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आंगनबाड़ी केवल पोषण नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की पाठशाला बने : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर.  महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें ‘संस्कार निर्माण की पाठशाला’ के रूप में विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 3 से 6 वर्ष की आयु बच्चों के सर्वांगीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है, जिसमें दिए गए संस्कार जीवनभर उनकी सोच और व्यवहार को दिशा देते हैं। मंत्री राजवाड़े अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र के ईसीसीई के राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन एवं विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर रही थीं। बैठक में प्रदेश के 52,518 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को संस्कारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए ठोस पहल करने पर विचार किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे का पहला विद्यालय उसका घर और आंगनबाड़ी होता है, इसलिए यहां दी जाने वाली शिक्षा में भारतीय जीवन मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। संस्कारपरक शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही बड़ों का सम्मान, सत्य बोलना, स्वच्छता, अनुशासन, प्रकृति प्रेम तथा ‘धन्यवाद’ और ‘क्षमा’ जैसे व्यवहारिक गुणों का विकास करना है। मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों में इस प्रकार की शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कई व्यवहारिक सुझाव दिए। उन्होंने दिन की शुरुआत प्रार्थना, योग और प्राणायाम से करने, पंचतंत्र एवं लोककथाओं के माध्यम से नैतिक शिक्षा देने, त्योहारों और महापुरुषों की जयंती के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने, तथा दैनिक व्यवहार में ‘नमस्ते’, स्वच्छता और अनुशासन को शामिल करने पर बल दिया। साथ ही बच्चों में श्रम के प्रति सम्मान और प्रकृति प्रेम विकसित करने के लिए पौधारोपण एवं स्वच्छता जैसे छोटे-छोटे कार्यों को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महीने में ‘संस्कार सभा’ आयोजित कर माता-पिता को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा जाए, ताकि घर और आंगनबाड़ी दोनों स्थानों पर बच्चों को समान वातावरण मिल सके। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि इस पहल से बच्चों में आत्मविश्वास, भाषा कौशल और सामाजिक व्यवहार का विकास होगा, साथ ही कुपोषण के साथ ‘चरित्र पोषण’ भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि संस्कारित बच्चे आगे चलकर अनुशासित विद्यार्थी और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं, जिससे समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव तैयार होती है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘दूसरी माँ’ की भूमिका निभाते हुए बच्चों को प्रेमपूर्वक संस्कार देने का आह्वान किया। वर्तमान सामाजिक परिवेश में बढ़ती सामाजिक बुराइयों और मानवीय मूल्यों में गिरावट को देखते हुए उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को ‘संस्कार-केन्द्र’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया तो कट जाएगा राशन

 पटना सरकारी राशन का लाभ लेने वाले करोड़ों लाभार्थियों के लिए जरूरी खबर है। सरकार ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी लागू कर दी है। अब तक ढिलाई बरत रहे कार्डधारकों के लिए राहत की बात यह है कि अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है, लेकिन इसके बाद कोई मौका नहीं मिलेगा। अगर इस डेडलाइन तक बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ, तो राशन कार्ड को 'अवैध' मानकर सूची से हटा दिया जाएगा। सरकार के इस कड़े कदम का सीधा उद्देश्य उन लोगों को सिस्टम से बाहर करना है जो गलत तरीके से योजना का लाभ उठा रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हजारों ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा है या एक ही आधार कार्ड कई राशन कार्डों से लिंक है। ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए सरकार 'एक व्यक्ति, एक पहचान' के नियम को सख्ती से लागू कर रही है। इससे फर्जी लाभार्थियों का पत्ता साफ होगा और सही मायने में जरूरतमंदों को अनाज मिल सकेगा। नाम कटा तो रुक जाएंगी ये सुविधाएं अगर आपका नाम राशन कार्ड से कट गया, तो डीलर की मशीन पर आपका नाम शो नहीं करेगा, जिससे आपका कोटा बंद हो जाएगा। इसके साथ ही, उज्ज्वला योजना (गैस सब्सिडी) और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का डेटा अक्सर राशन कार्ड से जुड़ा होता है, वहां भी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। यहां तक राशन कार्ड को पते और पहचान के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा। क्या करना होगा? इसकी प्रक्रिया बहुत आसान है। कार्ड में जितने भी सदस्यों के नाम दर्ज हैं, उन सभी को अपने आधार कार्ड के साथ राशन डीलर की दुकान पर जाना होगा। वहां पॉश मशीन पर अंगूठा लगाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करना होगा। याद रहे, घर के किसी एक सदस्य के जाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन सभी का वहां पहुंचना जरूरी है जिनका नाम कार्ड में है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अंतिम तिथि के बाद सर्वर डाउन होने या तकनीकी खराबी का बहाना नहीं चलेगा, इसलिए समय रहते इस जिम्मेदारी को पूरा कर लें। 30 तारीख तक सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक अपडेट न होने पर राशन कार्ड से नाम काट दिया जाएगा।

खेत तालाब, अमृत सरोवर से किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान का तीसरा चरण चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुरानी जल संरचनाओं को नया जीवन देने के साथ ही बारिश के पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने का कार्य किया जा रहा है। कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच सहित तालाबों, बावड़ियों, नदियों की सफाई, रैन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान में प्रदेश के 18 विभाग सहभागिता निभा रहे हैं। अभियान अंतर्गत अकेले सागर जिले में 5800 से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसमें कूप रिचार्ज पिट, खेत तालाब, अमृत सरोवार, तालाब निर्माण, कंटूर ट्रेंच के कार्य शामिल हैं। कार्यों के पूरा हो जाने से सागर जिले में सूख पड़े कुओं को नया जीवन मिलेगा। कूप रिचार्ज पिट बनने से कुओं का जल स्तर बढ़ेगा। साथ ही अमृत सरोवर, खेत तालाब और तालाबों में बारिश का पानी जमा होने से किसानों को सिंचाई, उद्यानिकी व मछली पालन जैसे कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।  

केमिकल और औद्योगिक आपदा के लिए सचेत रहने की जरूरत : राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज की जायेगी

रायपुर.  औद्योगिक एवं केमिकल डिजास्टर के संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारियों के लिए राज्य स्तरीय औद्योगिक आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार गृह मंत्रालय राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में औद्योगिक या केमिकल आपदा के अवसर की जाने वाली सावधानियां डिजास्टर के समय की व्यापक तैयारियां पहले से करने के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया गया।  राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली के अधिकारियों ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जानकारी दी गई कि आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में केमिकल एवं औद्योगिक आपदा के संबंध में राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाईज कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें औद्योगिक या केमिकल आपदा के समय कैसे व्यापक प्रबंधन एवं सुरक्षा किया जाये। आपदा के समय आपातकालीन तैयारियां, अग्निशामक तैयारियां, आपदा के समय जन सामान्य में जागरूकता सहित विविध आपदा प्रबंधन के तौर-तरीकों और तैयारियां के संबध में व्यापक मार्गदर्शन दिया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित इस बैठक में गृह मंत्रालय भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, एन.डी.आर.एफ., एस.डी.आर.एफ. अन्य पुलिस फोर्सेस के अधिकारी सहित उद्योग, परिवहन, स्वास्थ्य, गृह, और राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी जिलों के जिला आपदा प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुये। 

श्रमिक सम्मेलन में विकास की नींव रखने वाले हाथों का सम्मान

रायपुर जगदलपुर के स्थानीय वीर सावरकर भवन में शुक्रवार को निर्माण श्रमिकों के सशक्तिकरण और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के मार्गदर्शन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में विकास की रीढ़ कहे जाने वाले श्रमिकों का न केवल सम्मान किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया। इस सम्मेलन में समूचे जिले के सुदूर अंचलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर उनकी उत्साहजनक उपस्थिति से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बस्तर महेश कश्यप और नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जन प्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में श्रमिकों को राष्ट्र का असली निर्माता बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर में सुधार लाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद महेश कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रमिक केवल मजदूरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण का आधार है। उन्होंने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए विश्वास दिलाया कि सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। कश्यप ने शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न 31 योजनाओं की जानकारी और अन्य सुरक्षा योजनाओं के लाभ पर जोर देते हुए कहा कि हर श्रमिक का पंजीकरण होना अनिवार्य है ताकि शासन की मदद उन तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मंच से जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों द्वारा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए गए, जिसे पाकर श्रमिकों के चेहरों पर संतोष और खुशी के भाव स्पष्ट नजर आए। इस सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता मौके पर ही समाधान की रही, जहाँ श्रम विभाग द्वारा लगाए गए विशेष पंजीकरण शिविरों के माध्यम से नए श्रमिकों का तत्काल पंजीयन किया गया। श्रम पदाधिकारी भूपेंद्र नायक ने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बस्तर के उन मेहनतकश लोगों को विभागीय योजनाओं के दायरे में लाना है जो अब तक जागरूकता के अभाव में लाभ से वंचित थे। इस सार्थक प्रयास से बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक भी अब सरकार की कल्याणकारी नीतियों से सीधे जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।

ठगी का शिकार हुआ छात्र बना मास्टरमाइंड, 9 राज्यों में फैलाया जाल

 पटना पटना साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उसने नौ राज्यों के लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले तीन साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपित प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। चार महीने से पटना में बैठ दिल्ली, यूपी, केरल समेत नौ राज्यों के लोगों से ठगी कर रहे थे। आरोपितों की पहचान नवादा के वारिसलीगंज निवासी गुलशन कुमार व शुभम राज और इसी जिले के शाहपुर के रहने वाले विक्की कुमार के रूप में हुई है। उनके पास से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन और दस्तावेज आदि बरामद हुए हैं। डीएसपी व साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि अन्य राज्यों की साइबर पुलिस को सूचना मिली थी की पटना के साइबर ठग प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे हैं। साइबर पुलिस ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि बेऊर स्थित एक अपार्टमेंट से गिरोह का संचालन हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को शिव नगर स्थित ममता कुंज अपार्टमेंट में छापा मारा। वहां से गुलशन कुमार, शुभम राज और विक्की कुमार पकड़े गए। उनके पास से मोबाइल और लैपटॉप आदि बरामद हुए। जालसजों में दो स्नातक और एक इंटर का है छात्र गुलशन कुमार, शुभम राज ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वहीं विक्की कुमार इंटर का छात्र है। गुलशन गिरोह का मास्टर माइंड है। साइबर पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर यह जानकारी जुटा रही है कि इन ठगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है खुद हुआ शिकार तो बन गया ठगी का मास्टरमाइंड नौ राज्यों में साइबर ठगी के लिए करोड़ों रुपये उगाहने वाले गैंग के सरगना की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। गिरोह का मास्टरमाइंड गुलशन कुमार कभी खुद साइबर ठगी का शिकार हुआ था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह पटना में आकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसके साथ साइबर ठगी हुई। एक बार पैसे गंवाने के बाद उसने खुद ही साइबर ठगी का मायाजाल बुनना शुरू कर दिया। एपीके फाइल भेज बनाते थे शिकार पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने खुद को छात्र बताकर बेऊर में फ्लैट लिया था। वे सोशल मीडिया पर प्लेब्वॉय बनाने और धनी एप द्वारा आसानी से लोन दिलाने का विज्ञापन देते थे। विज्ञापन देखकर जो भी प्लेब्वॉय बनने या लोन लेने की इच्छा जताता था उनसे वे प्रोसेसिंग फीस व अन्य बहाने से रुपये अपने खाते में मंगाते थे। इसके बाद लोगों से संपर्क खत्म कर लेते थे। यही नहीं गिरोह के सदस्य प्लेब्वॉय और लोन संबंधी एपीके फाइल लोगों के फेसबुक, टेलीग्राम और व्हाट्स एप पर भी भेजते थे। एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो जाता था। बाद में वे उनका बैंक खाता खाली कर देते थे। टेलीग्राम एप से सीखी ठगी, फिर दोस्तों को जोड़ा उसने टेलीग्राम एप पर साइबर ठगी के वीडियो देखने शुरू कर दिए। वीडियो देखने के बाद उसे लगा कि साइबर ठगी कर आसानी से रुपये बनाए जा सकते हैं। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि टेलीग्राम पर हर प्रकार की साइबर ठगी के वीडियो अपलोड हैं। उन वीडियो को देखने के बाद उन्हें ठगी के अलग-अलग तरीका के बारे में पता चला।

लखीमपुर खीरी में 1311 करोड़ की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे सीएम योगी

लखनऊ/लखीमपुर खीरी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर रहेंगे, जहां वह पलिया व मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करने के साथ सात विधानसभा क्षेत्रों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास की सौगात देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न लाभार्थी परिवारों को भूमि आवंटन पत्र, आवास की चाबी और चेक भी सौंपेंगे।  मुख्यमंत्री यहां कुल 1311 करोड़ रुपये की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इनमें 356 करोड़ रुपये की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इन परियोजनाओं का लाभ जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों लखीमपुर, गोला, श्रीनगर, पलिया, निघासन, मोहम्मदी और धौरहरा के लोगों को मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत चंदन चौकी (पलिया) से होगी, जहां मुख्यमंत्री जनसभा को संबोधित करने के साथ ही थारू जनजाति के परिवारों को भूमि स्वामित्व अधिकार पत्र तथा लाभार्थियों को डेमो चेक प्रदान करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को आवास की चाबी का वितरण और निर्माण कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरान बच्चों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत ‘ओडीओपी’ योजना के तहत निर्मित हैट पहनाकर किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री मियांपुर (मोहम्मदी) में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगे, जहां वह विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार पत्र प्रदान कर एक ऐतिहासिक पहल करेंगे। यहां विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए जाएंगे और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबी सौंपी जाएगी। साथ ही सीएम योगी कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। थारू जनजाति के परिवारों को मिलेगा पूर्ण स्वामित्व अधिकार थारू जनजाति के परिवारों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए योगी सरकार ने उन्हें पूर्ण स्वामित्व के साथ भूमि अधिकार देने का निर्णय किया है। इसके तहत तहसील पलिया में थारू जनजाति के 34 गांवों के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि पर भौमिक अधिकार प्रदान किए हैं। वर्ष 1976 में इन परिवारों को भूमि उपयोग का अधिकार मिला था, लेकिन अब योगी सरकार उन्हें पूर्ण स्वामित्व अधिकार देने जा रही है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा। उपनिवेश योजना के तहत 2350 परिवारों को मिला अधिकार इसी तरह, उपनिवेश योजना के तहत नदी कटान से प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए 12 उपनिवेश (कालोनियों) में बसे 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया। इनमें अनुसूचित जाति के 1077 और पिछड़े वर्ग के 874 परिवार शामिल हैं। वर्षों से इन परिवारों के पास भूमि उपयोग का अधिकार तो था, लेकिन स्वामित्व नहीं था। अब इसी भूमि पर उन्हें मालिकाना अधिकार प्रदान किया जा रहा है। यह निर्णय उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा लेकर आएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देगा। पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान/बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास भी लखीमपुर खीरी में किया गया है। इन परिवारों को जिले की विभिन्न तहसीलों धौरहरा, मोहम्मदी और गोला में बसाया गया था, जहां उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कृषि योग्य भूमि भी उपलब्ध कराई गई है। मियांपुर में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार करीब 4.75 एकड़ भूमि दी गई है, जबकि अन्य गांवों में भी परिवारों को औसतन 3 से 7 एकड़ तक जमीन आवंटित की गई है। बुनियादी सुविधाएं इन गांवों तक पहुंचाई योगी सरकार द्वारा इन परिवारों को केवल जमीन ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पेंशन योजनाएं और सुकन्या समृद्धि योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क और रोजगार से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं भी इन गांवों तक पहुंचाई गई हैं। हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पुनर्वास और सामाजिक न्याय के समेकित मॉडल को जमीन पर उतारने का प्रयास है। भूमि स्वामित्व अधिकार, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से योगी सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना योगी सरकार की प्राथमिकता है।

मथुरा नाव हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक, राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश

लखनऊ.  जनपद मथुरा में यमुना नदी में नाव पलटने से हुए दर्दनाक हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि इस हादसे में हुई जनहानि अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने प्रभु श्री राम से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिवारों को यह दुःख सहने की शक्ति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य तेज गति से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि यह हादसा वृंदावन क्षेत्र में केसी घाट के पास उस समय हुआ, जब श्रद्धालुओं से भरी नाव पंटून पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गई। इस दुर्घटना में करीब 25 श्रद्धालु नदी में डूब गए, जिनमें से 15 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। अधिकांश श्रद्धालु पंजाब से आए बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम द्वारा युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन सतर्क है और राहत कार्य लगातार जारी है।

समर्थन मूल्य पर 5220 किसानों से हुई 17,965 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 5220 किसानों से 12 हजार 521 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 48 हजार 247 किसानों द्वारा 6 लाख 74 हजार 290 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूँ में से मुख्य रूप से जिला उज्जैन में 3029, शाजापुर में 2785, देवास में 1747, सीहोर में 1732, इंदौर में 1364, राजगढ़ में 1210, भोपाल में 907, विदिशा में 822, रतलाम में 697, आगर-मालवा में 683, धार में 581, खंडवा में 522, मंदसौर में 498, नर्मदापुरम में 378, खरगोन में 359, नीमच में 281, हरदा में 180, झाबुआ में 91, बैतूल में 46, बड़वानी में 28 और रायसेन में 24 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।  

CSK, RCB और MI आज मैदान में, पॉइंट्स टेबल में बड़ा बदलाव संभव

नई दिल्ली आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग में एक बार फिर से डबल हेडर का दौर शुरू होने जा रहा है। अब अगले दो ही दिन में चार मैच हो जाएंगे। खास बात ये है कि इस दौरान आरसीबी, मुंबई इंडियंस और सीएसके जैसी टीमें अपने अपने मैच के लिए मैदान में होगी। इस बीच इन मैचों का शेड्यूल क्या है, ये जान लीजिए और साथ ही इसका भी ध्यान रखिएगा कि मैच कितने बजे से शुरू होगा। शनिवार को ​दिन मे पंजाब और हैदराबाद के बीच मैच, शाम को दिल्ली और चेन्नई का मुकाबला शनिवार यानी 11 अप्रैल को आईपीएल के दो मुकाबले होंगे। पहला मैच दिन का होगा, जिसमें पंजाब किंग्स और सनराइसर्ज हैदराबाद के बीच टक्कर होगी। ये मैच मल्लांपुर में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरे मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने सामने होंगी। ये मैच एमए चिदंबरम स्टेडियम में होगा। सीएसके की टीम लंबे ब्रेक के बाद अब वापस मैदान में उतरेगी। इस बीच टीम ने एक भी मैच अभी तक नहीं जीता है और अंक तालिका में आखिर नंबर पर है। उम्मीद है कि ये मैच जीतकर टीम अपना खाता खोलेगी। संडे को दिन में खेला जाएगा लखनऊ बनाम गुजरात मैच, शाम को बेंगलुरु और मुंबई का मुकाबला इसके बाद आएगा रविवार यानी 12 अप्रैल की तारीख। इस दिन भी दो मैच हैं। पहला मुकाबला दिन का है। इसमके एलएजसी और गुजरात टाइटंस के बीच मैच खेला जाएगा। ये मैच लखनऊ में होगा। इसके बाद इसी दिन शाम को मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ये रहेगा डबल हेडर में मैचों के शुरू होने का वक्त आपको याद दिला दें कि दिन के मैच दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होंगे और इसका टॉस तीन बजे होगा। शाम का मुकाबला साढ़े सात बजे से होगा और इसका टॉस आधे घंटे पहले यानी सात बजे होगा। इसका मतलब ये हुआ कि दिन में तीन बजे से लेकर रात 11 साढ़े 11 बजे तक आईपीएल का रोमांच जारी रहेगा। इन मैचों के बाद अंक तालिका में भी काफी ​फेरबदल और बदलाव दिखाई दे सकता है।