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मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान और बेअदबी के दोषियों को होगी उम्रकैद

फतेहगढ़ साहिब सरहिंद की नई अनाज मंडी में आयोजित एक विशाल राज्य स्तरीय समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा तोहफा दिया। इस अवसर पर राज्य में 100 नए आम आदमी क्लीनिक (मोहल्ला क्लीनिक) की शुरुआत की गई। समारोह को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में राज्य में 881 क्लीनिक बनाए गए थे और आज 109 और क्लीनिक जुड़ने से यह संख्या 990 हो गई है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में 400 और क्लीनिक बनाकर पंजाब में कुल 1500 मोहल्ला क्लीनिक चालू किए जाएंगे, ताकि हर गांव और मोहल्ले में मुफ्त इलाज मिल सके। केजरीवाल ने भावुक होते हुए अपने भाषण की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी नियामत कौर को जन्मदिन की बधाई देकर की और जनता से उसे आशीर्वाद देने की अपील की। बेअदबी के दोषियों पर सख्त कार्रवाई: विधानसभा का विशेष सत्र मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंच से एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बेअदबी के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 13 अप्रैल (बैसाखी) को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। इसमें 2008 के एक्ट में संशोधन कर बेअदबी करने वालों के लिए कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद का प्रावधान किया जाएगा।

सफलता की नई उड़ान बिहार बोर्ड 10वीं के नतीजों में छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं

बिहार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक (10वीं) का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बोर्ड कार्यालय से आधिकारिक रूप से नतीजे घोषित किए। इस साल कुल 12,35,743 विद्यार्थी सफल रहे हैं, जिससे कुल पास प्रतिशत 81.79% रहा। बिहार बोर्ड ने लगातार 8वीं बार देश में सबसे पहले रिजल्ट जारी कर अपना ही रिकॉर्ड कायम रखा है। ​ दो बेटियों ने किया स्टेट टॉप ​इस वर्ष मेरिट लिस्ट में लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। वैशाली की सबरीन प्रवीण और जमुई (सिमुलतला स्कूल) की पुष्पांजलि कुमारी ने संयुक्त रूप से राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दोनों टॉपरों ने 500 में से 492 अंक हासिल किए हैं। राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार, स्टेट टॉपर को 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। ​ छात्रों से आगे निकलीं छात्राएं ​एक बार फिर लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। जहां 6,01,390 छात्र सफल हुए, वहीं सफल छात्राओं की संख्या 6,34,353 रही। टॉप-10 की सूची में इस बार जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गई है, जिसमें कुल 139 स्टूडेंट्स ने अपनी जगह बनाई है। इनमें से टॉप-5 में 13 विद्यार्थी शामिल हैं। मोबाइल पर ऐसे देखें परिणाम ​छात्र आधिकारिक वेबसाइट्स biharboardonline.bihar.gov.in या results.biharboardonline.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे SMS के जरिए भी अपना स्कोर जान सकते हैं। इसके लिए मोबाइल के मैसेजिंग ऐप में BIHAR10 टाइप कर 56263 पर भेजें।

असम की पिंकी बोरो को रजत और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके को कांस्य

रायपुर. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत महिला 86$ किलोग्राम वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस स्पर्धा में मिजोरम की ज़ोसांगज़ुआली ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। ज़ोसांगज़ुआली ने स्नैच में 70 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 83 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 140 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि ने मिजोरम को गौरवान्वित किया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय खेल परिसर में किया जा रहा है। असम की पिंकी बोरो ने शानदार प्रयास करते हुए कुल 125 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक पर कब्जा जमाया। उन्होंने स्नैच में 55 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 70 किलोग्राम का प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने भी दमदार खेल दिखाते हुए कुल 86 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 39 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 47 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता में त्रिपुरा की ट्विस्मु जमातिया चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने कुल 77 किलोग्राम वजन उठाया। प्रतियोगिता की खास बात यह रही की सभी खिलाड़ियों ने युवा आयु में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जहां हर खिलाड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। आयोजन स्थल पर दर्शकों का उत्साह खिलाड़ियों के प्रदर्शन को और ऊर्जा दे रहा था।

वन विभाग की बड़ी योजना: टाइगर कॉरिडोर निर्माण के साथ ओवरपॉपुलेशन पर शिफ्टिंग का प्लान

