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बीजेपी ने एमपी में 89 सदस्यीय जंबो टीम बनाई, दो पूर्व मंत्रियों सहित 11 विधायकों को दिया महत्वपूर्ण दायित्व

भोपाल  मध्यप्रदेश भाजपा ने मीडिया में पार्टी का पक्ष प्रमुखता से रखने के लिए अब तक की सबसे लंबी मीडिया टीम बनाई है। 89 सदस्यों की नई जंबो टीम की  घोषणा हुई। इसमें दो पूर्व मंत्रियों को भी अहम दायित्व दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया टीम में 33 को प्रदेश प्रवक्ता बनाया। मीडिया विभाग में प्रदेशभर के प्रमुख नेता, कार्यकर्ताओं को स्थान दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि सीएम मोहन यादव, पूर्व सीएम केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान के अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को भी अहम पदों से नवाजा गया है। मध्यप्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्याम टेलर ने भी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी। भाजयुमो प्रदेश ने अपनी कार्यकारिणी में 56 कार्यकर्ताओं को स्थान दिया है। भोपाल से दो और शेष इंदौर, रायसेन, उज्जैन, ग्वालियर, बैतूल, जबलपुर और सागर से एक- एक नाम शामिल मीडिया टीम में दो पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस और ऊषा ठाकुर सहित 11 वर्तमान और 5 पूर्व विधायकों के नाम हैं। इसके अलावा 47 सदस्यों की सूची में 41 को मीडिया पैनलिस्ट और अन्य 6 को प्रदेश मीडिया विभाग का सदस्य बनाया गया है। वहीं 9 को प्रदेश सह मीडिया प्रभारी की कमान सौंपी गई। इसमें भोपाल से दो और शेष इंदौर, रायसेन, उज्जैन, ग्वालियर, बैतूल, जबलपुर और सागर से एक- एक नाम शामिल है। टीम में चिटनीस-ठाकुर सहित मंत्री शाह के भाई भी प्रदेश भाजपा की जंबो मीडिया टीम में मंत्री विजय शाह के भाई संजय शाह भी शामिल हैं। वे हरदा की टिमरनी सीट से विधायक रह चुके हैं। वर्तमान विधायकों में पूर्व में मंत्री रह चुकीं अर्चना चिटनीस और उषा ठाकुर के अलावा कुंवर सिंह टेकाम, गौरव पारधी, नीरज सिंह लोधी, संदीप जायसवाल, संतोष वरकड़े, दिलीप परिहार, संजय शाह, योगेश पंडाग्रे, छाया मोरे शामिल हैं। भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 56 कार्यकर्ताओं को दी जगह भाजपा मीडिया विभाग में एक मुश्त नियुक्तियों के बाद देर शाम भाजपा युवा मोर्चा ने भी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने अपनी कार्यकारिणी में 56 कार्यकर्ताओं को स्थान दिया है। इसमें कटनी के मृदुल मिश्रा, धार के जय सूर्या, उज्जैन ग्रामीण के अनिल वर्मा, जबलपुर के योगेंद्र सिंह ठाकुर, राजगढ़ के पवन शर्मा, इंदौर के विवेक शर्मा और भिंड के विश्व प्रताप सिंह को उपाध्यक्ष बनाया है। युवा मोर्चा की इस टीम में डिंडौरी के राकेश परस्ते व रतलाम के विप्लव जैन को महामंत्री का जिम्मा दिया है।

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 03 व्यक्तियों को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  दमोह जिले के थाना हटा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से दो मोटर साइकिल की टक्कर में गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायलों को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 02 अप्रैल को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना हटा क्षेत्र अंतर्गत सेमरी फतेहपुर के पास दो मोटर साइकिल की आपसी टक्कर में 03 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए हैं एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही हटा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ आरक्षक  देवेन्द्र आठिया एवं पायलट  राम पटेल ने दुर्घटना में घायल तीनों व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करते हुए त्वरित राहत कार्य प्रारंभ किया गया। डायल-112 जवानों ने सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हटा पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार किया जा रहा है। डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स बना नए अवसरों का द्वार – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है। समारोह में मुख्यमंत्री  साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने  सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया। साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया।  उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की।  इस अवसर पर मुख्य सचिव  विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही केबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल, विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष  जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार, रायपुर कमिश्नर  संजीव शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में देश भर … Read more

लाडोवाल Toll Plaza पर यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, मैनेजमेंट ने दिया बड़ा बयान

लुधियाना नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजाओं पर टोल फीस में बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। इसी के तहत नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा पर भी नए रेट लागू कर दिए गए हैं। इसके साथ ही NHAI ने टोल प्लाजाओं पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया है। लाडोवाल टोल प्लाजा के मैनेजर विपिन राय ने बताया कि नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब किसी भी वाहन चालक से कैश में टोल फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि अब बिना फास्टैग के टोल पार करने वाले वाहन चालकों से दोगुनी फीस वसूली जाएगी। हालांकि, अगर कोई चालक UPI के जरिए भुगतान करता है तो उससे सामान्य दर पर ही टोल लिया जाएगा। यदि वाहन चालक न तो फास्टैग और न ही UPI का इस्तेमाल करता है, तो उसे दोगुना टोल देना होगा। यह नियम 1 अप्रैल की रात से देश के सभी टोल प्लाजाओं पर लागू कर दिए गए हैं।  पिछले साल भी 1 अप्रैल से टोल रेट बढ़े थे और रेट में 5 रुपए की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। लाडोवाल टोल मैनेजर विपिन राय ने बताया कि NHAI की ओर से 27 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के आधार पर दरों में संशोधन किया गया है। वहीं इस टोल से अब केवल फास्टैग या UPI पेमेंट कर ही गाड़ी टोल प्लाजा से गुजारी जा सकेगी। इसलिए, गाड़ी में फास्टैग अकाउंट एक्टिव कर लें। फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर जुर्माना देना पड़ सकता है या लौटाया जा सकता है, क्योंकि सभी टोल पर सिर्फ फास्टैग या UPI से ही टैक्स चुका सकेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और जिला प्रशासन की मेहनत से खत्म हुआ जल संकट

रायपुर कभी नक्सल भय और पेयजल संकट से जूझता सुकमा जिले का दूरस्थ ग्राम लखापाल आज विकास की नई कहानी लिख रहा है। वर्षों तक जहां ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब हर घर में नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। यह बदलाव केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संभव हो पाया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व और कलेक्टर  अमित कुमार के मार्गदर्शन में कोंटा विकासखंड के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम लखापाल में विकास की वह रोशनी पहुंची है, जिसकी यहां वर्षों से प्रतीक्षा थी। जहां पानी के लिए थी जद्दोजहद, अब घर-घर बह रहा अमृत* जिला मुख्यालय सुकमा से लगभग 88 किलोमीटर दूर स्थित लखापाल गांव लंबे समय तक नक्सल समस्या और पेयजल संकट की दोहरी मार झेलता रहा। गांव के 117 परिवार पानी के लिए बोरिंग, कुएं और एक छोटे नाले पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में जलस्तर इतना नीचे चला जाता था कि ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को कई बार दूर-दराज़ से पानी लाना पड़ता था। समय और मेहनत के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी लगातार बना रहता था। 72 लाख की योजना ने बदल दिया गांव का भविष्य* सुकमा जिले के कार्यपालन अभियंता  विनोद कुमार राम ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत लखापाल में 72.01 लाख रुपये की लागत से 4 सोलर पंप टंकी स्थापित की गई। इसके माध्यम से गांव में 117 घरेलू नल कनेक्शन दिए गए। गांव की कुल जनसंख्या 465 है, और अब हर परिवार को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। महिलाओं की आंखों में राहत, चेहरे पर मुस्कान* गांव की महिला मती लखे तेलाम भावुक होकर बताती हैं कि पहले पानी के लिए बहुत परेशानी होती थी। नाले और बोरिंग से पानी लाना पड़ता था। कई बार मौसमी बीमारी हो जाती थी। महुआ बीनकर लौटने के बाद पानी लेने जाना बहुत मुश्किल होता था। अब नल से घर में ही दिनभर पानी मिलता है। हम बहुत खुश हैं। शासन की योजना बहुत अच्छी है। उनकी बातों में केवल राहत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की उम्मीद झलकती है। डर के साये से विकास की राह तक* गांव के निवासी तेलाम बुधु बताते हैं कि पहले लखापाल में भय का माहौल था। हमारा गांव पहले नक्सल समस्या से प्रभावित था। लोग ख़ौफ़ में जीते थे। बिजली, पानी और सड़क की समस्या थी। गांव में पहले नक्सलियों की मीटिंग होती थी। गांववालों से पैसा और चावल-दाल जमा कराया जाता था। लेकिन अब बदलाव आ गया है। अब पंचायत की मीटिंग ग्राम विकास के लिए होती है। बिजली, पानी, राशन और सड़क की सुविधा मिल रही है।” उनके शब्द साफ कहते हैं अब गांव में डर नहीं, विकास की चर्चा होती है। स्वच्छ जल से स्वास्थ्य में सुधार, बीमारी में कमी* जल जीवन मिशन के लागू होने के बाद लखापाल में सिर्फ पानी की सुविधा नहीं आई, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। अब जलजनित बीमारियों में कमी आई है और स्वच्छ पेयजल के कारण ग्रामीणों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आया है। अब सब्जी-बाड़ी से आत्मनिर्भरता की ओर गांव* नल जल योजना से पानी मिलने के बाद ग्रामीणों ने खेती और बाड़ी की ओर कदम बढ़ाया है। अब गांव के लोग अपने घर के आसपास टमाटर, मिर्ची, बरबट्टी, सेमी और खट्टा भाजी उगा रहे हैं। इससे न केवल घर में सब्जी की व्यवस्था हो रही है, बल्कि बाजार से सब्जी खरीदने का खर्च भी बच रहा है। कलेक्टर  अमित कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्राम लखापाल जैसे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना प्रशासन की बड़ी उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले के प्रत्येक गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाकर विकास की रोशनी हर क्षेत्र तक पहुंचाई जाएगी।* ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार* ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। घर में नल से पानी मिल रहा है, जिससे जीवन आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है। लखापाल बना उदाहरण- विकास हर कोने तक पहुंच रहा है* जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की योजनाएं ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर उतरती हैं, तो नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचती है। आज लखापाल गांव केवल पानी की सुविधा नहीं पा रहा बल्कि वह भय से मुक्त होकर आत्मनिर्भरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

मल्लखंभ में दिखा कौशल और संतुलन, ट्राइबल गेम्स में शानदार अंत

रायपुर छत्तीसगढ़ की टीम ने मल्लखंभ में लहराया परचम, बालक-बालिका दोनों वर्गों में बने चौंपियन खेलो इंडिया ट्राईबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित डेमो खेल मल्लखंभ प्रतियोगिता का शानदार समापन शुक्रवार को हुआ। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने रोप मल्लखंभ, पोल मल्लखंभ, हैंगिंग मल्लखंभ, पिरामिड मल्लखंभ में एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर वहां मौजूद दर्शकों द्वारा तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता के बाद विजेता टीम घोषित किया गया। आज हुई प्रतिस्पर्धा में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ विजेता घोषित की गई।  विजेता टीमों को शनिवार को आयोजित मेडल सेरेमनी में मेडल प्रदान किया जाएगा। ये रहे चौंपियन             मल्लखंभ प्रतियोगिता में देश के 14 राज्यों की टीमों ने हिस्सा लिया। राज्यों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर जीत के लिए दमखम लगाया।  छत्तीसगढ़ की टीम ने बालक एवं बालिका दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। बालक वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 124.35 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 118.35 अंक के साथ सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 86.95 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।  वहीं बलिका वर्ग में छत्तीसगढ़ की टीम ने 80.15 अंक के साथ गोल्ड, महाराष्ट्र की टीम ने 69.90 अंक के सिल्वर एवं झारखण्ड की टीम ने 49.80 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच दावा, ईरान ने गिराया अमेरिकी फाइटर जेट—पायलट का अब तक सुराग नहीं

विदेश  ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट मार गिराए हैं। एक एफ-35 और एफ-15 को मार गिराने का दावा किया गया। इस बीच, अमेरिका ने भी स्वीकार किया है कि उसका फाइटर जेट ईरान द्वारा मार गिराया गया है, जिससे पायलट लापता हो गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्'स को बताया कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट को गिराया गया और किसी भी जीवित बचे व्यक्ति की तलाश और बचाव अभियान जारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी सेना द्वारा एक खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध का आदेश देने के बाद, ईरान के भीतर किसी विमान के नष्ट होने की यह पहली ज्ञात घटना है। वहीं, ईरान ने भी अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ईरान ने इसके लिए अपने सैनिकों को तैनात किया है और इनाम की भी घोषणा की है। ईरान व अमेरिका के बीच यह युद्ध एक महीने से भी ज्यादा समय से जारी है। 28 फरवरी को इजरायल व अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई ने इस संघर्ष को पूरे मध्य पूर्व में फैला दिया, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई और दुनिया भर में लाखों लोग प्रभावित हुए। 'पायलट को जिंदा पकड़ते हैं तो मिलेगा इनाम' ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने कहा, "सैन्य बलों ने उस अमेरिकी लड़ाकू पायलट को खोजने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया है, जिसे आज पहले निशाना बनाया गया था।" एक ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने आधिकारिक स्थानीय चैनल पर कहा, “कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के प्यारे और सम्मानित लोगों, यदि आप दुश्मन पायलट या पायलटों को जिंदा पकड़कर पुलिस और सैन्य बलों के हवाले करते हैं, तो आपको एक कीमती इनाम और बोनस दिया जाएगा।” पूरे युद्ध के दौरान, ईरान ने दुश्मन विमानों को मार गिराने के बारे में कई दावे किए, जो बाद में सच साबित नहीं हुए। शुक्रवार को पहली बार ऐसा हुआ जब ईरान ने टेलीविज़न पर आकर जनता से एक संदिग्ध पायलट को खोजने की अपील की। इस बीच, ईरान ने शुक्रवार को समूचे पश्चिम एशिया में कई ठिकानों पर हमले किए, जिससे कुवैत में समुद्री पानी को पेयजल में बदलने वाला एक विलवणीकरण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया और एक रिफाइनरी में आग लग गई। वहीं, अमेरिका और इजरायल ने हवाई हमले कर तेहरान को निशाना बनाया। इस युद्ध को शुरू हुए लगभग पांच सप्ताह हो गए हैं।

राजेन्द्र भारती के मामले में विधि सम्मत कार्रवाई: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि दतिया से निर्वाचित विधायक राजेन्द्र भारती को माननीय विशेष जिला न्यायालय, नई दिल्ली ने तीन वर्ष के कारावास एवं 1 लाख रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इस आदेश के उपरांत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 10 जुलाई, 2013 के आदेश का पालन करते हुए राजेन्द्र भारती की सदस्यता 2 अप्रैल, 2026 से शून्य कर दी गई है। इस आदेश का पालन करते हुए विधानसभा सचिवालय ने एक स्थान रिक्त होने का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) का प्रावधान है कि यदि किसी व्यक्ति का दोषसिद्ध होने पर दो वर्ष या उससे अधिक की कारावास की सजा दी जाती है, तो वह दोषसिद्धि की तिथि से ही अयोग्य हो जाता है। राजेंद्र भारती के मामले में 3 वर्ष की सजा होने से यह प्रावधान पूरी तरह लागू होता है तथा विधायक की सीट स्वतः रिक्त हो जाती है। अत: यह कार्रवाई विधि सम्मत हुई है। यह पहला मामला नहीं है जब यह कार्रवाई हुई है। पूर्व में भी श्रीमती आशा रानी सिंह की सदस्यता उन्हें 10 वर्ष की सज़ा होने पर इसी आधार समाप्त की गई थी। 2019 में प्रह्लाद लोधी की भी सदस्यता इसी प्रकार 2 वर्ष की सज़ा होने पर समाप्त की गई थी फिर वह हाई कोर्ट से स्थग्न ले आये थे तो उनकी सदस्यता बहाल की गई थी। एक प्रश्न के जवाब में तोमर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदैव दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर कार्य किया है।  विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा गुरुवार रात दिल्ली से लौटे थे। वे गुरुवार रात को आवश्यक शासकीय कार्य करने के लिए सचिवालय आए थे। साथ में उनका स्टाफ भी था। रविवार 5 अप्रैल को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माननीय यज्ञदत्त शर्मा जी की जयंती समारोपूर्वक मनाई जाना है। शुक्रवार 3 अप्रैल को गुड फ्राडडे तथा 4 अप्रैल को शनिवार का अवकाश है। इस कारण सचिवालय 5 अप्रैल के आयोजन की तैयारी कर रहा था।  तोमर ने कहा कि अदालत के आदेश का पालन किया गया है। आगे भी न्यायालय जैसा निर्णय देगा हम वैसा पालन करेंगे।

मेरठ: बारात का इंतजार और फिर पसरा सन्नाटा, प्रेमी दूल्हे ने ऐन वक्त पर दिया धोखा; सदमे में परिवार

