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मुख्यमंत्री ने 295 करोड़ से अधिक लागत वाली 319 परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

गोरखपुर मुख्यमंत्री ने गांधी इंटर कॉलेज, महुआपार बड़हलगंज में शनिवार को 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह धरा मां सरयू के आंचल में है। यहां के नौजवानों ने हर जगह अपनी प्रतिभा व परिश्रम का लोहा मनवाया है। एक समय बाढ़ की त्रासदी और कनेक्टिविटी के अभाव में क्षेत्र के लोग पलायन करते थे। आजीविका के लिए विदेश जाना पड़ता था, लेकिन अब यहां के नौजवान को बाहर नहीं जाना होगा। उसे यहीं रोजगार के ढेर सारे अवसर मिलेंगे। अब आपके द्वारा चुने गए विधायक-सांसद डबल इंजन सरकार की ताकत का इस्तेमाल करते हुए विदेश के लोगों को चिल्लूपार में काम करने का अवसर देने जा रहे हैं। विदेशी लोग यहां आकर चाकरी करेंगे। सीएम ने विश्वास जताया कि विकास व विरासत की यात्रा के साथ चिल्लूपारवासी बिना रुके-बिना झुके निरंतर आगे बढ़ेंगे।  सीएनजी-एथेनॉल ने बंद नहीं होने दिया काम सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने धुरियापार में बंद पड़ी चीनी मिल की खाली जमीन पर सीएनजी का प्लांट लगवाया। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुनिया में संकट है, लेकिन सीएनजी-एथेनॉल के कारण हमारे यहां काम बंद नहीं हुआ। ऊर्जा में आत्मनिर्भर अमेरिका में भी महंगाई चार गुना हो गई है। वहां 100 रुपये की वस्तु 400 रुपये में मिल रही है, लेकिन भारत में महंगाई नियंत्रित है। धुरियापार में लगने जा रही सीमेंट फैक्ट्री सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नया भारत गरीब कल्याण, विकास व सुरक्षा का बेहतरीन माहौल देते हुए माफिया को मिट्टी में भी मिलाता है। एक समय रामजानकी मार्ग पर आवागमन ठप होता था। उपचार के लिए लखनऊ जाने को मजबूर होना पड़ता था। कनेक्टिविटी, रोडवेज बस व अन्य साधन तक नहीं थे। जैसे-तैसे व्यवस्था चल पाती थी, लेकिन आज कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। 2017 के पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि धुरियापार में इंडियन ऑयल का सीएनजी प्लांट लगेगा या सहजनवां का गीडा आ पाएगा। अब हम यहां ग्रेटर गीडा बनाने जा रहे हैं। अभी से हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव आ गए हैं, जिन्हें हमें उद्योग के रूप में स्थापित करना है। इसमें सीमेंट की फैक्ट्री धुरियापार में लगने जा रही है। पावर प्लांट, आधुनिक पेंट व अत्याधुनिक डिस्टलरी भी स्थापित होगी, जहां मॉडर्न मेडिसिन, एलोपैथिक दवा भी बनेगी। यहां भारी पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव आ रहे हैं।  राजेश त्रिपाठी जितने प्रस्ताव देंगे, सरकार स्वीकृत करेगी  सीएम ने कहा कि विधायक राजेश त्रिपाठी जितने भी प्रस्ताव देंगे, सरकार उन्हें स्वीकृत करेगी। राजेश त्रिपाठी ने यहां होमियोपैथिक कॉलेज स्वीकृत कराया था, उस समय काम बढ़ा, लेकिन सपा सरकार ने आते ही काम रोक दिया। उस समय चुने गए लोगों ने कान में तेल डालकर इसे अनसुना कर दिया था। 2017 में सरकार आने पर राजेश जी इस काम के लिए रोज मिलते थे। आज इस विधानसभा क्षेत्र में आयुष के डॉक्टर बन रहे हैं। चिल्लूपार ट्रेडिशनल मेडिसिन का नया केंद्र बन रहा है। जितनी फास्ट कनेक्टिविटी-उतनी तेज प्रगति सीएम योगी ने बताया कि मैंने जलशक्ति मंत्री से कहा है कि बाढ़ बचाव के लिए जो भी प्रस्ताव आएंगे, उन समस्याओं का समाधान होना चाहिए। सीएम ने कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि यह जितनी फास्ट होगी, प्रगति उतनी तेज गति से बढ़ेगी। प्रगति होगी तो नौजवान को पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में नौकरी व रोजगार मिलेगा, यही देश में डबल इंजन सरकार के कार्यों की पहचान है। गीडा यहीं आ रहा है, यहां के नागरिकों के लिए रोजगार के ढेर सारे अवसर बढ़ेंगे। नौजवानों को बाहर नहीं जाना होगा। चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र से अब बेहतर कनेक्टिविटी सीएम योगी ने कहा कि चिल्लूपार अब विकास की प्रक्रिया से जुड़ा है। एक तरफ लखनऊ को जोड़ने के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे तो दूसरी तरफ गोरखपुर-वाराणसी को जोड़ने वाला फोरलेन का नेशनल हाइवे है। इस विधानसभा क्षेत्र से कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। यहां से तीन घंटे में लखनऊ, दो घंटे में वाराणसी, आधे-पौने घंटे में गोरखपुर पहुंच जाएंगे।  सांसद कमलेश पासवान व विधायक राजेश त्रिपाठी ने तेज की विकास प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने विपरीत मौसम के बावजूद कार्यक्रम में आए आमजन के हौसले को सलाम किया और कहा कि आपके उत्साह को देखते हुए आंधी-तूफान भी थम गया। कल्याण चाहने वालों को डबल इंजन सरकार के साथ चलना होगा। सांसद कमलेश पासवान व विधायक राजेश त्रिपाठी ने मिलकर विकास की प्रक्रिया को तेज किया। विकास की हर योजना चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में आ रही है। यह क्षेत्र अब विकास से वंचित नहीं रहेगा। विकास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़े, यही यूपी की पहचान है।  कमल पर वोट देते हैं तो तर जाती है पीढ़ी दर पीढ़ी सीएम ने कहा कि आप कमल पर वोट देते हैं तो पीढ़ी दर पीढ़ी तर जाती है। 500 वर्ष पहले जिस अयोध्या धाम में हम सभी अपमानित हुए थे, वहां लगातार आंदोलन चलता रहा। संघर्ष का सिलसिला थमा नहीं, लेकिन जब मोदी जी पीएम बने और यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन गया। यह काम कांग्रेस या सपा नहीं कर पाती।  जब विधायक ही ठेका-पट्टा करेगा तो क्या होगा  सीएम ने कहा कि जो लोग आस्था-महापुरुषों को सम्मान, विकास की योजनाएं, नौजवान को रोजगार, उद्योग-धंधे नहीं ला सकते, बेटी-बहन को सुरक्षा, बाढ़ की समस्या का समाधान और सड़कों का निर्माण नहीं कर सकते, ऐसे लोगों को नहीं चुनना चाहिए। जब गलत व्यक्ति को चुनते हैं तो अपने ऊपर बोझ व कलंक का ठप्पा लगाते हैं। उत्तर प्रदेश के साथ यही होता था, गलत लोग चुनकर जाते थे तो जनता का पैसा कुछ लोगों के ही विकास में लगता था। नौकरी में सेंध लगती थी। नौजवानों को नौकरी नहीं मिलती थी। पैसे का लेनदेन शुरू हो जाता था। ठेके पट्टे के लिए मारपीट होने लगती थी। जब विधायक स्वयं ठेका करेगा तो क्या होगा, यह बताने की आवश्यकता नहीं। गोरखपुर के 800 से अधिक नौजवान पुलिस में भर्ती सीएम ने कहा कि पुलिस भर्ती में चिल्लूपार और गोरखपुर के भी लगभग 800 से अधिक नौजवान शामिल थे। आज सरकारी सेवाओं में गोला, बड़हलगंज, गगहा, बांसगांव, खजनी, सिकरीगंज, चौरीचौरा, पिपरौली, सहजनवा, पाली से भी नौजवानों … Read more

16 जून 2026 से ही प्रारंभ होगा शैक्षणिक सत्र 2026-27

रायपुर संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र  दिनांक 12 जून 2026 के अनुसार राज्य की समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित की जा रही यह सूचना कि शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा, पूर्णतः असत्य, भ्रामक तथ्यों से परे एवं फर्जी है।           लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों के संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है। अतः विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।

पहले वनडे में भारतीय टीम का दमदार प्रदर्शन, अफगानिस्तान पर आसान जीत

धर्मशाला  भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में धमाकेदार शुरुआत की है। बारिश से प्रभावित मुकाबले में अफगानिस्तान ने गुरबाज की शतकीय पारी की बदौलत 25 ओवर में 194 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम ने 13 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। भारत ने पहले वनडे में 22.5 ओवर में तीन विकेट खोकर 195 रन बनाए। टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। अफगानिस्तान के लिए जिया उर रहमान और राशिद खान ने 1-1 विकेट लिया। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला धर्मशाला के मैदान पर खेला जा रहा है। अफगानिस्ता ने बारिश से प्रभावित मैच में भारत के सामने 195 रनों का टारगेट रखा है। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई है। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 46 रन की साझेदारी हुई। रोहित रन आउट हुए। उन्होंने 16 गेंद में 16 रन बनाए। ईशान किशन ने 22 गेंद में 34 रन बनाए। श्रेयस अय्यर ने 15 गेंद में 12 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने 66 गेंद में 11 चौके और दो छक्के की मदद से 84 रन बनाए। केएल राहुल ने 19 गेंद में नाबाद 39 रन बनाए। भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी और अफगानिस्तान को 24.5 ओवर में 194 रनों पर समेट दिया। भारत की ओर से डेब्यूटेंट हर्ष दुबे और गुरनूर बराड़ ने तीन-तीन विकेट चटकाए। अर्शदीप सिंह और नीतीश कुमार रेड्डी ने दो-दो विकेट लिए। बारिश के कारण टॉस में तीन घंटे 45 की देरी हुई, जिसकी वजह से मैच 25-25 ओवर का कर दिया गया। अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही। अफगानिस्तान ने पांच ओवर के पावरप्ले में 27 रन जोड़े और तीन विकेट गंवाए। गुरनूर ने दूसरे ओवर में इब्राहिम जादरान (1) का शिकार किया। अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर में सेदिकुल्लाह अटल (0) और पांचवें ओवर में रहमत शाह (4) को अपने जाल में फंसाया। गुरबाज ने ऐतिहासिक शतक ठोका इसके बाद, रहमानुल्लाह गुरबाज ने मोर्चा संभाला और ऐतिहासिक शतक जमाया। उन्होंने 51 गेंदों में 8 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 102 रनों की पारी खेली। उन्होंने 48 गेंदों में शतक कंप्लीट किया। वह अफगानिस्तान के लिए सबसे तेज वनडे शतक लगाने वाले प्लेयर बन गए हैं। गुरबाज ने कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी के संग चौथे विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी की। गुरबाज को नीतीश कुमार रेड्डी ने 16वें ओवर में बोल्ड किया। हर्ष दुबे ने 17वें ओवर में शाहिदी को आउट किया। कप्तान ने 30 गेंदों में 27 रन बटोरे, जिसमें तीन चौके हैं। हर्ष ने 22वें ओवर में अजमतुल्लाह उमरजई (16 गेंदों में 26) और अल्लाह गजनफर (0) को पवेलियन की राह दिखाई। गुरनूर ने 25वें ओवर में राशिद खान (13 गेंदों में 9) और जिया उर रहमान शरीफी (4) को आउट कर अफगानिस्तान की पारी को समेटा। हम्मद सलीम सफी एक रन बनाकर नाबाद रहे। रोहित शर्मा ने रचा इतिहास टीम इंडिया इस सीरीज से अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर रही है। भारत की कमान शुभमन गिल के पास है जबकि अफगानिस्तान की बागडोर हशमतुल्लाह शाहिदी के हाथों में हैं। दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा पर सभी की नजरें रहेंगी। सीरीज में 'हिटमैन' की मैच फिटनेस की परीक्षा होगी। उन्हें आईपीएल के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव के कारण कई मैचों में बाहर बैठना पड़ा था। वह साथ ही मैदान पर उतरते ही भारत के लिए खेलने वाले सबसे उम्रदार खिलाड़ी बन गए हैं। रोहित 39 साल और 44 दिन के हैं। उन्होंने मोहिंदर अमरनाथ (29 साल और 36 दिन) का 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला। स्टार क्रिकेटर विराट कोहली और हार्दिक पांड्या अनफिट होने के कारण सीरीज से बाहर हैं। भारत: 195/3 (22.5 ओवर) अफगानिस्तान: 194/10 (24.5 ओवर) भारत की प्लेइंग XI: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा। अफगानिस्तान की प्लेइंग XI: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, अल्लाह गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बढ़ रही किसानों की आय, आत्मनिर्भर बन रहे मत्स्यपालक

रायपुर  छत्तीसगढ़ में कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने मत्स्य क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खोली हैं। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं और अनुदान आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के हजारों मत्स्यपालक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मत्स्य पालन आज केवल परंपरागत व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के लिए आय और रोजगार का एक सशक्त साधन बन चुका है। शासन की योजनाओं से छोटे और सीमांत किसानों को भी मत्स्य व्यवसाय अपनाने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। जशपुर में मत्स्य उत्पादन का नया कीर्तिमान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले ने पिछले 22 महीनों में 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि हजारों किसानों और मत्स्यपालकों की आय में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मत्स्य विभाग के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय तथा 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। सात हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला लाभ जिले में ग्रामीण स्तर पर 77.67 हेक्टेयर तालाबों तथा 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके साथ ही नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा तथा विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के माध्यम से सात हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इन प्रयासों से मत्स्यपालकों को व्यवसाय विस्तार और बेहतर आय अर्जित करने में सहायता मिल रही है। आधुनिक तकनीक से बढ़ रही उत्पादकता प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत तालाब निर्माण, पौंड लाइनर, बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना और अन्य आधुनिक मत्स्य संरचनाओं के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इससे मत्स्य उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धतियों को बढ़ावा मिला है और उत्पादन लागत कम होने के साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है। प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा नया ज्ञान मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन भ्रमण कार्यक्रमों के माध्यम से किसान और स्वयं सहायता समूहों के सदस्य वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तालाब एवं बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण तथा विपणन की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे मत्स्य व्यवसाय अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रहा है। आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में मजबूत कदम प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य उत्पादन, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मत्स्य क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

लैपटॉप से लेकर निःशुल्क शिक्षा तक, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) बनी बच्चों का मजबूत सहारा

लखनऊ कोविड महामारी में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए योगी सरकार अभिभावक की भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत अनाथ और बेसहारा बच्चों को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, बल्कि उनके बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। महिला कल्याण विभाग के द्वारा सरकार 8085 बच्चों को लैपटॉप वितरित कर उन्हें डिजिटल शिक्षा से जोड़ चुकी है। डिजिटल युग में यह पहल बच्चों के लिए ज्ञान और अवसरों के नए द्वार खोल रही है। इससे वो ऑनलाइन अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और तकनीकी दक्षता हासिल करने में सक्षम हो रहे हैं। वहीं 11 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा 12 तक निःशुल्क प्रदान कर रही हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह उसकी शिक्षा जारी रखने के लिए 14 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता भी दी जा रही है। यह पहल बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रही है। निःशुल्क शिक्षा के साथ आर्थिक संबल योगी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी बच्चा अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़े। योजना के अंतर्गत 11 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक पात्र बच्चे को 14 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। यह सहायता बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी शैक्षिक संसाधन जुटाने में मदद मिलती है। सरकार का यह प्रयास सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा के समन्वित मॉडल के रूप में सामने आया है। प्रतिस्पर्धी माहौल से जुड़ रहे बच्चे लैपटॉप वितरण और आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं के माध्यम से बच्चों को प्रतिस्पर्धी माहौल से जोड़ने की दिशा में भी प्रभावी कार्य किया जा रहा है। शिक्षा आधारित यह मॉडल बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार कर रहा है। योगी सरकार का प्रयास है कि ये बच्चे आत्मनिर्भर बनेः निदेशक योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महामारी से प्रभावित कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। निःशुल्क शिक्षा, आर्थिक सहायता और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योगी सरकार का प्रयास है कि ये बच्चे आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को साकार कर सकें। इसलिए प्रदेश के सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पात्र बच्चों को समय पर लाभ प्रदान करने तथा ऐसे बच्चों का नियमित फॉलोअप लेकर उनके सम्पूर्ण विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सी. इंदुमती, निदेशक, महिला कल्याण विभाग

जुलाई माह में होगी कलेक्टर्स- एसपी कॉन्फ्रेंस

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर्स वीसी में 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। पुलिस प्रशासन परीक्षार्थियों के साथ सकारात्मक भाव से हर संभव सहयोग प्रदान करे। जिला स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रखी जाए तथा अफवाह फैलने की स्थिति में तत्काल वस्तुस्थिति से लोगों को अवगत कराया जाए। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 30 जिलों में नीट परीक्षा के लिए 283 सेंटर बनाए गए हैं। सर्वाधिक 57 केंद्र इंदौर में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मती द्रोपदी मुर्मू के प्रदेश में होने वाले दौरे के दृष्टिगत आवश्यकत तैयारियों के संबंध में भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई,  अनुपम राजन और  शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। जिलों की बनेंगी विकास पुस्तिकाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर विकास और जनकल्याण योजनाओं के संचालन की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। जुलाई माह में कलेक्टर्स-एसपी कांफ्रेंस भी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री अपने संबोधन में विस्तृत रूप से जिले की उपलब्धियां प्रस्तुत करेंगे। प्रभारी मंत्रियों के संबोधन से पहले राज्य स्तर से मुख्यमंत्री का संबोधन होगा। यह सभी जिलों में प्रसारित होगा। जिला स्तर की उपलब्धियों के प्रस्तुतिकरण से जिला स्तर पर संचालित विकास और जनकल्याण गतिविधियों का दस्तावेजीकरण होगा, इसकी तैयारी तत्काल आरंभ की जाए। इस आधार पर जिलों की विकास पुस्तिका बनेगी।  

200 बेड व अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बुजुर्गों को मिलेगा समर्पित इलाज, मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता व समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश

वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान परिसर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 200 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का स्थलीय निरीक्षण किया। सात मंजिला इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने बीएचयू प्रशासन के अधिकारियों को भी परियोजना की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों को समर्पित यह अत्याधुनिक ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ देश का तीसरा तथा उत्तर भारत का प्रमुख जरा (वृद्धावस्था) चिकित्सा केंद्र होगा। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। केंद्र में बुजुर्गों के लिए मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक (वृद्धावस्था चिकित्सा) ओपीडी संचालित की जाएगी। इसके अलावा मेमोरी क्लीनिक, गठिया (अर्थराइटिस) क्लीनिक समेत वृद्धावस्था से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस केंद्र में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी एवं जांच सुविधाएं, पुनर्वास सेवाएं, डे-केयर सेंटर, आईसीयू तथा प्राइवेट वार्ड की व्यवस्था भी होगी। इसके साथ ही यह संस्थान जरा चिकित्सा के क्षेत्र में क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। शैक्षणिक गतिविधियों के तहत यहां जेरिएट्रिक मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों और नर्सों को बुजुर्गों की विशेष देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। वरिष्ठ चिकित्सकों एवं सीनियर रेजिडेंट की सीटों में वृद्धि के साथ-साथ एमडी जेरिएट्रिक मेडिसिन की स्नातकोत्तर सीटें भी बढ़ाई जाएंगी। वृद्धावस्था संबंधी रोगों पर अनुसंधान, उपचार पद्धतियों का विकास तथा बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का कार्य भी इस केंद्र में किया जाएगा। नेशनल सेंटर फॉर एजिंग के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को एक ही छत के नीचे आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

गो संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता, योगी सरकार का विजन : छोटी लागत में बड़ी बचत कर सकेंगे ग्रामीण

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गो संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब गो सेवा को ग्रामीण समृद्धि और स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। प्रदेश में गांवों के एक लाख से अधिक घरों में मिनी बायोगैस प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इस पहल का उद्देश्य गो संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी घरेलू बचत बढ़ाना है।  योगी सरकार का विजन है कि ग्रामीण परिवार कम लागत में अपने घरों पर ही मिनी बायोगैस संयंत्र लगाकर रसोई गैस के खर्च में बड़ी कमी ला सकें। गो सेवा आयोग की इस योजना के अनुसार 25 हजार से 50 हजार रुपये की लागत में मिनी बायोगैस प्लांट स्थापित किए जा सकेंगे। इससे गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का उपयोग कर स्वच्छ ईंधन तो तैयार होगा ही साथ में किसानों को जैविक खाद भी बड़े पैमाने पर प्राप्त होगी। इसके साथ ग्रामीणों को रसायनमुक्त भोजन मिलेगा।  गो संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी। स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण आत्मनिर्भरता और गो पालन को एक साथ जोड़ने वाली इस पहल से गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। घरेलू खर्च में होगी बचत उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया है। आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योजना के लागू होने पर रसोईघरों में एलपीजी की खपत में भी कमी आएगी, जिससे घरेलू खर्च में उल्लेखनीय बचत होगी। उन्होंने बताया कि मिनी बायोगैस प्लांट के माध्यम से किसान बायोगैस तैयार करेंगे और उससे निकलने वाली स्लरी का उपयोग जैविक खाद के रूप में कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति इस योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार कम खर्च में अपने घरों पर संयंत्र स्थापित कर सकेंगे। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। साथ ही गो संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर गो पालकों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित होंगे। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल से उत्तर प्रदेश में ‘गो सेवा से समृद्धि’ का नया मॉडल विकसित हो रहा है, जहां गो संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ेंगे।

21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन

रायपुर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम "Yoga for Healthy Ageing" निर्धारित की गई है। स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें जशपुर जिले की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी। ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 को प्रातः 6:15 बजे से 7:35 बजे तक आयोजित ऑनलाइन योग सत्र के माध्यम से अधिकतम लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस विशेष पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। इच्छुक प्रतिभागी टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं। 21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। योग संगम पोर्टल पर कर सकते हैं पंजीयन आयुष मंत्रालय द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित कार्यक्रमों के पंजीयन एवं दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। विभिन्न शासकीय विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय एवं सामाजिक संगठन अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर आयोजन उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में योग कार्यक्रमों में भाग लेकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के राष्ट्रीय प्रयास में अपना योगदान दें तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने की ली ट्रेनिंग

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार शाम पुलिस मुख्यालय के भूतल पर सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रखते हुए आग पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया गया। अग्नि नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण में आधुनिक उपकरणों द्वारा आग बुझाने की मॉकड्रिल भी की गई। मॉकड्रिल के दौरान तरल पदार्थों में लगी आग को पुलिस के जवानों ने अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग से किस तरह आसानी से बुझाई जा सकती है, इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया। सुरक्षाकर्मियों ने आग को धुएं और लपटों से बचकर बुझाने का प्रशिक्षण प्राप्त कर आग बुझाने का अभ्‍यास भी किया। मॉकड्रिल में प्रमुख रूप से पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा इंचार्ज  मुकेश सैनी, निरीक्षक विजय नागले, पुलिस फायर स्टेशन भोपाल के एसआई  शिवनारायण शर्मा व उनकी टीम उपस्थित थी। इन उपकरणों का दिया प्रशिक्षण मॉकड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने में प्रयोग किए जाने वाले आधुनिक उपकरणों के संबंध में जानकारी दी गई। आग बुझाने के दौरान प्रयोग में आने वाले कलेक्टिंग ब्रिज, डिवाइडिंग ब्रिज, फायर मेन हेलमेट, फोम नोजल, अग्निशमन सिलेंडर एवं कॉर्टेज, टॉर्च, रिवॉल्विंग नोजल, यूनिवर्सल ब्रांच, न्यू लाइट(ब्रांच), ऑर्डनरी ब्रांच, एडॉफ्टर, जाली, फायर मेन एक्स, लॉक कटर, प्रॉक्सीमेटी सूट, एल्यूमिनियम सूट, कैमिकल सूट, ब्रीदिंग ऑपरेटर सेट, लाइफ जैकेट, हौज पाइप, फायर ब्लैंकेट, अग्निशमन यंत्र आदि की जानकारी दी गई। 5 तरह की होती है आग- बुझाने में बरतें सावधानी प्रशिक्षण के दौरान एसआई  शिवनारायण शर्मा ने बताया कि आग पांच तरह की होती है, जिन्हें बुझाने का तरीका भी अलग-अलग होता है। उन्होंने बताया कि इन्हें ए से इ तक की श्रेणी में रखा गया है। लकड़ी-कोयला में लगी छोटी आग को ए क्लास में रखा गया है। तरल पदार्थों में लगी आग को बी क्लास, गैसों में लगी आग को सी क्लास, मेटल में लगी आग को डी क्लास और इलेक्ट्रिक आग को ई क्लास की श्रेणी में रखा गया है। इन सभी आग को पानी या कैमिकल की मदद से बुझाया जाता है। अग्नि दुर्घटना होने पर यह करें         फायर ब्रिगेड, पुलिस कंट्रोल रूम, पुलिस थाना, विद्युत विभाग एवं चिकित्सालय को सूचना दें।         फायर फायटिंग दल फायर एक्सटिंग्यूशर अथवा पानी या रेत से अग्नि को प्रारंभिक स्थिति में बुझाएं। भवन के विद्युत प्रवाह को मेन स्विच से तत्काल कट-ऑफ करें।         फायर अलार्म दल सभी को अग्नि दुर्घटना की चेतावनी अलार्म बजाकर दें।         बचाव दल (इवेक्युएशन टीम) बिल्डिंग के व्यक्तियों को पूर्व निर्धारित योजना अनुसार सुरक्षित रास्तों से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाएं।         भगदड़ नहीं करें।         लिफ्ट का प्रयोग कतई न करें।         संपत्ति बचाव दल महत्वपूर्ण व मूल्यवान सम्पत्ति को बाहर निकालें।         अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों जैसे-पैट्रोल, कैरोसिन, प्लास्टिक, आदि को अग्नि दुर्घटना स्थल से दूर करें। इन नंबरों पर करें सूचित आग की सूचना देने के लिए भोपाल में एमपीईबी के हेल्पलाइन नंबर 0755-2678251, 0755-2678369 पुलिस का हेल्पलाइन नंबर 0755-2555922, पुलिस फायर स्टेशन का हेल्पलाइन नंबर 0755-2441008 और नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 0755-2542222 पर कॉल कर किया जा सकता है।