सवाई माधोपुर. रणथम्भौर को बाघों की नगरी और नर्सरी के नाम से भले ही जाना जाता हो, लेकिन वर्तमान में क्षमता से अधिक बाघों के कारण आपसी संघर्ष के मामले बढ़ते जा रहे हैं। करीब 50 बाघ की क्षमता वाले पार्क में वर्तमान में 75 से अधिक संख्या है। वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इण्डिया की ओर से पूर्व में जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार रणथम्भौर को क्षेत्रफल और ग्रासलैण्ड के आधार पर पचास बाघ बाघिनों के लिए ही उपयुक्त माना गया था, हालांकि पिछले कुछ सालों में यहां ग्रासलैण्ड में वृद्धि हुई है। फिर भी विशेषज्ञों की मानें तो वर्तमान में यहां क्षमता से अधिक बाघ बाघिन विचरण कर रहे हैं। इलाके की तलाश में लगातार बाघ-बाघिन जंगल से बाहर भी आ रहे हैं। रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक मानस सिंह का कहना है कि वर्तमान में रणथम्भौर में क्षमता से अधिक बाघ बाघिन है। टाइगर शिफ्टिंग और टाइगर कॉरिडोर को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अब तक शिफ्ट किए 24 बाघ बाघिन वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2008 से अब तक रणथम्भौर से कुल 24 बाघ बाघिनों को अन्यत्र शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें से 13 बाघ-बाघिनों की मौत भी हो चुकी है। रणथम्भौर से सरिस्का अब तक 11 बाघ-बाघिन भेजे जा चुके हैं। इनमें बाघ टी-1, टी-7, टी-12, टी-18, टी-44, टी-51, टी-52, टी-75 और टी-113 सहित अन्य टाइगर शामिल है. लेकिन सरकार की रणथंभौर से टाइगर शिफ्टिंग की योजना को उस वक्त बड़ा आघात लगा, जब सरिस्का भेजे गए 11 में से 5 बाघों की मौत हो गई। रणथम्भौर से मुकुंदरा हिल्स तक है टाइगर कॉरिडोर वनाधिकारियों ने बताया कि रणथम्भौर में इंद्रगढ़, लाखेरी होते हुए कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तक बाघों की आवाजाही रहती है। पूर्व में इस मार्ग से कई बाघ बाघिन रणथम्भौर से बूंदी के रामगढ़ विषधारी और कोटा के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व पहुंच चुके हैं, लेकिन बीच में हाइवे और रेलवे ट्रैक होने के कारण हादसे हो चुके हैं। पूर्व में रणथम्भौर में मुकुंदरा गया ब्रोकन टेल बाघ की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। इसी प्रकार रणथम्भौर के भिड़ नाके से करौली और धौलपुर तक टाइगर कॉरिडोर है। यहां से सुल्तान यानि टी-72 और तूफान यानि टी-80 रणथम्भौर से करौली पहुंच चुके हैं। लेकिन रास्ते में कई गांव होने के कारण खतरा बना रहता है। वहीं रणथम्भौर से चंबल को पार करके कई बार बाघ एमपी के कूनों तक भी पहुंचे है। ऐसे में इन क्षेत्रों को विकसित किया जाए तो बाघाें के विचरण के लिए स्वचछंद वातावरण मिलेगा। इससे उनका आबादी में मूवमेंट पूरी तरह रूक जाएगा। 15 माह में बाघ के हमले में तीन मौत वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 से मार्च 2026 तक बाघ के हमले में 15 माह में तीन मौत हो चुकी है। इनमें 16 अप्रैल 2025 को त्रिनेत्र गणेश मंदिर के पास एक 7 वर्षीय बच्चे पर बाघ हमला कर जंगल में ले गया। 11 मई 2025 को रेंजर देवेंद्र चौधरी पर हमला, गर्दन पर वार कर मौत के घाट उतारा। 09 जून 2025 को रणथम्भौर दुर्ग में जैन मंदिर के चौकीदार राधेश्याम माली पर हमला कर मार दिया।

भारत में हवाई सेवाओं का अकल्पनीय विस्तार, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा: CM यादव

भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार अकल्पनीय, अब हर तबके के लिए संभव हुई हवाई यात्रा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण इंदौर में हवाई सुविधाओं का हो रहा विस्तार, मिली अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात अमेरिकी कॉउंसिल ने इंदौर की हवाई सुविधा को क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से किया सम्मानित इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन हमें लोककल्याण का मार्ग दिखाता है। लोकमाता के पद चिन्हों पर चलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनसेवा के नए कदम बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता ने ही देश के विमानन क्षेत्र का कायाकल्प किया है। प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि आज समाज के हर तबके के लिए हवाई यात्रा संभव हुई है। अब हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई जहाज की यात्रा करने में समर्थ्य हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हवाई सेवाओं का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है वह अकल्पनीय है। मध्यप्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत भी की गई है, इससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों को त्वरित उपचार के लिए हायर सेंटर पहुंचाया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में लोकमाता अहिल्याबाई इन्टरनेशनल एयरपोर्ट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 का लोकार्पण कर इन्दौरवासियों सहित पूरे मालवांचल को अत्याधुनिक टर्मिनल की सौगात दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे हवाई यात्रा और भी अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगी। यह नया टर्मिनल इन्दौर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूती के साथ प्रतिस्थापित करेगा। इंदौर शहर की बेहतरीन हवाई सुविधाओं को अमेरिका क्वॉलिटी कॉउंसिल ने क्वॉलिटी सर्टिफिकेट से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉउसिल की ओर से दिया गया क्वालिटी सार्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन इन्दौर एयरपोर्ट के पदाधिकारियों को सौंपकर बधाई दी। नये टर्मिनल में मिलेंगी यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के नए टर्मिनल में यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इंदौर में पुनर्संरचना परियोजना के तहत करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से हुए विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों से एवं पुरानी टर्मिनल इमारत के नवीनीकरण के बाद अब यह नया टर्मिनल प्रति घंटे लगभग 400 यात्रियों को संभालने में सक्षम हो गया है। इसमें 14 चेक-इन काउंटर्स बनाए गए हैं और लगभग 300 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी यहां की गई है। करीब 6 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में बने इस टर्मिनल की वार्षिक यात्री क्षमता 15 लाख (1.5 MMPA) है। यहां पर 18 उड़ानों का संचालन, 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग एवं वीआईपी रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्दौर में यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए हवाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस नए टर्मिनल में एक बहुत बड़ा वेटिंग एरिया विकसित किया गया है, जिससे पीक आवर्स में भी बेहतर तरीके से भीड़ प्रबंधन किया जा सकेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां "उड़ान यात्री कैफे" की शुरुआत भी की जा रही है। इसमें यात्रियों को 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में नाश्ता मिलेगा। प्रदेश में हर 150 किमी पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 8 एयरपोर्ट, 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड्स मौजूद हैं। बीते दो साल में ही प्रदेश में रीवा, सतना और दतिया में नए एयरपोर्ट का सफल संचालन हमने शुरु किया है। उज्जैन और शिवपुरी में भी नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर ली है। इससे प्रदेश में कुल 10 एयरपोर्ट्स हो जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक कमर्शियल एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एक एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर एक हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध हो। इस दिशा में हम तेजी से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आवागमन के तीनों क्षेत्रों में हो रहे अभूतपूर्व विस्तार कार्य मध्यप्रदेश को लगातार विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं। रेल और विमानन सेवाओं में बढ़ते कदमों के साथ ही रोड कनेक्टिविटी के लिए केन्द्र से मिले विशाल पैकेज तथा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से हमारा मध्यप्रदेश अब देश का लॉजिस्टिक हब बनता जा रहा है। नये टर्मिनल के लोकार्पण कार्यक्रम में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू ने भी वर्चुअली सहभागिता की। कार्यक्रमको इन्दौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री महेन्द्र हार्डिया, पूर्व मंत्री सुउषा ठाकुर, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

ईरान पर हमला करेगा US ? ट्रंप के प्लान में 2500 नौसैनिक, 3500 सैनिक और युद्धपोत, ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी

वाशिंगटन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 'एसोसिएटेड प्रेस' (AP) और 'वॉशिंगटन पोस्ट' की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी मरीन कॉर्प्स की पहली 'एक्सपीडिशनरी यूनिट' (31st MEU) मध्य पूर्व पहुंच चुकी है।  इसके साथ ही पेंटागन ने ईरान के भीतर हफ़्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन का खाका तैयार कर लिया है.अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने ईरान में संभावित जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी तेज कर दी है. वहीं अमेरिका ने क्षेत्र में 3500 से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए हैं।  अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने दावा किया है कि  पेंटागन कई हफ्तों तक चलने वाले ग्राउंड ऑपरेशन की योजना बना रहा है. इसमें स्पेशल ऑपरेशन फोर्स और पारंपरिक पैदल सेना शामिल हो सकती है. हालांकि अंतिम फैसला अभी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेना है।  मिडिल ईस्ट पहुंचा युद्धपोत  इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS Tripoli करीब 2500 मरीन सैनिकों को लेकर मिडिल ईस्ट पहुंच गया है. इस जहाज पर 31st मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के सैनिक तैनात हैं. यह यूनिट पहले जापान में तैनात थी और ताइवान के आसपास अभ्यास कर रही थी, लेकिन करीब दो हफ्ते पहले इसे मिडिल ईस्ट भेजने का आदेश दिया गया।  USS त्रिपोली अपने साथ ट्रांसपोर्ट विमान, अत्याधुनिक स्ट्राइक फाइटर जेट्स (F-35) और Amphibious हमले के उपकरण भी मौजूद हैं जो समुद्र से जमीन पर सीधा प्रहार करने में सक्षम है।  वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी अब ईरान के भीतर 'स्पेशल ऑपरेशन्स' और पारंपरिक इन्फैंट्री सैनिकों द्वारा छापेमारी (Raids) की योजना बना रहे हैं. हालांकि, ट्रंप द्वारा इन जमीनी सैन्य अभियानों को अंतिम मंजूरी देना अभी बाकी है, लेकिन 82nd एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों और सैन डिएगो से रवाना हुए।  और खतरनाक मोड़ पर पहुंच सकता है युद्ध दरअसल मिडिल ईस्ट में तनाव तब चरम पर पहुंचा जब ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला किया, जिसमें 10 अमेरिकी कर्मी घायल हुए. वहीं, ईरान द्वारा होर्मुज की नाकेबंदी ने वैश्विक तेल संकट पैदा कर दिया है. यमन के हूती विद्रोहियों की सक्रियता ने 'बाब अल-मंडेब' जैसे व्यापारिक मार्गों को भी असुरक्षित बना दिया है।  सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान में जमीनी ऑपरेशन शुरू करता है, तो यह युद्ध और व्यापक हो सकता है. अभी तक युद्ध मिसाइल, ड्रोन और एयर स्ट्राइक तक सीमित था, लेकिन ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने पर सीधे जमीन पर लड़ाई शुरू हो जाएगी।  कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है. ऐसे में मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है और दुनिया की नजर अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी है। 

एक साथ 5000 छात्र कर सकेंगे पढ़ाई झारखंड की इस मेगा लाइब्रेरी में दिखेंगी परमवीर चक्र विजेताओं की गाथाएं

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल तेजी से आकार ले रही है. यहां पर करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से मेगा अत्याधुनिक लाइब्रेरी बनाई जा रही है. यह लाइब्रेरी सूबे के छात्रों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है. रविवार को झारंखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसका निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया. एक साथ 5000 छात्रों के बैठने की सुविधा यह लाइब्रेरी अपने आप में बेहद खास होगी, जहां एक साथ करीब 5,000 छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे. हर फ्लोर पर मॉडर्न रीडिंग रूम बनाए जा रहे हैं, जिससे छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण मिल सके. इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर पर कैफेटेरिया की सुविधा भी विकसित की जा रही है, ताकि छात्रों को पढ़ाई के बीच आराम और रिफ्रेशमेंट मिल सके. सीनियर सिटीजन्स के लिए विशेष व्यवस्था इस लाइब्रेरी की खास बात यह होगी कि इसमें हर आयु वर्ग के लोगों को सुविधा मिलेगी. पहली मंजिल पर सीनियर सिटीजन्स के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य यह है कि बुजुर्ग भी यहां आकर पढ़ें और समय बिताएं. परमवीर चक्र विजेताओं को मिलेगा सम्मान इस लाइब्रेरी को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि प्रेरणा का केंद्र भी बनाया जा रहा है. प्रस्ताव रखा गया है कि यहां परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएं. राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी. जून तक पूरा होने की उम्मीद निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह लाइब्रेरी जून तक बनकर तैयार हो जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें. आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलेगा लाभ इस लाइब्रेरी को एक ट्रस्ट के माध्यम से संचालित किया जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों तक महंगी किताबें और संसाधन पहुंचाना है, जो आर्थिक तंगी के कारण उन्हें खरीद नहीं पाते. इससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर को बढ़ावा मिलेगा. कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है. इनके सहयोग से यह लाइब्रेरी आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रही है. शिक्षा का नया केंद्र बनेगा मोराबादी रांची के बीचों-बीच, कई विश्वविद्यालयों के पास स्थित यह लाइब्रेरी आने वाले समय में पूरे झारखंड के छात्रों के लिए एक प्रमुख शिक्षा केंद्र बन सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल सिर्फ एक इमारत तक सीमित रहती है या राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला ज्ञान का सबसे बड़ा हब बनती है.

चंडीगढ़ में बेंगलुरु के प्रोडक्शन मालिक को सजा, एक साल की कैद और 10 लाख जुर्माना; चेक बाउंस के मामले में फैसला

चंडीगढ़  चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सारा प्रोडक्शन बेंगलुरु के मालिक सचिन कांबले को शनिवार को 1 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला मोहाली की कैनम मूवी प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के साथ चेक फ्रॉड से जुड़ा हुआ है।  फिल्म शूटिंग के लिए गलत कैमरे दिए मंगत वर्मा ने 5 जून 2019 को सचिन कांबले और दिलीप कुमार (दिया प्रोडक्शन) के साथ MoU साइन किया। फिल्म शूटिंग के लिए रेड एपिक कैमरा, CP-2 लेंस, DR-जूम आदि उपकरण खरीदने के लिए कुल 24.50 लाख रुपये दिए गए। लेकिन उपकरण खराब और गलत स्पेसिफिकेशन के निकले थे। बाद में नए उपकरण देने और 9.50 लाख रुपये मुआवजे का वादा किया गया। कुल देय राशि 34 लाख रुपये हो गई। खाता बंद होने के कारण चेक बाउंस सचिन कांबले ने 30 अप्रैल 2021 को एक्सिस बैंक (मल्लेश्वरम ब्रांच, बेंगलुरु) का चेक नंबर 004151 जारी किया, राशि 10 लाख रुपये थी। चेक 17 जून 2021 को बाउंस हो गया। बैंक का रिमार्क था – “Account Closed”। मंगत वर्मा ने 12 जुलाई 2021 को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन सचिन कांबले ने 15 दिन में पैसे नहीं दिए। इसके बाद 11 अगस्त 2021 को धारा 138 NI Act के तहत शिकायत दर्ज की गई।  

सनशाइन डबल पूरा कर दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शामिल हुई सबालेंका

अरिना सबालेंका ने मियामी ओपन के खिताब को अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में विश्व के चौथे नंबर की खिलाड़ी कोको गॉफ को 6-2, 4-6, 6-3 से हराया। इगा स्वियातेक के बाद सबालेंका 'सनशाइन डबल' पूरा करने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। यह उनका लगातार दूसरा मियामी ओपन खिताब है। इससे पहले एश्ले बार्टी (2019 और 2021) और सेरेना विलियम्स (2013 से 2015) ही लगातार यह टूर्नामेंट जीत पाई थीं। इस तरह सबालेंका ने दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में अपनी जगह बना ली है। सबालेंका का कीर्तिमान सबालेंका एक ही सीजन में इंडियन वेल्स और मियामी में सनशाइन डबल जीतने वाली पांचवीं महिला खिलाड़ी बन गई हैं। सबालेंका से पहले स्टेफी ग्राफ, किम क्लिस्टर्स, विक्टोरिया अजारेंका और इगा स्वियाटेक यह कारनामा कर चुकी हैं। सबालेंका 2000 के बाद से चौथी खिलाड़ी हैं जो साल के अपने पहले चार टूर्नामेंट (मार्टिना हिंगिस, 2001, सेरेना विलियम्स, 2003, और विक्टोरिया अजारेंका, 2012) के फाइनल में पहुंची हैं। ये सभी टूर्नामेंट हार्ड कोर्ट पर हुए हैं। उन्होंने इनमें से तीन जीते, जिसमें ब्रिस्बेन और सनशाइन डबल शामिल हैं। खिताब जीतने के बाद सबालेंका ने कहा  यह खिताब काफी खास है। मेरा लक्ष्य हमेशा इतिहास में अपना नाम दर्ज कराना रहा है और मैंने बस वही किया। यह सुनने में बहुत अजीब लगता है। मुझे नहीं पता कि मैं यह कैसे कर पाई, लेकिन अभी मुझे बहुत गर्व है। बेशक, इस खूबसूरत ट्रॉफी से बहुत खुश हूं। नंबर पर स्थिति मजबूत की यह जीत उनके करियर का 24वां डब्ल्यूटीए एकल खिताब और कुल मिलाकर 30वां खिताब है जिसमें छह युगल खिताब भी शामिल हैं। इनमें चार ग्रैंडस्लैम एकल खिताब, दो डबल्स, 11 डब्ल्यूटीए 1000 सिंगल्स टाइटल और दो डबल्स खिताब शामिल हैं। सबालेंका लंबे समय से दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनी हुई हैं और अब उनकी यह स्थिति और मजबूत हो गई है। सबालेंका ने अब तक विश्व नंबर एक खिलाड़ी के रूप में कुल 83 हफ्ते बिताए हैं। इसमें उनका मौजूदा शानदार दौर भी शामिल है जो लगातार 75 हफ्तों तक पहुंच चुका है। सोमवार को वह लगातार 76वें हफ्ते के लिए नंबर एक बनी रहेंगी। इसके साथ ही वह इगा स्वियातेक के सबसे लंबे नंबर एक रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगी। हालांकि, उनसे आगे अभी एश्ले बार्टी हैं, जिन्होंने सितंबर 2019 से मार्च 2022 तक लगातार 114 हफ्तों तक नंबर 1 की कुर्सी संभाली थी। उस दौरान कोविड-19 महामारी की वजह से रैंकिंग कुछ समय के लिए रुकी भी थी।  

इन्फ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट: बिहार में 26 NH प्रोजेक्ट जल्द शुरू, जमीन अधिग्रहण में तेजी

पटना. राष्ट्रीय उच्च पथ (एनएच) की 26 परियोजनाओं के लिए वन विभाग की 711.92 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि केंद्र सरकार के कानून के तहत प्रतिपूरक वनीकरण की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव के स्तर से एनएच की संबंधित परियोजनाओं की मानीटरिंग की जा रही है। पथ निर्माण विभाग के सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाएं राज्य की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, निवेश आकर्षित करने एवं समग्र आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन परियोजनाओं के समयबद्ध निष्पादन हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है। यह बताया गया कि 711.92 हेक्टेयर वन भूमि से संबंधित प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर विधिवत अग्रसारित किया गया है। वन विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्राप्त करने की दिशा में ठोस पहल की गयी है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा कि किसी भी महत्वपूर्ण परियोजना में अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो। कुदरा में एनएच निर्माण बना मुसीबत  कैमूर जिले के कुदरा प्रखंड मुख्यालय से सकरी गांव तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण सड़क सुरक्षा पूरी तरह सवालों के घेरे में है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर चल रहा सिक्स लेन निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुदरा से सकरी गांव तक एनएच-19 और उसकी सर्विस सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन उन्हें भरने या समतल करने की दिशा में तत्परता नहीं दर्शायी जा रही है। सर्विस सड़क और उसके किनारे बने फुटपाथ भी इस हालत में हैं कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब कई स्थानों पर बैरियर लगाकर आवागमन बाधित कर दिया जाता है। इससे वाहनों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय और बारिश में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में हो रही देरी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाती है। लोगों का आरोप है कि न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही वैकल्पिक रास्तों की समुचित व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि कुदरा थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ऐसे में एनएच-19 की बदहाल स्थिति और अधूरा निर्माण कार्य हादसों को और आमंत्रित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए तथा पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।