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असम चुनाव से पहले योगी की हुंकार, लव जिहाद और लैंड जिहाद पर कड़ा रुख

बारपेटा  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को असम के चुनावी रण में उतरे। एनडीए उम्मीदवार दीपक कुमार दास के पक्ष में बारपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कांग्रेस और यूडीएफ पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव के पहले ही मैदान छोड़कर भाग गई, जबकि यूडीएफ को भी बंगाल की खाड़ी में फेंकने का समय आ गया है। उन्होंने असमवासियों से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का आह्वान किया और कहा कि घुसपैठियों को बाहर करना है और असम की डेमोग्राफी को बदलने नहीं देना है। एनडीए का संकल्प है कि असम को लव जिहाद-लैंड जिहाद की धरती नहीं बनने देंगे। यहां घुसपैठ नहीं होने देंगे। कांग्रेस व यूडीएफ की घुसपैठियों के जरिये डेमोग्राफी बदलने की साजिश सफल नहीं होने देंगे। एक-एक घुसपैठी को चिह्नित कर यहां से बाहर करने की भी व्यवस्था हो रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने तय किया है कि असम को घुसपैठ का अड्डा नहीं बनने देंगे और दंगाइयों को निकाल बाहर करेंगे। कांग्रेस और यूडीएफ को जब भी अवसर मिला, इन्होंने भारत व भारतीयता को अपमानित किया। यूडीएफ असम में घुसपैठ की जननी है। घुसपैठियों के बल पर असम की सत्ता पर कब्जा करना चाहती है। कांग्रेस उनकी सहयोगी बनकर असम की संस्कृति से खिलवाड़ कर रही है। वहीं एनडीए सरकार असम की सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण करते हुए हर घुसपैठिए को बाहर कर डेमोग्राफी को चेंज करने की साजिश को विफल कर रही है। सीएम ने असमवासियों को रंगोली बिहू उत्सव की शुभकामना दी। उन्होंने असम को भारत के गौरव की धरा बताया और कहा कि हर भारतवासी मां कामाख्या के दर्शन करने आता है। यहां की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व समृद्ध परंपरा ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन किया है। वैष्णव परंपरा में श्रीमंत शंकर देव व माधव देव की पावन धरा ने नई ऊंचाई के साथ इसे एकता, भक्ति व मानवता के संदेश की भूमि के रूप में परिवर्तित किया है। असम का काजीरंगा नेशनल पार्क राइनो के साथ जैव विविधता के लिए जग विख्यात है। अहोम राजवंश ने इसी पावन धरा में विदेशी आक्रांताओं के छक्के छुड़ाकर अहोम की समृद्ध संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाकर भारत की रक्षा में योगदान दिया था। अहोम राजवंश के महान नायक लचित बोरफुकन का अदम्य साहस, शौर्य व पराक्रम भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा रहा है। असम ने मेहनत, परिश्रम व पुरुषार्थ से चाय की चुस्की को दुनिया तक पहुंचाया। असम अब चाय के साथ चिप के उत्पादन की केंद्रभूमि भी बन रही है। सीएम योगी ने तंज कसा कि कांग्रेस सरकार में भारत रत्न केवल एक खानदान के लोगों को प्राप्त होता था। असम के संगीत व संस्कृति की पहचान भूपेन हजारिका को कांग्रेस ने भारत रत्न नहीं दिया। उन्हें 2019 में मोदी सरकार ने और गोपीनाथ बोरदोलोई को 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने भारत रत्न दिया। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की एनडीए सरकार ने संस्कृति, परंपरा व विरासत को आगे बढ़ाया। एनडीए सरकार सुरक्षा, सुशासन व सेवा के माध्यम से बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिला व नौजवान तक पहुंचा रही है। दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व की सरकारों ने 60 वर्षों तक असम में अराजकता, दंगा, कर्फ्यू, घुसपैठ को बढ़ावा देकर सुरक्षा में सेंध लगाई और विरासत को अपमानित किया। कांग्रेस को मां कामाख्या कॉरिडोर, काजीरंगा नेशनल पार्क में राइनो संरक्षण, असम व पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी याद नहीं आई। आज पूर्वोत्तर राज्यों में सड़क, रेल, एयरपोर्ट व इनलैंड वाटरवे की बेहतरीन कनेक्टिविटी है और यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, एम्स, आईआईटी, आईआईएम का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से संवाद करते हुए कहा कि देश में जहां-जहां एनडीए सरकार है, पीएम मोदी के नेतृत्व में वहां-वहां विकास और विरासत का सम्मान है। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामजन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। असम से भी रामभक्त जाते थे, नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लेकिन, कांग्रेस ने कहा कि राम तो हुए ही नहीं। उसके सहयोगी दलों ने भी राम के अस्तित्व को नकारा, लेकिन जब यूपी में डबल इंजन सरकार बनी तो 500 वर्ष की तमन्ना पूरी हुई और अयोध्या में भव्य राममंदिर बन गया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज दंगा, कर्फ्यू और माफिया मुक्त है। नो कर्फ्यू, नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी की सड़कों पर कोई नमाज नहीं पढ़ सकता। वहां धर्मस्थलों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। यदि किसी ने दंगा करने का दुस्साहस किया तो उसकी प्रॉपर्टी जब्त कर दलितों, गरीबों, जनजाति समुदाय में बांट दी जाती है। घुसपैठियों या दंगाइयों का कोई अधिकार नहीं होता। कांग्रेस व यूडीएफ ने असम की संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया। घुसपैठियों को बसाकर डेमोग्राफी बदलने और असमवासियों के हक, राशन, मकान व जमीन पर जबरन कब्जे का काम किया। अब एक-एक घुसपैठिए को चिह्नत कर बाहर करने की व्यवस्था हो रही है। इसके साथ ही एनडीए की डबल इंजन सरकार पीएम मोदी के नेतृत्व में विरासत के रूप में मां कामाख्या कॉरिडोर के निर्माण को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी ओर सीएम सरमा के नेतृत्व में असम सरकार विकास कार्य कर रही है।

आईफोन लवर्स के लिए बड़ी अपडेट, iPhone 18 Pro मॉडल्स में दिखेंगे नए शेड्स पर गायब रहेगा क्लासिक ब्लैक

 ऐप्पल इस बार भी अपने प्रो मॉडल्स में ब्लैक कलर ऑप्शन नहीं देगी. iPhone 17 Pro मॉडल्स के साथ ऐप्पल ने इस ट्रेंड की शुरुआत की थी और यह इस साल भी जारी रहेगा. iPhone 18 Pro मॉडल्स इस मामले में निराश कर सकते हैं  ऐप्पल इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लॉन्च करेगी. इन मॉडल्स में तगड़ी अपग्रेड मिलने की उम्मीद की जा रही है, लेकिन एक मामले में ग्राहकों को निराशा झेलनी पड़ सकती है. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, iPhone 18 Pro मॉडल्स में भी पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 Pro मॉडल्स वाली कहानी रिपीट होगी. दरअसल, ऐप्पल इस बार भी अपने प्रो मॉडल्स को ब्लैक कलर ऑप्शन में लॉन्च नहीं करेगी. ऐसे में प्रो मॉडल्स में ब्लैक कलर ऑप्शन का इंतजार कर रहे ग्राहकों के हाथ निराशा लगना तय है. किन कलर ऑप्शंस में आएंगे iPhone 18 Pro मॉडल्स? अब तक सामने आई लीक्स के मुताबिक, ऐप्पल अपकमिंग सीरीज के मॉडल के लिए डीप रेड फिनिश टेस्ट कर रही है. यह रेड वाइन जैसी शेड हो सकती है, जो iPhone 17 Pro के कॉस्मिक ऑरेंज कलर की तरह अलग ही नजर आएगा. इसके अलावा कंपनी ब्राउन और पर्पल कलर ऑप्शन में भी नए आईफोन उतारने की प्लानिंग कर रही है. कुल मिलाकर यह साफ हो गया है कि iPhone 18 Pro मॉडल्स को ब्लैक कलर में नहीं उतारा जाएगा. पिछले साल कंपनी ने किया था यह बदलाव पिछले साल iPhone 17 Pro मॉडल्स के मामले में कंपनी ने बड़ा बदलाव किया था. पहली बार ऐसा हुआ था, जब कंपनी के हाई-एंड आईफोन को ब्लैक या डार्क ग्रे कलर ऑप्शन में नहीं लाया गया था. इस बार भी ऐप्पल इसी पैटर्न को रिपीट कर रही है. iPhone 17 Pro मॉडल्स को कॉस्मिक ऑरेंज कलर दिया गया, जो सुपरहिट हुआ. iPhone 18 Pro मॉडल्स में मिल सकती हैं ये अपग्रेड्स iPhone 18 Pro और 18 Pro Max में ऐप्पल 2nm प्रोसेस पर बना नया प्रोसेसर, अंडर-डिस्प्ले फेसआईडी, वेरिएबल अपर्चर के साथ मेन कैमरा और प्रो मैक्स मॉडल में अपनी अब तक की सबसे बैटरी समेत कई बड़ी अपग्रेड दे सकती है. इनमें डायनामिक आईलैंड का साइज भी छोटा होगा. इसके लिए फेसआईडी के कुछ कंपोनेंट को डिस्प्ले के नीचे शिफ्ट किया जाएगा. फोल्डेबल आईफोन को दिया जा सकता है ब्लैक कलर ऑप्शन ऐप्पल इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro मॉडल्स के साथ अपना पहला फोल्डेबल आईफोन लॉन्च करेगी. ऐप्पल को कवर करने वाले ब्लूमबर्ग के पत्रकार मार्क गुरमैन का मानना है कि फोल्डेबल आईफोन को ब्राइट कलर ऑप्शन नहीं दिया जाएगा और कंपनी इसे ग्रे या ब्लैक और सिल्वर या व्हाइट कलर में लॉन्च कर सकती है.

तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी, झारखंड के 13 जिलों में शनिवार को बिगड़ेगा मौसम का हाल

  रांची झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है. शुक्रवार को दिनभर आंशिक बादल छाए रहे और शाम होते-होते रांची और कोडरमा में तेज हवा के साथ बारिश हुई. इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और बदलने वाला है. 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राज्य में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है. रविवार-सोमवार को और तेज होगा असर मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को भी कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. अप्रैल में टूट सकता है गर्मी का रिकॉर्ड मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. पिछले 10 वर्षों में 2016 में अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस बार टूट सकता है. इस महीने के पहले सप्ताह में बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ेगा और महीने के अंत तक हीट वेव की स्थिति बन सकती है. तापमान का हाल पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 5 मिमी बारिश रामगढ़ में हुई. वहीं, सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सरायकेला में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री गुमला में रिकॉर्ड किया गया.

बाबा साहेब की प्रतिमा का अनावरण कर राजभर का सपा पर तीखा हमला, बोले- अखिलेश न पूरी तरह हिंदू बन पा रहे न मुसलमान

मऊ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मऊ जिले के मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र स्थित कसारी गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क की प्रतिमा का अनावरण किया. इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए और पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव की दादरी रैली पर पलटवार किया. राजभर ने सपा प्रमुख पर धार्मिक पहचान को लेकर स्पष्ट न होने का आरोप लगाया. उन्होंने खुद को एक ऐसा नेता बताया जो गरीबों के हक के लिए मुख्यमंत्री और अधिकारियों से भी भिड़ सकता है. खुद को बताया 'बेहया' नेता मंच से जनता को संबोधित करते हुए राजभर ने अपनी कार्यशैली पर बेबाकी से बात की. उन्होंने कहा, "हम बहुत बेहया नेता हैं. बेहया उस पौधे की तरह है जो पोखरी में थोड़ा भी हो तो फैल जाता है. मेरा नाम सुनते ही अधिकारी काम कर देते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि यह हल्ला करेगा." उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जनता के न्याय के लिए डीएम, मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव, किसी से भी लड़ने को तैयार रहते हैं. राजभर ने कहा कि वह मनबढ़ नहीं हैं, बल्कि बाबा साहेब के संविधान की ताकत से गरीबों को न्याय दिला रहे हैं. अखिलेश की धार्मिक पहचान पर सवाल राजभर ने अखिलेश यादव की दादरी रैली पर तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश जी न तो पूरी तरह हिंदू बन पा रहे हैं और न ही मुसलमान. उन्होंने कहा, "अखिलेश कभी नमाज पढ़ने जाते हैं तो कभी सेवई खाने, लेकिन मंदिर जाने से कतराते हैं. वह पहले यह तय करें कि वह नमाजी हैं या मंदिर वाले." राजभर के मुताबिक, अखिलेश अयोध्या और मथुरा जाने से परहेज करते हैं, जबकि जनता अब उनकी हकीकत समझ चुकी है. गुर्जर समाज को बताया 'कट्टर हिंदू' दादरी में गुर्जर समाज के समर्थन के दावे पर राजभर ने कहा कि गुर्जर समाज कट्टर हिंदू है और वह भगवान राम व कृष्ण को मानता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का दावा खोखला है क्योंकि सोशल मीडिया पर गुर्जर समाज द्वारा सपा के बहिष्कार के वीडियो मौजूद हैं. राजभर ने कहा कि राजा मिहिर भोज की मूर्ति को गंगाजल से धोए जाने के सवाल पर अखिलेश जवाब नहीं दे पाए. उनके अनुसार, लाखों यादव और मुसलमान अब भाजपा के साथ हैं. विपक्षी गठबंधन को बताया 'दगे हुए कारतूस' एनडीए की मजबूती का दावा करते हुए राजभर ने कहा कि उनके गठबंधन में जयंत चौधरी, अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद जैसे नेताओं के पास वोट दिलाने की ताकत है. वहीं, समाजवादी पार्टी के पास केवल 'दगे हुए कारतूस' बचे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का कोई भी नेता सामाजिक न्याय समिति या रोहिणी आयोग की रिपोर्ट पर बात नहीं कर रहा है, सब केवल अपना टिकट पक्का करने के जुगाड़ में लगे हैं.

भाजपा ने सतीश दौरा को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाये गये गरियाबंद जिला विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक

गरियाबंद गरियाबंद ज़िला के अंतिम छोर देवभोग क्षेत्र के जाने-माने वकील और समाजसेवी सतीश दौरा को भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए गरियाबंद जिला विधि प्रकोष्ठ का जिला संयोजक नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। सतीश दौरा लंबे समय से वकालत के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए लोगों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं।अपनी कानूनी विशेषज्ञता के साथ-साथ वे समाज सेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। क्षेत्र के गरीब,जरूरतमंद और पीड़ित लोगों की सहायता करना उनकी पहचान बन चुकी है। कानून और समाज सेवा का अनुभव सतीश दौरा ने अपने पेशेवर जीवन में कई सामाजिक और जनहित से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वे न सिर्फ अदालतों में लोगों की पैरवी करते हैं,बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी खुलकर अपनी आवाज उठाते हैं। यही कारण है कि आम जनता के बीच उनकी एक साफ-सुथरी और भरोसेमंद छवि बनी हुई है। संगठन को मिलेगी मजबूती भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन्हें जिला विधि प्रकोष्ठ का ज़िला संयोजक बनाए जाने से संगठन को कानूनी मामलों में मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सतीश दौरा के अनुभव और कार्यशैली से संगठन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।नियुक्ति के बाद सतीश दौरा ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य करेंगे। क्षेत्र के लोगों ने भी इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सतीश दौरा अपने नए दायित्व में भी जनसेवा की भावना को प्राथमिकता देंगे।

महिला मरीज को थप्पड़ मारने वाली घटना: स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल कर्मी को सस्पेंड किया

पटियाला पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल में महिला मरीज के साथ हुई मारपीट की घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया।  अस्पताल के एक ठेका कर्मचारी द्वारा महिला को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने की वायरल वीडियो के बाद मंत्री ने तत्काल एक्शन लेते हुए संबंधित कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। वीरवार को डॉ. बलबीर सिंह ने अस्पताल का औचक दौरा किया और ओपीडी में मरीजों से उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ है क्योंकि कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को थप्पड़ मारने और शीशा तोड़ने से न केवल महिला को चोट लगी बल्कि अन्य मरीजों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता था। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस घटना में शामिल ठेका कर्मचारी गुरप्रीत सिंह को एक महीने का नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर का निरीक्षण करते हुए एसएमओ डॉ. विकास गोयल और डॉ. जैदीप भाटिया को निर्देश दिए कि मरीजों को पर्ची बनाने में कम से कम समय लगे, इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए। डॉ. बलबीर सिंह ने इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का विशेष ध्यान मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित है और आम आदमी पार्टी सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ से आह्वान किया कि वे मरीजों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार रखें। उन्होंने कहा, कई बार मरीज मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और उल्टा-सीधा बोल सकते हैं लेकिन उन्हें इलाज की आवश्यकता होती है इसलिए स्टाफ को धैर्य और नरमी से पेश आना चाहिए। मंत्री ने माता कौशल्या अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों की सराहना की जिनकी मेहनत और ईमानदारी से अस्पताल में हर दिन लगभग 1500 से 1700 मरीज इलाज के लिए आते हैं। अंत में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हंगामेबाजी या दुर्व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कई मामलों में पुलिस केस भी दर्ज किए गए हैं। यह घटना सरकारी अस्पतालों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है जिसमें मरीजों को बेहतर सुविधाएं और संवेदनशीलता से इलाज मिलने की उम्मीद है।

पिछड़े जिलों में उद्योग लगाने पर मिलेगी भारी सब्सिडी और सस्ती जमीन, यूपीसीडा ने शुरू किया जमीनी स्तर पर काम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को संतुलित करने के लिए छोटे व पिछड़े जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की रणनीति बनाई गई है। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट जैसे जिलों में बड़े औद्योगिक केंद्र विकसित करने के लिए हालिया फैसलों के साथ पहले के निर्णयों को भी जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार पहले से ही औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत छोटे और पिछड़े जिलों में निवेश करने वाले उद्यमियों को अतिरिक्त सब्सिडी, सस्ती जमीन और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे लाभ दे रही। ओडीओपी योजना के जरिये स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम हो रहा है। यूपीसीडा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में कई छोटे जिलों में मिनी औद्योगिक एस्टेट और फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजनाओं को विस्तार देते हुए बड़े औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया कि बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी और चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए कुछ शर्तों में ढील दी गई है। तलपट (लेआउट) मानचित्रों में संशोधन के निर्देश देते हुए उन्हें स्वीकृति दे दी गई है। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। पहले से बंद औद्योगिक इकाइयों और कताई मिलों की जमीन के पुनः उपयोग में लाने का फैसला भी लागू करना शुरू कर दिया गया है। बड़े शहरों पर औद्योगिक दबाव कम करने की रणनीति : छोटे जिलों में उद्योग स्थापित करने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बड़े शहरों पर बढ़ता औद्योगिक दबाव भी कम होगा। यही नहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में निवेश का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा। सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में छोटे जिलों में निवेशकों के लिए विशेष रोड शो और निवेश आमंत्रण कार्यक्रम भी होंगे।  

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, लकड़ी से भरा पिकअप वाहन पकड़ा गया

रायपुर लकड़ी के अवैध परिवहन पर कार्रवाई, पिकअप वाहन जब्त वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण और उत्खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रबंध संचालक के निर्देश पर सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही है, जिससे वन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है। इसी क्रम में कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर की टीम ने गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर भैंसाझार परिक्षेत्र के बछाली बीट में ग्राम नवापारा और उमरमरा के बीच सड़क मार्ग पर एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की गई। जांच के दौरान वाहन में साल प्रजाति की 27 नग लकड़ी (चिरान/चौखट) अवैध रूप से परिवहन करते हुए पाई गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जितो प्लस पिकअप वाहन (क्रमांक CG-10BL-4663) को जब्त कर लिया।               इस मामले में वाहन चालक रघुवीर कश्यप के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 41(2) (ख) और धारा 52 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर और मंडल प्रबंधक कोटा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं अन्य वन कर्मचारी शामिल रहे।            वन विकास निगम के प्रबंध संचालक  प्रेम कुमार ने इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए टीम को बधाई दी है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी तरह सतर्क रहकर वन सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि आगामी गोपनीय प्रतिवेदन में वन संरक्षण और सुरक्षा में कर्मचारियों के योगदान को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा l

ऑनलाइन लगान भुगतान का असर, बिहार सरकार के खजाने में आए ₹570 करोड़, सारण जिला फिसड्डी

 पटना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में 2020 से 2021 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में बढ़ोतरी दर्ज की. साल 2024 से 2025 में विभाग ने 570 करोड़ रुपए की वसूली की और बांका जिला सबसे आगे रहा.  पांच साल में बिहार के भू-राजस्व वसूली में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है. साल 2020-21 में भू-राजस्व से राज्य सरकार को 253.31 करोड़ रुपए मिले थे. जबकि 2024-25 में यह वसूली 570 करोड़ रुपए हुई. इसमें बांका जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि सबसे निचले पायदान पर सारण जिला रहा. पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए अधिक भू-राजस्व मिला इस तरह पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए से अधिक भू-राजस्व प्राप्त हुआ. जानकारी के मुताबिक, 2025 से 2026 में भू-राजस्व वसूली का लक्ष्य करीब सात सौ करोड़ रुपए रखा गया था. लेकिन फाइनेंशियल इयर की समाप्ति के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब तक इसकी प्राप्ति का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. भू-राजस्व वसूली की अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन सूत्रों के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में फाइनेंशियल इयर 2020-21 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. फिलहाल भू-राजस्व वसूली की अधिकांश प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो चुकी है. इस कारण लोगों को अब भू-राजस्व भुगतान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे. इसके साथ ही अब कहीं से भी बैठकर लोग ऑनलाइन अपने भू-राजस्व का भुगतान कर पा रहे हैं. इस कारण विभाग को भी बैंक अकाउंट के माध्यम से इसकी प्राप्ति हो रही है. भू-राजस्व की यह वसूली कृषि भूमि पर किसानों से लगान और पट्टा शुल्क के रूप में हुई. साथ ही सरकारी जमीन को पट्टे पर देकर जमीन और उसके उपयोग से आय के रूप में प्राप्ति हुई.

बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में चल रहा था मौत का खेल, 5 घंटे चली छापेमारी के बाद अवैध ओटी और प्रसव कक्ष सील

 पलामू पलामू जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. नावाजयपुर थाना क्षेत्र स्थित बिंदा बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में संचालित एक अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर की गयी. जिला उपायुक्त समीरा एस के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर पूरे क्लिनिक को बंद कराया. पांच घंटे चली छापेमारी, कई चौंकाने वाले खुलासे प्रशासनिक टीम ने करीब पांच घंटे तक क्लिनिक में सघन जांच अभियान चलाया. इस दौरान कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. क्लिनिक के भीतर एक अस्थायी ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष पाया गया, जहां अवैध तरीके से सर्जरी और डिलीवरी करायी जाती थी. जांच में कई प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद की गयीं, जो बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा रही थीं. बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक जांच में सामने आया कि पंडवा निवासी सेवक मेहता इस क्लिनिक का संचालन कर रहा था, जबकि उसके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं है. इसके बावजूद वह वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा था और गंभीर मामलों में ऑपरेशन तक कर देता था. यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे गरीब मरीजों की जान को लगातार खतरा बना हुआ था. एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण छापेमारी के दौरान एक कमरे में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडार भी मिला. जबकि क्लिनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम जयपुर आयुर्वेद संस्थान” लिखा हुआ था. इससे स्पष्ट होता है कि मरीजों को भ्रमित कर इलाज किया जा रहा था. इसके अलावा डॉक्टर के ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद हुए, जो नियमों के उल्लंघन को दर्शाते हैं. कर्मचारियों ने किया बड़ा खुलासा मौके पर मौजूद दो अस्पताल कर्मियों से पूछताछ में यह सामने आया कि सेवक मेहता ने कभी मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है. इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था. यह भी पता चला कि क्लिनिक में नियमित रूप से प्रसव और अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती थीं. अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई इस कार्रवाई में पाटन बीडीओ सह सीओ डॉ अमित कुमार झा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित कुमार आजाद और नावाजयपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी की देखरेख में क्लिनिक को सील किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी. बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले पलामू जिले में अवैध क्लिनिक का यह कोई पहला मामला नहीं है. जिला प्रशासन लगातार ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई क्लिनिक नाम बदलकर फिर से संचालित होने लगते हैं. यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे अवैध क्लिनिकों में गरीब और अनजान मरीज इलाज के लिए जाते हैं, जहां उनकी जान जोखिम में डाल दी जाती है. बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन और प्रसव कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कई बार जानलेवा परिणाम सामने आते हैं. कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.