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मध्यप्रदेश में 5 अप्रैल तक ओले और आंधी-बारिश, 30 जिलों में बारिश का अलर्ट, निमाड़ में गिरेंगे ओले

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय है। इसके चलते पिछले 72 घंटों से कई इलाकों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। बुधवार को प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में मौसम बदला रहा, वहीं गुरुवार को भोपाल और इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर निमाड़ क्षेत्र के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। भोपाल-इंदौर सहित 30 जिलों में अलर्ट अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश होने की संभावना है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर शामिल हैं। 50 किमी प्रति घंटे तक चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चल सकती है, जिसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अन्य जिलों में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। बुधवार को भी कई जिलों में मौसम ने करवट ली। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे। इसके अलावा इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। बारिश के साथ गर्मी भी बरकरार अजीब मौसम के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रतलाम, मंडला, खजुराहो, रायसेन, दमोह और सागर में भी पारा 38-39 डिग्री के बीच रहा। बड़े शहरों में जबलपुर 38.4°C, भोपाल 37.4°C, इंदौर 36.5°C, ग्वालियर 36.1°C और उज्जैन 35.6°C दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से में भी दो सिस्टम काम कर रहे हैं। 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव होगा, जिससे 10 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। अप्रैल के दूसरे हफ्ते से सिस्टम कमजोर पड़ते ही तेज गर्मी का दौर शुरू होगा। महीने के आखिरी तक ग्वालियर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में तापमान 44-45 डिग्री तक पहुंच सकता है।    

धार भोजशाला केस: हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से शुरू होगी लगातार सुनवाई, मुस्लिम पक्ष ने पेश किए मस्जिद होने के प्रमाण

धार  मध्य प्रदेश की इंदौर हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में आज (गुरुवार) धार स्थित भोजशाला मामले में सुनवाई हुई. इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी. 6 अप्रैल दिन सोमवार को दोपहर ढाई बजे से इंदौर हाईकोर्ट में रोज सुनवाई होगी. मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में मस्जिद होने के दस्तावेज पेश किए, जिसपर अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी. मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह सिविल सूट का मामला है. हाईकोर्ट ने इसपर कहा कि सिविल सूट की सुनवाई 10 अप्रैल को धार स्थित जिला कोर्ट में होगी. कोर्ट ने सभी पार्टी को 10 तारीख को धार कोर्ट में मौजूद होने के आदेश दिए. कोर्ट ने बिल्कुल स्पष्ट किया कि 10 अप्रैल को धार जिले की कोर्ट में सिर्फ सिविल सूट पर सुनवाई होगी, बाकी पांच याचिका जो धार भोजशाला विवाद को लेकर लगी हुई हैं, उनपर इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई होगी. हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद भी जुड़े थे।  हिंदू पक्ष के वकील श्रीश दुबे ने कहा कि मुस्लिम पक्ष वीडियो-फोटो के लिए सुप्रीम कोर्ट गया था. उस याचिका में जो आदेश हुआ था, उससे माननीय न्यायालय को अवगत कराया है. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख 6 अप्रैल तय की है. अदालत सभी एप्लिकेशन को क्रमवार सुनेगी।  आपको बता दें कि एएसआई ने 98 दिनों तक भोजशाला का सर्वे किया और दो हजार से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की थी। इसके बाद दो जजों ने भी धार जाकर भोजशाला व मस्जिद परिसर का निरीक्षण किया। पिछली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने एएसआई द्वारा किए गए सर्वे पर सवाल उठाए थे और उसके तथ्यों को खारिज किया। उनका कहना था कि सर्वे ठीक तरीके से नहीं किया गया। इसके साथ ही कोर्ट से सर्वे के दौरान की गई वीडियोग्राफी के डेटा की मांग भी की गई थी। कोर्ट में सौंपे सभी दस्तावेज मुस्लिम पक्ष के वकील अरशद वारसी ने कहा कि हमारे द्वारा कोर्ट को पहले ही बताया जा चुका था कि यह जो मामला है, चूंकि मल्टीपल डिस्प्यूटेड पार्ट्स इसमें शामिल हैं, तो इसलिए इसको सभी सूट में सुना जाना आवश्यक है. हमने कोर्ट से अपील की थी कि इसमें सभी पार्टी को सिविल सूट में भेजा जाए. हमने कोर्ट में सभी दस्तावेज दिए हैं. उसमें सुनवाई की अगली तारीख 10 अप्रैल है. कोर्ट ने सभी पार्टी को अपने-अपने जवाबों के साथ हाजिर होने के लिए कहा है. वहीं इस मामले में इंदौर हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई की जाएगी।  क्या है भोजशाला विवाद? मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला विवाद दशकों पुराना है. यह जिले के एक ऐतिहासिक परिसर को लेकर है. हिंदुओं का मानना है कि यह वाग्देवी (सरस्वती माता) का मंदिर है, जिसे 11वीं सदी में राजा भोज ने बनवाया था. हिंदू इसे मंदिर और प्राचीन संस्कृत अध्ययन केंद्र मानते हैं. वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है. उनका दावा है कि यह एक इस्लामिक स्थल है और यहां सदियों से नमाज अदा की जाती रही है. हालांकि भोजशाला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के कब्जे में है। 

