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12 याचिकाओं पर बहस के बाद कोर्ट ने रखा आदेश सुरक्षित, पक्षकार तय होंगे

अजमेर अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर जिला कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार (2 मई) को जिला न्यायालय में सुनवाई हुई. इस दौरान सभी पक्षों ने अपने-अपने दावे के समर्थन में कानूनी तर्क और दस्तावेज पेश किए. हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के पदाधिकारियों द्वारा याचिका दायर की गई है. सुनवाई के दौरान करीब 12 अलग-अलग याचिकाओं पर बहस हुई, जिनमें कई पक्षकारों ने खुद को इस मामले में शामिल करने की मांग की. मामले से जुड़ी 12 याचिकाओं पर बहस के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया है. अब तय होगा- केस में पक्षकार कौन? हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने बताया, "अदालत ने सभी नई अर्जियों पर सुनवाई की और सभी पक्षों को विस्तार से सुना. अब देखते हैं कौन पक्षकार बनता है और किसे खारिज कर दिया जाता है." मामले में याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि कई याचिकाओं का विरोध किया गया है, क्योंकि उनमें पर्याप्त तथ्य और आधार नहीं हैं. अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के दावे को लेकर दायर याचिका पर शनिवार को जिला न्यायालय में विस्तृत सुनवाई हुई। याचिका हिंदू सेना और महाराणा प्रताप सेना के अध्यक्षों द्वारा दायर की गई है। सुनवाई के दौरान दरगाह के दीवान और खादिमों ने भी पक्षकार बनने की मांग की। महाराणा प्रताप सेना ने भी पेश की याचिका विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि 2 मई का दिन बहुत महत्वपूर्ण रहा और हमारे पक्ष के लिए खासा अहम रहा. अधिवक्ता के मुताबिक, एक याचिकाकर्ता फरार है और उसके खिलाफ नॉन-बिलेबल वारंट जारी है. एक याचिकाकर्ता ऐसे भी थे जो वादी पक्ष का सहयोग करना चाहते थे- जैसे महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह, लेकिन वे तथ्यों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं कर सके. दरगाह की ओर से भी आवेदन पेश दरगाह के दीवान और खादिमों की ओर से भी पक्षकार बनने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया. अधिवक्ता सिद्धार्थ ने कहा, "मैंने दरगाह दीवान साहब की ओर से पक्षकार बनाए जाने के प्रार्थना पत्र की पैरवी की थी. सभी अर्ज़ियों को सुनकर कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखा है. उम्मीद है कि आगामी तारीख पर सुनाया जाएगा." अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सभी आवेदनों पर विचार करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और अगली सुनवाई में फैसला सुनाया जा सकता है. वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप सेना की ओर से राजवर्धन सिंह परिहार मुख्य याचिकाकर्ता हैं. इस मामले में अन्य लोगों ने भी आवेदन लगाए थे.

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ रुपए स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर  महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा। राज्य में संचालित “मोर गांव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।           भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

नगर निगम की सख्ती: पानीपत में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

 पानीपत  नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। यह वीडियो भी देखें कॉलोनियों में की गई कार्रवाई     पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।     जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।     कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।  

पुलिस घेराबंदी के दौरान बड़ा हादसा: तस्करों की गोलीबारी में युवक की जान गई

अंबाला हरियाणा के अंबाला जिले के पंजोखरा थाना क्षेत्र में टुंडला के पास देर रात करीब दो बजे उस समय सनसनी फैल गई, जब गौ-तस्करों ने पुलिस से बचने के प्रयास में दो बाइक सवार युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में गरनाला निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (25) की आंख पर गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक किसी तरह जान बचाने में सफल रहा। पुलिस द्वारा गौ-तस्करी की सूचना के बाद घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन में सवार तस्कर पुलिस से बचने के लिए तेजी से भाग रहे थे। घबराहट में उन्होंने रास्ते में आ रहे दो युवकों को पुलिसकर्मी समझ लिया और बिना कुछ सोचे-समझे उन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां सीधे गुरप्रीत सिंह को जा लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, दूसरा युवक इस हमले में सुरक्षित बच निकला और उसने ही घटना की सूचना पुलिस को दी। बताया जा रहा है कि तस्कर थोड़ी दूरी पर गाय और भैंस से लदी पिकअप को छोड़कर मौके से फरार हो गए। वाहन में करीब तीन तस्कर सवार थे। पुलिस ने पिकअप को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में दहशत इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। दिन-रात सक्रिय रहने वाले तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, घटनास्थल से सबूत जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।  

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है। मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने  निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

3 मई को नीट छात्रों के लिए दो स्पेशल ट्रेनें, हजारों परीक्षार्थियों को राहत

चूरू  देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर रेलवे ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनजऱ उत्तर पश्चिम रेलवे ने खास तौर पर दो अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है, जिससे हजारों छात्रों को आवागमन में राहत मिलेगी। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, ये ट्रेनें खास तौर पर उन छात्रों के लिए चलाई जा रही हैं जो परीक्षा केंद्र तक समय पर पहुंचने में दिक्कत महसूस करते हैं। नीट छात्रों के लिए स्पेशल ट्रेन दरअसल, तीन मई को होने वाली नीट छात्रों के लिए रेलवे की ओर से सौगात दी गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे मंडल सीपीआरओं अमित सुदर्शन ने बताया कि नीट परीक्षा को देखते हुए फिलहाल छात्रों की सुविधा के लिए राजाधानी जयपुर से अलवर और शेखावाटी अंचल के चूरू से जयपुर अनारक्षित नीट एग्जाम स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन करने का ऐलान किया गया है। दो ट्रेनें परीक्षा वाले दिन तीन मई को संचालित होगी जिससे नीट छात्रों को आवगमन में बड़ी राहत मिलेगी। बताया जा रहा है कि शनिवार को दिन में नीट छात्रों के मद्देनजर राजस्थान के अन्य इलाकों के बीच भी परीक्षा एग्जाम स्पेशल चलाने की घोषणा की जा सकती है। एग्जाम स्पेशल ट्रेनों का संचालन और रूट     3 मई, रविवार को चलेगी चूरू से वाया सीकर होकर जयपुर स्पेशल ट्रेन (09717) यह ट्रेन शेखावाटी क्षेत्र के छात्रों के लिए खुशखबरी के रुप में है। यह ट्रेन चूरू से सुबह 06:10 बजे चलेगी जो सीकर सुबह 08:15 बजे बजे पहुंचेगी और दस मिनट के ठहराव के बाद 08:20 बजे आगे के स्टेशनों के लिए प्रस्थान कर जाएगी। यह ट्रेन रास्ते में विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव करती हुई रेलवे स्टेशन जयपुर सुबह 11:00 बजे पहुंचेगी इन स्टेशनों पर करेगी ठहराव यह ट्रेन बिसाऊ, रामगढ़ शेखावाटी, फतेहपुर शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़, सीकर, पलसाना, रींगस, गोविंदगढ़, चौमूं सामोद, ढेहर का बालाजी जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। 12 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 10 साधारण कोच होंगे, जिससे अधिक से अधिक छात्र सफर कर सकेंगे। परीक्षा देकर लौटने वाले छात्रों के लिए को भी राहत तीन मई को ही चलने वाली यह ट्रेन राजधानी जयपुर, दौसा सहित मत्स्य क्षेत्र के उन छात्रों के लिए राहतवाली साबित होगी जो दिन में एग्जाम देकर वापस अपने गंतव्य की ओर रेल सेवा मार्ग का लाभ उठाना चाहेंगे। जानकारी के अनुसार यह ट्रेन राजधानी जयपुर जंक्शन से शाम 07:10 बजे रवाना होगी जो दौसा रात 08:22 बजे पहुंचेगी। यहा चार मिनट का ठहराव 08:24 बजे आगे के स्टेशनों के प्रस्थान कर जाएगी। रास्ते में तय स्टेशनों पर ठहराव करते हुए रात 10:55 बजे अलवर स्टेशन पहुंचेगी।     इन स्टेशनों से होकर चलेगी यह ट्रेन     यह ट्रेन जयपुर जंक्शन से चलकर रास्ते में गांधीनगर जयपुर, जगतपुरा, खातीपुरा, बस्सी, दौसा, बांदीकुई, बसवा, राजगढ़, मालाखेड़ा स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें भी 12 कोच (10 साधारण + 2 गार्ड) होंगे। रोडवेज बसों में तो फ्री यात्रा यहा आपको बताते चले कि राजस्थान सरकार ने तो तमाम प्रतियोगी छात्रों को बजट में प्रावधान रखकर Rajasthan State Road Transport Corporation यानि रोडेवज की बसों में पहले से परीक्षा से 1 दिन पहले और 1 दिन बाद तक सिर्फ एडमिट कार्ड दिखाकर मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का नियम बना रखा है। ऐसे में नीट छात्रों को घोषित समय अवधि में लाभ मिलने की बात कही जा रही हैं। जबकि परीक्षा स्पेशल ट्रेनों में परीक्षार्थी को टिकट लेकर सफर करना होगा।  

लुधियाना में बिजली समस्या का समाधान, Powercom ने बदली केबल व्यवस्था; लाइन फाल्ट से मिलेगी राहत

लुधियाना. पिछले करीब 23 महीनो से बिजली की समस्याओं से जूझ रहे शहर वासियों को बड़ी राहत नसीब हुई है। दरअसल, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की अग्र नगर डिवीजन के अंतर्गत पड़ते विभिन्न इलाकों में अक्सर बिजली का ग्रिड फेल और जमीन के नीचे बिछी तारों के जाल में फॉल्ट की समस्या होती थी.  फॉल्ट पड़ने के कारण अग्र नगर, डी.सी कांप्लेक्स, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, फाउंटेन चौक आदि इलाकों में बसे लाखों परिवारों को कई कई दिनों तक बिजली की सप्लाई नहीं शुरू होने के कारण पीने वाले पानी की बूंद बूंद के लिए तरसने पड़ रहा है लेकिन अब पावर कॉम द्वारा करीब 4 करोड रु. लागत से बिजली के अंडरग्राउंड लाइनों को ओवरहेड कर लोगों की समस्या का समाधान निकल लिया गया है. सभी  इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन की अग्र नगर डिविजन में लगभग आधे शहर को बिजली की सप्लाई दी जा रही है जिनमें शहर के पोश कमर्शियल इलाके रख बाग, कॉलेज रोड सिविल लाइन, मल्हार रोड, फाउंटेन चौक, घुमार मंडी और फिरोजपुर रोड के बाजार मुख्य रूप से शामिल है l जहां पर केवल पंजाब ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग विवाह शादियों के लिए कपड़ों, सोने के गहनों, मेकअप का सामान और मिठाइयां आदि खरीदने के लिए आते हैं त्योहार और विवाह शादियों के सीजन में यहां पर रोजाना करोड़ों रु. का कारोबार होता है लेकिन अग्र नगर डिवीजन में बिजली का फाल्ट पड़ने से उक्त सभी  इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होकर रह जाता है जिससे न केवल औद्योगिक नगरी की कारोबारी कमर टूट कर रह जाती है बल्कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाएं ठप पड़ने से आम जनता की मुसीबतें भी आसमान छूने लगती है. आम जनता में सरकार की जमकर किरकिरी 14 जून 2024 को जब भयानक गर्मी के कारण आसमान से आग बरस रही थी तब सिविल लाइन बिजली का ग्रिड फेल होने के कारण शहर का आधा हिस्सा करीब चार दिनों तक अंधेरे में डूबा रहा जिसके कारण लोगों का जीवन मानो रुक सा गया बिना बिजली के लोगों को पीने वाले पानी, इंटरनेट सेवाओं, मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने सहित इनवर्टर और जनरेटर आदि सब कुछ खत्म होकर रह गया और लोग आदिवासियों इलाकों जैसा जीवन जीने को मजबूर हो गए थे l जिसके कारण लोगों का गुस्सा फूट उठा और इलाका निवासियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया और इस गंभीर मुद्दे को लेकर विपक्षीय पार्टियों के नेताओं ने भी सरकार को घेरते हुए सिस्टम को फेल बताया l वही पंजाब केसरी द्वारा आम जनता के हक में उठाई गई आवाज के बाद मौके पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन के डायरेक्टर कई चीफ इंजीनियरो और उच्च अधिकारियों सहित करीब 200 कर्मचारियों की टीम जिसमें दिल्ली से बुलाई गई विशेष टीम भी शामिल रही को बिजली का फाल्ट ढूंढने के लिए कई दिनों तक पसीना बहाना पड़ा और आखिरकार चार दिनों बाद इलाके में बिजली की सेवाएं फिर से बहाल हो पाई थी जिसके कारण आम जनता में सरकार की जमकर किरकिरी हुई. क्या कहते हैं अधिकारी  पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन की अग्र नगर डिवीजन में तैनात एक्सियन राजेश शर्मा ने दावा किया कि इलाके में बिजली की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा बिजली की अंडरग्राउंड केबल को ओवरहेड कर दिया गया है ताकि जब कभी बिजली का फाल्ट पड़े तो आसानी से समस्या का समाधान किया जा सके और आम जनता को किसी तरह की परेशानी ना करनी पड़े उन्होंने बताया 1 मई की देर शाम को सारे सिस्टम को अमली जामा पहनाने संबंधी सारा काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है.

प्रदेश में 43 लाख से ज्यादा 1 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के उपभोक्ता

लखनऊ  योगी सरकार ने बीते दिनों बिजली उपभोक्ताओं, खासकर लोवर और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था में अहम बदलाव किए थे। योगी सरकार ने 1 किलोवाट तक के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का बैलेंस समाप्त होने के बाद भी उनकी बिजली आपूर्ति 30 दिनों तक जारी रखने का फैसला लिया था। सरकार के इस फैसले से कम लोड वाले करीब 67 लाख से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है। इसमें 43 लाख से ज्यादा  1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत मिली है। 1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दरअसल प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद सभी उपभोक्ताओं को केवल 3 दिन का ही समय मिलता था, जिसके बाद बिजली स्वतः कट जाती थी। इससे खासकर 1 और 2 किलोवाट के घरेलू उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए योगी सरकार ने बीते दिनों 1 किलोवाट और 2 किलोवाट वाले घरेलू उपभोक्तओं को राहत देने का फैसला लिया था। सरकार के फैसले के बाद अब 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले घरेलू उपभोक्ताओं का बैलेंस खत्म होने के बाद भी उनकी बिजली तुरंत नहीं कटेगी। 30 दिन तक नहीं कटेगी बिजली नए प्रावधान के तहत ऐसे उपभोक्ताओं को 30 दिनों की अतिरिक्त मोहलत दी जाएगी। इस अवधि के दौरान घरेलू उपभोक्ता अपना बैलेंस रिचार्ज कर सकते हैं और बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि अगर उपभोक्ता 30 दिनों के भीतर भी अपना बैलेंस ठीक नहीं करते हैं, तो इसके बाद बिजली आपूर्ति स्वतः बंद कर दी जाएगी। इसी तरह 1 किलोवाट से अधिक और 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को भी इमरजेंसी क्रेडिट की सुविधा दी गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को कम से कम 3 दिन या 200 रुपए तक के नेगेटिव बैलेंस (जो बाद में हो) तक बिजली मिलती रहेगी।  2 किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 रुपए तक निगेटिव बैलेंस पर भी कनेक्शन चालू उदाहरण के तौर पर अगर बैलेंस खत्म होने के 3 दिन बाद तक उपभोक्ता का बैलेंस माइनस 100 रुपए है, तो बिजली जारी रहेगी। लेकिन जैसे ही बैलेंस माइनस 200 रुपए तक पहुंच जाएगा और रिचार्ज नहीं कराया गया, तो ऐसा कनेक्शन स्वतः कट जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 67 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जिसमें 43 लाख 17 हजार के लगभग 1 किलोवाट घरेलू कनेक्शन के उपभोक्ता हैं और 24 लाख 51 हजार के लगभग 2 किलोवॉट घरेलू कनेक्शन के बिजली उपभोक्ता हैं।  इस्तेमाल की गई बिजली का बिल अगले रिचार्ज में होगा समायोजित नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी क्रेडिट अवधि के दौरान उपभोग की गई बिजली की राशि अगले रिचार्ज से स्वतः कट जाएगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे UPPCL Smart ऐप के माध्यम से अपना मौजूदा बैलेंस और अनुमानित खपत देखते हुए समय पर रिचार्ज कराएं। साथ ही सरकार ने उपभोक्ता सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए एक और अहम प्रावधान किया है। अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 अनिवार्य एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे। ताकि उन्हें समय रहते रिचार्ज करने का अवसर मिल सके। इस तरह उपभोक्ताओं को समय-समय पर लो बैलेंस की सूचना दी जाती रहेगी। रविवार, दूसरे शनिवार और छुट्टियों में नहीं कटेगी बिजली नई व्यवस्था में कुछ विशेष समय भी निर्धारित किए गए हैं, जिनमें बिजली नहीं काटी जाएगी। शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा रविवार, दूसरे शनिवार और सभी सार्वजनिक अवकाश पर बिजली सप्लाई जारी रहेगी। भले ही बैलेंस समाप्त या नेगेटिव ही क्यों न हो। हालांकि इस दौरान इस्तेमाल की गई बिजली का भुगतान अगले रिचार्ज में स्वतः कट जाएगा। गौरतलब है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रणाली है, जो मोबाइल के प्रीपेड सिस्टम की तरह काम करती है पहले रिचार्ज करें, फिर उपयोग करें।

श्रेयस अय्यर बनाम शुभमन गिल: पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस की टक्कर पर नजरें

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 46वें मैच में गुजरात टाइटंस (GT) का सामना पंजाब किंग्स (PBKS) से 3 मई को होगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली PBKS ने अब तक 6 मैच जीते हैं और एक में शिकस्त झेली है। वहीं, शुभमन गिल के नेतृत्व वाली GT ने 5 मुकाबले जीते हैं और 4 में हार झेली है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच बराबरी का रहा है मुकाबला IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 7 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान GT को 3 मैच में जीत मिली है। 4 मैच PBKS ने अपने नाम किए हैं। IPL 2026 में दोनों टीमों के बीच ये दूसरा मुकाबला होगा। पहला मैच PBKS ने 3 विकेट से अपने नाम किया था। IPL 2025 में दोनों के बीच एक मैच हुआ था और उसे भी PBKS ने 11 रन से जीता था। ऐसी हो सकती है GT की प्लेइंग इलेवन GT ने अपने पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 4 विकेट से हराया था। टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर RCB को सिर्फ 155 रन पर ऑलआउट कर दिया था। GT इसी प्रदर्शन को PBKS के खिलाफ भी दोहराना चाहेगी। कप्तान शुभमन गिल से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), जेसन होल्डर, शाहरुख खान, वाशिंगटन सुंदर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और मानव सुथार। इस संयोजन के साथ उतर सकती है PBKS PBKS को अपने आखिरी मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में वह उस हार को भूलाकर GT के खिलाफ जोरदार वापसी करने को देखेगी। शानदार फॉर्म में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर से एक ताबड़तोड़ पारी की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कॉनॉली, सूर्यांश शेडगे, नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसेन, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर PBKS: विष्णु विनोद, विजयकुमार वैशाक, जेवियर बार्टलेट, हरप्रीत बरार और मुशीर खान। GT: राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, निशांत सिंधु और कुलवंत खेजरोलिया। कैसा है नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच का मिजाज? नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में काली और लाल मिट्टी की अलग-अलग पिचें हैं। लाल मिट्टी की पिचें काली मिट्टी की तुलना में तेज गेंदबाजों को अधिक सहायता प्रदान करती हैं। यहां बल्लेबाजों को आमतौर पर रन बनाना आसान रहता है। हालांकि, शुरुआती कुछ ओवर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। काली मिट्‌टी की पिच पर उछाल सामान्य होता है, लेकिन स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में यहां पहली पारी का औसत स्कोर 179 रन है। ऐसा रहेगा अहमदाबाद का मौसम एक्यूवेदर के मुताबिक, 3 मई को अहमदाबाद में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें GT के लिए सुदर्शन ने पिछले 10 मैचों में 40.8 की औसत से 408 रन बनाए हैं। गिल के बल्ले से पिछले 9 मैचों में 374 रन निकले हैं। PBKS के लिए श्रेयस ने पिछले 10 मैच में 180.45 की स्ट्राइक रेट से 397 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में रबाडा ने पिछले 9 मैच में 9.66 की इकॉनमी से 14 विकेट लिए हैं। PBKS से चहल ने पिछले 9 मैचों में 9.61 की इकॉनमी से 9 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RCB और PBKS के बीच यह मुकाबला 3 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

889 ऑफलाइन शिकायतों का भी किया गया समाधान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं और शिकायत निवारण व्यवस्था आम जनता के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी हैं। खासकर आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल के जरिए शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण ने प्रशासनिक कार्यशैली में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। इससे न केवल लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो रहा है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों पर विभाग सक्रिय समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज 9604 शिकायतों में से 8896 यानी 92.6 प्रतिशत मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। यह उपलब्धि विभाग की कार्यकुशलता और जवाबदेही को दर्शाती है। वहीं, ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भी विभाग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले दो वर्षों में आई 1035 शिकायतों में से 889 का समाधान कर 85.9 प्रतिशत की सफलता दर हासिल की गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योगी सरकार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति पर विशेष फोकस सरकार द्वारा संचालित वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है। इससे बुजुर्गों और छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है, जो उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा प्रदान कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए ये योजनाएं काफी सहायक साबित हो रही हैं। विभाग की कोशिश है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ पाने में देरी या परेशानी का सामना न करना पड़े। जरूरतमंदों तक सीधे पहुंच रही मदद समाज कल्याण विभाग की सक्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले एक वर्ष में 3168 जरूरतमंदों तक सीधी सहायता पहुंचाई गई है। वहीं, केवल पिछले चार महीनों में ही 991 लोगों का समाधान कर विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक रूप से लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और जवाबदेही डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग ने शिकायत दर्ज करने और उसके निस्तारण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसकी प्रगति की निगरानी भी कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हुई है। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया के चलते ग्रामीण इलाकों से जुड़ाव रखने वाले लोग लिखित शिकायत कर अपनी समस्याओं का समाधान करवा रहे हैं।