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राशिफल 24 मार्च 2026: मेष से मीन तक, जानें किसके लिए रहेगा शुभ दिन

मेष 24 मार्च के दिन आपको अप्रत्याशित चुनौतियों और आकर्षक अवसरों दोनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। यह आपकी क्षमता और स्किल्स को प्रेजेंट करने का समय है। अपने मन पर भरोसा रखें और अच्छे रिश्ते बनाने पर फोकस करें। वृषभ 24 मार्च के दिन आप अपना आत्मविश्वास दोबारा कायम कर सकते हैं। पर्सनल विकास और करियर विकास के तौर पर किए गए सिक्योर इन्वेस्टमेंट से महत्वपूर्ण लाभ हो सकता है। मिथुन 24 मार्च के दिन बैलेंस बनाने पर फोकस करें। विलासिता की वस्तुओं की अप्रत्याशित खरीदारी से बचना महत्वपूर्ण है। ग्रहों का संरेखण आपकी आदतों में बदलाव के लिए आग्रह कर रहा है। आपकी क्रिएटिविटी और बुद्धि ही आपकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। कर्क 24 मार्च के दिन अपने गोल्स की तरफ आगे बढ़ने और बदलाव लाने का एक दुर्लभ अवसर मिल सकता है। बदलती एनर्जी को अपनाना चाहिए। अपनी स्किल्स और समझ को बढ़ाने की ओर ध्यान देना चाहिए। सिंह 24 मार्च के दिन ऑफिस में लोग आपकी मेहनत और प्रयासों की तारीफ करेंगे। स्मार्ट बजट आपको संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। इस सप्ताह काम पर, निरंतर प्रयास तारीफ दिला सकते हैं, भले ही प्रगति धीमी लगे। तुला 24 मार्च के दिन कुछ की जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन साथ ही आपका कॉन्फिडेंस भी बढ़ेगा। सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। शाम की शुरुआत से पहले आप अपने अपने सभी पेंडिंग काम पूरा करने के लिए मोटिवेटेड महसूस करेंगे। धनु 24 मार्च के दिन आपको अपने साथी की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सिंगल लोग अपने पुराने रिश्ते से फिर से जुड़ सकते हैं। कुछ लोगों को अपने परिवार या भविष्य की योजनाओं से संबंधित खर्च उठाने पड़ सकते हैं। मकर 24 मार्च के दिन आपकी ईमानदारी स्ट्रांग बॉन्ड या रोमांचक नई शुरुआत का कारण बन सकती है। सेहत का ध्यान रखें। योजना बनाने के लिए बेहतरीन समय है। मैरिड मकर राशि वालों को अहंकार के टकराव से बचना चाहिए। कुम्भ 24 मार्च के दिन आपको अपनी स्किल्स दिखाने का मौका मिल सकता है। आपको अपनी खर्च करने की आदतों पर ध्यान देने और वित्तीय योजनाओं को फिर से प्लान करना पड़ सकता है। कन्या 24 मार्च के दिन नेटवर्किंग या पुराने दोस्तों की मदद से नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा। स्टूडेंट्स, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें खास ध्यान देना होगा। वृश्चिक 24 मार्च के दिन आपको ट्रैवल या ड्राइव करते समय सावधान रहना चाहिए। आपको पैसों के मामले में लाभ हो सकता है। जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय सोच समझकर प्लान करना चाहिए। मीन 24 मार्च के दिन विद्यालय में स्टूडेंट्स की सफलता का राज रहेगा कि वे रट्टा मारने के बजाय दीप लर्निंग पर फोकस करें। स्वयं की तुलना दूसरों से न करें। लव लाइफ में रोमांस रहेगा।

गैस सिलेंडर महंगा होने पर सियासत तेज, विपक्ष बोला- गलत नीतियों की मार झेल रही जनता

