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सेवा संकल्प अभियान में रानीझाप एनीकट बना स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश केंद्र

रायपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गौरेला पेन्ड्रा जिले में स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में आज रानीझाप एनीकट में स्वच्छता एवं जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के संयुक्त सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने का संदेश दिया गया।

स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों के लिए चलाया स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दौरान रानीझाप एनीकट परिसर में विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और सहभागियों ने जल स्रोत के आसपास साफ-सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान लोगों को समझाया गया कि जल स्रोतों की स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज के सामूहिक प्रयास से ही इन्हें स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सकता है।

जल संरक्षण के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम में जल के महत्व और भविष्य के लिए इसके संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। सहभागियों को जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही जल स्रोतों में कचरा नहीं डालने, उन्हें प्रदूषण से बचाने तथा आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया गया।

जल स्रोतों की सुरक्षा में जनभागीदारी पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि जल स्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। छोटे-छोटे प्रयासों और सामूहिक सहभागिता से जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सकता है।

स्वच्छता से संरक्षण तक, सामूहिक प्रयास का संदेश
रानीझाप एनीकट में आयोजित कार्यक्रम ने स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। स्वच्छ जल स्रोत न केवल पेयजल और दैनिक जरूरतों के लिए आवश्यक हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जीवन-व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इसी उद्देश्य से सहभागियों ने जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को अपने आसपास के जल स्रोतों की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

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