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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ

भगवान गणेश, मां दुर्गा और महालक्ष्मी की प्रतिमाएं मिट्टी से ही निर्मित हों : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान गणेश सबके मनोरथ पूरे करें, कृपावंत का शुभाशीष सब पर बरसे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया ‘माटी गणेश- सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित ‘माटी गणेश–सिद्ध गणेश’ अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के पूजन से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि और रिद्धि-सिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान गणेश सबके मनोरथ पूर्ण करें। कृपावंत भगवान का शुभाशीष हम सब पर बरसे और हमारे प्रदेश में सुख-समृद्धि का सतत् संचार हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन अभियान परिषद के पदाधिकारियों से कहा कि भगवान गणेश, नवरात्रि में मां दुर्गा और दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी की प्रतिमाएं भी मिट्टी से ही निर्मित हो। इसके लिये जागरूकता अभियान भी चलाएं। उन्होंने कहा कि मिट्टी की प्रतिमाएं मिट्टी में ही समाहित हो जाती हैं, इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और गणेश चतुर्थी पर्व पर जन-जन को पवित्र माटी और गौमाता के गोबर से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि जल स्रोतों की स्वच्छता बनी रहे और प्राकृतिक संतुलन भी अक्षुण्ण रहे। पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल है "माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में निहित संकल्पना पर केन्द्रित एक सचित्र पोस्टर का विमोचन भी किया। परिषद् द्वारा पर्यावरण संरक्षण की नवाचारी पहल करते हुए 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में पर्यावरण हितैषी संस्थान नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड में परिषद् के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित-प्रशिक्षित कर मिट्टी की 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना करायी जायेगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संकल्पना गीत एवं पोस्टर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर भी उपस्थित थे। सभी ने संकल्प लिया कि इस वर्ष घरों में केवल मिट्टी और गौमाता के गोबर से बनी गणेश प्रतिमाएं ही स्थापित की जाएंगी और इन प्रतिमाओं का विसर्जन भी नितांत प्राकृतिक तरीके से ही किया जाएगा। म.प्र. जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ ने बताया कि परिषद् ने नर्मदा समग्र संस्था के साथ "माटी गणेश-सिद्ध गणेश" अभियान की नई पहल की है। परिषद् के प्रशिक्षित नेटवर्क द्वारा अपने ग्राम की महिलाओं को मिट्टी के गणेश भगवान की प्रतिमा बनाने के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित किया जायेगा, जिससे 'माटी गणेश-सिद्ध गणेश' घर-घर विराजित और विसर्जित होंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ेगी।  

मृणाल ठाकुर ने दर्शकों संग देखी ‘सन ऑफ सरदार 2’, ‘पहला तू दूजा तू’ गाने का किया हुक स्टेप

