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वंदे भारत और मेट्रो कोच निर्माण का बड़ा हब बनेगा रायसेन, ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन संपन्न

रायसेन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मध्य प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम और शिवराज जी ने बताया है कि यह छोटी मोटी सौगात नहीं है बहुत बड़ी है। क्षेत्र के लिए भी और प्रदेश के लिए भी, यह हृदय प्रदेश है। मैं जब यूथ विंग में काम करता था तब शिवराज जी प्रदेश में काम करते थे। बहुत पुराना हमारा रिश्ता है। सिलसिला बहुत पुराना है। मध्य प्रदेश मेहमान नवाजी में बेजोड़ है। कोई भी यहां आए मध्यप्रदेश वासियों से प्रभावित हुए बिना नहीं जा सकता है। शिवराज सिंह चौहान के विकास को आगे बढ़ा रहे मोहन यादव जो गति यहां विकास की शिवराज जी ने दी थी उसे आगे ले जाने का काम मोहन जी कर रहे हैं। 1800 करोड़ के निवेश के साथ इस परियोजना का शुभारंभ यहां हो रहा है। 5000 नौजवानों को रोजगार मिलेगा। मोहन जी, शिवराज जी इन सबके प्रयास से हुआ है। रक्षा क्षेत्र में जो हो सकेगा उसके लिए मैं सब करूंगा। 18 वर्षों की शिवराज जी की विरासत को आगे बढ़ाने का काम मोहन यादव कर रहे हैं। रायसेन में एक महत्वपूर्ण यूनिट स्थापित की जा रही है। यह एक यूनिट नहीं बल्कि ऐसी बहुत सी छोटी छोटी MSME भी लगेगी। मध्यप्रदेश बहुत तेजी से आगे बढ़ेगा। औद्योगिक विकास के जो प्रयास हो रहे है 30 लाख करोड़ के निवेश बड़ी बात है। अधिक से अधिक उद्योग को लाने का काम किया जा रहा है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की इकाईयां काम कर रही हैं कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। खमरिया और जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की कई इकाइयां अच्छे से काम कर रही हैं, मैने 30 वर्षों में यह अनुभव किया है जो गुण चाहिए संसाधन चाहिए रक्षा क्षेत्र के लिए वे सब मध्य प्रदेश में है। नेतृत्व अगर शानदार हो तो विकास तेजी से होता है। शायद कुछ वर्षों के बाद मध्यप्रदेश को मॉर्डन प्रदेश कहेंगे। परियोजना का नाम भी सृष्टि के रचयिता पर रखा गया है। सोच समझकर इसका नाम रखा गया है रेल के डब्बों का निर्माण तो होगा ही रेल का और अलग-अलग सामान भी यहां बनेगा। जो जानकारी मुझे है 2 साल में यह काम होकर रहेगा। जब फैक्ट्री यहां लगेगी तो आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा। तेज गति से चलने वाली ट्रेन में जब कोई कोच लगेगा तो आपके यहां का बना हुआ कोच लगेगा। बीईएमएल भारत के आर्थिक विकास में अपना पूरा साथ देगा। प्रधानमंत्री ने किया करिश्माई काम प्रधानमंत्री ने कहा है भारत को आत्मनिर्भर बनाकर ही दम लेंगे। प्रधानमंत्री ने करिश्माई काम किया है। आज बड़ी बड़ी चीजें बड़े-बड़े प्लेटफार्म भारत में तैयार हो रहे हैं। हम भारत में उपयोग कर ही रहे हैं दुनिया को भी भेज रहे है। धन दौलत के मामले में भारत दुनिया के टॉप के चार देशों की कतार में आकर खड़ा हो गया है। सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत की है। भारत जब इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है तो देशवासी भी आगे बढ़ रहे हैं। 40 हजार कोचेस अपडेट किए गए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 11 साल में पैंतीस हजार किमी पटरी बिछाई गई। देश को एक नई जनरेशन की ट्रेन दी गई है। 11 वर्षों में 40 हजार कोचेस अपडेट किए हैं। ब्रह्मा इसी कड़ी में जुड़कर नए आयाम स्थापित करेगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 2 दिन में घुटनों पर आ गया था पाकिस्तान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जिनके नेतृत्व में भारत की सेना ने शौर्य का प्रदर्शन किया है ऐसे भारत के रक्षा मंत्री मेरे बड़े भाई राजनाथ सिंह आए हैं, उनका स्वागत करें। राजनाथ जी पधारे हैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मध्य प्रदेश आए हैं। पहलगाम में धर्म पूछ-पूछकर मारा था और कहा था जाओ मोदी को बता देना तब प्रधानमंत्री ने दंड देना तय किया था। आपके नेतृत्व में 21 मिनिट में आतंकवादियों के ठिकाने खत्म कर दिए। आतंक के आकाओं को मारा। भारत ने पहले ही कह दिया था कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, लेकिन किसी ने हरकत की तो छोड़ेंगे नहीं। रक्षा मंत्री के नेतृत्व में हमारी सेना ने 2 दिन में पाक की सेना को घुटनों पर ला दिया। हाथ जोड़कर पाकिस्तान सामने आ गया कि बात करो बात करो…शिवराज ने कहा बीच में कोई तीसरा नहीं था। 'मैंने यहां पद यात्रा भी की है' शिवराज ने कहा कि जो लोग निर्दोष मारे गए थे उनके परिजनों ने कहा था कि उनके सिर में सीधे गोली मारना हमारी सेना ने वही किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गौरवशाली भारत शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। शिवराज ने कहा हमें गर्व है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर आपके नेतृत्व में सब सुरक्षित है। उमरिया वालों को कहा कि 1800 करोड़ की सौगात मिल रही है। रेलवे कोच बनेंगे यहां, मैंने यहां पद यात्रा और साइकिल यात्रा भी की है। स्वर्गीय सुंदरलाल पटवा के नेतृत्व में विकास शुरू हुआ यहां, यहां 752 औद्योगिक इकाई हैं। मुझे विधानसभा से जनता ने जीताकर भेजा। यहां रेलवे के कोच बनेंगे, मेट्रो के कोच बनेंगे। किसानों के हित बरकरार रहेंगे शिवराज सिंह ने कहा कि हम रक्षा मंत्री जी के संपर्क में थे जब आपके पास चुनाव के समय आया था तो कहा था कि अटल जी, सुषमा जी पटवा जी ने इस क्षेत्र का नेतृत्व किया है। इसे आइडल क्षेत्र बनाएंगे। किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि कोई समझौता ऐसा नहीं होगा जो देश हित में नहीं है। किसानों के हित से कोई समझौता नहीं होगा। … Read more

करुण नायर ने खोला राज, कैसे कोच के एक मैसेज से टीम इंडिया में आया जुनून

नई दिल्ली  टीम इंडिया हाल ही में परिवर्तन के दौर की पहली परीक्षा में सफल रही। भारतीय टीम ने इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई। यह सीरीज बेहद रोमांचक रही। 25 वर्षीय शुभमन गिल की अगुवाई में टीम जब इंग्लैंड पहुंची थी तो उससे ज्यादा उम्मीद नहीं लगाई गई। इसकी वजह विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति थी, जिन्होंने सीरीज से पहले टेस्ट रिटायरमेंट ले लिया। हालांकि, शुभमन ब्रिगेड की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उसने किसी भी मैच में आखिर तक हार नहीं मानी। अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के अंदर की एक बात बताई है। उन्होंने कहा कि हेड कोच गौतम गंभीर के एक मैसेज ने टीम इंडिया में जुनून भरा था। नायर ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, "शुरुआत में ही गौती (गौतम गंभीर) भाई ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि हम इसे एक परिवर्तन के दौर से गुजरने वाली टीम के रूप में देखें। वह नहीं चाहते थे कि हम ऐसा महसूस करें। हमें जो पहला मैसेज मिला, वो था 'यह कोई यंग टीम नहीं बल्कि एक गन टीम है और सभी को इसे अंदर से महसूस करना चाहिए।' टीम के अंदर यही संदेश था कि हर कोई टीम के लिए खेले और एक-दूसरे को सपोर्ट करे। कोच या कप्तान का ऐसा कहना एक बात है लेकिन इसे महसूस करना अद्भुत था।" नायर ने सीरीज में चार मैचों में 25.62 के औसत से 205 रन बनाए, जिसमें एक फिफ्टी है। नायर 8 साल बाद भारत के लिए खेले। 33 वर्षीय बल्लेबाज ने युवा कप्तान गिल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, "शुभमन ने जिस तरह से सभी को एकजुट रखा और जो प्रोत्साहन दिया, वो देखने लायक था। वह शुरू से ही अपनी बातचीत में बिल्कुल स्पष्ट थे। शुभमन ने टीम का नेतृत्व करते हुए एक बल्लेबाज के रूप में जो हासिल किया, उन्होंने गौती भाई द्वारा दिए गए मैसेज की भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया।" गिल ने 10 पारियों में 75.40 के औसत से 754 रन बनाए, जो सीरीज में सर्वाधिक थे। उन्होंने चार शतक लगाए। वह प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। गिल एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय कप्तान बन चुके हैं। वह ओवरऑल लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं।  

मुख्यमंत्री साय बोले- छत्तीसगढ़ की बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध

रक्षाबंधन पर जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ : बिहान की 12 दीदियों को ई-रिक्शा का उपहार रायपुर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के गृहग्राम बगिया से जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया और बिहान योजना से जुड़ी 12 दीदियों को राखी के उपहार स्वरूप ई-रिक्शा प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वयं स्व-सहायता समूह की महिला श्रीमती गिलसोनिका पाण्डे के ई-रिक्शा में बैठकर बगिया निवास परिसर की यात्रा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह ई-रिक्शा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि इसकी परिचालन लागत भी कम है। इससे महिलाएं स्थानीय परिवहन सेवाओं में अपनी भागीदारी निभाते हुए आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगी। उन्होंने रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की सभी बहनों की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्व-सहायता समूह की बहनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ही यह ई-रिक्शा वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत 18 लाख आवास का कार्य तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आवास प्लस प्लस योजना के अंतर्गत 5 एकड़ असिंचित भूमि, 2.50 एकड़ सिंचित भूमि, टू-व्हीलर और 15 हजार रुपये मासिक आमदनी वाले पात्र परिवारों को भी लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख बहनों को प्रति माह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय बढ़ाने के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। गांवों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने हेतु अटल डिजिटल सुविधा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया है। दूरस्थ एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत बस सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज खोले जाएंगे। कार्यक्रम में बताया गया कि ई-रिक्शा का संचालन जिले के विभिन्न रूट्स पर महिला संचालकों द्वारा किया जाएगा। फरसाबहार में प्रतिमा भगत फरसाबहार- कन्दईबहार- अमडीहा- तपकरा मार्ग पर, मदनावती लवाकेरा- अमडीहा- पुराईनबंध- समडमा- तपकरा मार्ग पर, राजकुमारी पैंकरा तपकरा- कन्दईबहार- तुबा- फरसाबहार मार्ग पर और उर्मिला भगत खुटगांव- सिंगीबहार- साजबहार- तपकरा मार्ग पर परिचालन करेंगी। इसी तरह, दुलदुला में बिंदेश्वरी देवी कोसा- दुलदुला- विपतपुर- छेरडांड मार्ग पर, पार्वती साय कोसा- दुलदुला- पतराटोली- लोरो- बम्हनी मार्ग पर, संगीता देवी छेरडांड- लोरो- बम्हनी- कस्तुरा मार्ग पर और बिमला देवी छेरडांड- दुलदुला- लोरो- पतराटोली मार्ग पर परिचालन करेंगी। कांसाबेल में गिलसोनिका पाण्डे टांगरगांव- हथगड़ा- कांसाबेल मार्ग पर, तियासो पैंकरा बांसबहार- दोकड़ा- पुसरा- खुंटीटोली- कांसाबेल मार्ग पर, नीता रवानी कटंगखार- दोकड़ा- बन्दरचुंआ- कांसाबेल मार्ग पर और अंगावती बाई देवरी- दोकड़ा- छाताबर- कांसाबेल मार्ग पर ई-रिक्शा का परिचालन करेंगी। इस अवसर पर कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा, उपेन्द्र यादव, गणेश जैन एवं रवि यादव उपस्थित थे।  

UPPL या BPF? बोडोलैंड में BJP की रणनीति पर सवाल

असम  असम के बोडोलैंड छठी अनुसूची क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ऊहापोह की स्थिति में नजर आ रही है। इस दुविधा की वजह सितंबर में होने वाला संभावित परिषद चुनाव है। इन चुनावों के लिए पार्टी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह आगामी चुनाव अकेले दम लड़ेगी। भाजपा के साथ दिक्कत यह है कि वह वर्तमान में क्षेत्रीय पार्टी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के साथ परिषद में गठबंधन में है और इस समय पर परिषद में यूपीपीएल ही बढ़त में है। इसके अलावा परिषद में विपक्ष में बैठी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट(BPF) असम विधानसभा में एनडीए सरकार की सहयोगी है। अब सत्ता का समीकरण इस कदर बदला है कि भाजपा के अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा करने के बाद UPPL और BPF आपस में गठबंधन करने के लिए बातचीत कर रही है। गौरतलब है कि असम में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उन चुनावों से पहले बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) की 40 सीटों पर होने वाला यह चुनाव आखिरी है। ऐसे में सभी पार्टियां इसमें अपना दबदबा कायम रखना चाहेंगी। भले ही अभी परिषद चुनावों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पिछले कुछ हफ्तों से लगातार बोडोलैंड में सभाएं कर रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा कि वह इस क्षेत्र की जनता की नब्ज को टटोल रहे हैं। बीटीआर में शांति स्थापित करना भारतीय जनता पार्टी की एनडीए सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा, "जब से दिल्ली और दिसपुर में भाजपा की सरकार बनी है, तब से गोलियों से एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।" गौरतलब है कि इससे पहले 2020 में हुए परिषद चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। तब बीपीएफ 17 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन भाजपा और यूपीपीएल ने गण सुरक्षा पार्टी के साथ गठबंधन बनाकर परिषद में सरकार बनाई थी। यहाँ पर कांग्रेस का भी एक सदस्य जीतकर आया था लेकिन बाद में वह पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गया।  

इतिहास में पहली बार! 129 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में जिम्बाब्वे के नाम हुआ यह कलंक

 नई दिल्ली  जिम्बाब्वे के नाम टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है। यह रिकॉर्ड इतना दुर्लभ है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 129 साल बाद ऐसा देखने को मिला है। जिम्बाब्वे ने हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेली। इस सीरीज में मेजबानों को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। जिम्बाब्वे यह टेस्ट सीरीज 0-2 के अंतर से हारा। पहले मैच में उन्हें 9 विकेट तो दूसरे मैच में पारी और 359 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अब आप सोच रहे होंगे इसमें क्या रिकॉर्ड है, न्यूजीलैंड जैसी तगड़ी टीम का सामना जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम के साथ हो तो ऐसे रिजल्ट तो अपेक्षित है। मगर यहां एक ट्विस्ट है। जिम्बाब्वे की टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ चारों पारियों में क्रमश: 149, 165, 125 और 117 के स्कोर पर आउट हो गई। ये स्कोर देखकर ही समझ आ रहा है कि जिम्बाब्वे की टीम के किसी भी बल्लेबाज ने शतक तोड़ा नहीं होगा, हैरान करने वाली बात यह है कि इस सीरीज के दौरान कोई बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। जी हां, पहले टेस्ट में सीन विलियम्स ने 49 रनों की पारी खेली जो इस सीरीज में जिम्बाब्वे के किसी भी बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी पारी थी। ANI के अनुसार टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह सिर्फ 6ठा मौका है जब कम से कम दो मैच की टेस्ट सीरीज में किसी टीम का कोई भी बल्लेबाज 50 रन का आंकड़ा ना छू पाया हो। आखिरी बार ऐसा 1895-96 सीजन में हुआ था, जब साउथ अफ्रीका के बार्बरटन हॉलिवेल 41 के स्कोर के साथ इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू सीरीज में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज थे। कैसा रहा जिम्बाब्वे वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में 125 के स्कोर पर सिमट गई। जिसके बाद न्यूजीलैंड ने डेवोन कॉनवे, रचिन रवींद्र और हेनरी निकलोस के शतकों के दम पर 3 विकेट के नुकसान पर 601 रन पर अपनी पारी घोषित कर दी। इसके बाद जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भी निराश किया और टीम 117 के स्कोर पर ढेर हो गई। न्यूजीलैंड ने यह मैच पारी और 359 रनों के बड़े अंतर से अपने नाम किया।  

ChatGPT की टिप बनी मुसीबत, अस्पताल पहुंचा यूजर, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली  अगर आप भी ChatGPT पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करते हैं और AI चैटबॉट से फिटनेस टिप्स या डाइट प्लान लेते हैं, तो सावधान हो जाइए। AI से ली गई स्वास्थ्य संबंधी सलाह जान को खतरे में भी डाल सकती है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि चैटजीपीटी की सलाह ने एक शख्स को अस्पताल पहुंचा दिया है। एक रिपोर्ट की अनुसार, न्यूयॉर्क में एक 60 वर्षीय व्यक्ति को उस समय अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जब उसने ChatGPT द्वारा बताए गए भोजन से नमक कम करने के सख्त नियम का पालन किया। डॉक्टरों के अनुसार, उस व्यक्ति ने कई हफ्तों तक अपने आहार से सोडियम की मात्रा अचानक लगभग शून्य कर दिया, जिससे सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो गया, जिसे हाइपोनेट्रेमिया कहा जाता है। उसके परिवार ने कहा कि उसने चिकित्सक से परामर्श किए बिना ही एआई जनरेटेड हेल्थ प्लान पर भरोसा किया। हाल ही में अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन जर्नल में पब्लिश यह मामला, प्रोफेशनल निगरानी के बिना एआई जनरेटेड हेल्थ एडवाइज को फॉलो करने के जोखिमों को उजागर करता है, खासकर जब इसमें सोडियम जैसे जरूरी पोषक तत्व शामिल हों। राहत की बात यह है कि अस्पताल में करीब तीन हफ्ते बिताने के बाद वह व्यक्ति ठीक हो गया। लेकिन इस मामले में चैटजीपीटी की विश्वसनीयता पर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है। चैटजीपीटी की सलाह खतरनाक साबित हुई टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने चैटजीपीट से पूछा कि अपने आहार से सोडियम क्लोराइड (जिसे आमतौर पर टेबल सॉल्ट कहा जाता है) को कैसे हटाया जाए। AI टूल ने एक विकल्प के रूप में सोडियम ब्रोमाइड का सुझाव दिया, जो 20वीं सदी की शुरुआत में दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक कंपाउंड था, लेकिन अब इसे ज्यादा मात्रा में टॉक्सिक माना जाता है। इस सलाह पर अमल करते हुए, उस व्यक्ति ने ऑनलाइन सोडियम ब्रोमाइड खरीदा और तीन महीने तक अपने खाना पकाने में इसका इस्तेमाल किया। मानसिक या शारीरिक बीमारी की कोई प्रीवियस हिस्ट्री न होने के कारण, उस व्यक्ति को मतिभ्रम, पैरानॉया (Paranoia) और अत्यधिक प्यास लगने लगी। अस्पताल में भर्ती होने पर, वह भ्रमित दिखाई दिया और दूषित होने के डर से पानी भी लेने से मना कर दिया। डॉक्टरों ने उसे ब्रोमाइड टॉक्सिसिटी से पीड़ित पाया, एक ऐसी स्थिति जो अब लगभग अनसुनी है, लेकिन कभी चिंता, अनिद्रा और अन्य बीमारियों के लिए ब्रोमाइड निर्धारित करते समय आम थी। उसमें तंत्रिका संबंधी लक्षण, त्वचा पर मुंहासे जैसे दाने और लाल धब्बे भी दिखाई दिए, जो ब्रोमिज्म के लक्षण हैं। अस्पताल में उपचार का मुख्य उद्देश्य रीहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बहाल करना था। तीन हफ्तों के दौरान, उस व्यक्ति की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ, और सोडियम और क्लोराइड का स्तर नॉर्मल होने पर उसे छुट्टी दे दी गई। कंपनी ने अपनी शर्तों में यह साफ लिखा है केस स्टडी के लेखकों ने एआई टूल्स से स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाओं के बढ़ते जोखिम पर जोर दिया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है, "यह ध्यान रखना जरूरी है कि चैटजीपीटी और अन्य एआई सिस्टम वैज्ञानिक अशुद्धियां उत्पन्न कर सकते हैं, परिणामों पर गंभीरता से चर्चा नहीं कर सकते, और अंततः गलत सूचनाओं के प्रसार को बढ़ावा दे सकते हैं।" चैटजीपीटी के डेवलपर, ओपनएआई ने इसे इस्तेमाल करने की शर्तों में स्पष्ट रूप से कहा है: "आपको हमारी सर्विसेस से प्राप्त आउटपुट को सत्य या तथ्यात्मक जानकारी के एकमात्र स्रोत के रूप में, या पेशेवर सलाह के विकल्प के रूप में नहीं मानना चाहिए।" शर्तों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सर्विस चिकित्सा स्थितियों के निदान या उपचार के लिए नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई टूल सामान्य जानकारी के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें कभी भी पेशेवर परामर्श का स्थान नहीं लेना चाहिए। जैसे-जैसे एआई का उपयोग बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है कि इसके परिणाम सटीक, सुरक्षित और लोगों द्वारा स्पष्ट रूप से समझे जाएं।  

जीवन के अनुभवों से सिखाए सुशासन के गुर, विद्यार्थियों के जिज्ञासापूर्ण प्रश्नों के दिए प्रेरक उत्तर

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ईमानदारी और निष्ठा से निभाई गई जिम्मेदारी हमेशा सकारात्मक परिणाम देती है। जनसेवा में ईमानदारी और समर्पण के साथ लगे रहने  पर जनता का स्नेह और आशीर्वाद अवश्य ही प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित नवनिर्मित सभागार में आयोजित ‘मुख्यमंत्री सुशासन संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन IIM रायपुर में अध्ययनरत मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें सुशासन की बारीकियों से अवगत कराया और उनके प्रश्नों के प्रेरणादायक उत्तर दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, जिससे सभी फाइलें डिजिटलीकृत हो रही हैं। इससे शासन की कार्यप्रणाली पारदर्शी बनी है और फाइलों की ट्रैकिंग भी सहज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के सभी मार्गों को बंद करने की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले, यही असली सुशासन है। योजनाएं सोच-समझकर बननी चाहिए, क्योंकि इसके पीछे जनता की गाढ़ी कमाई लगती है। जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित होती हैं, तभी आमजन को उसका सीधा लाभ मिलता है। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन फेलोशिप के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उनके जिज्ञासु सवालों के बेझिझक और प्रेरणाप्रद उत्तर दिए। आरंग के फेलो हर्षवर्धन ने जब मुख्यमंत्री से उनके ग्राम बगिया के पंच से लेकर मुख्यमंत्री बनने के सफर की सबसे महत्वपूर्ण सीख पूछी, तो मुख्यमंत्री साय ने अपने राजनीतिक और पारिवारिक संघर्षों को साझा करते हुए कहा – "बहुत कम उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मैं पंच भी बनूंगा, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा से निभाया।" उन्होंने आगे कहा – “ईमानदारी और निष्ठा से जब कार्य करते हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। मैंने कभी कर्तव्यपथ नहीं छोड़ा, और जनसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया। जनता ने मुझे पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री तक का दायित्व सौंपा।” बिलासपुर के फेलो मनु पांडेय ने जब यह पूछा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने में छत्तीसगढ़ की क्या भूमिका होगी, तो मुख्यमंत्री ने बताया – "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें छत्तीसगढ़ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2014 से पहले भारत अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है। हमने भी विकसित छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है। वर्तमान में हमारी जीएसडीपी 5 लाख करोड़ रुपये है, जिसे 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।" मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह लक्ष्य कोई कल्पना नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे हम अवश्य प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सम्पन्न राज्य है – यहाँ लोहा, टिन, लिथियम, बॉक्साइट, सोना और हीरे जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार हैं। राज्य का 44% भूभाग वनों से आच्छादित है, जहां सैकड़ों प्रकार के लघु वनोपज हैं। यहाँ की उर्वरा मिट्टी और मेहनतकश लोग ही छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा – “आप जैसे युवाओं के संकल्प और कौशल से हम विकसित छत्तीसगढ़ जरूर बनाएंगे।” फेलोशिप का उद्देश्य – भविष्य के उत्तरदायी सुशासक तैयार करना कार्यक्रम में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने फेलोशिप योजना की रूपरेखा पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप का उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को गवर्नेंस की उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर एक दक्ष एवं उत्तरदायी प्रशासनिक पीढ़ी तैयार करना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के साथ मिलकर पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित कर रही है। चयनित फेलोज को शासन के विभिन्न विभागों में प्रायोगिक प्रशिक्षण के अवसर भी दिए जाएंगे। भगत ने बताया कि फेलोज शासन के निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में डेटा आधारित नीति निर्धारण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, संसाधनों के कुशल उपयोग, ई-गवर्नेंस को मजबूती, और नीतियों के जमीनी प्रभावों के विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने किया फेलोशिप के प्रोस्पेक्टस का विमोचन, अंजोर विजन डॉक्युमेंट भी किया भेंट  मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप कोर्स के प्रोस्पेक्टस का विमोचन किया और विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ अंजोर विजन डॉक्युमेंट की प्रति भी भेंट की। इस अवसर पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने भी छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल, IIM रायपुर के प्रोफेसर्स एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।  

मुंबई कांग्रेस में बड़ा फेरबदल संभव, वर्षा गायकवाड़ की कुर्सी पर संकट गहराया

मुंबई मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से पार्टी के स्थानीय नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ पर संगठन को दिशा देने में विफल रहने और सीमित समूह के सहारे पार्टी चलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे संगठन की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला 12 अगस्त को पुणे में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के 10 सदस्यों के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वर्षा गायकवाड़ के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। चेन्निथला 12 और 13 अगस्त को पुणे में आयोजित महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के दो दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे। दूसरी बार उठी हटाने की मांग यह पहली बार नहीं है जब गायकवाड़ के खिलाफ असंतोष सामने आया है। 16 जून को भी कई नेताओं ने पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से हटाने की मांग की थी। असंतुष्ट नेताओं का आरोप है कि गायकवाड़ से मिलना मुश्किल होता है। उन्हें कार्यकर्ताओं और नेताओं के सुझाव भी पसंद नहीं आते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने में असफल रही हैं। चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी खींचतान मुंबई में आगामी नगर निगम चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पार्टी संगठन मजबूत और एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरे। लेकिन गायकवाड़ के नेतृत्व में गुटबाजी और असंतोष की खबरें पार्टी की चुनावी तैयारी पर असर डाल सकती हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 12 अगस्त की बैठक में असंतुष्ट नेताओं को अपनी बात सीधे प्रभारी के सामने रखने का मौका मिलेगा। यदि नेतृत्व परिवर्तन पर सहमति बनती है तो मुंबई कांग्रेस में जल्द ही नया अध्यक्ष देखने को मिल सकता है।  

मिडिल ईस्ट से आई अच्छी खबर, भारत-ओमान के बीच जल्द हो सकती है व्यापारिक डील

नई दिल्ली. जहां एक तरफ भारत और अमेरिका की ट्रेड डील पर सस्पेंस बना हुआ है, तो वहीं मिडिल ईस्ट से भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत और ओमान के बीच जल्द ही ट्रेड डील साइन हो सकती है। दोनों देशों के बीच इसे लेकर बातचीत पूरी हो चुकी है। भारत के वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि भारत-ओमान के बीच ट्रेड डील पर बातचीत 2023 में शुरू हुई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। कांग्रेस नेता के सवाल पर दिया जवाब दरअसल कांग्रेस नेता हेबी माथेर हिशाम ने भारत की ट्रेड डील पर संसद में सवाल पूछा था, जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री जितिन ने बताया कि भारत और ओमान के बीच ट्रेड डील जल्द ही साइन हो सकती है। भारत और ओमान की दोस्ती काफी पुरानी है। दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार हैं। हमारे बीच 1955 से कूटनीतिक रिश्ते हैं। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में ट्रेड डील साइन करने की तारीख का जिक्र नहीं किया। 5 साल में 5 बड़ी ट्रेड डील केंद्रीय मंत्री जितिन ने सदन में बताया कि पिछले पांच सालों में भारत ने अपने व्यापारिक गठबंधन मजबूत किए हैं। हमने 5 बड़े देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) साइन किया है। वहीं, कई देशों के साथ नई डील पर बातचीत चल रही है।  पिछले 5 साल के 5 बड़े व्यापार समझौते 2021 – भारत-मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी समझौता (CECPA) 2022 – भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) 2022 – भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) 2024 – भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) 2025 – भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) कई देशों से बातचीत जारी भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई ट्रेड डील इस साल के आखिर तक लागू होने की संभावना है। इसके अलावा भारत श्रीलंका, पेरू, न्यूजीलैंड और अमेरिका के साथ कई ट्रेड डील पर बातचीत कर रहा है।  

भाईचारे के बंधन में बंधे CM विष्णु देव साय, ब्रह्मकुमारी बहनों ने की शुभकामनाएं

रायपुर, रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, रायपुर की संचालिका ब्रह्मकुमारी सविता बहन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की और उन्हें रक्षा-सूत्र बाँधकर उनके स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने ब्रह्मकुमारी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी भावनात्मक एकता और सामाजिक मूल्यों की गहराई को दर्शाने वाला अनुपम उत्सव है।उन्होंने कहा कि रक्षा-सूत्र में निहित शुभकामनाएँ उन्हें अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित होने की प्रेरणा देती हैं।