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एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर अंतिम फैसला आज, हाईकोर्ट में सुनवाई

जयपुर राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच इस मामले में आज यानी 7 जुलाई को अपना फैसला सुनाने वाली है। यह फैसला तय करेगा कि क्या यह भर्ती प्रक्रिया रद्द होगी या फिर बहाल रहेगी। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में स्पष्ट किया था कि अगली सुनवाई में वह अंतिम निर्णय देगा। क्या है पूरा मामला? साल 2021 में राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 859 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस भर्ती में पेपर लीक, डमी कैंडिडेट की भागीदारी और संगठित तरीके से घोटाले की शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो गया था और कुछ अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा में बैठाए गए थे। इन गड़बड़ियों के बाद मामला तूल पकड़ गया और राजस्थान सरकार ने विशेष अभियान दल को इसकी जांच सौंपी। घोटाले में अब तक की कार्रवाई में 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर और राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सदस्यों समेत कुल 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके कारण न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है, बल्कि राज्य की चयन प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान सरकार ने हाल ही में कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार की इस भर्ती को रद्द करने की कोई मंशा नहीं है। सरकार का कहना है कि वह दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के पक्ष में है, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों को सजा नहीं देना चाहती। आज कोर्ट में तीन मुख्य बिंदुओं पर फैसला संभावित होगा। पहला भर्ती प्रक्रिया की वैधता को लेकर विचार किया जाएगा कि क्या पेपर लीक की वजह से पूरी भर्ती रद्द होनी चाहिए? दूसरा दोषी ट्रेनी एसआई को सेवा में बनाए रखा जाएगा या नहीं? और तीसरा- क्या चयन की पूरी प्रक्रिया दोबारा होगी या केवल दोषियों को हटाया जाएगा? भर्ती को लेकर पिछले तीन वर्षों से लड़ रहे हजारों अभ्यर्थी आज कोर्ट के फैसले पर निगाहें टिकाए बैठे हैं। कई अभ्यर्थी ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और ड्यूटी पर हैं, वहीं कुछ की नियुक्ति अब भी रुकी हुई है। आज आने वाला फैसला न केवल एसआई भर्ती 2021 के भविष्य को तय करेगा, बल्कि राजस्थान में अन्य लंबित या विवादित भर्तियों के लिए भी एक मॉडल निर्णय बन सकता है।

छत्तीसगढ़ के परिवार का शहडोल में एक्सीडेंट , 3 महिलाओं की मौत, चार लोग गंभीर

शहडोल/रायपुर मध्यप्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित होने से रोज रोज सड़क हादसे हो रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के शहडोल जिले का है जहां भीषण सड़क हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। दरअसल घटना शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा की है। अयोध्या दर्शन कर लौट रहे परिवार का वाहन पेड़ से टकरा गया। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। चार लोगों की हालत गंभीर है। गंभीर लोगों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ब्यौहारी के डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया है। मृतकों में गायत्री कवर 55, मालती पटेल 50 एवं इंदिरा बाई शामिल है। सभी छत्तीसगढ़ की रहने वाली और अयोध्या दर्शन कर लौट रहीं थीं। बताया जाता है कि तूफान वाहन में कुल 20 लोग सवार थे।

श्रद्धालुओं को सेव टमाटर की जगह परोसा मटन, राजवीर के नाम से जावेद चला रहा था ढाबा; जांच में चौंकाने वाला खुलासा