मेरठ मेहंदी से सजे हाथ, दुल्हन का जोड़ा, घर में सजी रोशनी और दरवाजे पर बारात के स्वागत की तैयारियां… सब कुछ वैसा ही था जैसा हर शादी में होता है. फर्क बस इतना था कि इस घर में बारात पहुंची ही नहीं. मेरठ के श्याम नगर में एक ऐसी ही शादी अधूरी रह गई, जिसने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. श्याम नगर की रहने वाली लड़की अपने निकाह के लिए पूरी तरह तैयार थी. हाथों में दूल्हे के नाम की मेहंदी सजी थी और आंखों में नए जीवन के सपने. घर में रिश्तेदार जुट चुके थे, मेहमानों के लिए इंतजाम किए जा चुके थे और हर कोई बारात के आने का इंतजार कर रहा था. रात को दूल्हे आरिफ को बारात लेकर पहुंचना था, लेकिन समय बीतता गया और बारात नहीं आई. पहले लोगों को लगा कि शायद रास्ते में देरी हो गई होगी, लेकिन धीरे-धीरे चिंता बढ़ने लगी. जब काफी देर तक बारात नहीं पहुंची, तो दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को फोन करना शुरू किया. लेकिन फोन स्विच ऑफ.  घर में मौजूद लोग एक-दूसरे से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन किसी के पास जवाब नहीं था. इंतजार का हर मिनट भारी होता जा रहा था. दूल्हे के घर पहुंचा परिवार, मिला ताला  दुल्हन पक्ष के कुछ लोग सीधे दूल्हे के घर पहुंच गए. लेकिन वहां का नजारा और भी चौंकाने वाला था. घर पर ताला लटका हुआ था. इससे साफ हो गया कि कुछ गड़बड़ है. दूल्हा और उसका परिवार बिना किसी सूचना के गायब हो चुका था. दुल्हन के परिजनों के मुताबिक, शादी के लिए 250 से 300 लोगों का इंतजाम किया गया था. खाने-पीने से लेकर सजावट तक हर चीज पर खास ध्यान दिया गया था. लेकिन बारात के न आने से सारी तैयारियां एक झटके में बेकार हो गईं. घर में खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया. मेहमान भी हैरान थे और परिवार के लोग सदमे में. पिता की हालत बिगड़ी, परिवार पर टूटा दुख इस घटना का सबसे ज्यादा असर दुल्हन के पिता पर पड़ा. बताया जा रहा है कि बारात न आने की खबर से उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिवार के लोग उन्हें संभालने में लगे रहे, लेकिन हालात संभलने का नाम नहीं ले रहे थे. घर में जहां कुछ घंटे पहले तक शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन और दूल्हा आरिफ के बीच पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के रिश्ते को परिवारों ने भी मंजूरी दे दी थी और बीच-बचाव के बाद निकाह की तारीख 2 अप्रैल 2026 तय की गई थी. हालांकि, बताया जा रहा है कि दूल्हे के कुछ परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं थे. बावजूद इसके, बातचीत के बाद मामला सुलझा लिया गया था और शादी की तैयारियां शुरू हो गई थीं. शादी के दिन ही बदली तस्वीर सब कुछ तय होने के बाद भी शादी के दिन अचानक ऐसा मोड़ आएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था. जिस घर में खुशियों का माहौल था, वहां एक ही रात में सब कुछ बदल गया. दूल्हे के इस कदम ने न सिर्फ शादी को अधूरा छोड़ दिया, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद दुल्हन का परिवार सीधे थाने पहुंचा. उन्होंने दूल्हा आरिफ और उसके परिजनों के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का कहना है कि उन्हें बिना किसी सूचना के इस तरह छोड़ दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर असर पड़ा है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है. सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी.

अब सुबह 7:30 बजे से खुलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, लू के खतरे को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने जारी किया नया टाइम-टेबल

पटना  राज्य भर में तेजी से बढ़ रही गर्मी और लू की आशंका को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। समाज कल्याण विभाग के निर्देशानुसार राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक संचालित होंगे। यह बदलाव छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया गया है, ताकि दोपहर की तेज धूप, उमस और गर्मी में उन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या न हो। क्या है नया समय? नए समय में केंद्र सुबह जल्दी शुरू होकर दोपहर से पहले ही बंद हो जाएंगे, जिससे पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रह सकेंगी। समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि गर्मी की तीव्रता और बढ़ती है तो संबंधित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) समय में और बदलाव करने या आंगनबाड़ी केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद करने का अधिकार रखते हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में सतर्क रहने और स्थिति की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। पोषाहार वितरण का सवाल गर्मी के मौसम में पोषाहार वितरण में कोई भी कोताही बरतने वाली आंगनबाड़ी सेविका या सहायिका पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी सेविका-सहायिकाओं को निर्देश दिया है कि पोषाहार की नियमित आपूर्ति, गुणवत्ता और वितरण सुनिश्चित करें। पोषण वाटिका और अन्य गतिविधियां भी नए समय के अनुसार सुचारू रूप से चलाई जाएंगी। अभिभावकों से अपील अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को नए निर्धारित समय (सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक) के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र भेजें। साथ ही गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं हल्के सूती कपड़े पहनाना, पर्याप्त पानी पिलाना और दोपहर में बच्चों को घर के अंदर रखना। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह समय पर केंद्र पहुंचकर सभी गतिविधियां (पोषाहार वितरण, प्री-स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य जांच आदि) निर्धारित समय में पूरी करें। राज्य सरकार की यह पहल बच्चों और कमजोर वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्देश जारी किए जाएं