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई और देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी हालत में युद्ध रुकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ रहा है और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर व्यापक है। सरकार ने एलपीजी के दाम बढ़ा दिए हैं और इसकी वजह से आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। सरकार की गलत विदेश नीति के कारण देश को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में प्रधानमंत्री के बयान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री देश की मौजूदा स्थिति और संभावित चुनौतियों पर खुलकर बोलते हैं, तो जनता को सही जानकारी मिल सकेगी और भ्रम की स्थिति खत्म हो जाएगी। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई सीसीएस बैठक पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बैठक पहले क्यों नहीं की गई और सरकार ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य देशों ने ईरान से बातचीत कर अपने जहाज सुरक्षित निकाल लिए, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया, जिससे देश को खतरे में डाला गया। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इज़रायल भेजे गए भारतीय छात्र फिलहाल कहां हैं और उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, उन्होंने कच्चे तेल की कीमतों में पहले आई गिरावट के दौरान राहत न देने और अब कीमतें बढ़ाने पर सवाल उठाए। इसी बीच आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "आज जीरो आवर के दौरान मैंने एक अहम मुद्दा उठाया, जो देश के सभी मोबाइल फोन यूजर्स से जुड़ा है। जब हम अपने प्लान रिचार्ज करवाते हैं, तो हमें रोजाना के लिए एक तय डेटा लिमिट मिलती है, जैसे कि 1.5 जीबी, 2 जीबी या 3 जीबी प्रति दिन मिलती है। जब आधी रात बीत जाती है, तो जो डेटा इस्तेमाल नहीं हुआ है, उसे आगे बढ़ाकर अगले दिन की डेटा लिमिट में जोड़ दिया जाना चाहिए।" सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "मैंने लगातार नागरिक उड्डयन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। मेरा मकसद हमेशा यही रहा है कि आम आदमी के लिए हवाई यात्रा आरामदायक और किफायती हो। यह इतनी महंगी न हो जाए कि लोग हवाई यात्रा ही न कर पाएं। हम एयरलाइन टिकट की कीमतों से जुड़ी समस्याओं को लगातार देख रहे हैं।"

केंद्र सरकार का तोहफा: अमृतसर से कटरा के बीच वंदे भारत ट्रेन नए मार्ग पर दौड़ेगी

गुरदासपुर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से गुरदासपुर जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को अब जालंधर की बजाय गुरदासपुर के रास्ते चलाने की मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से जिले के यात्रियों को आधुनिक और तेज रेल सेवा की सीधी सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर और भी सुगम हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी जिला गुरदासपुर के जिला प्रधान बघेल सिंह बहिया ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला इलाके की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और इससे गुरदासपुर जिले के लोगों को बड़ा लाभ होगा। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेशों के अनुसार ट्रेन नंबर 26405/26406 अमृतसर–श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस अब पठानकोट कैंट, पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला होकर गुजरेगी तथा यह ट्रेन गुरदासपुर जिले के गुरदासपुर और बटाला दोनों रेलवे स्टेशनों पर नियमित रूप से रुकेगी। नए शेड्यूल के अनुसार कटरा से अमृतसर आने वाली ट्रेन सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर गुरदासपुर पहुंचेगी और 10 बजकर 17 मिनट पर रवाना होगी, जबकि 10 बजकर 54 मिनट पर बटाला पहुंचकर 10 बजकर 56 मिनट पर आगे के लिए चलेगी। इसी तरह अमृतसर से कटरा जाने वाली ट्रेन शाम 5 बजकर 18 मिनट के करीब बटाला पहुंचेगी और 5 बजकर 20 मिनट पर रवाना होगी, जबकि गुरदासपुर में यह ट्रेन शाम 5 बजकर 58 मिनट पर पहुंचेगी और 6 बजे आगे के लिए प्रस्थान करेगी। बघेल सिंह बाहिया ने कहा कि वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवा के गुरदासपुर और बटाला में ठहराव से इलाके के व्यापार, पर्यटन और धार्मिक यात्रा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक सफर की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इलाके के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में भी लोगों को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

मिडिल ईस्ट संकट पर भारत-जर्मनी की चिंता, जयशंकर ने जर्मन विदेश मंत्री से की बातचीत

