samacharsecretary.com

24 घंटे में 4.5 इंच बारिश का अनुमान, जबलपुर सहित 20 जिलों में रेड अलर्ट, मड़ीखेड़ा डैम से छोड़ा जा रहा पानी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इससे पहले बुधवार को नर्मदापुरम के इटारसी में बाढ़ जैसे हालात रहे। भोपाल, इंदौर समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। अगले चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग कि सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच बारिश बुधवार को छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। वहीं, गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। भोपाल, दतिया, इंदौर, शिवपुरी, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर के नौगांव, टीकमगढ़, बालाघाट के मलाजखंड, श्योपुर, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश का दौर चला। सीजन में अब तक औसतन 21.1 इंच बारिश हुई मध्यप्रदेश में इस सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।  मौसम विभाग ने आज जबलपुर समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, विदिशा, सीहोर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छतरपुर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, पन्ना, कटनी, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और उमरिया में भारी बारिश का दौर बना रहेगा। अगले 24 घंटे में इन जिलों में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में अभी मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। अगले चार दिन तक कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। पचमढ़ी में 3.4 इंच बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान पचमढ़ी में 3.4 इंच पानी गिर गया। छिंदवाड़ा में 2.6 इंच, गुना में 2.3 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 2.1 इंच, नर्मदापुरम में 1.8 इंच, ग्वालियर में 1.5 इंच, श्योपुर में 1.1 इंच, मंडला में 1 इंच बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, सिवनी, खजुराहो, जबलपुर, नौगांव, सागर, बैतूल, सीधी, रायसेन, दमोह, शिवपुरी में भी बारिश का दौर रहा। इस बार 7 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21.1 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 14.1 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 25% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिले भी बेहतर स्थिति में हैं। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। 10 साल में बारिश का ट्रेंड, पहले भोपाल के बारे में जानिए भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 में हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। साल 2024 में पूरे जुलाई महीने में 15.70 इंच बारिश हुई थी। भोपाल में जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है यानी हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है। अगले चार दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, मध्यप्रदेश में मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसलिए बारिश हो रही है। अगले चार दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। कहीं अति भारी तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को भी 20 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में गिरा पानी रायसेन, उज्जैन, डिंडौरी , नर्मदापुरम, सिवनी मालवा सहित कई जिलों में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। उज्जैन में तेज पानी गिर। भोपाल में बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इटारसी में बाजार और सरकारी रेस्ट हाउस में पानी भर गया। जमानी गांव का बिजली सब स्टेशन डूब गया। सिवनी मालवा तहसील के ग्रामीण इलाकों में खेत और रास्ते डूबे रहे। छिंदवाड़ा में 9 घंटे में 2.1 इंच पानी गिर गया। गुना में 1.8 इंच, नर्मदापुरम-ग्वालियर में 1.5 इंच, शाजापुर में 1.2 इंच और शिवपुरी में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 537 मिमी पानी बरस चुका है। यह सामान्य वर्षा 359 मिमी से 49 फीसदी ज्यादा है। निवाड़ी में सबसे ज्यादा 225 फीसदी पानी बरसा। छतरपुर में 177, मंडला 102, टीकमगढ़ 165, अशोकनगर 116, ग्वालियर 142, मुरैना 131, श्योपुर 191 और शिवपुरी में 141 फीसदी ज्यादा बारिश हुई। 