 खंडवा मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में धूनीवाले दादाजी धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल गुरु पूर्णिमा पर्व पर धूनीवाले दादाजी धाम में दर्शन के लिए पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खंडवा पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था से ओतप्रोत इन भक्तों का स्वागत जगह-जगह निशुल्क भंडारों और जलसेवा के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन इस श्रद्धा और भक्ति के माहौल को ठेस पहुंचाने वाली एक गंभीर और संवेदनशील घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, रविवार को बोरगांव बुजुर्ग गांव से पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का एक समूह खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र के डुल्हार गांव के पास स्थित राजवीर ढाबा पर भोजन के लिए रुका। उन्होंने ढाबे से सेव टमाटर की सब्जी और रोटी मांगी, परंतु परोसे गए भोजन में मटन की मिलावट पाई गई। जब श्रद्धालुओं ने सब्जी में मांस के टुकड़े देखे, तो वे भड़क उठे और मौके पर हंगामा हो गया। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और पंधाना पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। जांच में सामने आया कि ‘राजवीर ढाबा’ नाम से चल रहे इस प्रतिष्ठान को मुस्लिम युवक जावेद चला रहा था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने किचन में जाकर की जांच निशान यात्रा लेकर खंडवा रहे श्रद्धालुओं की शिकायत पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने राजवीर ढाबा पहुंचकर यहां किचन में जाकर जब जांच किया, तब यहां स्थिति बिल्कुल अलग थी। एक ही बर्तन में नॉनवेज और भेज दोनों रखे हुए थे। तत्काल हिंदू जागरण के कार्यकर्ताओं ने यहां खंडवा एसपी को घटना की जानकारी दी और ढाबा संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच के लिए अधिकारी पहुंचे घटना में के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई नहीं होने पर हाईवे जाम की धमकी दी थी। कार्यकर्ताओं की धमकी को तत्काल ध्यान रखते हुए प्रधान थाना प्रभारी दिलीप देवड़ा खंडवा डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल चौहान मौके पर पहुंचे। डीएसपी हेडक्वार्टर ने यहां तहसीलदार को भी मौके पर बुलाया और इस मामले में गंभीरता से जांच की। जांच में रसोईया जावेद ने बताया कि वह अक्सर एक ही तेल और एक ही बर्तन में वेज नॉनवेज खाना बनाया करते हैं। इस बात से प्रशासन ने और भी नाराजगी जताई। जांच के बाद तत्काल ढाबा किया गया सील खंडवा जिला प्रशासन की जांच के बाद राजवीर ढाबा को सील कर दिया गया। इस मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने ऐसे जितने भी वेज और नॉनवेज ढाबे हैं, जिससे लोगों की आस्था आहत हो सकती है, उसकी जांच करने का आश्वासन दिलाया है। खंडवा डीएसपी अनिल चौहान ने कहा है किसी की भी आस्था को आहत नहीं होने दिया जाएगा। ढाबा संचालक के खिलाफ थाने में किया गया मामला दर्ज इस पूरे मामले में खंडवा जिला प्रशासन ने सराहनीय भूमिका निभाते हुए तत्काल कोई बड़ा बवाल ना हो। इसलिए मामले के गंभीरता से जांच कर ढाबा संचालक जावेद जो ढाबा का नाम बदलकर लंबे समय से यह ढाबा संचालित कर रहा था, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत fir दर्ज कर ली है। जावेद को प्रधान पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया है। उसे सोमवार को खंडवा न्यायालय में पेश किया जाएगा। प्रशासन की सख्त कार्रवाई घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम पंधाना दिनेश सावले और एसडीएम खंडवा बजरंग बहादुर सिंह ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ढाबे को सील करने के आदेश दिए। पुलिस ने ढाबा संचालक जावेद और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, और पूछताछ के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध शराब भी जब्त की गई है। सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों में आक्रोश मामले से कई संगठनों में आक्रोश रहा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि जिले के सभी ढाबों और होटलों पर संचालकों के नाम स्पष्ट रूप से दर्शाए जाएं। गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान तीन दिनों तक खंडवा जिले में मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर मांग घटना के बाद जिले में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह धार्मिक स्थलों और मेलों के दौरान विशेष निगरानी और प्रतिबंध लागू करने की मांग तेज़ हो गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था की रक्षा के लिए प्रशासन से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा की जा रही है। बता दें कि हर साल धूनीवाले दादाजी की समाधि पर शीश नवाने के लिए हजारों श्रद्धालु खंडवा पहुंचते हैं। पैदल यात्राओं के मार्ग में भंडारे और सेवा केंद्र लगते हैं। 

