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न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम की घोषणा की

ऑकलैंड न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम की घोषणा कर दी। यह सीरीज़ 30 जुलाई से बुलावायो में शुरू होगी। तेज़ गेंदबाज़ मैट फिशर को पहली बार टेस्ट टीम में जगह मिली है। फिशर के साथ तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण में नाथन स्मिथ, विल ओ’रूर्क और जैकब डफी शामिल हैं। वहीं, बेन सीयर्स साइड इंजरी के कारण सीरीज़ से बाहर हो गए हैं। उन्हें ठीक होने में दो से चार हफ्तों का समय लग सकता है। कप्तान केन विलियमसन, काइल जैमीसन और माइकल ब्रेसवेल इस टेस्ट सीरीज़ के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के अनुसार, जैमीसन अपने पहले बच्चे के जन्म की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं विलियमसन ने अपने खेल कार्यक्रम को संतुलित करने के लिए यह सीरीज़ छोड़ने का निर्णय लिया है। ब्रेसवेल 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट में व्यस्त हैं, जिसे पहले से उनके केंद्रीय अनुबंध में शामिल किया गया था। स्पिनर एजाज पटेल की टीम में वापसी हुई है। वह आखिरी बार भारत के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत का हिस्सा थे। बल्लेबाज़ हेनरी निकोल्स को भी 2023 के बाद पहली बार टीम में जगह मिली है। गौरतलब है कि यह दोनों टेस्ट मैच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं होंगे। न्यूजीलैंड टेस्ट टीम: टॉम लैथम (कप्तान), टॉम ब्लंडेल, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, मैट फिशर, मैट हेनरी, डेरिल मिचेल, हेनरी निकोल्स, विल ओ’रूर्क, एजाज पटेल, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रविंद्र, मिच सेंटनर, नाथन स्मिथ, विल यंग।  

न विज्ञापन, न दिखावा… ट्रकर्स को मुफ्त खाना और करोड़ों की कमाई वाला NCR का अनोखा ढाबा

नई दिल्ली अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो यह डायलॉग आपने जरूर सुना होगा-'चलो मुरथल चलते हैं, अमरीक सुखदेव के परांठे खाने'। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने दिखाया गया कि यह फेमस ढाबा अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि 100 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाला बिज़नेस एम्पायर बन चुका है। इस ढाबे की हर महीना कमाई करीब 8 करोड़ है। ट्रक ड्राइवरों को फ्री में खाना और कोई विज्ञापन नहीं… इस ढाबे की खूबी है।इंस्टाग्राम पर रियल एस्टेट और बिज़नेस से जुड़े कंटेंट क्रिएटर रॉकी सग्गू कैपिटल ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अमरीक सुखदेव ढाबे की ग्रोथ और बिज़नेस स्ट्रैटेजी को विस्तार से बताया गया है। ढाबे से बना ब्रांड रिपोर्ट के अनुसार, अमरीक सुखदेव ढाबे की शुरुआत 1956 में सरदार प्रकाश सिंह ने की थी। उस समय यह एक साधारण सा ढाबा था, जिसमें ट्रक ड्राइवरों के लिए दाल, रोटी, सब्जी और चावल परोसा जाता था। 1990 में उनके बेटों अमरीक और सुखदेव ने व्यवसाय को आधुनिक रूप देना शुरू किया। धीरे-धीरे ढाबा एक फुल-फ्लेज्ड रेस्टोरेंट में बदल गया। रेवेन्यू रॉकी के मुताबिक, आज अमरीक सुखदेव की सालाना कमाई करीब 100 करोड़ रुपये है। यहां हर दिन 5,000 से 10,000 लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं। शुरुआती दिनों में ट्रक ड्राइवरों को फ्री या सस्ता खाना दिया जाता था, जिससे वफादार ग्राहक बन सके। रॉकी वीडियो में दावा करते हैं कि रेस्टोरेंट मालिक आज भी हर नई डिश को खुद टेस्ट करते हैं। साफ-सफाई, सर्विस और चौबीसों घंटे खुला रहता है। तेज़ सर्विस और हाइजीन ने लोगों का अभी भी भरोसा बनाए रखा है।  

यूपी में ‘मैं हिंदू हूं’ पोस्टर से नया बवाल, कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ा नेम प्लेट विवाद

लखनऊ यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और पहचान अभियान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। पहले सभी दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने का आदेश हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने दुकानो पर छापेमारी करते हुए पहचान अभियान चलाया गया। दोनों पर रोक लगी तो अब मैं हिंदू हूं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर हिंदू महासभा के लोगों ने बरेली-बदायूं मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और खाने-पीने की चीजें बेचने वाले ठेलों पर लगाया है। महासभा का दावा है कि इससे कोई धर्म छिपाकर दुकानें नहीं चला पाएगा। हम लोग हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अब किसी कांवड़िए का व्रत खंडित नहीं होगा। हिंदू महासभा की इस कार्यवाही को मुस्लिम दुकानदारों ने गलत बताया है। इसे समाज को बांटने वाला और भेदभाव वाली राजनीति कहा है। इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश कहा है। दुकानों पर पोस्टर लगाने निकले हिंदू महासभा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज पाठक का कहना है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों के आगे पोस्टर लगवाए हैं। यूपी की योगी सरकार पिछले साल कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस साल यशवीर महाराज के कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर पहचान अभियान चलाया। हिंदू नाम से दुकान चलाने वाले कई दुकानदारों की पहचान की। एक दुकानदार का पैंट उतरवाकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा। अब मैं हिंदू हूं वाले पोस्टर से हंगामा मचने की आशंका है। सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवड़िए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक जाएंगे। इसे देखते हुए हिंदू महासभा ने यह अभियान शुरू किया है। महासभा का कहना है कि हमने कावड़ियों की आस्था की रक्षा और कावड़ खंडित न होने का संकल्प लिया है। सावन में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं। हिंदू महासभा के लोग कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों का आधार कार्ड से पहचान कर रहे हैं। इसके बाद दुकान पर मैं हिंदू हूं का पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। पंकज पाठक ने कहा कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी अगर होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे सकता है। उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस सकता है, जिससे कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है। इसी को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है।  

रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले

रायपुर : छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के संचालक मंडल की बैठक में मजदूर हितों के अनेक फैसले नई योजनाओं की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा के अध्यक्षीय कार्यकाल के संचालक मंडल की बैठक में संपन्न हुई, जिसमें मजदूर हितों के अनेक क्रांतिकारी फैसले लिए गए तथा नई योजनाओं के क्रियान्वयन की भी घोषणा की गई। मंडल की बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के क्रियाकलापों एवं प्रशासनिक कार्यों के संपादन पर हुए आय-व्यय का अनुमोदन लिया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मंडल की बैठक में मजदूर हितों के लिए राज्य शासन से अनुमोदित अनुमानित आय-व्यय का अनुमोदन भी प्राप्त किया गया।  मंडल की बैठक में मंडल द्वारा संचालित श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू रूप से संचालन के लिए 12 नए पदों का सृजन कर शासन से अनुमति मांगी गई। इसी प्रकार कर्मचारियों के वेतन में भी वृद्धि का निर्णय लिया गया। इसी तहर मंडल को प्राप्त होने वाली आय के अभिदाय दर में वृद्धि का भी प्रस्ताव परित किया गया। मंडल द्वारा मंडल में पंजीकृत मजदूर परिवार के बच्चों को रियायती दर पर कॉपी वितरण की नई योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की गई। साथ ही साथ निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के तहत श्रमिक के परिजनों को कोचिंग देकर उन्हें शासकीय नौकरियों के लिए प्रशिक्षित करने का भी निर्णय लिया गया। मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने मंडल की आय बढ़ाने तथा श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने के लिए क्रांतिकारी फैसले की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जिस तरह से असंगठित क्षेत्र के बोर्ड में श्रमिकों का पंजीयन खुला हुआ है। उसी तरह से श्रम कल्याण मंडल में भी मजदूरों के पंजीयन की प्रक्रिया को ओपन किया जाए। जिस पर संचालक मंडल के सदस्यों ने अपने-अपने विचार रखे और अंततः यह निर्णय लिया गया कि अब मजदूरों को मंडल में सीधे पंजीयन देने की व्यवस्था की जाए, इस हेतु प्रस्ताव भी पारित किया गया।  मंडल के अध्यक्ष ने श्रम कल्याण मंडल द्वारा संचालित सस्ते दर पर भोजन केन्द्रों को संचालित की जा रही है। योजना को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि श्रम कानूनों के तहत इन भोजन केन्द्रों का संचालन नियोजकों को किया जाना है, किन्तु इसका संचालन श्रम कल्याण मंडल कर रहा है। जो व्यावहारिक नहीं, गैर कानूनी भी है। इसमें मंडल के कल्याणकारी योजनाओं का एक बड़ा हिस्सा भोजन मद में व्यय हो रहा है। जिससे कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रूकावटें आ रही हैं। अतः मंडल ने इस संदर्भ में प्रस्ताव पारित कर राज्य शासन से आग्रह किया है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के लिए ही उपयोगी है। श्रम कल्याण मंडल में इस योजना का संचालन करना अब संभव नहीं है। अतः इस योजना को बंद करने की अनुमति दी जाए।  बैठक में मंडल के उपाध्यक्ष केशव बंटी हरमुख, अपर श्रमायुक्त सह प्रभारी श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, मंडल के सदस्य मंगलमूर्ति अग्रवाल, आलोक मिश्रा, हरप्रसाद साहू, मदन तालेड़ा, नरेश गड़पाल, कृष्णा दुबे, सुरेश मसीह समेत मंडल कर्मचारी उपस्थित थे। मंडल के कल्याण आयुक्त अजितेश पाण्डेय द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय महापरिषद की बैठक में दिए निर्देश

