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644 कार्टन अवैध शराब जब्त: 60 लाख की खेप के साथ ड्राइवर फरार

सिरोही आबूरोड रीको थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह चंपावत ने बताया कि पालनपुर फोरलेन पर स्थित मावल चौकी पर गुरुवार को कंटेनर में गुजरात ले जाई जा रही 60 लाख रुपये की पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के 644 कार्टन जब्त की गई है। इस दौरान ड्राइवर मौके से भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर पकड़ने का प्रयास भी किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। शराब एवं कंटेनर को जब्त कर फरार ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। आबूरोड रीको थानाधिकारी चंपावत के अनुसार सिरोही जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में शराब की तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभुदयाल धानिया एवं माउंटआबू वृताधिकारी गोमाराम चौधरी के सुपरविजन में मावल चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा आबूरोड की ओर से आ रहे एक कंटेनर को रुकवाया गया। इस दौरान कंटेनर ड्राइवर वहां से भाग खड़ा हुआ। लिसकर्मियों द्वारा उसका पीछा कर पकड़ने का प्रयास भी किया गया लेकिन, वे इसमें कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद कंटेनर की तलाशी ली गई तो उसमें पंजाब निर्मित अंग्रेजी शराब के विभिन्न ब्रांडों के 644 कार्टन पाए गए। आवश्यक कारवाई के बाद शराब एवं कंटेनर को जब्त कर लिया गया। जब्त की गई शराब की कीमत 60 लाख रुपए बताई गई है। थानाधिकारी चंपावत के अनुसार फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे है। पुलिस यह शराब कहां से लाई जा रही थी तथा इसे गुजरात में कहां सप्लाई किया जाना था इसकी भी जांच की जा रही है। कारवाई में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल इस कारवाई में आबूरोड रीको पुलिस थाना के उपनिरीक्षक पूराराम, हेड कांस्टेबल किशनलाल, कांस्टेबल  प्रकाश, जयंतिलाल, भवानीसिंह, दिलीपसिंह, मुकेश,  दिनेश, हिन्दूराम, प्रवीणसिहं, मालदेव एवं गोपाल शामिल रहे।  

इतिहास में नया मुकाम: इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ PM मोदी बने दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के दौरे पर हैं, इसी बीच उन्होंने एक और बेहद खास कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। उन्होंने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का खास रिकॉर्ड तोड़ दिया। नरेंद्र मोदी 25 जुलाई यानी आज भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद संभालने वाले पीएम बन गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इंदिरा गांधी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए ये कामयाबी हासिल की है। इंदिरा गांधी सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में दूसरे नंबर थीं। हालांकि, पीएम मोदी अब उनसे आगे निकल गए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी से आगे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ही हैं। पीएम मोदी ने इस मामले में इंदिरा को पछाड़ा नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह मुकाम हासिल कर लिया। वह लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के मामले में इंदिरा गांधी से आगे निकल गए हैं। इंदिरा गांधी 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक, 4,077 दिनों तक प्रधानमंत्री रहीं। पीएम मोदी मोदी का 25 जुलाई को कार्यकाल 4,078 दिनों का हो गया है। लगातार तीसरी बार स्थिर सरकार नरेन्द्र मोदी ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत दिलाकर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी की है. आजादी के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी ने गैर-कांग्रेसी नेताओं में सबसे लंबे समय तक सेवा देने का गौरव भी हासिल किया है. वह दो पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं, जो उनकी राजनीतिक स्थिरता का प्रमाण है. पीएम मोदी ने जीते 6 चुनाव पीएम मोदी का राजनीतिक सफर साल 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ, जहां उन्होंने 2002, 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की. इसके बाद साल 2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने लगातार तीन आम चुनावों में भाजपा को विजय दिलाई. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्होंने एक ही पार्टी के तहत छह विधानसभा और लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की है. यह उपलब्धि उनकी रणनीतिक कुशलता और जनता के बीच उनकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है. पीएम मोदी की नीतियों पर जनता को विश्‍वास पीएम मोदी का यह रिकॉर्ड न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की बदलती राजनीतिक गतिशीलता को भी दर्शाता है. जहां नेहरू और इंदिरा गांधी के दौर में कांग्रेस का वर्चस्व था, वहीं मोदी ने गैर-कांग्रेसी नेतृत्व को एक नई ऊंचाई दी है. उनकी नीतियों, जैसे डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत, ने देश की प्रगति को नई दिशा दी है.यह उपलब्धि मोदी के नेतृत्व की स्थिरता और उनके सुधारवादी एजेंडे के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाती है. हालांकि, विपक्षी दलों द्वारा उन पर लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने और ध्रुवीकरण की राजनीति करने के आरोप भी लगते रहे हैं. फिर भी, यह ऐतिहासिक क्षण भारत के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. अब पीएम मोदी से आगे सिर्फ पहले प्रधानमंत्री नेहरू सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है। पंडित नेहरू ने 1952 से 1964 तक देश के प्रधानमंत्री की जिम्मा संभाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करें तो उन्होंने पीएम पद संभालने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली है। वह 13 साल तक गुजरात के सीएम रहे। गैर कांग्रेसी पीएम के तौर पर सबसे लंबा कार्यकाल गैर कांग्रेस पीएम के तौर पर भी सबसे लंबा कार्यकाल भी प्रधानमंत्री मोदी का ही है। पीएम मोदी ने गुजरात में लगातार तीन बार BJP को जीत दिलाई। यह जीत 2002, 2007 और 2012 में मिली। उन्होंने केंद्र में भी यह कमाल किया। उनकी पार्टी बीजेपी ने 2014, 2019 और 2024 में लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीते। मई 2026 में तोड़ देंगे पूर्व पीएम नेहरू का रिकॉर्ड जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे जल्द ही वो नेहरू को भी पीछे छोड़ देंगे। पीएम मोदी मई 2026 में पूर्व पीएम नेहरू के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। इसी के साथ वो सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले व्यक्ति बन जाएंगे। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि नरेंद्र मोदी बीते 24 सालों से सत्ता में हैं। वह पहले लगातार गुजरात के सीएम रहे और फिर लगातार करीब 11 सालों से प्रधानमंत्री बने हुए हैं। एक बात और है कि पीएम नरेंद्र मोदी देश की आजादी के बाद पैदा होने वाले पहले शख्स हैं, जो पीएम की कुर्सी तक बैठे हैं। आइए जानते हैं, उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य… – वह सबसे लंबे कार्यकाल वाले देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम था। – गैर-हिंदी भाषी राज्य से आने वाले वह पहले प्रधानमंत्री हैं, जिनका कार्यकाल इतना लंबा रहा है। – यदि राज्य में उनके सीएम कार्यकाल को भी गिन लिया जाए तो वह पहले नेता हैं, जो किसी चुनी हुई सरकार के सबसे लंबे समय तक मुखिया रहे हैं। – वह ऐसे पहले और गैर-कांग्रेसी पीएम हैं, जिन्होंने अपने दो कार्यकाल लगातार पूरे किए हैं। – एक रिकॉर्ड यह भी है कि वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने अपने दम पर बहुमत हासिल करके दो बार सरकार बनाई। – इंदिरा गांधी के कार्य़काल के बाद वह पहले ऐसे पीएम हैं, जिन्होंने दोबारा बहुमत के साथ सत्ता हासिल की। इसके अलावा पंडित नेहरू के बाद वह दूसरे ऐसे नेता हैं, जो केंद्र सरकार का लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर नेतृत्व कर रहे हैं। – वह देश के पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने लगातार 6 चुनाव जीते हैं। उन्हें 2002, 2207 और 2012 में गुजरात चुनाव में जीत मिली थी। इसके अलावा 2014, 2019 और 2024 में उन्हें लोकसभा चुनाव में जीत मिली थी।

जेनिफर लोपेज ने इटली में शेयर किए बेडरूम सीक्रेट्स!

इटली अमेरिकी सिंगर जेनिफर लोपेज चर्चा में हैं। उन्होंने इटली में 'लुक्का समर फेस्टिवल' में शिरकत की। इस दौरान ना सिर्फ अपने गाने से दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि हजारों फैंस के भीड़ के सामने खुलकर अपने 'बेडरूम सीक्रेट्स' शेयर किए। उनकी बातें सुनकर किसी ने तालियां बजाई तो कोई हैरान रह गया। कुछ लोग इसे उनके एक्स हसबैंड बेन एफ्लेक से भी जोड़कर देख रहे हैं। 55 साल की जेनिफर लोपेज ने कहा, 'मुझे आपके साथ ईमानदार रहना होगा। कभी कभी रात में मेरा मूड अलग होता है। आपका नहीं पता, लेकिन मेरे साथ तो ऐसा होता है। किसी दिन कुछ और तो किसी दिन थोड़ा रोमांटिक महसूस करती हूं। आप कैंडिल जलाते हैं और हल्का म्यूजिक बजाते हैं। उन दिनों मुझे असली शो पसंद आते हैं।' जेनिफर ने कहा- मैं नॉटी फील करती हूं जेनिफर जैसे-जैसे आगे बोलती हैं, फैंस उनकी बातें सुनकर और शॉक्ड हो जाते हैं। वो कहती हैं, 'लेकिन कुछ दिन ऐसे भी होते हैं… शायद इसलिए क्योंकि ये मेरे लिए एक नया टाइम है, शायद इसलिए क्योंकि ये गर्मी के दिन है और बाहर बहुत गर्मी है। मैं थोड़ा शरारती महसूस करती हूं। क्या आपको कभी ऐसा एहसास होता है? जब आपको शरारती होने का मन करता है?' जेनिफर के कई फैंस रह गए सन्न जेनिफर के इस मोनोलॉग पर कई फैंस उनके लिए तालियां बजा रहे थे, वहीं कई सन्न थे। फैंस को यकीन है कि उन्हें ये मैसेज मिल गया कि सिंगर अपनी लाइफ के इस पड़ाव पर पूरी तरह से कंट्रोल में हैं। इस मोनोलॉग के बाद जेनिफर ने अपना नया ट्रैक गाया, जिसका टाइटल है- 'अप ऑल नाइट।' इसके लिरिक्स हैं- मैं पूरी रात जागती हूं। किसी के साथ नाचती हूं। अपनी बेस्ट लाइफ जीती हूं। मुझे यकीन है कि आप भी चाहते होंगे कि आप मेरे साथ होते। मैं आपके तोड़ दिए जाने से थक गई हूं। अब मेरी ओर देखो…।' फैंस का कहना है कि उनके गाने का टाइम और बोल उनके पूर्व पति बेन एफ्लेक की ओर इशारा करते हैं। कईयों का कहना है कि उन्होंने इस गाने से अपनी असफल शादी का जिक्र किया है। गानों में है रिश्तों के उतार-चढ़ाव का दर्द एक सूत्र ने 'द यूएस सन' को बताया कि जेनिफर के पासक एक नए एल्बम के लिए कई गाने हैं। इनमें से ज्यादातर गाने बेन एफ्लेक के साथ उनके उतार-चढ़ाव भरे रिश्ते से लिए गए हैं। सूत्र ने कहा, 'जेनिफर के लिए ये बिल्कुल नया दौर है और वो इसमें कोई कसर नहीं छोडे़ंगी। 'रेकेज ऑफ यू' खासतौर पर बेन के बारे में था और 'अफ ऑल नाइट' इस ओर इशारा करते है कि जेनिफर इस समय अपनी लाइफ में कहां हैं।'