भीषण सड़क हादसा अयोध्या दर्शन से लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पेड़ से टकराई, 3 महिलाओं की मौत, 15 घायल

शहडोल  मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं का टेम्पो ट्रैक्स वाहन (CG 10 BP 8657) अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराया, जिसमें तीन महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा ब्यौहारी थाना क्षेत्र के जोरा गांव के समीप सोमवार सुबह करीब 4:40 बजे हुआ। हादसे के वक्त वाहन में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल थे। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जो अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। मृतकों में तीनों महिलाएं, 15 अन्य घायल इस हादसे में जिन तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हुई, उनकी पहचान गायत्री कंवर (55), मालती पटेल (50) और इंदिरा बाई के रूप में हुई है। वहीं अन्य 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तत्काल ब्यौहारी अस्पताल लाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया है।

सेंट्रल जेल के कैदियों को मिलेगी नई सुविधा, 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू, इसी से पेशी भी होगी

भोपाल भोपाल सेंट्रल जेल जल्द ही पहले से अधिक हाईटेक होने जा रहा है। अब तक यहां केवल 11 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम होते थे। जिसके माध्यम से आतंकियों और हाईप्रोफाइल कैदियों की ही पेशी करा पाना जेल प्रशासन के लिए संभव होता था। जल्द यहां 16 नए वीसी रूम का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। इसके लिए मुख्यालय से बजट पास कर दिया गया है। इसका उद्देश्य कैदियों को अदालत में पेशी के लिए जेल से बाहर ले जाने की आवश्यकता को कम करना है, और सुरक्षा, दक्षता में सुधार करना है। मुलाकात प्रक्रिया आसान होगी जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने बताया कि यह कदम कैदियों को उनके परिवार से जोड़े रखने और उन्हें सामाजिक रूप से जुड़े रहने में मदद करेगा। साथ ही, इससे जेलों में मुलाकातों की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी, जिससे कैदियों और उनके परिजनों दोनों को सुविधा होगी। वीसी रूम के माध्यम से, कैदियों को अदालत में शारीरिक रूप से पेश होने की आवश्यकता कम होती है। सुरक्षा जोखिम कम होता है वीसी से पेशी कराने पर सुरक्षा जोखिम कम होता है। वीसी के माध्यम से, कैदी अपने परिवार और दोस्तों से आसानी से मिल सकते हैं, जिससे उनके मानसिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वीसी अदालती कार्यवाही और अन्य जेल गतिविधियों को अधिक कुशल बना सकता है। वीसी के उपयोग से यात्रा और सुरक्षा लागतों को कम किया जाने में भी फायदा मिलेगा। हाल ही में हाई सिक्योरिटी सेल का भी निर्माण हुआ है हाल ही में जेल में 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल का निर्माण कराया गया है। जिसके लिए 1.20 करोड़ का बजट पारित हुआ था। करीब दो साल में यह हाई सिक्योरिटी सेल बनकर तैयार हुई हैं। जल्द ही इनमें कुख्यात आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। हाई सिक्योरिटी सेल में क्षमता से अधिक कैदी बंद जेल में हाई सिक्योरिटी सेल की क्षमता 58 हैं। वर्तमान में 69 आतंकियों को यहां रखा गया है। जल्द नई हाई सिक्योरिटी सेल में भी आतंकियों को शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग की ली समीक्षा बैठक

