 दूध विक्रेता राजमहेंद्रवरम शहर में दूध की सप्लाई करते हैं, और इस मिलावट कांड ने पूरे कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है. अधिकारी अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सख्त खाद्य सुरक्षा जांच की जरूरत पर जोर दे रहे हैं. विशेषज्ञों ने भी जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं को मिलावटी दूध की पहचान करने और संदिग्ध उत्पादों की सूचना देने के लिए शिक्षित किया जा सके. उनका कहना है कि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचने के लिए दूध की सप्लाई चेन का नियमित निरीक्षण और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है. इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जो इतने मासूम लोगों की जान लेने वाली इस मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

केला उत्पादन से बढ़ी आमदनी, उद्यानिकी खेती से मिला नया सहारा

बिलासपुर कहते हैं खेती में नई तकनीक और सही फैसले किसान की तकदीर बदल देते हैं, और इसे सच कर दिखाया है तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम कपसिया कला के किसान  हेतराम मनहर ने। पारंपरिक धान की खेती छोड़कर केला उत्पादन अपनाने वाले  मनहर आज लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।      उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत केला (जी-9 किस्म) की खेती शुरू की। विभाग से प्राप्त तकनीकी सहयोग, उन्नत पौध सामग्री एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उन्होंने लगभग 0.900 हेक्टेयर क्षेत्र में केला फसल का रोपण किया। उचित देखभाल और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें लगभग 510 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल में करीब 1.70 लाख रुपये की लागत आई, जबकि 4 से 5 लाख रुपये तक की आय अर्जित हुई, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।        केला उत्पादन से हुई अतिरिक्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। अब वे परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं पर भी बेहतर ध्यान दे पा रहे हैं।  हेतराम मनहर की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह दर्शाती है कि फसल परिवर्तन एवं आधुनिक खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।

पाकिस्तानी दर्शकों का भड़का गुस्सा! धुरंधर 2 को कहा ‘थर्ड क्लास’, बाहर लगे विवादित नारे

मुंबई रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' इस वक्त पूरी दुनिया में बवाल मचा रही है। इस फिल्म को देखकर फैंस ही नहीं स्टार्स भी डायरेक्टर आदित्य धर की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। मूवी में रणवीर सिंह से लेकर संजय दत्त, आर माधवन, राकेश बेदी जैसे कलाकारों ने अपनी दमदार एक्टिंग से हर किसी का दिल जीता है। आदित्य की इस फिल्म की एक तरफ जहां हर कोई तारीफों के पुल बांध रहा है। वहीं, दूसरी तरफ एक पाकिस्तानी फैमिली ने 'धुरंधर 2' को लेकर अपना रिव्यू शेयर किया। साथ ही बताया कि फिल्म में उन्हें किस एक्टर की एक्टिंग ने सबसे ज्यादा इंप्रेस किया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पाकिस्तानी फैमिली ने दिया 'धुरंधर 2' का रिव्यू रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर पाकिस्तानी परिवार का एक वीडियो एक्स (ट्विटर) पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर 2' पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। UK के एक थिएटर में फिल्म देखने के बाद उन्होंने जिस तरह से इसकी तीखी आलोचना की है, उसकी वजह से यह वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है। फिल्म को बताया ‘थर्ड-क्लास’ वायरल वीडियो क्लिप में परिवार को सिनेमा हॉल से बाहर निकलते और फिल्म 'धुरंधर 2' पर अपनी राय देते हुए नजर आ रहे हैं। पाकिस्तानी फैमिली को आदित्य धर की 'धुरंधर 2' पसंद नहीं आई और फिल्म की कहानी और कास्ट को लेकर उन्होंने निराशा जाहिर की। वीडियो में एक आदमी कहता है, 'थर्ड-क्लास। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसी थर्ड-क्लास फिल्म कभी नहीं देखी।' वहीं, एक महिला ने कहा, 'अगर 'घटिया' और 'थर्ड-क्लास' से भी बुरा कोई शब्द है, तो वह इस फ़िल्म के लिए ही है।' ग्रुप के दूसरे लोग भी फिल्म को 'बकवास' और 'फेल' कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। दूसरे पार्ट में किया इस एक्टर को मिल इस वीडियो में पूरा परिवार एक ही सुर में जहां 'धुरंधर 2' की जमकर बुराई करता नजर आ रहा है। वहीं, वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि ग्रुप के कुछ सदस्य थिएटर के बाहर 'मेजर इकबाल जिंदाबाद' और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगा रहे हैं। पहले इसी परिवार ने की थी 'धुरंधर' की तारीफ आपको जानकार हैरानी होगी कि इसी पाकिस्तानी फैमिली ने पहले आदित्य धर की मूवी का पहला पार्ट यानी 'धुरंधर', जो दिसंबर 2025 में रिलीज हुई उसे देखी थी। फिल्म देखने के बाद उन्होंने इसका रिव्यू दिया था,जिसमें उन्होंने न सिर्फ मूवी की जमकर तारीफ की थी, बल्कि सभी पाकिस्तानियों से देखने की अपील भी की थी और कहा था कि ये "जरूर देखने लायक" है। ऐसे में सीक्वल पर उनकी बिल्कुल अलग प्रतिक्रिया और भी ज्यादा हैरान करने वाली लगती है। पाकिस्तान में बैन है 'धुरंधर 2' रणवीर सिंह के लीड रोल वाली फिल्म 'धुरंधर 2' रिलीज के बाद से ही सुर्खियों में है; न सिर्फ अपने बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की वजह से, बल्कि इसलिए भी कि सरहदों के पार भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, पाकिस्तान में बैन होने की वजह से यह फिल्म आधिकारिक तौर पर रिलीज नहीं हुई है, लेकिन ऑनलाइन कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें वहां के लोग अपने घरों में इस फिल्म के पायरेटेड वर्जन देखते हुए नजर आ रहे हैं।