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रेलवे की पहल: अब यात्री गाड़ियों में स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे लगाए जायेंगे, कटनी से सतना के बीच शुरुआत

जबलपुर कटनी-सतना रेलमार्ग (Katni Satna Rail Line) और उस पर दौड़ रही ट्रेनों पर अब तीसरी नजर रहेगी। इस रेलखंड पर ट्रेनों में पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। यात्रियों के सामान चोरी के मामले भी सामने आते रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब आधुनिक निगरानी तंत्र विकसित किया गया है। सतना से कटनी आउटर तक स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। 24 घंटे करेंगे काम… जानिए स्टैंड अलोन सीसीटीवी कैमरों की खूबियां रेलखंड में स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरे सौर ऊर्जा से संचालित होंगे। यह सीसीटीवी कैमरे चौबीस घंटे काम करेंगे। जीवंत दृश्य के साथ ही श्रव्य भी रिकार्ड करेंगे। इन सीसीटीवी कैमरों को पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय के नियंत्रण कक्ष से जोड़ा गया है। संबंधित क्षेत्र के रेल सुरक्षा बल पोस्ट तक भी इन सीसीटीवी कैमरों की लाइव रिकॉर्डिंग पहुंचेगी। पश्चिम मध्य रेल की इस पहल ने संवेदनशील खंड में निवारक निगरानी और खुफिया-आधारित पुलिसिंग को काफी मजबूत किया है। दोनों स्टेशन के यार्ड भी नजर… बच नहीं पाएंगे अपराधी रेलवे के सीसीटीवी कैमरों की नजर में दोनों स्टेशन के यार्ड भी रहेंगे। स्टेशन में जगह नहीं होने पर कई ट्रेनें यार्ड में रुकती हैं। ट्रेन में चोरी, छीनाझपटी जैसी वारदात कर कई आरोपित ट्रेन के यार्ड में रुकने एवं धीरे होने पर उतरकर भाग जाते हैं। कई मामलों में आरोपी की पहचान तक नहीं हो पाती है। तीसरी नजर की सहायता से अब संदिग्धों की पहचान हो सकेगी। संदिग्ध गतिविधि के संदेह पर तुरंत कार्रवाई कर घटना को रोकना संभव होगा। नई डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से यात्रा और सुरक्षित होगी।  

हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही:सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बढ़ी खुशखबरी सुनाई है. उन्होने कहा कि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले इच्छुक छात्रों सरकार की ओर से 80-80 लाख रुपए दिए जाएंगे. यही नहीं मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद इन छात्रों का लोन भी माफ कर दिया जाएगा. दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 जुलाई को इंटर में पास 75 प्रतिशत या उससे अधिक नंबर लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए  प्रोत्साहन राशि जारी की. सीएम मोहन ने  कुशाभाऊ सभागार में आयोजित हुए कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेश के 94 हजार 234 मेधावी स्टूडेंट्स के खातों में लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि जारी की. इस दौरान उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बड़ी सौगात दी. मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने ऐसे प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स की बात की जो मेडिकल में पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक मेधावी स्टूडेंट्स को 80-80 लाख रुपए दे रही है। यही नहीं उन्होंने इस दौरान यह भी बताया कि कैसे मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लोन माफ किया जा सकता है। जानें क्या बोले सीएम मोहन यादव… जानें कैसे माफ होगा लोन सीएम मोहन यादव ने बताया कि हमारी सरकार मेधावी स्टूडेंट्स को मेडिकल की पढ़ाई के लिए 80-80 लाख रुपए दे रही है। ताकि वो डॉक्टर बने। डॉक्टर बनने के बाद शासन उन्हें मेडिकल ऑफिसर बनाएगा। मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल पूरे करने के बाद, उनकी लोन राशि के 80 लाख रुपए भी माफ कर दिए जाएंगे। फिर उन्हें ये लोन राशि नहीं चुकानी पड़ेगी। ऐसे पूरा होगा बच्चों को आगे पढ़ाने का संपल्प बता दें कि सीएम मोहन यादव ने ये बातें मेधावी छात्र लैपटॉप योजना के तहत स्टूडेंट्स को लैपटॉप वितरित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि दो साल में हमारी सरकार प्रदेश भर में 50 मेडिकल कॉलेज खोलेंगे। कॉलेज खुलेंगे तो आने वाले समय में डॉक्टर्स की भर्ती भी तेजी से की जाएगी। बच्चों को आगे पढ़ाने, आगे बढ़ाने का संपल्प ऐसे ही तो पूरा होगा।  5 साल सेवा के बाद माफ हो जाएगा लोन इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर छात्र पढ़ाई के बाद सरकारी मेडिकल ऑफिसर के रूप में 5 साल सेवा करता है, तो उसका पूरा लोन माफ कर दिया जाएगा। यानी 80 लाख रुपए तक की राशि छात्र को लौटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मौका सिर्फ मेधावी छात्रों को सीएम यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो प्रतिभाशाली हैं और आगे डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं। यह घोषणा उन्होंने उस कार्यक्रम के दौरान की जिसमें 12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 94,234 छात्रों को लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि दी गई। MP में बनेंगे 50 नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में 50 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को ज्यादा अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश में डॉक्टरों की भारी कमी भी दूर होगी। भर्ती प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, जिससे युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा। डॉक्टर बनने का सपना अब दूर नहीं मध्य प्रदेश सरकार की इस योजना से उन छात्रों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा, जो मेडिकल की पढ़ाई करना तो चाहते हैं, लेकिन महंगी फीस और संसाधनों की कमी के कारण रुक जाते हैं। अब न सिर्फ उन्हें पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि सेवा के बाद पूरा लोन भी माफ कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस नई पहल से मध्य प्रदेश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है। यदि आप भी मेडिकल में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह सुनहरा अवसर है।

भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान

भोपाल  विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने फायर सेफ्टी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। ड्राफ्ट सतपुड़ा भवन में आग लगने के बाद तैयार किया गया था, लेकिन दो साल में भी लागू नहीं हो पाया। इसमें अलग से अग्नि सुरक्षा संचालनालय का गठन प्रस्तावित है। 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान और सजा भी इससे अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम हो पाएंगे। भवन में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम नहीं करने पर मकान मालिक पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना और सजा का भी प्रावधान किया गया है। इस एक्ट के लागू होने से अग्नि सुरक्षा की स्थिति सुधरने की संभावना है। विभाग ने ड्राफ्ट पर सभी स्तर पर डिस्कशन पूरे कर लिए हैं। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने के लिए सख्त प्रावधान किए जा रहे हैं। अलग अग्नि सुरक्षा संचालनालय के साथ ही प्रदेश में सेटअप भी प्रस्तावित किया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिए हैं एक्ट बनाने के निर्देश प्रदेश में फायर सेफ्टी एक्ट के लिए ड्राफ्ट पहले भी बन चुका है, लेकिन लागू नहीं किया गया। राज्य अग्नि सुरक्षा नियमों के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता, ननि अधिनियम 1956 तथा नपा अधिनियम 1961 पर ही निर्भर है। राज्य सरकार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अग्नि सुरक्षा कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार मानसून सत्र में विधेयक पेश करने की तैयारी हो गई है। पारित होने के बाद प्रदेश में लागू किया जाएगा। ये होंगे मुख्य प्रावधान –अग्निशमन सेवा का नया कैडर बनाया जाएगा, इससे उनकी अलग भर्ती और प्रशिक्षण हो सकेगा। –सभी जिलों में नए फायर स्टेशनखोले जाएंगे। –भवनों में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम सती से लागू किए जाएंगे। ऐसा नहीं करने वालों पर 10 हजार तक का जुर्माना और सजा का प्रावधान किया गया है। –प्रदेश में फायर ब्रिगेड की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों से लेकर उपकरणों के इंतजाम होंगे। –पुलिस फायर स्टेशनके कर्मचारियों का भी विलय किया जाएगा। केंद्र से भी मदद नए सेटअप के लिए 5 हजार करोड़ से अधिक का बजट की जरूरत होगी। हालांकि यह बजट पांच साल में खर्च किया जाएगा और केंद्र सरकार से भी इसके लिए राशि मांगी जाएगी। अग्नि सुरक्षा के पुराने उपकरणों और फायर ब्रिगेड को बदला जाएगा। अत्याधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। भविष्य को देखते हुए बहुमंजिला भवनों की आग बुझाने के लिए भी विशेष उपकरण खरीदे जाएंगे।

घी की शुद्धता को लेकर मध्यप्रदेश में एक बड़ा कदम, अधिकारी द्वारा लिए जाएंगे सैंपल, ब्यूटाइरो-रिफ्रैक्टोमीटर से गुणवत्ता को परखा जाएगा