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से तेलंगाना एवं अन्य प्रांतो में प्रवासित परिवारों के लिए पुर्नवास के लिए बनेगी कार्ययोजना

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के ऐसे विस्थापित परिवार जो किन्ही कारणों बस्तर संभाग के सीमावर्ती तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश में प्रवासित है, ऐसे परिवारों के पुनर्वास की कार्ययोजना बनायी जा रही है। मंत्रालय महानदी भवन में आज अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।               बैठक में बताया गया कि जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के लोग तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य में प्रवासित हो गए है। इसके लिए प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर किया गया है। इसके तहत माननीय आयोग द्वारा एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त द्वारा एक समयबद्ध कार्यक्रम के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जिला बीजापुर को प्रवासित परिवारों के सर्वे किया जाकर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सर्वे अनुसार जिला दंतेवाड़ा से तेलंगाना प्रदेश के 60 ग्राम में 618 परिवार के 2654 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से तेलंगाना प्रदेश के 293 ग्राम में 2733 परिवार के 12026 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से तेलंगाना प्रदेश के 114 ग्राम में 994 परिवार के 5029 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से तेलंगाना राज्य के 467 ग्राम में 4345 परिवार के 19709 व्यक्ति प्रवासित है।               इसी तरह जिला दंतेवाड़ा से आंध्रप्रदेश के 25 ग्राम में 125 परिवार के 568 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से आंध्रप्रदेश के 155 ग्राम में 2462 परिवार के 10787 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से आंध्रप्रदेश के 04 ग्राम में 07 परिवार के 34 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से आंध्रप्रदेश राज्य के 184 ग्राम में 2594 परिवार के 11389 व्यक्ति प्रवासित है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 ग्राम से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश राज्य के 651 ग्राम में 6939 परिवार के 31098 व्यक्ति प्रवासित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव  पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर संभाग  डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज  सुन्दरराज से चर्चा कर अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बार और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर लें।               अपर मुख्य सचिव गृह  पिंगुआ ने कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य प्रांतों में प्रवासित लोगों के बारे में उनके मूल ग्राम एवं निवास स्थान से आवश्यक जानकारी तैयार कर लें। जिससे पुनर्वास योजना बनाने आसानी होगी। इसी तरह से पुनर्वास योजना बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित दिए गए है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, जिससे शीघ्र पुनर्वास योजना बनाने में आसानी होगी।                वीडियो कॉन्फ्रेंस में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव मती शहला निगार, गृह विभाग की सचिव मती नेहा चम्पावत, आईजी बस्तर  सुन्दरराज, कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह सहित कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा शामिल हुए। इसी तरह से बैठक में सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग, राजस्व, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, वाणिज्य एवं उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

IPL 2026 में श्रेयस अय्यर का बड़ा दांव, चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज की होगी एंट्री