ईश सोढ़ी का नया कारनामा, T20I में हासिल किया विकेट किंग का ताज

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में करियर बेस्टर परफॉर्मेंस देते हुए 4 विकेट चटकाए। इन 4 विकेट के साथ उन्होंने T20I में 150 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अपनी जगह बनाई। सोढ़ी टिम साउथी और राशिद खान के बाद क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में ऐसा करने वाले मात्र तीसरे और न्यूजीलैंड के दूसरे गेंदबाज बने हैं। सोढ़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में 4 ओवर में मात्र 12 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए। उनके इस उम्दा प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 60 रनों से मैच जीतने में कामयाब रही। सोढ़ी को उनकी लाजवाब परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। T20I क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड टिम साउथी के नाम है। इस कीवी तेज गेंदबाज ने 126 मैचों में 164 शिकार किए हैं। वहीं लिस्ट में दूसरे नंबर पर अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान हैं। दाएं हाथ के इस कलाई स्पिनर ने मात्र 96 मैचों में 161 विकेट चटकाए हैं। वह टिम साउथी को पछाड़ने से मात्र 4 विकेट दूर हैं। भारत का कोई गेंदबाज टॉप-5 या 10 में तो छोड़ो टॉप-20 में भी नहीं है। दो बार के चैंपियन भारत के लिए T20I में सर्वाधिक 99 विकेट अर्शदीप ने चटकाए हैं। वह लिस्ट में 23वें पायदान पर हैं। T20I में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज- टिम साउथी- 164 राशिद खान- 161 ईश सोढ़ी- 150 शाकिब अल हसन- 149 मुस्तफिजुर रहमान- 139 बता दें, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच ट्रॉई सीरीज खेली जा रही है। कीवी टीम ने लीग स्टेज के सभी चार मैच जीते हैं। वहीं उनके साथ फाइनल में पहुंचने वाली साउथ अफ्रीका की टीम 4 में से दो मैच जीती है और जिम्बाब्वे को अपने सभी चारों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। 26 जुलाई को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच ट्रॉई सीरीज का फाइनल खेला जाएगा।

धमकी देकर नाबालिग से किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया सलाखों के पीछे

बलरामपुर जिले में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मनोज ने घर में घुसकर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी और उसे अपने मामा के घर ले गया. जहां आरोपी ने नाबालिग के साथ गंदा काम किया. मामला थाना रघुनाथ नगर का है. पीड़िता ने रोते-बिलखते अपने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया. वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देशानुसार आरोपी मनोज कुमार (21 वर्षीय) को गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी के खिलाफ  धारा333 351(1), 137 (2) 64 बीएनएस, पाक्सो एक्ट 4,6 के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल रामानुजगंज भेजा गया है.

फिलीपींस में भीषण तूफान से तबाही, 25 मृत; राहत और बचाव जारी

मनीला फिलीपींस में पिछले एक हफ्ते से जारी मूसलधार बारिश और भूस्खलन के बीच अब ट्रॉपिकल तूफान 'को-मे' ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे फिलीपींस के लिए यह तूफान एक और बड़ा झटका साबित हुआ है। ऐसे में सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका अहम बन जाती है ताकि लाखों लोगों को सुरक्षित और आवश्यक मदद मिल सके। इस खतरनाक तूफान के कारण अब तक कम से कम 25 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 2.78 लाख लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। तूफान शुक्रवार को देश के उत्तरी पहाड़ी इलाकों से गुजरा। इतनी रफ्तार से आया तूफान 'को-मे' नाम का यह तूफान गुरुवार की रात पांगासिनान प्रांत के अग्नो कस्बे में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराया। इसके झोंकों की गति 165 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। शुक्रवार सुबह तक इसकी ताकत थोड़ी कम हुई और यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वोत्तर दिशा की ओर बढ़ता दिखा। मॉनसून को भी किया और भयानक तूफान ने देश में पहले से ही चल रही मौसमी बारिश को और ज्यादा तीव्र बना दिया। पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही बारिश से कई इलाकों में बाढ़, पेड़ों के गिरने, भूस्खलन और बिजली के झटकों से लोगों की जान गई है। फिलहाल आठ लोग लापता हैं। हालांकि, तूफान 'को-मे' से सीधे मौत की कोई पुष्टि अब तक नहीं हुई है। स्कूल बंद, 35 प्रांतों में क्लास सस्पेंड सरकार ने राजधानी मनीला में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन स्कूल बंद रखने का आदेश दिया है। लुजोन के मुख्य उत्तरी इलाके के 35 प्रांतों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। कम से कम 77 शहरों और कस्बों में 'आपातकाल' घोषित किया गया है, जिससे राहत फंड जल्दी मिल सके और जरूरी सामान जैसे चावल की कीमतें न बढ़ें। 278,000 लोगों का विस्थापन, सेना तैनात सरकारी आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 2.78 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ और तूफान के कारण अपने घरों को छोड़ चुके हैं। इनमें से अधिकांश को आपातकालीन शेल्टर या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेनी पड़ी। अब तक लगभग 3,000 घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। राहत और बचाव के लिए सेना, पुलिस, कोस्ट गार्ड, दमकल कर्मियों और स्थानीय वॉलंटियरों को तैनात किया गया है। राष्ट्रपति की चेतावनी और अमेरिकी मदद का वादा राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने व्हाइट हाउस यात्रा से लौटने के बाद राहत शिविरों का दौरा किया और लोगों को खाद्य सामग्री वितरित की। उन्होंने एक आपात बैठक में कहा कि अब जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी आपदाएं और ज्यादा और अनिश्चित होंगी। अमेरिकी सरकार ने राहत सामग्री और भोजन को दूर-दराज के क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए अपने सैन्य विमानों की मदद देने का वादा किया है।

याचना नही अब रण होगा ,अपने अधिकार अब भागने से नही छीनने से मिलेगे – जीतू लोधी

ग्वालियर/भिंड – ओबीसी महासभा संगठन ने ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की बहाली के लिए बिगुल फूंक दिया है। संगठन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने ऐलान किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही ओबीसी आरक्षण बहाल नहीं किया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी, तो 28 जुलाई को राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जातिगत जनगणना ही एकमात्र उपाय है, जिससे यह पता चलेगा कि किस वर्ग की संख्या कितनी है और उनका वास्तविक प्रतिनिधित्व क्या होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा जातिगत जनगणना की घोषणा का स्वागत किया, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। ओबीसी महासभा की प्रमुख —- ओबीसी महासभा पूर्व अध्यक्ष व राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य जीतू लोधी ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं: ओबीसी आरक्षण पर लगी 13% की रोक हटाकर पूर्ण 27% आरक्षण बहाल करना। चयनित अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति देना। ओबीसी वर्ग के लिए 52% आरक्षण लागू करना। वर्षों से लंबित बैकलॉग पदों को भरना। न्यायपालिका में भारतीय न्यायिक सेवा लागू करना व कॉलेजियम प्रणाली समाप्त करना। प्रदेश में 125 विधानसभा सीटों को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षित किया जाना। आउटसोर्स भर्ती बंद कर सीधी भर्ती शुरू करना। लहचूरा की 2 हजार बीघा कृषि भूमि पर कमेटी बनाकर ग्रामीणों को न्याय दिलाना। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना। 28 जुलाई को होगा ऐतिहासिक प्रदर्शन। महासभा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो 28 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे प्रदेश से ओबीसी समाज के युवा, महिलाएं, व अन्य संघठन,सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

खनन मामले में लापरवाही नहीं चलेगी: हाईकोर्ट ने खनन सचिव से मांगा व्यक्तिगत स्पष्टीकरण

बिलासपुर हाईकोर्ट ने अवैध उत्खनन के एक मामले में खनन सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है. मामला सक्ती जिले के ग्राम नंदेली में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध पत्थर उत्खनन के मामले को लेकर दायर जनहित याचिका का है. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने खनन विभाग के सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. वहीं, महाधिवक्ता द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए मांगे गए समय को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है. याचिकाकर्ता खोलबाहरा द्वारा अधिवक्ता योगेश चंद्रा के जरिए जनहित याचिका दायर की गई है. जिसमें कहा गया है कि ग्राम नंदेली, तहसील जैजैपुर, जिला सक्ती स्थित खसरा नंबर 16/1, क्षेत्रफल 14.2 हेक्टेयर की शासकीय भूमि पर राजेश्वर साहू सहित अन्य निजी व्यक्तियों द्वारा लंबे समय से गौण खनिज पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. ग्रामीणों ने इसकी शिकायत तहसील और जिला प्रशासन से कई बार की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे पहले याचिकाकर्ता ने एक अलग रिट याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने 30 जून 2025 के आदेश में यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से प्रभावित नहीं है. हालांकि अदालत ने उन्हें जनहित याचिका दायर करने की छूट दी थी. इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत वर्तमान जनहित याचिका दाखिल की गई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद से प्रतिवादी उस स्थान को धीरे-धीरे पाटने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे साक्ष्य मिटाए जा सकें. उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए खनन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई से पहले व्यक्तिगत रूप से हलफनामा प्रस्तुत करें और इस विषय में स्थिति स्पष्ट करें.

शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी मालवा में एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत पौधे वितरित किये

सिवनी मालवा  शासकीय कन्या  महाविद्यालय सिवनी मालवा में हरियाली अमावश्या के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे के मार्गदर्शन में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम  "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम योजना अंतर्गत  इको क्लब  द्वारा  छात्राओं को पौधे वितरित किये गये एवं महाविद्यालय परिसर मे पौधरोपण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ उमेश कुमार धुर्वे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है।  बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करना भी है। इको क्लब प्रभारी डॉ सतीश बालापुरे ने कहा की हमारा उद्देश्य छात्राओं और समुदाय को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का मौका भी मिलता है। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग, सोनी मालवा  के श्री नारायण बाबरिया भी उपस्तिथ रहे।   वृक्षा रोपण अभियान  के इको क्लब  सह प्रभारी  डॉ मनीष दीक्षित एवं  डॉ रजनीकांत वर्मा  ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार साझा किए और इसे एक वार्षिक परंपरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर छात्रों के साथ-साथ महाविद्यालय स्टाफ के श्री रजनीश जाटव, श्री मनोज प्रजापरी, डॉ राकेश निरापुरे, डॉ गजेंद्र,  कु. आकांक्षा पांडे, डॉ पदम शर्मा प्रवीण साहू, कु सुदर्शना राज, डॉ दुर्गा मीना एवं महाविद्यालय इको क्लब इकाई की छात्राएं एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहा।  

नई गाइडलाइन से बदलेगा सामाजिक ढांचा: धर्मांतरण और फिजूल खर्च पर कड़ा रुख

वाराणसी काशी विद्वत परिषद ने हिंदू परंपराओं और सामाजिक व्यवहार में सुधार के लिए एक नई हिंदू आचार संहिता जारी की है। 400 पन्नों के इस दस्तावेज को देश भर के विद्वानों, शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और संतों के साथ लंबे विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। नई संहिता में दहेज पर पूर्ण प्रतिबंध, शादियों में फिजूलखर्ची पर रोक और दिन में वैदिक तरीके से विवाह करने की सलाह दी गई है। ब्रह्मभोज में शामिल होंगे केवल 13 लोग अंतिम संस्कार के बाद होने वाले भोज में केवल 13 लोगों को शामिल करने की सीमा तय की गई है। इसके साथ ही प्री-वेडिंग शूट और सगाई जैसी आधुनिक प्रथाओं को भी हतोत्साहित किया गया है। संहिता में हिंदू धर्म में वापसी की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जिन लोगों ने किसी दबाव में धर्म परिवर्तन कर लिया था, वे लोग अपने गोत्र और नाम सहित हिंदू धर्म में वापस लौट सकेंगे। इसके साथ ही मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिरों के गर्भगृह में केवल पुजारियों और संतों के प्रवेश की अनुमति होगी। अक्तूबर 2025 में आधिकारिक तौर पर होगी लागू काशी विद्वत परिषद के महासचिव राम नारायण द्विवेदी ने बताया कि इस संहिता को 70 विद्वानों द्वारा विकसित किया गया है। ये विद्वान 11 टीमों और तीन उप-टीमों में विभाजित थे। प्रत्येक टीम में उत्तरी और दक्षिणी भारत के पांच विद्वान शामिल थे। संहिता को अंतिम रूप देने के लिए 40 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इस संहिता की 5 लाख प्रतियां पूरे देश में बांटी जाएंगी। इस संहिता को तैयार करने में मनुस्मृति, पराशर स्मृति, देवल स्मृति के साथ-साथ गीता, रामायण, महाभारत और पुराणों के अंशों को शामिल किया गया है। अक्टूबर 2025 में शंकराचार्यों, रामानुजाचार्यों और प्रमुख संतों की स्वीकृति के बाद इस संहिता को आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।