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लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम करेंगे नियुक्ति पत्र का वितरण

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम देंगे नियुक्ति पत्र लोक भवन में 20 अभ्यर्थियों को सीधे सौंपे जाएंगे नियुक्ति पत्र शेष को जिलों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधि करेंगे वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल 345 पुरुष व 320 महिला अभ्यर्थी चयनित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। संस्थान में कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें 345 पुरुष एवं 320 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम खुद देंगे नियुक्ति पत्र इनमें से 20 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में सीधे नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जबकि शेष अभ्यर्थियों को उनके संबंधित जनपदों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इनको मिलेगा नियुक्ति प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को उपचार में सहूलियत मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रियंका सिंह, मनीष कुमार, लक्ष्मण राम चौधरी, मोहम्मद आलम, तनु, संध्या जोशी, देवराज गुर्जर, देवेश कुमार, जय प्रकाश सिंह, धर्मेंद्र काजला, कुमारी अनामिका यादव, दीप्ति देवी, प्रतिमा कश्यप, आकांक्षा, ऋषि राज गौतम, आराध्या सिंह, प्रियंका चौधरी, विवेक कुमार गोंड, संध्या सिंह व शरिमा सिद्दीकी शामिल हैं।

नक्सल नेटवर्क कमजोर: मिशिर बेसरा संपर्क में, जल्द हो सकता है बड़ा सरेंडर

बस्तर. बस्तर में दशकों पुराना नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और 31 मार्च 2026 इसकी समाप्ति की दिशा में निर्णायक तारीख बनती दिख रही है। शीर्ष कमांडर पापाराव के आत्मसमर्पण के बाद संगठन की कमर टूट चुकी है। सूत्रों के अनुसार मिशिर बेसरा भी सरेंडर के लिए संपर्क में हैं। पिछले दो वर्षों में 5000 नक्सली नेटवर्क खत्म हुआ, जिसमें 3000 ने आत्मसमर्पण किया, 2000 गिरफ्तार और 500 मारे गए। पुनर्वास नीति और विकास कार्यों ने बड़ा असर डाला है। इस संघर्ष में 1416 जवान शहीद हुए। आईईडी के 1277 मामलों में नुकसान हुआ, लेकिन 4580 आईईडी बरामद कर साजिशें नाकाम की गईं। अब बचे नक्सलियों के पास आत्मसमर्पण या समाप्त होने का ही विकल्प बचा है। बस्तर में अब विकास और शांति की नई तस्वीर उभर रही है। नक्सलियों के खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाई से माओवादी संगठन बैकफुट पर हैं। कभी माओवादी संगठनों के शांति अपील के लेटर सामने आ रहे हैं तो कभी सरकार से युद्ध विराम घोषित करने की मांग। इस बीच एक और लेटर सामने आया है। इस बार माओवादी संगठनों ने अपने साथ काम करने वालों को लेटर लिखा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि अगर आपको किसी तरह से डर लगता है को हथियार छोड़ सकते हैं। किसके नाम से जारी किया गया है लेटर नक्सली संगठन के द्वारा जो लेटर जारी किया है उसमें प्रवक्ता अभय और विकल्प का नाम दिया गया है। सरेंडर कर रहे नक्सलियों को यह लेटर लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों को डर लगता है वह अपने हथियार छोड़ दें लेकिन हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे। क्या है मामला दरअसल, कुख्यात नक्सली कमांडर वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने अपने संगठन को एक लेटर लिखा था। इस लेटर में उसने सरेंडर की बात लिखी थी। उसने अपने लेटर में लिखा था कि अब केवल सरेंडर ही एक बेहतर विकल्प है और अब समय आ गया है कि जनता के वास्तविक मुद्दों के लिए आवाज उठाई जाए। उसके इस लेटर के बाद संगठन में फूट पड़ गई थी। कुछ माओवादियों ने इस लेटर का विरोध किया तो कुछ ने कहा कि हम अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ सकते हैं। बता दें कि सोनू कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी के मेंबर है।  नक्सलियों के पास केवल सरेंडर ही विकल्प छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान मिशन 2026 के तहत कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के कई टॉप लीडरों को मार गिराया है। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के पास अब केवल एक ही रास्ता बचा है। उन्हें सरेंडर कर मुख्यधारा में लौटना चाहिए।

सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट

उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित सीएम ने कहा, यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम योगी ने पेट्रोलियम पदार्थों के नियंत्रित मूल्य और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार  सीएम के निशाने पर रही कांग्रेस व सपा, मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान के प्रति जताई कृतज्ञता 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार, गत 9 वर्ष में बनी बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में यूपी की पहचान: सीएम योगी  जेवर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की उड़ान को नई ऊंचाई प्रदान करने वाला यह समारोह प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में नए भारत का नया उत्तर प्रदेश आज अपनी पहचान का नया उद्घोष कर रहा है कि जब संकल्प मजबूत, साहस अडिग व आत्मविश्वास अटल हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रह सकता। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संकल्प को सिद्धि में बदलने का परिणाम है। इसका रनवे न केवल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक ले जाने का आधार बनेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का लॉन्चपैड भी बनेगा। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के निवेश, व्यापार व औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक पहुंचाते हुए व्यापक रोजगार सृजन भी करेगा। ग्लोबल एविएशन मैप पर यूपी की नई पहचान सीएम योगी ने कहा कि यह एयरपोर्ट विकास की नई ऊंचाइयों के साथ जनता को राहत दिलाने वाला है। पीएम मोदी ने पिछले 11-12 वर्षों में नए भारत को विकसित भारत की दिशा में बढ़ाने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इसी श्रृंखला का हिस्सा है। आज पीएम मोदी के करकमलों से नवनिर्माण की नई इकाई का लोकार्पण हो रहा है। यह नवसृजन उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एविएशन मैप पर नए सिरे से प्रस्तुत करने का कार्य कर रहा है। पीएम मोदी ने विकसित भारत की संकल्पना देशवासियों को दी है। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर आज की आवश्यकता है। अभी एक रनवे प्रारंभ हो रहा है। कुछ वर्षों में एयरपोर्ट के पांच रनवे संचालित होंगे तो यह खुद को ग्लोबल एयरपोर्ट के रूप में स्थापित करने में सफल होगा। पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का निर्णय ऐतिहासिक  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी की दूरदर्शी सोच और उनके ‘देश प्रथम’ भाव के साथ 11-12 वर्षों में नए भारत की कार्ययोजना हमें देखने को मिल रही है। रामनवमी पर देश में उत्सव व उत्साह का माहौल था, जबकि दुनिया में अव्यवस्था, अराजकता और संशय की स्थिति है। अमेरिका जैसे विकसित देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन भारत में दाम नियंत्रित है। इनकी आपूर्ति सुगम बनाई गई है। भारत के पड़ोस में जितने भी देश हैं, वहां भी पेट्रोलियम पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं और उनका अभाव भी है। वहां अव्यवस्था का माहौल है। उन्हें कार्यावधि घटाने के साथ उत्पादन रोकना पड़ा है। पब्लिक में कोटा सिस्टम लागू करना पड़ा है, लेकिन भारत में निर्बाध रूप से पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति बनाए रखने के साथ ही दाम को नियंत्रित रखा गया है। कल पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, उसके लिए 25 करोड़ प्रदेशवासियों की तरफ से मैं पीएम मोदी को कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं। 2002 से 2017 तक यूपी रहा अराजकता व अव्यवस्था का शिकार  सीएम योगी ने कांग्रेस व सपा जैसे दलों पर भी निशाना साधा। कहा कि अपने नकारेपन के कारण इन्होंने देश व प्रदेश को विकास के बॉटलनेक के रूप में छोड़ दिया था। 2002 से 2017 तक यूपी अराजकता-अव्यवस्था का शिकार रहा, लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश ने 12 वर्षों और प्रदेश ने 9 वर्षों में जो स्पीड पकड़ी है,  उसने बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू के रूप में नई पहचान प्रस्तुत की है। पीएम मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, आज उन्हीं के करकमलों से प्रथम फेज के उद्घाटन का कार्यक्रम भी हो रहा है। यही डबल इंजन सरकार की स्पीड है, क्योंकि पीएम मोदी ने सदैव कहा है कि जिसका शिलान्यास करो, उसका उद्घाटन भी करो। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाएगा जेवर एयरपोर्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कनेक्टिविटी का केंद्र बनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे और भविष्य में ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस, दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेललाइन जैसे नेटवर्क से जोड़कर प्रदेश को गति के साथ विकास की नई ऊंचाई तक ले जाने का भी कार्य करेगा। इस एयरपोर्ट परियोजना के माध्यम से लाखों नौजवानों के लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा व ग्रेटर नोएडा में व्यापक निवेश की संभावनाओं ने अभी से प्रस्ताव देने प्रारंभ कर दिए हैं। पिछले दिनों इसी एयरपोर्ट के पास पीएम मोदी ने सेमीकंड्क्टर चिप बनाने की यूनिट की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अत्य़ाधुनिक मैन्युफेक्चरिंग कलस्टर की निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, ट्वाय पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्रॉफ्ट पार्क समेत अन्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं, जिसमें यहां निवेश के साथ ही रोजगार की व्यापक संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। यहां डाटा सेंटर से संबंधित यूनिट भी स्थापित हो रही है। आने वाले दिनों में अत्याधुनिक फिनटेक सिटी के निर्माण कार्य और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आने के साथ ही एनसीआर में निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण का सृजन भी हो रहा है। सीमलेस, स्मार्ट और सस्टेनेबल एयरपोर्ट, एविएशन फ्यूलफॉर्म, इनफ्लाइट किचन फैसिलिटी, एमआरओ के साथ ही आधुनिक-डिजिटल और ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित ‘ईज ऑफ जर्नी’ की संकल्पना को यह एयरपोर्ट साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।  यूपी के पोटेंशियल को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका का निर्वहन करेगा यह एयरपोर्ट सीएम ने कहा कि डेडिकेटेड मल्टीमोडल कार्गो हब का निर्माण होने से उत्तर प्रदेश अब लैंडलॉक्ड की लिमिटेशन से बाहर निकलकर … Read more

उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह

सारस की उड़ान बनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहचान उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस से सजा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रतीक चिन्ह नीला-हरा ग्रेडिएंट परंपरा और आधुनिकता का संगम, तकनीक, कनेक्टिविटी और पर्यावरण का संदेश जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी ब्रांड पहचान को खास और वैश्विक स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस को अपने प्रतीक (लोगो) के रूप में अपनाया है। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को दर्शाती है, जिसमें विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरणीय संतुलन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। सारस उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी होने के साथ-साथ समृद्ध परंपरा और प्रकृति का प्रतीक है। एयरपोर्ट के लोगो में इसे शामिल करना राज्य की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की एक सार्थक पहल है, जो योगी सरकार के “विकास के साथ विरासत” के दृष्टिकोण को मजबूत करती है। डिजाइन में तकनीक और इको-फ्रेंडली सोच का मेल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लोगो को पतली और एकीकृत रेखाओं से तैयार किया गया है, जो गति, कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का संकेत देती हैं। नीले-हरे रंग का ग्रेडिएंट तकनीकी प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है, जो योगी आदित्यनाथ की ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट नीति के अनुरूप है। उड़ान में छिपा विकास और सकारात्मकता का संदेश लोगो में उड़ता सारस प्रगति, आत्मविश्वास और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। यह राज्य को एक वैश्विक निवेश और कनेक्टिविटी हब बनाने के विजन को भी दर्शाता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह प्रतीक न केवल इसकी ब्रांडिंग को मजबूत कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान को भी अलग और प्रभावी बना रहा है। यह एयरपोर्ट अब केवल एक परिवहन केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, आधुनिकता और सतत विकास का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

एलसी3 तकनीक से निर्माण, करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर का विशाल टर्मिनल

अत्याधुनिक तकनीक और इको-फ्रेंडली निर्माण से सुसज्जित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 बनेगा नया मानक एलसी3 तकनीक से निर्माण, करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर का विशाल टर्मिनल उच्च क्षमता, तेज सेवाएं और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं होंगी सुलभ नोएडा  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है। यहां निर्मित टर्मिनल-1 न केवल आकार और क्षमता के लिहाज से बड़ा है, बल्कि तकनीकी नवाचार और यात्री सुविधाओं के मामले में भी नया मानक स्थापित करेगा। लो-कार्बन एलसी3 तकनीक से पर्यावरण को बढ़ावा एयरपोर्ट का निर्माण देश में पहली बार बड़े पैमाने पर एलसी3 (चूना-मिट्टी-सीमेंट मिश्रण) तकनीक से किया गया है। यह लो-कार्बन निर्माण सामग्री पारंपरिक सीमेंट की तुलना में पर्यावरण पर कम प्रभाव डालती है, जिससे यह परियोजना इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण बनती है। विशाल टर्मिनल और आधुनिक यात्री सुविधाएं करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैले टर्मिनल-1 में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और 9 सिक्योरिटी चेक लेन स्थापित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को तेज और सहज अनुभव मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए फास्ट-ट्रैक सुविधा के साथ 9-9 इमिग्रेशन काउंटर उपलब्ध रहेंगे, जिससे समय की बचत और सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग व्यवस्था घरेलू उड़ानों के लिए 10 एयरोब्रिज और 2 बस बोर्डिंग गेट की व्यवस्था की गई है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2 एयरोब्रिज और एक बस बोर्डिंग गेट उपलब्ध होंगे। यह विभाजन संचालन को व्यवस्थित और कुशल बनाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न हो। उच्च क्षमता और तेज संचालन की तैयारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। इसके अलावा, एयरपोर्ट की वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है, जो इसे एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी।

हवेली शैली की झलक, गंगा घाट थीम पर बना मल्टीलेवल टर्मिनल

आधुनिकता के साथ संस्कृति का संगम: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन दे रहा भारत दर्शन का अनुभव हवेली शैली की झलक, गंगा घाट थीम पर बना मल्टीलेवल टर्मिनल देशभर के हैंडीक्राफ्ट्स से सजा एयरपोर्ट बनेगा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक नोएडा/जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इसके वास्तु और इंटीरियर डिजाइन में उत्तर प्रदेश की विरासत को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। हवेली शैली में झलकेगी उत्तर प्रदेश की विरासत एयरपोर्ट के डिजाइन में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हवेलियों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। वास्तुकला में उपयोग किए गए डिजाइन एलिमेंट्स जैसे मेहराब, आंगन और पारंपरिक संरचनाएं यात्रियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेंगे। गंगा घाट थीम से मिलेगा आध्यात्मिक अनुभव टर्मिनल को गंगा घाट की थीम पर मल्टी-लेवल संरचना में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसा अनुभव मिलेगा। सीढ़ीनुमा डिजाइन, खुले स्पेस और प्रकाश व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि यह आध्यात्मिक और शांत वातावरण का एहसास कराए। हैंडीक्राफ्ट्स से सजेगा पूरा एयरपोर्ट एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट्स का उपयोग किया गया है। यह पहल न केवल भारत की विविध कला परंपराओं को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय कारीगरों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सांस्कृतिक पहचान को समाहित किया जा सकता है। हाईटेक सुविधाओं के साथ पारंपरिक थीम इसे अन्य एयरपोर्ट्स से अलग और विशिष्ट बना रही है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर राजकीय वायुयान ने भरी पहली उड़ान

ऐतिहासिक क्षण: जेवर से पहली उड़ान, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व सीएम योगी ने किया लखनऊ का सफर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर राजकीय वायुयान ने भरी पहली उड़ान यूपी के उड्डयन इतिहास में जुड़ा नया अध्याय, ऐतिहासिक पल का साक्षी बना जेवर एयरपोर्ट नोएडा/लखनऊ  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय वायुयान ने जेवर रनवे से अपनी पहली उड़ान भरते हुए विकास की नई कहानी लिख दी। इस विशेष उड़ान में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से लखनऊ तक का सफर तय किया। राजकीय वायुयान की इस पहली उड़ान ने न केवल एयरपोर्ट के संचालन की औपचारिक शुरुआत को चिह्नित किया, बल्कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और तेज विकास के नए द्वार भी खोल दिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राजधानी तक की दूरी अब और अधिक सहज और तेज हो जाएगी, जिससे व्यापार, निवेश और आवागमन को सीधा लाभ मिलेगा।

इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग

कनेक्टिविटी का रिकॉर्ड स्थापित करेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा जेवर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से सीधी और तेज पहुंच होगी सुनिश्चित लखनऊ देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने के बजाय, उत्तर भारत के लोग अब जेवर एयरपोर्ट का रुख करेंगे।  एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है, जहां समर्पित इंटरचेंज तैयार है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक) के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से भी सीधी और तेज पहुंच सुनिश्चित हो गई है। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। वहीं, औद्योगिक और एयर कार्गो यातायात के लिए बनाए जा रहे उत्तर और पूर्व एक्सेस रोड लगभग तैयार हैं। सेक्टर-28 में 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव भी कम करने की तैयारी है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान रेल और रैपिड रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा काम हो रहा है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना का डीपीआर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही, चोला-रुंधी रेल लाइन से कनेक्टिविटी के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। भविष्य की दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान इस एयरपोर्ट को और खास बनाएगा। यूपी सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होंगी सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटी) के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश (यीडा) मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, जो एयरपोर्ट तक पर्यावरण अनुकूल अंतिम माइल कनेक्टिविटी देंगी। ब्रांडेड कैब सेवा भी शुरू होगी यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक कैब सेवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स द्वारा संचालित एनआईए ब्रांडेड कैब सेवा शुरू होगी, जिसमें सुरक्षा, समयबद्धता और डिजिटल भुगतान की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा उबर, रैपिडो, ओला और मेक माईट्रिप जैसी कंपनियां ऑन-डिमांड कैब सेवा देंगी। यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा कार रेंटल सेवाओं के तहत यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक होगी। इन सभी योजनाओं के साथ जेवर एयरपोर्ट केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां हर प्रकार की कनेक्टिविटी एकीकृत रूप में उपलब्ध होगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव घटेगा सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए जेवर एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे अब इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए सिर्फ दिल्ली पर निर्भरता नहीं रह जाएगी। उत्तर भारत और आसपास के राज्यों के लोग अब जेवर एयरपोर्ट से भी इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव भी घटेगा, क्योंकि इससे पहले इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। अब यह सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने के बाद कई राज्यों के लोगों की सहूलियत बढ़ जाएगी।

सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट:पेपर से प्रोजेक्ट तक: 8 वर्षों में साकार हुआ सपना सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) 2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए एविएशन इंडस्ट्री के फलक पर चमकने को तैयार यूपी का 'जेवर', एयरपोर्ट से आगे का विकास मॉडल भी तैयार जेवर  आठ वर्षों के सतत श्रम, समन्वय, सुपरविजन व समीक्षा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) हकीकत बना है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने और अब पीएम मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। यह सब कुछ संभव हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प की वजह से, जिनके विजन, कार्यकुशलता व नियमित समीक्षा के चलते यह मेगा प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा। 2017: एक सपने की शुरुआत इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त हुई। यही वह समय था, जब जेवर को एक वैश्विक एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की नींव रखी गई। इसके बाद वर्ष 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) का गठन हुआ और परियोजना को संस्थागत रूप मिला। 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर के रूप में चुना गया और कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया। 2021: फाइनेंशियल क्लोजर से निर्माण का रास्ता साफ अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2021 में ‘अपॉइंटेड डेट (तिथिवार कार्ययोजना)’ घोषित हुई, जिससे इस मेगा प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हो गया। मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोकरमेंट एंड कन्सट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 से 2024 के बीच सभी अहम टास्क समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए, जो परियोजना प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। इसी के साथ एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया। हर कदम पर सक्रिय रहे सीएम योगी इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता भूमि अधिग्रहण से लेकर इसके लोकार्पण तक हर कदम पर दिखाई दी। चाहे निर्माण से जुड़े मामले हों, विभिन्न प्रकार की एनओसी या विभागों के बीच समन्नय, सीएम योगी नियमित निर्देशन व समीक्षा से इसे अमली जामा पहनाते रहे। उन्होंने इस परियोजना को केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति बनाई। इसका नतीजा यह निकला कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक सेक्टर विकास की नई जमीन तैयार कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट न सिर्फ रोजगार के लाखों अवसर सृजित करेगा, बल्कि निवेश, औद्योगिकीकरण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का यह परिणाम उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक शक्ति के नए युग में प्रवेश कराता है। आठ वर्षों का यह सफर अब नई उड़ान की शुरुआत बन चुका है।

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कटकोना से ऊरा तक मार्ग का किया भूमि पूजन

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कटकोना से ऊरा तक मार्ग का किया भूमि पूजन अनूपपुर   मध्य प्रदेश शासन में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊरा से कटकोना मार्ग के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। इस मार्ग की लंबाई लगभग 3.00 किलोमीटर है तथा इसके निर्माण पर 446 लाख रुपये की लागत व्यय की जाएगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुदृढ़ होने से आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र के लोगों को विकास की नई सुविधाएँ प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और गांवों को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुभारती केवट, रिंकू मिश्रा, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रभात लोरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर रवि ग्वाल, नायब तहसीलदार मिथिला प्रसाद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पत्रकारगण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।