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उपभोक्ताओं को पहले करना होगा भुगतान, अगस्त से MP में प्रीपेड बिजली प्रणाली शुरू

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई शहरों में स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हुई। कई स्थानीय रहवासियों ने जिला कलेक्ट्रेट में इसकी शिकायत की थी।  आने वाली 1 अगस्त 2025 से  राज्य में प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू हो जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। जिसे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लागू किया जाएगा।  बिजली कंपनी के अनुसार, पहले चरण में सरकारी दफ्तर, उसके बाद इसे आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली प्रणाली मोड पर स्थानांतरित किया जाएगा। बता दें सरकारी और आम उपभोक्ताओं को दी जाने वाली ये व्यवस्था अलग-अलग होंगी। मध्य प्रदेश विद्युत वितरण क्षेत्र कंपनी  ने रिपोर्ट में बताया कि अगस्त माह से क्षेत्र में आने वाले मालवा निमाड़ के 10 हजार सरकारी ऑफिसों को प्रीपेड बिजली आवंटन किया जाएगा।  पहले रिचार्ज, फिर उपयोग आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड बिजली व्यवस्था का ढांचा सरकारी कार्यालयों से अलग होगा। उन्हें हर दो महीने में बिजली बिल जमा नहीं करना पड़ेगा। इसके बजाय, मोबाइल या वाई-फाई की तरह पहले रिचार्ज करना अनिवार्य होगा, तभी बिजली का उपयोग संभव होगा। उपभोग के अनुसार उनका बैलेंस धीरे-धीरे घटता जाएगा। उपभोक्ताओं को अपना बैलेंस देखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकारी विभागों के लिए दो महीने का एडवांस पेमेंट अनिवार्य नई व्यवस्था के तहत सरकारी बिजली कनेक्शनों के लिए संबंधित अधिकारी की स्वीकृति के बाद विभागीय कोषाधिकारी को दो माह का अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके लिए संबंधित जोन, वितरण केंद्र प्रभारी और कार्यपालन यंत्री 30 जुलाई तक अधीक्षण यंत्री के माध्यम से विभागीय कोषाधिकारी को आवश्यक जानकारी भेजेंगे। इसके पश्चात कोषाधिकारी द्वारा निर्धारित दो माह की अग्रिम राशि बिजली कंपनी के खाते में स्थानांतरित की जाएगी। इन कनेक्शनों के माध्यम से बिजली कंपनी को शुरुआत में दो माह का अग्रिम भुगतान प्राप्त होगा। इसके बाद प्रत्येक माह वास्तविक खपत के अनुसार बिल राशि वसूली जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रीपेड प्रणाली में उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 25 पैसे की विशेष छूट भी प्रदान की जाती है। बिजली के मीटर में नहीं होगा कोई बदलाव प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू करने के लिए मीटर को बदला नहीं जाएगा, बल्कि कंपनी द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों में ही यह सुविधा सक्रिय की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आम उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर अपनाने पर प्रति यूनिट 25 पैसे की टैरिफ छूट मिलेगी। इसके साथ ही, सरकार पूर्ववत सब्सिडी भी जारी रखेगी। वर्तमान में उपभोक्ताओं को वार्षिक खपत के आधार पर औसतन 45 दिनों के बिल के बराबर राशि सुरक्षा निधि के रूप में जमा करनी होती है। अस्पतालों और थानों में बाद में लागू होगी नई बिजली व्यवस्था ऊर्जा विभाग के निर्देशानुसार, बिजली कंपनियां फिलहाल अस्पताल, थाने और जल प्रदाय इकाइयों जैसे शासन के आवश्यक विभागों को प्रीपेड बिजली प्रणाली में शामिल नहीं कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, इन विभागों को व्यवस्था लागू होने के एक या दो महीने बाद प्रीपेड मोड में जोड़ा जाएगा। इसके पश्चात अन्य शासकीय कनेक्शनों को चरणबद्ध रूप से जोड़ा जाएगा। वहीं, निजी उपभोक्ताओं को इस प्रणाली में शामिल करने पर निर्णय बाद में शासन द्वारा लिया जाएगा। रिचार्ज की राशि पर मंथन जारी हालांकि, विद्युत वितरण कंपनियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उपभोक्ताओं को कितनी राशि का रिचार्ज कराना होगा और उस पर कितनी यूनिट बिजली प्रदान की जाएगी। वहीं अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों का बिजली बिल अक्सर समय पर नहीं भरता है। इस प्रणाली को कुछ चुनिंदा सरकारी ऑफिसों में लागू किया जाएगा। इनमें इंदौर के 1550 सरकारी कार्यालय शामिल है। जिसे दिसंबर तक इस इलाके के सभी 50 हजार सरकारी कार्यालय को इसमें शिफ्ट करने का प्लान है।  नई प्रणाली के अंतर्गत, सरकारी विद्युत कनेक्शनों के लिए इससे संबंधित अधिकारी की सहमति से, विभाग के कोषाधिकारी को 2 महीने का एडवांस बिल जमा करना होगा। संबंधित जोन, वितरण केन्द्र प्रभारी, कार्यपालन यंत्री 30 जुलाई तक अधीक्षण यंत्री के माध्यम से संबंधित कार्यालयों के कोषाधिकारी को इसकी सूचना देंगे। बिजली कंपनी को फिलहाल 2 महीने की एडवांस राशि मिल सकेगी। आगे प्रति महीने में खर्च हुए बिजली खपत के आधार पर बिल का भुगतान देना होगा। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से मिलेगी बिजली नई प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली मिलेगी, जिसमें उपभोग के अनुसार बैलेंस कम होगा और रिचार्ज के बिना बिजली आपूर्ति नहीं होगी। उपभोक्ता अपनी बिजली खपत और बैलेंस की जानकारी आसानी से मोबाइल या पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। बिजली वितरण कंपनियों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकारी और आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड व्यवस्था की प्रक्रिया और नियम अलग-अलग निर्धारित किए जा रहे हैं, जिससे दोनों की आवश्यकताओं के अनुसार सिस्टम को लागू किया जा सके। पहले सरकारी कार्यालयों में लागू होगी व्यवस्था मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अगस्त 2025 से कंपनी के अंतर्गत आने वाले मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लगभग 10,000 सरकारी कार्यालयों को प्रीपेड मीटर सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिनमें अकेले इंदौर के 1,550 सरकारी कार्यालय शामिल हैं। योजना के तहत दिसंबर 2025 तक इस क्षेत्र के सभी 50,000 सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह से प्रीपेड व्यवस्था में शामिल कर लिया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश के हर सरकारी कार्यालय में यह नई बिजली व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए। यह बदलाव न केवल प्रशासनिक खर्चों पर नियंत्रण रखेगा, बल्कि ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ावा देगा। आम उपभोक्ताओं को भी किया जाएगा शिफ्ट इस प्रक्रिया के पहले चरण के बाद दिसंबर 2025 के बाद दूसरा चरण शुरू किया जाएगा, जिसमें आम उपभोक्ताओं को प्रीपेड बिजली सिस्टम पर शिफ्ट किया जाएगा। इस चरण में सबसे पहले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों और अधिक लोड वाले कनेक्शनों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं को धीरे-धीरे इस आधुनिक प्रणाली में शामिल किया जाएगा। भरना होगा 2 महीने का अग्रिम बिल प्रीपेड बिजली व्यवस्था के तहत सरकारी दफ्तरों को अपनी बिजली खपत का दो महीने का बिल एडवांस में जमा करना होगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी की अनुमति से विभाग के कोषाधिकारी (अकाउंट ऑफिसर) यह भुगतान बिजली कंपनी को करेंगे। बिजली वितरण जोन और केंद्र के अधिकारी … Read more

रालामंडल को मिला ‘ऑक्सीजन बॉक्स’ का दर्जा, एक किलोमीटर तक नहीं होगा कोई निर्माण

इंदौर  संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में रालामंडल अभ्यारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आवासीय भूमि उपयोग हेतु तैयार किए गए नियोजन मापदंडों पर विचार करने के लिए ईको सेंसिटिव जोन समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के सभाकक्ष में संपन्न हुई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई अहम बैठक बैठक में मुख्य वन संरक्षक पी.एन. मिश्रा, अपर कलेक्टर गौरव बैनल, पीएचई विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुमार, नगर एवं ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक सुभाषीश बेनर्जी, संयुक्त कलेक्टर सुप्रिया पटेल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एस.एन. द्विवेदी, वन विभाग के एसडीओ योहन कटारा और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। 'ग्रीन कॉरिडोर' के विकास पर जोर संभागायुक्त दीपक सिंह ने रालामंडल अभ्यारण्य के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यह क्षेत्र इंदौर जैसे महानगर के लिए 'ऑक्सीजन बॉक्स' के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि रालामंडल की पहाड़ियों को जोड़कर ग्रीन कॉरिडोर का विकास किया जाए ताकि वन्यजीवों का आवास संरक्षित रहे और वे स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकें। संयुक्त फील्ड विजिट के निर्देश संभागायुक्त दीपक सिंह ने नगर एवं ग्राम निवेश, आईडीए, नगर निगम, वन विभाग, राजस्व विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संयुक्त रूप से फील्ड विजिट कर प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर की रूपरेखा तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईको सेंसिटिव जोन से एक किलोमीटर के दायरे में सघन नगरीय विकास नहीं होना चाहिए। पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भूमि उपयोग मापदंड बैठक में यह भी बताया गया कि ईको सेंसिटिव जोन के तहत नियोजन मापदंडों में प्रत्येक भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 500 वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। निर्माण क्षेत्र अधिकतम 15% तक सीमित रहेगा, जबकि भवन की ऊंचाई 12.5 मीटर से अधिक नहीं होगी। साथ ही कम से कम 10% क्षेत्र खुला रखना अनिवार्य होगा। इन नियमों का उद्देश्य क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखना और विकास को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। 

आज शनिवार 19 जुलाई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष राशि- आज आपको अतीत की बातों को लेकर मानसिक तनाव हो सकता है। धन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कार्यस्थल पर कुछ टास्कों को सुलझाने के लिए धैर्य व बुद्धि से काम लें। व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ राशि- आज आप लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहेंगे। अटके हुए कार्य पूरे होंगे। आप अपनी नई स्किल का प्रयोग कर कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी पा सकते हैं। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। जीवनसाथी की सेहत को लेकर मूड खराब हो सकता है। मिथुन राशि- आज आपको जरूरत से ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है। परिवार के लोगों के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। करियर की बेहतर संभावनाएं सामने आ सकती है। यात्रा का योग बनेगा। जीवनसाथी का साथ मिलने से परेशानियों को हल करने में सफल रहेंगे। कर्क राशि- आज आपकी एनर्जी व आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपका कोई सपना पूरा हो सकता है। दोस्तों का साथ मिलने से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। सिंह राशि– आज आप ऑफिस में उच्चाधिकारियों को अपनी परफॉर्मेंस से प्रभावित कर सकते हैं। अप्रत्याशित खर्च आपके मन को परेशान कर सकते हैं। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आज जीवनसाथी की सेहत को लेकर आप तनाव में रह सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग हैं। कन्या राशि- आज आपका आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। पठन-पाठन में रुचि बढ़ेगी। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। लेखनादि बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। आय के साधन भी बनेंगे। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। तुला राशि- आज सिंगल जातकों की जिंदगी में किसी खास शख्स की एंट्री हो सकती है। नौकरीपेशा करने वाले जातकों को नौकरी में तरक्की के साथ आय में वृद्धि मिल सकती है। भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ अच्छी बातचीत करेंगे और महसूस करेंगे कि आप एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं। वृश्चिक राशि- आज कारोबार में स्थान परिवर्तन भी हो सकता है। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। मन परेशान रहेगा। व्यर्थ के क्रोध से बचें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। तरक्की के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। धनु राशि– व्यापार में मुनाफ़ा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कार्यस्थल पर आज आपको अपने कुछ अच्छे कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। आज आप शादीशुदा होने के कारण खुद को भाग्यशाली महसूस करने वाले हैं। मकर राशि- अपना धैर्य बनाए रखें। आज आपका निरंतर प्रयास आपको दिलाएगा। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से लाभ मिलने की संभावना है। मानसिक तनाव हो सकता है। खर्च व आय के बीच बैलेंस बनाकर चलें, वरना आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। कुंभ राशि- आज आपको कार्यस्थल पर तरक्की मिलने के संकेत हैं। जीवनसाथी का खराब व्यवहार आपका मूड खराब कर सकता है। वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। व्यापार में मुनाफा हो सकता है। मीन राशि- आज आपको व्यापार में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिल सकता है। आज आप अपने कारोबार को नई ऊंचाइयां दे सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके किसी पुराने काम की सराहना हो सकती है। आपके प्रदर्शन को देखते हुए आपको प्रमोशन मिलने की संभावना है। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है।

दुर्गापुर से ममता सरकार पर हमला: पीएम मोदी ने कोलकाता की घटना को बताया कानून व्यवस्था पर सवाल

दुर्गापुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सावन का पवित्र महीना है, और ऐसे पावन समय में मुझे पश्चिम बंगाल के विकास पर्व का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़े सपने देखे हैं। भाजपा एक समृद्ध पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है। भाजपा एक विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करना चाहती है। हमें बंगाल को इस बुरे दौर से बाहर निकालना है, और आज यहां जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वो इसी का प्रतीक हैं। बंगाल बदलाव चाहता है। उन्होंने कहा कि लोग यहां देशभर से रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह उलट गई। आज पश्चिम बंगाल का नौजवान पलायन के लिए मजबूर है। छोटे-छोटे काम के लिए भी उसे दूसरे राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज आपको ये यकीन दिलाने आया हूं कि बंगाल की बदहाल स्थिति को बदला जा सकता है। भाजपा की सरकार आने के बाद सिर्फ कुछ ही वर्षों में बंगाल देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में से एक बन सकता है। यह मेरा दृढ़ विश्वास है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार बंगाल के विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की ये दीवार गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई तेजी पकड़ लेगा। टीएमसी की सरकार जाएगी, तभी असली परिवर्तन आएगा। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की ओर से मैं आपसे आग्रह करता हूं, एक बार भाजपा को अवसर दीजिए। एक ऐसी सरकार चुनिए जो कामदार हो, ईमानदार हो और दमदार हो। पीएम मोदी ने आगे कहा कि पिछले दशकों में इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के लिए स्थिति लगातार प्रतिकूल होती गई है। हिंसा की लगातार घटनाएं, पक्षपातपूर्ण पुलिस व्यवस्था और न्याय व्यवस्था में अविश्वास ने एक ऐसा माहौल बना दिया है, जहां कोई भी निवेश करने को लेकर आश्वस्त महसूस नहीं करता। राज्य सरकार की जीवन और व्यवसायों की सुरक्षा में असमर्थता संभावित निवेशकों की चिंताओं को और गहरा करती है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी एजुकेशन हो या हायर एजुकेशन, हर स्तर पर शिक्षा को बर्बाद किया जा रहा है। टीएमसी की सरकार ने बंगाल की एजुकेशन व्यवस्था को अपराध और भ्रष्टाचार के हवाले कर दिया है। हजारों योग्य शिक्षक आज बेरोजगार हैं, इसकी सबसे बड़ी वजह है टीएमसी का भ्रष्टाचार। इससे हजारों परिवारों पर संकट आया है और लाखों बच्चों का भविष्य टीचर की कमी के कारण अंधेरे में है। टीएमसी ने बंगाल के वर्तमान और भविष्य दोनों को संकट में डाल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी का 'गुंडा टैक्स' बंगाल में निवेश को रोक रहा है। राज्य के संसाधन माफिया के हाथों में चले गए हैं और सरकारी नीतियां जानबूझकर मंत्रियों को खुलेआम भ्रष्टाचार करने के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि 'मां, माटी, मानुष' की बात करने वाली पार्टी की सरकार में बेटियों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वो पीड़ा भी देता है और आक्रोश से भी भर देता है। आज पश्चिम बंगाल में अस्पताल भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। जब यहां एक डॉक्टर बेटी के साथ अत्याचार हुआ तो टीएमसी सरकार आरोपियों को बचाने में जुट गई। इस घटना से देश अभी उबरा भी नहीं था कि एक और कॉलेज में एक और बेटी के साथ भयंकर अत्याचार किया गया। इस घटना के आरोपियों का कनेक्शन भी टीएमसी से निकला है। हमें मिलकर बंगाल को इस निर्ममता से मुक्ति दिलानी है। बता दें कि हाल ही में कोलकाता के साउथ लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। पीएम मोदी ने इसी घटना का जिक्र कर ममता सरकार को घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी और लेफ्ट ने सालों तक दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई। इस दौरान इनको बांग्ला भाषा की याद तक नहीं आई। ये भाजपा सरकार है, जिसने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। 

रेलवे ट्रैक बना जानलेवा: पश्चिम बंगाल में ट्रेन ने छीनी तीन हाथियों की जान, वन विभाग घिरा सवालों में

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम और बांसतोला रेलवे स्टेशन के बीच एक दर्दनाक हादसे में तीन हाथियों की मौत हो गई। झारखंड सीमा से सटे इस इलाके में देर रात करीब 12:50 बजे, जब जनशताब्दी एक्सप्रेस झारग्राम से खड़गपुर जा रही थी, तो एक वयस्क और दो बच्चे हाथी रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए। तीनों हाथियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के सरडीहा-झाड़ग्राम सेक्शन में 143 किलोमीटर11/13 पोल संख्या के बीच हुई। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग और "हुला दल" (हाथियों को भगाने वाली टीम) के सदस्य उस समय बांसतोला क्षेत्र में हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेनों की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया और हाथियों के शवों को हटाने का काम शुरू किया गया। अप लाइन को सुबह 6:15 बजे और डाउन लाइन को 7:30 बजे फिर से चालू किया जा सका। स्थानीय लोगों में गुस्सा और वन विभाग पर सवाल इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा उचित रूप से प्रशिक्षित "हुला दलों" की नियुक्ति न करने के कारण लगातार हाथियों की मौतें हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वन विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है और उसने इस घटना पर भी चुप्पी साध रखी है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अभी तक रेलवे के खड़गपुर डिवीजन से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। झारग्राम जिले में जगह-जगह शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वन विभाग कब नींद से जागेगा और इन बेजुबान जानवरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। यह घटना एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती समस्या और इसके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

शिक्षकों के लिए खुशखबरी! राजस्थान में 6500 पदों पर होगी भर्ती, जानें आवेदन तिथि

जयपुर  राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सीनियर टीचर के कुल 6500 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो भी उम्मीदवार इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे RPSC की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया इसी अगस्त महीने से शुरू होगी। महत्वपूर्ण तारीखें: आवेदन कब से कब तक? ➤ ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 19 अगस्त 2025 ➤ आवेदन करने की आखिरी तारीख: 17 सितंबर 2025 इन पदों पर भर्ती: शैक्षणिक योग्यता क्या है? RPSC ने अलग-अलग विषयों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय की है: भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, सिंधी, गुजराती): किसी भी UGC से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट की डिग्री, जिसमें संबंधित भाषा वैकल्पिक विषय के रूप में होनी चाहिए। साथ ही, NCTE या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजुकेशन में डिग्री या डिप्लोमा (जैसे B.Ed.) होना ज़रूरी है। साइंस विषय: मान्यता प्राप्त डिग्री, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, या बायोकेमिस्ट्री में से कम से कम दो विषय वैकल्पिक रूप से पढ़े हों। इसके अलावा, एजुकेशन में डिग्री या डिप्लोमा (NCTE/सरकारी मान्यता) अनिवार्य है। सोशल साइंस विषय: ग्रेजुएट डिग्री, जिसमें इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, या दर्शनशास्त्र में से कोई दो विषय वैकल्पिक रूप से पढ़े हों। साथ में एजुकेशन में डिग्री या डिप्लोमा भी ज़रूरी है। आयु सीमा और आवेदन शुल्क ➤ न्यूनतम आयु: 18 वर्ष ➤ अधिकतम आयु: 40 वर्ष सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु सीमा में छूट मिलेगी। ➤आवेदन शुल्क: ➤ सामान्य/क्रीमी लेयर OBC/MBC उम्मीदवारों के लिए: ₹600 ➤ आरक्षित वर्ग/EWS/PWD/सहरिया के लिए: ₹400 चयन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण लिंक उम्मीदवारों का चयन लिखित प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। ज़रूरत पड़ने पर आयोग स्केलिंग, मॉडरेशन या सामान्यीकरण पद्धति का इस्तेमाल कर सकता है। ➤ RPSC Recruitment 2025 नोटिफिकेशन देखने के लिए: यहां क्लिक करें ➤ RPSC Recruitment 2025 के लिए अप्लाई करने का लिंक: यहां क्लिक करें 

23 जुलाई तक बंद रहेंगे स्कूल, जानिए कहाँ खुले रहेंगे क्लासरूम

नई दिल्ली  सावन महीने में शुरू हुई कावड़ यात्रा के कारण कई राज्यों के जिलों में छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया जा रहा है। कुछ जगहों पर यह अवकाश 23 जुलाई तक रहेगा, तो कहीं सोमवार और शनिवार को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में जिला प्रशासन ने 26 जुलाई तक सभी सरकारी और सहायता प्राप्त बेसिक एवं माध्यमिक स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके अलावा, बदायूं, मेरठ, हापुड़ और मुजफ्फरनगर जिलों में भी 16 से 23 जुलाई तक सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। इनमें यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े सभी स्कूल शामिल हैं। निजी संस्थान, डिग्री कॉलेज और तकनीकी कॉलेज भी अवकाश में शामिल हैं। बरेली जिले में हर सोमवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है ताकि भीड़भाड़ से बचा जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बदायूं में 1 से 8वीं कक्षा तक के सभी परिषदीय सहायता प्राप्त स्कूलों में शनिवार और सोमवार को छुट्टी रखी जाएगी। यह व्यवस्था 19 से 21 जुलाई, 26 से 28 जुलाई और 2 से 4 अगस्त तक लागू रहेगी। वाराणसी में भी सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे और रविवार को खोले जाएंगे। उत्तराखंड के कई जिलों जैसे हरिद्वार, यमकेश्वर और पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक में भी स्कूल 23 जुलाई तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। हरिद्वार में सभी सरकारी, निजी स्कूल और डिग्री कॉलेजों को भी इसी अवधि तक अवकाश रहेगा। प्रशासन ने बताया कि कावड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यह अवकाश आवश्यक है। इस कारण से स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है ताकि बच्चों और अभिभावकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- बार्सिलोना स्थित मर्काबार्ना का समग्र मॉडल मध्यप्रदेश के लिए उपयोगी हो सकता है

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बार्सिलोना स्थित मर्काबार्ना का समग्र मॉडल मध्यप्रदेश के लिए उपयोगी हो सकता है। मध्यप्रदेश में बढ़ते कृषि उत्पादन को देखते हुए बेहतर ‘पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट’ और निर्यात प्रणाली की आवश्यकता है।स्पेन प्रवास के तीसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मर्काबार्ना के भ्रमण के दौरान यह बात कही। यह संस्थान 250 एकड़ में फैला हुआ यूरोप का प्रमुख फूड लॉजिस्टिक्स हब है, जहाँ उत्पादन, भंडारण, प्रोसेसिंग और वितरण की व्यवस्थाएं एकीकृत रूप से संचालित होती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्यप्रदेश को सिर्फ उत्पादन की नहीं, बल्कि कटाई के बाद मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, भंडारण, और वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच की भी चुनौती है। इस दिशा में मर्काबार्ना का अनुभव एक मॉडल के रूप में सामने आता है, जिससे प्रेरणा लेकर प्रदेश के खाद्य उत्पादकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकता है। मर्काबार्ना के सीईओ ने मध्यप्रदेश के प्रति रूचि जताई। मर्काबार्ना के सीईओ पाब्लो विल्लानोवा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन करते हुए कहा कि भारत और स्पेन के बीच कृषि लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग की संभावनाएं हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के प्रति विशेष रुचि और भविष्य में द्विपक्षीय ज्ञान साझेदारी पर सहमति जताई। फार्म-टू-फोर्क जैसे मॉडल होंगे लागू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘फार्म-टू-फोर्क’ मॉडल, कोल्ड चेन प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, ट्रेसेबिलिटी और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मर्काबार्ना द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रक्रियाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे मेगा फूड पार्क, एग्रीबिजनेस क्लस्टर और ग्रामीण उद्योग केंद्रों में इन नवाचारों को समाहित किया जाएगा। खाद्य अपशिष्ट नियंत्रण और नवाचार के क्षेत्र में भी प्रेरणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मर्काबार्ना में संचालित फूड बैंक, जीरो वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली और फूड-टेक स्टार्टअप्स के लिए तैयार किए गए इनक्यूबेशन मॉडल का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्थाएं मध्यप्रदेश में नवाचार-आधारित कृषि नीति को मजबूती देंगी। निर्यात और वैश्विक पहुंच के लिए ठोस रणनीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में गेहूं, चावल, फल, सब्जियों और प्रोसेस्ड फूड के निर्यात की असीम संभावनाएं हैं। मर्काबार्ना जैसे केंद्रों से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश में पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस को कम करते हुए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के अनुरूप उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला निमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मर्काबार्ना प्रबंधन को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश वैश्विक साझेदारियों के लिए तैयार है। राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी और तकनीकी निवेश को बढ़ावा भी दे रही है। कृषि आधारित औद्योगिक प्रगति का नया चरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा कृषि आधारित विकास के एक नए चरण की भूमिका तय कर रही है। अब मध्यप्रदेश केवल उत्पादन आधारित राज्य नहीं, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत भागीदार के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व कृषि, नवाचार और निर्यात के समन्वय से ‘एडवांटेज एमपी’ के विजन को साकार कर रहा है।  

‘गुंडा टैक्स’ और गैंगरेप का मुद्दा उठाकर पीएम मोदी ने दीदी पर बोला हमला, बोले- बंगाल की हालत चिंताजनक

दुर्गापुर पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में 6 साल बाद पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत दुर्गा में विशाल जनसभा को संबोधित कर किया था। शुक्रवार को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार की तीखे शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह सावन का पवित्र महीना है, ऐसे पावन समय में मुझे पश्चिम बंगाल के विकास पर्व का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लिए बड़े सपने देखे हैं। भाजपा एक समृद्ध पश्चिम बंगाल बनाना चाहती है। भाजपा एक विकसित पश्चिम बंगाल का निर्माण करना चाहती है। हमें बंगाल को इस बुरे दौर से बाहर निकालना है, और आज यहां जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वो इसी का प्रतीक हैं। बंगाल बदलाव चाहता है। बंगाल में पालायन शुरू हो गयाः पीएम पीए मोदी ने कहा कि देशभर से रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह उलट गई। आज पश्चिम बंगाल का नौजवान पलायन के लिए मजबूर है। छोटे-छोटे काम के लिए भी उसे दूसरे राज्यों की तरफ जाना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आज आपको ये यकीन दिलाने आया हूं कि बंगाल की बदहाल स्थिति को बदला जा सकता है। भाजपा की सरकार आने के बाद सिर्फ कुछ ही वर्षों में बंगाल देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में से एक बन सकता है। यह मेरा दृढ़ विश्वास है। बंगाल के विकास में दिवार बनकर खड़ी टीएमसीः पीएम टीएमसी सरकार बंगाल के पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि टीमएमसी विकास के आगे दीवार बनकर खड़ी है। जिस दिन टीएमसी सरकार की ये दीवार गिरेगी, उसी दिन से बंगाल विकास की नई तेजी पकड़ लेगा। टीएमसी की सरकार जाएगी, तभी असली परिवर्तन आएगा। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की ओर से मैं आपसे आग्रह करता हूं, एक बार भाजपा को अवसर दीजिए। एक ऐसी सरकार चुनिए जो कामदार हो, ईमानदार हो और दमदार हो। ‘गुंडा टैक्स बंगाल में निवेश को रोक रहा’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टीएमसी का ‘गुंडा टैक्स’ बंगाल में निवेश को रोक रहा है। राज्य के संसाधन माफिया के हाथों में चले गए हैं और सरकारी नीतियां जानबूझकर मंत्रियों को खुलेआम भ्रष्टाचार करने के लिए प्रेरित करने के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘मां, माटी, मानुष’ की बात करने वाली पार्टी की सरकार में बेटियों के साथ जो अन्याय हो रहा है, वो पीड़ा भी देता है और आक्रोश से भी भर देता है। आज पश्चिम बंगाल में अस्पताल भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। जब यहां एक डॉक्टर बेटी के साथ अत्याचार हुआ तो टीएमसी सरकार आरोपियों को बचाने में जुट गई। इस घटना से देश अभी उबरा भी नहीं था कि एक और कॉलेज में एक और बेटी के साथ भयंकर अत्याचार किया गया। इस घटना के आरोपियों का कनेक्शन भी टीएमसी से निकला है। हमें मिलकर बंगाल को इस निर्ममता से मुक्ति दिलानी है। साउथ लॉ कॉलेज में छात्रा से गैंगरेप का पीएम ने किया जिक्र बता दें कि हाल ही में कोलकाता के साउथ लॉ कॉलेज की एक छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। पीएम मोदी ने इसी घटना का जिक्र कर ममता सरकार को घेरा। पीएम मोदी ने कहा कि टीएमसी और लेफ्ट ने सालों तक दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार चलाई। इस दौरान इनको बांग्ला भाषा की याद तक नहीं आई। ये भाजपा सरकार है, जिसने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया।

भाषा की आड़ में बंटवारे की साजिश? उद्धव ठाकरे बोले- नहीं सहेंगे मुंबई से छेड़छाड़

मुंबई  महाराष्ट्र में बढ़ते मराठी भाषा विवाद के बीच पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने केंद्र के ऊपर मुंबई के महत्व को कम करने का आरोप लगाया है। शिवसेना यूबीटी के प्रमुख नेता ने कहा कि हम तोड़ने की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं लेकिन मुंबई धीरे-धीरे अपना महत्व खो रही है। यहां के उद्योग, धंधों को गुजरात ले जाया जा रहा है। यहां की फिल्म इंडस्ट्री को भी यहां से स्थानांतरित करने की बात चल रही है। ठाकरे ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि मैं यह बात साफ तौर पर कहता हूं कि अगर किसी ने मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की बात की तो हम उसके टुकड़े करेंगे। मीडिया से बात करते हुए ठाकरे ने कहा, "मुंबई के महत्व को कम किया जा रहा है, लेकिन हम ऐसा कुछ भी नहीं होने देंगे। मुंबई देश की वित्तीय राजधानी रही है। इसे देश की वित्तीय राजधानी ही माना जाता है और ऐसा ही रहेगा भी.. इसका बढ़ता महत्व कई लोगों की आंखों में खटकता है।" ठाकरे ने फिल्म इंडस्ट्री को नोएडा में शिफ्ट करने के योगी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पर नाम लिए बिना हमला बोला। उन्होंने कहा, "वे मुंबई में स्थित फिल्म उद्योग को कहां स्थानांतरित कर रहे थे? इसे कौन यहां से हटा रहा था? क्या यह सच नहीं है कि इसे हटाने की कोशिश की जा रही है? मुंबई का डायमंड मार्केट किसने छीन लिया? क्या यह सच नहीं है? यहां एक वित्तीय केंद्र स्थापित किया जा रहा था लेकिन आखिर अहमदाबाद को बुलेट ट्रेन कौन दे रहा है? मुंबई के साथ जो भी किया जा रहा है उसे लोग खुले तौर पर देख सकतें हैं, इसमें मुझे कुछ भी अलग से जोड़ने की जरूरत नहीं है।" आपको बता दें उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी ज्यादा बढ़ गया था क्योंकि फडणवीस ने एक दिन पहले ही खुले तौर पर उद्धव को भाजपा के साथ आ जाने का ऑफर दे दिया था। हालांकि बंद दरवाजों के पीछे दोनों नेताओं की क्या बात हुई है इसकी जानकारी बाहर नहीं आई है। इन दोनों नेताओं की इस मीटिंग से पहले मुंबई में ठाकरे बंधुओं का एक ऐतिहासिक सम्मेलन भी हुआ था, जिसमें राज और उद्धव ठाकरे ने दशकों के बाद एक साथ मंच को साझा किया था। उस वक्त दोनों नेताओं ने कहा था कि वह मराठी अस्मिता के लिए एक साथ आए हैं और अब एक साथ ही रहेंगे।