चेन्नई CSK vs PBKS के बीच होने वाले अगले महामुकाबले से पहले पंजाब किंग्स के खेमे में हलचल मची हुई है। कप्तान श्रेयस अय्यर अपनी टीम के गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला ले सकते हैं। पिछले मैच में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ अर्शदीप सिंह काफी महंगे साबित हुए थे, जिससे टीम प्रबंधन नाराज नजर आ रहा है। इस मैच में जीत दर्ज करने के लिए अब अर्शदीप की जगह विदेशी तेज गेंदबाज बेन ड्वारशुइस को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। अर्शदीप सिंह की खराब फॉर्म बनी पंजाब की सिरदर्द आईपीएल 2026 के इस सीजन में अर्शदीप सिंह अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गुजरात के खिलाफ पिछले मैच में उन्होंने 4 ओवर में 42 रन लुटाए और कई वाइड गेंदें भी फेंकी। उनकी लाइन और लेंथ बिगड़ने के कारण विपक्षी बल्लेबाजों को रन बनाना काफी आसान हो गया था। सीएसके जैसी बड़ी टीम के खिलाफ मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। अर्शदीप की डेथ ओवरों में गेंदबाजी अब पंजाब के लिए चिंता का विषय बन गई है। अनुशासन की कमी और अतिरिक्त रन देने की आदत के कारण अब उनका पत्ता कटना लगभग तय माना जा रहा है। CSK vs PBKS मैच में बेन ड्वारशुइस की हो सकती है एंट्री अर्शदीप सिंह के विकल्प के तौर पर ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बेन ड्वारशुइस का नाम सबसे आगे चल रहा है। ड्वारशुइस के पास टी20 क्रिकेट का काफी अनुभव है और वह अपनी सटीक यॉर्कर के लिए जाने जाते हैं। CSK vs PBKS मैच की पिच को देखते हुए पंजाब की टीम एक ऐसे गेंदबाज को चाहती है जो रन गति पर लगाम लगा सके। ड्वारशुइस न केवल नई गेंद से विकेट निकाल सकते हैं, बल्कि अंतिम ओवरों में भी काफी किफायती रहते हैं। CSK vs PBKS के मुकाबले में उनकी मौजूदगी पंजाब के आक्रमण को एक नया आयाम दे सकती है, जिससे टीम की जीत की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ श्रेयस अय्यर का क्या प्लान होगा ! चेन्नई की टीम भले ही पहला मैच हार गए लेकिन सारेउनके पास रुतुराज गायकवाड़ और शिवम दुबे जैसे खतरनाक बल्लेबाज हैं। CSK vs PBKS की इस जंग में श्रेयस अय्यर जानते हैं कि थोड़ी सी भी ढिलाई मैच को हाथ से निकाल सकती है। इसी वजह से वह प्लेइंग इलेवन में कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं। CSK vs PBKS मैच के दौरान पंजाब की टीम अपनी फील्डिंग और डेथ बॉलिंग पर विशेष ध्यान देगी। श्रेयस अय्यर खुद मध्यक्रम में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. लेकिन गेंदबाजी विभाग में संतुलन बनाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अगर ड्वारशुइस को मौका मिलता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वह सीएसके के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को कैसे रोकते हैं। CSK vs PBKS क्या होगा खास ? CSK vs PBKS मैच दोनों टीमों के लिए पॉइंट्स टेबल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। पंजाब किंग्स को अगर प्लेऑफ की रेस में बने रहना है, तो उन्हें अपनी गलतियों को सुधारना होगा। अर्शदीप सिंह जैसे स्टार खिलाड़ी को बाहर करना एक साहसिक फैसला होगा, लेकिन टीम की जरूरत को देखते हुए यह अनिवार्य लग रहा है। बेन ड्वारशुइस के आने से पंजाब की गेंदबाजी में विविधता आएगी। क्रिकेट फैंस को उम्मीद है कि CSK vs PBKS का यह मुकाबला हाई-वोल्टेज होगा और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। अब देखना यह है कि टॉस के वक्त श्रेयस अय्यर कौन से 11 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरते हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में सीएसके हर हाल में जीत दर्ज करना चाहेगी और पंजाब किंग्स को हराना चाहेगी। चेन्नई सुपर किंग्स भी अपन प्लेइंग 11 में एक बदलाव करते हुए डेवल्ड ब्रेविस को शामिल करना चाहेगी।  

