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रेल बजट जैसा तोहफा! छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस लॉन्च, पटना स्टेशन होगा और आधुनिक

 पटना केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार, 19 जून को बिहार की राजधानी पटना में रेलवे विकास को नई गति देने वाली कई बड़ी घोषणाएं की हैं. रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में रेलवे के 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट चल रहे हैं. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को रेलवे बजट में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी गई है. उन्होंने कहा, बिहार में पूरी तरह से रेलवे विकास हो रहा है।  रेल मंत्री ने पटना के हार्डिंग पार्क इलाके में 5 नए प्लेटफॉर्म बनाने का ऐलान किया है. पटना स्टेशन का विस्तार होगा तो रेल क्षमता बढ़ेगी. इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी और ट्रेनों का आना-जाना सुगम होगा. हार्डिंग पार्क में इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है।  रेल मंत्री ने कहा कि छपरा से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) के लिए नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जा रही है. इससे यात्रियों को सीधा और आरामदायक सफर मिलेगा. रेल मंत्री ने बिहार में बने रेल इंजनों की सराहना की।  मढ़ौरा रेल इंजन कारखाने से आज 51वां लोकोमोटिव इंजन निर्यात के लिए रवाना हो रहा है. यह इंजन अफ्रीकी देश गिनी को भेजा जाएगा. वैष्णव ने कहा कि बिहार में बने इंजन अब विदेशों में भी जा रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।  रेल मंत्री ने बताया कि बिहार में चल रही सभी रेलवे परियोजनाओं की समीक्षा की जाएगी. केंद्र सरकार बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. आने वाले समय में और नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।  दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों को मिलेगी राहत रेल मंत्रालय के अनुसार छपरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश से दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। बढ़ती मांग को देखते हुए 12527/12528 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस-छपरा साप्ताहिक एक्सप्रेस तथा 14055/14056 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस-मऊ एक्सप्रेस को मंजूरी दी गई है। नई सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। छपरा-दिल्ली साप्ताहिक एक्सप्रेस का समय 12527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार रात 8:50 बजे छपरा से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:00 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में 12528 आनंद विहार टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार शाम 4:25 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन बलिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी। रेलवे के अनुसार उद्घाटन के अवसर पर इन ट्रेनों का संचालन विशेष उद्घाटन गाड़ियों के रूप में किया जाएगा। इससे यात्रियों को नई सेवाओं का लाभ जल्द मिल सकेगा।  

रेल यात्रियों को झटका! VIP कोटे के विस्तार से ग्वालियर की कई ट्रेनों में टिकट मिलना हो सकता है मुश्किल

ग्वालियर ग्वालियर से सफर करने वाले आम रेल यात्रियों के लिए आने वाले दिन और भी मुश्किल भरे हो सकते हैं। एक तरफ जहां नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और नो-रूम के कारण आम जनता का सफर बेपटरी हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे प्रशासन आम यात्रियों को राहत देने के बजाय इमरजेंसी (आपातकालीन) कोटे का दायरा और बढ़ाने की तैयारी में है। इसमें रेलवे का तर्क है कि वीआइपी लोगों को अचानक आना-जाना पड़ता है, इसलिए यह कोटा बढ़ाया जा रहा है। लेकिन इस कदम से सीधा फायदा सिर्फ रसूखदारों को मिलेगा, जबकि दो-दो महीने पहले टिकट बुक कराकर कतार में खड़ा आम आदमी कंफर्म सीट के लिए तरसता रह जाएगा। कैंसर मरीजों को राहत, लेकिन आम जनता पर दोहरी मार इस पूरे मामले में राहत की बात सिर्फ इतनी है कि रेलवे इस कोटे के तहत आम आदमी की श्रेणी में आने वाले कैंसर मरीजों को प्राथमिकता देता है। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए रेलवे का यह कदम सराहनीय है, लेकिन इसकी आड़ में वीआइपी सीटों की संख्या बढ़ाए जाने से सामान्य और स्लीपर क्लास के मध्यमवर्गीय यात्रियों का हक मारा जाना तय है। ग्वालियर से इन ट्रेनों पर असर ग्वालियर से शुरू होने वाली और यहां से गुजरने वाली लगभग 50 ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू है। वीआइपी कोटा बढऩे से जिन प्रमुख ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, उनमें शामिल हैं। वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती, चंबल एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस, बरौनी एक्सप्रेस, रतलाम इंटरसिटी और बुंदेलखंड एक्सप्रेस आदि शामिल है। सीटों से ज्यादा आवेदन रेलवे की वीआइपी पेटी सुबह होते ही आवेदनों से भर जाती है। रेल प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि कोटा सीमित है, जबकि सिफारिशों का दबाव उम्मीद से कहीं ज्यादा है। सुबह 10 बजे तक रेलवे कार्यालय में माननीयों के प्रतिनिधियों की कतार लग जाती है। कई बार अंतिम क्षणों तक झांसी संपर्क करना पड़ता है। इन्हें मिलता है कोटा रेलवे के अनुसार ट्रेनों में कोटा न्यायाधीश, सांसद, विधायक, मंत्री, कैंसर मरीज, एमसीओ (मिलिट्री), सीआरपीएफ और पुलिस आदि को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है। इसमें से कुछ का कोटा तो लगभग हर एक दो दिन में लगता ही है। मंजूरी मिलते ही बढ़ाया जाएगा इमरजेंसी कोटा हमारे यहां से निकलने वाली कुछ ट्रेनों में भारी मांग को देखते हुए कोटा बढ़ाने का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कुछ चुनिंदा ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा बढ़ जाएगा। -अमन वर्मा, सीनियर डीसीएम (झांसी मंडल)

भोपाल जाने वाले यात्रियों के लिए खबर, इस रूट की कई ट्रेनें हुईं कैंसिल

भोपाल  देश में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हर दिन हजारों ट्रेनें चलाता है, जो लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाती हैं. हालांकि कई बार तकनीकी काम या ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से यात्रियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. इसी तरह अब भोपाल रूट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. रेलवे की ओर से बताया गया है कि गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जाना है. इस वजह से भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. ऐसे में इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को पहले से ट्रेन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। इतने दिन कैंसिल रहेंगी ट्रेनें रेलवे की ओर से ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जा रहा है, जिसके कारण इस रूट से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक इस काम के लिए 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक ब्लॉक लिया गया है. इस दौरान भोपाल मंडल से होकर चलने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी रूप से कैंसिल करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में जो यात्री इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले ही अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी जा रही है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह जानकारी पहले से जारी की जा रही है, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बना सकें। इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल     ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस कोरबा से 5 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12410 हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12409 रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12807 विशाखापत्तनम-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12808 हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल 2026 को कैंसिल.  

होली 2026: यूपी-बिहार रूट पर Indian Railways चलाएगी स्पेशल ट्रेनें, समय और लिस्ट जारी

 चंदौली रंगों का त्योहार होली नजदीक आ रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग इस त्योहार को मनाने के लिए अपने घरों का रुख करते हैं. ऐसे में भारतीय रेलवे ने भी होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर किया है.  पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के अवसर पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने 9 जोड़ी यानी 18 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है. इन ट्रेनों के परिचालन से यूपी-बिहार के लोगों को होली के दौरान घर आने में काफी सहूलियत मिलेगी.  आइए देखते हैं उन ट्रेनों की लिस्ट और रूट… > गाड़ी संख्या 08439/08440 पुरी-पटना-पुरी स्पेशल: खड़गपुर-आसनसोल-झाझा के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 08439 पुरी-पटना स्पेशल 28 फरवरी से 28 मार्च, 2026 तक प्रत्येक शनिवार को पुरी से 14.55 बजे खुलकर अगले दिन 10.45 बजे पटना पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 08440 पटना-पुरी स्पेशल 01 से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को पटना से 13.30 बजे खुलकर अगले दिन 09.45 बजे पुरी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09031/09032 उधना-हसनपुर रोड-उधना स्पेशल: डीडीयू-पाटलिपुत्र-हाजीपुर- मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 09031 उधना-हसनपुर रोड स्पेशल 22 फरवरी से 29 मार्च, 2026 तक प्रत्येक रविवार को उधना से 11.25 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे डीडीयू, 14.15 बजे पाटलिपुत्र, 17.10 बजे मुजफ्फरपुर रुकते हुए 20.00 बजे हसनपुर रोड स्टेशन पहुंचेगी.   वहीं, गाड़ी संख्या 09032 हसनपुर रोड-उधना स्पेशल 23 फरवरी से 30 मार्च, 2026 तक प्रत्येक सोमवार को हसनपुर रोड स्टेशन से 21.45 बजे खुलकर अगले दिन 00.25 बजे मुजफ्फरपुर, 02.15 बजे पाटलिपुत्र, 05.40 बजे डीडीयू रुकते हुए तीसरे दिन 15.00 बजे उधना पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 07005/07006 चर्लपल्ली-रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल: रांची-बोकारो-धनबाद -झाझा-बरौनी-समस्तीपुर-दरभंगा-सीतामढ़ी के रास्ते चलने वाली गाड़ी संख्या 07005 चर्लपल्ली- रक्सौल स्पेशल 23 एवं 28 फरवरी तथा 01 मार्च, 2026 को चर्लपल्ली से 22.00 बजे खुलकर तीसरेे दिन 03.50 बजे धनबाद, 10.50 बजे बरौनी, 13.33 बजे दरभंगा रुकते हुए 16.50 बजे रक्सौल पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 07006 रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल 26 फरवरी तथा 03 एवं 04 मार्च, 2026 को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 07.10 बजे दरभंगा, 09.30 बजे बरौनी, 16.00 बजे धनबाद रुकते हुए अगले दिन 19.40 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 09451/09452 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल:  गोरखपुर-नरकटियागंज -बापूधाम मोतीहारी-मुजफ्फरपुर-बरौनी के रास्ते चलायी जा रही गाड़ी संख्या 09451/52 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल का परिचालन विस्तार होली स्पेशल के रूप में किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 09451 गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल 06 मार्च से 27 मार्च तक प्रत्येक शुक्रवार तथा गाड़ी संख्या 09452 भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल 09 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को अपने पुराने समय एवं ठहराव के अनुसार होली स्पेशल के रूप में परिचालित की जाएगी. > गाड़ी संख्या 03009/03010 दानकुनी-आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल: झाझा-किउल- नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03009 दानकुनी-आनंद विहार स्पेशल 28 फरवरी तथा 07 मार्च, 2026 को दानकुनी से 00.20 बजे खुलकर 07.40 बजे किउल, 09.13 बजे नवादा, 10.35 बजे गया एवं 14.00 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 11.00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03010 आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल 01 तथा 08 मार्च, 2026 को आनंद विहार से 15.00 बजे खुलकर अगले दिन 08.40 बजे डीडीयू, 11.45 बजे गया, 13.00 बजे नवादा एवं 14.30 बजे किउल रुकते हुए 23.30 बजे दानकुनी पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03435/03436 मालदा टाउन-आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल: भागलपुर-किउल-नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03435 मालदा टाउन-आनंद विहार स्पेशल 02, 09 तथा 16 मार्च, 2026 सोमवार को मालदा टाउन से 09.30 बजे खुलकर 15.15 बजे किउल, 16.25 बजे नवादा, 18.15 बजे गया एवं 21.40 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 13.40 बजे आनंद विहार पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03436 आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल 03, 10 तथा 17 मार्च, 2026 मंगलवार को आनंद विहार से 15.35 बजे खुलकर अगले दिन 08.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे गया, 12.58 बजे नवादा एवं 15.20 बजे किउल रुकते हुए 22.30 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03131/03132 सियालदह-गोरखपुर-सियालदह स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03131 सियालदह-गोरखपुर स्पेशल 26 फरवरी तथा 02 एवं 05 मार्च, 2026 को सियालदह से 23.50 बजे खुलकर अगले दिन 10.15 बजे बरौनी, 12.05 बजे हाजीपुर रुकते हुए 18.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03132 गोरखपुर-सियालदह स्पेशल 27 फरवरी तथा 03 एवं 06 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 21.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.20 बजे हाजीपुर, 04.20 बजे बरौनी रुकते हुए 16.20 बजे सियालदह पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03525/03526 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03525 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 28 फरवरी एवं 02 मार्च, 2026 को आसनसोल से 19.15 बजे खुलकर अगले दिन 00.30 बजे बरौनी, 02.30 बजे हाजीपुर रुकते हुए 09.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वहीं, गाड़ी संख्या 03526 गोरखपुर- आसनसोल स्पेशल 01 एवं 03 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 12.15 बजे खुलकर 17.10 बजे हाजीपुर, 20.20 बजे बरौनी रुकते हुए अगले दिन 04.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी. > गाड़ी संख्या 03527/03528 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलाई जाने वाली गाड़ी संख्या 03527 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 01 मार्च, 2026 को आसनसोल से 13.20 बजे खुलकर 19.15 बजे बरौनी, 21.15 बजे हाजीपुर रुकते हुए अगले दिन 03.30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. जबकि गाड़ी संख्या 03528 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 02 मार्च, 2026 को गोरखपुर से 06.30 बजे खुलकर 11.00 बजे हाजीपुर, 13.20 बजे बरौनी रूकते हुए उसी दिन 21.00 बजे आसनसोल पहुंचेगी.

रेल यात्रियों को बड़ी राहत: जनरल कोच की घंटे-घंटे सफाई, AI पकड़ेगा गंदगी

 नई दिल्ली रेल मंत्री ने रेलवे रिफॉर्म प्लान 2026 के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार लागू करने की घोषणा की है। शनिवार को उन्होंने बताया पहले चरण में ट्रेनों की साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी और इसके लिए सभी कोच में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा रेल मंत्री के मुताबिक, इस योजना की शुरुआती चरण में हर जोन की 4 से 5 ट्रेनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से लंबी दूरी की करीब 80 ट्रेनों के एसी कोचों के साथ साथ जनरल कोचों में भी सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान टॉयलेट, डस्टबिन और कोच की सफाई के साथ किसी भी तकनीकी या मैकेनिकल समस्या की भी जांच की जाएगी। एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी पीक आवर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल होगा। रेल मंत्री ने बताया कि एआई आधारित तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। सफाई मानकों में कमी मिलने पर संबंधित वेंडर पर कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वेंडरों को ही आगे कॉन्ट्रैक्ट दिए जाएंगे। यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं रेल मंत्री ने कहा कि,इस व्यवस्था के लागू होने से रेलवे पर अतिरिक्त खर्च आएगा, लेकिन यात्रियों के किराए में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। जरूरत के मुताबिक रेलवे अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी करेगा। लंबी दूरी गाड़ियों के सभी कोच में हर घंटे साफ सफाई होगी। स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा इस अभियान के तहत एक इंटीग्रेटेड सिस्टम भी लगाया जाएगा। जिससे कोच की सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से मॉनिटर किया जा सकेगा। अगर जनरल कोच कनेक्ट नहीं होगा तो स्टाफ उतरकर जनरल कोच की सफाई करेगा। इसके लिए रूट आधारित टीमें तैनात की जाएगी, जो तय रूट पर लगातार काम करेंगी।

दिल्ली-अंबाला रेल मार्ग में सुधार: Indian Railways के सिग्नल सिस्टम के लिए 421.41 करोड़ का बजट मंजूर

अंबाला  रेलवे ने अपने नेटवर्क को हाई-टेक बनाने और रेल हादसों पर लगाम लगाने की दिशा में पहल करते हुए रेल मंत्रालय ने उत्तर रेलवे के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत दिल्ली और अंबाला रेल मंडल के व्यस्त रूटों पर सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। मंत्रालय ने इसके लिए 421.41 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।  रेलवे के उच्च घनत्व (एचडीएन) और अत्यधिक उपयोग वाले नेटवर्क (एचयूएन) पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि यह अपग्रेड उन स्टेशनों पर किया जा रहा है जहां स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच पहले से ही स्वीकृत है। दिल्ली रेल मंडल के अधीन हाई डेंसिटी रूट के 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके लिए 292.24 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार अंबाला रेल मंडल के अधीन 13 स्टेशनों को इस आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इस पर 129.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिंक बुक से मिली रफ्तार ये सभी कार्य उत्तर रेलवे के लिए निर्धारित 1,547 करोड़ रुपये के व्यापक प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिसे वर्ष 2024-25 के पिंक बुक (कार्य, मशीनरी और रोलिंग स्टॉक कार्यक्रम) में शामिल किया गया था। अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक विनोद भाटिया ने बताया कि पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलॉकिंग की जगह अब कंप्यूटर आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लेगा। इससे सिग्नल और पॉइंट को डिजिटल तरीके से नियंत्रित किया जाएगा, इससे मानवीय गलती की संभावना शून्य हो जाएगी। कवच और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से न केवल सफर सुरक्षित होगा, बल्कि व्यस्त रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार और संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। इस बदलाव से ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित होने के साथ-साथ समयबद्धता में भी सुधार होगा, इससे यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।  

भोपाल मंडल की ट्रेनों में नया सुरक्षा मॉडल, सादे कपड़ों में जवान करेंगे गश्त

भोपाल  भोपाल से हर दिन हजारों यात्री लंबी दूरी और लोकल ट्रेनों से सफर करते हैं। यात्रियों की इसी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने वर्ष 2025 में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। पिछले साल सामने आई चोरी और असुरक्षा की घटनाओं से सबक लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने मिलकर नया सुरक्षा मॉडल लागू किया है। अब ट्रेनों में लगातार गश्त, सादे कपड़ों में जवानों की तैनाती और तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है। भोपाल मंडल से गुजरने वाली प्रमुख एक्सप्रेस और भीड़भाड़ वाली ट्रेनों पर खास नजर रखी जा रही है। रात के समय यात्रा करने वाले कोच और संवेदनशील ट्रेनों में चेकिंग तेज की गई है। वर्ष 2025 में आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 160 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 125 मामलों में चोरी गया सामान बरामद किया गया। करीब 33 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। राहत की बात यह है कि चोरी हुए मोबाइल फोन में से लगभग आधे यात्रियों को वापस मिल चुके हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए बिलासपुर एक्सप्रेस और इंदौर एक्सप्रेस में चोरी की शिकायतें ज्यादा मिलने के बाद इन ट्रेनों को विशेष निगरानी में रखा गया है। साथ ही इटारसी से रानी कमलापति स्टेशन के बीच के हिस्से को सेंसिटिव जोन घोषित किया गया है। यहां अतिरिक्त पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने जीरो टालरेंस नीति अपनाई है। छेड़छाड़ के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पहले जहां मामलों के निपटारे में महीनों लग जाते थे, अब औसतन दो महीने में ही केस सुलझाए जा रहे हैं। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता     भोपाल से गुजरने वाली और यहां से चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगातार गश्त, सादे कपड़ों में तैनाती और तकनीकी निगरानी के जरिए ट्रेनों के अंदर होने वाली घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा रहा है। – एमएस सोमवंशी, थाना प्रभारी, आरकेएमपी  

किराया बढ़ा, लेकिन राहत भी: 26 दिसंबर से इन रेल यात्रियों को मिलेगा पूरा फायदा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने आगामी 26 दिसंबर से रेल टिकट के किराए को बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे रेलवे को लगभग 600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। रेलवे के इस बड़े बदलाव से जहां कुछ यात्रियों को 26 दिसंबर के बाद ज्यादा किराया देना पड़ेगा, तो वहीं कुछ यात्रियों को कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा। रेलवे के इस नए नियम के तहत, साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा पर यात्रियों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा।  वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा किराया लगेगा। अगर कोई यात्री 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा करता है, तो उसे 10 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। लेकिन अगर कोई यात्री 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्रा करता है, तो उसे कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा, यानी 215 किलोमीटर से कम दूरी पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसके साथ ही रेलवे ने यह भी साफ किया है कि लोकल (सब-अर्बन) ट्रेन और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसा इसलिए, ताकि कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर बोझ न पड़े और यात्रा सस्ती बनी रहे। रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पिछले एक दशक यानी दस वर्षों में भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को काफी बढ़ाया है और अब देश के दूर-दराज इलाकों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और बेहतर सेवाएं देने के लिए रेलवे ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। इसके कारण कर्मचारियों पर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपए हो गया है और पेंशन पर खर्च 60,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इन बढ़े हुए खर्चों को पूरा करने के लिए रेलवे माल ढुलाई (कार्गो) को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इसके साथ ही यात्रियों के किराए में थोड़ा-सा बदलाव किया गया है। रेलवे ने बताया कि इन सुधारों से सुरक्षा भी बेहतर हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे बन गया है। रेलवे ने यह भी बताया कि माल ढुलाई के किराए 2018 के बाद से नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि खर्च बढ़ता रहा है। रेलवे अब ज्यादा माल ढोकर अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रेल मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में त्योहारों के दौरान 12,000 से ज्यादा ट्रेनें सफलतापूर्वक चलाई गईं, जो रेलवे की बेहतर योजना और काम करने की क्षमता को दिखाता है। इस बीच, मंत्रालय ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए 100 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है।

पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने ट्रेनों के समय पालन क्षमता बढ़ाने के लिए किया संशोधन

इंदौर आने वाले दिनों में अगर आप ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो ये खबर आपके काम की है। जानकारी के लिए बता दें कि पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने इंदौर-देवास-उज्जैन रेल मार्ग पर ट्रेनों की समय पालन क्षमता सुधारने के लिए तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव किए हैं। इसलिए जो भी पैसेंजर यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं उन्हें पहले चेक करना जरूरी होगा। यह संशोधित समय-सारणी अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ट्रेनों के सुचारु संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इन ट्रेनों की बदली रहेगी टाइमिंग -गाड़ी संख्या 19343 इंदौर-नैनपुर पेंचवैली एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 13:15 बजे प्रस्थान करेगी। गाड़ी संख्या 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन 25 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 15:05 बजे चलेगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 15:31 बजे तथा प्रस्थान 15:33 बजे निर्धारित किया गया है। -गाड़ी संख्या 22191 इंदौर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन 22 नवंबर से अगले आदेश तक इंदौर से 19:35 बजे रवाना होगी। देवास स्टेशन पर इसका आगमन 20:01 बजे तथा प्रस्थान 20:03 बजे रहेगा।

यात्रा सुविधा बढ़ाने के लिए रानी कमलापति स्टेशन से सात विशेष ट्रेन सेवा शुरू

भोपाल दीपावली के पावन त्योहार के बाद घर लौटने वाले यात्रियों और छठ पूजा के अवसर पर यात्रा करने वाले लोगों की बढ़ती संख्या रेलवे के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने सात जोड़ी विशेष ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। डीआरएम पंकज त्यागी और सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने यात्रियों से व्यवस्थाओं पर चर्चा की। यात्री सुविधाओं में सुधार हेतु कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। डीआरएम ने बताया कि भोपाल और आरकेएमपी स्टेशन पर क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार अधिक भीड़ देखी जा रही है, लेकिन अब तक किसी भी अव्यवस्था की घटना नहीं हुई है। इस प्रकार होगा ट्रेनों का संचालन     गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल प्रत्येक शनिवार और मंगलवार दिनांक 27.09.2025 से 01.11.2025 तक (छठ महापर्व स्पेशल) चलेगी।     गाड़ी संख्या 01665 रानी कमलापति-अगरतला स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।     गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति हजरत निजामुद्दीन स्पेशल 17.10.2025 और 18.10.2025 को (दीपवाली स्पेशल) चलेगी।     गाड़ी संख्या 01289 रानी कमलापति रीवा एक्सप्रेस 17.10.2025 को संचालित होगी।     गाड़ी संख्या 02191 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस 27.09.2025 से 18.10.2025 तक चलेगी।     गाड़ी संख्या 22187 रानी कमलापति-जबलपुर एक्सप्रेस और 12061 रानी कमलापति-जबलपुर एक्सप्रेस भी उपलब्ध रहेंगी। क्राउड मैनेजमेंट योजना के तहत     रस्सियों और बैरिकेड्स का उपयोग करके यात्रियों के लिए लाइन का प्रबंधन किया जाएगा।     होल्डिंग और सर्कुलेटिंग क्षेत्रों में लाउड स्पीकर के माध्यम से नियमित घोषणाएं की जाएंगी, जिसमें आने वाली ट्रेनों की जानकारी दी जाएगी।     यात्रियों को प्लेटफार्म की क्षमता के अनुसार व्यवस्थित किया जाएगा।     आरक्षित और अनारक्षित यात्रियों के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी।     24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम में एक वार रूम स्थापित किया गया है।     सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्टेशनों की लाइव निगरानी की जा रही है। अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।     मंडल पर बुकिंग काउंटर के अतिरिक्त 16 स्टेशनों पर 38 एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) की सुविधा है, जिससे अनारक्षित टिकटों का वितरण किया जा रहा है।