मुंबई,  मृणाल ठाकुर इन दिनों हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ को मिली सफलता का लुत्फ उठा रही हैं। फिल्म को देखते वक्त दर्शक किस तरह महसूस करते हैं और सीन पर उनकी कैसी प्रतिक्रिया होती है, यह देखने के लिए वह खुद थिएटर पहुंची। इस पल का वीडियो मृणाल ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जिसमें वह पूरी तरह से फिल्म को एन्जॉय करती नजर आ रही हैं। मृणाल कभी कॉमेडी सीन पर हंसती दिखती हैं, तो कभी ‘पहला तू, दूजा तू’ गाने पर सीट पर बैठे-बैठे हुक स्टेप करती नजर आती हैं। वीडियो के आखिर में वह थिएटर में मौजूद दर्शकों से फिल्म का रिव्यू भी पूछती हैं और सभी से उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलती हैं। इस वीडियो के साथ मृणाल ने एक दिल छू लेने वाला कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म ‘सीता रामम’ के बाद से उन्होंने एक छोटा-सा नियम बनाया कि वह हर नई फिल्म को थिएटर में जाकर दर्शकों के साथ देखेंगी, ताकि मेहनत का फल दर्शकों की हंसी, तालियों और उत्साह के रूप में महसूस कर सकें। मृणाल ने कैप्शन में लिखा, ”फिल्म ‘सीता रामम’ के समय से मैंने एक आदत बना ली है कि जब भी मेरी कोई नई फिल्म रिलीज होती है, तो मैं थिएटर में जाकर दर्शकों के साथ वह फिल्म देखती हूं। क्योंकि असली मजा तब आता है जब आप अपने लिए हंसी, तालियां और प्यार थिएटर में गूंजते हुए देखें। हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम यही है कि आपकी एनर्जी हमें वहां महसूस हो। अगर आपने अभी तक ‘सन ऑफ सरदार 2’ नहीं देखी है, तो जरूर थिएटर में जाकर देखिए। उम्मीद है कि फिल्म देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान आएगी, आप हंसेंगे, और आपका दिल थोड़ा और खुश हो जाएगा।” बता दें कि ‘सन ऑफ सरदार 2’ साल 2012 की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ का सीक्वल है। फिल्म में मृणाल ठाकुर के अलावा, अजय देवगन, रवि किशन, संजय मिश्रा, चंकी पांडे, नीरू बाजवा, कुब्रा सैत, रोशनी वालिया, दीपक डोबरियाल, विंदू दारा सिंह, शरद सक्सेना, अश्विनी कलसेकर, साहिल मेहता और दिवंगत मुकुल देव भी हैं। यह फिल्म 1 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज हुई।  

जनऔषधियों की कीमतों में कटौती पर मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनहितैषी निर्णय से लाखों लोगों को मिलेगा राहत – मुख्यमंत्री साय रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार द्वारा 37 आवश्यक औषधियों के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यह निर्णय उनके दूरदर्शी और जनकल्याणकारी नेतृत्व की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह निर्णय हृदय रोग, मधुमेह, संक्रमण, बुखार और दर्द जैसी आम लेकिन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत देगा। उन्होंने कहा कि इस मूल्य कटौती से पैरासिटामोल, एटोरवास्टेटिन, एमोक्सिसिलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएं अब और अधिक सुलभ और सस्ती हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी और ग्रामीण बहुल राज्य में यह निर्णय गरीबों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और वृद्धजनों के स्वास्थ्य हेतु अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के केंद्रों के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्राथमिक से लेकर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय केवल औषधियों की कीमत घटाने का नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को सशक्त बनाने का भी कदम है।

पित्त और कफ विकारों का घरेलू उपचार है गूलर

मोरासी परिवारी का सदस्य गूलर लंबी आयु वाला वृक्ष है। इसका वनस्पतिक नाम फीकुस ग्लोमेराता रौक्सबुर्ग है। यह सम्पूर्ण भारत में पाया जाता है। यह नदी−नालों के किनारे एवं दलदली स्थानों पर उगता है। उत्तर प्रदेश के मैदानों में यह अपने आप ही उग आता है। इसके भालाकार पत्ते 10 से सत्रह सेमी लंबे होते हैं जो जनवरी से अप्रैल तक निकलते हैं। इसकी छाल का रंग लाल−घूसर होता है। फल गोल, गुच्छों में लगते हैं। फल मार्च से जून तक आते हैं। कच्चा फल छोटा हरा होता है पकने पर फल मीठे, मुलायम तथा छोटे−छोटे दानों से युक्त होता है। इसका फल देखने में अंजीर के फल जैसा लगता है। इसके तने से क्षीर निकलता है। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार गूलर का कच्चा फल कसैला एवं दाहनाशक है। पका हुआ गूलर रुचिकारक, मीठा, शीतल, पित्तशामक, तृषाशामक, श्रमहर, कब्ज मिटाने वाला तथा पौष्टिक है। इसकी जड़ में रक्तस्राव रोकने तथा जलन शांत करने का गुण है। गूलर के कच्चे फलों की सब्जी बनाई जाती है तथा पके फल खाए जाते हैं। इसकी छाल का चूर्ण बनाकर या अन्य प्रकार से उपयोग किया जाता है। गूलर के नियमित सेवन से शरीर में पित्त एवं कफ का संतुलन बना रहता है। इसलिए पित्त एवं कफ विकार नहीं होते। साथ ही इससे उदरस्थ अग्नि एवं दाह भी शांत होते हैं। पित्त रोगों में इसके पत्तों के चूर्ण का शहद के साथ सेवन भी फायदेमंद होता है। गूलर की छाल ग्राही है, रक्तस्राव को बंद करती है। साथ ही यह मधुमेह में भी लाभप्रद है। गूलर के कोमल−ताजा पत्तों का रस शहद में मिलाकर पीने से भी मधुमेह में राहत मिलती है। इससे पेशाब में शर्करा की मात्रा भी कम हो जाती है। गूलर के तने को दूध बवासीर एवं दस्तों के लिए श्रेष्ठ दवा है। खूनी बवासीर के रोगी को गूलर के ताजा पत्तों का रस पिलाना चाहिए। इसके नियमित सेवन से त्वचा का रंग भी निखरने लगता है। हाथ−पैरों की त्वचा फटने या बिवाई फटने पर गूलर के तने के दूध का लेप करने से आराम मिलता है, पीड़ा से छुटकारा मिलता है। गूलर से स्त्रियों की मासिक धर्म संबंधी अनियमितताएं भी दूर होती हैं। स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव होने पर इसकी छाल के काढ़े का सेवन करना चाहिए। इससे अत्याधिक बहाव रुक जाता है। ऐसा होने पर गूलर के पके हुए फलों के रस में खांड या शहद मिलाकर पीना भी लाभदायक होता है। विभिन्न योनि विकारों में भी गूलर काफी फायदेमंद होता है। योनि विकारों में योनि प्रक्षालन के लिए गूलर की छाल के काढ़े का प्रयोग करना बहुत फायदेमंद होता है। मुंह के छाले हों तो गूलर के पत्तों या छाल का काढ़ा मुंह में भरकर कुछ देर रखना चाहिए। इससे फायदा होता है। इससे दांत हिलने तथा मसूढ़ों से खून आने जैसी व्याधियों का निदान भी हो जाता है। यह क्रिया लगभग दो सप्ताह तक प्रतिदिन नियमित रूप से करें। आग से या अन्य किसी प्रकार से जल जाने पर प्रभावित स्थान पर गूलर की छाल को लेप करने से जलन शांत हो जाती है। इससे खून का बहना भी बंद हो जाता है। पके हुए गूलर के शरबत में शक्कर, खांड या शहद मिलाकर सेवन करने से गर्मियों में पैदा होने वाली जलन तथा तृषा शांत होती है। नेत्र विकारों जैसे आंखें लाल होना, आंखों में पानी आना, जलन होना आदि के उपचार में भी गूलर उपयोगी है। इसके लिए गूलर के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसे साफ और महीन कपड़े से छान लें। ठंडा होने पर इसकी दो−दो बूंद दिन में तीन बार आंखों में डालें। इससे नेत्र ज्योति भी बढ़ती है। नकसीर फूटती हो तो ताजा एवं पके हुए गूलर के लगभग 25 मिली लीटर रस में गुड़ या शहद मिलाकर सेवन करने या नकसीर फूटना बंद हो जाती है।  

मुख्यमंत्री साय दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह में वर्चुअली हुए शामिल

  भगवान मधेश्वर की पावन धरा के विकास हेतु मिलेंगे 10 करोड़ रुपये, तीर्थ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम श्रीरामलला दर्शन योजना और तीर्थदर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिल रहा आध्यात्मिक लाभ रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया। श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं  देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही  है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है। श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है। इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन में आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है। समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।

Akon का धमाकेदार इंडिया टूर: 3 शहरों में LIVE कॉन्सर्ट, जानें टिकट बुकिंग की पूरी डिटेल

मुंबई शाहरुख खान और करीना कपूर पर फिल्माया गाना 'छम्मक छल्लो' याद है? वैसे ये गाना हर किसी को याद होगा, क्योंकि 'रा.वन' फिल्म के इस गाने ने उस साल खूब धूम मचाई थी। 14 साल पहले आए इस गाने के स्टेप्स अभी तक छाए हुए थे। इसके सिंगर एकॉन थे, जो अब भारत के तीन शहरों में जल्द ही लाइव परफॉर्मेंस देने वाले हैं। जानिए कब और कहां। 'छम्मक छल्लो' सिंगर Akon राजधानी दिल्ली में 9 नवंबर को धमाल मचाएंगे। इसके बाद वो अगली बार 14 नवंबर को बेंगलुरु में परफॉर्म करेंगे। फिर मुंबई में 16 नवंबर को लाइव परफॉर्मेंस होगी। इस दिन होगी एकॉन के शो के टिकटों की बिक्री एकॉन के शो के टिकट पहले से ही देश में सबसे ज्यादा मांग वाले टिकटों में से हैं। HSBC कार्ड होल्डर्स को 8 अगस्त दोपहर 1 बजे से इन टिकटों की शुरुआती सुविधा मिलेगी, जबकि अन्य लोग 10 अगस्त रात 10 बजे से टिकट खरीद सकते हैं। ये टिकट स्पेशली 'जोमैटो' के डिस्ट्रिटो पर उपलब्ध होंगे। एकॉन ने कहा- ये टूर खास होने वाला है एकॉन भारत में अपनी परफॉर्मेंस को लेकर काफी एक्साइटेड हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा उन्हें इतना प्यार दिया है कि ये उनके लिए दूसरे घर जैसा है। 'स्मैक दैट' सिंगर ने आगे कहा, 'एनर्जी, कल्चर और फैंस… सब कुछ एक अलग ही स्तर पर है। मैं वापस आकर और आप सभी के लिए लाइव परफॉर्म करने के लिए बेहद एक्साइटेड हूं। ये टूर कुछ खास होने वाला है- आइए मिलकर इतिहास रचें!' एकॉन ने बॉलीवुड में गाए दो गाने एकॉन ने बॉलीवुड मूवी 'रा.वन' (2011) के लिए दो हिंदी गाने गाए हैं। पहला 'छम्मक छल्लो', जो बहुत पॉपुलर हुआ था। इसमें शाहरुख खान और करीना कपूर ने डांस किया था। एकॉन ने इसी फिल्म का 'क्रिमिनल' गाना भी विशाल ददलानी और श्रुति पाठक के साथ गाया। दोनों गानों को विशाल-शेखर ने कंपोज किया था और इन्हीं से एकॉन को भारत में घर-घर में जाना गया। कई सिंगर्स और ब्रांड्स ने इंडिया में किया परफॉर्म एकॉन के अलावा 'ग्रैमी विनर' Enrique Iglesias भी इस साल मुंबई में लाइव परफॉर्म करेंगे। इस साल के आखिरी में उनका कॉन्सर्ट होगा। करीब 13 साल के लंबे समय के बाद वो भारत में टूर करने जा रहे हैं। हाल ही में कई इंटरनेशनल ब्रांड्स और आर्टिस्ट ने भारत में परफॉर्म किया है। इनमें दुआ लीपा से लेकर ब्रायन एडम्स, कोल्डप्ले, गन्स न रोसेस, मैरून 5, एलन वॉकर और ग्लास एनिमल्स तक शामिल हैं।

बांके बिहारी प्रबंधन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: फंड जेब में क्यों चाहिए?

नई दिल्ली वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर और उसके रखरखाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। शीर्ष न्यायालय ने मंदिर के प्रबंधन और उसके आस-पास के क्षेत्र के विकास पर निगरानी के लिए सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का संकेत दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बांके बिहारी प्रबंधन कमेटी से तीखे सवाल भी पूछे और सख्त टिप्पणी कीा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भगवान सबके हैं, आप क्यों चाहते हैं सारा फंड आपकी पॉकेट में जाए? सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि 15 मई को उत्तर प्रदेश सरकार को कॉरिडोर बनाने के लिए मंदिर के फंड के इस्तेमाल करने की दी गई अनुमति के आदेश को वापस लिया जा सकता है। सुनवाई मंगलवार, 5 अगस्त की सुबह 10:30 तक के लिए स्थगित कर दी गई है। मंदिर मैनेजमेंट कमेटी ने मंदिर के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार के अध्यादेश का विरोध करते हुए याचिका दाखिल की है। कमेटी ने 15 मई को आए सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी विरोध किया है जिसमें राज्य सरकार को बांके बिहारी कॉरिडोर बनाने के लिए मंदिर के फंड के इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने मंदिर कमेटी से तीखे सवाल किए। कोर्ट ने कहा, ‘मंदिर निजी हो सकता है, लेकिन देवता सबके हैं. वहां लाखों श्रद्धालु आते हैं. मंदिर का फंड श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े विकास में क्यों नहीं इस्तेमाल हो सकता? आप क्यों चाहते हैं कि सारा फंड आपके पॉकेट में ही जाए?’ सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के कानून को हाई कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए। 15 मई का आदेश वापस ले सकता है सुप्रीम कोर्ट? लगभग 50 मिनट चली सुनवाई के बाद जजों ने इस बात का संकेत दिया कि 15 मई के आदेश को वापस लिया जा सकता है। फिलहाल मंदिर के प्रबंधन के लिए रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जा सकती है। इसमें जिलाधिकारी को भी रखा जाएगा। क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की भी उसके आस-पास के विकास में मदद ली जाएगी। कोर्ट ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए उचित सुविधाओं का विकास जरूरी है। 15 मई के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? कोर्ट के सख्त सवालों के जवाब में दीवान ने कहा, ‘असल बात यह है कि हमें सुने बिना ऐसा आदेश सुप्रीम कोर्ट से कैसे आया? मामला कुछ और था, उसमें अचानक आदेश आ गया कि मंदिर का फंड कॉरिडोर बनाने के लिए लिया जाए। इससे सहमति जताते हुए कहा कि किसी जगह का विकास सरकार की जिम्मेदारी है। अगर उसे भूमि अधिग्रहण करना या तो वह ऐसा अपने पैसों से कर सकती है। मंदिर में धार्मिक गतिविधियों और मैनेजमेंट को लेकर दो गुटों में विवाद याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील श्याम दीवान ने कहा कि बांके बिहारी मंदिर एक निजी मंदिर है। उसमें धार्मिक गतिविधियों और मैनेजमेंट को लेकर 2 गुटों में विवाद था। राज्य सरकार ने बिना अधिकार उसमें दखल दिया. वह मामले को सुप्रीम कोर्ट ले आई और कॉरिडोर के लिए मंदिर के फंड के इस्तेमाल का आदेश ले लिया। इसके बाद जल्दी-जल्दी एक अध्यादेश भी जारी कर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि मंदिर की स्थापना करने वाले और सदियों से उसे संभाल रहे गोस्वामी प्रबंधन से बाहर हो गए।

गुवाहाटी थिएटर हादसा: ‘महावतार नरसिम्हा’ की स्क्रीनिंग के दौरान छत गिरी, 3 घायल

गुवाहाटी फिल्म 'महावतार नरसिम्हा' को देखते वक्त असम के गुवाहाटी में एक बड़ा हादसा हो गया। स्क्रीनिंग के दौरान PVR थिएटर की छत गिर गई, जिससे बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए। और अब वहां की अंदर की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। जिस पर लोग चिंता जता रहे हैं। घटना रविवार, 3 अगस्त को हुई, जब दर्शक फिल्म देखने में मशरूफ थे। और अचानक से छत का एक हिस्सा उनके ऊपर गिर गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। फिल्म 'महावतार नरसिम्हा' बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रही है। इसने 10 दिन के अंदर कुल 91.25 करोड़ कमा लिए हैं। इसके और भी पार्ट्स आने वाले वर्षों में रिलीज होंगे, जिसको लेकर अभी से ही दर्शकों में उत्सुकता है। हालांकि फिल्म की स्क्रीनिंग के समय गुवाहाटी में जो वाकया हुआ, वो चौंकाने वाला है। 'महावतार नरसिम्हा' को देखते समय घायल हुए लोग सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में छत और शीशे के टूटे हुए टुकड़े इधर-उधर बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं, और लोग भी गलियारे में डरे-सहमे से खड़े हैं। बताया जा रहा है कि PVR की छत गिरने के बाद फौरन फिल्म को बीच में रोक दिया गया और घायलों का फर्स्ट-एड दिया गया। इस घटना में तीन लोगों के चोटिल होने की खबर है। जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। 'महावतार नरसिम्हा' की स्क्रीनिंग के दौरान हादसा थिएटर के कर्मचारियों ने दर्शकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला और घटना का निरीक्षण करने के लिए उस हॉल को बंद कर दिया। साथ ही अब इसकी जांच हो रही है कि इतनी बड़ा हादसा कैसे हुआ। हालांकि पीवीआर सिनेमा और मॉल के मैनेजमेंट, जहां थिएटर स्थित है, ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

सिम्बेक्स अभ्यास ने बनाया रिकॉर्ड, SCS में भारत-सिंगापुर की रणनीतिक साझेदारी मजबूत

नई दिल्ली  भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (RSN) ने 28 जुलाई से एक अगस्त तक वार्षिक सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिमबेक्स) किया। रक्षा मंत्रालय ने यहां बताया कि अभ्यास के तहत इस वर्ष पहले आरएसएस सिंगापुर-चांगी नौसैनिक अड्डे पर तटीय चरण और उसके बाद दक्षिण चीन सागर (SCS) के दक्षिणी छोर पर समुद्री चरण का आयोजन किया गया। उसने बताया कि समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं के पोत और सिंगापुर गणराज्य वायु सेना (RSAF) के विमान शामिल हुए। आरएसएन ने ‘फोर्मिडेबल' (दुर्जेय) श्रेणी के फ्रिगेट ‘RSS सुप्रीम' और ‘विक्ट्री' (विजयी) श्रेणी के मिसाइल युद्धपोत ‘आरएसएस विजिलेंस' (MV मेंटर) को तैनात किया। भारतीय नौसेना ने शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा के साथ अभ्यास में भाग लिया। आरएसएएफ के एक एस70बी नौसैनिक हेलीकॉप्टर, दो फोकर-50 समुद्री गश्ती विमान और दो एफ-15एसजी लड़ाकू विमान भी इस अभ्यास में शामिल हुए। सिम्बेक्स 2025 का सफल आयोजन भारतीय नौसेना और आरएसएन के बीच स्थायी साझेदारी को रेखांकित करता है। आरएसएस के कमांडिंग ऑफिसर सुप्रीम लेफ्टिनेंट कर्नल आरोन कोह ने कहा, ‘‘सिम्बेक्स सिंगापुर गणराज्य की नौसेना और भारतीय नौसेना के बीच दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है। यह अभ्यास अभियानगत दक्षताओं को निखारने, आपसी समझ बढ़ाने और लोगों के बीच स्थायी संबंध बनाने की दिशा में नौसैन्य कर्मियों की पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान मंच के रूप में वर्षों से कार्य करता रहा है।'' सिम्बेक्स का पहली बार 1994 में आयोजन किया गया था। इस साल यह इस अभ्यास का 32वां संस्करण था। यह आरएसएन के सबसे लंबे समय से जारी द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में से एक है और भारत द्वारा किसी अन्य देश के साथ किया जाने वाला सबसे लंबा निरंतर द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है।    

त्योहार से पहले खुशखबरी! लाड़ली बहनों के खातों में जल्द आएंगे ₹1500

भोपाल   मध्यप्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जहां रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बहनों के खाते में 1500 सौ रुपए ट्रांसफर करेंगे। सीएम ने कहा कि मैं उज्जैन में इस परंपरा का पालन करता रहा हूं। अब लाड़ली बहन के माध्यम से हम पूरे प्रदेश में यह कार्यक्रम कर रहे हैं। नरसिंहगढ़ में जारी होगी 27वीं किस्त सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि इस साल नरसिंहगढ़ में हमारी बहनों के लिए इस महीने की रक्षाबंधन की किश्त वहीं से जारी होगी। हम इस साल अपनी लाडली बहनों की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये करने जा रहे हैं, और खासकर रक्षाबंधन पर हम 250 रुपये अलग से दे रहे हैं।  7 अगस्त को शगुन के रूप में मिलेंगे 250 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं मेरी बहने हैं यह मेरा मान है, सम्मान है, बहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृत संकल्पित है। आने वाले 7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपए की अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन के शगुन के रूप में दी जाएगी। जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है। यह राशि प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रुपए से अतिरिक्त होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन की बेस्ट लाइफ स्टाइल कंपनी में वर्तमान में 1500 बहनों को रोजगार मिल रहा है। आने वाले समय में 4 हजार बहनों को रोजगार मिलेगा। भाईदूज पर मिलेंगे 1500 रुपए सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार बहनों के जीवन में समृध्दि लाने के लिए कार्य कर रही है। राज्य सरकार बहनों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करती रहेगी। लाड़ली बहनों को वर्तमान में 1250 रुपए की राशि दी जा रही है। आगे उसे बढ़ाकर भाईदूज से 1500 रूपए कर दिए जाएंगे।  सीएम ने सैकड़ों महिलाओं से बंधवाई राखी नागझिरी क्षेत्र की बेस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी परिसर, रघुनंदन गार्डन, राधाकृष्ण गार्डन और होटल अथर्व में रखे रक्षाबंधन कार्यक्रम में उन्होंने सैकड़ों महिलाओं से राखी बंधवाई और यह संदेश दिया कि बहनों के सशक्तिकरण में सरकार पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने जबलपुर-रायपुर, रीवा-पुणे (हड़पसर) और भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस ट्रेनों को यहीं से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रेल दो स्टेशनों के साथ-साथ दो संस्कृतियों और जीवन शैलियों को जोड़ने का कार्य करती है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती है। सीएम मोहन योदव ने अपने एक बयान में कहा कि रक्षाबंधन पर 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की किस्त भेजे जाएंगे. इससे पहले लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की लाभार्थी महिलाओं को योजना की 26वीं किस्त 12 जुलाई 2025 को जारी की गई थी. उज्जैन के नलवा गांव में आयोजित ‘लाड़ली बहना सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1543.16 करोड़ रुपये की राशि सीधे 1.27 करोड़ बहनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की थी. जुलाई की इस किस्त में हर पात्र महिला को 1250 रुपये की मासिक सहायता दी गई थी, जो योजना की नियमित मंथली पेमेंट का हिस्सा है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 56.74 लाख वृद्ध, विधवा, दिव्यांग और अन्य पात्र नागरिकों को 340 करोड़ रुपये की राशि पेंशन के रूप में ट्रांसफर की थी. रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए 30 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना लाभार्थी बहनों को 46.34 करोड़ रुपये की राशि रिफिलिंग के लिए सीधे खातों में दी गई थी. क्या है लाड़ली बहना योजना? शुरुआत: जून 2023 में, महिलाओं की आर्थिक मदद और सम्मान बढ़ाने के लिए लाभार्थी: 21 से 60 वर्ष की विवाहित, तलाकशुदा या विधवा महिलाएं वर्तमान लाभ: मंथली 1250 रुपये नई घोषणा: अक्टूबर से मंथली 1500 रुपये सहायता राशि इस बार: 9 अगस्त को 1250 रुपये और 250 रुपये का रक्षाबंधन शगुन यह योजना क्यों है खास? 'लाड़ली बहना योजना' केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हर महीने की राशि से महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले सकती हैं, परिवार में उनकी भागीदारी बढ़ती है और आत्मसम्मान भी.