नई दिल्ली भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच वर्तमान समय में जारी पश्चिम एशियाई तनाव पर बातचीत हुई। दोनों पक्ष बदलते घटनाक्रम के बीच करीबी संपर्क में रहने पर सहमत हुए। डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बातचीत की जानकारी साझा कर लिखा, "कल रात जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ पश्चिम एशिया विवाद पर काम की बातचीत हुई। संपर्क में रहने पर सहमत हुए।" यह नई बातचीत हाल के हफ्तों में दोनों नेताओं के बीच कई डिप्लोमैटिक मुलाकातों के बीच हुई है। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने ब्रसेल्स में 16 मार्च को वाडेफुल से खुद मुलाकात की। इस दौरान भी दोनों नेताओं ने "पश्चिम एशिया में विवाद पर विचार साझा" किया और साथ ही दोनों देशों के बीच सहयोग के अलग-अलग पहलुओं की भी समीक्षा की। इससे पहले, 10 मार्च को, दोनों मंत्रियों ने लगातार बातचीत के हिस्से के तौर पर पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की थी, जो ऊर्जा सुरक्षा और इलाके की स्थिरता पर विवाद के असर को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता को दिखाता है। हाल के हफ्तों में, डॉ. जयशंकर कई ग्लोबल साझेदारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। भारत के विदेश मंत्री ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची समेत कई खास स्टेकहोल्डर्स के साथ भी लगातार संपर्क में बने हुए हैं। ईरान के अलावा, विदेश मंत्री ने कई खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत जारी रखी है, जिससे इस संकट में शामिल सभी पक्षों के साथ डिप्लोमैटिक रूप से जुड़े रहने की भारत की कोशिशों पर जोर दिया गया है। पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसके नतीजे में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। तब से स्थिति और बिगड़ गई है, जिसमें खाड़ी क्षेत्र के कई देश शामिल हो गए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम स्ट्रेटेजिक कॉरिडोर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस संकट पर भारत का नजरिया एक सोची-समझी और संतुलित डिप्लोमैटिक स्ट्रैटेजी दिखाता है। भारतीय नेतृत्व 28 फरवरी से सभी क्षेत्रीय नेतृत्व के साथ बातचीत बनाए हुए है। भारत जिस तरह से इस पूरी स्थिति से निपट रहा है, वह देश के किसी खास पक्ष के साथ जुड़े बिना संकट से निपटने की लगातार कोशिश का संकेत देता है।

नवनिर्माण के नौ वर्ष: स्वस्थ-समर्थ युवा बनेंगे विकसित उत्तर प्रदेश की आधारशिला

योगी सरकार ने यूपी में किया खेल सुविधाओं का अभूतपूर्व विकास, महानगरों से लेकर ग्रामीण स्तर तक सरकार ने खड़ा किया स्पोर्ट्स का बुनियादी ढांचा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में तैयार होंगे भविष्य के चैंपियन व विशेषज्ञ लखनऊ पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने खेलों के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ी है। योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में खेल सुविधाओं का ऐसा अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसने महानगरों से लेकर गांवों तक खेलों की मजबूत बुनियाद खड़ी कर दी है। यह परिवर्तन केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी बन चुका है। सरकार की "एक मंडल-एक स्पोर्ट्स कॉलेज" की परिकल्पना ने हर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर दिया है। मेरठ में स्थापित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय भविष्य के चैंपियनों और खेल विशेषज्ञों को तैयार करने का केंद्र बन रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य खेल नीति-2023 ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और सुरक्षा प्रदान करते हुए खेलों को करियर के रूप में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इसके साथ ही प्रदेश में एकलव्य क्रीड़ा कोष की स्थापना भी की गई है। योगी सरकार में खेल क्रांति का उदय: गांव से ग्लोबल मंच तक यूपी का दबदबा खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार ने पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है। ओलंपिक में एकल वर्ग के खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक पर ₹06 करोड़,  रजत पदक पर 04 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने पर ₹02 करोड़ का पुरस्कार और टीम गेम्स में स्वर्ण पदक पर ₹03 करोड़, रजत पदक पर ₹02 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने पर ₹01 करोड़ का पुरस्कार है। जबकि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक पर ₹03 करोड़, रजत पदक पर ₹डेढ़ करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने पर ₹75 लाख का प्रोत्साहन निर्धारित है। इसके अलावा कॉमनवेल्थ अथवा विश्वकप से जुड़ी प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक पर ₹1.5 करोड़, रजत पदक पर ₹75 लाख तथा कांस्य पदक जीतने पर ₹50 लाख का पुरस्कार निर्धारित है। वहीं ओलंपिक गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों के प्रतिभाग किये जाने पर प्रोत्साहन स्वरूप ₹10-10 लाख और कॉमनवेल्थ गेम्स तथा एशियन गेम्स में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को ₹05-05 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। यह पहल युवाओं के मन में खेलों के प्रति लगाव और समर्पण को और मजबूत करेगी। मजबूत बुनियाद, सुनहरा भविष्य: खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए "एक जनपद एक खेल" योजना से 75 जनपदों में ₹25,000/- प्रतिमाह की दर से प्रशिक्षकों को मानदेय का भुगतान एवं 30 खिलाड़ियों को किट एवं खेल सामग्री की व्यवस्था की गई।  वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 खेलों की टीमों में 434 बालक एवं 355 बालिका समेत कुल 789 खिलाड़ियों को किट वितरित करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। गोरखपुर और वाराणसी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है जबकि प्रदेशभर में स्टेडियम, क्रीड़ा हॉल, स्वीमिंग पूल और जिम जैसी सुविधाओं का विस्तार, इस बात का प्रमाण है कि खेल अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा। मेजर ध्यानचंद डिजिटल हॉकी संग्रहालय से सशक्त होता उत्तर प्रदेश इसके साथ ही, मेजर ध्यानचंद डिजिटल हॉकी संग्रहालय और एकलव्य क्रीड़ा कोष जैसी पहलें खेल संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। दरअसल कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत प्रदेश में रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ी न केवल मैदान में बल्कि जीवन में भी सफल बन सकें। आज उत्तर प्रदेश का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं, बल्कि जीतने और देश का नाम रोशन करने वाला बन रहा है। यह मजबूत, स्वस्थ और समर्थ युवा ही विकसित उत्तर प्रदेश की सच्ची आधारशिला है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

मेट्रो परियोजनाओं से आय के नए स्रोत विकसित करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं को गति, कानपुर और आगरा में तेजी से बढ़ रहा निर्माण कार्य लखनऊ मेट्रो के विस्तार को मिली रफ्तार, 2030 तक नए कॉरिडोर के पूर्ण होने का लक्ष्य आगरा मेट्रो के नए कॉरिडोर का काम जून 2026 तक हो जाएगा पूरा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश में संचालित मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुगम और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है, इसलिए निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो केवल आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि शहरों की अर्थव्यवस्था को गति देने और निवेश आकर्षित करने का मजबूत माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं। स्टेशनों और परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियों जैसे मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल, फूड कोर्ट और ऑफिस स्पेस को बढ़ावा दिया जाए, विज्ञापन और डिजिटल ब्रांडिंग के अवसरों का अधिकतम उपयोग हो, तथा मेट्रो की भूमि और अन्य परिसंपत्तियों का बेहतर ढंग से उपयोग किया जाए। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के माध्यम से बड़े स्तर पर राजस्व सृजन, भूमि मूल्य संवर्धन और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि मेट्रो परियोजनाएं दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि मेट्रो के साथ मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाए और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाए, ताकि यात्रियों को घर से गंतव्य तक निर्बाध यात्रा मिल सके। इसके लिए मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित सेवाओं से जोड़ा जाए। तीनों शहरों में अतिरिक्त पार्किंग स्थलों के विकास, फीडर रूट के निर्धारण और निजी बस सेवाओं के समन्वय पर भी तेजी से काम करने को कहा गया। बैठक में लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि लखनऊ मेट्रो का लगभग 23 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पूर्ण रूप से संचालित है और इसके विस्तार के अंतर्गत चारबाग से वसंत कुंज (कॉरिडोर-1बी, लगभग 11.16 किमी) को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को आधुनिक कनेक्टिविटी मिलेगी। कानपुर मेट्रो परियोजना के कुल 32.4 किलोमीटर लंबे दोनों कॉरिडोर पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें लगभग 15 किलोमीटर सेक्शन पर संचालन प्रारंभ हो चुका है और शेष कार्य को मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। आगरा मेट्रो की लगभग 29.4 किलोमीटर लंबी परियोजना में प्राथमिक सेक्शन (करीब 6.5 किमी) पर संचालन जारी है तथा कॉरिडोर-1 को जून 2026 तक और कॉरिडोर-2 को चरणबद्ध रूप से वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि मेट्रो सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और लखनऊ, कानपुर तथा आगरा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम हुआ है और समय की बचत हो रही है। बेहतर परिचालन प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के उपयोग से संचालन लागत में नियंत्रण रखते हुए गैर-भाड़ा आय (नॉन-फेयर बॉक्स) जैसे विज्ञापन, रिटेल, ब्रांडिंग और स्टेशन परिसरों के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में लगभग 222 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, तकनीकी गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, और कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी आवश्यक हो, नई तकनीकों का उपयोग कर कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा आमजन को बेहतर, सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।

तनाव के बीच भारत को राहत: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरेंगे दो LPG जहाज

नई दिल्ली कुकिंग गैस ले जा रहे दो भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचेगे। जिससे उम्मीद बंधी है कि भारत में एलपीजी संकट कम होगा। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद, रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं। जहाज लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) ले जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल भारत में खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर होता है। दोनों जहाजों ने सोमवार सुबह अपनी यात्रा शुरू की, यूएई तट से रवाना हुए और केशम और लारक द्वीपों के पास ईरान के तट के पास पहुंचे। जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए भारतीय मालिकाना हक का संकेत दिया, जो कई जहाजों द्वारा इस सेंसिटिव रास्ते पर चलने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर जहाजों की यात्रा बिना किसी रुकावट के जारी रहती है, तो उनके सोमवार शाम तक ओमान की खाड़ी पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से पूरा रास्ता तय करने में लगभग 14 घंटे लगते हैं। यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ है जब स्ट्रेट, जो तेल और गैस शिपमेंट के लिए एक अहम ग्लोबल रास्ता है, फरवरी के आखिर में इस इलाके में यूएस और इजरायली हमलों के बाद बढ़ते तनाव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तब से, ईरान ने पानी के रास्ते से आने-जाने पर काफी हद तक रोक लगा दी है, और बातचीत के बाद सिर्फ भारत समेत कुछ देशों से जुड़े चुनिंदा जहाजों को ही गुजरने की इजाजत दी है। शिपिंग पैटर्न से पता चलता है कि ईरान जहाजों को अपने समुद्र तट के किनारे से गुजरने का निर्देश देकर ट्रैफिक को कंट्रोल कर रहा है। इसके उलट, ओमान के पास के आम रास्ते में जोखिम देखा गया है; इस महीने की शुरुआत में एक जहाज पर हमला होने की खबर है। 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' दोनों ने फरवरी के आखिर में, लड़ाई बढ़ने से ठीक पहले, फारस की खाड़ी में एंट्री की थी। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवाइस से अपना माल उठाया। तनाव की वजह से इस इलाके में फंसे हुए थे। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय झंडे वाले दो और एलपीजी कैरियर ने भी इसी तरह की यात्राएं सफलतापूर्वक पूरी की थीं।

