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दीवाल लेखन कर MSW छात्रा द्वारा जल संरक्षण के लिए किया जा रहा जागरूक- जन अभियान परिषद

उमरिया  मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान पुरे मध्यप्रदेश मे चालया जा रहा है  अभियान अंतर्गत जिला समन्वयक  रविन्द्र शुक्ला के निर्देश पर विकासखंड करकेली के सेक्टर 2 निगहरी के परामर्शदाता संतोष त्रिपाठी के मार्गदर्शन मे MSW छात्रा साक्षी जैन    द्वारा दीवार लेखन कर जल स्त्रोतो व जल संरक्षण के प्रति  समाज को जागरूक किया जा रहा है । साक्षी जैन द्वारा समस्त समाज से आग्रह किया गया कि आप सभी भी इस अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण हेतु प्रेरित करें , जब सर्व समाज एक जुट होकर आगे बढ़ेगा तो हम सभी के प्रयास से यह अभियान सफलतम रास्ते पर अग्रसर रहेगा ।

इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल से होगी खरीदी

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार के रूप में किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से किसानों को इस वर्ष 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ ही 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जा रहा है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। उन्होंने बताया है कि इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर इंतजार न करना पड़े, इसके लिए उपार्जन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल 2026 से तथा शेष संभागों में 15 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रारंभ किया जाएगा। मंत्री  राजपूत ने जानकारी दी कि राजस्व विभाग द्वारा किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। सत्यापन पूर्ण होने के बाद किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे किसान अपनी उपज बिना किसी असुविधा के उपार्जन केन्द्रों पर बेच सकें। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि पश्चिम एशिया में पिछले एक माह से युद्ध की स्थिति के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका थी, लेकिन केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आमजन को किसी प्रकार की समस्या न हो। 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन मंत्री  राजपूत ने कहा कि एलपीजी गैस की उपलब्धता बनाए रखने और औद्योगिक उपयोग में पेट्रोलियम पदार्थों की सीमाओं के कारण बारदानों की उपलब्धता में आई संभावित कठिनाइयों का भी समाधान कर लिया गया है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार बारदाना उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था उपार्जन प्रारंभ होने से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। मंत्री  राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में भंडारण क्षमता सीमित है, वहां संयुक्त भागीदारी योजना के तहत गोदाम की क्षमता के 120 प्रतिशत तक भंडारण की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। साथ ही केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मार्च-अप्रैल तथा मई-जून 2026 का खाद्यान्न एक साथ वितरित किया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। प्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भंडारण क्षमता मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक लगभग 400 लाख मीट्रिक टन की कवर्ड भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें से लगभग 103 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता खाली है, जो इस वर्ष निर्धारित गेहूं उपार्जन के लक्ष्य से अधिक है।  

तीसरे वर्ष भी रंगारंग ‘अफ्रो फेस्ट’, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय बना सांस्कृतिक संगम

भोपाल रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी में चल रहे एनुअल फेस्ट रिदम 2026 के अंतर्गत अफ्रीकी संस्कृति और परंपराओं का उत्सव ‘अफ्रो फेस्ट’ लगातार तीसरे वर्ष बड़े ही उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। इस आयोजन में आरएनटीयू के अफ्रीकन छात्र सहित भोपाल शहर में रह रहे अन्य अफ्रीकन छात्र विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे एक सशक्त अंतरमहाविद्यालयीन सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया। अफ्रो फेस्ट के दौरान रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुतियाँ, मधुर संगीत और आकर्षक फैशन शो शामिल रहे, जिनमें अफ्रीकी परंपराओं के साथ आधुनिक अभिव्यक्तियों का अनूठा संगम देखने को मिला। इस वर्ष आयोजन में लाइव बैंड परफॉर्मेंस और नाट्य प्रस्तुति जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया, जिन्हें दर्शकों से अत्यंत सराहना और उत्साहपूर्ण प्रतिसाद प्राप्त हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन में संपन्न हुआ, जिनमें प्रो-चांसलर डॉ अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे तथा कुलसचिव डॉ संगीता जौहरी प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वयन अंतरराष्ट्रीय मामलों की अधिष्ठाता डॉ रितु कुमारन द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत यादगार और सफल बना। पूरे परिसर में ऊर्जा, संगीत और रचनात्मकता का माहौल देखने को मिला, जहाँ विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांस्कृतिक विविधता को अपनाया। ‘अफ्रो फेस्ट’ ने एक बार फिर कला अभिव्यक्ति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और एकता के सशक्त मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित की। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, वैश्विक सांस्कृतिक समझ और समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर ऐसे सार्थक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।  

काउंटी क्रिकेट के चक्कर में फँसे बेयर्स स्वानपोल, CSA ने NOC देने से किया इनकार और शुरू की अनुशासनात्मक कार्रवाई

जोहानिसबर्ग साउथ अफ्रीका के ऑलराउंडर बेयर्स स्वानपोल (Beyers Swanepoel) एक बड़े विवाद में फंस गए हैं. उन्हें काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने से साफ इनकार कर दिया गया है. वहीं उनकी घरेलू टीम लॉयन्स और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. पूरा मामला जोहानिसबर्ग में 29 मार्च को खेले गए सीएसए प्रोविंशियल वनडे चैलेंज डिवीजन वन के फाइनल से जुड़ा है, जहां लॉयन्स का सामना टाइटन्स से हुआ था. लॉयन्स के लिए खेल रहे बेयर्स स्वानपोल ने मैच के दौरान अपने 10 ओवर पूरे करने के बाद अचानक मैदान छोड़ दिया. उन्हें इंग्लैंड के लिए फ्लाइट पकड़नी थी, जहां वह काउंटी क्रिकेट में भाग लेते. इसी चलते उन्होंने ऐसा कदम उठाया. हैरानी की बात यह रही कि टीम मैनेजमेंट को उनकी फ्लाइट की जानकारी पहले से नहीं थी. बेयर्स स्वानपोल ने मैच से एक दिन पहले ही एनओसी के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूरी नहीं मिली थी. इसके बावजूद वह बीच मैच में टीम को छोड़कर रवाना हो गए. इस घटना को क्रिकेट की छवि के खिलाफ मानते हुए सीएसए ने सख्त रुख अपनाया है. सीएसए ने अपने बयान में कहा कि खेल की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ऐसे में इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेयर्स स्वानपोल इस मामले में आरोपों को चुनौती नहीं देंगे. हालांकि उनका अगला कदम क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है. अगर वह इंग्लैंड में ही काउंटी क्रिकेट खेलेगे, तो उनके साउथ अफ्रीका के लिए खेलने के सपने खत्म हो सकते हैं. कैसा रहा है स्वानपोल का प्रदर्शन? बेयर्स स्वानपोल दाएं हाथ से तेज गेंदबाजीऔर बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं. 27 साल के स्वानपोल ने अब तक 48 फर्स्ट क्लास, 55 लिस्ट और 48 टी20 मुकाबले खेले हैं. फर्स्ट क्लास मैचों में स्वानपोल ने 187 विकेट झटकने के अलावा 1461 रन बनाए हैं. वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में स्वानपोल के नाम पर 83 विकेट और 663 रन दर्ज हैं. टी20 क्रिकेट में स्वानपोल ने 414 रन बनाए हैं और 54 विकेट झटके. पूरे मामले पर वॉर्सेस्टरशायर के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट एशले जाइल्स ने भी निराशा जताई है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी से गलती हुई है और अब टीम इस स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है. जाइल्स ने साफ किया कि क्लब की ओर से बेयर्स स्वानपोल पर किसी तरह का दबाव नहीं था. यह पूरी तरह खिलाड़ी का निजी फैसला था. इस विवाद के बाद वॉर्सेस्टरशायर ने अनुभवी गेंदबाज ओलिवर हैनन-डाल्बी को वॉरविकशायर से शॉर्ट-टर्म लोन पर टीम में शामिल किया है.  

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य, अफवाह फैलाने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर कसा शिकंजा

लखनऊ  यूपी में पेट्रोल-डीजल और गैस की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी ऐक्शन में हैं। सीएम योगी ने प्रदेश में तेल और गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैंसीएम योगी के निर्देश के बाद अब तक 233 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। जबकि 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इसके अलावा 237 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने शुक्रवार को यहां बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत यूपी में 19,882 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किए गये। एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलप्ति अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। कार्रवाई पूरे प्रदेश में एक साथ चलाकर कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। यूपी में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों से स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री हो रही है, जबकि 28 मार्च से एक अप्रैल तक बिक्री के आंकड़े भी सामान्य स्तर पर रहे हैं। गैस की आपूर्ति को लेकर विभाग सतर्क वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय किया जा रहा है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी विभाग सतर्क है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, वहीं जिला प्रशासन को भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने लाइवलीहुड कॉलेज में 32 पुनर्वासित युवाओं को मेसन किट वितरण किया

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन लगातार ऐसे प्रयास कर रहा है, जिससे आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसी क्रम में जिला मुख्यालय सुकमा स्थित लाइवलीहुड कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में 32 आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट प्रदान की गई। कार्यक्रम कलेक्टर  अमित कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर ने युवाओं से संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।     कलेक्टर  अमित कुमार ने कहा कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है। हमारा लक्ष्य है कि आप सभी को स्थायी आजीविका, आत्मनिर्भरता और समाज में सम्मान मिले। आज दी जा रही मेसन किट केवल औजार नहीं, बल्कि आपके नए जीवन की मजबूत नींव है। निर्माण कार्यों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राजमिस्त्री का कार्य ऐसा कौशल है जिससे आप मेहनत और ईमानदारी के बल पर कुशल कारीगर बनकर आगे चलकर स्वरोजगार, ठेकेदारी और उद्यमिता की ओर भी बढ़ सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप इस अवसर का पूरा लाभ उठाएंगे और प्रशिक्षण व अनुशासन के साथ अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।      इस पहल के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पुनर्वास का अर्थ केवल मुख्यधारा में लौटना नहीं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवन को नई दिशा देना है। मेसन किट मिलने से युवाओं को निर्माण कार्यों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकेंगे।

चारबाग में धमाका करने की साजिश विफल, पाकिस्तान से जुड़े चार संदिग्ध पकड़े गए

लखनऊ यूपी एसटीएफ को लखनऊ में बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों लखनऊ के चारबाग में धमाका करने आए थे, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने धर दबोचा। इनमें दो आतंकी मेरठ और दो नोएडा के रहने वाले हैं। गिरफ्तार सभी आतंकी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म से जुड़कर पाकिस्तान हैंडलर के संपर्क में थे। गिरफ्तार आतंकियों में मुख्य आरोपी नाई का काम करता था जो उसकी आड़ में देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। एटीएस को आतंकियों के लखनऊ में होने की जानकारी मिलते ही तलाशी अभियान शुरू कर दिया। चारों आतंकी एटीएस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने उनके पास से एक कैन ज्वलनशील पदार्थ, सात स्मार्टफोन, 24 पम्पलेट और आधार कार्ड बरामद किए हैं। लखनऊ के चारबाग में करनी थी बड़ी आतंकी घटना यूपी के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि देश में दहशत फैलाने की तैयारी में जुटे मेरठ के अगवानपुर गांव थाना परीक्षितगढ़ इलाके के साकिब उर्फ डेविड(25), मेरठ के अरबाब(20), गौतमबुद्धनगर के राम विहार निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक(27) और राम विहार कालोनी गौतमबुद्धनगर के ही लोकेश उर्फ पोपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू(19) को शुक्रवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के करीब गिरफ्तार किया गया। एटीएस के मुताबिक, चारों शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और साथियों के साथ मिलकर लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और रेलवे की संपत्तियों को आगजनी अथवा विस्फोट के जरिये नुकसान पहुंचाने जा रहे थे। इससे पहले ही एटीएस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। एटीएस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यमों से एक भारतीय गिरोह, पाकिस्तान हैंडलर के निरंतर संपर्क में है तथा देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहा है। गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्त्वपूर्ण संस्थानों तथा राजनैतिक व्यक्तियों की रेकी कर प्राप्त जानकारी को पाकिस्तानी हैंडलर को उपलब्ध कराना तथा योजना बनाकर उन्हें नुक्सान पहुंचाना है। देश में घटनाओं का वीडियो भेजकर मंगाता था पैसे एटीएस ने साकिब उर्फ डेविल (25 वर्ष) पुत्र शकील अहमद, अरबाब (20 वर्ष) पुत्र रहीशुद्दीन निवासी अगवानपुर थाना परीक्षितगढ़ जिला मेरठ, 27 वर्षीय विकास गहलावत उर्फ रौनक पुत्र रविंद्र निवासी राम विहार, लोकेश उर्फ पपलात (19 वर्ष) पुत्र रोहताश शर्मा निवासी रामविहार कॉलानी, छपरौला जिला नोएडा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार आतंकियों ने पिछले दिनों कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था। घटना के बाद आतंकी वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजकर क्यू आर कोड के माध्यम से पैसे मंगाए जाते थे। पैसों के लालच में रचने लगे थे देश विरोधी साजिश गिरफ्तार चारों आतंकी पैसों के लालच में देश विरोधी साजिश रचने लगे थे। गिरोह के मुख्य सदस्य ने अपने ही गांव के अरबाब को भी इस काम में शामिल कर लिया था। पैसों का लालच देकर उसने नोएडा के रहने वाले विकास और लोकेश को भी अपने गिरोह में शामिल कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि चारों प्रतिष्ठित संस्थानों और वाहनों की रेकी भी करते थे। इस गिरोह ने गाजियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ जैसे शहरों में वाहनों, रेलवे सिग्नल बॉक्स की रेकी की थी। घटना के बाद गिरोह ने उसके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे। पाकिस्तानी हैंडलीर द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की गूगल लोकेश भेजी जाती थी, जिसके आधार पर रेकी का काम होता था।

बिश्नोई गैंग के नाम पर वसूली का खेल उजागर, 12 आरोपी पकड़े, 6 फरार

खरगोन खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 आरोपी अभी फरार हैं। आरोपितों ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर विदेशी नंबर से काल के जरिए धमकी दी थी। फायरिंग का वीडियो भेजकर दी थी जान से मारने की धमकी पुलिस के मुताबिक 17 मार्च 2026 को भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता दिलीप राठौड़ के मोबाइल पर काल कर आरोपितों ने फायरिंग का वीडियो भेजते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की और जान से मारने की धमकी दी। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित लोकेंद्र पंवार और सचिन पाटीदार का फरियादी से पुराना लेन-देन विवाद था। पुराने विवाद को निपटाने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश इसी विवाद को निपटाने के लिए आरोपितों ने गैंग का नाम इस्तेमाल कर साजिश रची और उज्जैन व देवास के आरोपितों के जरिए शूटर बुलाए। आरोपियों ने पहले 11 मार्च को फायरिंग की कोशिश की, जो असफल रही। इसके बाद 16 मार्च को दोबारा योजना बनाकर दिलीप राठौड़ के घर गोली चलाई और उसका वीडियो बनाकर भेजा। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता पुलिस ने 15 दिन तक तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का पर्दाफाश किया। आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, कारतूस, 3 कार, 2 बाइक और 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 44 लाख रुपए बताई गई है। अपराधिक रिकॉर्ड वाले शूटर और सहयोगी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में कई शूटर, रेकी करने वाले और सहयोगी शामिल हैं। मुख्य आरोपित राजपाल चंद्रावत पर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। फरार आरोपितों की तलाश जारी है।  

किसानों की सुविधा सर्वोपरि, खरीदी प्रक्रिया सुचारू रखने के निर्देश—गौरव गौतम

पलवल हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि किसानों को फसल खऱीद प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को बेची गई फसल का 72 घंटे बाद भुगतान किया जाएगा। मंत्री ने यह बात फसल खरीद प्रक्रिया का सुव्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पलवल स्थित अनाज मंडी पहुंचकर व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लेते हुए कही। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार रबी फसल खरीद सीजन के मद्देनजर किसानों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसल खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध होनी चाहिए। किसी भी किसान को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन की ओर से अनाज मंडियों में नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडियों और फसल खरीद केंद्रों पर समुचित व्यवस्थाएं और सुविधाएं सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में बारदाना, झारनों और पंखों की पर्याप्त व्यवस्था करने सहित गेट पास व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने अनाज मंडी की कैंटीन का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ, अतिरिक्त उपायुक्त डा. सुभिता ढाका, जिला नगर आयुक्त मनीषा शर्मा व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

बिजली लाइन बनी काल, ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में महिला और मासूम की जान गई

भोपाल मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस इलाके में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में महिला और 7 साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब एक बंजारा परिवार ट्रैक्टर-ट्रॉली से चारा लेने जा रहा था। ट्रॉली में अधिक चारा लाने के लिए करीब 10 फीट लंबे लोहे के पाइप लगाए गए थे, जो रास्ते में झुकी हुई हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गए। इस टक्कर के साथ ही तेज करंट पूरे वाहन में फैल गया, जिससे ट्रॉली में सवार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में लीला बाई बंजारा (30) की साड़ी में आग लग गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय बेटे अनिल की भी झुलसने से मौत हो गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक विनोद बंजारा (27) और केसर बाई गंभीर रूप से झुलस गए। करंट के झटके से दोनों वाहन से नीचे गिर गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यह परिवार राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव का रहने वाला है। परिवार कोलारस के पास टोल प्लाजा के नजदीक अस्थायी डेरा डालकर हर साल की तरह चारा खरीदकर बेचने का काम कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे आ रही दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल पर हाईटेंशन लाइन काफी नीचे लटक रही थी और आसपास के पेड़ों के कारण साफ दिखाई भी नहीं दे रही थी। वहीं, ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप इस हादसे का मुख्य कारण बने। कोलारस एसडीओपी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि यह एक बेहद दुखद और टाला जा सकने वाला हादसा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नीचे लटकी बिजली लाइन और ट्रॉली से बाहर निकले लोहे के पाइप के कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जा रही है कि बिजली लाइनों के लिए तय सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे बिजली लाइनों के पास ऊंचे उपकरण लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतें।