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संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर ब्यौहारी में निकली विशाल समरसता संकल्प यात्रा

संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर ब्यौहारी में निकली विशाल समरसता संकल्प यात्रा प्रमुख शरद कोल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने लिया सामाजिक एकता एवं भाईचारे का संकल्प ब्यौहारी  संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर  ब्यौहारी में विशाल समरसता संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा का नेतृत्व ब्यौहारी विधायक श्री शरद कोल ने किया। यात्रा के माध्यम से सामाजिक एकता, भाईचारे एवं समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। समरसता संकल्प अभियान के तहत यात्रा प्लाजा तिराहा, ब्यौहारी से प्रारंभ होकर विनायक पैलेस पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।  यह कलश यात्रा संत शिरोमणि रविदास महाराज की जन्मभूमि वाराणसी से प्रारंभ होकर ब्यौहारी उपनगर तक पहुंची। यात्रा के दौरान संत रविदास महाराज के विचारों, सामाजिक एकता, भाईचारे एवं समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में सदस्य जिला योजना समिति श्रीमती अमिता चपरा, नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण गुप्ता राजन, राम लखन खटीक, रामदुलारे प्रजापति, एसपी साकेत, सुंदरलाल साकेत,  कृष्णा देवी चौधरी, दीना साकेत, सरपंच हीरालाल साकेत, देवीदीन प्रजापति एवं राधा साकेत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित जनसमुदाय ने संत रविदास के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में एकता, भाईचारे एवं सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 11 सितम्बर को बदरा में आयोजित होगा कैम्प

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत 11 सितम्बर को बदरा में आयोजित होगा कैम्प मैदानी भ्रमण कर शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे अधिकारी, लंबित प्रकरणों के निराकरण पर रहेगा विशेष जोर अनूपपुर   मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत 11 सितम्बर 2026 को आईटीआई बदरा में कैम्प आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत आमजन की समस्याओं के निराकरण, शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मैदानी स्तर पर शासकीय संस्थाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का भ्रमण एवं विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने अभियान से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कैम्प के पूर्व संबंधित क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा कर अधिकाधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण तिथि तक शेष रहने वाले प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित कराया जाए। अभियान के तहत अधिकारी क्षेत्र की विभिन्न शासकीय संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इनमें स्कूल, महाविद्यालय, पुलिस थाना, राशन दुकान, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास, कृषि उपज मंडी तथा निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं सहित अन्य संस्थाएं शामिल रहेंगी। निरीक्षण के दौरान संस्थाओं में उपलब्ध व्यवस्थाओं, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। कैम्प दिवस के प्रथम चरण में अधिकारी पूर्व निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे तथा दोपहर 12:30 बजे तक कैम्प स्थल पर पहुंचेंगे। कैम्प में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहकर नागरिकों से प्राप्त आवेदनों एवं समस्याओं के निराकरण की कार्यवाही करेंगे। कैम्प की समाप्ति तक अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। कैम्प में प्राप्त आवेदनों का संधारण एवं निराकरण जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया के अनुरूप किया जाएगा। प्राप्त आवेदनों को जनआकांक्षा पोर्टल पर दर्ज कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण की संक्षिप्त रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाएगी। कैम्प के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर सुश्री प्राची अग्रवाल को नोडल अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर श्री रवि गुप्ता को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं में AI की एंट्री, सहिया से मरीजों तक डिजिटल मदद पहुंचाने की योजना

रांची  अब आपके स्वास्थ्य की देखभाल एआई फैमिली डॉक्टर जैसी आधुनिक तकनीक करेगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को उनके नेपाल हाउस सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमें इसपर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए एआई असिस्टेंट और एआई फैमिली डॉक्टर जैसे डिजिटल संसाधन विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने दोनों प्लेटफार्म के विकास के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। एआई असिस्टेंट स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत हेल्थ प्रोफेशनल्स और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए डिजिटल सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह उन्हें उनके दैनिक कार्यों की जानकारी और समय पर रिमाइंडर एवं अलर्ट उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कब, कहां, किसके साथ और कौन-सा कार्य करना है, कार्य के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होगी तथा आवश्यक संसाधन क्या होंगे। उदाहरण के तौर पर एआई असिस्टेंट किसी सहिया को यह जानकारी दे सकेगा कि उसे किस स्थान पर, किस समय टीकाकरण करना है, कितने बच्चों का टीकाकरण होना है तथा इसके लिए किन तैयारियों की आवश्यकता है। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को अपने कार्य समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलेगी। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा एआई फैमिली डाक्टर प्रस्तावित एआई फैमिली डाक्टर आम लोगों के लिए एक डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में कार्य करेगा। यह मरीज द्वारा बताई गई स्वास्थ्य संबंधी समस्या के आधार पर संभावित बीमारी और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा। हालांकि एआई द्वारा सुझाई गई किसी भी दवा को तब तक वैध चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा, जब तक उसे किसी पंजीकृत चिकित्सक द्वारा अनुमोदित न किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य एआई की सुविधा का लाभ उठाते हुए चिकित्सकीय सुरक्षा और विशेषज्ञों की निगरानी सुनिश्चित करना है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी योजना अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों एआई प्लेटफॉर्म के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और इसके लिए डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया। योजना के अनुसार, एआई फैमिली डाक्टर को प्रारंभिक चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है। पायलट परियोजना के परिणाम सफल रहने पर इसे राज्य के व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों के दैनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित करने के साथ-साथ आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास आयुक्त पद से हटाई गईं IAS निधि निवेदिता, अब उनके कई पुराने आदेश रद्द

भोपाल महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त रहीं आईएएस निधि निवेदिता को हटाने के बाद अब उनके कार्यकाल में जारी किए गए कई आदेश भी शासन ने वापस ले लिए हैं। पांच सितंबर को उनका तबादला राजस्व विभाग में किया गया था। इसके कुछ दिन बाद शासन ने उनके कार्य विभाजन और स्थानांतरण से जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। निधि निवेदिता ने तीन सितंबर को विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 14 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली थीं। अब उनके आदेश को निरस्त कर दिया गया।  महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त रहते निधि निवेदिता ने क्या किया जिसे बदला गया ?     संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव को आधार और एमआईएस शाखा का प्रभार दिया जबकि पहले उनके पास पोषण आहार शाखा थी।     जवाहर बाल भवन के संचालक पद को लेकर जारी आदेश भी शासन ने रद्द कर दिया है।      निधि निवेदिता ने राजेश प्रताप सिंह को जवाहर बाल भवन का संचालक और वहां पदस्थ उषा सोलंकी को संचालनालय भेजा था अधिकारियों का तर्क था कि जवाहर बाल भवन के संचालक की नियुक्ति शासन स्तर से होती है। इसके अलावा सहायक ग्रेड-1 और सहायक ग्रेड-2 के 66 कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद की गई पदस्थापना का आदेश भी निरस्त कर दिया गया है। बैठक के विवाद के बाद बदला था माहौल 14 अगस्त को विभागीय बैठक के दौरान निधि निवेदिता और संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय से बाहर आ गए और आईएएस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता मामला शांत हुआ था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन बंद किया था।   क्या था थप्पड़ कांड जिससे आईं थीं चर्चा में       2020 में राजगढ़ कलेक्टर रहते हुए एक भाजपा नेता को थप्पड़ मारा      इसके बाद एक एएसआई ने भी थप्पड़ मारने आरोप लगाया     सीएए के समर्थन में भाजपा नेताओं ने रैली का आयोजन किया था। इस रैली में ही कलेक्टर और भाजपा कार्यकर्ताओं का विवाद हुआ था। उन्होंने आईएएस के खिलाफ कोर्ट ने इस्तगासा लगाया था। बाद में एएसआई ने भी कलेक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।     इसकी शिकायत के बाद जांच हुई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई थी। इस मामले में सरकार की तरफ से जांच कमेटी बनाई गई थी।     2020 में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद आईएएस निधि निविदेता को हटा दिया गया था।   किस बैच की हैं आईएएस निधि निवेदिता ? भारतीय प्रशासन सेवा की आईएएस निधि निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलत: झारंखड की रहने वाली हैं। उनकी पहली पोस्टिंग झाबुआ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह कई जिलो में अलग-अलग पद पर पदस्थ रही। पांच पांच सितंबर को निधि निवेदिता का तबादला राजस्व विभाग में कर दिया गया। उन्हें भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।   

लुधियाना-जाखल पैसेंजर ट्रेन का बढ़ा रूट, अब जींद तक मिलेगी सीधी रेल सेवा

हिसार. दैनिक यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे ने लुधियाना जंक्शन-जाखल जंक्शन पैसेंजर ट्रेन का विस्तार जींद जंक्शन तक करने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 54053 अप व 54054 डाउन अब जाखल से आगे जींद तक संचालित होगी। रेलवे ने विस्तारित रूट के लिए नई समय-सारणी जारी की है। लुधियाना से जाखल के बीच ट्रेन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गाड़ी संख्या 54054 डाउन लुधियाना से शाम 6:30 बजे रवाना होकर रात 9:40 बजे जाखल पहुंचेगी। इसके बाद 9:45 बजे जाखल से रवाना होकर हिम्मतपुरा, टोहाना, कालवन, धमतान साहिब, धारोदी, नरवाना, घासो, उचाना, गांव बड़ौदा और बरसोला होते हुए रात 11:30 बजे जींद जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 54053 अप जींद जंक्शन से सुबह 3:40 बजे रवाना होगी। यह बरसोला से 3:50 बजे, गांव बड़ौदा से 3:54 बजे, उचाना से 4:02 बजे, घासो से 4:08 बजे, नरवाना से 4:16 बजे, धारोदी से 4:25 बजे, धमतान साहिब से 4:34 बजे, कालवन से 4:40 बजे, टोहाना से 4:47 बजे, हिम्मतपुरा से 4:55 बजे और जाखल से सुबह 5:20 बजे रवाना होकर लुधियाना पहुंचेगी। उत्तर रेलवे के अनुसार लुधियाना से चलने वाली गाड़ी संख्या 54054 का जींद तक विस्तार 11 सितंबर से प्रभावी होगा। वहीं गाड़ी संख्या 54053 अप जींद से लुधियाना के लिए 12 सितंबर से नए विस्तारित मार्ग पर संचालित होगी। आसपास के क्षेत्रों के दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

सुदूर गांवों तक पहुंची चिकित्सा सुविधा, बीजापुर में स्वास्थ्य टीम ने 405 मरीजों का किया उपचार

बीजापुर. बीजापुर के दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुश्किल रास्तों को चुनौती दी। ग्राम बोड़गा और ताकिलोड में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर के लिए टीम ने इंद्रावती नदी मोटर बोट से पार की। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने करीब 25 से 30 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर गांव तक पहुंच बनाई। कच्चे और दुर्गम रास्तों के बावजूद टीम दो दिनों तक ग्रामीणों की जांच और उपचार में जुटी रही। शिविर में कुल 405 मरीजों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर बीमारियों के मरीज भी सामने आए। जांच के दौरान 21 मलेरिया, 70 बुखार, 2 टीबी, 2 कुष्ठ और 5 मोतियाबिंद के मरीज मिले। 10 मरीजों में खुजली की समस्या भी सामने आई, जिन्हें उपचार और जरूरी सलाह दी गई। स्वास्थ्य टीम की सक्रियता रात में भी जारी रही, जब ग्राम झिल्ली में सर्पदंश की सूचना मिली। परिजन पहले पीड़ित को झाड़-फूंक के लिए ले गए थे, लेकिन सूचना मिलते ही टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया। दुर्गम इलाकों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं देना विभाग के लिए चुनौती है, लेकिन इस शिविर ने ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने की तस्वीर सामने रखी है।

Instagram पर वायरल 80s AI फोटो के पीछे कितना खर्च होता है पानी और बिजली?

इंस्टाग्राम पर इन दिनों 80s लुक वाली AI तस्वीरों का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. लोग अपनी सामान्य फोटो को AI की मदद से 1980 के दशक के कपड़े, हेयरस्टाइल, बैकग्राउंड और पुराने कैमरे जैसा लुक दे रहे हैं. इसके लिए फोटो AI टूल में डालनी होती है और कुछ ही समय में उसका नया वर्जन तैयार हो जाता है. लोगों के लिए यह काम भले ही कुछ सेकंड का है, लेकिन फोटो बनाने के पीछे AI सिस्टम को काफी काम करना पड़ता है. जब एक साथ बहुत सारे लोग ऐसी तस्वीरें बनाने लगते हैं, तो AI को ज्यादा फोटो बनाने की रिक्वेस्ट मिलती हैं. इन्हें पूरा करने के लिए डेटा सेंटर में लगे जीपीयू और सर्वर को ज्यादा काम करना पड़ता है. इससे बिजली का इस्तेमाल होता है. सर्वर गर्म भी होते हैं. AI से फोटो बनती कैसे है? AI से 80s वाली फोटो बनाना सिर्फ किसी फोटो पर फिल्टर लगाने जैसा नहीं है. AI आपकी फोटो और दिए गए प्रॉम्प्ट को समझकर एक नई इमेज तैयार करता है. इसके लिए AI सर्वर पर कई तरह की कैलकुलेशन होती हैं. एक रिसर्च में अलग-अलग AI इमेज-जनरेशन मॉडल की एनर्जी यूज को देखा गया. इसमें एक AI इमेज बनाने में औसतन करीब 2.9 Wh बिजली लगने का अनुमान मिला. हालांकि हर AI मॉडल में यह जरूरत अलग हो सकती है. अब अगर कोई व्यक्ति एक ही फोटो बनाकर रुक जाए तो इस्तेमाल होने वाली एनर्जी कम होगी. लेकिन ट्रेंड में लोग अक्सर कई तस्वीरें बनाते हैं. पहली फोटो पसंद नहीं आई तो फिर से जनरेट करते हैं, प्रॉम्प्ट बदलते हैं या अलग लुक आजमाते हैं. इससे AI को बार-बार नई इमेज बनाने का काम करना पड़ता है. ज्यादा काम करेंगे तो सर्वर गर्म होंगे AI की फोटो बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जीपीयू और दूसरे कंप्यूटर चिप लगातार काम करते हैं. काम करने के दौरान इनमें गर्मी पैदा होती है. इसलिए डेटा सेंटर में सर्वर को ठंडा रखना जरूरी होता है. इसके लिए अलग-अलग कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं. कौन सा सिस्टम इस्तेमाल होगा, यह डेटा सेंटर की जगह और उसकी टेक्नोलॉजी पर निर्भर करता है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के मुताबिक, दुनिया भर के डेटा सेंटर ने 2024 में करीब 460 TWh बिजली इस्तेमाल की. अनुमान है कि 2030 तक यह खपत करीब 945 TWh हो सकती है. AI का बढ़ता इस्तेमाल इस बढ़ोतरी की बड़ी वजहों में शामिल है. यह आंकड़ा सिर्फ 80s वाली AI फोटो का नहीं है. इसमें दुनिया भर के डेटा सेंटर में होने वाला अलग-अलग तरह का काम शामिल है. इससे यह जरूर समझ आता है कि AI का इस्तेमाल बढ़ने पर डेटा सेंटर पर काम और बिजली की जरूरत भी बढ़ती है. सर्वर को ठंडा करने में पानी क्यों लगता है? कुछ डेटा सेंटर में सर्वर से निकलने वाली गर्मी को कम करने के लिए पानी का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे कूलिंग सिस्टम में पानी गर्मी को बाहर निकालने में मदद करता है. कुछ सिस्टम में पानी का एक हिस्सा भाप बनकर भी बाहर चला जाता है. हालांकि हर डेटा सेंटर में पानी का इस्तेमाल एक जैसा नहीं होता. जगह, मौसम और कूलिंग सिस्टम के हिसाब से पानी की खपत बदल सकती है. अमेरिका के लॉरेंस बर्कले नेशनल लेबोरेटरी की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में अमेरिकी डेटा सेंटर में औसतन करीब 0.36 लीटर पानी प्रति kWh IT एनर्जी की साइट वॉटर कंजम्पशन थी. यह पूरे डेटा सेंटर सेक्टर का औसत आंकड़ा है तो 80s ट्रेंड का पानी पर कितना असर? ज्यादा लोग AI से तस्वीरें बनाएंगे तो AI को ज्यादा रिक्वेस्ट मिलेंगी. ज्यादा रिक्वेस्ट का मतलब सर्वर को ज्यादा काम करना होगा. ज्यादा कंप्यूटिंग से ज्यादा बिजली की जरूरत होगी और सर्वर ज्यादा गर्म होंगे. इन्हें ठंडा रखने के लिए कूलिंग की जरूरत पड़ेगी. और जिन डेटा सेंटर में पानी वाली कूलिंग इस्तेमाल होती है, वहां पानी की जरूरत भी बढ़ सकती है. यानी सोशल मीडिया पर दिख रही 80s वाली एक AI फोटो के पीछे सर्वर, बिजली और कूलिंग का पूरा सिस्टम काम कर रहा है. इस एक ट्रेंड की वजह से कितना पानी इस्तेमाल हुआ, यह अभी पता नहीं है. लेकिन AI से बनने वाली तस्वीरों की संख्या बढ़ने के साथ डेटा सेंटर पर कंप्यूटिंग और कूलिंग का काम भी बढ़ता है.  

MSME के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा, किराये के भवन पर सालाना ₹5 लाख की सब्सिडी

चंडीगढ़. हरियाणा में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने एक साथ तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। किराये के भवन में चल रहे एमएसएमई को सालाना पांच लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी। ई-कार्गो वाहन खरीदने के लिए सरकार पांच लाख रुपये तक की सहायता देगी। इसी तरह नई एमएसएमई इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने तीनों पालिसी अधिसूचित कर दी हैं, जिनमें एमएसएमई को लीज रेंट की प्रतिपूर्ति, सेवा क्षेत्र के एमएसएमई के लिए ब्याज माफी और ई-कार्गो वाहनों की खरीद पर वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रविधान है। 25 फीसदी राशि वापस देने का प्रविधान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने उद्यमियों से मिले फीडबैक के आधार पर इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के एमएसएमई को लीज पर लिए गए परिसर के किराये की 25 प्रतिशत राशि वापस देने का प्रविधान नीति में किया गया है। यह लाभ तीन वर्ष तक दिया जाएगा। योजना में वे एमएसएमई पात्र होंगी, जिन्होंने पिछले साल एक अप्रैल के बाद वाणिज्यिक उत्पादन या संचालन शुरू किया है। यूनिट के पास कम से कम तीन वर्ष की अवधि की पंजीकृत कामर्शियल लीज डीड होना जरूरी है। जिस परिसर का किराया लिया गया है, वह किसी असंबंधित पक्ष का होना चाहिए। वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र भी जरूरी है। इसी तरह सेवा क्षेत्र के नए एमएसएमई का तीन साल तक दो प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा। यह लाभ टर्म लोन या वर्किंग कैपिटल के लिए लिए गए ऋण में से किसी एक पर मिलेगा। इसमें स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, आइटी, बल्क कूरियर सेवाएं, आरएंडडी सेंटर, टेस्टिंग लैब, इंजीनियरिंग एवं डिजाइन सेवाएं, उपकरण मरम्मत, पर्यावरण सेवाएं और एंटरटेनमेंट पार्क जैसी सेवाओं को शामिल किया गया है। ट्रेडिंग यूनिट इस योजना के दायरे में नहीं आएंगी। तीसरी योजना में एमएसएमई को नए ईवी कार्गो ट्रक या कामर्शियल कार्गो ईवी खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत की 15 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। एक एमएसएमई को योजना की अवधि में अधिकतम एक वाहन पर लाभ मिलेगा। 250 पात्र एमएसएमई को मिलेगा फायदा वाहन की लोड वहन क्षमता 700 किलोग्राम से 10 हजार किलो तक होनी चाहिए। इस योजना में पहले 250 पात्र एमएसएमई को पहले आवेदन-पहले लाभ के आधार पर सहायता दी जाएगी या बजट उपलब्ध रहने तक लाभ मिलेगा। एक अप्रैल 2026 या उसके बाद खरीदे गए ईवी इस योजना के लिए पात्र होंगे। वाहन हरियाणा की अधिकृत डीलरशिप से खरीदा और हरियाणा में पंजीकृत होना चाहिए तथा फर्म के नाम पर होना जरूरी है। जिन उद्यमों का प्राथमिक कारोबार लाजिस्टिक्स या ट्रांसपोर्टेशन है, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। सेकेंड हैंड वाहन भी योजना में शामिल नहीं हैं।

13 साल का इंतजार खत्म! ईस्ट जोन बना Duleep Trophy चैंपियन, ईशान किशन ने ठोके 350 रन

चेन्नई दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया।  खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है।  मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया।  ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी।  ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया।  ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया।  लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे।  कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद  दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे।  ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।  सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी।  चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं।  13 साल बाद ईस्ट जोन का राज आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली।  ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 

ईशान किशन का 350 रन का धमाका, ईस्ट जोन बना दलीप ट्रॉफी 2026 का चैंपियन

नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने इतिहास रच दिया. चेन्नई में खेले गए मुकाबले में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर मात देकर 13 साल बाद दलीप ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया. मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी में मिली बढ़त ने ईस्ट जोन को चैम्प‍ियन बना दिया. खास बात यह रही कि 13 साल पहले भी ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी का ख‍िताब एम ए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में जीता.  यह ईस्ट जोन का कुल म‍िलाकर तीसरा दलीप ट्रॉफी ख‍िताब है. मैच खत्म होते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने हाथ मिलाए और मुकाबले का अंत हुआ. इसके बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ी मैदान पर जश्न में डूब गए. कप्तान ईशान किशन और युवा वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए. पूरी टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए दर्शकों का अभिवादन किया. ईशान किशन बने खिताबी जीत के हीरो ईस्ट जोन की इस जीत में सबसे बड़ा चेहरा कप्तान ईशान किशन रहे. रेड बॉल क्रिकेट में वापसी के बाद ईशान लगातार अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं और दलीप ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी पारियों में से एक खेल दी. ईशान ने पहली पारी में अकेले 270 रन ठोक दिए. उन्होंने इस दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 522 मिनट तक क्रीज पर डटे रहे. यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से बड़ी नहीं थी, बल्कि इसमें टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी धैर्य और जुझारूपन भी दिखाई दिया. ईशान एक समय 250 रन पर ऐंठन (क्रैम्प्स) के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दोबारा मैदान पर लौटे और अपना स्कोर 270 रन तक पहुंचाया. लेकिन कप्तान की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दूसरी पारी में भी ईशान ने 80 रन की अहम पारी खेली. इस तरह फाइनल में उनके बल्ले से कुल 350 रन निकले. इसी वजह से वह मुकाबले के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज रहे. कुरैशी का शतक, अंत तक रहे नाबाद दलीप ट्रॉफी फाइनल के आखिरी दिन एक और नाम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने शानदार शतक जड़ दिया. कुरैशी का अंदाज ऐसा था जैसे वह लंबे समय से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हों. दबाव भरे मुकाबले में उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का तरीका खास नजर आया. उन्होंने शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे. ईस्ट जोन की ओर से यह पारी ऐसे समय आई, जब टीम का खिताब लगभग तय हो चुका था. लेकिन कुरैशी ने अपने डेब्यू को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सिराज ने भी दिखाया अपना जुझारूपन ईस्ट जोन की खिताबी जीत में साउथ जोन के मोहम्मद सिराज के योगदान को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था, इसके बावजूद सिराज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. चेन्नई की थकाने वाली और मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने लगातार 9 ओवर गेंदबाजी की. मैच का नतीजा तय होने के बाद भी उनका इस तरह गेंदबाजी करना उनके फाइटिंग स्पिरिट को दिखाता है. फर्स्ट क्लास क्रिकेट की यही खूबसूरती है. नतीजा सामने होने के बावजूद खिलाड़ी आखिरी गेंद तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं. 13 साल बाद ईस्ट जोन का राज आखिरकार ईस्ट जोन ने वह कर दिखाया जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था. टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर साउथ जोन को पीछे छोड़ते हुए दलीप ट्रॉफी 2026 अपने नाम कर ली. ईशान किशन की कप्तानी में मिली यह जीत कई मायनों में खास रही. कप्तान ने बल्ले से 350 रन बनाए, डेब्यू कर रहे कोनैन कुरैशी ने शतक जड़ा, सिराज ने आखिरी तक लड़ने का जज्बा दिखाया और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी ने भी टीम के जश्न में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.