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मैट से मंडप तक: रेसलर पूजा की हुई सगाई, बिजनेसमैन से जुड़ा रिश्ता

हिसार  हरियाणा की अंतरराष्ट्रीय रेसलर पूजा ढांडा ने जीवन की एक नई पारी की शुरुआत कर हिसार के बिजनेसमैन अभिषेक बूरा से सगाई कर ली है। गुरुवार को हिसार में आयोजित भव्य समारोह में दोनों ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाई। यह एक अरेंज मैरिज है, जिसका रिश्ता पूजा के पिता अजमेर ढांडा ने तय किया था। अब दोनों 13 नवंबर को शादी के बंधन में बंधेंगे। पूजा ढांडा न केवल एक बेहतरीन रेसलर हैं, बल्कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से देश का नाम रोशन किया है। रिंग से लेकर सगाई तक का सफर पूजा ढांडा का जन्म हिसार के बुडाना गांव में हुआ था। उनके पिता अजमेर ढांडा पशुपालन विभाग से ड्राइवर के पद से रिटायर हुए। उन्होंने हमेशा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पूजा ने अपने करियर की शुरुआत जूडो से की थी, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। उनके जीवन में महत्वपूर्ण मोड़ 2009 में तब आया जब एशियन जूडो चैंपियनशिप के दौरान उनकी मुलाकात रेसलर कृपा शंकर बिश्नोई से हुई। कृपा शंकर ने पूजा को कुश्ती में जाने की सलाह दी। इस सलाह ने पूजा के जीवन की दिशा बदल दी। पूजा ने जूडो छोड़कर कुश्ती में अपना हाथ आजमाया और 2010 के यूथ ओलंपिक खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया। असाधारण उपलब्धियां और 'दंगल' का ऑफर पूजा ढांडा की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट हेलेन मारोलिस को दो बार हराना। यह कारनामा उन्होंने 2018 में प्रो रेसलिंग लीग में किया था। हेलेन को हराने के बाद उन्होंने खुद पूजा की तारीफ करते हुए कहा था मैं तुम्हारी फैन बन गई हूं। पूजा के लिए यह एक सपने के सच होने जैसा था। पूजा को साल 2016 में आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 'दंगल' में बबीता फोगाट का किरदार निभाने का ऑफर मिला था। लेकिन चोट के कारण उन्होंने यह मौका ठुकरा दिया। पूजा ने पहली राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बबीता फोगाट को हराकर यह खिताब जीता था। पूजा की अन्य उपलब्धियों में 2013 और 2017 में कॉमनवेल्थ गेम्स में दो गोल्ड मेडल और 2014 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल शामिल हैं। चोट और संघर्ष का दौर पूजा का सफर कभी आसान नहीं रहा, 2016 में लगी एक गंभीर चोट के कारण वह रियो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। इस चोट से उबरने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। सर्जरी के बाद भी मैट पर वापसी करना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2017 में, उन्होंने अपनी चोट को पीछे छोड़ा और नेशनल चैंपियन बनकर वापसी की। उनके इसी जज्बे को देखते हुए भारत सरकार ने 2019 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। आज, पूजा ढांडा न केवल एक इंटरनेशनल रेसलर हैं, बल्कि हिसार के महावीर स्टेडियम में एक सीनियर कुश्ती ट्रेनर के रूप में बच्चों को प्रशिक्षण भी देती हैं। अपनी शादी की तैयारियों के बीच भी वह अपनी जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह उनकी लगन और समर्पण को दर्शाता है। नई जिंदगी की शुरुआत पूजा और अभिषेक की सगाई का समारोह उनकी नई जिंदगी की शुरुआत का एक खूबसूरत पल था। यह एक अरेंज मैरिज है, लेकिन दोनों के परिवार में खुशी का माहौल है। 23 फरवरी को हुई रोका सेरेमनी के बाद अब दोनों 13 नवंबर को शादी के पवित्र बंधन में बंध जाएंगे। पूजा के लिए यह एक नई पारी है, जिसमें उन्हें अपने जीवनसाथी अभिषेक का साथ मिलेगा। हम उन्हें उनके आने वाले जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हैं।  

शेरा के पिता का 88 वर्ष की उम्र में निधन, सलमान खान ने जताया दुख

मुंबई सलमान खान के बॉडीगार्ड और हर पल साए की तरह उनके साथ रहने वाले शेरा की लाइफ में इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शेरा के पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। शेरा के पिता सुंदर सिंह जॉली का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनके बुजुर्ग पिता कैंसर से अपनी जिंदगी की ये जंग अब हमेशा के लिए हार गए। कहा जा रहा है कि शेरा ने बयान जारी कर कहा है कि उनके पिता का अंतिम सफर शाम 4 बजे उनके निवास ‘1902, द पार्क लग्जरी रेजीडेंस, ओशिवरा, अंधेरी वेस्ट, मुंबई’ से शुरू होगा। इस खबर के साथ ही सलमान खान के फैन्स शेरा को सांत्वना दे रहे हैं। दर्द की इस घड़ी में उन्हें हिम्मत रखने की सलाह दे रहे हैं। शेरा ने पिता के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की थी हाल ही में मार्च में शेरा ने पिता के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर में पापा को चूमते दिख रहे शेरा ने उनके 88वें बर्थडे पर उन्हें विश किया था। बता दें कि शेरा अपने पिता को हमेशा अपना आदर्श मानते रहे हैं। पिता के जन्मदिन पर शेरा ने पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन में उन्हें सबसे ताकतवर इंसान और अपनी प्रेरणा बताया था। उन्होंने लिखा था, 'मेरी हर ताकत आपसे आई है, आप मेरे भगवान हैं पापा।' तीन दशक से सलमान खान की सुरक्षा में तैनात बताते चलें कि शेरा यानी गुरमीत सिंह करीब तीन दशक से सलमान खान की सुरक्षा में तैनात हैं। वो सलमान के लिए केवल एक बॉडीगार्ड नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य की तरह हैं। चाहे फिल्म की शूटिंग हो या कहीं इवेंट या आउटिंग, शेरा उनके साथ-साथ साए की तरह खड़े रहते हैं।

बुरहानपुर में युवती की हत्या पर बागेश्वर महाराज की प्रतिक्रिया, ‘बुर्का पहनने’ को लेकर दिया विवादास्पद बयान

छतरपुर  मालेगांव ब्लास्ट केस में NIA की स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत सात आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें और भगवा को बदनाम करने की बड़ी साजिश रची गई थी. इसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बागेश्वर धाम सरकार के बागेश्वर महाराज ने कहा कि जब यह घटना घटी थी, तभी बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे से भगवा को आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की गई, जबकि भगवा सनातन धर्म का प्रतीक है, जो सबको अपनाने वाला, दया और करुणा से भरा हुआ होता है. योजनाबद्ध तरीके से भगवा आतंकवाद की कहानी तैयार की गई बागेश्वर महाराज ने कहा कि अब यह पूरी तरह से सिद्ध हो गया है कि भगवा आतंकवाद नाम की कोई चीज नहीं होती, न हो सकती है. अब इस झूठी कहानी पर विराम लग गया है. बुरहानपुर में एक हिंदू बेटी की हत्या पर भी बागेश्वर महाराज ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं. कुछ कुंठित मानसिकता के लोग हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके मकसद पूरे न होने पर उनकी हत्या कर देते हैं. देश में थूक जिहाद और लव जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं हिंदू बेटियों से उन्होंने अपील की  दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो. उन्होंने कहा कि हम दिन-रात प्रयास कर रहे हैं कि हिंदू जागे. जात-पात मिटाकर एक हों, तभी आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकता है.

अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान वायरल, अब बोले- ‘मुंह मारना’ का मतलब गलत लिया गया

नई दिल्ली  हाल ही में अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अब इस पर सफाई दी है। सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 'मुंह मारना' गांव की एक सामान्य भाषा है और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह बात लड़का और लड़की दोनों के लिए कही थी। व्यभिचारी लोग चरित्रवान नहीं होते अनिरुद्धाचार्य ने कहा, "जो लड़की कई पुरुषों के साथ रही वह पतिव्रता नहीं है। व्यभिचारी लोग चरित्रवान नहीं होते, वे 'मुंह मारते हैं'।" उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पुरुष और स्त्री दोनों को चरित्रवान होना चाहिए और एक-दूसरे से व्यभिचार नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार उन्होंने वही बात कही है जो शास्त्रों में लिखी है और उन्होंने अपने मन से कुछ भी नहीं कहा।   लिव-इन रिलेशनशिप पर भी बोले लिव-इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर कथावाचक ने कहा कि यह अपवित्र है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़का और लड़की एक साथ रह रहे हैं तो उन्हें शादी करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि लड़का और लड़की अगर चरित्रवान होंगे तभी उनकी संतानें भी चरित्रवान होंगी और राष्ट्र का कल्याण करेंगी। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे चरित्रवान रहते हुए अंतरिक्ष में जाएं, पढ़ें और सब कुछ करें लेकिन चरित्रवान रहें। उन्होंने कहा कि राम जैसा पुरुष और सीता जैसी स्त्री दोनों के लिए चरित्र की बात की जाती है। रावण का दिया उदाहरण लिव-इन के खिलाफ कानून लाने के सवाल पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कोई भी पुरुष हो या स्त्री उसे परायों से बचना चाहिए तभी वह पवित्र माना जाएगा। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण ने पराई स्त्री को देखा तो उसका विनाश हुआ था।  

शहडोल में 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख खर्च, बदनावर विधायक ने घोटाले का आरोप लगाया

शहडोल /भोपाल  मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल उठे जब शहडोल जिले के दो स्कूलों में महज 24 लीटर ऑयल पेंट पर 3.38 लाख रुपये खर्च किए जाने का मामला उठा। यह मुद्दा धार जिले के बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत ने जोरशोर से सदन में उठाया और सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसे गड़बड़ी पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। विधायक ने सदन में उठाए सवाल विधायक के अनुसार, शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया और संकदी में रंगाई-पुताई के लिए किए गए बिलों में भारी गड़बड़ी सामने आई है। सिर्फ 24 लीटर ऑयल पेंट में 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये खर्च होना दर्शाता है कि काम से ज्यादा बिलिंग हुई है। इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि रंगाई-पुताई के साथ-साथ अन्य मरम्मत कार्य भी किए गए थे। स्कूलों में नवीन दरवाजे लगाना, खिड़कियों की मरम्मत, छत सुधार और भवन की रंगाई जैसे काम सुधाकर कंस्ट्रक्शन, ब्यौहारी के माध्यम से कराए गए। इन कार्यों के एवज में क्रमश: 1.69 लाख और 2.31 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मामले की संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण शहडोल संभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मरम्मत कार्यों पर 19 करोड़ खर्च कर रही सरकार शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने स्कूलों की मरम्मत के लिए विशेष बजट भी स्वीकृत किया है। जिन जिलों में 140 से अधिक छात्र संख्या वाले हाईस्कूल/हायर सेकंडरी स्कूल हैं, वहां 50 लाख रुपये प्रति जिला, और जहां छात्र संख्या 140 से कम है, वहां 25 लाख रुपये प्रति जिला के हिसाब से कुल 19 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।  

सौरव गांगुली फिर संभाल सकते हैं कमान, क्रिकेट प्रशासन में कमबैक के आसार

 कोलकाता लगभग तीन साल पहले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि, अब फिर से सौरव गांगुली क्रिकेट प्रशासकों की दुनिया में कदम रखने पर विचार कर रहे हैं। सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ यानी सीएबी के आगामी चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं। संघ के अधिकारी ने बताया है कि वह फिर से चेयरमैन बनने के उत्सुक हैं। 52 साल के सौरव गांगुली 2019 तक सीएबी के अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने 2014 में दिवंगत जगमोहन डालमिया के नेतृत्व में राज्य इकाई के सचिव के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया था। फिर 2019 में उन्हें सर्वसम्मति से बीसीसीआई का अध्यक्ष चुना गया और जय शाह सचिव बने, लेकिन एक कार्यकाल पूरा होने के बाद गांगुली की जगह 1983 विश्व कप के नायक रोजर बिन्नी आ गए। बिन्नी का कार्यकाल भी लगभग खत्म हो चुका है, क्योंकि वे 70 साल के हो चुके हैं। राज्य इकाई के घटनाक्रम से वाकिफ सीएबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘हां, सौरव गांगुली मैनेजमेंट सिस्टम में वापसी के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने सीएबी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने का मन बना लिया है। अगर बीसीसीआई के संविधान के अनुसार देखा जाए तो उनके पास (राज्य संस्था में कुल नौ साल) पांच साल बचे हैं। वह सर्वसम्मति से चुने जाएंगे या चुनाव होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ’’ सीएबी के मौजूदा अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली सौरव के बड़े भाई हैं। वह छह साल पूरे कर लेंगे, जिसके बाद उन्हें लोढ़ा समिति की सिफारिश वाले संविधान के अनुसार अनिवार्य रूप से ब्रेक लेना होगा। बाद में वह तीन साल का कार्यकाल और पूरा कर सकते हैं, लेकिन अभी के लिए सौरव गांगुली के बड़े भाई को बंगाल क्रिकेट संघ के चेयरमैन की कुर्सी छोड़नी होगी।

सीएम रेखा गुप्ता ने बच्चों संग मनाया राखी पर्व, वायरल हुईं मानवीय भावनाओं से भरी तस्वीरें

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सरकारी स्कूलों के बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से प्यार से राखी बंधवाई और इन पलों की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर की हैं। तस्वीरों में वह बच्चों को दुलारती और उनसे राखी बंधवाती हुई नज़र आ रही हैं।   सीएम ने कहा, 'यह रिश्ते की नई परिभाषा थी' मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज सुबह मुख्यमंत्री जनसेवा सदन कुछ अलग ही रंग में था। सरकारी स्कूलों से नन्हें बच्चे जब रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में राखियां लेकर आए, तो यह रस्म हमारे रिश्ते की नई परिभाषा थी।" उन्होंने बच्चों की हंसी और उनकी मासूम आंखों की चमक को अपने हर फैसले का आधार बताया। उन्होंने कहा, "उनके छोटे-छोटे हाथों से बांधे गए धागे एक ऐसे कल का वादा थे, जहाँ हर बच्चा बिना डर, बिना भेद, अपने सपनों की उड़ान भर सके।"   बीजेपी ने भी मनाया राखी का त्योहार दूसरी तरफ, बीजेपी ने भी रक्षाबंधन का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया। दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने राखी बांधी। सचदेवा ने राखी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह पवित्र त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा को बनाए रखता है और पूरे समाज को एकता के सूत्र में बांधता है। इसके अलावा, बीजेपी महिला मोर्चा ने भी दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में जाकर वहाँ रहने वाले लोगों के साथ राखी का त्योहार मनाने की घोषणा की है। पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष ऋचा पांडे मिश्रा ने बताया कि उनकी पार्टी ने इसके लिए एक कार्ययोजना तैयार की है और जल्द ही इस अभियान की शुरुआत की जाएगी।

उर्फी का प्यार पर बयान: “मैंने उसकी शादी तुड़वा दी”, रिलेशनशिप हुआ पक्का

मुंबई अपने बिंदास अंदाज और स्टाइल के लिए सुर्खियां बटोरने वालीं उर्फी जावेद इस वक्त अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। उर्फी ने खुलासा किया है कि वह किसे डेट कर रही हैं और उनका बॉयफ्रेंड कहां रहता है। उर्फी जावेद ने यह भी बताया कि वह अपनी इस लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को कैसे मेनटेन करती हैं। एक्ट्रेस के मुताबिक, उनमें और बॉयफ्रेंड में जमीन-आसमान का फर्क है। उर्फी जावेद ने 'मैशेबल इंडिया' को दिए इंटरव्यू में अपने रिलेशनशिप के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि वह अभी कमिटेड हैं और दिल्ली के रहने वाले एक लड़के को डेट कर रही हैं। उर्फी जावेद ने बॉयफ्रेंड के बारे में कहा, 'वो यहां नहीं है। वो दिल्ली का है। मेरे बॉयफ्रेंड की हाइट 6 फुट 4 इंच है। कितना ही लॉन्ग डिस्टेंस है। दो घंटे की फ्लाइट होती है। हर वीकेंड मैं वहां उससे मिलने पहुंच जाती हूं। वहां पर पपाराजी आ गए तो वो भाग गया।' उर्फी जावेद ने बताया शर्मीला है उनका बॉयफ्रेंड उर्फी जावेद ने बताया कि उनका बॉयफ्रेंड शर्मीला है, और इंस्टाग्राम पर भी कोई पोस्ट नहीं करता। उसकी सोशल मीडिया में कोई दिलचस्पी नहीं है, जबकि वह खुद सोशल मीडिया को काफी पसंद करती हैं। उर्फी जावेद बोलीं- मैंने बॉयफ्रेंड की शादी तुड़वा दीं उर्फी जावेद ने फिर बताया कि वह बॉयफ्रेंड से कहां मिली थीं। उन्होंने पहली मुलाकात को इत्तेफाक बताया। वह बोलीं, 'संयोगवश कहीं मिल गई थी। हम बस एक ही समय एक जगह पर थे। उसकी शादी की बात कहीं और चल रही थी, अरेंज मैरिज। मैंने शादी तुड़वा दी उसकी, लेकिन उसका कुछ फाइनल नहीं हुआ था, वो बस मिलने गया था।' पहले पारस कलनावत को डेट कर रही थीं उर्फी जावेद उर्फी जावेद पहले 'अनुपमा' फेम पारस कलनावत को डेट कर रही थीं, पर 2017 में उनका ब्रेकअप हो गया था। दोनों की पहली मुलाकात और प्यार टीवी शो 'मेरी दुर्गा' के सेट पर हुआ था। हालांकि, अब पारस कलनावत और उर्फी जावेद अच्छे दोस्त हैं और अतीत को भुलाकर आगे बढ़ चुके हैं। उर्फी जावेद का करियर प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें, तो उर्फी जावेद एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है और अपने अतरंगी कपड़ों के कारण सुर्खियों में रहती हैं। इसके बाद वह 'बिग बॉस OTT' से चर्चा में आई थीं। बाद में उन्होंने कुछ इवेंट्स किए। हाल ही वह करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' में नजर आई थीं। वह 'कसौटी जिंदगी की 2', 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' और 'बेपनाह' जैसे टीवी शोज का भी हिस्सा रही हैं।

विदेश में डर का साया: आयरलैंड में भारतीय बच्ची पर हमला, मां ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

वाटरफोर्ड भारतीय मूल की 6 साल की एक बच्ची पर आयरलैंड के वाटरफोर्ड शहर में नस्लीय हमला हुआ है. सोमवार शाम (4 अगस्त) को घर के बाहर खेलते समय कुछ लड़कों ने उसे घेरकर "गो बैक टू इंडिया" कहते हुए बुरी तरह पीटा. आरोप है कि उन्होंने उसे प्राइवेट पार्ट में साइकिल से मारा और उसके चेहरे पर कई मुक्के भी मारे. घटना के वक्त बच्ची की मां अपने 10 महीने के बेटे को दूध पिलाने घर के अंदर गई थीं. उन्होंने बताया कि वो बाहर नजर रखे हुए थीं, लेकिन जब छोटा बेटा रोने लगा तो वो एक मिनट के लिए अंदर गईं. तभी बच्ची रोते हुए घर लौटी और कुछ बोल भी नहीं पा रही थी. बाद में उसकी एक दोस्त ने बताया कि करीब 12 से 14 साल के पांच लड़कों ने उसके चेहरे पर मुक्के मारे और एक लड़के ने साइकिल का पहिया उसके प्राइवेट पार्ट पर मारा. एक 8 साल की लड़की भी इस गिरोह का हिस्सा थी. बच्ची की मां ने The Irish Mirror से बातचीत में बताया कि हमलावरों ने गंदी गालियां भी दीं और 'डर्टी इंडियन' कहकर जातीय टिप्पणी की. आठ साल से आयरलैंड में रह रहीं बच्ची की नर्स मां बच्ची की मां, जो पेशे से नर्स हैं और पिछले आठ साल से आयरलैंड में रह रही हैं, हाल ही में आयरिश नागरिक बनी हैं. उन्होंने कहा, "हम अब यहां सुरक्षित महसूस नहीं करते. मेरी बेटी अब घर के बाहर खेलने से डरती है. मैं बहुत दुखी हूं कि मैं उसे सुरक्षित नहीं रख पाई." परिवार इस साल जनवरी में वाटरफोर्ड के किलबैरी इलाके में शिफ्ट हुआ था. मां ने यह भी बताया कि उन्होंने बाद में उन लड़कों को देखा, जो उन्हें घूर रहे थे और हंस रहे थे. वो अब भी आसपास घूम रहे हैं. आयरलैंड में भारतीयों पर अब तक तीन हमले हुए बच्ची की मां ने घटना की शिकायत गर्दा (Irish Police) से की है लेकिन किसी सजा की मांग नहीं की. उनका कहना है, "मैं चाहती हूं कि उन्हें काउंसलिंग और सही दिशा दी जाए. हम यहां प्रोफेशनल्स हैं, हमने आयरलैंड में काम करने के लिए खूब मेहनत की है." इस घटना ने आयरलैंड में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. पिछले महीने डबलिन के एक उपनगर में एक 40 वर्षीय भारतीय व्यक्ति को भी किशोरों के एक गिरोह ने पीटा और सार्वजनिक रूप से नग्न कर दिया था. 19 जुलाई के बाद से डबलिन में भारतीयों पर तीन हमले सामने आ चुके हैं

शिक्षा संकट: जर्जर स्कूल भवन, टीन शेड बना क्लासरूम

जैसलमेर बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है, प्रोत्साहन राशि दी जा रही है लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी स्कूलों की हालत उजागर कर रही है। उपखंड फतेहगढ़ की उप तहसील झिनझिनयाली के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 200 से अधिक छात्राओं का नामांकन है, लेकिन भवन की स्थिति भयावह है। विद्यालय में बने पांच कक्षों में से तीन पूरी तरह जर्जर हैं और बंद पड़े हैं। शेष दो कक्षों में दसवीं और ग्यारहवीं की छात्राएं बैठती हैं, जबकि पहली से नौवीं तक की सभी छात्राओं को एक ही टीन शेड के नीचे पढ़ाया जा रहा है। इससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और बालिकाओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। बरसात में जर्जर कक्षों के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे छात्राएं डर के साए में हैं। विद्यालय में एक भी महिला अध्यापिका नहीं है। रसोईघर की दीवारों में दरारें हैं और छत गिरने की कगार पर है। पेयजल के लिए बना टांका भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार सिर्फ कागजों में ही बालिका शिक्षा को लेकर बड़े बड़े दावे करती है हकीकत कुछ ओर ही है अभी कुछ दिन पहले झालावाड़ के पिपलोदा में हुए हादसे के बाद प्रशासन और परिजन दोनों ही एक्टिव मोड में आ गए हैं, जिसके बाद पता चला कि झालावाड़ ही नहीं पूरे राजस्थान के यहीं हाल हैं, हर स्कूल में कमरे छतिग्रस्त हैं | ग्रामीण फतेहसिंह का कहना है कि यह विद्यालय आठ-दस गांवों के लिए एकमात्र बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय है। जर्जर कक्षों और सुविधाओं के अभाव में छात्राएं पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रही हैं। प्रधानाचार्य इंद्राराम पन्नू ने बताया कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है और उप तहसील भवन में वैकल्पिक रूप से विद्यालय चलाने की मांग भी की गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है।