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देशभर में बढ़ रही मांग, बेंगलुरु से कारगिल तक पहुंच रहा सुगंधित चावल

रायपुर लैलूंगा की पहचान बना ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र का ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल आज अपनी विशिष्ट सुगंध, स्वाद और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण एक अलग पहचान स्थापित कर चुका है। पारंपरिक रूप से उगाई जाने वाली यह धान की किस्म अब किसानों के लिए आय का मजबूत माध्यम बन रही है। प्रशासन और कृषि विभाग के सहयोग से इस उत्पाद को व्यवस्थित रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे यह स्थानीय स्तर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। किसानों द्वारा अपनाई जा रही जैविक पद्धति और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और कृषि मंत्री  राम विचार नेताम के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों का आय दुगुनी करने निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार किसानों को सशक्त बनाने में जनहितकारी नीति बनाने के साथ ही किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं इनमें कृषि उन्नति योजना, भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना जैसे योजना शामिल है। इससे प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं।  कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंवाफूल धान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राकृतिक सुगंध और स्वाद है, जो लैलूंगा क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु में ही पूर्ण रूप से विकसित हो पाती है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां-दिन में पर्याप्त गर्मी और रात में हल्की ठंडक, इस धान की गुणवत्ता को विशेष बनाती हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में उत्पादित चावल का स्वाद और खुशबू अलग पहचान रखता है और उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है।  ‘केलो’ जैविक जंवाफूल चावल की मांग अब छत्तीसगढ़ से बाहर भी तेजी से बढ़ रही है। बेंगलुरु, चेन्नई, तेलंगाना, लद्दाख और कारगिल जैसे क्षेत्रों में इसकी अच्छी मांग है। वर्तमान में इसका बाजार मूल्य लगभग 150 रुपये प्रति किलो है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। वहीं बीज भी किसानों को 70 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अधिक किसान इस फसल की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।    लैलूंगा के किसान चंद्रशेखर पटेल बताते हैं कि उनके परिवार में लंबे समय से जंवाफूल चावल की खेती की जा रही है, लेकिन अब इसकी मांग और पहचान में काफी वृद्धि हुई है। इस वर्ष उन्होंने 4 एकड़ में इसकी खेती की, जिसमें प्रति एकड़ लगभग 30,000 रुपए की लागत आई। वे बताते हैं कि उन्हें प्रति एकड़ 1 लाख रूपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। उनका कहना है कि इस फसल से उन्हें स्थिर और संतोषजनक आय मिल रही है, जिससे वे भविष्य में इसकी खेती का रकबा और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनके उत्पाद की मांग राज्य के बाहर भी बढ़ रही है, जिससे उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो रहा है।  ग्राम खैरबहार के किसान भवानी पंडा बताते हैं कि वे वर्ष 2015 से खेती कर रहे हैं और धीरे-धीरे जंवाफूल चावल की खेती की ओर बढ़े हैं। वे पूरी तरह जैविक पद्धति से खेती करते हैं, जिसमें रासायनिक खाद या कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। हरी खाद का उपयोग कर वे खेत की उर्वरता बनाए रखते हैं। भवानी पंडा बताते हैं कि जंवाफूल चावल की खेती से उन्हें पारंपरिक धान की तुलना में अधिक लाभ मिल रहा है। वर्तमान में वे 2 एकड़ में इसकी खेती कर रहे हैं और आने वाले समय में इसे 20 एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखे हुए हैं। जंवाफूल चावल की खेती पूरी तरह जैविक पद्धति से की जा रही है, जिससे इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहती है। रासायनिक मुक्त उत्पादन के कारण यह चावल स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यही वजह है कि उपभोक्ताओं के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को इसका बेहतर मूल्य मिल रहा है।     प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा इस फसल को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही किसान समूहों और एफपीओ के माध्यम से उत्पादन और विपणन को संगठित किया जा रहा है। पिछले वर्ष लगभग 700 एकड़ में इसकी खेती की गई थी, वहीं इस वर्ष इसे बढ़ाकर 2000 एकड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस लाभकारी फसल से जुड़ सकें। 

भभुआ, सासाराम और रांची के लिए अब दिल्ली का सफर हुआ आसान, रेलवे ने शुरू की नई ट्रेन और जानें पूरा टाइम-टेबल

रांची भारतीय रेलवे ने बिहार और झारखंड के लोगों के लिए एक नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का फैसला किया है. यह ट्रेन आनंद विहार से पुरुलिया तक जाएगी. यह ट्रेन दिल्ली और झारखंड के बीच सीधी कनेक्टिविटी देगी. इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी. इस इलाके के लोगों को होगा फायदा इस ट्रेन का खास फायदा बिहार के शाहाबाद और मगध इलाके के लोगों को मिलेगा. भभुआ रोड, सासाराम और डेहरी-ऑन-सोन जैसे स्टेशनों से अब दिल्ली जाना आसान हो जाएगा. खासकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है. टाइम और रूट के बारे में जानिये आनंद विहार से सुबह 5 बजे चलने वाली ट्रेन रात 10:40 बजे पुरुलिया पहुंचेगी. रास्ते में यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी कैंट, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन, गढ़वा रोड, डालटोनगंज, रांची और मुरी स्टेशन पर रुकेगी. वापसी में यह ट्रेन पुरुलिया से शाम 5 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 11:10 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. यानी यात्रियों को दोनों तरफ से सफर का अच्छा टाइमिंग मिल जाएगा. रेलवे ने इस ट्रेन को फिलहाल साप्ताहिक रखा है. ट्रेन संख्या 14022 हर गुरुवार को दिल्ली से चलेगी, जबकि 14021 हर शुक्रवार को पुरुलिया से वापसी करेगी. ट्रेन में क्या-क्या सुविधा इस ट्रेन में एसी, स्लीपर और जनरल कोच लगाए गए हैं. इससे हर वर्ग के लोग अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से यात्रा कर पाएंगे. यह नई ट्रेन बिहार और झारखंड के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है. इससे सफर आसान होगा, समय बचेगा और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.

युवाओं को सशक्त बना रहा सोशल मीडिया, सीएम डॉ. यादव का बयान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में शुक्रवार को सोशल मीडिया की मध्यप्रदेश टूरिज्म़ इनफ्लुएंसर मीट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया वर्तमान समय में युवाओं की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति से सनातन परंपरा के वैचारिक आधार को शिक्षा नीति में समाहित किया है। ऐसा करके युवाओं को सच्चे संस्कार के साथ विकास का अवसर दिया गया है। हमें विकास के साथ-साथ प्राचीन काल के गौरव और परंपराओं पर भी गर्व होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से हम बाबा विश्वनाथ के धाम में उज्जैन और मध्यप्रदेश के प्राचीन गौरव की झलक दिखा रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, वीरता और धर्म परायणता हम सबको प्रेरित और गौरवान्वित करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्राचीन गौरव के साथ विकास को नया आयाम दिया है। वाराणसी में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयां दी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच में सद्भाव और विकास के साथ सहयोग बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश दो भाइयों की जोड़ी है। दोनों मिलकर विकास के नए प्रतिमान बनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच सद्भाव और विकास के लिए सहयोग बढ़ा है। सिंहस्थ: 2028 में बनेंगे कीर्तिमान उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाला सिंहस्थ महाकुंभ अद्भुत होगा। इसमें श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले सभी नागरिकों,पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित रहेगी। इस दृष्टि से नए कीर्तिमान भी बनेंगे।  

छत्तीसगढ़ में लाखों श्रमिकों को राहत: DA और सैलरी दरों में वृद्धि, नई वेतन दरें की गई लागू

