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उदयपुर में परिवार के सामाजिक बहिष्कार का मामला, 5 पंचों समेत 6 लोगों पर केस दर्ज

उदयपुर
उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र के भुताला गांव में मंदिर में प्रसादी करने पर एक परिवार का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 5 पंचों सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि समाज के लोगों ने परिवार पर 1 लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और राशि नहीं देने पर परिवार को समाज से अलग कर दिया।

पीड़ित गणेश सिंह ने बताया कि 24 मई 2026 को गांव के मंदिर में प्रसादी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के बाद आरोपी किशोर सिंह, तेज सिंह, नवल सिंह, मोहन सिंह, भैरू सिंह, चंदन सिंह, राम सिंह, काल सिंह, लहर सिंह, कान सिंह और धर्मेंद्र सहित अन्य लोगों ने आपत्ति जताई। पीड़ित के अनुसार, अगले दिन पंचायत बुलाकर 1 लाख 51 हजार रुपए जुर्माना भरने को कहा गया। राशि देने में असमर्थता जताने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

विरोध करने पर मारपीट का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि परिवार को समाज के अन्य लोगों से मेल-जोल और संपर्क नहीं रखने की हिदायत दी गई। मंदिर सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने से भी रोका गया। रिश्तेदार की मौत होने पर श्मशान में भी जाने नहीं दिया गया। आदेश का विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इस संबंध में एएसआइ विनेश कुमार ने बताया कि शनिवार को पंचायत के पांच प्रमुख पंचों सहित छह व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

वाकली पुलिया से नदी में गिरी श्रद्धालुओं की जीप
एक अन्य खबर के अनुसार धरियावद-उदयपुर-बांसी मार्ग पर वाकली पुलिया के समीप शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। श्री सांवलिया सेठ के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप शनिवार तड़के अनियंत्रित होकर पुलिया से सीधे नीचे सुखली नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि हादसे में सभी 10 यात्री समय रहते वाहन से बाहर निकल गए।

पुलिस के अनुसार मूंगाणा के समीप कुंडी गांव निवासी श्रद्धालु श्री सांवलिया जी के दर्शन कर जीप से अपने गांव लौट रहे थे। इस दौरान शनिवार तड़के करीब 4 बजे वाकली पुलिया के पास घुमावदार मोड़ पर चालक नियंत्रण खो बैठा और जीप नदी में जा गिरी। हादसा होते ही जीप में सवार यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत एक दूसरे का हाथ पकड़कर तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जिस जगह ये हादसा हुआ वो जंगल का क्षेत्र होने एवं मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण हादसे की सूचना काफी देर से पुलिस को मिली।

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