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इंदौर में आधुनिक ग्रेडिंग एवं कलर सॉर्टिंग प्लांट का शुभारंभ कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम : कृषि मंत्री कंषाना

भोपाल किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि इंदौर जिले के ग्राम अरण्या में अत्याधुनिक ग्रेडिंग एवं कलर सॉर्टिंग प्लांट का शुभारंभ से क्षेत्र के किसानों एवं व्यापारियों के लिए आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा तेज़ प्रोसेसिंग सुनिश्चित हो सकेगी। यह पहल कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम कदम है। कृषि मंत्री  कंषाना ने कहा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा तथा कृषि व्यापार अधिक संगठित और प्रतिस्पर्धी बनेगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे आधुनिक प्लांट किसानों को बेहतर ग्रेडिंग सुविधा प्रदान करेंगे, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी। मंत्री  कंषाना ने कहा कि इस नई सुविधा से कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ स्थानीय कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी। क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कृषि विकास के लिए सकारात्मक कदम बताया है। मंत्री  कंषाना ने कहा कि आधुनिक ग्रेडिंग और कलर सॉर्टिंग प्लांट कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उपयोग की जाने वाली एक उन्नत तकनीक है। इसमें कच्चे माल को हॉपर में डाला जाता है, जहाँ सफाई, ग्रेडिंग और रंग के आधार पर छंटाई की जाती है। इसमें फोटोसेंसर और हाई-स्पीड कैमरे लगे होते हैं जो खराब या रंगहीन दानों को पहचान कर उन्हें अलग कर देते हैं।यह गेहूं, चावल, चना, मूंगफली, तुलसी, कलौंजी, चिया सीड और किनवा जैसे विभिन्न अनाज और बीजों के लिए उपयोग किया जाता है। खराब, क्षतिग्रस्त या अलग रंग के दानों को हटाने से उत्पाद की ग्रेडिंग बेहतर होती है। बेहतरीन रंग और सफाई वाले अनाज की बाजार में अधिक कीमत मिलती है। मानव श्रम कम लगता है और शुद्धता अधिक होती है।  

ऋतुराज गायकवाड़ और संजू सैमसन पर बढ़ी जिम्मेदारी, पंजाब के खिलाफ जीत के लिए चेन्नई की टीम में होंगे दो बड़े बदलाव

 नई दिल्ली 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स का बुरा दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला चेन्नई की टीम राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेली थी. जहां पर टीम को शर्मनाक हार मिली थी. ऐसे में सीएसके की टीम अगले मुकाबले में बड़ा बदलाव कर सकती है.  चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आईपीएल 2026 में अपना दूसरा मुकाबला पंजाब किंग्स के खिलाफ 3 अप्रैल को खेलने वाली है. इस मुकाबले में जीत दर्ज करके ऋतुराज गायकवाड़ की टीम कमबैक करना चाहेगी. ऐसे में उन्हें प्लेइंग 11 में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मौका देना होगा. पिछले मैच की प्लेइंग 11 में सीएसके की टीम मैनेजमेंट 2 बड़े बदलाव कर सकती है. डेवाल्ड ब्रेविस की होगी वापसी इंजरी के कारण पहले मुकाबले में डेवाल्ड ब्रेविस नहीं खेले थे. उनकी जगह मैथ्यू शॉर्ट को टीम में मौका मिला था. शॉर्ट ने अपने प्रदर्शन से बहुत ज्यादा निराश किया था. जिसके कारण ही अब शॉर्ट को प्लेइंग 11 से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. प्रशांत वीर को मिलेगा डेब्यू का मौका पिछले मुकाबले में ऑलराउंडर प्रशांत वीर को खेलने का मौका नहीं मिला था. हालांकि इस मैच में उन्हें खेलने का मौका दिया सकता है. आयुष म्हात्रे की जगह वीर को प्लेइंग 11 में जगह मिल सकती है. वहीं सरफराज खान को तीसरे नंबर पर खिलाया जा सकता है. खलील अहमद इस मुकाबले में खलील अहमद को इंपैक्ट प्लेयर के रूप में मौका दिया जा सकता है. पिछले मुकाबले में भी उन्हें बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा गया था. गेंदबाजी के समय ही खलील ही इंपैक्ट प्लेयर के रूप में रहेंगे. गायकवाड़-सैमसन को लेनी होगी जिम्मेदारी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के ऊपर अब ज्यादा जिम्मेदारी रहने वाली है. दोनों पिछले मैच में फेल हो गए थे. जिसके कारण ही टीम को हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में दूसरे मुकाबले में उन्हें कमबैक करना होगा. यहां पर देखें संभावित प्लेइंग 11 संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), सरफराज खान, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर, जेमी ओवरटन, अंशुल कंबोज, मैट हेनरी, नूर अहमद.   इंपैक्ट प्लेयर- खलील अहमद

महात्मा गांधी नरेगा योजना के अलग-अलग पैरामीटर्स पर जिले ने हासिल की कई उपलब्धियां

रायपुर सर्वाधिक परिवारो को रोजगार, सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार सहित सर्वाधिक दिव्यांगजनों को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम प्रदेश में प्रथम स्थान पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर कई उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम जिले ने ग्रामीणों को सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार देने, सर्वाधिक परिवारों को रोजगार, सर्वाधिक दिव्यांग जनों को रोजगार देने सहित अनेको पैरामीटर पर कई उपलब्धियां अपने नाम की। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा लगातार विभागीय समीक्षाओं के दौरान शासकीय योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने प्रोत्साहित किया जाता रहा है। और आज इसी का परिणाम है कि कबीरधाम जिले ने मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में एक बार फिर अपना नाम प्रथम पंक्ति में स्थापित किया है। लगातार प्रयास के मिले सुखद नतीजे- कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए निरंतर समीक्षा की गई। ग्राम पंचायतो की मांग पर बहुत से निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए और कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य चल रहे हैं। समय पर मजदूरी भुगतान हो यह सुनिश्चित किया गया। वर्तमान में ग्रामीणों के लिए पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 हजार 466 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिला है और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हुए है।हमारा सतत प्रयास है कि मनरेगा योजना से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को लाभान्वित किया जाए। जल संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन एवं आजीविका जैसे प्रमुख घटकों के क्षेत्र में योजना से पर्याप्त कार्य हो रहे है।  रोजगार के साथ आजीविका को बढ़ाना प्रमुख उद्देश्य – सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया की ग्रामीणों के मांग पर रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर निर्माण कार्य की स्वीकृति एवं सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो इन बातों पर विशेष ध्यान दिया। इसीलिए जिले के सभी क्षेत्रों में ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार मिला और हम प्रदेश में बेहतर कर पाए। आजीविका डबरी, नया तालाब निर्माण, कच्ची नाली निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण जैसे अनेक जल संरक्षण के कार्याे के साथ आजीविका के लिए कुकुट पालन शेड, पशुपालन शेड जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में प्रारंभ हुए नए कार्यों से जिले की उपलब्धि और बढ़ेगी तथा हमारे ग्रामीणों को और अधिक लाभ होना अपेक्षित है। उल्लेखनीय है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार का अवसर मिलता है। योजना से ग्रामीणों को रोजगार के साथ गांव में विभिन्न परिसंपत्तियों का निर्माण होता है। योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला लगातार कई वर्षों से प्रदेश में अग्रणी बना हुआ है ग्रामीणों को इसका लाभ मिल रहा है। मनरेगा योजना के पैरामीटर्स जिसमें कबीरधाम ने हासिल की उपलब्धि सर्वाधिक मानव दिवस रोजगार का सृजन-जिले के ग्रामीणों को 58 लाख 54 हजार 40 मानव दिवस का रोजगार मिला। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। सर्वाधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार- जिले के 1 लाख 42 हजार 482 ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। सर्वाधिक दिव्यांग जनों को रोजगार- जिले में 2 हजार 538 दिव्यांग जनों को 58 हजार 493 मानव दिवस का रोजगार दिया गया। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। ग्रामीण महिलाओं को भी मिला रोजगार का बेहतर अवसर- योजना अंतर्गत 1 लाख 30 हजार 160 महिलाएं पंजीकृत है और इन्हें 29 लाख 33 हजार 959 मानव दिवस का रोजगार मिला है। महिलाओं को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। 124 करोड़ 53 लाख से अधिक का मजदूरी भुगतान- मनरेगा में रोजगार पाने वाले जिले के ग्रामीणों को 124 करोड़ 53 लाख 46 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में जारी किया गया। मजदूरी भुगतान के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। ग्रामीणों को मिला मजदूरी भुगतान से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो वायरल, लाल बैग लेकर घर से निकलीं, बहन का इमोशनल संदेश

चंडीगढ़  कनाडा में हत्या का शिकार हुई पंजाबी इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में नैन्सी लाल कार में बैठने से पहले हाथ में लाल बैग लिए घर से निकलती दिखाई दे रही है। यह वीडियो उनकी बहन अलीशा ग्रेवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा- आई मिस यू सिस्टर एवरी सिंगल डे।  चार मार्च की रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावरों ने नैन्सी पर चाकू से हमला कर दिया था। कैनेडियन पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान वह जान बचाने के लिए भागी, लेकिन हमलावरों ने कई वार किए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   हरियाणा में जन्मी नैन्सी का परिवार बाद में पंजाब के लुधियाना और फिर जालंधर में रहा। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में वह 4 मार्च को दोपहर 3:02 बजे काम पर जाते हुए नजर आती है। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। बता दें कि 4 मार्च को चाकू मारकर नैन्सी की हत्या कर दी गई थी। कैनेडियन पुलिस के मुताबिक रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावर घर में घुसे। उस समय नैन्सी अपनी किसी बुजुर्ग पेशेंट को देखने के लिए गई थी। जब हमला हुआ तो वह जंगल की तरफ भागी। जहां 2 हमलावरों ने उसके पेट में कई बार चाकू से वार किए। पुलिस ने पहुंचकर नैन्सी को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नैन्सी का जन्म हरियाणा में हुआ था। लेकिन बाद में उनका परिवार लुधियाना फिर जालंधर शिफ्ट हो गया। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में क्या दिख रहा… अलीशा की तरफ से अपलोड किए वीडियो में साफ दिख रहा है कि नैन्सी 4 मार्च को 3 बजकर 2 मिनट पर अपने काम पर जा रही है। नैन्सी ने ब्लैक टॉप पहन रखा है और हाथ में बैग पकड़े हुए घर से बाहर निकल रही है। इसके बाद वह लॉन में पार्क की गई अपनी लाल कार में बैठती है और निकल जाती है। इसके बाद से नैन्सी कभी घर नहीं लौटी। बहन बोली- मैं तुम्हें हर रोज मिस करती हूं नैन्सी नैन्सी ग्रेवाल की बहन अलीशा ने अपने इंस्टा अकाउंट पर वीडियो शेयर कर लिखा कि नैन्सी मैं तु्म्हें हर रोज मिस करती हूं। ये उस दिन का लास्ट वीडियो है जब रात को नैन्सी का कत्ल कर दिया गया। काम पर जाने से पहले वो अपने घर में टहल रही है। वह कभी नहीं जानती थी कि आज के बाद इस घर में लौटकर आएगी। कनाडा पुलिस ने खालिस्तानी लिंक स्वीकार किया नैन्सी ग्रेवाल की हत्या को लगभग 1 महीना होने को है। लेकिन अभी तक कोई भी कातिल नहीं पकड़ा गया है। कनाडा पुलिस ने शुरुआती जांच में खालिस्तानी लिंक होने से मना कर दिया था। लेकिन अब खालिस्तानी लिंक होने की बात स्वीकार करते हुए इस एंगल से भी जांच को आगे बढ़ाया है। हालांकि खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि नैन्सी की हत्या के पीछे सिख फॉर जस्टिस का कोई हाथ नहीं है। खालिस्तान और पंजाब मुद्दों पर बोलती थी नैन्सी नैन्सी खालिस्तानियों के साथ ही पंजाब के हर मुद्दे पर बात करती थी। कत्ल से पहले अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के नाभा जेल से बाहर आने पर डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर भी तीखी टिप्पणी की थी। इसके अलावा श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गड़गज के खिलाफ भी वीडियो अपलोड किए थे। थ्रेट के चलते उसने कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर वीडियो डालने भी बंद कर दिए थे।

14 साल के सफर के बाद टेस्ला मॉडल एस और एक्स की विदाई, अब रोबोटैक्सी और ऑटोनोमस कारों पर होगा फोकस

Tesla के लिए 1 अप्रैल 2026 सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि एक युग के खत्म होने का दिन है. कंपनी ने आधिकारिक रूप से अपने मॉडल एस और मॉडल एक्स के प्रोडक्शन को बंद कर दिया है. एलॉन मस्क ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि कंपनी अब इन कारों के ऑर्डर नहीं ले रही है. मस्क ने बताया कि उनके पास इन्वेंट्री में सिर्फ 600 यूनिट्स ही बची हैं. अपने ट्विट के साथ मस्क ने एक तस्वीर शेयर की है, जो ओरिजनल मॉडल एस की है. इस कार को टेस्ला ने 14 साल पहले जून 2012 में लॉन्च किया था. एलॉन मस्क ने अपने ट्विट में लिखा, 'टेस्ला मॉडल एस और एक्स के कस्टम ऑर्डर अब पूरे हो चुके हैं. अब स्टॉक में केवल कुछ ही गाड़ियां बची हैं. एक युग के अंत के लिए हम एक आधिकारिक सेरेमनी आयोजित करेंगे. मुझे ये गाड़ियां बेहद पसंद हैं.' टेस्ला की इन गाड़ियों के प्रोडक्शन को बंद करने की जानकारी जनवरी में ही आ गई थी. कंपनी ने 2025 की चौथे क्वार्टर की अर्निंग कॉल में इसकी जानकारी दी थी. उस वक्त ब्रांड ने दोनों इलेक्ट्रिक कार्स के लिए इसे 'सम्मानजनक निर्वहन' बताया था. कंपनी ने उस वक्त जानकारी दी थी कि इन गाड़ियों के फैक्टरी स्पेस को ऑप्टिमम रोबोट्स को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. 14 साल का सफर मॉडल एस टेस्ला की पहली मास मार्केट कार थी, जिसे कंपनी ने जून 2012 में लॉन्च किया था. ग्लोबली ये कार 2015 और 2016 में टॉप सेलिंग इलेक्ट्रिक व्हीकल थी. सिर्फ 2015 में ही कंपनी ने इसकी 50 हजार से ज्यादा यूनिट्स को बेचा था. मॉडल एक्स को कंपनी ने 2015 में इंट्रोड्यूस किया था, जिसे अपनी फाल्कन-विंग डोर के लिए जाना जाता था. अपने पूरे प्रोडक्शन के दौरान इन दोनों गाड़ियों की 610,000 यूनिट्स को बेचा गया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो टेस्ला के पास अभी भी 295 नई मॉडल एस और 301 मॉडल एक्स गाड़ियां हैं. टेस्ला की वेबसाइट से इन दोनों गाड़ियों को हटा दिया गया है. कंपनी इन गाड़ियों के प्रोडक्शन को बंद करने के साथ ही ऑटोनोमस कार के फ्यूचर पर फोकस करेगी. टेस्ला अपनी टू-सीटर साइबरकैब रोबोटैक्सी का प्रोडक्शन शुरू करने की तैयारी कर रही है. इस कार में कोई स्टीयरिंग व्हील और पैडल नहीं होंगे.

बोलने से पहले सोचें और मन की शांति के लिए नीम करौली बाबा के बताए गए इन अनमोल विचारों को जीवन में उतारें

 आज के तेज जीवन में हम अक्सर बिना सोचे-समझे बोल जाते हैं. नीम करौली बाबा बताते हैं कि अनावश्यक बोलना मन की शांति और जीवन की समझ में बाधा डालता है. मौन केवल मुंह बंद करने का नाम नहीं, बल्कि यह मन की जागरूकता और ईश्वर से जुड़ने का मार्ग है. जब हम शांत रहते हैं, हमारे शब्द अर्थपूर्ण और प्रेम से भरे होते हैं. मौन का असली मतलब बाबा जी कहते थे कि मुंह एक ड्रम की तरह है. इसे जब बजाते हैं तो आवाज होती है, लेकिन मौन में सच्चा संगीत सुनाई देता है. मौन का मतलब केवल बोलना बंद करना नहीं है, बल्कि अपने मन की चुप्पी को महसूस करना और आंतरिक ऊर्जा को पहचानना है. इसी में शांति और शक्ति छिपी है. बोलने से पहले सोचें हर शब्द को बोलने से पहले खुद से पूछें. क्या यह जरूरी है? क्या यह प्रेम और मदद का माध्यम है? यदि उत्तर नहीं, तो बोलने की आवश्यकता नहीं. इससे हम संवेदनशील और जागरूक बनते हैं. छोटे शब्द भी प्रभावशाली हो सकते हैं. बाबा जी इसे जीवन में सरलता से अपनाने की सलाह देते हैं. मौन से बढ़ती समझ मौन हमारे मन और दूसरों की भावनाओं को गहराई से समझने का साधन है. शांत रहने पर हमारी बातों में प्रभाव और स्पष्टता बढ़ती है. कभी-कभी चुप रहना शब्दों से अधिक असर डालता है. बाबा जी के अनुसार, मौन से आत्मज्ञान और ईश्वर की उपस्थिति का अनुभव होता है. धैर्य और सम्मान मौन का मतलब उदासीनता नहीं है. यह धैर्य और समझ को बढ़ाता है. जब हम सोच-समझकर बोलते हैं, लोग हमारे प्रेम और संवेदनशीलता को महसूस करते हैं. यह हमारे संबंधों में सम्मान और विश्वास बढ़ाता है. चुप्पी में सच्चाई और शक्ति की अनुभूति होती है. भय और अहंकार से मुक्ति बोलने का डर या जल्दी बोलने की आदत अक्सर अहंकार और सम्मान खोने के डर से होती है. मौन में बैठकर हम इन बाधाओं से मुक्त होते हैं. भीतरी शांति, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता बढ़ती है. मौन ही सच्चा साहस और शक्ति देता है. दैनिक जीवन में अभ्यास नीम करौली बाबा कहते हैं कि दिनभर में छोटे विराम लें. गहरी सांस लें और तभी बोलें, जब शब्द प्रेम और सत्य से भरे हों. धीरे-धीरे शब्द कम होंगे, लेकिन उनका प्रभाव अधिक होगा. मन शांत रहेगा और हम अपने भीतर की शांति और ईश्वर से जुड़ेंगे. मौन और दैनिक लाभ मौन से हमारे निर्णय अधिक संतुलित होते हैं. तनाव कम होता है और मानसिक ऊर्जा बढ़ती है. संबंधों में प्यार और सम्मान बढ़ता है. जीवन की छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान सहज रूप से मिलता है. मौन से आत्मसात ज्ञान नीम करौली बाबा के अनुसार, मौन में बैठकर हम अपने भीतर की चेतना को महसूस कर सकते हैं. यह साधना न केवल आत्म-नियंत्रण सिखाती है, बल्कि हमारे जीवन को सरल, सशक्त और सुखद बनाती है.

फर्जी सिम रैकेट पर शिकंजा, ऑपरेशन फेस में आरोपी गिरफ्तार—455 सिम का खुलासा

नरसिंहपुर जिले में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन फेस’’ के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी सिम कार्डों के अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है। इस कार्रवाई को साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि थाना गोटेगांव क्षेत्र निवासी विनय सिलावट पिता भगवानदास सिलावट (उम्र 28 वर्ष) इस नेटवर्क में सक्रिय था। आरोपित ने फर्जी दस्तावेजों और अपने चेहरे का उपयोग कर 455 सिम कार्ड अवैध रूप से एक्टिवेट कराए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में पूछताछ जारी है। इससे पहले थाना ठेमी क्षेत्र के ग्राम बढ़ैयाखेड़ा निवासी रंजीत पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जिसने 777 सिम एक्टिवेट कराए थे। दोनों मामलों को जोड़कर अब तक कुल 1232 फर्जी सिम कार्डों का खुलासा हो चुका है, जिससे बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। ऐसे होता था फर्जीवाड़ा जांच में खुलासा हुआ कि आरोपित फर्जी या छलपूर्वक प्राप्त पहचान दस्तावेज एकत्रित कर सिम विक्रेताओं के माध्यम से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराते थे। फेशियल ऑथेंटिकेशन के दौरान अपने ही चेहरे का उपयोग कर सिम सक्रिय कर दिए जाते थे। इस तरह अलग-अलग फर्जी पहचान पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड चालू किए गए। मामला दर्ज, अन्य की तलाश जारी पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित टीम ने आरोपित के खिलाफ धारा 419, 468, 471 भादवि एवं 66 (सी) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई में उनि गौरव नेमा, विजय द्विवेदी, श्रीराम रधुवंशी, जयवति कुरोपे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र सिंह, हेमंत बाडिवा, भूपेन्द्र नवरेती, महिला आरक्षक कुमुद पाठक, आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, राकेश इनवाति एवं संकल्प ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की यह अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, फोटो व अन्य दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें और अपने नाम पर जारी सिम कार्डों की समय-समय पर जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस को दें।  

सदर अस्पताल रांची में 10 और 11 अप्रैल को लगेगा मेगा हेल्थ कैंप, दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों की स्क्रीनिंग और ऑपरेशन की सुविधा

रांची झारखंड में जन्मजात हृदयरोग से ग्रसित बच्चों का मुफ्त उपचार किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत पीड़ित बच्चों को राज्य के बाहर भेजकर ख्यात अस्पतालों में मुफ्त सर्जरी करायी जाएगी। सर्जरी के बाद फॉलोअप भी किया जाएगा। बच्चों को यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीते फरवरी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने श्री सत्य साईं संजीवनी ट्रस्ट और अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के साथ एमओयू किया है। दोनों संस्थानों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेवारी दी गयी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को सदर अस्पताल रांची में मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष शिविर में विशेषज्ञों द्वारा ईको व अन्य जांच के माध्यम से बच्चों के हृदय रोगों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के उपरांत जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता पाई जाएगी, उनका निःशुल्क ऑपरेशन अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए राज्य स्तर पर आरबीएसके समन्यवक मुकेश कुमार (मोबाइल 7250364329) और अमृता हॉस्पिटल के प्रतिनिधि आदित्य कुमार (मो. 9162999702) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सर्जरी, फॉलोअप के साथ अभिभावक के आने-जाने की भी मुफ्त सुविधा अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि द्वारा चयनित बच्चों को अमृता हॉस्पिटल में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। फॉलोअप भी किया जाएगा। जबकि, श्री सत्यसाईं संजीवनी ट्रस्ट के द्वारा सर्जरी के लिए योग्य पाए गए बच्चों को ट्रस्ट द्वारा संचालित अहमदाबाद, गुजरात, पलबेल, दिल्ली, गोवा समेत पांच अस्पतालों में ले जाकर मुफ्त सर्जरी की जाएगी। बच्चों के साथ उनके अभिभाविकों को भी जाने-आने ठहरने आदि की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, ऑपरेशन के बाद बच्चों का फॉलोअप भी मुफ्त किया जाएगा। इसके लिए जमशेदपुर में ट्रस्ट के द्वारा एक केंद्र संचालित है। 3 से 4 माह के अंतराल में जिलों में होगी स्क्रीनिंग एनएचएम के साथ किए गए एमओयू के तहत दोनों संस्थाओं को अलग-अलग जिलों का जिम्मेवारी सौंपी गयी है। श्री सत्य साईं संजीवनी ट्स्ट को जहां रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो, चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, सरायकेला एवं पूर्वी सिंहभूम की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। वहीं, अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि को शेष जिले आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही रांची, जमशेदपुर, धनबाद व गिरिडीह में दोनों संस्थाओं के द्वारा कैंप लगाए जाएंगे। ये संस्थाएं 3-4 माह के अंतराल में अलग-अलग जिलों में स्क्रीनिंग कैंप लगागर बच्चों का चयन करेंगे। अपील: पीड़ित नवजात की सूचना साझा करें एनएचएम के आईईसी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह ने आमजनों से अपील की है कि इस शिविर का लाभ लेने हेतु यथाशीघ्र अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा सदर अस्पताल में संपर्क करें। उन्होंने नगर निकाय और नगर पंचायत के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया है कि अपने आस-पड़ोस में हृदय रोग से ग्रसित नवजात या बच्चों के अभिभावकों से इस शिविर की जानकारी साझा करें।

गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पारंपरिक खेलों का दमदार प्रदर्शन

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के गांधी स्टेडियम अंबिकापुर में पारंपरिक भारतीय खेल मल्लखंभ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत संतुलन, शक्ति एवं लचीलापन का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।                  मल्लखंभ जो कि भारत की प्राचीन खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, को इस प्रतियोगिता में डेमो खेल के रूप में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की गरिमा प्राप्त हो रही है। मल्लखंभ प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बालक एवं बालिका वर्ग में टीम चौंपियनशिप (पोल एवं रोप मल्लखंभ), पिरामिड चौंपियनशिप तथा पुरुष एवं महिला वर्ग में पिरामिड, पोल एवं रोप मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ शामिल हैं। टीम स्पर्धाओं में अधिकतम 6 खिलाड़ियों की भागीदारी निर्धारित की गई है।              गांधी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने पोल एवं रस्सी मल्लखंभ पर आकर्षक करतब प्रस्तुत किए। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना एवं युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। इस आयोजन से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।

फर्जी दुर्घटना क्लेम से ठगी का खेल उजागर, धार में संगठित गिरोह बेनकाब

धार  इंदौर जोन की पुलिस जांच में बीमा क्लेम के नाम पर चल रहे एक बड़े संगठित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। धार जिले से जुड़े इस मामले में दो वकीलों समेत पांच आरोपितों ने सुनियोजित तरीके से अज्ञात वाहन से होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में कहानी गढ़कर बीमा कंपनियों से लाखों रुपये का क्लेम हासिल करने की दावा कोर्ट में प्रस्तुत करते थे। धार के नौगांव थान पर चार आरोपितों व धरमपुरी थाने पर तीन आरोपितों पर कुल 12 बीमा दावे प्रस्तुत करने के मालमें दो प्रकरण दर्ज किए गए है। बीमा दावे के प्रकरण अधिक भी हो सकते है। कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक (ग्रामीण) इंदौर जोन को प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आवेदक रवि श्रीवास, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि आरोपितों द्वारा फर्जी दुर्घटनाएं दिखाकर बीमा क्लेम का दाावा किया जा रहा था। धरमपुरी थाने पर दर्ज प्रकरण में आरोपित मुन्नालाल देवड़ा धरमपुरी और फिरोज खान धार है। से दोनों पेशे से वकील हैं। इस प्रकरण में प्रतीक गोस्वामी निवास धार भी आरोपित है। ये अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजन से संपर्क करते थे। उन्हें मोटा मुआवजा दिलाने का झांसा देकर पूरा क्लेम प्रोसेस करते थे। जबकि धार के नौगांव थाने पर दर्ज प्रकरण में उक्त प्रतीक गोस्वामी निवासी धारेश्वर मार्ग धार उमेश पुत्र राकेश सांखला निवासी ग्राम धुलेट सरदारपुर, लोकेंद्र देवड़ा व फिरोज खान निवासीयान धार आरोपित बनाए गए है। प्रतीक गोस्वामी की भूमिका सबसे संदिग्ध     जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य प्रतीक गोस्वामी की भूमिका को लेकर सामने आया। वह अलग-अलग मामलों में कभी वाहन मालिक तो कभी ड्राइवर बन जाता था।   कई केसों में एक ही व्यक्ति का इस तरह अलग-अलग भूमिका में होना पुलिस के संदेह का बड़ा कारण बना। आरोपित फर्जी तरीके से यह दर्शाते थे कि उनके ही वाहन से व्यक्ति को टक्कर लगी है।    जबकि वास्तविकता में जो वाहन हादसा कारित कर जाता था उसकी कोई जानकारी नहीं होती थी। पूरे नेटवर्क के तहत झूठे दस्तावेज, मनगढ़ंत साक्ष्य और फर्जी गवाह तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत कर बीमा कंपनियों से क्लेम हासिल किया जाता था। करीब 12 मामले हुए थे प्रस्तुत धार, धरमपुरी और मनावर न्यायालय में ऐसे लगभग 12 मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें क्लेम के दावे किए गए। अन्य स्थानों के मामलों की भी जांच जारी है। पुलिस ने केस डायरी, चालान, वाहन स्वामित्व, ड्राइविंग लाइसेंस, ई-कोर्ट रिकॉर्ड और मोबाइल कॉल डिटेल (सीडीआर) का मिलान किया। तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपितों के बीच आपसी तालमेल और साजिश की पुष्टि कर दी। प्रारंभिक जांच में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 229(1), 246 और 61(2) के तहत तीनों पर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।   धार के नौगांव थाने सहित धरमपुरी में आरोपित के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए है। कंपनी के आवेदन की जांच के बाद मामला प्रकाश में आया है। विवेचना कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।