रायपुर  प्रदेश के लाखों श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (DA Hike) और न्यूनतम वेतन दरों का निर्धारण कर दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होकर 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगी। महंगाई भत्ते में वृद्धि लेबर ब्यूरो, शिमला से प्राप्त जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर औद्योगिक सूचकांक में औसतन 11.28 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी आधार पर श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि के चलते कृषि श्रमिकों के भत्ते में 170 रुपये प्रतिमाह का इजाफा हुआ है। अगरबत्ती श्रमिकों को भी लाभ अगरबत्ती निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों के लिए भी दरों में वृद्धि की गई है। प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण पर 8.53 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी निर्धारित की गई है, जिससे इस क्षेत्र के श्रमिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। श्रेणी और जोन के अनुसार वेतन सरकार द्वारा निर्धारित नई दरों के अनुसार अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल श्रमिकों के लिए अलग-अलग वेतन तय किए गए हैं। जोन ‘अ’, ‘ब’ और ‘स’ के आधार पर मासिक वेतन 10,882 रुपये से लेकर 13,612 रुपये तक निर्धारित किया गया है। दैनिक वेतन और जानकारी दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रमिकों की श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से 524 रुपये के बीच रहेगा। श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने इन दरों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिक जानकारी के लिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.shramevjayate.cg.gov.in या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से संपर्क किया जा सकता है। इसी क्रम में अर्द्धकुशल श्रमिकों हेतु वेतन क्रमशः 12,052.00 रुपये (जोन अ), 11,792.00 रुपये (जोन ब) और 11,532.00 रुपये (जोन स) निर्धारित है। कुशल श्रमिकों को जोन 'अ' में 12,832.00 रुपये, 'ब' में 12,572.00 रुपये और 'स' में 12,312.00 रुपये प्राप्त होंगे, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह दरें क्रमशः 13,612.00 रुपये, 13,352.00 रुपये और 13,092.00 रुपये प्रतिमाह होंगी।  दैनिक वेतन की बात करें तो यह श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से लेकर 524 रुपये के मध्य देय होगा। विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट https://shramevjayate.cg.gov.in/ या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त की जा सकती है 

छात्रों को झटका: 10वीं-12वीं फीस बढ़ी, बेस्ट ऑफ फाइव सिस्टम बंद

भोपाल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नौवीं से 12वीं तक की नई प्रवेश नीति जारी कर दी है। इसके तहत 10वीं और 12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से भरे जाएंगे। इस बार मंडल ने 10वीं व 12वीं के परीक्षा शुल्क, नामांकन सहित फीस और अन्य शुल्कों में 25 फीसद से लेकर 80 फीसद तक की बढ़ोतरी की है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शुल्क बढ़ा नई व्यवस्था के अनुसार नियमित विद्यार्थियों को अब 1200 रुपये की जगह 1500 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा, जबकि स्वाध्यायी विद्यार्थियों के लिए शुल्क 1600 रुपये निर्धारित किया गया है। नौवीं कक्षा में नामांकन शुल्क भी 350 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 वर्ष पुरानी अंकसूची की प्रति प्राप्त करने का शुल्क 600 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं डीएलएड परीक्षा शुल्क में भी वृद्धि की गई है। नियमित विद्यार्थियों को सभी विषयों के लिए सात हजार रुपये देने होंगे, जबकि दूसरे अवसर के लिए विषयों के अनुसार तीन हजार से सात हजार रुपये तक शुल्क तय किया गया है। वहीं, स्कूलों की संबद्धता फीस में भी इजाफा किया गया है। 10वीं के लिए सरकारी स्कूलों को 20 हजार और निजी स्कूलों को 22 हजार रुपये देने होंगे, जबकि 12वीं के लिए यह राशि क्रमशः 27 हजार और 30 हजार रुपये होगी। गलत प्रवेश पर प्राचार्य पर लगेगा जुर्माना नई नीति में नियमों को भी सख्त किया गया है। यदि किसी छात्र को गलत तरीके से प्रवेश दिया जाता है, तो संबंधित संस्था के प्राचार्य पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। यह राशि छात्र से नहीं वसूली जाएगी। साथ ही गंभीर मामलों में संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा, मंडल ने 10वीं कक्षा में वर्षों से लागू “बेस्ट ऑफ फाइव” प्रणाली को समाप्त कर दिया है। अब सभी विषयों के अंक अनिवार्य रूप से जोड़े जाएंगे। वहीं नौवीं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 13 वर्ष तय की गई है। ऑनलाइन प्रक्रिया और डमी प्रवेश पत्र अनिवार्य प्रवेश नीति के अनुसार, कक्षा नौवीं का ऑनलाइन नामांकन 15 मई से 30 सितंबर तक किया जा सकेगा। वहीं 10वीं-12वीं के परीक्षा फार्म 15 मई से 15 सितंबर तक भरे जाएंगे। आवेदन पत्र में अपार आईडी नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। परीक्षा फार्म भरने के सात दिन बाद छात्रों को डमी प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। स्कूल प्राचार्यों को इसे डाउनलोड कर विद्यार्थियों और अभिभावकों से जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा में ही सुधारा यदि किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा में ही सुधारा जा सकेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी संस्था द्वारा समय पर घोषणा-पत्र अपलोड नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे। साथ ही परीक्षा के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन मान्य नहीं होगा।  

मदद के नाम पर खाली हो सकता है आपका बैंक खाता, ‘एक कॉल’ वाले इस नए साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें

जयपुर भीड़भाड़ वाले बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या किसी पार्क में अगर कोई घबराया हुआ शख्स आपसे कहे भाई साहब, एक जरूरी कॉल करनी है” तो जरा ठहर जाइए। यह मासूम सी लगने वाली गुजारिश अब एक खतरनाक साइबर साजिश का हिस्सा बन चुकी है। राजस्थान में तेजी से फैल रहे इस नए फ्रॉड ने पुलिस और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग अब सीधे डिजिटल फ्रॉड करने के बजाय लोगों की भावनाओं और इंसानियत को निशाना बना रहे हैं। “एक कॉल” का बहाना बनाकर वे कुछ ही सेकंड में ऐसा खेल कर जाते हैं कि पीड़ित को देर तक पता ही नहीं चलता कि उसके साथ क्या हो गया। कैसे रचते हैं ठगी का जाल? डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह के अनुसार, ठग पहले सार्वजनिक जगहों पर ऐसे लोगों को तलाशते हैं जो जल्दी मदद करने को तैयार दिखें। फिर वे इमरजेंसी का हवाला देकर मोबाइल मांगते हैं कभी कहते हैं बैटरी खत्म हो गई, कभी किसी परिजन की तबीयत खराब होने की बात करते हैं। जैसे ही मोबाइल उनके हाथ में आता है, वे तेजी से एक खास कोड डायल करते हैं। यही वह पल होता है, जब खेल शुरू हो जाता है। इस कोड के जरिए कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव कर दी जाती है, जिससे आपके फोन पर आने वाले ओटीपी सीधे ठग के नंबर पर पहुंचने लगते हैं। इसके बाद ठग को आपके बैंक खाते, यूपीआई ऐप, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप तक पहुंच बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता। वह आराम से पासवर्ड रीसेट करता है और खाते से पैसे साफ कर देता है और आपको भनक तक नहीं लगती। स्पाइवेयर का भी खतरा मामला यहीं खत्म नहीं होता। कई मामलों में ठग आपके फोन में चुपके से स्पाइवेयर या की-लॉगर इंस्टॉल कर देते हैं। ये ऐसे खतरनाक टूल होते हैं जो आपके हर टाइप किए गए शब्द, पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी बातचीत को रिकॉर्ड कर लेते हैं। यानि, एक बार फोन हाथ में देने के बाद आपकी पूरी डिजिटल जिंदगी किसी अनजान व्यक्ति के नियंत्रण में जा सकती है। रिश्तों का भी कर सकते हैं दुरुपयोग साइबर अपराधी यहीं नहीं रुकते। वे आपके कॉन्टैक्ट्स चुरा लेते हैं और फिर आपके परिवार या दोस्तों को मैसेज या कॉल कर “इमरजेंसी” का ड्रामा रचते हैं। “मैं मुसीबत में हूं, तुरंत पैसे भेजो” ऐसे मैसेज भेजकर वे आपके करीबी लोगों से भी पैसे ठग लेते हैं। कानूनी झंझट में भी फंस सकते हैं आप इस पूरे खेल का एक और खतरनाक पहलू है। अगर कोई ठग आपके फोन से किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए कॉल करता है, तो जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आपका नंबर सामने आएगा। ऐसे में आप बिना गलती के भी पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया में उलझ सकते हैं। कैसे बचें इस ‘एक कॉल’ के जाल से? राजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मदद जरूर करें, लेकिन सतर्कता के साथ। अगर कोई कॉल करने के लिए कहता है, तो फोन खुद अपने हाथ में रखें, नंबर खुद डायल करें और स्पीकर पर बात कराएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को अनलॉक मोबाइल देना खतरनाक हो सकता है। अगर गलती से आपने फोन दे दिया है, तो तुरंत अपने मोबाइल में *#21# डायल कर कॉल फॉरवर्डिंग चेक करें और ##002# डायल कर उसे बंद कर दें। साथ ही अपने सभी पेमेंट ऐप्स पर मजबूत पिन और बायोमेट्रिक लॉक जरूर लगाएं। शिकायत कहां करें? अगर आप या आपका कोई परिचित इस तरह की ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर कार्रवाई से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों की तस्‍करी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई विगत तीन सप्ताह में 52 अवैध हथियार जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी एवं अपराध नियंत्रण के विरुद्ध प्रदेशभर में लगातार सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी कार्यवाही के तहत विगत तीन सप्ताह के दौरान विभिन्न जिलों से 52 अवैध हथियार जब्त कर तस्‍करों को गिरफ्तार किया है। प्रमुख कार्यवाही इंदौर जिले के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र से पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (टेलीग्राम एवं इंस्टाग्राम) के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 06 देशी पिस्टल एवं 04 जिंदा कारतूस बरामद किए है। वहीं, इंदौर ग्रामीण के थाना मानपुर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पिस्टल जब्त की है। इस प्रकार इन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने कुल 16 अवैध हथियार जप्‍त किये है। खरगोन जिले में थाना गोगावां पुलिस ने अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए उत्तरप्रदेश एवं हरियाणा के आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 देशी पिस्टल एवं 05 देशी कट्टे (कुल 15 अवैध हथियार) तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की। इसके अलावा थाना गोगावां एवं थाना भीकनगाँव पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 08 देशी पिस्टल एवं 02 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इस प्रकार खरगोन जिले में कुल 23 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। बड़वानी थाना निवाली में पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक अवैध हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 07 देशी पिस्टल की है। जबलपुर जिले में क्राइम ब्रांच एवं थाना पाटन पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 04 देशी पिस्टल, 08 कारतूस, 03 मोबाइल फोन एवं एक कार जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। बुरहानपुर थाना खकनार में अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए पंजाब के 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 02 हस्तनिर्मित पिस्टल जब्त की हैं। इन सभी कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी के विरुद्ध सतत सतर्कता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के चलते अपराधियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो रही है।  

जीवन जीने का नजरिया बदल देंगे ये 10 अनमोल विचार, मुश्किल वक्त में भर देंगे नई ऊर्जा और साहस

जीवन के उतार-चढ़ाव में कभी-कभी हमें बस एक नई सोच या एक सही शब्द की ज़रूरत होती है जो हमें फिर से ऊर्जा से भर दे। यहां हम कुछ चुनिंदा Life Quotes लेकर आए हैं जो आपके जीवन जीने के नज़रिये को बदल सकते है। जीवन एक सुरीले संगीत की तरह है, जिसमें सुर कभी ऊंचे होते हैं तो कभी धीमे। उतार-चढ़ाव और चुनौतियां इस यात्रा का कोई बाहरी हिस्सा नहीं, बल्कि इसका अभिन्न अंग हैं। जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव यह बताते हैं कि हम जीवित हैं और आगे बढ़ रहे हैं। चुनौतियां अक्सर हमें हमारी सुख-सुविधाओं से बाहर धकेलती हैं। जब हम संघर्ष करते हैं, तभी हमें अपनी असली ताकत का पता चलता है। कठिन समय हमें वे सबक सिखाता है जो सफलता के मीठे पल कभी नहीं सिखा सकते। यहां हम जीवन पर कुछ मोटिवेशनल कोट्स लेकर आए हैं जो लाइन जीने का नजरिया बदल सकता है। 1. जिंदगी आसान नहीं होती, इसे आसान बनाना पड़ता है। 2. अपने सपनों को जिंदा रखो, वरना जिंदगी बोझ बन जाएगी। 3. हर समस्या अपने साथ एक अवसर लेकर आती है। 4. वक्त बदलता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। 5. सफलता उन्हीं को मिलती है जो कोशिश करना नहीं छोड़ते। 6. जिंदगी वही है जो आप आज जी रहे हैं, इसे बेहतर बनाइए। 7. सपने वो नहीं जो आप सोते समय देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते। 8. गिरना भी जरूरी है, तभी संभलना सीखते हैं। 9. वक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा कभी कुछ नहीं मिलता। 10. मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे।

CG के 4 IPS को मिलेगी हैदराबाद में ट्रेनिंग, DGP ने नियुक्त किए नए प्रभारी एसपी, मनीषा ठाकुर को रायपुर की जिम्मेदारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने 4 जिलों में प्रभारी एसपी की नियुक्ति की है। इन जिलों के एसपी के इंडक्शन ट्रेनिंग पर जाने के कारण यह व्यवस्था की गई है। प्रभारी एसपी की नियुक्ति का आदेश पुलिस मुख्यालय से जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ कैडर के 4 आईपीएस अधिकारी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, पंकज चंद्रा, वेदव्रत सिरमौर और विजय पांडेय को इंडक्शन ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। IPS श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा रायपुर ग्रामीण में, विजय पांडेय जांजगीर-चांपा, पंकज चंद्रा कोंडागांव, वेदव्रत सिरमौर गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक हैं। यह उच्च स्तरीय प्रशिक्षण हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस अकादमी में आयोजित किया जाएगा। ट्रेनिंग का शेड्यूल 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक चलेगा। किसे कहां की मिली जिम्मेदारी रायपुर ग्रामीण की जिम्मेदारी मनीषा ठाकुर रावटे को सौंपी गई है। जांजगीर-चांपा का प्रभार विमल कुमार बैस को दिया गया है। कोंडागांव की जिम्मेदारी प्रभारी कप्तान त्रिलोक बंसल को सौंपी गई है।गरियाबंद में प्रभारी एसपी के रूप में नीरज चंद्राकर को जिम्मेदारी दी गई है। ट्रेनिंग अवधि तक रहेगा प्रभार इन एसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में अब संबंधित जिलों का कानून-व्यवस्था संचालन किया जाएगा। डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक मूल अधिकारी ट्रेनिंग से वापस नहीं लौटते, तब तक ये चारों अधिकारी अपने-अपने जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के सभी दायित्वों का निर्वहन करेंगे। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आधुनिक पुलिसिंग के लिए अहम है इंडक्शन ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारियों की इंडक्शन ट्रेनिंग हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित की जाती है। इस प्रशिक्षण के लिए देशभर से आईपीएस अधिकारियों का चयन किया जाता है। इंडक्शन ट्रेनिंग को आईपीएस अधिकारियों के करियर ग्राफ के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। करीब डेढ़ महीने तक चलने वाली इस ट्रेनिंग के दौरान अधिकारी आधुनिक पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और प्रशासन के नए आयामों को सीखते हैं। महासमुंद पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष सिंह का तबादला कर दिया गया है। उन्हें केंद्रीय गृह विभाग की प्रतिनियुक्ति पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में एसपी बनाया गया है। यह तबादला हाल ही में हुई एक बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें एसपी आशुतोष सिंह की गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ तीखी नोकझोंक हुई थी।

रांची से जमशेदपुर तक अधिकारियों का तबादला, गजेंद्र सिंह संयुक्त आयुक्त और उमाशंकर सिंह बने सहायक आयुक्त

रांची झारखंड के प्रशासनिक महकमे से बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने मद्य एवं उत्पाद विभाग झारखंड में बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए नई पोस्टिंग की अधिसूचना जारी कर दी है. इस फेरबदल में सहायक आयुक्त, अधीक्षक और निरीक्षक स्तर के कई अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. टॉप लेवल पर बदलाव जारी आदेश के अनुसार, गजेंद्र कुमार सिंह को संयुक्त आयुक्त उत्पाद, रांची के पद पर पदस्थापित किया गया है. वहीं उमाशंकर सिंह को बोकारो से स्थानांतरित कर सहायक आयुक्त उत्पाद, रांची बनाया गया है. इसके अलावा, संजय कुमार मेहता को मुख्यालय से हटाकर बोकारो में सहायक आयुक्त उत्पाद की जिम्मेदारी दी गई है. जिलों में बड़े स्तर पर फेरबदल सरकार ने कई जिलों में पदस्थापित अधिकारियों का तबादला किया है.     अरविंद कुजूर को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से रामगढ़ भेजा गया है.     अरुण कुमार मिश्र को रांची से पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) स्थानांतरित किया गया है.     सुनील कुमार चौधरी को हजारीबाग में सहायक आयुक्त उत्पाद बनाया गया है.     रामलीला रवानी को धनबाद से हटाकर दुमका (संथाल परगना प्रमंडल) में प्रभारी उपायुक्त उत्पाद बनाया गया है. प्रभारी पदों पर नई जिम्मेदारी     राकेश कुमार को प्रभारी उपायुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची बनाया गया है.     मनोज कुमार को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद (मुख्यालय), रांची की जिम्मेदारी दी गई है.     अजय कुमार गोंड को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, धनबाद बनाया गया है, साथ ही उन्हें अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है. अधीक्षक और निरीक्षक स्तर पर भी बदलाव अधीक्षक और निरीक्षक स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं.     जितेंद्र कुमार को साहेबगंज से पाकुड़ भेजा गया है.     आशुतोष कुमार को पाकुड़ से मुख्यालय EIB में प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है.     शैलेंद्र कुमार को सिमडेगा से कोडरमा भेजा गया है.     शिव कुमार साहू को हजारीबाग से गिरिडीह में प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है.     विमला लकड़ा को रामगढ़ से देवघर भेजा गया है.     क्षितिज विजय मिंज को गुमला से सरायकेला-खरसावां स्थानांतरित किया गया है. कई जिलों में निरीक्षकों की नई तैनाती निरीक्षक स्तर पर भी कई अहम बदलाव हुए हैं.     संजय कुमार श्रीवास्तव को देवघर से दुमका भेजा गया है.     प्रेम प्रकाश उरांव को जमशेदपुर से चतरा में नई जिम्मेदारी मिली है.     रंजन तिवारी को लातेहार से चाईबासा भेजा गया है.     संजीत कुमार देव को पलामू से गढ़वा स्थानांतरित किया गया है.     प्रवीण कुमार राणा को साहेबगंज से गोड्डा भेजा गया है. इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारी दी गई है. सरकार का मानना है कि इस बड़े पैमाने पर किए गए तबादले से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा.