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साज़िश या मजबूरी? बच्चा लेकर पहुंची महिला, राजा रघुवंशी के घर से भागा भाई सचिन

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान जिस रजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई, उसके घर अब एक नई मुश्किल आ पड़ी है। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की एक कथित पत्नी सामने आ गई है, जिसका दावा है कि वह उसके बच्चे की मां है। महिला का आरोप है कि सचिन ने मंदिर में उसके साथ शादी की थी और दोनों का एक बच्चा भी है। महिला मंगलवार को अपने बच्चे को लेकर सचिन के घर पहुंच गई और गेट पर खड़ी हो गई। लेकिन सचिन अपनी गाड़ी में बैठकर भाग निकला। रघुवंशी परिवार का गेट पीटती रही महिला खुद को सचिन की पहली पत्नी बताने वाली महिला रोते हुए बच्चे को गोद में लेकर लगातार गेट पीटती रही। लेकिन अंदर से कोई बाहर नहीं आया। बताया जा रहा है कि जब सचिन ने उसे पत्नी मानने से इनकार किया तो उसने दुष्कर्म का आरोप लगाया था और दोनों के बीच कानूनी जंग चल रही है। महिला का दावा है कि कोर्ट के आदेश पर डीएनए की जांच की गई थी और वह सचिन के डीएनए से मैच हो गई है। ऐसे में वह चाहती है कि सचिन अब उसे और अपने बच्चे को स्वीकार करे। 'बच्चे को देखकर भी नहीं पिघला और भाग निकला सचिन' सचिन के घर के बाहर महिला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'जब मैं यहां पहुंची तो सचिन सामने ही खड़ा था। मैंने बच्चे से कहा कि देखो कि पापा खड़े हैं। उसने हमसे कोई बात नहीं की और देखते ही भाग गया। कैसा पिता है, उसे थोड़ा भी दर्द नहीं है कि बच्चे को सामने दिखकर पिघल जाए। उसे देखकर लगा ही नहीं कि उसे कुछ दर्द है बच्चे को लेकर या मेरे साथ इतना गलत किया है। मैं कितनी खराब तरह से अपनी जिंदगी जी रही हूं।' महिला बोली मेरे पास सारे सबूत उधर, सचिन ने कहा कि उन्हें महिला ब्लैकमेल कर रही है। इस पर कथित पत्नी ने कहा, 'बच्चा है क्या, क्या नासमझ है जो मैं उसे ब्लैकमेल करुंगी। बच्चा पैदा नहीं करना था। बच्चे की डीएनए रिपोर्ट आ चुकी है। अब वह यही कह सकते हैं कि मैं ब्लैकमेल कर रही हूं। औरत पर तो यही इल्जाम लगा सकते हैं वो पैसे वाले हैं। वो मुझे गलत साबित करने के लिए कितनी भी नीचता कर सकते हैं। मेरे पास फोटो, वीडियो, बच्चे की डीएनए रिपोर्ट सबकुछ है।' 'आज नहीं तो कल गेट तो खोलना पड़ेगा' महिला ने कहा कि सचिन की मां ने अंदर से गेट बंद कर दिया है, लेकिन वह गेट खुलने के इंतजार में खड़ी रहेगी। उसने कहा, 'मैं यहीं रहूंगी, कहां जाऊं। आज नहीं तो कल उन्हें गेट तो खोलना पड़ेगा। सचिन को लेकर मैं क्या बोलूं, उसको जरा सा दर्द नहीं बच्चे को लेकर।'

कौशल से समृद्धि की ओर – युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर मुख्यमंत्री साय का विशेष जोर

कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ें, युवाओं को बनाएं आत्मनिर्भर – मुख्यमंत्री श्री साय रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि युवाओं के कौशल प्रशिक्षण को सीधे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है। इसके लिए विभाग द्वारा निरंतर नवाचार और प्रभावी कार्ययोजना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्ष 2025–26 के लिए जिलेवार प्रशिक्षण उपलब्धि और आबंटित बजट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0, और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के सम्बन्ध में जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि अब तक 549 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि पुनर्वास केंद्रों में 382 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में पीएम जनमन योजना के तहत अत्यंत पिछड़ी जनजाति (PVTG) के युवाओं को दिए जा रहे कोर्सवार प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई। बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1 जुलाई 2025 से मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत चेहरा-आधारित स्कैनिंग प्रणाली द्वारा प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और निगरानी में सुधार हुआ है। बैठक में विभाग द्वारा निजी संस्थाओं के साथ किए गए एमओयू की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें नांदी फाउंडेशन और महिंद्रा एंड महिंद्रा संस्थानों से किए गए समझौते शामिल हैं। इन संस्थानों के माध्यम से राज्य में गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। बैठक में ‘कौशल तिहार 2025’ के आयोजन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं में कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह प्रतियोगिता जिला और राज्य स्तरीय दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें दो आयु वर्ग – 22 वर्ष से कम एवं 22 वर्ष से अधिक – के प्रतिभागी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में 10 प्रमुख ट्रेड ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्रिकलेइंग, रिन्युएबल एनर्जी हेल्थ एंड सोशल केयर, प्लंबिंग एंड हीटिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस, इलेक्ट्रॉनिक्स फील्ड टेक्नीशियन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन टेक्नीशियन, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी/डेस्कटॉप पब्लिशिंग तथा रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग शामिल है।जिला स्तर पर प्रत्येक ट्रेड और आयु वर्ग से दो विजेताओं का चयन किया जाएगा, जो राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। राज्य स्तर के विजेताओं को पुरस्कार, ट्रॉफी और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्हें इंडिया स्किल्स 2025 की क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा, जहाँ से चयनित प्रतिभागी ‘वर्ल्ड स्किल्स 2026’, शंघाई (चीन) में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कौशल विकास योजनाओं को युवाओं की आजीविका, आत्मनिर्भरता और भविष्य के निर्माण से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में सतत प्रयास करने के निर्देश दिए। बैठक में वन एवं कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास अभिकरण (CSDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान का चांद पर पहुंचने का सपना – क्या ये हकीकत बनेगा?

नई दिल्ली  आतंकवाद से जूझ रहा और IMF से कर्ज के भरोसे चल रहा पाकिस्तान अब चांद पर जाने के ख्वाब देख रहा है। खबर है कि पाकिस्तान ने साल 2035 तक चांद पर रोवर पहुंचाने की योजना बनाई है। खास बात है कि चांद पर लैंडिंग की उपलब्धि भारत दो साल पहले ही हासिल कर चुका है। जबकि, कहा जाता है कि पाकिस्तान ने भारत की तुलना में करीब 10 साल पहले ही अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के मंत्री एहसान इकबाल ने 2035 तक पाकिस्तान के रोवर को चांद पर भेजने की बात कही है। बीजिंग में चीनी अधिकारियों के साथ बैठक में इकबाल ने पाकिस्तान के स्पेस और न्यूक्लियर प्रोग्राम में कमियों को भरने में चीन पर काफी निर्भर होने के संकेत दिए हैं। खबर है कि पाकिस्तान के SUPARCO यानी स्पेश एंड अपर एटमॉस्पियर रिसर्च कमीशन को यह मिशन सौंपा गया है। खास बात है कि अब तक SUPARCO ने अपने दम पर और खासतौर से चीन की मदद के बगैर कोई भी अंतरिक्ष मिशन या सैटेलाइट लॉन्च नहीं किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन साल 2028 के Chang'e-8 मिशन के तहत चांद पर जाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें पाकिस्तान 35 किग्रा के रोवर देने वाला है। चीन इस मिशन के जरिए चांद के साउथ पोल की जानकारी जुटाना चाहता है। खास बात है कि भारत ने साल 2023 में चंद्रयान-3 के जरिए चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग कर कीर्तिमान स्थापित किया था। रिपोर्ट के अनुसार, SUPARCO पहले ही सरकारी फंडिंग में कमी के चलते काम ठीक से नहीं कर पा रही है। वहीं, यहां नेतृत्व से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं। इसके अलावा पाकिस्तान सैटेलाइट लॉन्च के लिए काफी ज्यादा चीन पर निर्भर है। साथ ही पाकिस्तान में कुछ ही विश्वविद्यालय हैं, जहां अंतरिक्ष संबंधी शिक्षा दी जाती है।  

सीएम भजनलाल शर्मा और दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी बहनों संग बांधा भाईचारे का बंधन

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर के बिड़ला सभागार में ‘आंगनबाड़ी बहन सम्मान समारोह’ को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और आंगनबाडी बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान शर्मा ने डीबीटी के माध्यम से प्रदेश की 1 लाख 21 हजार आंगनबाड़ी बहनों को राखी के उपहार स्वरूप 501-501 रुपये की राशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी बहनों को छाता एवं मिठाई भी उपहार स्वरुप भेंट किए गए। समारोह में मुख्यमंत्री ने कुपोषित बच्चों के लिए दूध की मात्रा 15 ग्राम से बढ़ाकर 25 ग्राम करते हुए दूध युक्त बालाहार प्रीमिक्स पैकेट का शुभारंभ भी किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी बहनों को पोषण शपथ भी दिलवाई।

सतना कलेक्टर ने पेश की मिसाल, साइकिल से दफ्तर जाकर दिया सादगी का संदेश

सतना  मध्य प्रदेश के सतना जिले में मंगलवार को एक अनोखा नजारा दिखा। कलेक्टर समेत कई अधिकारी साइकिल लेकर निकले। करीब 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर कलेक्टर अपने ऑफिस पहुंचे को यहां काम करने वाले लोग भी हैरान हो गए। रोज सरकारी गाड़ी से आने वाले कलेक्टर आज अचानक साइकिल से कैसे ऑफिस पहुंच गए। दरअसल, कमिश्नर बीएस जामोद के अपील के बाद सतना जिले में हर मंगलवार को ‘ साइकिल डे ’ के रूप में मनाने की अनूठी पहल की गई है। इस पहल की शुरुआत मंगलवार को देखने को मिली है। जब कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस सहित प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी साइकिल से दफ्तर पहुंचे। सुबह कलेक्टर अपने बंगले से संयुक्त कलेक्ट्रेट तक की करीब तीन किलोमीटर की दूरी 25 मिनट में साइकिल से तय की है। उनके साथ एसडीएम सिटी राहुल सलाडिया, तहसीलदार रघुराज नगर सौरभ मिश्रा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी साइकिल चलाते नजर आए। पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा रीवा संभाग के कमिश्नर ने एक अभिनव पहल शुरू की है। इस अभियान का मकसद वायु प्रदूषण में कमी, ईंधन की बचत, और स्वास्थ्य लाभ जैसे बहुआयामी उद्देश्यों को हासिल करना है। गाड़ियों से निकलने वाले धुएं में कमी आने से न केवल वायु प्रदूषण घटेगा, बल्कि शहर का पर्यावरण भी स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बनेगा। साइकिल चलाना एक बेहतरीन व्यायाम है, जो न केवल शरीर को तंदरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक रूप से भी ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही, यह निजी आर्थिक बचत और राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक है। महिला कर्मचारियों के लिए ई स्कूटी की सुविधा कमिश्नर द्वारा दी गई गाइडलाइन में महिला अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-स्कूटी या सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आने का विकल्प भी दिया गया है। इसके अलावा फील्ड विजिट के लिए पूल गाड़ी प्रणाली अपनाने की सलाह दी गई है। जिससे 2-3 अधिकारी मिलकर एक ही वाहन से क्षेत्रीय निरीक्षण कर सकें। इससे समन्वय बेहतर होगा और योजनाओं का त्वरित समाधान भी संभव होगा। साइकिल चलाने में आनंद आया कलेक्टर सतीश कुमार एस ने बताया कि यह एक अच्छी पहल है। स्वास्थ्य और फिटनेस के हिसाब से यह एक अच्छा माध्यम भी है। इसमें हम पर्यावरण के साथ साथ खुद के स्वास्थ्य को भी अच्छा रख सकते हैं। साइकिल से चलने में एक तरह से प्रदूषण में कमी आएगी। आज करीब तीन किलोमीटर साइकिल चलाकर टीम के साथ पहुंचा तो एक अलग ही आनंद महसूस कर रहा हूं।

नहर लाइनिंग और चैनल निर्माण के लिए रायपुर को 3.55 करोड़ की स्वीकृति

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग ने  मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिला के मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में गुडरू व्यपवर्तन नहर की लाईनिंग एवं आर.सी.सी. चैनल निर्मार्ण हेतु 3 करोड़ 54 लाख 80 हजार रुपये  की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के पूर्ण होने पर 486 हेक्टेयर खरीफ एवं 243 हेक्टेयर रबी सहित कुल 729 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्रीय किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कार्य अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत लघु सिंचाई योजना के मद से क्रियान्वित किया जाएगा, जिसके लिए वित्त विभाग द्वारा पूर्व में सहमति प्रदान की जा चुकी है। राज्य शासन द्वारा यह निर्देश दिया गया है कि स्वीकृत कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूर्ण कराएं। कार्य प्रारंभ करने से पहले तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जाएगी और निर्माण कार्य की ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन की स्वीकृति भी सक्षम अधिकारी से लिया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक हो, यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। निर्माण कार्य केवल उसी स्थिति में प्रारंभ किया जाएगा जब कम से कम 75 प्रतिशत भूमि बाधा रहित रूप से उपलब्ध हो। यदि भू-अर्जन की आवश्यकता हो, तो उसे स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर ही पूरा किया जाएगा और किसी अन्य मद की बचत राशि से भू-अर्जन नहीं किया जाएगा। यदि प्रस्तावित क्षेत्र में भू-अर्जन नहीं है तो निर्माण केवल शासकीय भूमि पर किया जाएगा, जिसके लिए भूमि का आबंटन सक्षम अधिकारी से कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद योजना का पूर्णता प्रमाण पत्र शासन को प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। इस निर्णय से मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे उनकी आय में भी वृद्धि की संभावना है।

टीम इंडिया बनी इंग्लैंड की सबसे बड़ी चुनौती, दशक भर से जारी विजय अभियान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम का इस दशक में इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में एकछत्र राज देखने को मिला है। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाफ अंग्रेज इस दशक में यानी 2020 के बाद से एक अदद सीरीज जीतने के लिए तड़प रहे हैं। टीम इंडिया ने हर फॉर्मेट में इंग्लैंड को चारों खाने चित किया हुआ है, जबकि बिग थ्री में शामिल इंग्लैंड की टीम पिछली 10 सीरीजों में एक भी सीरीज जीत नहीं पाई है। इंग्लैंड की टीम ने दो सीरीज ड्रॉ जरूर कराई हैं, लेकिन दोनों सीरीज टेस्ट सीरीज थीं और इंग्लैंड की सरजमीं पर खेली गई थीं। वहीं, टीम इंडिया टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को मिलाकर कुल 8 सीरीज 10 में से जीत ली हैं, जबकि दो सीरीजों का नतीजा ड्रॉ रहा है। इस तरह इंग्लैंड की टीम इस दशक में भारत के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज जीतने के मामले में खाली हाथ रही है। इंग्लैंड ने आखिरी बार भारत के खिलाफ वनडे सीरीज 2018 में जीती थी, जो इंग्लैड में खेली गई थी। 3 मैचों की सीरीज में भारत को 2-1 से हार मिली थी। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीते 10 साल भी ज्यादा का समय हो गया है। आखिरी बार भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने 2014 में टी20 सीरीज जीती थी, जो सिर्फ एक मैच था। 2018 में आखिरी टेस्ट सीरीज भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने जीती थी। पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की बात करें तो इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने ओवल में 6 रनों से जीत दर्ज करके सीरीज को 2-2 से बराबर किया। इंग्लैंड की टीम 3 मैचों के बाद 2-1 से आगे थी, लेकिन भारत ने चौथे मैच को ड्रॉ कराया और आखिरी मैच में शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज में बराबरी हासिल की। दोनों देशों के बीच अब अगली सीरीज इन्हीं दिनों अगले साल होगी, जो वनडे और टी20 सीरीज होगी।  

खाद्य सुरक्षा को लेकर कोरिया में सतर्कता, ‘बने खाबो-बने रहिबो’ के तहत शुरू हुई जांच

कोरिया : बने खाबो-बने रहिबो अभियान के तहत जिले में खाद्य सुरक्षा जांच कोरिया: ‘बने खाबो-बने रहिबो’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन जांच अभियान खाद्य सुरक्षा को लेकर कोरिया में सतर्कता, ‘बने खाबो-बने रहिबो’ के तहत शुरू हुई जांच मिठाई दुकानों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से लिए गए नमूने, जांच के लिए रायपुर भेजे गए कोरिया  राज्य शासन एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम एवं सुरक्षित खाद्य सुनिश्चित करने हेतु पूरे प्रदेश में विशेष अभियान श्बने खाबो-बने रहिबोश् चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरिया जिले में भी 4 से 6 अगस्त तक स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, रेस्टोरेंट्स, मिठाई दुकानों एवं अन्य खाद्य प्रदायकों की सघन जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मिठाई और खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए हैं। इनमें गणपति बिकानेर स्वीट्स, पटना से नारियल लड्डू और काजू कतली, बिकानेर स्वीट्स भंडार, आदर्श चौक, पटना से गोंद लड्डू, छप्पन भोग, जमगहना से बेसन लड्डू, मामाजी स्वीट्स से बूंदी और दिव्यांश स्वीट्स, खरवत से बेसन बर्फी शामिल हैं। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पर रोक लगाना है। उपभोक्ताओं को जागरूक करना भी है ताकि वे ताजे, स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थों का ही सेवन करें। विभाग ने खाद्य विक्रेताओं को भी निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ ही साफ-सुथरे बर्तनों, ताजे कच्चे माल और ढंके हुए खाद्य पदार्थों का उपयोग करें। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री या अस्वच्छता की जानकारी होने पर विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

SC नहीं बताएगा देशभक्त कौन है, सवाल पूछना देशद्रोह नहीं: प्रियंका गांधी का बयान

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता विपक्ष का बचाव करते हुए दो टूक कहा है कि कौन सच्चा भारतीय है? यह सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना राहुल गांधी की ड्यूटी है क्योंकि वह लोकसभा में नेता विपक्ष हैं। प्रियंका गांधी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें अदालत ने कहा था कि कोई भी सच्चा भारतीय ऐसी बातें नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “माननीय न्यायाधीशों के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए मैं ये कहना चाहती हूं कि वो यह तय नहीं कर सकते कि सच्चा भारतीय कौन है? सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है। मेरा भाई कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोलेगा, वह उनके प्रति उच्च सम्मान रखता है। इसका गलत मतलब निकाला गया है।” क्या थी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी? बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भारतीय सेना के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा था, ‘‘अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले में लखनऊ की एक अदालत में गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘‘आप विपक्ष के नेता हैं। आप संसद में बातें क्यों नहीं कहते हैं, आप सोशल मीडिया पर क्यों कहते हैं?’’ पीठ ने पूछा था, ‘‘आपको कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन चीनियों ने कब्जा कर ली है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय जानकारी है?’’ पीठ ने पूछा, ‘‘बिना किसी सबूत के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी। उन्होंने दलील देते हुए कहा, ‘‘अगर वह प्रेस में छपी ये बातें नहीं कह सकते, तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते।’’ पीठ की ‘‘सच्चे भारतीय’’ टिप्पणी पर सिंघवी ने कहा, ‘‘यह भी संभव है कि एक सच्चा भारतीय कहे कि हमारे 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और मार डाला गया। यह भी चिंता का विषय है।’’ इस पर शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘जब सीमा पार संघर्ष होता है, तो क्या दोनों पक्षों में हताहत होना असामान्य बात है?’’ सिंघवी ने कहा कि गांधी केवल उचित खुलासे और सूचना के दमन पर चिंता जताने की बात कर रहे थे। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि विपक्ष के एक जिम्मेदार नेता होने के नाते गांधी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था क्योंकि ऐसे सवाल उठाने के लिए एक उचित मंच मौजूद है। सिंघवी ने इस बात से सहमति जताई कि गांधी इस मामले में बेहतर तरीके से टिप्पणी कर सकते थे। उन्होंने कहा कि यह शिकायत याचिकाकर्ता को परेशान करने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।  

मध्यप्रदेश में साइबर क्राइम का कहर: सिर्फ 10% रकम हो पाई होल्ड, 5 साल में 1054 करोड़ की ठगी

भोपाल  मध्यप्रदेश साइबर ठगों के लिए सॉफ्ट टारगेट बन गया है। आंकड़े बताते हैं की पिछले 5 साल में प्रदेश के अंदर 1 हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी हुई है। साल 2021 से 13 जुलाई 2025 तक में साइबर ठगों ने नागरिकों से करीब 1054 करोड़ की ठगी की है। ये धोखाधड़ी बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन गेमिंग जैसे माध्यमों से की गई है। ठगी की राशि में से सिर्फ 10 फीसदी ही पुलिस होल्ड करवा पाई।  जब ठगी की राशि वापस नहीं आने कारण का पता लगाया तो सामने आया कि ठगी किसी और शहर में बैठकर की जाती और जिस अकाउंट में पैसा आता है वो किसी और शहर का रहता है और पैसा किसी तीसरे शहर में निकाला जाता है। ठगी की राशि जिस अकाउंट में जाती थी वो गरीब व्यक्ति का होता। साथ ही फ्रॉड के बाद 2 घंटे का समय गोल्डन पीरियड माना जाता है जिसमें राशि को फ्रीज करने की सबसे अधिक संभावना होती है लेकिन जागरूकता की कमी के चलते पीड़ित इतनी जल्दी पुलिस तक नहीं पहुंच पाते। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताए आंकड़े कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के सवाल के जवाब में सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि 2020 से 2024 तक साइबर क्राइम के मामलों में साल-दर-साल भारी इजाफा हुआ। जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में कुल 2.48 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 579 साइबर ठगी के केस थे। अभी तक सिर्फ 166 मामलों का निपटारा हो सका है। 2022 से जुलाई 2025 तक कुल 3541 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए, जिनमें से 717 का समाधान हो सका, जबकि 1575 केस अभी भी लंबित हैं। सबसे अधिक शिकार युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को बनाया गया है। साइबर क्राइम में कई गुना बढ़ोतरी पुलिस की चुनौती: रिकवरी बेहद कम 5 साल में कुल ठगी ₹1054 करोड़ होल्ड की गई राशि ₹105.21 करोड़ (करीब 10%) पीड़ितों को लौटी रकम ₹1.94 करोड़ (लगभग 2%) सायबर फ्रॉड गंभीर समस्या मध्यप्रदेश में बीते पांच सालों में साइबर ठगी ने गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि विधानसभा में हैरान करने वाले आंकड़े सामने आने के बाद भाजपा के विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने दावा किया कि सरकार लोगों को जागरूक करने के साथ, नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर इन पर अंकुश लगाने का काम कर रही है। हजारों केस अब भी अधूरे एक सिंगल क्लिक और आपका अकाउंट खाली, पैसे डबल होने के लालच कई बार इंसान को मुसीबत में डाल देते हैं अगर सायबर फ्रॉड से बचना है तो आपको जागरूक होना पड़ेगा, पुलिस की कोशिशों के बावजूद रिकवरी की दर बेहद कम है और हजारों केस अब भी अधूरे हैं।