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संघर्ष के साये में तेल आपूर्ति जारी, भारत आ रहे जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेंगे

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो और जहाजों के शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की संभावना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। हाल ही में ईरान ने अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बाद इस जलमार्ग पर 'पूर्ण नियंत्रण' होने का दावा किया है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोत प्रमुख बंदरगाहों के पास तैनात किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर जहाजों को सहायता दी जा सके। आने वाले दिनों में और जहाजों के इस रास्ते से भारत पहुंचने की उम्मीद है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह जलमार्ग भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे 'मित्र देशों' के लिए खुला हुआ है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को बताया कि एलपीजी से भरे चार जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच चुके हैं। मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। एक संयुक्त मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में किसी भारतीय जहाज या भारतीय नाविक से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं। सिन्हा ने यह भी कहा कि इस समय फारस की खाड़ी में करीब 20 भारतीय झंडे वाले जहाज काम कर रहे हैं, जिनमें लगभग 540 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि देश के सभी बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी जाम या रुकावट की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। ईरान केवल कुछ जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिससे देरी हो रही है और कुछ जहाज फंसे हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक बेहद अहम ऊर्जा मार्ग है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार गुजरता है। इसलिए यहां का कोई भी तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का किया शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में क्रिकेट एकेडमी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं का विस्तार कर युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। जशपुर में क्रिकेट खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर पालिका और ग्रीन क्रिकेट जशपुर के बीच एमओयू भी किया गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को संगठित प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान सरगुजा ओलंपिक की विजेता बास्केटबॉल टीम से मुलाकात की और खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाती हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  राम प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष  अरविन्द भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष  गंगाराम भगत, कृष्णा राय,  विजय आदित्य सिंह जुदेव, सरगुजा कमिश्नर  नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  लाल उमेद सिंह, डीएफओ  शशि कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

भाजपा की चार्जशीट से गरमाया बंगाल: ममता सरकार पर गंभीर आरोप

कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 सालों के काले कारनामों का संकलन है। भाजपा ने 40 पन्नों की चार्जशीट 'टीएमसी के 15 साल, पश्चिम बंगाल लहूलुहान' में तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 साल की खामियों को गिनाया है। इसमें घुसपैठ, व्यापक भ्रष्टाचार और संस्थागत पतन, वित्तीय कुप्रबंधन, प्रशासनिक विफलता, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, कृषि संकट, स्वास्थ्य सेवा का पतन और घोटालों का जिक्र है। चार्जशीट में आरोप लगाए गए हैं कि टीएमसी समर्थित सिंडिकेट घुसपैठियों को 'वोट बैंक' बनाने में मदद करने के लिए नकली आईडी कार्ड उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकी खतरे में पड़ रही है। पश्चिम बंगाल की 2,216.7 किलोमीटर लंबी सीमा में से 569 किलोमीटर सीमा पर अभी भी बाड़ नहीं लगी है, जिसका कारण टीएमसी सरकार की ओर से घुसपैठ को बढ़ावा देने के लिए जमीन अधिग्रहण में की गई देरी है। 'बंगाल में सिंडिकेट राज' का आरोप लगाते हुए भाजपा ने कहा है कि कोयला, पीडीएस, एसएससी और मनरेगाजैसे क्षेत्रों में संस्थागत भ्रष्टाचार व 'कट-मनी' (कमीशन) की संस्कृति सभी नागरिक सेवाओं में फैल चुकी है। भाजपा ने चार्जशीट में दावा किया कि बंगाल में 2016 से अब तक 300 राजनीतिक हत्याएं और 13,000 से ज्यादा हत्या के प्रयास हुए। मुर्शिदाबाद, मोमिनपुर और महेशतला में बार-बार सांप्रदायिक अशांति फैली। महिलाओं के खिलाफ अपराधों का जिक्र करते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि पार्क स्ट्रीट से लेकर संदेशखाली तक न्याय दिलाने में सरकार विफल रही है। बंगाल में अकेले 2023 में महिलाओं के खिलाफ 34,738 अपराध दर्ज किए गए। भाजपा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से 6,688 कंपनियों का पलायन और 18,450 एमएसएमई बंद हुए हैं। इसी कारण बड़े पैमाने पर पूंजी का पलायन हुआ है। वहीं, बेरोजगारी दर के कारण 40 लाख से ज्यादा युवाओं को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, "यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है।" उन्होंने कहा कि यह चार्जशीट, सोनार बांग्ला का स्वप्न दिखाकर सिंडिकेट राज स्थापित कर बंगाल की जनता का शोषण करने वाले शासन की कहानी है। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं। विकास के अभाव में बंगाल उद्योग के लिए एक प्रकार से कब्रिस्तान बन चुका है। अमित शाह ने कहा कि इस बार बंगाल की जनता ने तय किया है कि प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 6 मई को पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी और 45 दिन में सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जो भूमि उपलब्ध करानी है, वह भारत सरकार को बंगाल की भाजपा सरकार उपलब्ध करा देगी और हम घुसपैठ को रोकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ढेर सारी भर्तियों में जो घोटाले हुए, उनमें कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है। हम इसमें 5 साल का रिलैक्सेशन देंगे, और जिन युवाओं की भर्ती के लिए उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है, उन्हें एसएससी भर्तियों में मौका भी देंगे, साथ ही पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।

मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे श्रमिक सम्मेलन—श्रम मंत्री श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की। इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष  अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर  गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

ईशान का अर्धशतक, हैदराबाद का बड़ा स्कोर—RCB के सामने 202 रन की चुनौती

नई दिल्ली  आज से आईपीएल के 19वें संस्करण का आगाज हो गया है। पहला मुकाबला गत विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोनों टीमें जीत के साथ अपने अभियान का आगाज करने का लक्ष्य लेकर उतरी हैं। आरसीबी ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है। हैदराबाद ने आरसीबी को दिया 202 रन का लक्ष्य आईपीएल का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच बंगलूरू में खेला जा रहा है। पहले ही मुकाबले में हैदराबाद ने ईशान किशन की अर्धशतकीय पारी की मदद से 20 ओवर में नौ विकेट पर 201 रन बनाए हैं। आरसीबी के लिए जैकब डफी और रोमारियो शेफर्ड ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह और सुयश शर्मा को एक-एक सफलता मिली।

तबादलों को लेकर गरमाई सियासत, ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को घेरा

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राज्य में आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले के जरिए भाजपा को विधानसभा चुनावों में फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। पश्चिम बर्दवान जिले के रानीगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं और अब एक 'लक्ष्मण रेखा' तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, जिसे उन्होंने 'वैनिशिंग कमीशन' कहा, ने राज्य के 50 से 100 अधिकारियों का तबादला कर उन्हें केरल और तमिलनाडु भेज दिया है।  ममता बनर्जी ने कहा कि ये अधिकारी स्थानीय हालात से भली-भांति परिचित थे, लेकिन उन्हें हटाकर बाहर भेज दिया गया। उनके मुताबिक, यह कदम जनता पर दबाव बनाने, अवैध धन, नशीले पदार्थों और बाहरी गुंडों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे दंगों को भड़काने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा और कहा कि इस मामले में भी सीमाएं लांघी जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र में एक मर्यादा होनी चाहिए और उसे पार नहीं किया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज में राम नवमी के जुलूस के दौरान हुई झड़पों का जिक्र करते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन चुनाव आयोग के नियंत्रण में है, इसलिए उन्हें इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरे सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है और अब रघुनाथगंज में दंगे भड़काए जा रहे हैं। दुकानों में लूटपाट हुई और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। जब समय आएगा, तो हम हिंसा भड़काने वालों को नहीं छोड़ेंगे।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो बुलडोजर की राजनीति शुरू हो जाएगी और लोगों को बेघर कर दिया जाएगा। बेहाला में बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने प्रभावित लोगों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि उनकी दुकानों और संपत्तियों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्ट कहती है, वहीं दूसरी ओर खुद अवैध कोयला खनन से पैसा जुटाती है। रैली के दौरान ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग मिलकर राम नवमी, दुर्गा पूजा, ईद और क्रिसमस जैसे त्योहार मनाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रानीगंज के भूस्खलन प्रभावित इलाकों के लिए पुनर्वास पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो लोग इन जोखिम भरे क्षेत्रों से सुरक्षित स्थान पर जाना चाहते हैं, उन्हें 10 लाख रुपए और दो फ्लैट दिए जाएंगे। सरकार स्थानांतरण का पूरा खर्च भी उठाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 2,000 फ्लैट बनाए जा चुके हैं और 4,000 और बनाने की योजना है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव पर विचार करें, क्योंकि किसी बड़े भूस्खलन से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बाघापुराना में बंटी कुर्सी: चेयरमैन आप, वाइस चेयरमैन कांग्रेस

मोगा (पंजाब)   इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 14 सदस्यों के समर्थन से चेयरमैन तथा वाइस चेयरमैन के पद पर जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन चुनीं गईं। शिरोमणि अकाली दल को 12 वोट मिले। पहले 17 मार्च को हुए थे चुनाव बाघापुराना ब्लॉक समिति में कुल 25 सदस्यों का चुनाव हुआ था, जिसमें अकाली दल के 13, कांग्रेस पार्टी के 3, एक निर्दलीय और आम आदमी पार्टी के आठ सदस्य जीतकर आए थे। 17 मार्च को हुए पहले चुनाव के दौरान अकाली दल और कांग्रेस ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके सदस्यों को मतदान करने से रोका गया। आरोपों के बावजूद आम आदमी पार्टी ने अपना चेयरमैन और वाइस चेयरमैन घोषित कर दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल ने मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें चुनाव दोबारा करवाने की मांग की गई। हाईकोर्ट ने दिए थे 28 मार्च को चुनाव के आदेश इस दौरान तत्कालीन एसडीएम ने भी पंजाब चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मोगा डिप्टी कमिश्नर पर दबाव के आरोप लगाए गए, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए बाघापुराना के एसडीएम बबनदीप सिंह वालिया को कोट में पेश होने को कहा था। 23 मार्च को एसडीएम कोर्ट में पेश हुए जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को 28 मार्च को दोबारा चुनाव करवाने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश पर आज प्रशासन की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से मतदान कराया गया जिसमें आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन और कांग्रेस की चरणजीत कौर वाइस चेयरमैन बनीं। विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने बताया कि आज दोबारा हुए चुनाव में उनकी जीत हुई है। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को हुए पिछले चुनाव में भी सरबजीत कौर चेयरमैन बनी थीं, लेकिन विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप आज पूरी तरह से झूठ साबित हो गए। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को मिलाकर कुल 14 सदस्यों का समर्थन मिला और सर्वसम्मति से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का चयन किया गया। विपक्ष को 12 वोट मिले। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को हुए चुनाव के दौरान विपक्ष द्वारा की गई कथित गुंडागर्दी के मामले में भी कार्रवाई करने की बात कही गई। डीसी मोगा सागर सेतिया ने बताया कि आज हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पदों के लिए चुनाव करवाए गए। यह चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिसमें 25 सदस्यों के साथ विधायक ने अपना वोट दिया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई। सभी के सहयोग से चुनाव सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।  

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन बोले– उकसाया गया तो ईरान करेगा करारा पलटवार

तेहरान सैन्य संघर्ष के 29वें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दावा किया है कि वो अमेरिका-इजरायल की ओर से हो रही हर कार्रवाई का पूरी ताकत से जवाब देंगे। सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी कि पहल ईरान नहीं करता लेकिन अगर उस पर आक्रमण किया जाता है तो वो फिर पीछे हटता भी नहीं है। ईरानी राष्ट्रपति ने एक्स पर चेतावनी दी कि अगर ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो जोरदार जवाब दिया जाएगा।  उन्होंने क्षेत्र के अन्य देशों को भी आगाह करते हुए लिखा कि "अगर वे विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो अपने देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के दुश्मनों को युद्ध के लिए न करने दें।" तेहरान की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि वो सिर्फ अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाता है। लेकिन खाड़ी देशों के अधिकारी इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि हमलों में होटल, एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों पर भी स्ट्राइक की जा रही है। इस बीच इराक के रक्षा मंत्रालय ने ऑयलफील्ड में गिरे ड्रोन की जानकारी दी है। विभाग ने बताया कि दक्षिणी हिस्से में स्थित मजनून ऑयलफील्ड में एक ड्रोन गिर गया, लेकिन वह फटा नहीं, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। इराक के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मजनून ऑयलफील्ड इराक के सबसे अहम तेल क्षेत्रों में से एक है। वहीं, ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया है। ईरान की मिलिट्री यूनिट 'खतम अल-अंबिया ऑफिस' के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी के मुताबिक, ईरानी सेना ने मिसाइल और ड्रोन से दो जगहों पर हमला किया, जहां 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। उनके अनुसार इन हमलों में भारी नुकसान हुआ। ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही अपने ठिकानों से भागकर छिप रही है। हालांकि, ईरान के इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर में  निर्माणाधीन जगदेव राम उरांव कल्याण आश्रम चिकित्सालय का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कार्य की गति और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहे निर्माण पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगा और मरीजों को यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी।   इस अत्याधुनिक चिकित्सालय का निर्माण एनटीपीसी लारा के सीएसआर फंड से लगभग 35 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। अस्पताल का भूमिपूजन 7 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया था। वर्तमान में इस अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। प्रस्तावित 6 मंजिला भवन में ग्राउंड फ्लोर सहित चार मंजिलों का ढलाई कार्य पूर्ण हो चुका है।  अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में इमरजेंसी सेवाएं, प्रथम तल पर ओपीडी, द्वितीय एवं तृतीय तल पर वार्ड, चतुर्थ तल पर आईसीयू, पंचम तल पर ऑपरेशन थियेटर संचालित होगा। यह चिकित्सालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में 15 ओपीडी, 4 आईसीयू, 4 ऑपरेशन थियेटर, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, डायलिसिस, एक्स-रे, इमरजेंसी वार्ड, एमआरआई, ईसीजी सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव,  भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय,  विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मिडिल ईस्ट में हलचल: UAE और कतर से हाथ मिलाकर ज़ेलेंस्की की नई रणनीति, ‘सुरक्षा दीवार’ पर उठे सवाल

वाशिंगटन अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग के चलते यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने शनिवार को मध्य पूर्व के देशों की एक महत्वपूर्ण यात्रा की, जिसके तहत उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर (Qatar) के साथ रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। सऊदी अरब के दौरे के तुरंत बाद ज़ेलेंस्की ने इन दोनों देशों के साथ सुरक्षा और सैन्य सहयोग (Defense Cooperation) पर विस्तृत चर्चा की। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने इस दौरान विशेष रूप से ईरानी हमलों (Iranian Attacks) और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा (Strait of Hormuz Security) पर चिंता व्यक्त की। चार साल से रूस के साथ जारी भीषण युद्ध (Ongoing Conflict) के अनुभवों को साझा करते हुए यूक्रेन ने अपने सहयोगियों को आधुनिक सुरक्षा तकनीक (Security Systems) देने की पेशकश की है, जो दुश्मन के घातक ड्रोन और मिसाइलों को आसमान में ही ढेर कर सकती है। यूएई के साथ सुरक्षा और ईरानी हमलों पर मंथन यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात के दौरान ज़ेलेंस्की ने ईरान की ओर से किए जाने वाले हमलों और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित नाकाबंदी पर लंबी बात की। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि यूक्रेन के पास रूसी हमलों का मुकाबला करने का व्यापक अनुभव है और वे अपनी एयर डिफेंस विशेषज्ञता यूएई के साथ साझा करने को तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो दुश्मन के हमलों को रोकने में अत्यधिक प्रभावी साबित हुई है। उनका मानना है कि तेल बाजारों की स्थिरता और निर्दोष लोगों की जान बचाने के लिए यह सहयोग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।   कतर के साथ 10 साल की ऐतिहासिक रक्षा साझेदारी यूएई के बाद वलोडिमिर ज़ेलेंस्की कतर की राजधानी दोहा पहुंचे, जहाँ उनका स्वागत कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने किया। इस ऐतिहासिक मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच अगले 10 वर्षों के लिए रक्षा क्षेत्र में एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत दोनों देश संयुक्त रूप से रक्षा उद्योग परियोजनाओं पर काम करेंगे और सैन्य उपकरणों के उत्पादन के लिए सह-उत्पादन सुविधाएं स्थापित करेंगे। ज़ेलेंस्की ने कतर के नेतृत्व को रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे लगातार हमलों और रूस-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य गठजोड़ के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। हवाई सुरक्षा को मजबूत करना यूक्रेन की सर्वोच्च प्राथमिकता कतर की यात्रा के दौरान ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन के लिए इस समय अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों (Air Defense) को मजबूत करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि रूस और ईरान के बीच गहराते सैन्य सहयोग ने यूक्रेन और मध्य पूर्व दोनों के लिए सुरक्षा चुनौतियां पैदा की हैं। यूक्रेन अब अपने साझेदार देशों के साथ तकनीकी और रणनीतिक अनुभवों का एकीकरण कर रहा है ताकि रूसी मिसाइल और ड्रोन खतरों का डटकर मुकाबला किया जा सके। ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि खाड़ी देशों का समर्थन न केवल यूक्रेन की संप्रभुता की रक्षा करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी बढ़ावा देगा। काउंटर करने के लिए नए और मजबूत सहयोगियों की तलाश यूक्रेन का खाड़ी देशों की ओर यह झुकाव दिखाता है कि ज़ेलेंस्की अब रूस-ईरान गठबंधन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काउंटर करने के लिए नए और मजबूत सहयोगियों की तलाश में हैं। इस समझौते के बाद जल्द ही यूक्रेन और कतर के रक्षा विशेषज्ञों की एक टीम संयुक्त उत्पादन इकाइयों के लिए जमीन और तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण शुरू कर सकती है। ज़ेलेंस्की की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है, जिससे यह साफ होता है कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक तेल राजनीति में भी अपनी भूमिका देख रहा है।