उज्जैन में युवक को आया हार्टअटैक, डॉक्टरों ने 12 शॉक और CPR से किया जीवनदान

उज्जैन अगर समय रहते कोशिश की जाए, तो किसी की जान बचाई जा सकती है. सवाल केवल अपनी सतर्कता का है. उज्जैन जिले के नागदा स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला, जहां हार्ट अटैक के बाद अस्पताल के स्टाफ की तत्परता ने युवक की जान बचा ली.  उज्जैन में नागदा के एक प्राइवेट अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक को अस्पताल की ओपीडी में चेकअप के दौरान अचानक हार्ट अटैक आ गया. युवक अस्पताल की कुर्सी पर बैठे-बैठे ही नीचे गिर पड़ा और उसकी धड़कनें बंद हो गईं. लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ की तत्परता से उसकी जान बचाई जा सकी. यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय सनी गेहलोत निवासी ग्राम रूपेटा सीने में दर्द की शिकायत के बाद नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में चेकअप कराने आया था. डॉक्टर उसकी ब्लड प्रेशर जांच कर ही रहे थे कि तभी वह अचानक बेहोश होकर गिर गया. डॉक्टरों ने तुरंत जांच की तो उसकी पल्स और बीपी नहीं मिल रहा था. स्थिति को भांपते हुए डॉक्टरों ने तत्काल CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देना शुरू किया. सीने में दर्द होने की शिकायत लिए 30 साल का एक युवक सनी गेहलोत नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. डॉक्टर उनका ब्लड प्रेशर जांच रहे थे, तभी वह कुर्सी पर बैठे-बैठे अचेत होकर गिर पड़ा. जांच में न तो उसकी पल्स मिली और न ही ब्लड प्रेशर. तुरंत डॉक्टरों ने सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी देने का निर्णय लिया और उपचार शुरू किया.  मरीज को तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसे लगातार सीपीआर दी गई. डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की जान बच गई. यह पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जो अब वायरल हो रही है.  डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि करीब 40 मिनट तक सीपीआर और इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए, जिसके बाद युवक की धड़कन शुरू हुई. प्राथमिक उपचार के बाद उसे इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है.यह घटना मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे की है.  जानकारी के अनुसार, ग्राम रूपेटा निवासी सनी गेहलोत सीने में दर्द की शिकायत लेकर चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचा था. ओपीडी में डॉक्टर उसे देख रहे थे, तभी अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठे-बैठे गिर गया. इस दौरान उसे लगभग 12 बार शॉक और 40 मिनट तक सीपीआर दिया गया, जिससे उसकी जान बच सकी. 40 मिनट तक चला CPR, 12 बार दिए गए इलेक्ट्रिक शॉक डॉ. सुनील चौधरी ने बताया कि सनी को ICU में शिफ्ट कर 40 मिनट तक CPR दिया गया और 12 बार इलेक्ट्रिक शॉक थेरेपी दी गई. आखिरकार डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और युवक की धड़कनें फिर से चलने लगीं. प्रारंभिक इलाज के बाद युवक को इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. अस्पताल के OPD में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है. फुटेज में साफ दिखता है कि कैसे युवक कुर्सी से गिरा और कैसे डॉक्टरों ने बिना देरी किए CPR शुरू किया.

नदी में नहाना बना जानलेवा: खारून में डूबे दो किशोर, एक की लाश बरामद

दुर्ग अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में 2 नाबालिग डूब गए. घटना बुधवार की है जब 6 दोस्त नदी में नहाने उतरे थे. इस दौरान अचानक तेज बहाव और भंवर में फंसने के बाद 2 युवक डूब गए. SDRF के टीम ने गुरुवार को एक 16 वर्षीय नाबालिग के शव को गुरुवार सुबह बरामद किया. जबकि दूसरे 15 वर्षीय युवक की तलाश अब भी जारी है. जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान आशीष सरोज (16 वर्ष), पिता पंकज सरोज, बजरंग नगर वार्ड 37 निवासी के रूप में हुई है. वह बीते दिन ग्राम जमराव के 5 नाबालिग दोस्तों के साथ अमलेश्वर थाना क्षेत्र में खारून नदी में नहाने गया था. नहाते समय पानी के तेज बहाव और भंवर में फंस जाने से आशीष और उसका दोस्त यशवंत हरपाल (15 वर्ष) बह गए. उन्हें डूबता देखकर बाकी 4 दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया. लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी और डूबते नाबालिगों को ढूंढने और बचाने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे. डीप डाइविंग से निकाला गया शव SDRF की टीम ने पूरी रात आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन दोनों को नहीं ढूंढा जा सका था. वहीं आज गुरुवार सुबह डीप डाइविंग के अनुभवी जवान इंद्रपाल यादव और राजकुमार यादव ने दो घंटे की मेहनत के बाद आशीष का शव नदी से बाहर निकाला और पुलिस के सुपुर्द किया. लेकिन यशवंत अब तक नहीं मिल सका है. यशवंत की तलाश अब भी जारी है. पुलिस ने आशीष के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भिजवाया है. घटना से गांव और परिजनों में शोक की लहर है.

