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बारिश के चलते सब्ज़ियां हुई महंगी, महंगाई की मार से बिगड़ा रसोई का बजट

भोपाल   बीते कुछ दिनों तक लगातार हुई मूसलधार बारिश ने किसानों की सब्जी फसलों को भारी नुकसान हुआ है. खेतों में फूल-फल लगे हुए फसल लगभग नष्ट हो चुके हैं. जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गयी है. खेतो में लगा टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी, कद्दू, पालक, बंधा गोभी की फसल बर्बाद हो गये हैं. मक्का व गरमा फसलों को पानी में डूबने से नुकसान हुआ है. पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं. धान के बिचड़े भी पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं. किसान छोटू मुंडा बताते हैं कि पिछले चार दिनों से लगातार हुई वर्षा से धान का बिचड़ा पानी में डूब गया है.  बारिश की शुरुआत के साथ ही शहर में सब्जी महंगी हो गई है, जो 10 दिन में ही दो से ढ़ाई गुना तक कीमत पहुंच गई है। इससे स्थिति यह है कि अब सिर्फ आलू व कद्दू ही सस्ते हैं और अन्य कोई भी सब्जी अब 60 से 80 रुपए किलो कीमत से कम नहीं मिल रही है। अचानक बढ़ी सब्जियों की कीमतें एमपी में आमजन की परेशानी बन गई हैं। जो टमाटर 10 दिन पहले तक 30 रुपए किलो बिक रहा था, अब 80 रुपए किलो कीमत पर पहुंच गया है। रेट बढक़र सीधे हो गए दोगुना भिंडी, लॉकी, पालक, करेला, गोभी और पालक की रेट बढक़र सीधे ही दोगुना हो गई है। वहीं बाजार में गिलकी, शिमला मिर्च और बरवटी 120 रुपए किलो बिक रही है। कहू की रेट भी तीन गुना बढ़ गई लेकिन यह अभी आमजन की पहुंच में है। हालांकि आलू व प्याज की कीमतों में पिछले 10 दिनों में कोई अंतर नहीं आया है। महंगी सब्जियों से ही काम चलाना होगा सब्जी दुकानदारों के मुताबिक जिले में सब्जियां(Vegetables Price Hike) बची नहीं है, बाहर से जिले में आ रही है। बारिश की वजह से बाहर से भी कम ही मिल पा रही हैं, इससे कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सब्जी दुकानदारों का कहना है कि डेढ़-दो महीने बाद जिले में स्थानीय स्तर से हरी सब्जियों की आवक बढ़ जाएगी, इससे कीमतें घटने का अनुमान है, लेकिन स्थानीय सब्जियों की आवक होने तक लोगों को महंगी सब्जियों से ही काम चलाना होगा।  किसानों ने बताया कि बहुत मेहनत के बाद खेतों में फसल तैयार हुए थे. लेकिन फसलें बर्बाद हो गयी. किसानों ने सरकार से नुकसान की मुआवजा का मांग करते हुए कहा कि उनकी फसलों को बचाने के लिए उचित कदम उठाया जाये. बाजारों पर दिखा असर : लगातार वर्षा होने से खेतों से सब्जियों की तुड़ाई नहीं होने से मंडी खाली रहे. जिसके कारण किसान समेत सब्जी विक्रेताओं को काफी नुकसान हुआ. वहीं शनिवार को बुकबुका बाजार में सब्जी खरीदने आये ग्राहकों को मन मुताबिक सब्जी नहीं मिलने से निराश घर लौटना पड़ा. हालाकि कुछ सब्जियां जो बाजार में लाये गये थे, उनमें दाग लगा था. कम सब्जी आने से मूल्य में वृद्ध देखी गयी.