ग्वालियर  घी की शुद्धता को लेकर मध्यप्रदेश में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देश पर जुलाई माह में पूरे प्रदेश में घी की गुणवत्ता की जांच का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह सैंपल सीधे भोपाल और इंदौर की जांच प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। हर जिले से लिए जाएंगे पैक्ड और लूज घी के सैंपल प्रदेश के हर जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में बिक रहे घी के सैंपल लें। हर अधिकारी को कुल 5 सैंपल लेने हैं, जिनमें से दो पैक्ड घी यानी ब्रांडेड कंपनियों के और तीन लूज (बिना ब्रांड वाले) घी के होंगे। इन सैंपलों को भोपाल की CES लैब और इंदौर की चौकसी लैब में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। घी की जांच के लिए ब्यूटाइरो-रिफ्रैक्टोमीटर तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि उसमें रिफाइंड ऑयल, पाम ऑयल या किसी अन्य सस्ती सामग्री की मिलावट तो नहीं की गई है। ग्वालियर-चंबल संभाग नकली घी के लिए बदनाम ग्वालियर-चंबल अंचल नकली घी, मावा और पनीर जैसी खाद्य सामग्रियों में मिलावट के लिए कुख्यात है। भिंड, मुरैना जैसे जिलों में सक्रिय मिलावट माफिया ना सिर्फ प्रदेश बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों में भी माल सप्लाई करता है। त्योहारों के मौसम में यह मिलावट चरम पर होती है, जिससे आमजन की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता है। इसके बावजूद ग्वालियर में प्रस्तावित फूड टेस्टिंग लैब अब तक शुरू नहीं हो पाई है। ग्वालियर में अब तक शुरू नहीं हो सकी लैब ग्वालियर के हुरावली इलाके में फूड लैब के लिए 2019 में भूमिपूजन किया गया था। लेकिन छह साल बीतने के बाद भी यह प्रयोगशाला शुरू नहीं हो सकी है। अब जबकि ढाई करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है, उम्मीद जताई जा रही है कि लैब जल्द शुरू होगी और अंचल के जिलों को भोपाल या इंदौर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जुलाई भर चलेगा घी की जांच का अभियान ग्वालियर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि यह अभियान पूरे जुलाई माह तक चलेगा। सैंपलिंग के बाद जैसे ही लैब रिपोर्ट आएगी, एफएसएसएआइ गुणवत्ता मानकों के आधार पर कार्रवाई करेगा। जिन घी उत्पादकों में मिलावट पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

DRDO ने बनाया अत्याधुनिक Mounted Gun System, फायर करके तुरंत स्थान बदलने की क्षमता

बेंगलुरु भारत की रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने एक नया और अत्याधुनिक माउंटेड गन सिस्टम (MGS) विकसित किया है, जो भारतीय सेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. यह सिस्टम पूरी तरह से स्वदेशी है. इसे व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (VRDE), अहमदनगर ने डिज़ाइन और विकसित किया है. MGS अब सेना के उपयोगकर्ता परीक्षणों (यूज़र ट्रायल्स) के लिए तैयार है. जल्द ही विभिन्न इलाकों में इसका परीक्षण शुरू होगा.  माउंटेड गन सिस्टम (MGS) क्या है? माउंटेड गन सिस्टम एक ऐसी तोप प्रणाली है, जो एक बख्तरबंद हाई-मोबिलिटी वाहन (HMV) पर लगाई जाती है. यह 155 मिलीमीटर/52 कैलिबर की एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) पर आधारित है, जिसे DRDO की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ARDE) ने विकसित किया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी शूट एंड स्कूट (फायर करके तुरंत स्थान बदलने की) क्षमता, जो इसे आधुनिक युद्ध में बेहद प्रभावी बनाती है. MGS को 8×8 टाट्रा हाई-मोबिलिटी वाहन पर लगाया गया है, जिसे भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) ने बनाया है. यह सिस्टम रेगिस्तान, पहाड़ी इलाकों और ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों जैसे सियाचिन में भी आसानी से काम कर सकता है. यह भारतीय सेना की फील्ड आर्टिलरी रेशनलाइजेशन प्लान (FARP) का हिस्सा है, जिसके तहत सेना को 814 माउंटेड गन सिस्टम की जरूरत है. MGS की प्रमुख विशेषताएं     रेंज और सटीकता: अधिकतम रेंज: 45 किलोमीटर (गोला बारूद के प्रकार पर निर्भर).     उच्च सटीकता: यह सिस्टम पिनपॉइंट एक्यूरेसी के साथ लक्ष्य को भेद सकता है, जो इसे हाई-वैल्यू टारगेट्स जैसे हवाई अड्डों, रडार स्टेशनों और कमांड सेंटर्स को नष्ट करने में सक्षम बनाता है.     शूट एंड स्कूट: MGS की सबसे बड़ी ताकत इसकी तेजी है. यह 80 सेकंड में तैनात होकर फायर करने के लिए तैयार हो जाता है. 85 सेकंड में स्थान बदल सकता है. इससे दुश्मन को जवाबी हमला करने का मौका नहीं मिलता.     फायरिंग रेट: यह एक मिनट में 6 गोले दाग सकता है (बर्स्ट रेट: 3 राउंड्स/30 सेकंड, इंटेंस रेट: 12 राउंड्स/3 मिनट). यह 50 वर्ग मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से निशाना बना सकता है.     मोबिलिटी: यह सिस्टम रेगिस्तान, मैदानी इलाकों और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में काम कर सकता है.     गति: रफ इलाकों में 60 किमी/घंटा और मैदानी इलाकों में 90 किमी/घंटा. इसे रेल या C-17 परिवहन विमान से आसानी से ले जाया जा सकता है.     वजन और डिज़ाइन: कुल वजन: 30 टन (15 टन तोप + 15 टन वाहन). यह 40 टन के पुलों पर आसानी से चल सकता है, जो इसे ज्यादातर इलाकों में उपयोगी बनाता है.     क्रू: 7 सदस्यों के लिए जगह, जो बुलेटप्रूफ केबिन में सुरक्षित रहते हैं.     स्वदेशी तकनीक: MGS में इस्तेमाल होने वाले 80% उपकरण भारत में ही निर्मित हैं, जिसमें 155mm/52 कैलिबर की तोप, गोला-बारूद और वाहन शामिल हैं. यह मेक इन इंडिया पहल का हिस्सा है, जिसमें भारत फोर्ज, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) जैसे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. अन्य विशेषताएं     स्वचालित गोला-बारूद हैंडलिंग सिस्टम: यह 24 गोले और उनके लिए बाय-मॉड्यूलर चार्ज सिस्टम (BMCS) ले जा सकता है.     इंटीग्रेटेड फायर कंट्रोल सिस्टम (FCS): यह आर्टिलरी कॉम्बैट कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (ACCCS) के साथ संगत है, जो तकनीकी फायर कंट्रोल, फायर प्लानिंग और लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट को आसान बनाता है.     आर्मर्ड केबिन: क्रू को दुश्मन के जवाबी हमले से बचाने के लिए बख्तरबंद केबिन (वर्तमान में स्टील, भविष्य में कम्पोजिट सामग्री). सेना के लिए क्यों है गेम-चेंजर? MGS की कई खूबियां इसे भारतीय सेना के लिए एक गेम-चेंजर बनाती हैं… तेज तैनाती और गतिशीलता: आधुनिक युद्ध में गतिशीलता बहुत महत्वपूर्ण है. MGS की शूट एंड स्कूट क्षमता इसे दुश्मन के जवाबी हमले से बचाती है. यह मैकेनाइज्ड फोर्सेस की गति के साथ तालमेल रख सकता है. हर इलाके में उपयोगी: चाहे सियाचिन की बर्फीली चोटियां हों, राजस्थान का रेगिस्तान हो, या पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाके, MGS हर स्थिति में प्रभावी है. इसका 8×8 टाट्रा चेसिस इसे ऊबड़-खाबड़ इलाकों में भी चलने में सक्षम बनाता है. स्वदेशी तकनीक का प्रदर्शन: यह सिस्टम पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है. इसे विदेशों में भी निर्यात किया जा सकता है, जैसे कि आर्मेनिया को 2023 में 6 यूनिट्स निर्यात की गईं. प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त: MGS की तुलना फ्रांस के सीज़र और इज़राइल के ATMOS जैसे सिस्टम्स से की जा रही है, जिन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में अपनी प्रभावशीलता साबित की है. यह भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में मजबूत बनाता है. परीक्षण और प्रगति परीक्षण: MGS ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज (PFFR) में सितंबर 2023 में कई परीक्षण पूरे किए, जिसमें न्यूनतम और अधिकतम रेंज फायरिंग, सटीकता और डायरेक्ट फायरिंग शामिल थी. मोबिलिटी और परफॉर्मेंस: इसने 600 किलोमीटर के आंतरिक परीक्षण और रेगिस्तान व पहाड़ी इलाकों में गतिशीलता परीक्षण पास किए हैं. आर्मर्ड केबिन: बख्तरबंद केबिन के स्टैंडअलोन फायरिंग टेस्ट भी पूरे हो चुके हैं. यूज़र ट्रायल्स: भारतीय सेना जल्द ही विभिन्न इलाकों और मौसम में MGS का परीक्षण शुरू करेगी. ट्रायल्स 2026 तक पूरे होने की उम्मीद है. उद्योग और सहयोग MGS का विकास DRDO की अगुवाई में भारतीय उद्योगों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (DPSU) और प्रमुख शिक्षण संस्थानों के सहयोग से किया गया है.  प्रमुख साझेदार     भारत फोर्ज लिमिटेड: MGS की तकनीक को 7 जून 2025 को हस्तांतरित किया गया.     टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL): ATAGS पर आधारित अपने ट्रक-माउंटेड हॉवित्जर (TMH) के साथ प्रतिस्पर्धा में है.     एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL): धनुष तोप पर आधारित MGS विकसित कर रहा है.     BEML: 8×8 टाट्रा चेसिस प्रदान करता है. उत्पादन: मार्च 2025 में, रक्षा मंत्रालय ने ₹6,900 करोड़ की लागत से 307 ATAGS यूनिट्स के लिए भारत फोर्ज और टाटा के साथ अनुबंध किए. सेना को कुल 700-800 MGS यूनिट्स की जरूरत है. वैश्विक संदर्भ और निर्यात की संभावना हाल के रूस-यूक्रेन युद्ध ने माउंटेड गन सिस्टम्स की अहमियत को उजागर किया है. फ्रांस का सीज़र और इज़रायल का ATMOS जैसे सिस्टम्स ने तेज गतिशीलता … Read more

आज 9 जुलाई को बड़े स्तर पर भारत बंद की तैयारी, बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी शामिल हो सकते

नई दिल्ली आज बुधवार को बड़े स्तर पर भारत बंद की तैयारी है। अनुमान है इस बंद में बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। यह हड़ताल 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने बुलाई है और इसे भारत बंद का नाम दिया है। यह भारत बंद सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्र विरोधी कॉरपोरेट-समर्थक नीतियों के विरोध में बुलाया गया है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की अमरजीत कौर ने कहाकि हड़ताल में 25 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के भाग लेने की उम्मीद है। किसान और ग्रामीण कर्मचारी भी देशभर में इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे। हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा कि हड़ताल के कारण बैंकिंग, डाक, कोयला खनन, कारखाने, राज्य परिवहन सेवाएं प्रभावित होंगी। सरकार की नीतियों पर सवाल भारत बंद कर रहे संगठनों ने पिछले साल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को 17-सूत्रीय मांगों का एक चार्टर सौंपा था। इनका कहना है कि सरकार पिछले 10 वर्षों से वार्षिक श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं कर रही है। यह मजदूरों-कर्मचारियों के हितों के खिलाफ फैसले ले रही है। मजदूर संगठनों के मंच ने यह आरोप भी लगाया कि आर्थिक नीतियों के कारण बेरोजगारी बढ़ रही है, जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं, मजदूरी में गिरावट आ रही है और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बुनियादी नागरिक सुविधाओं में सामाजिक क्षेत्र के खर्च में कटौती हो रही है। ये सभी गरीबों, निम्न आय वर्ग के लोगों के साथ मध्यम वर्ग के लिए और अधिक असमानता और अभाव पैदा कर रहे हैं। इस बात का लगाया आरोप मंच ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी विभागों में युवाओं को नियमित नियुक्तियां देने के बजाय रिटायर्ड लोगों को ही काम पर रखने की नीति देश को आगे नहीं ले जाएगी। वजह, 65 फीसदी आबादी 35 साल से कम आयु की है। वहीं, बेरोजगारों की संख्या 20 से 25 साल के आयु वर्ग के लोगों में सबसे अधिक है। बयान में कहा गया है कि हम सरकार से बेरोजगारी पर ध्यान देने, स्वीकृत पदों पर भर्ती करने, अधिक नौकरियों के सृजन, मनरेगा श्रमिकों के कार्य दिवसों एवं मजदूरी में बढ़ोतरी के साथ शहरी क्षेत्रों के लिए भी समान कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए ईएलआई (रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन) योजना लागू करने में व्यस्त है। यह भी हड़ताल में रहेंगे शामिल एनएमडीसी लिमिटेड और अन्य गैर-कोयला खनिज, इस्पात, राज्य सरकार के विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के श्रमिक नेताओं ने भी हड़ताल में शामिल होने का नोटिस दिया है। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और कृषि श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है और ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर लामबंदी करने का फैसला किया है। श्रमिक संगठनों ने इसके पहले 26 नवंबर, 2020, 28-29 मार्च, 2022 और पिछले साल 16 फरवरी को भी इसी तरह की देशव्यापी हड़ताल की थी।  देशभर में आज  9 जुलाई को भारत बंद का ऐलान किया गया है। यह बंद 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने मिलकर बुलाया है। इनमें बैंक, बीमा, डाक, कोयला खदान, हाईवे और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टरों के 25 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस विरोध प्रदर्शन को ' भारत बंद ' नाम दिया गया है। यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियां कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली और मजदूरों के खिलाफ हैं। ग्रामीण भारत से किसान और खेतिहर मजदूर भी इस बंद में शामिल होंगे। अडानी ने किसे दिया बिना शर्त 12600 करोड़ रुपये का ऑफर? इस कंपनी को खरीदने का है प्लान बंद में इन ट्रेड यूनियनों का समर्थन इस हड़ताल में कई प्रमुख राष्ट्रीय संगठन शामिल हैं। इनमें ये शामिल हैं:     इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)     ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)     हिंद मजदूर सभा (HMS)     सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU)     ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC)     ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC)     सेल्फ एम्प्लॉयड वीमेंस एसोसिएशन (SEWA)     ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (AICCTU)     लेबर प्रोग्रेसिव फेडरेशन (LPF)     यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC) क्या खुला है, क्या बंद रहेगा? इस हड़ताल से कई क्षेत्रों पर असर पड़ने की उम्मीद है। इनमें बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, डाक विभाग, कोयला खनन और कारखाने, राज्य परिवहन सेवाएं, सरकारी कार्यालय शामिल हैं। एनएमडीसी और स्टील व खनिज क्षेत्रों की कई सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में शामिल होने की पुष्टि की है। हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के उद्योगों और सेवाओं में मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी। क्या बैंक बंद रहेंगे? बैंकिंग यूनियनों ने अलग से बंद के कारण सेवाओं में व्यवधान की पुष्टि नहीं की है। लेकिन, बंद आयोजकों के अनुसार वित्तीय सेवाएं प्रभावित होंगी। बंद आयोजकों ने कहा कि हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सहकारी बैंकिंग क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हैं। इससे कई क्षेत्रों में शाखा सेवाएं, चेक क्लीयरेंस और ग्राहक सहायता जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस का क्या होगा? 9 जुलाई को स्कूल, कॉलेज और प्राइवेट ऑफिस खुले रहने की उम्मीद है। हालांकि, परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण कुछ क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। ट्रेड यूनियनों और सहयोगी ग्रुप की ओर से कई शहरों में विरोध मार्च और सड़क प्रदर्शन किए जाने से सार्वजनिक बसें, टैक्सियां और ऐप-आधारित कैब सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे स्थानीय यात्रा और लॉजिस्टिक्स संचालन में देरी या रद्द होने की संभावना है। क्या रेल सेवाएं प्रभावित होंगी? 9 जुलाई को देशव्यापी रेलवे हड़ताल की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की आशंका है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं या उनमें देरी हो सकती है। रेलवे यूनियनों ने औपचारिक रूप से भारत बंद में भाग नहीं लिया है। लेकिन, पहले हुईं इस तरह की हड़तालों में देखा गया है कि प्रदर्शनकारी रेलवे स्टेशनों के पास या पटरियों पर प्रदर्शन करते … Read more

आज बुधवार 09 जुलाई 2025 का पढ़ें दैनिक राशिफल

मेष: मेष राशि वालों के लिए करियर में ट्रांसफर के योग बन रहे हैं। समृद्धि आपके फेवर में है, जिसकी वजह से आप अपना पैसा स्मार्ट तरीके से निवेश कर सकेंगे। आपके लिए खर्चों को कंट्रोल करना जरूरी है। वृषभ: वृषभ राशि वालों के लिए शुभ समय है। आपके लिए लाइफ में आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं। कुल मिलाकर हेल्थ पर थोड़ा ध्यान दें। लव लाइफ में पार्टनर के साथ मजबूत रिश्ते बनेंगे। मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए भी समय अच्छा है। इस राशि के लोग अच्छे से प्लानिंग करके आगे बढ़ें। प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ दोनों में आपके लिए अच्छे योग बन रहे हैं। बजट को फिर से रिव्यू करने से लाभ होगा। कर्क: कर्क राशि वालों के लिए समय बहुत अच्छा है। आपके लिए समाज में अच्छा स्थान मिलने के योग बन रहे हैं। इस समय आपको आर्थिक प्लानिंग पर खासा जोर देना है। पैसों के मामले में आंख बंद करके किसी पर भी भरोसा ना करें। सिंह: सिंह राशि वालों के लिए समृद्धि आपके फेवर में दिख रही है। हेल्थ वाइज भी आप अच्छे हैं। प्रोफेशनल लाइफ में आपको इस समय खास प्लानिंग बनानी होगा। नेटवर्किंग से भी आपको लाभ मिलेगा। कन्या: कन्या वालों को इस समय पैसों के मामले में अलर्ट रहना होगा। आपको अपने खर्चों को कम करना होगा। इस समय बिना देखें निवेश करने से बचें। किसी आर्थिक सलाहकार की मदद ले सकते हैं। तुला: तुला राशि वालों के लिए अच्छा समय है। आपके लिए इस समय अपने पार्टनर के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत बनाने का समय है। कुछ लोगों का विवाह तय होने के भी योग बन रहे हैं। वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों के लिए इस समय नियमितता और जिम्मेदारी दोनों बहुत जरूरी हैं। कल काम करने के लिए कुछ आराम करने की भी जरूरत होगी। आपको अपने उद्देश्य में थोड़ा सा बदलाव पूरी तरह से अलग नतीजे दिला सकता है। आप अलर्ट रहें और सोच समझकर की गई प्लानिंग सफलता का मार्ग आपको मिल जाएगा। धनु: धनु वालों के लिए इस समय अपनी शक्ति को बचाकर रखना है और धैर्य से काम लेना है। आपकी छोटी-छोटी आदते आपको दिन भर के लिए एनर्जी देंगी। लव लाइफ में ईगो को छोड़ दें। आपके दिमाग को स्पष्ट और केंद्रित होना चाहिए। अपने बजट का पूर्नमूल्यांकन करें। मकर: मकर राशि वालों को इस समय फोकस करने से पॉजिटिव एनर्जी मिल रही है। जिसने आपकी मदद की है, उसको थैंक्स कहने में संकोच न करें। आप जो शेयर करते हैं, वह दूसरों को खुशी से भर देगा, आपको और आपके उद्देश्य के लिए भी से तैयारी में लग जाना चाहिए। इस समय समृद्धि आपके फेवर में है। कुंभ: कुंभ राशि वालों को किसी पुरानी प्लानिंग से लाभ होगा। प्रोफेशनल लाइफ में आपका धैर्य रखना होगा। नौकरी में इस समय थोड़ी दिक्कत हो सकती है, लेकिन आपको इस बारे में थोड़ा ध्यान देना चाहिए। आपकी लवलाइफ आज शानदार रहेगी। मीन: मीन वाले इस समय सोच समझकर किसी बात पर हां करें। बिना देखें, निवेश करने से बचें। आपको फिलहाल शांति से परेशानियों पर सोचना है, इससे ही भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचा सकत है। इस समय हेल्थ को लेकर अलर्ट रहें।

दिल्ली में दिल दहला देने वाला डबल मर्डर, मजनू का टीला में मिली दो लाशें

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डबल मर्डर का मामला सामने आया है, जहां नॉर्थ दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में 22 साल की युवती और उसकी सहेली की बेटी की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। मृतक महिला का नाम सोनल और बच्ची का नाम यशिका बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, चाकू मारकर दोनों को मौत के घाट उतारा गया। पुलिस के अनुसार, डबल मर्डर का शक मृतक युवती के बॉयफ्रेंड पर जताया जा रहा है। बच्ची यशिका सोनम की सहेली की बेटी है। सोनल अपने बॉयफ्रेंड निखिल के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। सोनल का निखिल से झगड़ा चल रहा था, इसलिए वह अपनी सहेली रश्मि के घर मजनू का टीला इलाके में रहने के लिए आई थी। रश्मि किसी काम से घर से बाहर गई थी, तभी निखिल पहुंचा और सोनम की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद उसने 6 साल की बच्ची को भी मार डाला। आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इस पर सिविल लाइन थाना की पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीमें आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने युवती और बच्ची के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच टीम आरोपी निखिल की तलाश कर रही है। साथ ही आसपास के लोगों से भी घटना की जानकारी ली जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दहशत है। एक महिला ने बताया कि रश्मि स्कूल से अपनी बड़ी बेटी को लाने के लिए गई थी और छोटी बेटी को अपनी सहेली के पास छोड़कर गई थी। जब उसने वापस आकर देखा तो उसकी हत्या हो चुकी थी। रश्मि के पति का मोबाइल शॉप है और वह वहां पर थे। लोगों ने बताया कि बच्ची को मार डाला गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। आज जब उस बच्ची के साथ ऐसी घटना हुई तो हम अपने बच्चों को घर में अकेले छोड़कर कैसे बाहर जा सकते हैं।

PF अकाउंट में आया ब्याज का पैसा? 32 करोड़ खातों में ट्रांसफर – अभी ऐसे करें चेक

नई दिल्ली EPF खातों में जमा अपने रिटायरमेंट फंड पर सालाना ब्याज जमा होने का इस वर्ष लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 96.51 प्रतिशत सदस्यों (32.39 करोड़ पीएफ खाते) को समाप्त वित्त वर्ष का 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज उनके PF खाते में जमा करा दिया गया है। श्रम मंत्रालय के अनुसार ईपीएफ खाते में 2024-25 अब तक ब्याज की करीब 4000 करोड़ रूपए की राशि जमा करा दी गई है। जबकि बाकी बचे ईपीएफ खातों में भी अगले एक हफ्ते में सालाना ब्याज जमा करा दिए जाने की पूरी संभावना है।   केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने दी जानकारी श्रम मंत्रालय के अनुसार इसके बाद ही इसके सदस्यों के खाते में ब्याज जमा करने की तैयारियां शुरू हुई और छह जून से वार्षिक खातों का अपडेट कार्य शुरू हुआ। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुार इस वर्ष, 13.88 लाख प्रतिष्ठानों में 33.56 करोड़ सदस्यों के खातों का अपडेट किया जाना है। इनमें से आठ जुलाई तक 13.86 लाख प्रतिष्ठानों में 32.39 करोड़ सदस्यों के खाते में सालाना ब्याज की रकम जमा करायी जा चुकी है। मंडाविया के अनुसार आंकड़ों की कसौटी पर अब तक 99.9 प्रतिशत प्रतिष्ठानों और 96.51 प्रतिशत सदस्यों के ईपीएफ खाते में सालाना ब्याज की रकम जमा करने का काम पूरा हो गया है। साथ ही हमें भरोसा है कि इस सप्ताह के भीतर बाकी प्रतिष्ठानों के सालाना अकाउंट अपडेशन का कार्य भी पूरा कर बचे सदस्यों के खाते में ब्याज जमा करा दी जाएगी। पांच महीने पहले जमा हुई PF की ब्याज दर ईपीएफ सदस्यों के खाते में सालाना ब्याज की राशि इस वर्ष करीब पांच महीने पहले जमा हुई है। मालूम हो कि पिछले वर्ष 2023-24 के ब्याज की रकम जमा कराने की प्रक्रिया अगस्त महीने में शुरू हुई और दिसंबर के आखिर तक ही सबके ईपीएफ खाते में यह जमा हो पायी। श्रम मंत्री के अनुसार इस वर्ष प्रक्रिया को पहले और पूरी रफ्तार देते हुए खातों का सालाना अपडेशन कार्य जून महीने में ही पूरा कर लिया गया जिसकी वजह से ईपीएफ खातों में इस बार ब्याज पांच महीने पहले जमा कराने में सफलता मिली है। कितनी है PF की ब्याज दर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन केंद्र सरकार के जरिए हर वर्ष EPFO के लिए घोषित ब्याज दर के अनुरूप इसके सदस्यों के ईपीएफ खाते में ब्याज की यह रकम जमा की जाती है। वर्तमान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वित्त मंत्रालय ने 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज के ईपीएफओ प्रस्ताव को 22 मई को स्वीकृति दी थी। ऐसे चेक करें PF का पैसा पीएफ का पैसा चेक करने के लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से EPFOHO UAN टाइप करके 7738299899 पर सेंड कर दें। इतना करते हैं आपको एसएमएस के जरिए पीएफ बैलेंस की जानकारी प्राप्त हो जाएगी। इसके अलावा आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 01122901406 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं। इसके अलावा आप UMANG App के जरिए भी पीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं।   

घुसपैठिया बताकर बंगाल निवासियों को टारगेट कर रही असम सरकार: ममता बनर्जी का आरोप

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को असम सरकार पर जुबानी हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के एक निवासी को घुसपैठिया बताकर उसे परेशान कर रही है। सीएम ममता ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मैं यह जानकर स्तब्ध और बहुत परेशान हूं कि असम में विदेशी न्यायाधिकरण ने कूचबिहार के दिनहाटा निवासी उत्तम कुमार ब्रजबासी को एनआरसी नोटिस जारी किया है। वे राजबंशी हैं और 50 साल से अधिक समय से यहां रह रहे हैं। वैध पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद उन्हें 'विदेशी/अवैध प्रवासी' होने के संदेह में परेशान किया जा रहा है।" मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम को लोकतंत्र पर व्यवस्थित हमला और इस बात का सबूत बताया कि असम में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार बंगाल में एनआरसी लागू करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "हाशिए पर पड़े समुदायों को डराने, उनके अधिकारों को छीनने और उन्हें निशाना बनाने का एक पूर्व-नियोजित प्रयास किया जा रहा है। यह असंवैधानिक अतिक्रमण जनविरोधी है और लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को ध्वस्त करने तथा बंगाल के लोगों की पहचान मिटाने के भाजपा के खतरनाक एजेंडे को उजागर करता है।" उन्होंने सभी गैर-भाजपा दलों से ऐसे घटनाक्रमों पर एकजुट होने का भी आह्वान किया। सीएम ममता ने कहा कि यह चिंताजनक स्थिति सभी विपक्षी दलों के बीच भाजपा की विभाजनकारी और दमनकारी मशीनरी के खिलाफ खड़े होने के लिए तत्काल एकता की मांग करती है। बंगाल चुपचाप नहीं बैठेगा क्योंकि भारत का संवैधानिक ताना-बाना बिखर रहा है। कूचबिहार जिले के दिनहाटा के रहने वाले एक व्यक्ति का मामला सबसे पहले तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने उठाया था। उन्होंने कहा था, "जो व्यक्ति 1966 में वोटर लिस्ट में शामिल हुआ था, उसे एनआरसी (नागरिकता रजिस्टर) का नोटिस कैसे दिया जा सकता है?" पिछले महीने मुख्यमंत्री ने बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारत के चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नए मतदाता सूची संशोधन दिशानिर्देशों पर सवाल उठाया था और आशंका व्यक्त की थी कि ये नए दिशानिर्देश एनआरसी के कार्यान्वयन की दिशा में एक और कदम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हालांकि ये नए दिशानिर्देश इस साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जारी किए गए हैं, लेकिन इन नए दिशानिर्देशों का 'मुख्य लक्ष्य" पश्चिम बंगाल है, जहां अगले साल महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव भी होने हैं। सीएम ममता की टिप्पणी पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि ममता बनर्जी को अब एहसास हो गया है कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए, जिनमें रोहिंग्या पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल हैं, जो लंबे समय से उनके 'समर्पित वोट बैंक' रहे हैं, अब बाहर निकाल दिए जाएंगे।