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार साइबर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित पाठ्यक्रम आरंभ किए जाएं साथ ही विश्वविद्यालय, मीडिया के क्षेत्र में एडवांस्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में अपनी पहचान बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के संप्रेषण और उनकी प्रभावशीलता के सर्वेक्षण संबंधी गतिविधियां भी विश्वविद्यालय में आरंभ करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विश्वविद्यालय की महापरिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित महापरिषद के सदस्यगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वविद्यालय के रीवा और खंडवा परिसरों में रोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित करने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत एक वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम आरंभ करने को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति के बाद एम.ए. (जर्नलिज्म एंड क्रिएटिव एंड राइटिंग), एम.ए. (मास कम्युनिकेशन), एम.ए.( एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस), एम.एससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एम.एसी.ए. के एक वर्षीय पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के पी.एचडी. अधिनियम को यू.जी.सी. पीएचडी अधिनियम 2022 के अनुसार अद्यतन कर इस आधार पर पी. एचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा परिसर के सभागार का नाम लाल बलदेव सिंह सभागार रखने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। महापरिषद ने वित्त विभाग के 14 अगस्त 2023 के आदेश अनुसार चतुर्थ समयमान उच्चतर वेतन मान को विश्वविद्यालय में लागू करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। विश्वविद्यालय में फेस डिटेक्शन मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था पर भी सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग विषय का व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रिंटिंग प्रेस व लैब तथा पैकेजिंग लैब की स्थापना का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में अन्य कार्यालयीन तथा प्रबंधकीय विषयों पर भी निर्णय लिए गए। 

‘कमाल का भोपाल’ को भाजपा का जनसमर्थन, जिला अध्यक्ष से मुलाकात

भोपाल आज राजधानी भोपाल में भाजपा के जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति से क्रेडाई भोपाल अध्यक्ष मनोज मीक ने औपचारिक भेंट की। इस अवसर पर ‘कमाल का भोपाल’ अभियान से संबंधित पुस्तकों की प्रतियाँ सौंपते हुए अभियान की हालिया प्रगति से उन्हें अवगत कराया गया। यह उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित ‘प्रोफेशनल मीट’ के दौरान, भाजपा जिला संगठन ने ‘कमाल का भोपाल’ अभियान को पूर्ण राजनीतिक समर्थन देने का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा था। आज की भेंट उस समर्थन के लिए आभार प्रकट करने और आगामी योजनाओं पर समन्वय हेतु हुई। जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यति ने राजधानी के नागरिकों की आकांक्षाओं, युवाओं के भविष्य और भोपाल को एआई-लाइटहाउस और लॉजिस्टिक सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा: “‘कमाल का भोपाल’ अभियान राजधानी की सकारात्मक ब्रांडिंग के साथ-साथ उसका खोया हुआ नेतृत्व दिलाने की ऐतिहासिक पहल है। यह राजधानी की आकांक्षाओं से जुड़ा प्रेरक अभियान है, जिसमें हम पूरी निष्ठा से साथ हैं।” मनोज मीक ने इस अवसर पर कहा: “यह अभियान एकजुट प्रयासों की माँग करता है। राजनीतिक, प्रशासनिक और नागरिक सहभागिता ही भोपाल को वैश्विक पहचान दिला सकती है। भाजपा का यह समर्थन हमारे लिए संबल और दिशा दोनों है। राजनीतिक समर्थन से यह अभियान अब राजधानी का जन-अभियान बनने की ओर बढ़ चला है।” यह संवाद सिर्फ भेंट तक सीमित नहीं रहा इसमें ‘एमपी ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ के पूर्व आयोजन, आमंत्रित डेलीगेशन और राज्य सरकार के साथ प्रस्तावित नीति संवाद पर भी विमर्श हुआ। ‘कमाल का भोपाल’ अब एक साझा अभियान बन चुका है।

विधानसभा अध्यक्ष ने नगरीय विकास मंत्री को जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएं

जयपुर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा के जन्मदिवस के अवसर पर उनके निवास स्थान पर पहुंचकर शुभकामनाएं दी। श्री देवनानी ने श्री खर्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी एवं उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं जनकल्याणकारी कार्यों में सतत सफलता हेतु ईश्वर से मंगलकामना की। इस अवसर पर श्री देवनानी ने कहा कि श्री खर्रा की जनसेवा, कार्यकुशलता और संवेदनशील नेतृत्व क्षमता से राजस्थान को नगरीय विकास के क्षेत्र में नए आयाम मिल रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्री खर्रा राज्य के नागरिकों के कल्याण हेतु ऐसे ही समर्पण भाव से कार्य करते रहेंगे।

पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, नड्डा बोले– सरकार बेपरवाह

नई दिल्ली/कोलकाता  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित लॉ कॉलेज में छात्रा से हुए गैंगरेप मामले पर भारतीय जनता पार्टी की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। भाजपा की कमेटी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। भाजपा की 'फैक्ट फाइंडिंग टीम' के सदस्यों ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। उन्होंने बंगाल की स्थिति को लेकर जेपी नड्डा को जानकारी दी। जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कोलकाता में लॉ छात्रा के साथ हुए जघन्य अपराध की जांच के लिए गठित भाजपा फैक्ट फाइंडिंग टीम की रिपोर्ट मिली है। यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में अराजकता की चरम स्थिति और महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की चिंताजनक असंवेदनशीलता को उजागर करती है। संदेशखाली से लेकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अब यह कोलकाता लॉ कॉलेज, पैटर्न वही है, चुप्पी, निष्क्रियता और आरोपियों को संरक्षण।" भाजपा ने कोलकाता गैंगरेप केस को लेकर 4 सदस्यीय 'फैक्ट फाइंडिंग टीम' का गठन किया था, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, सांसद बिप्लब कुमार देब और मनन कुमार मिश्रा शामिल थे। कोलकाता के लॉ कॉलेज में 25 जून को तीन युवकों ने कथित तौर पर छात्रा के साथ गैंगरेप किया था। इन आरोपियों में मोनोजीत मिश्रा इसी कॉलेज का पूर्व छात्र है, जबकि अन्य दो आरोपी जैब अहमद और प्रमित यहां पढ़ाई कर रहे थे। मोनोजीत मिश्रा टीएमसी की छात्र इकाई का सदस्य भी बताया जाता है। छात्रा की तरफ से शिकायत के बाद मामला सामने आया, जिसमें अगले दिन मोनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में सिक्योरिटी गार्ड की भी गिरफ्तारी हुई है, जिसने कथित तौर पर पीड़ित छात्रा की मदद से इनकार किया था। इस वारदात के बाद से भाजपा लगातार पश्चिम बंगाल सरकार पर हमलावर है। राज्य में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का कहना है, "यह जघन्य अपराध टीएमसी शासन के तहत बंगाल की आत्मा पर एक और धब्बा है, जहां महिलाओं की सुरक्षा से बार-बार समझौता किया जाता है।"

6 परिवारों के 30 व्यक्तियों में चल रहा वर्षो का भूमि विवाद मिनिटों में हल, मुकदमा वापस, चेहरों पर छाई खुशी

जयपुर  मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर गरीबों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा 2025 के तहत मंगलवार को तहसील स्तर पर आयोजित फॉलोअप शिविर में सुन्दरा पुत्र जुवारा जाति मीणा व जगदीश, नाहरा, बजरंग तथा सुरा पुत्र रामजीवण निवासी रतनपुरा द्वारा उपखण्ड अधिकारी फागी राकेश कुमार व तहसीलदार फागी रवि शेखर चौधरी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अवगत करवाया की उनके मध्य खेतों व कुंए पर जाने वाले रास्ता संबंधी विवाद है। भूमि विभाजन नहीं होने के कारण प्रार्थीगण अपने हिस्से की भूमि का सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आपसी विवाद के कारण प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है एवं पुलिस थाना में भी मुकदमा दर्ज है। उपखण्ड अधिकारी द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए परिवादियों के बीच आपसी समझाईश की गई। परिवादियों द्वारा उपखण्ड अधिकारी की समझाईश पर न्यायालय में दर्ज प्रकरण जिसमें कुल 19 बीघा जमीन 10 खसरे एवं 06 परिवारों के 30 व्यक्तियों के बीच चल रहा विवाद आपसी सहमति से खत्म होने पर आपसी सहमति से विभाजन के कुर्रेजात मौके पर ही तैयार किये गये। वर्षों से चल रहे विवाद मिनिटों में खत्म होने एवं कुर्रेजात तैयार होने तथा पुलिस थानें में दर्ज मुकदमा वापस होने पर परिवादियों के चेहरे पर खुशी की लहर छा गई। परिवादियों ने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन का पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाडा के तहत शिविर आयोजित करवाने पर उनके परिजनों की ओर से कोटि-कोटि धन्यवाद दिया है। पेंशन का सत्यापन होने से अमरचन्द रैगर व गीता देवी बलाई को मिली राहत पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाडा के अन्तर्गत मंगलवार को पंचायत समिति सांभरलेक में आयोजित ब्लॉक स्तरीय फोलोअप शिविर के अन्तर्गत प्राप्त सूचना के द्वारा ग्राम पंचायत नौरंगपुरा सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को भेजकर  विशेष योग्यजन एवं वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना का सत्यापन करवाया गया जिससे प्रार्थी गीता देवी बलाई व अमरचन्द रैगर ने राहत की सांस ली और राज्य सरकार का पण्डित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय सम्बल पखवाडा फोलोअप शिविर आयोजित करने पर आभार व्यक्त किया।

तीन साल की बच्ची द्वारा संथारा लेने पर कोर्ट सख्त, वैधता पर उठाए सवाल

इंदौर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने केंद्र शासन और राज्य सरकार के साथ सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित साढ़े तीन साल की बच्ची वियाना 'जो कि समझने की स्थिति में नहीं थी' ने संथारा की सहमति कैसे दी थी। मामले को लेकर हाई कोर्ट में चल रही जनहित याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि अब तक तीन नाबालिग का संथारा हुआ है। ये तीनों ही बालिकाएं हैं। इनमें हैदराबाद की 13 वर्षीय, मैसूर की 10 वर्षीय और इंदौर की साढ़े तीन वर्षीय बालिका शामिल हैं।   मामले में सुनवाई अब 25 अगस्त को याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई कि याचिका का अंतिम निराकरण होने तक नाबालिग के संथारा पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने यह कहते हुए इससे इंकार कर दिया कि यह जैन समाज से जुड़ा मामला है। उनका पक्ष सुने बगैर कोई आदेश नहीं दे सकते। मामले में अब 25 अगस्त को सुनवाई होगी। याचिका में अब वियाना के माता-पिता भी पक्षकार होंगे। कोर्ट ने मंगलवार उन्हें पक्षकार बनाने के आवेदन को स्वीकार कर लिया। हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता प्रांशु जैन ने एडवोकेट शुभम शर्मा के माध्यम से यह जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि इतनी कम उम्र की बच्ची संथारा जैसे गंभीर निर्णय की सहमति कैसे दे सकती है। साढ़े तीन वर्षीय बेटी वियाना को 21 मार्च को संथारा मंगलवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील ने गुहार लगाई कि नाबालिग के संथारा दिलाए जाने पर रोक लगाई जाए, लेकिन कोर्ट ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित पक्षकारों को सुनने के बाद ही कोई आदेश दिया जा सकता है। यह है मामला इंदौर के पीयूष और वर्षा जैन की लगभग साढ़े तीन वर्षीय बेटी वियाना को 21 मार्च को संथारा दिलवाया गया था। मई के पहले सप्ताह में वियाना की मां वर्षा ने यह बात खुद मीडिया को बताई थी। उन्होंने बताया था कि जनवरी 2025 में पता चला था कि वियाना को ब्रेन ट्यूमर है। एक रात निकालना भी मुश्किल 9 जनवरी को उसे मुंबई ले जाया गया था। वहां उसका ट्यूमर का आपरेशन हुआ जिसके बाद वह ठीक भी होने लगी थी, लेकिन मार्च 2025 के तीसरे सप्ताह में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसी स्थिति में हम वियाना को 21 मार्च को राजेश मुनि महाराज के पास ले गए। उन्होंने कहा कि इसका एक रात निकालना भी मुश्किल है। इसे संथारा करा देना चाहिए। हमने संथारा की सहमति दे दी। गुरुदेव ने संथारा की प्रक्रिया पूरी कराई। संथारा लेने के मात्र 10 मिनट बाद ही वियाना का निधन हो गया।