16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया: हरमनप्रीत कौर

लंदन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि उनकी टीम ने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे मैच पर पूरा नियंत्रण नहीं बना सकी। भारतीय टीम को किंग्स्टन ओवल में पांच रन से हार का सामना करना पड़ा है। अब पांच मुकाबलों की इस सीरीज में भारत के पास 2-1 की बढ़त है। भारतीय टीम के पास दौरे के शुरुआती दो मैच जीतकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा जमाने का सुनहरा मौका था, लेकिन 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को इंग्लैंड की गेंदबाजों ने परेशानी में रखा। मैच गंवाने के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, “16वें ओवर तक मुकाबला हमारे हाथ में था, लेकिन हमने इसका पूरा फायदा नहीं उठाया। ओस भी आई। हमने कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। गेंदबाज बेहतरीन थे और हमने सच में अच्छी गेंदबाजी की और फील्डर्स ने हमारा साथ दिया।” टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को सलामी बल्लेबाजों ने शानदार शुरुआत दिलाई। सोफिया डंकले और डेनियल व्हाइट-हॉज (66) के बीच 15.2 ओवरों में 137 रन की साझेदारी हुई, जिसने टीम को 171/9 के स्कोर तक पहुंचाया। इसके जवाब में भारतीय टीम 20 ओवरों में पांच विकेट खोकर 166 रन ही बना सकी। सोफिया डंकले को 53 गेंदों में 75 रनों की शानदार पारी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय कप्तान ने कहा, “हमने इंग्लैंड की शुरुआती साझेदारी के बाद जोरदार वापसी की। उन्होंने अपनी योजना को बहुत अच्छे से अंजाम दिया, लेकिन अंत में हम सिर्फ एक बाउंड्री से चूक गए।” भारतीय टीम सीरीज का पहला मैच 97 रन से अपने नाम कर चुकी है, जबकि दूसरे मैच में उसने मेजबान टीम को 24 रन से हराया था। भारत-इंग्लैंड के बीच सीरीज का चौथा टी20 मैच 9 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला जाएगा। अंतिम मुकाबला 12 जुलाई को बर्मिंघम में आयोजित होगा।  

विक्रमोत्सव-2025 को मिला एशिया का WOW गोल्ड अवार्ड

उज्जैन  मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित विक्रमोत्सव 2025 को वाउ अवार्ड एशिया 2025 (WOW Awards Asia 2025) द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी (Special Event of the Year Government) में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। WOW Awards Asia की टीम भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को यह अवार्ड प्रदान करेंगी। विगत वर्ष विक्रमोत्सव 2024 को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड मिल चुका है। न केवल मध्य प्रदेश बल्कि समस्त भारतवर्ष के लिए गौरव का विषय विक्रमोत्सव 2025 को यह सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संस्कृति और विरासत के प्रति उनके समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि विक्रमोत्सव 2025 को प्राप्त यह सम्मान न केवल मध्य प्रदेश बल्कि समस्त भारतवर्ष के लिए गौरव का विषय है। विक्रमोत्सव एक आयोजन मात्र नहीं है बल्कि इन सबसे बढ़कर संस्कृति, विरासत और विकास का बेजोड़ संगम हैं। बीते 18 वर्षों से निरंतर विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। विगम वर्षों में विक्रमोत्सव ने देश के सांस्कृतिक क्षेत्र में अपनी उत्सवधर्मी पहचान को बखूबी स्थापित किया है। इसमें ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी शामिल है। विक्रमोत्सव 2025 को एशिया का वाउ गोल्ड अवार्ड उल्लेखनीय है कि WOW Awards Asia, वर्ष 2009 से लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रतिष्ठित मंच रहा है। यह आयोजन अनुभव आधारित विपणन, व्यापारिक बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, सजीव मनोरंजन तथा विवाह उद्योग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं और आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करता है। इस वर्ष इसका 16वाँ संस्करण, 20 और 21 जून 2025 को मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने सहभागिता की। प्रधानमंत्री कर चुके है सराहना विगत दिनों माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विक्रमोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के गौरव और वैभव को जन-जन तक पहुँचाने का यह प्रयास सराहनीय है। उनका शासन काल जन-कल्याण, सुशासन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए जाना जाता है। मध्यप्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में यह आयोजन निश्चित रूप से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से परिपूर्ण नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। विक्रमोत्सव 2025 में 300 से अधिक गतिविधियाँ हुई आयोजित विक्रमोत्सव 2025 अंतर्गत 300 से अधिक विभिन्न सांस्कृतिक एवं बहुआयामी गतिविधियाँ सम्पन्न हुई। इस महोत्सव में लाखों लोग भागीदार रहे जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से करोड़ों लोग विक्रमोत्सव से जुड़े। विक्रमोत्सव की बहुआयामी गतिविधियों में मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख शिवरात्रि मेलों का समारंभ, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिवोह्म, आदि-अनादि पर्व समारोह, विक्रम नाट्य समोराह, चित्र प्रदर्शनियाँ, संगोष्ठी, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्योपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रकाशन, विक्रम पंचांग, पौराणिक फिल्मों का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, बोलियों एवं हिन्दी रचनाओं का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 1000 ड्रोन्स की प्रस्तुति व ख्यात कलाकारों की प्रस्तुतियाँ शामिल है।  

क्रिकेट इतिहास में कमाल: टेस्ट-वनडे दोनों में दोहरा शतक जड़ने वाले टॉप 5 प्लेयर्स

नई दिल्ली भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने एजबेस्टन में जारी इंडिया वर्सेस इंग्लैंड दूसरे टेस्ट में दोहरा शतक कई रिकॉर्ड्स बनाए। वह SENA देशों में दोहरा शतक लगाने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बने, वहीं उन्होंने भारत के लिए एक टेस्ट इनिंग में बतौर कप्तान सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसी के साथ गिल ने अपनी जगह उन चुनिंदा खिलाड़ियों में बना ली है जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में शतक जड़ा है। बता दें, भारत के लिए ऐसा अभी तक सिर्फ चार ही खिलाड़ी कर पाए हैं, वहीं एक विदेशी खिलाड़ी भी लिस्ट में शामिल है। आईए एक नजर इन खिलाड़ियों पर शुभमन गिल जनवरी 2023 में, हैदराबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ 208 रन की पारी के साथ शुभमन गिल वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने। इसके बाद उन्होंने अब इंग्लैंड के खिलाफ दोहरा शतक ठोक इस लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। गिल ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 269 रन बनाए थे। क्रिस गेल क्रिस गेल वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले पहले गैर-भारतीय बने थे, जब उन्होंने 2015 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 147 गेंदों पर 215 रनों की पारी खेली थी। वहीं टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम दो ट्रिपल सेंचुरी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 317 तो श्रीलंका के खिलाफ 333 रनों की आइकॉनिक पारी खेली थी। रोहित शर्मा रोहित शर्मा के नाम वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 2014 में 264 रन बनाए थे। वनडे में उनके नाम सबसे अधिक तीन डबल सेंचुरी है। वहीं टेस्ट में उन्होंने यह कमाल एक ही बार किया है जब 2019 में पारी का आगाज करते हुए साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 212 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी थे, उन्होंने 2010 में यह कारनामा साउथ अफ्रीका के खिलाफ करके दिखाया था। उन्होंने 200 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वहीं टेस्ट में उनके नाम 6 दोहरे शतक है जिसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 241 और बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 248 रनों की आइकॉनिक इनिंग शामिल है। वीरेंद्र सहवाग वीरेंद्र सहवाग सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 2011 में 219 रनों की पारी खेली थी। वहीं टेस्ट में उनके नाम दो ट्रिपल सेंचुरी है। 309 रन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बनाए थे, वहीं 319 रनों की पारी उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर खेली थी। इसके अलावा भी कई बार उन्होंने टेस्ट में 200 रन का आंकड़ा छुआ है।  

परेश रावल वेब सीरीज में गालियां और सेक्स सीन दिखाए जाने पर भड़के

मुंबई एक्टर परेश रावल फिर से कॉमेडी फ्रेंचाइजी फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ में बाबू भैया के किरदार में वापसी करने जा रहे हैं. जिसके बाद से उनके फैंस काफी खुश हैं. वहीं, अब परेश रावल ने हाल ही में वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर बात किया है. बता दें कि हाल ही में अपने इंटरव्यू में कंटेंट को संस्कारी कैसे बना सकते हैं? इस सवाल पर परेश रावल ने कहा- ‘मैं आपको एक चुटकुला सुनाता हूं, एक औरत ने पुलिस स्टेशन में कंप्लेन की कि भैया मेरे सामने वाली बिल्डिंग में एक आदमी नंगा घूम रहा है. पुलिस वाला आया खिड़की से देखकर बोला कि मैडम कहां है दिख तो नहीं रहा, तो बोली कि अरे स्टूल पर चढ़ के देखो ना.’ परेश रावल ने आगे कहा- ‘आपको जहां नंगा, गंदगी देखनी है तो आपको मिल ही जाएगी, स्टूल पर चढ़कर मिल जाएगी. आप मत देखो ना. जो समाज में है, जो कंटेंट आते वही प्रतिबिंब है समाज का. हमको सेंस ऑफ प्रपोशन, हमारी विवेक बुद्धि, जुडिशियसली उसका यूज करना चाहिए. जो समाज में होता है हर चीज दिखाने के लायक नहीं होती, सजेस्टिव भी हो सकती है.’ एक्टर ने आगे कहा कि- ‘बाद में इसलिए बोलता हूं लोग काफी ऊब भी गए थे कि हर दूसरी तीसरी सीरीज में गालियां आती थीं, सेक्स सीन आते थे. बेमतलब के आते थे, कोई लेना देना नहीं है. तो लोगों को लगा इसकी वजह से लोग अट्रैक्ट होते हैं, लोगों की टीआरपी वगैरह जो भी कुछ बढ़ती, यही था. लेकिन लोग थक गए लेकिन मेकर्स नहीं थके तब जाकर गवर्नमेंट को उतरना पड़ा.’

इंग्लैंड के खिलाफ इतिहास रचने से चूकी टीम इंडिया, हरमनप्रीत कौर आखिरी गेंद पर नहीं लगा पाईं SIX

लंदन इंडिया वर्सेस इंग्लैंड 5 मैच की वुमेंस T20I सीरीज का तीसरा मुकाबला शुक्रवार रात लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेला गया। इस मैच में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया के पास मुकाबले को अपने नाम कर इतिहास रचने का मौका था, मगर अंतिम क्षणों में बैटिंग यूनिट के लड़खड़ाने की वजह से टीम चूक गई और भारत को इस करीबी मैच में 5 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि सीरीज के पहले दो मैच जीतकर टीम इंडिया अभी भी 2-1 से आगे चल रही है। इंग्लैंड के बैटिंग कोलैप्स और खराब फील्डिंग के बावजूद भारत यह मैच हार गया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। सोफिया डंकले (75) और डैनी व्याट-हॉज (66) ने पहले विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी करके उसे शानदार शुरुआत दिलाई, लेकिन इंग्लैंड ने 25 गेंदों में 31 रन के अंदर नौ विकेट गंवा दिए और टीम आखिर में 20 ओवर में 9 विकेट पर 171 रन ही बोर्ड पर लगा सकी। इसके जवाब में भारत एक समय अच्छी स्थिति में दिख रहा था। स्मृति मंधाना (56) और शेफाली वर्मा (47) ने कई जीवनदान का फायदा उठाकर पहले विकेट के लिए 9 ओवर में 85 रन जोड़े, लेकिन इसके बाद भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई। लॉरेन फाइलर (2/30) ने 16वें ओवर में मंधाना को आउट करके इंग्लैंड की जीत की नींव रखी। सोफी एक्लेस्टोन (1/24), लॉरेन बेल (1/37) और इस्सी वोंग (1/36) ने एक-एक विकेट लेकर भारत को 20 ओवर में पांच विकेट पर 166 रन पर रोक दिया। भारत को अंतिम गेंद पर छह रन की जरूरत थी। कप्तान हरमनप्रीत कौर (23) बेल की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गई। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैच 16वें ओवर तक हमारी पकड़ में था लेकिन हम इसका फायदा नहीं उठा पाए। ओस का भी असर पड़ा। हमने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हमें काफी कुछ सीखने को मिला।" उन्होंने कहा," हमारे गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और फील्डर्स ने हमारा साथ दिया। उनकी अच्छी शुरुआत के बाद हमने शानदार वापसी की। उन्होंने अपनी रणनीति को बहुत अच्छे से अंजाम दिया। आखिर में हम सिर्फ एक बाउंड्री से चूक गए।" भारत की निगाहें इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार टी20 सीरीज जीतने पर टिकी थीं, लेकिन डंकले और वायट-हॉज ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। डंकले ने 53 गेंदों की अपनी पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया जबकि व्याट-हॉज ने अपनी 42 गेंद की पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। दीप्ति शर्मा (3/27) ने 16वें ओवर में डंकले को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। अरुंधति रेड्डी (3/32) ने 17वें ओवर में एलिस कैप्सी (02), वायट-हॉज और एमी जोन्स (00) को आउट करके इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाने दिया। टैमी ब्यूमोंट (02) को राधा यादव (1/15) ने बोल्ड किया। श्री चरनी (2/43) ने पैगे स्कोल्फील्ड (04) और वोंग (00) को जबकि दीप्ति ने एक्लेस्टोन (10) और फाइलर (00) को आउट किया। भारत ने पावरप्ले में 61 रन बनाए। शेफाली ने 25 गेंदों पर 47 रन की पारी में सात चौके लगाए, लेकिन नौवें ओवर में एक्लेस्टोन की गेंद पर आउट हो गईं। मंधाना ने 38 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन उनके लगातार छह डॉट गेंदें खेलने के बाद फाइलर की गेंद पर आउट होने से इंग्लैंड की उम्मीद जगी। जेमिमा रोड्रिग्स (20) को भी फाइलर ने आउट किया जबकि रिचा घोष बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वोंग की गेंद पर कैच आउट हो गईं। इन दोनों टीमों के बीच चौथा मैच बुधवार को मैनचेस्टर में खेला जाएगा।  

प्रधानमंत्री मोदी ने शून्य-बैलेंस खातों ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की नींव रखी इसका फायदा सीधे गरीबों के खातों में पहुंचा :CM यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह पर तंज कसा। अपनी टिप्पणी में डॉ. यादव ने कहा कि शून्य-बैलेंस खाता (zero balance account) क्या होता है, देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ये भी नहीं जानते थे। बकौल डॉ. मोहन यादव, वह (मनमोहन सिंह) आरबीआई के गवर्नर और वित्त मंत्री भी रहे, बहुत बड़े अर्थशास्त्री थे, विदेश की डिग्री थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा कि बिना पैसे के भी जीरो बैलेंस में बैंक में खाता खोला जा सकता है, लेकिन नरेन्द्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने, उन्होंने यह बात सोची और जीरो बैलेंस में खाते खुलवाए। आगे कहा, उनके कार्यकाल में डीबीटी का शुभारंभ हुआ, जिससे शासन की कार्यशैली में व्यापक स्तर पर पारदर्शिता आई है। आज हितग्राहियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पूरा पैसा पहुंच रहा है।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनमोहन सिंह कहते थे- गांवों में सड़क क्यों बनाएं, गांव के लोग तो बैलगाड़ी से चलते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से देश की चारों दिशाओं को जोड़ गया। उन्होंने शिक्षित वर्ग की ओर संकेत करते हुए जोड़ा कि जिनके पास बड़ी-बड़ी डिग्रियां हैं, उन्हें समझना चाहिए कि जब जमीन बदलती है, तो किताबों से नजर हटाकर थोड़ा जमीन की हकीकत भी देख लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी कहते थे- केंद्र सरकार एक रुपये भेजती है तो आम आदमी तक केवल 15 पैसे पहुंचता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस व्यवस्था को नीति नहीं, बल्कि नीयत से ठीक किया। वर्ष 2013 से पहले इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया था। अब 25,000 रुपये सीधे मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे हैं।  

6 बैट्समैन 0 पर आउट फिर भी इंग्लैंड ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बनी

नई दिल्ली इंग्लैंड की टीम ने टेस्ट क्रिकेट में उस समय इतिहास रचा जब उन्होंने एजबेस्टन टेस्ट में भारत के 587 रनों के जवाब में पहली पारी में 407 रन बोर्ड पर लगाए। अब आप सोच रहे होंगे कि 407 रन बनाकर कोई टीम कैसे इतिहास रच सकती है। तो बता दें, इंग्लैंड को इस विशाल स्कोर तक पहुंचान में सिर्फ दो ही बल्लेबाजों ने अहम रोल अदा किया। हैरी ब्रूक ने जहां 158 रन बनाए वहीं जेमी स्मिथ ने 184 रनों की नाबाद पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच 303 रनों की साझेदारी हुई, वहीं बाकी बल्लेबाज 105 रन ही जोड़ सके। यहां गौर करने वाली बात यह है कि इंग्लैंड की इस पारी के दौरान 6 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल पाए और 0 पर आउट हुए। इंग्लैंड की टीम इस तरह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 6 और उससे अधिक बल्लेबाज के 0 पर आउट होने के बावजूद 400 से अधिक रन बनाने वाले दुनिया की पहली टीम बनी है। जी हां, आज तक कोई और टीम ऐसा कारनामा नहीं कर पाई। इससे पहले यह रिकॉर्ड बांग्लादेश के नाम था, जब उन्होंने 6 बल्लेबाजों के 0 पर आउट होने के बावजूद 365 रन बनाए थे। यह कारनामा बांग्लादेश ने 2022 में श्रीलंका के खिलाफ किया था। उस मैच में मुश्फिकुर रहीम ने 175 रनों की नाबाद पारी खेली थी और लिटन दास ने 141 रन बनाकर उनका साथ दिया था। बता दें, यह टेस्ट क्रिकेट में ही नहीं बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में छत्तीसगढ़ के नाम 6 या उससे अधिक बल्लेबाजों के 0 पर आउट होने के बावजूद कर्नाटक के खिलाफ 311 रन बनाने का रिकॉर्ड था। बात मैच की करें तो, तीसरे दिन की शुरुआत इंग्लैंड के लिए अच्छी नहीं रही थी 84 के स्कोर पर उनकी आधी टीम पवेलियन लौट गई थी। तब हर किसी को लग रहा था कि भारत मेजबानों को फॉलोऑन भी दे सकता है। मगर तब हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ ने ऐसी धुआंधार बल्लेबाजी की जिसका किसी भारतीय गेंदबाज के पास जवाब नहीं था। 387 के स्कोर पर इंग्लैंड का 6ठा विकेट हैरी ब्रूक के रूप में गिरा तब भारतीय गेंदबाजों ने राहत की सांस ली और पूरी टीम को 407 रनों पर ढेर कर दिया। पहली पारी के बाद भारत के पास 180 रनों की बढ़त थी। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 1 विकेट के नुकसान पर 64 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं और कुल बढ़त 244 रनों की हो गई है। चौथे दिन भारत कम से कम ढाई सेशन बल्लेबाजी करना चाहेगा और उनकी नजरें इंग्लैंड को 500 से अधिक का टारगेट देने पर होगी।  

भीष्म क्यूब्स से गोल्डन आवर में मिलेगी मदद, कोड इमरजेंसी एप से आम लोग भी बचा सकेंगे जान

भोपाल  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल अब किसी भी आपात स्थिति या आपदा से निपटने के लिए और भी तैयार हो गया है। एम्स के ट्रामा एवं आपातकालीन चिकित्सा विभाग में भीष्म क्यूब्स का उद्घाटन और प्रदर्शन किया गया। ये भीष्म क्यूब्स दरअसल एक मोबाइल अस्पताल हैं, जिन्हें आपदा या मानवीय संकट के समय में तुरंत चिकित्सा पहुंचाने के लिए बनाया है। इन मोबाइल अस्पतालों को आपदा वाली जगह पर स्थापित किया जा सकता है। इनका फायदा यह है कि ये गोल्डन आवर (किसी दुर्घटना या गंभीर स्थिति के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा), जिसमें इलाज मिलने पर जान बचने की संभावना ज्यादा होती है) में जरूरी चिकित्सा सेवाएं दे सकते हैं, जिससे जानें बचाई जा सकें। कार्यक्रम में एम्स के कार्यपालक निदेशक प्रो. डा. अजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कोड इमरजेंसी एप हर नागरिक के लिए जीवनरक्षक कार्यक्रम के दौरान एचएलएल टीम ने भीष्म क्यूब्स को स्थापित करके दिखाया और उनकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। ट्रामा व आपातकालीन विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डा. भूपेश्वरी पटेल ने एक जीवनरक्षक मोबाइल एप कोड इमरजेंसी का लाइव डेमो दिया। यह एप हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है। डाउनलोड होने के बाद बिना इंटरनेट के भी काम करता है। इसमें आडियो-विजुअल निर्देशों के जरिए किसी भी जगह पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति की जान बचाने की सुविधा दी गई है।

सम्पर्क क्रांति में बम की अफवाह बन गई 1700 यात्रियों की टेंशन, झांसी पहुंचकर खुला पूरा मामला

 झांसी  मध्य प्रदेश के झांसी में हजरत निजामुद्दीन से चलकर दुर्ग जाने वाली छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस (12824) में शुक्रवार रात बम रखे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। ट्रेन में बम रखे होने की सूचना लखनऊ कंंट्रोल रूम को मिली थी। तत्काल झांसी को इस बारे में सूचित किया गया। सूचना मिलते ही रेलवे का अमला अलर्ट हो गया और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसके बाद आरपीएफ, जीआरपी समेत लोकल पुलिस ने स्टेशन पर डेरा डाल लिया। ट्रेन के रेलवे स्टेशन पर आते ही पुलिस ने पूरी ट्रेन को खाली करा लिया और यात्रियों को उतारकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। लगभग 40 मिनट तक की गई गहन तलाशी के बाद ट्रेन में कुछ नहीं मिला, जिस पर रात लगभग 12:24 बजे ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। ट्रेन हजरत निजामुद्दीन से चलने के बाद सीधे झांसी में रुकती है। शुक्रवार की रात किसी ने लखनऊ के रेलवे कंट्रोल रूम नम्बर 139 को सूचना दी कि हजरत निजामुद्दीन से चलकर दुर्ग जाने वाली छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस में बम रखा है। रेलवे को बम मिलने की सूचना की जानकारी दी गई तो तत्काल सुरक्षा बल अलर्ट हो गया। उसने स्टेशन पर मोर्चा संभाल लिया। प्लैटफॉर्म नंबर 2-3 खाली कराए गए ट्रेन के झांसी आने का समय रात 11 बजे है, लेकिन वह कुछ देर रात 11:32 बजे झांसी आई। एसपी जीआरपी विपुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई। सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह भी सिविल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। रेल कमांडेंट ट्रेन विवेकानंद नारायण ने बताया कि ट्रेन को झांसी आने पहले ही रेलवे पुलिस ने प्लैटफॉर्म नंबर 2 और 3 खाली कराकर यात्रियों को दूसरे प्लैटफॉर्म की ओर डायवर्ट कर दिया। ट्रेन जैसे ही झांसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी हुई, तत्काल इंजन के बाद वाले कोच से तलाशी अभियान शुरू हो गया। ट्रेन से उतरने वाले सभी यात्रियों की तलाशी ली जाने लगी। कोच के अंदर भी तलाशी शुरू हुई। यह क्रम तब तक चला जब तक कि पूरी ट्रेन की तलाशी नहीं हो गई। पूरी ट्रेन की तलाशी के बाद ही ट्रेन को गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया।