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पड़ोसी राज्यों में मवेशियों की तस्करी, छत्तीसगढ़ से पकड़े गए तस्कर और जब्त हुई कार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही छत्तीसगढ़ पुलिस को पशु तस्करी मामले में बड़ी सफलता हासिल हुई है. पुलिस ने अंतरराज्यीय पशु तस्करी गिरोह का पर्दाफ़ाश करते हुए मुख्य सरगना लखन साहू समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि यह गिरोह लगातार यूपी और एमपी के सीमा पर सक्रीय हैं. कार्रवाई करते हुए कार और 11 नग मवेशी बरामद किया गया है. पुलिस टीम ने 30 जुलाई थाना मरवाही क्षेत्र के ग्राम बरटोला रटगा में दबिश दी. इस दौरान दौलत राठौर और उसका सहयोगी मन राखन सिंह मरावी को गिरफ्तार किया. दोनों चौकी कोटमीकला के ग्राम कंचनडीह के निवासी हैं. आरोपियों के कब्जे से एक कार और 11 मवेशी बरामद किए गए हैं. जांच में सामने आया कि आरोपी दौलत राठौर पर पूर्व में भी पेंड्रा और अनूपपुर थाना में पशु तस्करी से जुड़े अपराधों में संलिप्तता पाई गई. गिरोह के मास्टरमाइंड लखन साहू पुलिस ने शुक्रवार को अंतर्राज्यीय पशु तस्करी के गिरोह के मास्टरमाइंड लखन साहू को भी दबोच लिया. जांच में पता चला कि लखन साहू पर भी पहले पशु तस्करी से जुड़े और हत्या के प्रयास के मामले आरोपी रह चुका है. पूछताछ में लखन साहू ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़) तथा अनूपपुर (मध्यप्रदेश) के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अन्य तस्करों और नेटवर्क की जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है.

प्रधानमंत्री से मिले मुख्यमंत्री साय, विकास योजनाओं को मिली रफ्तार

1 नवंबर को ‘अमृत रजत महोत्सव’ में प्रधानमंत्री मोदी को दिया न्यौता नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है। राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री  साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

पुलिस ने मारा छापा, जुए की महफिल से 11 आरोपी गिरफ्तार

भाटापारा भाटापारा के मातादेवालय ग्राम खोखली रोड स्थित एक कॉलोनी में देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस छापेमारी में करीब 11 जुआरियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, जुए की फड़ पर करीब दो लाख रुपये से अधिक की रकम दांव पर लगी थी। यह कार्रवाई भाटापारा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) के निर्देशन में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि लंबे समय से यह जुआ रैकेट संचालित हो रहा था, जिसकी गुप्त सूचना पर कार्रवाई की गई।

अमित शाह से मिले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा

  छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियानों व उपलब्धियों की दी जानकारी नई दिल्ली, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया। बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

कोई रोक नहीं: स्मार्ट मीटर पर सुप्रीम कोर्ट या MP हाईकोर्ट का आदेश नहीं आया, स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को लाभ

भोपाल स्मार्ट मीटर की स्थापना रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय या आदेश नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर एक देश व्यापी स्कीम है जिसके तहत समूचे देश में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में कतिपय प्रिंट तथा सोशल मीडिया में यह खबर फैलाई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। यह खबर असत्य, भ्रामक और निराधार है। सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा इस प्रकार का कोई भी फैसला नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर के संबंध में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाये जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं। इसी प्रकार सोशल मीडिया में यह भ्रम भी फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे है यह बात विभिन्न टेस्टिंग लैब में गलत साबित हो गई है। स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की जा रही बिजली के अनुसार ही तकनीकी रूप से वास्तविक और सटीक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं और उपभोक्ता हित में स्मार्ट मीटर के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। कंपनी द्वारा गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो उनके द्वारा फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा। लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। इसमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।  कंपनी ने कहा कि ऐप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपभोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। गुना के ही उपभोक्ता अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है। सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत की छूट कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। राजधानी भोपाल के एकतापुरी, अशोकागार्डन निवासी विजय शंकर को जारी जुलाई माह के बिल में 29 रुपये की छूट मिली है, जबकि उनकी कुल खपत 92 रीडिंग का बिल सिर्फ 86 रुपये आया है। इन्हें दिन के टैरिफ में 30 यूनिट पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इसी कॉलोनी के रहवासी महेश चंद्र को जुलाई माह के बिल में 99 रुपये की छूट मिली है। इनके स्मार्ट मीटर में कुल खपत 277 रीडिंग में से 85 रीडिंग पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इस तरह से स्मार्ट मीटर में ऑटोमेटिक सटीक रीडिंग होने से कोई गड़बड़ी भी नहीं हो रही है तथा उपभोक्ताओं को अनेक फायदे मिल रहे हैं।  उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे       विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है, बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती, एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं, ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं और ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।  

लाड़ली बहना योजना की 27वीं किस्त जल्द, इस बार 1500 रुपए मिलेंगे खातों में

भोपाल  अगस्त का महीना लाडली बहनों के लिए बहुत ही खास होने वाला है। मुख्‍यमंत्री लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के पैसों के साथ अगस्त में रक्षाबंधन के शगुन के तौर पर 250 रुपये ज्यादा मिलने वाले हैं। मतलब 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में अगले महीने अगस्त में 1500 रुपये आने वाले हैं। लेकिन 1500 रुपये खाते में कब आएंगे? क्या 9 अगस्त को रक्षाबंधन से पहले ही महिलाओं के अकाउंट में 1500 रुपये पहुंच जाएंगे?  प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। आज शुक्रवार से अगस्त का महीना लग गया है और अब जल्द लाड़ली बहना योजना की 27वीं किस्त आने वाली है। खास बात ये है कि इस बार लाड़ली बहनों के खाते में 1250 के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप भेजे जाएंगे यानि 1250 की जगह 1500 रुपए आएंगे। 9 अगस्त को रक्षाबंधन है उम्मीद है कि अगले हफ्ते में कभी भी मोहन सरकार द्वारा योजना की 26वीं किस्त जारी की जा सकती है।इसके साथ ही 30 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी राशि अंतरित की जाएगी। कब राशि बढ़कर होगी 3000 ? कब से शुरू होंगे पंजीयन?  मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में जौरा कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने लाड़ली बहना योजना की राशि 3000 करने और नए पंजीयन समेत कई प्रश्न पूछे थे।इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि योजना में राशि को बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।जून 2025 में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई। नए पंजीयन का भी कोई प्रस्ताव नहीं है, इसलिए पंजीयन नहीं किया जा रहा है। 20 जुलाई 2023 से सरकार द्वारा प्रतिमाह की 10 तारीख को राशि अंतरण करने के निर्देश हैं, परन्तु सुविधानुसार यह तिथि आगे-पीछे होती रहती है। लाभार्थियों को प्रतिमाह नियमित रूप से राशि का भुगतान किया जा रहा है। हितग्राही की संख्या तथा भुगतान की गई कुल राशि समेत बाकी की जानकारी एकत्रित की जा रही है। वर्तमान में मिलते है लाड़ली बहना योजना के तहत हर माह 1250 रू     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से जुलाई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 26 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 30 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

खालिद जमील पर भरोसा: भारतीय टीम को 13 साल बाद मिला स्वदेशी कोच

नई दिल्ली खालिद जमील को भारतीय पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है. वह इस प्रतिष्ठित पद तक पहुंचने वाले 13 वर्षों में पहले भारतीय हैं. जमील ने 2017 में अनजान सी मानी जाने वाली आइजॉल फुटबॉल क्लब को ऐतिहासिक आई-लीग खिताब दिलाया था. 48 साल के खालिद जमील भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं. वह फिलहाल इंडियन सुपर लीग (ISL) की टीम जमशेदपुर एफसी के कोच हैं.उन्हें अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की कार्यकारी समिति ने तीन नामों की अंतिम सूची में से चुना. अन्य दो दावेदारों में भारत के पूर्व मुख्य कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन और स्लोवाकिया की राष्ट्रीय टीम के पूर्व मैनेजर स्टेफन टार्कोविक शामिल थे. AIFF की तकनीकी समिति, जिसकी अगुवाई दिग्गज स्ट्राइकर आईएम विजयन कर रहे थे, ने इन तीन उम्मीदवारों को अंतिम चयन के लिए कार्यकारी समिति के सामने शॉर्टलिस्ट किया था. जमील स्पेनिश कोच मनोलो मार्केज की जगह लेंगे, जिन्होंने भारत के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पिछले महीने एआईएफएफ से नाता तोड़ लिया था.भारतीय पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच बनने वाले आखिरी भारतीय सावियो मेडेइरा थे, जिन्होंने 2011 से 2012 तक यह जिम्मेदारी निभाई थी. मुख्य कोच के रूप में जमील की पहली चुनौती सेंट्रल एशियन फुटबॉल एसोसिएशन (CAFA) नेशंस कप होगी, जो 29 अगस्त से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान में आयोजित किया जाएगा. हर स्तर पर अनुभव रखने वाले कोच कुवैत में जन्मे और भारत के पूर्व मिडफील्डर खालिद जमील उन गिने-चुने व्यक्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने भारत की शीर्ष फुटबॉल लीग को खिलाड़ी (2005 में महिंद्रा यूनाइटेड के साथ) और कोच (2017 में आइजॉल एफसी के साथ) दोनों रूपों में जीता है. उनके पास एएफसी प्रो लाइसेंस है और उन्होंने भारतीय फुटबॉल के हर स्तर- आई-लीग, आई-लीग 2 से लेकर इंडियन सुपर लीग (ISL) तक… टीमों को कोचिंग दी है. 2023–24 सीजन के दौरान खालिद जमील ने बीच में ही जमशेदपुर एफसी की कमान संभाली और टीम के प्रदर्शन को पूरी तरह पलट दिया. उन्होंने टीम को न केवल सुपर कप के सेमीफाइनल और फिर उपविजेता बनने तक पहुंचाया, बल्कि ISL प्लेऑफ में भी जगह दिलाई. उनके इस शानदार प्रदर्शन के बदले उन्हें दो साल का कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन मिला, जो ISL में किसी भारतीय कोच के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है. मुख्य कोच के रूप में खालिद जमील की पहली परीक्षा आसान नहीं होगी. मौजूदा फीफा रैंकिंग में 133वें स्थान पर काबिज भारत को इस महीने के अंत में CAFA नेशंस कप में मौजूदा चैम्पियन ईरान और 2023 एशियन कप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले ताजिकिस्तान जैसी मजबूत टीमों से भिड़ना है.

भारत की बड़ी रणनीतिक चाल: डोकलाम के नजदीक भूटान में सड़क निर्माण से चीन की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली भारत लगातार अपनी सीमाओं और पड़ोसी देशों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है, खासकर चीन के साथ सीमा पर. हाल ही में भारत ने भूटान के हा घाटी में एक खास सड़क बनाई है, जो डोकलाम के पास है. यह सड़क न सिर्फ भूटान के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारत के लिए भी रणनीतिक ताकत बढ़ाएगी. यह सड़क क्यों खास है? यह सड़क भूटान के हा घाटी को जोड़ती है, जो डोकलाम से सिर्फ 21 किलोमीटर दूर है. डोकलाम 2017 में भारत और चीन के बीच एक बड़े टकराव का गवाह रहा था. इस सड़क को बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लगभग 254 करोड़ रुपये की लागत से बनाया है. भूटान के प्रधानमंत्री तोबगे त्शेरिंग ने आज, 1 अगस्त 2025 को इस सड़क का उद्घाटन किया. यह सड़क हर मौसम में काम करने वाली (ऑल-वेदर) है, यानी बारिश, बर्फ या तूफान में भी आवाजाही संभव होगी. हा घाटी भूटान के लिए आर्थिक और सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यह सड़क न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए सुविधाजनक होगी, बल्कि भूटान सेना को चंबी घाटी (जो तिब्बत के पास है) तक तेजी से पहुंचने में मदद करेगी. चंबी घाटी में चीनी सैनिक मौजूद हैं, इसलिए यह इलाका रणनीतिक रूप से संवेदनशील है. अगर जरूरत पड़ी, तो भारत की सेना भी इस सड़क का फायदा उठा सकती है, खासकर चीन के खिलाफ किसी स्थिति में. डोकलाम संकट: 2017 का सबक 2017 में डोकलाम में एक बड़ा विवाद हुआ था. चीन ने जम्फेरी रिज तक सड़क बनाने की कोशिश की थी, जो भूटान और भारत के लिए खतरे की बात थी. भारतीय सेना ने इसका विरोध किया और 'ऑपरेशन जूनिपर' चलाया. भारतीय सैनिकों ने डोकलाम पहुंचकर चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोका. 72 दिन तक चले इस टकराव के बाद चीन को पीछे हटना पड़ा. लेकिन इसके बाद भी चीन ने डोकलाम में हेलीपैड और दूसरी सुविधाएं बनाईं. हजारों सैनिक वहां तैनात कर दिए. डोकलाम भूटान के पास है, लेकिन यह सिक्किम-भूटान-तिब्बत के त्रिकोण पर है, जो भारत के लिए भी रणनीतिक रूप से अहम है. इस घटना ने भारत को अपनी सीमा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की सीख दी. प्रोजेक्ट दंतक: भारत-भूटान की दोस्ती का प्रतीक यह सड़क BRO के 'प्रोजेक्ट दंतक' के तहत बनी है. प्रोजेक्ट दंतक 1960 के दशक से भूटान में काम कर रहा है और भूटान के विकास में बड़ा योगदान दे रहा है. इस सड़क में 5 नए पुल बनाए गए हैं, जो इसे हर मौसम में चलने लायक बनाते हैं. हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भूटान का दौरा किया. हा घाटी की सड़क के बारे में जानकारी ली. BRO के डीजीबीआर (निदेशक जनरल बॉर्डर रोड्स) लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन भी भूटान में हैं, जहां उन्होंने राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री तोबगे त्शेरिंग से मुलाकात की. प्रधानमंत्री ने दंतक की भूटान के विकास में भूमिका की तारीफ की. इस सड़क का उद्घाटन न सिर्फ कनेक्टिविटी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा देगा. 2017 के डोकलाम टकराव के बाद भूटान में सड़क निर्माण का काम तेज हो गया है. BRO कई और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है ताकि सीमा क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हो सके.  भारत-भूटान का रिश्ता और चीन का चैलेंज भारत और भूटान के बीच गहरी दोस्ती है. भूटान भारत का पड़ोसी देश है. चीन के बढ़ते प्रभाव का सामना कर रहा है. 2017 में डोकलाम के दौरान भूटान ने भारत का साथ दिया था, जो इस दोस्ती की मिसाल है. भारत भूटान में सड़कें और बिजली जैसे प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहा है, ताकि दोनों देशों की साझा सुरक्षा मजबूत हो सके. चीन ने डोकलाम और आसपास के इलाकों में सड़कें और गांव बनाए हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है. हा घाटी की सड़क भारत को यह मौका देती है कि वह अपनी सेना और संसाधनों को तेजी से तैनात कर सके, अगर चीन ने कोई कदम उठाया तो. यह सड़क भूटान की सेना के लिए भी चंबी घाटी तक पहुंच को आसान बनाएगी. फायदे क्या हैं?     सैन्य फायदा: इस सड़क से भारतीय और भूटानी सेना को तेजी से गति मिलेगी, खासकर चीनी सीमा के पास.     लॉजिस्टिक्स: सैन्य सामान और आपूर्ति आसानी से पहुंचेगी.     पर्यटन और अर्थव्यवस्था: हा घाटी एक खूबसूरत इलाका है. यह सड़क पर्यटन को बढ़ावा देगी, जिससे भूटान की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.     चीन के खिलाफ रणनीति: यह सड़क भारत को चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने में मदद करेगी. चुनौतियां और सावधानियां चीन की ओर से लगातार बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है, जो भविष्य में तनाव बढ़ा सकता है. इसलिए भारत और भूटान को इस सड़क की सुरक्षा और रखरखाव पर ध्यान देना होगा. साथ ही, स्थानीय लोगों को इस सड़क के फायदे और सावधानियों के बारे में जागरूक करना जरूरी है.

बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका: रेलवे में निकली 3000 से अधिक अपरेंटिस वैकेंसी, जानें डिटेल्स

मुंबई   भर्ती प्रकोष्ठ (RRC) ने भारतीय रेलवे के वर्कशॉप और डिवीजनों में 3000 से अधिक अपरेंटिस पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इच्छुक उम्मीदवार प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट rrcer.org के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इच्छुक लोगों को 13 सितंबर, 2025 से पहले इस पद के लिए आवेदन करना होगा. शैक्षिक योग्यता ऑनलाइन आवेदन 14 अगस्त, 2025 से शुरू होंगे और उम्मीदवारों को इसके लिए एक आवेदन पत्र भरना होगा. उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए. प्रकोष्ठ अनुसूचित जाति (SSC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) जैसी श्रेणियों के उम्मीदवारों को आयु में छूट प्रदान कर सकता है. भर्ती के लिए 10वीं पास होना जरूरी उम्मीदवार को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ कक्षा 10 उत्तीर्ण होना चाहिए. उम्मीदवार को स्वास्थ्य जांच से गुजरना पड़ सकता है, जिसके आधार पर पद के लिए उनकी पात्रता पर विचार किया जाएगा. उम्मीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि चयन किसी लिखित परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि कक्षा 10वीं और आईटीआई परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा.

EC का पलटवार: ‘राहुल नहीं आते, अब कर्मचारी धमकी का निशाना’, विपक्ष के आरोपों पर सफाई

नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. आयोग ने कहा कि जब राहुल गांधी को आपत्ति जताने के लिए बुलाया जाता है तो वह आते नहीं और अब आयोग के कर्मचारियों को धमकाने तक लगे हैं.  आयोग ने राहुल के बयानों को 'बेबुनियाद' और 'गैर-जिम्मेदाराना' करार देते हुए कहा कि वह ऐसे आरोपों को नजरअंदाज करता है. साथ ही आयोग ने अपने सभी चुनावी कर्मियों को ऐसी टिप्पणियों पर ध्यान न देने और निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से काम जारी रखने का निर्देश दिया है. चुनाव आयोग ने कहा कि राहुल गांधी को 12 जून 2025 को ईमेल भेजा, लेकिन वह पेश नहीं हुए. 12 जून 2025 को उन्हें पत्र भी भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं आया. राहुल गांधी ने अब तक किसी भी मुद्दे पर आयोग को कोई पत्र नहीं भेजा है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब वह आधारहीन आरोप लगा रहे हैं और आयोग व उसके कर्मचारियों को धमकाने तक लगे हैं. चुनाव आयोग ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों को नजरअंदाज करता है और अपने सभी कर्मचारियों से अपील करता है कि वे निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ कार्य करते रहें. आयोग ने अपने कर्मियों से अपील की कि वे बिना किसी दबाव के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा को बनाए रखें. क्या बोले राहुल गांधी दरअसल, राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग पर वोट चारी आरोप लगाया और कहा कि हमारे पास इसके पुख्ता सबूत हैं. राहुल गांधी ने कहा कि इस वोट चोरी में चुनाव आयोग शामिल है और मैं ये हल्के में नहीं कह रहा हूं. मैं ये पुख्ता सबूत के साथ बोल रहा हूं. जैसे ही हमने ये रिलीज किया, वैसे ही पूरे देश को पता चल जाएगा कि इलेक्शन कमीशन वोट चोरी करा रहा है और किसके लिए कर रहा है? आयोग बीजेपी के लिए ऐसा कर रहा है. इस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. हमें MP और महाराष्ट्र चुनाव में हुआ शक: राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी को मध्य प्रदेश और लोकसभा चुनावों में वोट चोरी का शक था. महाराष्ट्र में ये शक और बढ़ गया, जहां उन्हें लगा कि राज्य स्तर पर बड़े पैमाने पर धांधली हुई उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में एक करोड़ नए वोटर जोड़े गए, लेकिन जब कांग्रेस ने वोटर लिस्ट और वीडियोग्राफी की मांग की तो आयोग ने कोई सहयोग नहीं किया. राहुल ने कहा, 'चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट नहीं दिखाई. हमने वीडियोग्राफी मांगी तो उन्होंने उसका कानून ही बदल दिया.' बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच तनातनी देखने को मिली हो. 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी राहुल ने आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया था, खासकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता और मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर. उस वक्त भी आयोग ने राहुल के बयानों को 'आधारहीन' बताते हुए खारिज कर दिया था. इसके अलावा कांग्रेस ने कई बार आयोग के कुछ अधिकारियों की नियुक्ति और उनके कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं, जिसे आयोग ने राजनीति से प्रेरित बताया है.