होटल ले जाने के मामले में टीचर को मिली जमानत, कोर्ट ने सहमति का किया उल्लेख

मुंबई  नाबालिग छात्र के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार हुईं मुंबई की एक शिक्षिका को जमानत मिल गई है। मुंबई की एक कोर्ट ने सबूतों के आधार पर कहा कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। टीचर पर आरोप थे कि उसने कई मौकों पर फाइव स्टार होटल ले जाकर नाबालिग छात्र का यौन शोषण किया है। अदालत ने जमानत देते समय आरोपी शिक्षिका पर पीड़ित से किसी तरह का संबंध नहीं साधने की शर्तें लगाई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आदेश में कहा है कि सबूत दिखाते हैं दोनों के बीच सहमति से संबंध थे। स्पेशल जज सबीना मलिक ने कहा, 'आरोपी ने स्कूल से इस्तीफा दे दिया था, तो छात्र और शिक्षिका के बीच संबंध की बात नहीं है। ऐसे में प्रभाव उतना नहीं है।' जज ने कहा कि ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा और आरोपी को तब तक हिरासत में रखने से कुछ नहीं मिलेगा। इधर, पीड़ित ने जमानत याचिका का विरोध किया है। पक्ष का कहना है कि अगर महिला को जमानत मिलती है, तो वह एक बार फिर छात्र को डराने धमकाने के रास्ते खोज लेगी। साथ ही कहा गया है कि वह सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ कर सकती है। इसपर जज ने कहा कि जरूरी शर्तें लगाई जा सकती हैं, जिनके जरिए ऐसी आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा। जज ने कहा कि आरोपी किसी भी तरह से पीड़ित से संपर्क नहीं करेगी। किसी भी गवाह या पीड़ित को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उकसाने, डराने या किसी चीज का वादा करने की रोक लगाई जाती है। जज ने यह भी साफ किया है कि इन शर्तों का उल्लंघन करने से जमानत तुरंत रद्द हो जाएगी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की तरफ से दिए गए आवेदन में महिला ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उसका कहना है कि यह मामला झूठा और लड़के की मां के कहने पर किया गया है, क्योंकि वह उनके रिश्ते के खिलाफ थीं। महिला ने याचिका में लड़के से बातचीत के सबूत पेश किए और कहा है कि उसके पैरेंट्स को रिश्ते के बारे में पता था। वह इसके खिलाफ थे। क्या था केस पुलिस का दावा है कि शिक्षा नाबालिग छात्र के प्रति दिसंबर 2023 में आकर्षित हुई थी। उसने कथित तौर पर जनवरी 2024 में पहली बार यौन संबंधों की पेशकश की। FIR में कहा गया है कि शिक्षिका नाबालिग छात्र को बड़े होटलों में ले जाती थी, जहां कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया जाता था। खबरें हैं कि टीचर ने कई बार शोषण करने से पहले छात्र को नशीला पदार्थ दिया।