दो अफसरों की हत्या से मचा हड़कंप: बदायूं में 85 कर्मचारियों की नौकरी गई

 बदायूं बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में हुई दो अफसरों की हत्या के बाद कंपनी प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाते हुए 85 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। ये सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारी थे। इनमें मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के दो भाई केशव प्रताप और चंद्रशेखर भी शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सीबीजी प्लांट में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को सेवा समाप्ति की सूचना एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक पराग हलानी द्वारा ई-मेल के माध्यम से दी गई। कंपनी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 13 मार्च से सभी संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी और नियमानुसार उक्त अवधि तक का भुगतान भी कर दिया गया है। प्लांट में घुसकर की गई थी दो अफसरों की हत्या बता दें कि बीते 12 मार्च को प्लांट परिसर में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप आउटसोर्सिंग कर्मचारी अजय प्रताप सिंह पर है, जो महज 14 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर कार्यरत था। बताया जाता है कि उसने नौकरी के बहाने प्लांट परिसर में पहुंचकर पराली आपूर्ति का ठेका भी लेना शुरू कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, प्लांट में बढ़ती अराजकता और अनुशासनहीनता को देखते हुए उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता ने सख्ती बरतनी शुरू की थी, जिससे आरोपी अजय प्रताप सिंह बौखला गया। इसी रंजिश में उसने इस जघन्य दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपी ने थाने पहुंचकर खुद ही आत्मसमर्पण कर दिया था। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर उसका चालान कर दिया। चार माह पहले बदली थी ठेका कंपनी, तब भी हुई थी छंटनी बताया जा रहा है कि लगभग चार माह पूर्व ही प्लांट में मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली पुरानी एजेंसी ‘लक्ष्य इंटरप्राइजेज’ का ठेका निरस्त कर एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। नई कंपनी ने कार्यभार संभालते ही करीब 40 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसमें आरोपी अजय प्रताप सिंह भी शामिल था। माना जा रहा है कि उसी समय से वह रंजिश पाले हुए था। फिलहाल प्लांट बंद, सुरक्षा व्यवस्था के बाद ही होगा संचालन हत्याकांड के बाद से प्लांट का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कंपनी और प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि जब तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हो जाते और माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक प्लांट दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान

मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा हादसे में घायल लोगों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया सीएम ने लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रयागराज के फाफामऊ में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित उपचार का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों को तेजी से पूरा करे, घायलों के इलाज में किसी प्रकार को कोताही न हो और सभी घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराया जाए। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है।

यूपीसीडा की पहल से 8 नई परियोजनाओं को मंजूरी, ₹800 करोड़ निवेश प्रस्तावित

योगी सरकार के विजन को मिली गति, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बढ़ा भरोसा अब तक 61 परियोजनाओं को स्वीकृति, ₹12,900 करोड़ से अधिक निवेश से किसानों और उद्योगों को मिलेगा लाभ लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 8 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें लगभग ₹800 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। सरकार की उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 के तहत निवेशकों को निजी भूमि पर लॉजिस्टिक्स और भंडारण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता और टैक्स छूट दी जा रही है। इसी नीति के प्रभाव से निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इन नई स्वीकृत परियोजनाओं में 5 साइलो, 2 वेयरहाउसिंग और 1 लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट शामिल हैं, जो उन्नाव, औरैया, बलरामपुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, लखनऊ, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़ समेत विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के तहत लगभग 110 एकड़ क्षेत्र में विकास होगा, जिससे प्रदेश की कृषि और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी। 61 परियोजनाओं को मिल चुकी मंजूरी, ₹12,900 करोड़ से अधिक निवेश इन 8 नई परियोजनाओं के साथ ही अब तक यूपीसीडा द्वारा वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 और पीआईपी नीति के अंतर्गत कुल 61 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। ये परियोजनाएं करीब 810 एकड़ भूमि पर विकसित होंगी और इनमें ₹12,900 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से अनाज के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं मिलेंगी तथा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस क्लस्टर और आधुनिक वितरण केंद्रों के विकास को गति मिलेगी। साथ ही, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के अवसर भी उत्पन्न होंगे। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनाना है। इसके लिए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, कोल्ड चेन, साइलो और वितरण केंद्रों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही निवेशकों को आकर्षित करने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को लगातार बेहतर किया जा रहा है। प्राधिकरण का प्रयास है कि नीति के तहत मिलने वाले सभी प्रोत्साहन निवेशकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाए जाएं। सरकार न केवल निवेश आकर्षित करने, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।