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग के विभागीय काम-काज की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अतंर्गत संचालित कार्यो की जानकारी लेते हुए अधिकरियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सचिव आवास एवं पर्यावरण अंकित आंनद, एन आर डी ए के सी.ई.ओ चंदन कुमार, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण, रायपुर विकास प्राधिकरण के सी.ई.ओ. आकाश छिकारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है। नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित विकास किया जायेगा। नवा रायपुर देश की सबसे आधुनिक व खुबसूरत राजधानी है। देश के आई.आई.एम., ट्रिपल आई.टी., नेशनल लॉ विश्वविद्यालय जैसे शीर्ष शिक्षण संस्थान यहां स्थापित किए गए हैं। भविष्य में नवा रायपुर में बसाहट और बढ़ेगी इसलिए यह आवश्यक है कि आगमाी जरूरतों के हिसाब से यहां नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भारत सरकार द्वारा परमालकसा – खरसिया नई रेलवे लाईन का निर्माण बलौदाबाजार जिले से होकर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस रेल लाईन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि इससे नवा रायपुर में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिको को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भारत माला परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण विकास के साथ आयात और निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु नवा रायपुर अटल नगर में एक लॉजिस्टीक हब की निर्माण आवश्यकता पर बल दिया। अधिकाारियों ने बाताया कि छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण लगभग 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसके बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी 100 कि.मी. कम हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कि नई औद्योगिक नीति से बड़ी संख्या में निवेशक आकर्षित हो रहे है। इससे यहां के युवाओं को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर क्षेत्र में ऑक्सीजोन निर्माण के अंतर्गत पीपल, बरगद, करंज, नीम, अशोक, अमलतास, गुलमोहर आदि पौधों के रोपण एवं ग्रोथ कि जानकारी ली। बैठक मे अधिकरियों ने बताया कि नवा रायपुर क्षेत्र में भविष्य में राज्य सरकार के विभिन्न आयोग-बोर्ड-निगम आदि के लिए आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स तैयार करने की योजना है। इसके अलावा काम-काजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तर अस्पताल, नवा रायपुर में एक और नवीन थाना की स्थापना का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर क्षेत्र में नवीन भवनों के निर्माण के लिए आबंटित भू-खण्डों का समूचित उपयोग किया जाए।  मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत शामिल – छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, नगर तथा ग्राम निवेश, छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा नियामक प्राधिकरण (रेरा), रायपुर विकास प्राधिकरण के काम-काज की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

NIA को मिली बड़ी सफलता, खालिस्तानी आतंकी हैप्पी पासिया लाया जा रहा भारत

नई दिल्ली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक बड़ी कामयाबी मिली है. खालिस्तानी आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को अमेरिका के सैक्रामेंटो में गिरफ्तार कर लिया गया है. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही उसे भारत लाने की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं. हैप्पी पासिया को 17 अप्रैल को अमेरिका में एफबीआई और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की संयुक्त कार्रवाई में हिरासत में लिया गया था. वह अब दिल्ली हवाई अड्डे के रास्ते भारत लाया जा रहा है. हैप्पी पासिया पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के साथ मिलकर पंजाब में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार खुफिया जानकारी साझा कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी थी. एनआईए ने चंडीगढ़ में सितंबर 2024 में हुए ग्रेनेड हमले के सिलसिले में उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था. यह हमला एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के घर पर किया गया था. हैप्पी पासिया की आतंकी गतिविधियों का सिलसिला लंबा है. वह 2023 से 2025 के बीच पंजाब में 16 से अधिक आतंकी घटनाओं में शामिल रहा, जिनमें 14 ग्रेनेड हमले, एक IED विस्फोट और एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमला शामिल है. इनमें से कई हमले पुलिस स्टेशनों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक हस्तियों के घरों को निशाना बनाकर किए गए. कुछ प्रमुख घटनाएं 27 नवंबर, 2024: गुरबख्श नगर की बंद पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला. 2 दिसंबर, 2024: SBS नगर के काठगढ़ थाने पर ग्रेनेड विस्फोट, जिसमें तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया. 4 दिसंबर, 2024: मजीठा थाने पर ग्रेनेड हमला, जिसे पुलिस ने टायर फटने की घटना बताने की कोशिश की. पूर्व विधायक बिक्रम मजीठिया ने इसे आतंकी हमला करार दिया. 13 दिसंबर, 2024: अलीवाल बटाला थाने पर ग्रेनेड विस्फोट, जिसकी जिम्मेदारी हैप्पी पासिया ने ली. 17 दिसंबर, 2024: इस्लामाबाद थाने पर ग्रेनेड हमला. शुरू में पुलिस ने इसे नकारा, लेकिन DGP पंजाब ने इसे आतंकी घटना माना. 16 जनवरी, 2025: जैंतीपुर गांव में शराब कारोबारी अमनदीप जैंतीपुरिया के घर पर ग्रेनेड हमला. 19 जनवरी, 2025: गुमटाला चौकी पर विस्फोट, जिसकी जिम्मेदारी BKI ने ली. 3 फरवरी, 2025: फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर बंद पुलिस चौकी पर लो-इंटेंसिटी विस्फोट. 14 फरवरी, 2025: डेरा बाबा नानक में पुलिसकर्मी के घर पर लो-इंटेंसिटी धमाका. 15 मार्च, 2025: ठाकुरद्वारा मंदिर पर हमला, जिसमें आरोपी गुरसिदक सिंह मुठभेड़ में मारा गया. अमृतसर का रहने वाला पासिया हैप्पी पासिया अमृतसर के पासिया गांव का रहने वाला है. उसने शुरू में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ काम किया और बाद में पाकिस्तान स्थित BKI आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ जुड़ गया. दोनों ने मिलकर पंजाब में आतंक और उगाही का नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें शराब ठेकेदारों, कारोबारियों और हिंदू नेताओं को निशाना बनाया गया. सूत्रों के अनुसार हैप्पी पासिया ISI के शीर्ष अधिकारियों के संपर्क में था और खालिस्तानी समूहों से उसे पूरा समर्थन मिल रहा था. वह 2018 में दुबई गया, 2019 में भारत लौटा, फिर 2020 में यूके और 2021 में मेक्सिको के रास्ते अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा. उसने बर्नर फोन और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियों को छिपाया. NIA ने उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है.हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस ने ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है. अब भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेजी से चल रही है. यह कदम भारत-अमेरिका आतंकवाद विरोधी सहयोग को और मजबूत करता है.

छांगुर बाबा अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार, ईडी करेगी विदेशी फंडिंग की जांच, 100 करोड़ का मालिक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश एटीएस ने अवैध धर्मांतरण मामले में जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया है। एटीएस की टीम ने छांगुर बाबा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति और नेटवर्क की परतें उधेड़ दी हैं। छांगुर बाबा एक समय सड़कों पर नग और अंगूठी बेचने का काम करता था। आज यह व्यक्ति 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का मालिक बन बैठा है। एटीएस की जांच में छांगुर बाबा और उसकी फर्जी संस्थाओं के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का पता चला है। ईडी को सौंपी गई रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एटीएस टीम ने अपनी डि़टेल्ड जांच रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दी है। अब ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर सकता है। एटीएस ने रिपोर्ट में बताया गया कि छांगुर बाबा ने पिछले 5-6 वर्षों में चौंकाने वाली गति से 100 करोड़ की दौलत और धर्मांतरण नेटवर्क खड़ा किया। आलीशान कोठियां, लग्जरी गाड़ियां और एक कॉलेज खोलने की योजना इसी का हिस्सा थीं। मधुपुर कोठी बना नेटवर्क का अड्डा बलरामपुर के मधुपुर गांव के छांगुर बाबा की आलीशान कोठी अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य अड्डा थी। इसी कोठी से पूरे भारत में फैले नेटवर्क का काम होता था। जांच में पता चला है कि छांगुर बाबा ने इसी परिसर में डिग्री कॉलेज शुरू करने की योजना भी बनाई थी, जिसके लिए भवन का निर्माण कार्य भी शुरू किया जा चुका था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के बाद यह योजना अधर में लटक गई है। 14 सहयोगियों की तलाश जारी, पत्रकार भी शामिल एटीएस और एसटीएफ की टीमें छांगुर बाबा के 14 मुख्य फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी हैं। इनमें कथित पत्रकार पैमैन रिजवी सहित पिंकी हरिजन, महबूब, हाजिरा शंकर और सगीर जैसे नामचीन चेहरे शामिल हैं। गिरोह के सदस्य आजमगढ़, औरैया और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से ताल्लुक रखते हैं। कई पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं। विदेश यात्राएं और खाड़ी देशों से फंडिंग यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश के अनुसार, छांगुर बाबा अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां खरीदी हैं और खाड़ी देशों से उसे भारी विदेशी फंडिंग मिली है। एटीएस इस विदेश कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही है। 14 सहयोगियों की तलाश, देशभर में फैला नेटवर्क छांगुर बाबा के नेटवर्क के 14 मुख्य सहयोगियों की तलाश में एटीएस और एसटीएफ की टीमें जुटी हैं. इनमें कथित पत्रकार से लेकर अन्य नामचीन चेहरे शामिल हैं. जिन नामों की तलाश है उनमें महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, पैमैन रिजवी (कथित पत्रकार) और सगीर शामिल हैं. इनकी गिरफ्तारी से गिरोह के नेटवर्क के और गहरे राज सामने आ सकते हैं. गिरोह के कई सदस्य आजमगढ़, औरैया, सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से हैं और इनके खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज है. कॉलेज खोलने की योजना मधपुर में आलीशान कोठी बनाने के बाद, झांगुर बाबा ने उसी परिसर में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना बनाई थी. इसके लिए उसने भवन का निर्माण भी शुरू कर दिया था. फिलहाल उसकी ये योजनाएं उसकी गिरफ्तारी और जांच के चलते ठप पड़ गई हैं. बाबा ने 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की यूपी के ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने बताया कि जमालुद्दीन बाबा ने अब तक 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की है. जांच में यह भी पाया गया है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियां भी खरीदी हैं. उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और यूपी एटीएस जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एसटीएफ का कहना है कि इस नेटवर्क की पहुंच पूरे भारत में फैली हुई है. विदेशी फंडिंग खासकर खाड़ी देशों से आने की बात सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है. दो गिरफ्तार, जांच जारी फिलहाल इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एसटीएफ ने बताया कि यह नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे होने की संभावना है।

हूती ‘अपने कर्मों की भारी कीमत चुकाते रहेंगे, ‘यमन का अंजाम भी तेहरान जैसा ही होगा: नेतन्याहू

यरुशलम इजरायल ने यमन में हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले तीन प्रमुख बंदरगाहों- हुदैदाह, रस ईसा और सैफ- पर हवाई हमले किए हैं. इन हमलों से पहले इजरायली सेना ने इन क्षेत्रों के नागरिकों को तत्काल निकासी के आदेश जारी किए थे और हवाई हमलों की चेतावनी दी थी. इजरायल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने सोशल मीडिया पर हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि निशाना बनाए गए ठिकानों में एक पावर स्टेशन और 'गैलेक्सी लीडर' नामक एक कमर्शियल शिप भी शामिल है. दो साल पहले इस जहाज को हूती विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया था. इजरायल की मानें तो इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की निगरानी के लिए किया जा रहा था. 'अपने कर्मों की कीमत चुकाते रहेंगे हूती' हूती-नियंत्रित यमन की मीडिया ने पुष्टि की है कि हवाई हमले हुदैदाह बंदरगाह पर हुए, लेकिन क्षति या हताहतों की कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. इस्राइल काट्ज ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन ब्लैक फ्लैग' का हिस्सा है और चेतावनी दी कि हूती 'अपने कर्मों की भारी कीमत चुकाते रहेंगे.' उन्होंने एक्स पर कहा, 'यमन का अंजाम भी तेहरान जैसा ही होगा. जो भी इजरायल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे जवाब मिलेगा. जो इजरायल पर हाथ उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा.' 'इजरायली नागरिकों पर हमलों के जवाब में की कार्रवाई'   इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित हूती विद्रोही गाजा के फिलिस्तीनियों के समर्थन में इजरायल पर लगातार मिसाइल हमले कर रहे हैं और लाल सागर में कमर्शियल जहाजों को निशाना बना रहे हैं. इजरायली वायु सेना ने बयान में कहा कि यह ताजा हवाई हमला 'हूतियों की ओर से इजरायल और उसके नागरिकों पर बार-बार किए गए हमलों' की प्रतिक्रिया में किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि हमलों में वे बंदरगाह टारगेट किए गए हैं जिनका इस्तेमाल 'ईरानी शासन से हथियारों की सप्लाई और आतंकवादी साजिशों को अंजाम देने' के लिए किया जा रहा था. जहाज गैलेक्सी लीडर को हूतियों से मुक्‍त कराएगा इजरायल इजरायल ने यमन के हूती नियंत्रित क्षेत्रों में तीन बंदरगाहों और एक बिजली संयंत्र पर हमले किए हैं। इजरायली रक्षा मंत्री ने बताया है कि उनकी आर्मी ने कार्गो जहाज गैलेक्सी लीडर को भी टारगेट किया है। हूतियों ने 2023 में लाल सागर में गैलेक्सी लीडर नाम के जहाज को उस वक्त हाईजैक कर लिया था, जब वह भारत की ओर आ रहा था। इजरायल का कहना है कि गैलेक्सी लीडर पर हूतियों ने रडार सिस्टम लगा रखा है और इसका इस्तेमाल समुद्री जहाजों की निगरानी के लिए हो रहा है। हालांकि इजरायल ने ये साफ नहीं किया है कि हमलों में जहाज को कितना नुकसान हुआ है या वह इसे छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अक्टूबर, 2023 में गाजा में इजरायल के हमलों के खिलाफ हूतियों ने लाल सागर में हमले शुरू किए थे। हूतियों ने नवंबर, 2023 में तुर्की के कोरफेज से भारत के पिपावाव की ओर आ रहे गैलेक्सी लीडर पर हमला करते हुए इसे अपने नियंत्रण में ले लिया था। इसके बाद हूती इस जहाज को यमन के तट पर ले गए थे। बीते 20 महीने ये यह जहाज हूतियों के नियंत्रण में है। ब्रिटिश कंपनी का है जहाज बहामास के झंडे वाला कार्गो जहाज गैलेक्सी लीडर सीधे इजरायलियों के स्वामित्व या संचालन में नहीं था। यह इजरायली नागरिक रामी उंगर की हिस्सादारी वाली ब्रिटिश कंपनी से एक जापानी कंपनी को पट्टे पर दिया गया था। यह जहाज यूके-पंजीकृत कंपनी रेकार कैरियर्स के स्वामित्व में था। इस कंपनी में इजरायली नागरिकों की हिस्सेदारी के चलते इसे निशाना बनाया गया। गैलेक्सी लीडर पर जिस दिन हमला किया गया, वह तुर्की के बंदरगाह से निकलकर भारत की ओर चला था। जहाज पर यूक्रेनियन, बुल्गारियाई, फिलिपिनो और मैक्सिकन सहित विभिन्न राष्ट्रीयताओं के 25 चालक दल के सदस्य सवार थे। इस जहाज पर कोई भी इजरायली नागरिक नहीं था लेकिन हूतियों ने सभी क्रू सदस्यों को बंधक बना लिया था। 14 महीने बाद हुई क्रू की रिहाई हूतियों ने जहाज को अगवा करने के करीब 14 महीने बाद इसी साल जनवरी में चालक दल को रिहा किया था। यह रिहाई गाजा में इस साल के शुरू में हुए युद्धविराम समझौते के समर्थन में की गई थी। गाजा में इस साल के शुरू में हुए सीजफायर के बाद हूतियों ने क्रू को छोड़ दिया था लेकिन जहाज को अपने कब्जे में रखा है। इजरायल ने ये भी कहा है कि यमन में हालिया हमले तब शुरू किए गए, जब रविवार को लाइबेरिया के झंडे वाला एक जहाज लाल सागर में हमले का शिकार हुआ। हमले के बाद इसमें आग लग गई, जिससे चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। हूतियों ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इजरायल ने यमन में हमले किए हैं।

भारत रत्न से सम्मानित होंगे तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा, चीन को फिर लगेगी मिर्ची

 नई दिल्ली  तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 90वां जन्मदिन मनाते हुए दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी पर बड़ा एलान कर दिया, जिसके बाद चीन की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक था। वहीं, अब दलाई लामा को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने की तैयारी हो रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सांसदों के ऑल पार्टी फोरम ने दलाई लामा को भारत रत्न देने का सुझाव दिया है। यही नहीं, 80 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इसे जल्द ही प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पास भेजा जा सकता है। सांसद फोरम ने CTA से की मुलाकात तिब्बत पर बनी सर्वदलीय भारतीय संसदीय मंच (All Party Indian Parliamentary Forum on Tibet) ने संयोजक भर्तृहरि महताब की अगवाई में कई बार केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) से मुलाकात की है। वहीं, राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार भी इस पहले में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सुजीत कुमार ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत के दौरान कहा-     80 सांसदों ने एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अभी 20 अन्य सांसदों के साइन करवाना बाकी है। 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने के बाद इस प्रस्ताव को जमा किया जाएगा। चीन को दिया करारा जवाब दलाई लामा के उत्तराधिकारी पर चीन की टिप्पणी का जवाब देते हुए सुजीत कुमार ने कहा कि चीन को दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने का कोई अधिकार नहीं है। फोरम ने तिब्बत का मुद्दा अलग-अलग मंचों पर उठाने का फैसला किया है। संसद में भी इसपर बात की जाएगी। उत्तराधिकारी पर चीन की बढ़ी चिंता बता दें कि 2 जुलाई को दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करते हुए यह अधिकार गादेन फोडरंग ट्र्स्ट को सौंपा है, जिसकी स्थापना खुद दलाई लामा ने की थी। मगर, चीन ने उनके इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। चीन का कहना है कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनना उनका आंतरिक मामला है और यह फैसला चीन की सरकार करेगी। अखबार से बातचीत में फोरम के पूर्व संयोजक और राज्यसभा सांसद सुजित कुमार ने कहा कि समूह दलाई लामा के लिए भारत रत्न की मांग कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी, 'इसकी मांग कर रहे मेमोरेंडम पर 80 से ज्यादा सांसदों से हस्ताक्षर मिल गए हैं और जैसे ही 100 सांसदों के दस्तखत मिल जाएंगे, तो इसे जमा कर दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा है कि दलाई लामा का उत्तराधिकारी चुनने में चीन की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही फोरम ने संसद समेत कई मंचों पर तिब्बत से जुड़े मुद्दे उठाने का फैसला किया है। खास बात है कि इस फोरम के 6 सांसद दिसंबर 2021 में हुई निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में शामिल हुए थे। खबर है कि तब चीनी दूतावास ने सांसदों को पत्र लिखा था, जिसमें तिब्बती ताकतों को समर्थन देने से बचने की बात कही गई थी। कौन चुनेगा उत्तराधिकारी तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बुधवार को कहा था कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को ही उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार होगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने गुरुवार को कहा कि अगले दलाई लामा पर फैसला सिर्फ स्थापित संस्था और दलाई लामा लेंगे। उन्होंने कहा कि इस फैसले में कोई और शामिल नहीं होगा। चीन को लगी मिर्ची चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने रीजीजू की टिप्पणियों को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यहां प्रेस वार्ता में कहा कि भारत को 14वें दलाई लामा की चीन विरोधी अलगाववादी प्रकृति के प्रति स्पष्ट होना चाहिए और 'शिजांग' (तिब्बत) से संबंधित मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। चीन तिब्बत का उल्लेख 'शिजांग' के नाम से करता है। माओ ने कहा कि भारत को अपने शब्दों और कार्यों में सावधानी बरतनी चाहिए, शिजांग से संबंधित मुद्दों पर चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के सुधार और विकास को प्रभावित करने वाले मुद्दों से बचना चाहिए। माओ ने चीन के इस रुख को दोहराया कि दलाई लामा और तिब्बती बौद्ध धर्म के दूसरे सबसे बड़े धर्म गुरु 'पंचेन लामा' के उत्तराधिकारी के लिए घरेलू प्रक्रिया, ‘स्वर्ण कलश’ से निकाले गए भाग्य पत्र और केंद्र सरकार की मंजूरी के अनुरूप कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार होना चाहिए।