PSEB Class 8th Result 2026: जानें कब आएगा पंजाब बोर्ड का रिजल्ट और कैसे करें चेक

चंडीगढ़  पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. कक्षा 8वीं के बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट इस महीने के आखिर तक जारी हो सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है PSEB के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्लास 8वीं का रिजल्ट जल्‍द ही घोषित किया जाएगा.वहीं क्लास 5वीं की बोर्ड परीक्षा पिछले दो साल से नहीं हो रही है इसलिए इस बार भी 5वीं का रिजल्ट नहीं आएगा।  8वीं की परीक्षा कब हुई थी? पंजाब बोर्ड कक्षा 8वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक पेन-पेपर मोड में पूरे पंजाब में आयोजित की गई थी. अब छात्र अपने स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।  क्‍या कहता है पिछले पांच सालों का ट्रेंड? हालांकि PSEB ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में आ सकता है. पिछले कुछ सालों में रिजल्ट की तारीखों की बात करें तो वर्ष 2025 में 4 अप्रैल को रिजल्‍ट आया था इसी तरह 2024 में आठवीं का रिजल्‍ट 30 अप्रैल को और 2023 में 28 अप्रैल को रिजल्‍ट घोषित किया गया था. 2022 में 2 जून और 2021 में 17 मई को रिजल्‍ट जारी किया गया था. इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर बार अप्रैल के पहले या आखिरी हफ्ते में नतीजे आ जाते हैं इसलिए इस बार भी अप्रैल के पहले सप्ताह में रिजल्ट आने की मजबूत संभावना है।  रिजल्ट कैसे चेक करें? रिजल्ट जारी होते ही छात्र इसे आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे. 1. PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं. 2. होमपेज पर Results सेक्शन में जाएं. 3. PSEB Class 8th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. 4. अपना रोल नंबर या पूरा नाम दर्ज करें. 5. सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. रिजल्ट DigiLocker पर भी उपलब्ध होगा जहां छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. मार्कशीट में क्या-क्या जानकारी होगी? डिजिटल मार्कशीट में निम्नलिखित डिटेल्स होंगी: – विषय-वार अंक – कुल अंक – पास/फेल स्टेटस – छात्र का नाम, रोल नंबर आदि पिछले साल का प्रदर्शन कैसा रहा? पिछले साल 2025 में कक्षा 8वीं का पास प्रतिशत 97.30% रहा जो 2024 के 98.31% से थोड़ा कम था.लड़कियों का पास प्रतिशत 98.9% और लड़कों का पास प्रतिशत 96.49% रहा.2025 के रिजल्‍ट में पहले स्‍थान पर 600 में 600 अंकों के साथ पुनीत वर्मा रहे और दूसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहे दोनों के बराबर अंक थे लेकिन उम्र और टाई नियमों के आधार पर उन्‍हें दूसरी रैंक दी गई वहीं तीसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहीं उन्‍होंने 600 में से 599 अंक हासिल किया था. 2024 में कुल 2,91,917 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे जिनमें से 2,86,987 पास हुए थे .PSEB की आधिकारिक वेबसाइट पर ही रिजल्ट चेक करें. फर्जी वेबसाइटों या लिंक्स से बचें। .

बीजापुर के सुदूर वनांचल में नई उम्मीद, आरोग्य मंदिर से मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

बीजापुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए संचालित 'नियद नेल्लानार' (आपका अच्छा गाँव) योजना अब धरातल पर सार्थक परिणाम दे रही है। जिला बीजापुर के दुर्गम क्षेत्र ग्राम पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के खुलने से 28 जनवरी 2026 से अब तक सैकड़ों ग्रामीणों को उनके घर के समीप ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। रिकॉर्ड ओपीडी और इनडोर सुविधाएं पालनार और आस-पास के गांवों में स्वास्थ्य के प्रति आई इस जागरूकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस अल्प अवधि में ही कुल 747 मरीजों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा, आवश्यकतानुसार 16 मरीजों को भर्ती कर उनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया। पहले जिन ग्रामीणों को छोटी बीमारियों के लिए भी मीलों पैदल चलना पड़ता था, उन्हें अब विशेषज्ञ परामर्श और निःशुल्क दवाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल रही हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षित प्रसव और त्वरित सेवाएं संवेदनशील क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस केंद्र में अब तक 5 सुरक्षित प्रसव कराए गए हैं। शासन की मंशा के अनुरूप, नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु नवजातों के जन्म प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। साथ ही, क्षेत्र की 15 गर्भवती महिलाओं (ANC) और 18 धात्री माताओं (PNC) की नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है। गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान (NCD स्क्रीनिंग) योजना के तहत गैर-संचारी रोगों (NCD) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पालनार केंद्र में अब तक 250 ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जिसमे 25 मरीज उच्च रक्तचाप (Hypertension) से ग्रसित पाए गए।  12 मरीज मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित मिले। 1 ग्रामीण में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण मिलने पर तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र हेतु रेफर किया गया।  पालनार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सफलता यह दर्शाती है कि शासन की योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, बल्कि ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।                दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया।  इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

स्कूलों पर गिरेगी गाज: CBSE ने LOC के बहाने फीस लेने पर कड़ा रुख अपनाया

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी। मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

टीवी सीरियल्स में क्यों दिखाया जाता था एक ही सीन तीन बार और एकता कपूर ने सालों पुराने इस राज से अब उठाया पर्दा

अगर आप टीवी सीरियल्स देखते हैं या पहले कभी देखा होगा तो आपने नोटिस किया होगा कि कैसे जब भी सीरियल में कुछ शॉकिंग होता है या कुछ हैरान करने वाला बोला जाता है उस सीन को तीन बार दिखाया जाता है। इस चीज का सोशल मीडिया पर कई बार मजाक भी उड़ाया जाता है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। अब के सीरियल्स में ये चीज कम देखने को मिलती है, लेकिन पहले ये चीज लगभग हर सीरियल में देखने को मिलती थी। अब टीवी की क्वीन कही जाने वाली एकता कपूर ने इस राज से पर्दा हटाया है। रिपीट वाले इफेक्ट का एक कारण था बजट एकता कपूर ने बताया कि टीवी सीरियल्स का बजट इतना ज्यादा नहीं होता था। बजट इतना छोटा होता था कि हमारे पास वो इफेक्ट्स करने के लिए या हाई पॉइंट करने के लिए तीन ही चीजें थीं- रिपीट स्विच पन्स, बैकग्राउंड म्यूजिक एंड ज़ूम इन ज़ूम आउट्स। तो उस इफेक्ट को डालने का एक कारण कम बजट भी होता था। महिलाओं के लिए बनाए जाते थे टीवी सीरियल्स दूसरा कारण बताते हुए MK Talks के साथ खास बातचीत में एकता कपूर ने बताया कि डेली सोप्स की टारगेट ऑडियंस घर की महिलाएं होती हैं। टीवी सीरियल्स को बड़ी संख्या में घर की महिलाएं या लड़कियां देखती हैं। एकता कपूर ने कहा, “लेडीज के लिए शोज बनाए जाते हैं। लेकिन लेडीज जब टीवी देखने बैठती हैं शाम तो कभी खाने का वक्त हो जाता है, या वो किसी और काम में लगी होती हैं। पति, बच्चे, माता-पिता खाना खाने बैठे हैं। रोटियां मांग रहे हैं। तो ये उन लेडीज के लिए होता था कि अगर आप किचन में हो और टीवी पर ये वाला इफेक्ट बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ आता था तो उनको (लेडीज) पता होता था कि स्टोरी में कोई टर्निंग पॉइंट है। तो वो भाग के आती थी बाहर। वो ट्विस्ट वो देखती थीं।” महिलाओं के लिए ही सीरियल्स में डाला जाता था वो इफेक्ट उस वक्त कोई रिकॉर्ड करने का ऑप्शन तो होता नहीं था तो लेडीज को कैसे बताया जाए कि कोई बड़ा ट्विस्ट आया है शो में। इस इफेक्ट से उन्हें पता चल जाता था और वो आकर वो सीन देख लेती थीं। एकता कपूर ने अपनी बातचीत से साफ कर दिया कि टीवी सीरियल्स में वो इफेक्ट जानबूझकर डाला जाता था। टीवी सीरियल में तीन बार वाला इफेक्ट डालने का एक कारण ये भी होता है कि उस इफेक्ट से शो में ड्रामा और सस्पेंस बढ़ जाता है जिसकी वजह से लोग और दिलचस्पी से उस शो को देखते हैं।

खनन माफिया पर शिकंजा: आधा दर्जन ठिकानों पर रेड, कई वाहन पकड़े गए

राजनांदगांव. जिले भर खनिज के अवैध परिवहन और उत्खनन के खिलाफ लगातार ताबड़तोड़ कार्यवाही की जा रही है . इसी के तहत आज आधा दर्जन से अधिक स्थानों में छापामार कार्रवाई करते हुए मुरूम और गिट्टी से भरी गाड़ियों को पकड़ने में सफलता मिली है . जप्त गाड़ियों को संबंधित थाने में रखा दिया गया है. ज्ञात हो कि कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग की टीम द्वारा आज ग्राम भर्रेगांव, खुटेरी, रवेली, कोटरासरार, अर्जुनी, भोथली, बाघमार सहित अन्य क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान खनिज अमला द्वारा खनिज मुरूव व मिट्टी एवं मुरूम व मिटटी का अवैध उत्खनन कर परिवहन करने वालों पर कार्रवाई की गई. जिसमें ग्राम खुटेरी निवासी गोविन्द साहू के स्वामित्व की हाईवा – सीजी 07 बीएम 2500 से वाहन चालक ग्राम सिकोला निवासी टोमन यादव द्वारा मुरूम व मिट्टी का अवैध परिवहन तथा ग्राम देवरी निवासी रूपेश साहू के स्वामित्व की जेसीबी- सीजी 24 यू 4031 से वाहन चालक ग्राम केंवट नवागांव निवासी मोहित कुमार द्वारा मुरूम व मिट्टी का अवैध उत्खनन करने पर कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी को सुपुर्द किया गया. प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है. खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है.