मेरठ में मंदिर में पूजा करता मिला कासिम उर्फ कृष्ण, पिता हैं बिहार में मौलवी

मेरठ  उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां बिहार के एक मौलवी का बेटा मोहम्मद कासिम खुद को कृष्ण बताकर मंदिर में रह रहा था और पूजा-पाठ कर रहा था. एक साल तक पहचान छिपाकर मंदिर में रह रहे इस युवक का खुलासा उस वक्त हुआ जब मंदिर परिसर में आए कुछ लोगों को उस पर शक हुआ. पूछताछ में उसने सच स्वीकार कर लिया. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. जब कुछ ग्रामीणों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ तो उससे पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा गया, तो वह पहले तो बहानेबाजी करता रहा. फिर कुछ समय के लिए गांव से गायब हो गया. बाद में अचानक मंदिर में दोबारा आकर रहने लगा. इसी दौरान एक बार फिर उसके व्यवहार पर लोगों को शक हुआ और अंततः उसकी असलियत सामने आ गई. मंदिर में ऐसे घुसा  दरअसल, मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर लंबे समय से पुजारी नहीं थे. एक साल पहले एक युवक गांव में पहुंचा और खुद को कृष्ण पुत्र संतोष, निवासी दिल्ली बताकर मंदिर में रहने की अनुमति मांगी. ग्रामीणों को कोई आपत्ति नहीं हुई, क्योंकि मंदिर की देखरेख करने वाला कोई नहीं था. उन्होंने युवक को  अनुमति दे दी. कृष्ण के रूप में पहचाने गए इस युवक ने मंदिर में रहकर न केवल पूजा-पाठ शुरू किया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों का विश्वास भी धीरे-धीरे हासिल कर लिया. सुबह-शाम पूजा, प्रसाद वितरण, हवन जैसे धार्मिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता था. इसके अलावा वह हस्तरेखा और ज्योतिष से जुड़ी बातें भी करने लगा, जिससे ग्रामीण उसे धर्मगुरु की तरह मानने लगे. पहचान पर उठे सवाल और फिर… कुछ समय बाद गांव के कुछ लोगों को उसकी भाषा, व्यवहार और व्यक्तित्व में कुछ अलग नजर आया. जब उससे उसके पहचान पत्र की मांग की गई, तो वह टालमटोल करने लगा और आधार कार्ड लाने के बहाने 15 दिन के लिए गायब हो गया. इससे ग्रामीणों का शक गहरा गया. कई दिनों बाद वह पुनः मंदिर में आकर रहने लगा. इसके कुछ दिन बाद, जब मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया, वह वहां भी पहुंचा और मंदिर के एक कमरे से कुछ सामान निकालने लगा. इसी दौरान वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और पूछताछ शुरू की. बात बढ़ते-बढ़ते इतनी गंभीर हो गई कि कुछ लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को बुला लिया. पुलिस जांच में खुली असलियत पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से सख्ती से पूछताछ की. शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद कासिम बताया और स्वीकार किया कि वह मूलतः बिहार का रहने वाला है. यही नहीं, उसने यह भी स्वीकारा कि उसके पिता का नाम अब्बास है जो कि बिहार में मौलवी हैं. पुलिस के मुताबिक, कासिम कई महीनों से मंदिर में रह रहा था और दान-पुण्य की राशि को भी अपने व्यक्तिगत उपयोग में ला रहा था. एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने  बताया कि थाना दौराला क्षेत्र स्थित एक मंदिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति स्वयं को हिंदू बताकर पुजारी के रूप में रह रहा है. मौके पर पहुंचकर पूछताछ की गई तो व्यक्ति की पहचान मोहम्मद कासिम, निवासी बिहार के रूप में हुई. उसने अपना नाम बदलकर कृष्ण रख लिया था और मंदिर में रहकर पूजा-पाठ के नाम पर दान-दक्षिणा भी एकत्र कर रहा था. पुलिस ने बताया कि मंदिर से दान की गई राशि के गलत इस्तेमाल और धार्मिक पहचान छिपाकर आस्था से खिलवाड़ करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. बिहार से सत्यापन जारी पुलिस ने आरोपी के दावों की पुष्टि के लिए बिहार पुलिस से संपर्क साधा है और उसके निवास की जांच कराई जा रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह कोई सुनियोजित साजिश थी या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए की गई धोखाधड़ी. एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में कोई और व्यक्ति भी संलिप्त पाया गया या अगर कोई संगठित प्रयास नजर आता है, तो उस दिशा में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

चंद्रास्वामी के चेले हर्षवर्धन जैन की दोबारा गिरफ्तारी, फर्जी दूतावास चला रहा था गाजियाबाद में

गाजियाबाद  दिल्ली से महज 35 किमी दूर अपने किराए के मकान सें West Artica, Saborga, Poulvia, Londonia जैसे काल्पनिक देशों के फर्जी दूतावास चलाने वाले स्वयंभू राजनयिक हर्षवर्धन जैन को लेकर कई खुलासे हो रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी को गाजियाबाद के कविनगर इलाके से अरेस्ट किया था. आरोपी खुद को इन काल्पनिक देशों का कॉन्सुल या एम्बेसडर बताता था और विदेशों में नौकरी तथा बिजनेस डील कराने का वादा करके लोगों से पैसे ऐंठता था. उसका यह ठगी का नेटवर्क सात साल तक एक्टिव रहा. एसटीएफ ने हर्षवर्धन को उसके किराए के मकान से गिरफ्तार कर 44.7 लाख रुपये नकद, 34 रबर स्टैंप, विदेशी मुद्रा, 12 फर्जी राजनयिक पासपोर्ट, 18 नकली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट और चार लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं. चंद्रास्वामी और हथियार डीलर से भी जुड़े थे तार पुलिस के अनुसार, हर्षवर्धन जैन का विवादास्पद धर्मगुरु और तांत्रिक चंद्रास्वामी और अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर अदनान खशोगी से भी पुराना संबंध रहा है. साल 2011 में भी काविनगर थाने में उस पर अवैध सैटेलाइट फोन रखने का मामला दर्ज हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के करीबी माने जाने वाले तांत्रिक चंद्रास्वामी का विवादों से गहरा नाता रहा है. नरसिम्हा राव सरकार के दौरान सामने आए कई घोटालों की परछाई चंद्रास्वामी तक भी पहुंची थी. हालात ऐसे बने कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा. हर्षवर्धन ने पीएम, राष्ट्रपति और अन्य नामी हस्तियों के साथ एडिट की गई तस्वीरें भी इस्तेमाल कीं ताकि लोगों पर प्रभाव डाल सके और ठगी कर सके. उसके पास से फर्जी विदेश मंत्रालय की मुहर, प्रेस कार्ड, और विभिन्न देशों की सील भी बरामद की गई है. नौकरी और हवालाबाजी के नाम पर चलाता था ठगी रैकेट एसटीएफ एसएसपी सुशील घुले ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जैन कई देशों के राजदूतों का रूप धारण कर रहा था और लोगों को विदेश में नौकरी और संपर्क का झूठा वादा करके उन्हें फंसा रहा था. उन्होंने आगे बताया, "उसका मुख्य उद्देश्य इन फर्जी पहचानों का इस्तेमाल दलाली करने, विदेशों में नौकरी दिलाने का दावा करने और फर्जी कंपनियों के जरिए हवाला रैकेट चलाने के लिए करना था." वह फर्जी दूतावास की आड़ में हवाला कारोबार और दलाली का रैकेट भी चला रहा था. 2011 में कविनगर थाने में दर्ज मामले के अलावा अब एक बार फिर उसके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की गई है. एसटीएफ इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने पीटीआई को बताया कि जैन के फर्जी दूतावास में "इन देशों के झंडे" भी लगे थे, जिन्हें असली वाणिज्य दूतावास का आभास देने के लिए परिसर में नियमित रूप से फहराया जाता था.

एग्रीकल्चर के छात्र की आत्महत्या से सनसनी, जांच जारी

भिलाई  सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं नगर में एक 26 वर्षीय एग्रीकल्चर के छात्र ने आत्महत्या कर ली. घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. बुधवार शाम (23 जुलाई) को युवक घर पर अकेला था, इसी दौरान उसने खुदखुशी कर ली. घटना के बाद लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम किया और पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है. जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम इंद्रप्रीत सिंह सैनी है और वह भिलाई में रहकर एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा था. इंद्रप्रीत के पिता जनरल सिंह सैनी जगदलपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) में SDO हैं और मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन जगदलपुर से तुरंत भिलाई के लिए रवाना हुए और शाम तक साईं नगर स्थित घर पहुंचे. परिजनों का कहना है कि इंद्रप्रीत दो भाइयों में बड़ा और स्वभाव से बेहद शांत था. उसने किसी तरह की परेशानी में होने की बात नहीं बताई थी और न ही ऐसे कोई संकेत पहले कभी मिले थे. उसने ये कदम क्यों उठाया यह उन्हें समझ नहीं आ रहा है. आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस परिजनों और दोस्तों समेत आस-पास के लोगों से पूछताछ कर घटना का कारण जानने का प्रयास कर रही है.

ड्रग्स तस्करी के साथ यौन शोषण की पुष्टि, MP में गिरी कार्रवाई की गाज, 6 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल  भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एमडी ड्रग्स के साथ दो तस्करों को पकड़ा था, लेकिन अब इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस गिरफ्तारी के बाद मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह लोग सिर्फ लड़कियों को नशे ही नहीं बेच रहे थे, बल्कि उन्हें नशे की लत लगाकर उनके साथ रेप भी कर रहे थे. मामले में गिरफ्तार एक आरोपी यासिन के मोबाइल में पुलिस को कई लड़कियों के साथ रेप करते, अश्लील वीडियो मिले हैं. पुलिस ने इनके पास से एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की है.  क्लब, जिम और पार्टियों में बनाते थे निशाना दरअसल, इसकी शुरुआत हुई थी पिछले हफ्ते जब भोपाल क्राइम ब्रांच ने क्लबों, जिम और पार्टियों में युवाओं को निशाना बनाने वाले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया था. तब क्राइम ब्रांच ने सैफुद्दीन और आशु उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उससे पूछताछ के आधार पर अब 2 और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम यासीन और शावर हैं. पुलिस ने इनके पास से ड्रग्स, पिस्टल और 2 महंगी कारें बरामद की हैं. मोबाइल में मिले लड़कियों के साथ दुष्कर्म के वीडियो क्राइम ब्रांच ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक यासीन क्लब में डीजे का काम करता है. जिसके पास से पुलिस ने 1.05 ग्राम एमडी ड्रग्स, एक पिस्टल और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार जब्त की है. पुलिस ने जब मोबाइल की गैलरी खंगाली तो उसमें कई लड़कियों के साथ अश्लील और धमकी भरी चैट के साथ लड़कियों के शारिरिक शोषण के कई वीडियो भी मिले हैं, जिसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं, क्योंकि भोपाल के एक निजी कॉलेज की लड़कियों के साथ भी गिरोह बनाकर रेप और ब्लैकमेलिंग मामले की जांच अभी चल ही रही है और पुलिस अब वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान कर और उनसे संपर्क कर मामले की जानकारी लेने में जुट गई है. वहीं एक अन्य आरोपी शावर जो प्रॉपर्टी का काम करता है, उसके पास से 2.052 ग्राम एमडी ड्रग्स समेत एक महिंद्रा बीई-6 कार बरामद की गई है.  नशे की आड़ में युवतियों का शोषण, ब्लैकमेलिंग के वीडियो मिले भोपाल के क्लबों और पबों में एमडी ड्रग्स की तस्करी करने वाले ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शाहवर अहमद और यासीन अहमद की गिरफ्तारी के बाद शहर में ड्रग पार्टी कल्चर और उसकी आड़ में हो रहे युवाओं के शोषण का सनसनीखेज राजफाश हुआ है। आरोपित ड्रग माफिया चाचा-भतीजे शहर के पबों और क्लबों में ड्रग पार्टी का आयोजन करते थे। इसके साथ ही इनमें पार्टियों में शामिल होने वाले युवाओं को कभी जाने तो कभी अनजाने में एमडी जैसे ड्रग का नशा करवाते और फिर उन्हें अपने ठिकानों पर ले जाकर ब्लैकमेल करते। दोनों आरोपित पार्टी के बाद नशे में चूर युवतियों का शारीरिक शोषण करते हुए उनका वीडियो बनाते थे। इसके साथ ही मदहोश युवकों से बंदूक की नोंक पर अड़ीबाजी करते थे। इन ड्रग माफियाओं के मोबाइल से करीब 35 युवतियों से शोषण के वीडियो भी मिले हैं। बंदूक पर अड़ीबाजी भी कैमरे में कैद हुई है। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इस कार्य में लिप्त छह आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया है। इनमें अलग-अलग कालेजों व पार्टियों में ड्रग खपाने वाले सैफुद्दीन, आशू उर्फ शाहरुख, समीरउद्दीन और सोहेल खान शामिल हैं। पुलिस को शंका है कि इस गिरोह से बड़ी संख्या में और भी तस्कर जुड़े हैं, जिनकी तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की 10 टीमें जुटी हैं। क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया है कि आरोपित शाहवर अहमद दूसरे राज्यों से ड्रग मंगवाता था। उसका भतीजा यासीन शहर के क्लबों व पबों में आयोजित पार्टियों में एमडी ड्रग सप्लाई करता था। इसके साथ ही कालेज छात्रों व अन्य ग्राहकों तक भी पहुंचाता था। उसके साथ कई अन्य तस्कर भी जुड़े थे। फरवरी 2025 में क्राइम ब्रांच ने रुस्तम खां अहाता के पास से 20 वर्षीय समीरउद्दीन और 23 वर्षीय सोहेल खान को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपित तलैया क्षेत्र के रहने वाले थे। एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा था उन्होंने पूछताछ में सैफुउद्दीन नामक तस्कर से एमडी ड्रग्स खरीदने की जानकारी दी थी। इस मामले में सैफुद्दीन पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। सैफुद्दीन 18 जुलाई को गोविंदपुरा क्षेत्र में अपने साथी शाहरुख हसन के साथ एमडी पाउडर की तस्करी करते हुए पकड़ा गया था। दोनों के पास से एमडी ड्रग मिला था। पूछताछ में दोनों आरोपितों ने शाहवर अहमद और यासीन अहमद का नाम बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पार्टियों और जिम में लोगों को नशे का आदी बनवाने की बात कबूली थी। शाहवर और यासीन के पास से एमडी ड्रग्स, कार और बंदूक जब्त की गई है। प्रापर्टी डीलिंग का काम भी करता है मास्टर माइंड आरोपित शाहवर अहमद मास्टर माइंड है। वह गांधीनगर क्षेत्र की एक पाश कालोनी में रहता है। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करता है, वहीं उसका भतीजा यासीन अहमद बुधवारा क्षेत्र में परिवार के साथ रहता है। वह डीजे ऑपरेटर है और शहर की महंगी पार्टियों में डीजे प्ले करता है। यासीन शहर के कई क्लब और पबों के संचालकों के संपर्क में था। वह क्लबों में आयोजित पार्टियों में नशा परोसता था। पुलिस को आशंका है कि दोनों मुख्य आरोपित करीब आठ से दस साल से नशे के काले कारोबार से जुड़े हैं। मछली कारोबारी शरीफ और शारिक के परिवार से हैं आरोपित गिरोह के दोनों मुख्य आरोपित शहर के बड़े मछली कारोबारी शरीफ अहमद के बेटे और भतीजे हैं। शाहवर अहमद शरीफ का बेटा था, जबकि यासीन शरीफ के बेटे शफीक का बेटा है। शरीफ के एक अन्य पुत्र शारिक अहमद उर्फ शारिक मछली का नाम भोपाल के दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के आरोपितों से जुड़ा था। ऐसे में, माना जा रहा है कि नशे के इन तस्करों का निशाना दूसरे धर्म से जुड़े युवक-युवतियां होती थीं। राजनेताओं से गहरा कनेक्शन, विधायक का दिवंगत पुत्र था दोस्त मछली कारोबार से जुड़े होने के कारण शरीफ मछली का लंबे समय से राजनेताओं से … Read more

दिव्या देशमुख की डबल जीत: विश्वकप फाइनल में प्रवेश और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह पक्की

बातुमी (जॉर्जिया) अंतरराष्ट्रीय मास्टर 19 साल की दिव्या देशमुख नेफिडे महिला विश्व शतरंज कप के सेमीफाइनल के दूसरे गेम में पूर्व विश्व चैंपियन चीन की झोंगयी टैन को हरा दिया और मिनी मैच 1.5-0.5 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इस प्रक्रिया में दिव्या कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली पहली भारतीय बन गईं। महिला कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट अगले साल होना है और उस टूर्नामेंट से मौजूदा महिला विश्व चैंपियन वेनजुन जू के प्रतिद्वंदी का फैसला होगा। दिलचस्प बात यह है कि दिव्या पहली बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं। चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त जोनर झू और तत्कालीन हमवतन ग्रैंडमास्टर डी हरिका को क्वार्टर फाइनल में हराने के बाद दिव्या ने इस प्रतियोगिता में अपना दबदबा बरकरार रखा और टैन के खिलाफ 101 चाल में जीत उनके बढ़ते शतरंज कौशल का प्रमाण था। दूसरे सेमीफाइनल में कोनेरू हम्पी ने 75 चाल में चीन की शीर्ष वरीयता प्राप्त टिंगजी लेई के साथ ड्रॉ खेला। हम्पी अब छोटे प्रारूप में लेई के खिलाफ टाई-ब्रेकर खेलेंगी। नौ दिसंबर 2005 को नागपुर में जन्मीं दिव्या ने पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। उनके पिता का नाम जितेंद्र और माता का नाम नम्रता है। दिव्या ने 2012 में सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीती। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी जीते। इसके बाद 2014 में डरबन में आयोजित अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में ब्राजील में अंडर-12 कैटेगरी में भी खिताब अपने नाम किए। उनकी निरंतर प्रगति ने उन्हें 2021 में महिला ग्रैंडमास्टर बना दिया और इसके साथ ही वह विदर्भ की पहली और देश की 22वीं महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। 2023 में दिव्या ने हासिल किया इंटरनेशनल मास्टर का खिताब दिव्या ने 2023 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब भी प्राप्त कर लिया। 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी परचम लहराया, जहां उन्होंने 11 में से 10 अंक जुटाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा, 45वें चेस ओलंपियाड में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही। दिव्या एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं। दिव्या शतरंज की दुनिया में अब जाना-पहचाना नाम है। नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को दे चुकीं हैं मात दिव्या देशमुख इस साल फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम शतरंज चैंपियनशिप में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी होउ यिफान को मात दे चुकी हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की थी। दिव्या ने 10 से 16 जून को लंदन में आयोजित फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप के सेमीफाइनल के दूसरे चरण में चीन की यिफान को हराया था। दिव्या के करियर की यह सबसे बड़ी जीत में से एक है। ओलंपियाड में तीन स्वर्ण, कई एशियाई और विश्व युवा खिताब। चेन्नई में शतरंज गुरुकुल में जीएम आरबी रमेश के तहत प्रशिक्षित दिव्या को उनकी तेज सामरिक दृष्टि, अडिग धैर्य और रचनात्मक प्रतिभा के लिए सराहा जाता है।  

Mumbai blast case : बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 12 आरोपी फिलहाल नहीं होंगे बरी

मुंबई  2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर SC ने अंतरिम रोक लगाई SC ने महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर नोटिस जारी.2006 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सभी 12 आरोपियों को बरी करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रोक लगा दी। महाराष्ट्र सरकार और आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। 11 जुलाई 2006 को मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में सात बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 187 लोगों की मौत हुई और 800 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में 2015 में विशेष एमसीओसीए कोर्ट ने 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जिसमें पांच को मृत्युदंड और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 21 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव और अभियोजन पक्ष की विफलता का हवाला देते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।. सीजेआई बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची बेंच के सामने महाराष्ट्र सरकार के वकील ने मामले का उल्लेख किया और मामले की जल्द सुने जाने की मांग की गई. जिस पर कोर्ट ने कहा कि देखिए, इतनी जल्दी क्या है? आठ लोग पहले ही रिहा हो चुके हैं. बरी करने पर रोक केवल दुर्लभतम मामलों में ही लगाई जाती है. 24 जुलाई को होगी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट स मामले में गुरुवार (24 जुलाई) को सुनवाई करेगा. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि इसकी जल्द सुनवाई जरूरी है. मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले को गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया है. हाई कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को किया बरी सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा, इससे यह विश्वास करना मुश्किल है कि आरोपी ने अपराध किया है. फैसला सुनाते हुए सबूतों के अभाव में कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि आरोपियों ने अपराध किया है, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है. कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर वो किसी दूसरे मामले में वॉन्टेड नहीं हैं, तो उन्हें फौरन जेल से रिहा किया जाए. जांच एजेंसियों के कामकाज पर सवाल करीब 19 साल बाद मिली इस राहत ने जहां इन निर्दोषों के परिवारों को सुकून पहुंचाया है, वहीं इस फैसले ने देश की जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोपियों को बरी किए जाने से जांच की विश्वसनीयता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि हाई कोर्ट ने सिमी और लश्कर-ए-तैयबा की संलिप्तता वाली एटीएस की कहानी को सिरे से खारिज कर दिया. हाईकोर्ट का यह फैसला मामले की जांच कर रही महाराष्ट्र एटीएस के लिए बड़ा झटका है. एजेंसी ने दावा किया था कि आरोपी प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य थे और उन्होंने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के पाकिस्तानी सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची थी. 180 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत विशेष अदालत ने 12 में से 5 को मौत की सजा और 7 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. मौत की सजा पाए एक दोषी की साल 2021 में मौत हो गई थी. 11 जुलाई 2006 को पश्चिमी लाइन पर कई जगहों पर मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए 7 विस्फोटों में करीब 180 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हाई कोर्ट ने 2015 में एक विशेष अदालत की ओर से आरोपियों को दी गई सजा और उनकी दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली उनकी अपीलों को स्वीकार कर लिया था.