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60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं, कई जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती के बीच मौसम के मिजाज ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार को प्रदेशभर में सूरज के तीखे तेवरों और भारी उमस ने लोगों को बेहाल किया। कई दिनों बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल दर्ज किया गया। छतरपुर का खजुराहो 42.4 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं छिंदवाड़ा में पारा सामान्य से 5.3 डिग्री ऊपर चढ़कर 38.2 डिग्री तक पहुंच गया। बीते 24 घंटों के दौरान राजगढ़, दमोह, रीवा और सतना को छोड़कर प्रदेश के बाकी हिस्से सूखे रहे। हालांकि देर शाम को प्रदेश के विभिन्न जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और कहीं–कहीं बारिश के साथ बौछारें पड़ीं 23 को छत्तीसगढ़ पहुंचेगा मानसून मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि प्रदेशवासियों को झमाझम वर्षा के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। मानसून के 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंचने का अनुमान है, जिसके तीन से चार दिन बाद यानी 26-27 जून के आसपास ही इसके मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। तब तक प्रदेश में गर्मी और उमस का मिलाजुला असर बना रहेगा। शनिवार के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी भले ही मानसून दूर हो, लेकिन प्री–मानसून सिस्टम के कारण मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार के लिए अलर्ट जारी किया है। सीहोर और आगर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत करीब 36 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जहां 40 से 50 किमी की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी और छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) ग्वालियर 40.7 30.1 जबलपुर 38.8 28.5 भोपाल 37.3 24.4 इंदौर 35.1 24.5  

Telegram Ban Case: अदालत ने खींची रेड लाइन, जरूरत पड़ने पर सरकार लगा सकती है स्थायी प्रतिबंध

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम पर बैन हटाने से इनकार कर दिया है. भारत सरकार ने टेलीग्राम पर RE-NEET एग्जाम के चलते अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया था, जिसको टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।  दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरकारी के पास पावर है. कोर्ट ने कहा है कि आईटी एक्ट सरकार को पूरे प्लेटफॉर्म/ऐप पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है. सरकार के पास यह आदेश जारी करने की शक्ति थी.हाई कोर्ट के इस फैसले के मायने उन सभी मैसेजिंग ऐप के लिए हैं, जो भारत में काम करते हैं।  हाई कोर्ट के फैसले से समझ आता है कि भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के प्लेटफॉर्म को भारतीय कानून के बाहर नहीं रखा जा सकता है और उन्हें भारतीय संविधान के तहत काम करना होगा।  21 जून को भारत में NEET एग्जाम भारत में 21 जून को भारत में NEET 2026 का एग्जाम दोबारा होने जा रहा है, जिसके चलते भारत सरकार ने सावधानी के तौर पर टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद टेलीग्राम ने सरकार के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और बैन हटाने से इनकार कर दिया है।  टेलीग्राम पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप  टेलीग्राम पर अक्सर पेपर लीक और फेक पेपर सर्कुलेट होने के आरोप लगते रहे हैं. दिल्ली हाई कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने दलील देते हुए बताया गया है कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई आतंकवादी गतिविधी में भी हुआ है. ये ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसको कई लोग गैर कानूनी सामान बेचने आदि में भी इस्तेमाल करते हैं।  टेलीग्राम पर ढेरों फीचर्स ऐसे हैं, जिसकी वजह से इसपर अस्थाई बैन लगाने का फैसला लिया गया है. इसपर बिना फोन नंबर के भी अकाउंट तैयार किया जा सकता है. साथ ही एक वर्चुअल ग्रुप में मैक्सिमम 2 लाख तक लोगों को शामिल किया जा सकता है।  व्हाट्सऐप भी जा चुका है कोर्ट  भारत में यह कोई पहला सोशल मीडिया ऐप नहीं है, जो भारतीय न्यायपालिका गया है. इससे पहले मेटा भी वॉट्सऐप पर लगाए गए एक पैनल्टी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा चुका है. साल 2024 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा व्हाट्सऐप पर 213 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। 

150वीं जयंती वर्ष पर डोंडराही में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है।  कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पद्म जागेश्वर यादव, विधायक मती गोमती साय एवं मती रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

टीबी उन्मूलन लक्ष्य पर जोर, जे.पी. नड्डा ने मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ की चर्चा

रायपुर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।           स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव  विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।                 नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।

कृषि विभाग की पहल: 1.14 लाख हेक्टेयर में धान खेती का लक्ष्य, बीज वितरण शुरू

बांका  खरीफ मौसम में धान सहित विभिन्न फसलों की खेती के लिए कृषि विभाग ने किसानों को अनुदानित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बीजों का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने पंचायत के किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक अथवा प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करना होगा। जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, इस वर्ष जिले में एक लाख 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। संकर धान, डीआरआर धान-53, अरहर, रागी (मंडुआ), ज्वार तथा संकर मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान में संकर धान का 41.50 क्विंटल, डीआरआर धान-53 का 48 क्विंटल तथा अरहर का 60 क्विंटल बीज उपलब्ध है। वहीं रागी, ज्वार और संकर मक्का के बीज एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है। शंकर धान एवं शंकर मक्का के बीज पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अरहर पर 60 रुपये, रागी पर 30 रुपये तथा ज्वार पर 29.95 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान निर्धारित किया गया है। अनुदान के बाद किसानों को संकर धान के लिए 320 रुपये, अरहर के लिए 80 रुपये तथा संकर मक्का के लिए 74 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से राशि का भुगतान करना होगा। 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी पिछले साल की तुलना में इस साल धान की खेती का रकबा बड़ा है। पिछले साल एक लाख 12 हजार हेक्टेयर में खेती की गई थी, लेकिन इस बार एक लाख 14 हजार 300 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों ने बताया कि नर्सरी डालने के लिए वे लोग पहले से ही खेत को तैयार कर रखें हैं। मौसम का साथ मिलते ही वे लोग खेती किसानी में जुट जाएंगे।

नगरीय निकाय कर्मियों की सेवाकाल में असमय मृत्यु पर आश्रितों को मिलेगा 1.25 लाख रुपये तक का अनुग्रह अनुदान

भोपाल  "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रगतिशील सोच और लोककल्याणकारी निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता से आज प्रदेश के नगरीय निकाय कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच मिला है।'' नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए बताया कि नगरीय निकायों के सेवकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने बताया कि मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 के दायरे में आने वाले नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद के कर्मचारियों की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मचारी के बैण्ड वेतन तथा ग्रेड पे के सम्मिलित योग के छह गुना के बराबर की धनराशि अनुग्रह अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1,25,000 रुपये (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) होगी। यह कल्याणकारी निर्णय 1 अप्रैल, 2025 और उसके उपरांत घटित होने वाले सभी प्रकरणों पर प्रभावशील होगा। यह निर्णय नगरीय प्रशासन के मैदानी कार्यकर्ता

91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है।  साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।  रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक मती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त  बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

रतलाम फायरिंग कांड: वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाश, पुलिस जांच में जुटी

रतलाम  दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे सराफा व्यापारी कमल सोनी के मकान पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोली घर की कांच की खिड़की तोड़ते हुए अंदर दीवार से टकराकर दरवाजे के पास पड़े पैरदान पर जा गिरी। वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दो बाइक पर सवार चार बदमाश मुंह पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहे हैं। आगे चल रही बाइक के पीछे बैठे सफेद टी-शर्ट पहने आरोपित ने पिस्टल निकालकर चलती बाइक से मकान की ओर निशाना साधते हुए फायर किया।

रामलला को चढ़ाया गया रत्नजड़ित हार बना रहस्य, पुजारियों के बयान से बढ़ी पेचीदगी

अयोध्या  राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से उपहार में दिया गया बेशकीमती हार व चरण पादुका विशेष जांच दल (एसआइटी) के लिए अबूझ पहेली बन गया है। चौथे दिन एसआइटी ने हार व चरण पादुका को खोजने या उसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, परंतु पता नहीं चला। रामशंकर यादव टिन्नू व कृष्णदेव तिवारी के साथ रामलला के चार पुजारियों को भी बुलाया गया। पुजारी मोहित पांडेय ने बताया कि मैंने हार पहनाने के बाद टिन्नू को वापस कर दिया था। टिन्नू यही रट लगाए है कि उसे ईंट के रूप में गलाने को बेंगलुरु भेजा गया था। अब एसआइटी हार का असली पता खोज रही है। सूत्रों ने बताया कि एसआइटी के सदस्य लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आइजी किरण एस. व विशेष सचिव वित्त विभाग नीलरतन कुमार ने गुरुवार दोपहर तीन बजे हार व चरण पादुका की खोज शुरू की। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव के माध्यम से तीन वरिष्ठ पुजारियों अशोक उपाध्याय, संतोष तिवारी व प्रेमचंद्र त्रिपाठी और साल भर पहले नियुक्त पुजारी मोहित पांडेय को ग्रीन हाउस बुलाया गया। जब यह पता चला कि उस समय वरिष्ठ पुजारी नहीं, युवा पुजारी मोहित पांडेय थे, तो उनसे तस्दीक हुई। सूत्रों ने बताया कि मोहित ने रामलला को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को लाैटाने की बात कही, तो एसआइटी ने टिन्नू से पूछा। उसने यही बताया कि उसे उसी समय बेंगलुरु भेज दिया गया था। आभूषण रखने वाले कृष्णदेव तिवारी ने भी इससे अज्ञानता जताई। सूत्रों ने बताया कि अब उसकी न तो ईंट मिल रही, न रसीद। अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने दो दिन पहले मीडिया के सामने आकर बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी उनके भक्त अजय विश्वकर्मा ने पिता केदारनाथ व अन्य परिजनों के साथ 200 किमी पैदल अयोध्या आकर टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को रत्न जड़ित हार व चरण पादुका भेंट की थी। हार पर द्वाद्वश ज्योतिर्लिंग उकेरा गया था, तो पादुका पर 64 चरणों के चिह्न अंकित थे। दोनों बहुमूल्य रहे। उस समय उसकी पहने हुए रामलला की फोटो देने की भी बात हुई थी, लेकिन आज तक नहीं दी गई। अजय मुंबई में कारोबार करते हैं और उन्होंने वहीं पर उसे बनवाया था।

अभावों से निकले हीरो: आशीष और प्रेमचंद बने एशिया कप के स्टार

जमशेदपुर  पसीने की स्याही से जब किस्मत लिखी जाती है, तो मुफलिसी की दीवारें भी रास्ता छोड़ देती हैं। झारखंड के खूंटी जिले की लाल मिट्टी से निकले दो युवा खिलाड़ी प्रेमचंद सोरेन और आशीष तानी पूर्ति ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। अभावों की भट्टी में तपकर कुंदन बने नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के इन दोनों खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एशिया कप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। कच्चे मकान और गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा जाने वाले ये दोनों हॉकी सनसनी आज देश की धड़कन बन चुके हैं। सफलता के इस शिखर पर पहुंचकर दोनों खिलाड़ी भावुक हो उठते हैं। अपने संघर्षों को याद करते हुए दोनों के मुख से बरबस ही निकल पड़ता है, अगर टाटा ट्रस्ट और नेवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) का संबल न मिलता, तो हमारी स्टिक खेतों की पगडंडियों में ही टूटकर खो जाती। एनटीएचए की विश्वस्तरीय सुविधाओं और मार्गदर्शन ने ही हमारे सपनों को परवाज दी है। प्लास्टिक की छत से नीले आसमान की उड़ान खूंटी के मुरहू प्रखंड स्थित गनालोया गांव की एक जर्जर कच्ची झोपड़ी, जिसकी छत को महज एक नीली प्लास्टिक शीट से ढका गया है, वहीं से आशीष तानी पूर्ति के आसमानी सपनों ने आकार लिया। खेतों में पसीना बहाकर दिन के बमुश्किल 20-30 रुपये कमाने वाले मजदूर सुकुदानी पूर्ति और ललिता पूर्ति के इकलौते बेटे (तीन बहनों के भाई) आशीष बचपन में स्कूल की चारदीवारी से अक्सर भाग जाया करते थे। ननिहाल में पले-बढ़े आशीष को हॉकी की विरासत अपने मामा और नाना से मिली, जो पूर्व खिलाड़ी रह चुके थे। जब आशीष ने पहली बार पुरानी और घिसी हुई स्टिक थामी, तो उनके फटे जूतों और कीचड़ सने मैदान ने कभी उनके हौसलों की उड़ान को नहीं रोका। भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर वर्ष 2022 में रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और खूंटी के आवासीय सेंटर से होते हुए 2023 में एनटीएचए पहुंचने वाले आशीष को दिग्गज कोच हरिंदर सिंह का सानिध्य मिला। अकादमी की कृत्रिम टर्फ पर कड़ी मेहनत से आशीष आज भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर बन चुके हैं। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में उनका प्रदर्शन किसी सुनामी से कम नहीं था। सेमीफाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अकेले चार गोल दागकर उन्होंने करोड़ों देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। फाइनल में आया शानदार हैट्रिक आशीष के खेल का असली तूफान फाइनल में आया, जब उन्होंने मेजबान जापान के कड़े डिफेंस को भेदते हुए शानदार हैट्रिक लगाई और भारत को 4-1 से एकतरफा जीत दिलाकर चैंपियन बना दिया। इससे पहले चीनी ताइपेई के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दागे थे। टूर्नामेंट में सर्वाधिक 13 गोल कर टॉप स्कोरर और प्लेयर ऑफ द मैच बने आशीष मानते हैं कि फाइनल जीतने से कहीं ज्यादा रूहानी खुशी उन्हें पाकिस्तान को हराने में मिली। हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में रांची रॉयल्स के लिए खेलते हुए रजत पदक जीतने वाले आशीष की इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने उन्हें तीन लाख रुपये का नकद इनाम दिया है। अभावों की राख से उठकर चमकने वाला यह सितारा आज भारतीय खेलों का नया हीरो है। फुटबॉल के मैदान से हॉकी के शिखर तक खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले कल्याण सोरेन और जसमनी सोरेन का बेटा प्रेमचंद आज भारतीय हाकी के आसमान का चमकता सितारा है लॉकडाउन के दौरान जब वह अपने गांव लौटे, तो वहां की जीवनरेखा माना जाने वाला एकमात्र पुल टूट चुका था। गांव की सरहदों में कैद होने की वह मजबूरी प्रेमचंद के लिए अप्रत्याशित वरदान बन गई। गांव के कीचड़ और उबड़-खाबड़ मैदानों में समय बिताने के दौरान उनका रुझान हॉकी की ओर हुआ और फिर जो सफर शुरू हुआ, वह आज इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने तार कंपनी स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के अनुशासित और आधुनिक माहौल में एक कैडेट के रूप में प्रेमचंद ने अपनी खेल प्रतिभा को उस अकल्पनीय स्तर तक तराशा, जहां उनकी हॉकी स्टिक की गूंज से विरोधियों के पसीने छूट जाते हैं। 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने अद्भुत खेल से प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतकर उन्होंने अपने मजबूत इरादे जता दिए थे। जापान में संपन्न अंडर-18 पुरुष एशिया कप में मिडफील्डर के रूप में वह भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने रहे। टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में उन्होंने शानदार गोल दागा। विदेश में जापानी खान-पान उन्हें बिल्कुल रास नहीं आया, लेकिन वतन के लिए कुछ कर गुजरने की भूख ने कभी उनकी ऊर्जा कम नहीं होने दी। लीग मैच में जापान से मिली हार ने उन्हें भीतर तक आहत किया था, मगर सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से धूल चटाने के बाद उनकी सारी निराशा जश्न में बदल गई। आज पूरा देश इस युवा मिडफील्डर को भारतीय टीम का स्वर्णिम भविष्य मान रहा है।