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बच्चों की संदिग्ध मौतों से सलूंबर में हड़कंप, 17 मेडिकल टीमों ने संभाला मोर्चा

सलूंबर सलूंबर जिले के लसाड़िया ब्लॉक में बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। बीते पांच दिनों में पांच मासूमों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर बच्चों और परिजनों की जांच कर रही हैं। दो से चार साल के बच्चों में बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण सामने आए हैं, जिससे बीमारी को लेकर रहस्य और गहरा गया है। संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पीपी के नेतृ्त्व में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने मेडिकल टीमों को विस्तृत सर्वे कर जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को 17 मेडिकल टीमों ने 429 परिवारों का सर्वे किया। इस दौरान 17 बुखार के मरीज मिले, जिनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। उदयपुर से आई डॉक्टरों की टीम मौके पर तैनात है, जो कि लगातार हालातों पर नजर बनाए हुए है। बच्चों को किया गया रेफर स्वास्थ्य जांच के बाद कई बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया है। इनमें पेट दर्द, बुखार और उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ बच्चों को उदयपुर तो कुछ को जिला अस्पताल सलंबूर भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य ने की अपील सीएमएचओ डॉ महेंद्र परमार के अनुसार, विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डालकर लगातार जांच कर रही। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने, शुद्ध पानी पीने और पानी उबालकर इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। इधर, लसाड़िया ब्लॉक के प्रभावित इलाकों में लगातार सर्वे और सैंपलिंग का काम जारी है। प्रशासन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी बरत रहा है।  

कैट का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने रेलवे की कार्रवाई को बताया भेदभावपूर्ण और मनमाना

रांची झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए कैट (केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण) की रांची सर्किट बेंच के 23 अक्टूबर 2024 के आदेश को निरस्त कर दिया. साथ ही अदालत ने रेलवे को निर्देश दिया कि चार सप्ताह के अंदर याचिककर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए. भेदभावपूर्ण और मनमाना था निर्णय जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने कैट की रांची सर्किट बेंच के आदेश को रद्द कर दिया. खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है. कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है, लेकिन याचिककर्ता को नियुक्ति से वंचित किया गया. ऐसा करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है. क्या है पूरा मामला प्रार्थी रविशंकर कुमार भारतीय सेना में 16 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके थे. उन्होंने रेलवे की नॉन टेक्निकल पापुलर कैटिगरीज के तहत आवेदन किया था. नियम के मुताबिक अभ्यर्थी का 31 मार्च 2020 तक सेना से सेवानिवृत्त होना जरूरी था, जबकि प्रार्थी 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए थे. दस्तावेज सत्यापन के दौरान रेलवे ने उनकी उम्मीदवारी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वे कट-ऑफ तिथि के भीतर सेवानिवृत्त नहीं हुए और आवेदन में गलत जानकारी दी है.  इसके बाद प्रार्थी ने रेलवे के निर्णय को कैट में चुनाैती दी थी. कैट ने रविशंकर कुमार की याचिका खारिज करते हुए रेलवे के निर्णय को सही ठहराया था. याचिककर्ता रविशंकर कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर कैट के आदेश को चुनाैती दी थी और अपनी नियुक्ति की मांग की थी.

भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बायोमेट्रिक और आरएफआईडी तकनीक का पहरा, डीसी ने किया निरीक्षण

धनबाद राज्य सरकार के निर्देश से धनबाद जिला प्रशासन द्वारा होमगार्ड भर्ती के लिए आयोजित की जा रही शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ तीसरे दिन भी संचालित की जा रही है. चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी की जा रही है. कड़ी निगरानी में चल रही चयन प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन समेत जिला के अन्य वरीय पदाधिकारी बिरसा मुंडा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हर एक गतिविधि पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया है कि कोई भी अभ्यर्थी किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर अंदर न जाए. इसका विशेष रूप से ध्यान दें. सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से रखी जा रही नजर परीक्षा केंद्र के हर कोने पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है. साथ ही, दौड़ और अन्य शारीरिक स्पर्धाओं की भी वीडियोग्राफी कराई जा रही है जिससे कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे. योमेट्रिक सत्यापन अभ्यर्थियों के एंट्री के समय बायोमेट्रिक हाजिरी और आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है. इससे फर्जी अभ्यर्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. FID तकनीकी का इस्तेमाल दौड़ का समय सटीक रूप से मापने के लिए RFID (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) चिप तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नतीजा पूरी तरह सटीक, निष्पक्ष और पारदर्शी बना रहे. रिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी परीक्षा स्थल पर जिला समादेष्टा (District Commandant) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम लगातार मौजूद है, जो पूरी प्रक्रिया का औचक निरीक्षण कर रही है. अधिकारियों का संदेश उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि चयन केवल योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर होगा. उन्होंने अभ्यर्थियों को सचेत किया है कि वे किसी भी बिचौलिए या ठग के झांसे में न आएं. किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत इसकी सूचना केंद्र पर तैनात पुलिस बल या हेल्पडेस्क या कंट्रोल रूम को दें. किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और सफल अभ्यर्थियों की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट (NIC) पर प्रदर्शित की जाएगी.

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय

योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाये अंजय  दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विदाई समारोह सम्पन्न  रायपुर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के दर्शन एवं योग अध्ययनशाला में विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री अंजय शुक्ला (उपाध्यक्ष, औषधि पादप बोर्ड, छत्तीसगढ़; प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, भाजपा; प्रदेश संयोजक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा योग एवं औषधि मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं तथा दोनों का परस्पर गहरा संबंध है। उन्होंने इस विषय पर अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष जे. एल. गहरे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अध्ययनशाला से जुड़े रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र कुमार प्रेमी, श्रीमती कमला पटेल एवं चितरंजन कुमार साहू सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वरिष्ठ विद्यार्थी राजेश मढरिया (भूतपूर्व अध्यक्ष, साइंस कॉलेज) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विदाई समारोह में कक्षा एम.ए. चतुर्थ सेमेस्टर, पी. डिप्लोमा योग एवं सर्टिफिकेट कोर्स के विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम की संपूर्ण तैयारी कक्षा एम.ए. द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत सुव्यवस्थित एवं आकर्षक ढंग से की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं तथा अपने अनुभव साझा किए। अंत में कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में वृद्धि, FY26 में 24.6% का उछाल दर्ज होगा भारत में

मुंबई  वित्त वर्ष 2026 में भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बदलाव तेज़ी से आगे बढ़ा है. बीते वित्त वर्ष बाजार में वाहनों की रीटेल बिक्री 24.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है. यह बढ़त सिर्फ़ एक कैटेगरी तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल, सभी में दो अंकों की मज़बूत बढ़त देखने को मिली।  इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल की बिक्री 2 लाख यूनिट्स के करीब बीते वित्त वर्ष में सबसे बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स में देखने को मिला, जहां लोगों ने इन्हें अपनाने में तेजी पकड़ी. इस सेगमेंट की रिटेल बिक्री 1,99,923 यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह बिक्री 1,08,873 यूनिट्स की थी. इस बिक्री के साथ सेगमेंट की बिक्री में 83.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।  यह सेगमेंट 2 लाख के आंकड़े से बस थोड़ा ही पीछे रह गया, लेकिन इस सेगमेंट ने अब तक की अपनी सबसे मज़बूत सालाना बढ़त दर्ज की है. वॉल्यूम के लिहाज़ से, Tata Motors Passenger Vehicles ने 78,811 यूनिट्स के साथ बाजार में अपना पहला स्थान काबिज किया. इसके बाद JSW MG Motor India ने 53,089 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान को हासिल किया, इसके बाद Mahindra & Mahindra 42,721 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर रही।  इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी बढ़ी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की बात करें तो, EV बिक्री में इस सेगमेंट का सबसे बड़ा हिस्सा रहा. इस सेगमेंट ने 14 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर दिया. वित्त वर्षन 2026 में इस सेगमेंट में 21.81 प्रतिशत की बढ़ोत हुई और यह 11,50,790 यूनिट्स से बढ़कर 14,01,818 यूनिट्स तक पहुंच गया।  इस सेगमेंट में TVS Motor Company ने 3,41,513 यूनिट्स इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री की, और लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया. इस लिस्ट में दूसरा स्थान Bajaj Auto का रहा, जिसने 2,89,349 यूनिट्स की बिक्री की, और तीसरे स्थान Ather Energy ने 2,39,178 यूनिट्स की बिक्री कर हासिल किया।  तीन-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने शहरी आवागमन और 'लास्ट-माइल' परिवहन में अपनी भूमिका बनाए रखी. इनकी बिक्री बढ़कर 8,30,819 यूनिट्स हो गई, जो वित्त वर्ष 2025 की 6,98,914 यूनिट्स की तुलना में 18.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है।  हालांकि इनकी संख्या अभी भी तुलनात्मक रूप से कम है, लेकिन इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों ने सबसे तेज़ विकास दर दर्ज की है. पिछले वित्त वर्ष के 8,820 यूनिट्स से बढ़कर रीटेल बिक्री दोगुनी से भी ज़्यादा होकर 19,454 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो 120.57 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।  सभी सेगमेंट में बढ़ोतरी साल का सारांश देते हुए, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोशिएशन (FADA) के प्रेसिडेंट CS विग्नेश्वर ने कहा कि, "वित्त वर्ष 2026 भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की कहानी के लिए एक अहम साल रहा है. दो-पहिया, तीन-पहिया, पैसेंजर व्हीकल्स और कमर्शियल व्हीकल्स को मिलाकर कुल EV रिटेल लगभग 24.52 लाख यूनिट्स का रहा, जिसमें सालाना आधार पर लगभग 24.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और हर कैटेगरी ने मज़बूत दोहरे अंकों में बढ़ोतरी दर्ज की।  उन्होंने आगे कहा कि, "यह सिर्फ़ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर एनर्जी ट्रांज़िशन का नेतृत्व करने की भारत की क्षमता का प्रमाण है, फिर चाहे वह 'लास्ट-माइल' ऑटो-रिक्शा हो या फ़ैमिली कार हो।  सभी सेग्मेंट्स में लगातार हो रही बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार में मांग का दायरा बढ़ रहा है, और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को निजी और कमर्शियल, दोनों ही तरह के इस्तेमाल में ज़्यादा मज़बूत स्वीकार्यता मिल रही है। 

करमजीत कौर ने कहा: महिलाओं को 50% आरक्षण, सशक्तीकरण की ओर ऐतिहासिक मोड़

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर से आम आदमी पार्टी की लोकसभा प्रभारी चेयरमैन करमजीत कौर ने महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया। करमजीत कौर ने समाचार एजेंसी  से बात करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस फैसले का पूरी तरह समर्थन करती है और लंबे समय से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पक्षधर रही है। उनका मानना है कि यदि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, तो इससे न केवल उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी बल्कि नीति निर्माण में भी महिलाओं की आवाज अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई राज्यों में पहले से ही पंचायत और स्थानीय निकाय स्तर पर लाखों महिलाएं आरक्षण के तहत काम कर रही हैं और बेहतरीन नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को संसद व विधानसभा तक विस्तारित करना स्वाभाविक और आवश्यक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी का अधिकार मिलेगा। हालांकि, करमजीत कौर ने इस प्रस्ताव के भविष्य को लेकर कुछ आशंकाएं भी जताईं। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बिल संसद में पास हो पाएगा या नहीं क्योंकि राजनीतिक परिस्थितियां अक्सर ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों को प्रभावित करती हैं। फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट होकर इसे समर्थन देंगे। राजनीतिक असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी, जैसे भारतीय जनता पार्टी के फायदे तक सीमित नहीं है। अगर यह बिल पास होता है, तो इसका लाभ सभी राजनीतिक दलों और उनके कार्यकर्ताओं को मिलेगा। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से रोकने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तीकरण से जुड़ा मुद्दा है, जिसका सभी को समर्थन करना चाहिए। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए करमजीत कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें एक वॉलंटियर के रूप में आगे बढ़ाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो पार्टी की महिला सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पानी-सीवरेज बिल पर राहत योजना: तय समय में भुगतान करने पर पेनल्टी खत्म

चंडीगढ़. पानी और सीवरेज का बिल नहीं चुका पा रहे उपभोक्तओं को सरकार ने राहत दी है। ऐसे परिवार अगर 31 मई तक पानी और सीवेज का बिल चुकाते हैं तो उनका पूरा ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीना ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। पानी, सीवरेज के बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से ब्याज और जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में लाखों परिवारों पर बड़ी रकम बकाया खड़ी है। इन्हें राहत देते हुए व्यवस्था की गई है कि 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए बिलों के बकाया पर 100 प्रतिशत अधिभार की छूट दी जाएगी। करनाल नगर निगम में विशेष छूट करनाल नगर निगम ने पानी एवं सीवरेज के बकाया बिलों पर विशेष छूट योजना लागू कर दी है। योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित पानी एवं सीवरेज बिलों पर लगाए गए अधिभार (ब्याज/जुर्माना) को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। अब उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि का ही भुगतान करना होगा। यदि उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान कर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत अधिभार माफी का लाभ मिलेगा। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने बताया किजिन उपभोक्ताओं के पास मीटर कनेक्शन नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। 31 मई के बाद बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं की जल आपूर्ति बाधित की जा सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस छूट का सभी को लाभ उठाना चाहिए।

बुध का मीन राशि में गोचर, 11 अप्रैल से बनेगा ‘नीचभंग राजयोग’, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

11 अप्रैल 2026 को बुध ग्रह मीन राशि में प्रवेश करने जा रहा है. बुध मीन में 29 अप्रैल तक रहने वाले हैं. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, बोलचाल, व्यापार और निर्णय लेने की क्षमता का कारक माना जाता है.  ऐसे में इसका यह गोचर कई राशियों के जीवन पर असर डाल सकता है. खास बात यह है कि मीन राशि में बुध कमजोर स्थिति में माना जाता है, लेकिन इस बार कुछ खास योग बन रहे हैं, जो इसके नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं. इस दौरान गुरु ग्रह की स्थिति के कारण नीचभंग राजयोग बन रहा है. इसका मतलब है कि भले ही बुध अपनी कमजोर राशि में हो, लेकिन अच्छे ग्रहों का साथ मिलने से इसके शुभ परिणाम मिल सकते हैं. इसके साथ ही अन्य ग्रहों की स्थिति भी मिलकर कुछ सकारात्मक योग बना रही है, जिससे कई लोगों को फायदा हो सकता है. जानते हैं वो कौन सी राशियां हैं जिनपर यह समय खास तौर पर अच्छा रहने वाला है वृषभ – वृषभ राशि के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है. आय बढ़ने के योग बनेंगे .  परिवार का सहयोग भी मिलेगा.  मिथुन राशि वालों के लिए करियर में तरक्की के संकेत हैं. उन्हें काम में सम्मान और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कर्क– कर्क राशि के लोगों को विदेश से जुड़े अवसर मिल सकते हैं . समाज में उनकी पहचान मजबूत हो सकती है.  वहीं कन्या राशि के जातकों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने जैसी खुशखबरी मिल सकती है. उनकी मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं. मीन- मीन राशि के लिए यह गोचर मिलाजुला असर लेकर आएगा.  एक तरफ करियर में नए मौके मिल सकते हैं , आय बढ़ सकती है, तो दूसरी तरफ रिश्तों में थोड़ी उलझन या उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसलिए इस समय धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा. हालांकि कुछ स्थितियों में संचार से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.  गलतफहमियां बढ़ सकती हैं या बातों को सही तरीके से समझने में दिक्कत हो सकती है.  इसलिए इस समय सोच-समझकर बोलना और निर्णय लेना बहुत जरूरी होगा. कुल मिलाकर, बुध का यह गोचर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. सही प्रयास और संतुलित व्यवहार से लोग इस समय का अच्छा लाभ उठा सकते हैं. यह समय समझदारी, धैर्य और सही निर्णय लेने का है, जिससे जीवन में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं.

अटारी-वाघा बॉर्डर से श्रद्धालुओं का जत्था रवाना: खालसा साजना दिवस पर 1763 वीजा मंजूर

अमृतसर. खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवा ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के लिए कुल 1795 पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। वीजा लगे पासपोर्ट SGPC कार्यालय पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कार्यालय समय के दौरान अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे SGPC कार्यालय से पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते विशेष बसों के जरिए भेजा जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधकी कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को केवल धार्मिक भावना और आस्था के रूप में ही देखा जाए, इसे किसी भी तरह से पिकनिक न समझा जाए। यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और पंथक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। बयानबाजी से बचा जाए इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में किसी भी ऐसी गतिविधि या बयानबाजी से बचा जाए, जिससे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचे या भविष्य में वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो। दूतावास द्वारा 32 वीजा रद्द किए जाने पर SGPC ने सुझाव दिया कि यदि किसी श्रद्धालु के दस्तावेजों में कोई कमी हो, तो उसे पत्र या फोन के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि त्रुटि को दूर कर अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन की चाह हर सिख के मन में गहराई से जुड़ी होती है।

सफलता मिलते ही लोग क्यों बनाने लगते हैं दूरी? आचार्य चाणक्य ने बताए ईर्ष्या और मानसिक स्थिति के असली कारण

 क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि जैसे-जैसे आप जीवन में आगे बढ़ रहे होते हैं या फिर सफल हो रहे होते हैं, कुछ लोग आपसे दूरी बनाने लग जाते हैं. ये लोग आपकी खुशियों में शामिल न होकर बिलकुल ही अजीब तरीके से बर्ताव करने लग जाते हैं. इन लोगों को आपकी छोटी से छोटी सफलता भी चुभने लग जाती है. हो सकता है जब आपके साथ ऐसा हो तो समझ में न आए, लेकिन आचार्य चाणक्य ने सालों पहले ही अपनी नीतियों में इसके पीछे का कारण साफ तौर पर बता दिया था. चाणक्य के अनुसार यह सिर्फ आपकी सफलता नहीं, बल्कि दूसरों की सोच और उनके मानसिक स्थिति का नतीजा है. जब आप इस सच्चाई को समझ लेंगे तो आपको सिर्फ मेंटल पीस नहीं मिलेगा, इसे जान लेने के बाद आप एक सही दिशा में आगे भी बढ़ पाएंगे. तो चलिए जानते हैं आखिर किन कारणों से लोग आपकी सफलता से जलने लगते हैं. दूसरों से तुलना करने की आदत आचार्य चाणक्य के अनुसार, जब लोग खुद की तुलना दूसरों से करना शुरू करते हैं, तो उनके दिल में जलन की भावना पैदा होती है. अगर कोई व्यक्ति मेहनत करके अपने जीवन में सफलता हासिल करते है, तो दूसरे अपनी कमियों को स्वीकार करने की जगह पर उससे जलना शुरू कर देते हैं. दिमाग में चल रही यह कंपेरिजन ही जलन की सबसे बड़ी वजह साबित होती है. कॉन्फिडेंस की कमी चाणक्य नीति के अनुसार जिन लोगों में कॉन्फिडेंस की कमी होती है, वे कभी भी दूसरों की सफलता को सह नहीं पाते हैं. चाणक्य कहते हैं जो लोग खुद पर भरोसा नहीं करते हैं वे हमेशा ही दूसरों की अचीवमेंट्स से जलते हैं और परेशान भी रहते हैं. उसके दिमाग में यह बात चल रही होती है कि वह कभी भी वैसा नहीं कर पाएगा. उसकी यह सोच उसे अंदर ही अंदर जलने के लिए मजबूर कर देती है. अहंकार और स्वार्थ की वजह से आचार्य चाणक्य के अनुसार कुछ लोग अपने अहंकार की वजह से भी दूसरों की सफलता से जलने लगते हैं, उन्हें ऐसा लगता है कि सिर्फ वे ही जीवन में आगे बढ़ने के काबिल हैं. ऐसे में जब सफलता किसी और को मिलती है, तो उनके अंदर के अहंकार को ठेस पहुंचती है और वे जलने लग जाते हैं. मेहनत से बचने की आदत जो लोग जीवन में खुद मेहनत नहीं कर पाते हैं या फिर नहीं करना चाहते हैं, अक्सर वे दूसरों की मेहनत का भी सम्मान नहीं करते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार इस तरह के लोग दूसरों की सफलता को किस्मत का दिया हुआ मानकर खुद को सही ठहराने लग जाते हैं. लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें इस बात का अंदाजा होता है कि उन्होंने इतनी मेहनत नहीं की है. निगेटिव सोच का असर निगेटिव सोच भी जलन के पीछे एक बड़ा कारण हो सकता है. आचार्य चाणक्य कहते हैं, जिन लोगों की आदत हर चीज में कमी निकालने की होती है, वे कभी भी दूसरों की सफलता को खुले दिल से स्वीकार नहीं कर पाते हैं. उनकी सोच ही उन्हें हमेशा दूसरों से कम्पेरिजन और जलन की तरफ लेकर जाती है.