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फारूक अब्दुल्ला का विवादित दावा: ‘जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म नहीं हो सकता’

श्रीनगर   जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने प्रदेश में आतंकवाद को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान में जब तक हालात नहीं सुधरेंगे, तब तक कश्मीर में आतंकवाद कभी भी खत्म नहीं होने वाला है.  मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं दावा करता हूं कि यहां मिलिटेंसी कभी खत्म नहीं होगी, जब तक हमारे पड़ोसी देश और वहां के हालात बेहतर नहीं होते. मिलिटेंसी यहां तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान की स्थिति सुधर नहीं जाती.' वहीं, दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में पांच अगस्त को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है. पांच अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर के अनुच्छेद 370 के तहत दी गई विशेष स्थिति को रद्द कर दिया गया था. इस साल अब तक इतने आतंकवादी मारे गए इस साल की शुरुआत से अब तक सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में 59 आतंकियों को मार गिराया है. इनमें 31 आतंकी पाकिस्तान और 28 स्थानी आतंकी थे. ये आंकड़े गृह मंत्रालय और मीडिया के खबरों के अनुसार हैं.  पहलगाम हमले के बाद आतंकियों की खैर नहीं 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी थी. इस आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबल आतंकियों पर जबरदस्त प्रहार कर रहे हैं. 22 अप्रैल के बाद 6 अलग-अलग मुठभेड़ों में 21 आतंकवादी मारे गए.  फारूक अब्दुल्ला ने पहलगाम हमले पर क्या-क्या कहा था? पहलगाम हमले के बाद 24-25 अप्रैल को फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि इस तरह के आतंकवादी हमले इंसानियत के ख़िलाफ़ हैं. उन्होंने आतंक के ख़िलाफ़ स्थानीय लोगों से एकजुटता दिखाने की अपील की थी. 1 से 3 मई के बीच, उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान इस हमले के लिए सुरक्षा और खुफिया तंत्र की चूक को मुख्य वजह बताया था. उन्होंने सिंधू जल समझौते को स्थगित करने के फैसले पर भारत सरकार से इस मुद्दे पर दोबारा विचार करने की बात कही थी.  27 मई को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि जंग कोई समस्या का हल नहीं है, जंग से केवल बर्बादी आती है.

मुख्य सचिव अनुराग जैन का कार्यकाल अंतिम दौर में, विस्तार को लेकर हलचल

भोपाल  प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या उन्हें सेवा विस्तार मिलेगा या किसी नए वरिष्ठ अधिकारी को शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को पिछले वर्ष सितंबर में उस समय मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जब वे केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर थे।  उनकी नियुक्ति को केंद्र की प्राथमिकता माना गया था। यही वजह है कि अब उनके संभावित सेवा विस्तार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को सेवानिवृत्ति के दिन ही एक साल का सेवा विस्तार दिया, जबकि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का विस्तार मिला। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार नहीं दिया गया। ऐसे में मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।  यदि अनुराग जैन को सेवा विस्तार नहीं मिलता है, तो नए मुख्य सचिव के रूप में डॉ. राजेश राजौरा और अलका उपाध्याय के नामों की चर्चा है। जानकारों के मुताबिक, डॉ. राजेश राजौरा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। राजौरा वर्तमान में नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर मुख्य सचिव और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ है। वहीं अलका उपाध्याय केंद्र सरकार के मंत्रालय में कार्यरत हैं। जब अनुराग जैन को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब राज्य में नई सरकार बनी ही थी और उन्हें मुख्यमंत्री की पसंद के बजाय केंद्र से आए निर्देश के आधार पर चुना गया था।  अब जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगभग 20 माह से पद पर हैं और प्रशासनिक ढांचे से पूरी तरह परिचित हो चुके हैं, ऐसे में वे अपनी प्राथमिकता के अनुसार निर्णय ले सकते हैं। पिछले वर्षों में प्रदेश में कई मुख्य सचिवों को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें आर  परशुराम, बीपी सिंह, इकबाल सिंह बैन्स और वीरा राणा शामिल हैं। वीरा राणा की सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन ही केंद्र से निर्देश आने के बाद अनुराग जैन की नियुक्ति की गई थी। कुछ घटनाएं बन सकती हैं बाधा जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं के मामले को संभालने को लेकर भी मौजूदा मुख्य सचिव कार्यालय की भूमिका पर सवाल उठे थे। हालांकि, सरकार ने बाद में मंत्री को क्लीन चिट दे दी, लेकिन यह माना गया कि पूरे प्रकरण को सही ढंग से नहीं संभाला गया।   जेएन कंसोटिया भी हो जाएंगे सेवानिवृत्त  अनुराग जैन के साथ अगस्त में जेएन कंसोटिया भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कंसोटिया 12 अगस्त को 60 साल के हो जाएंगे। जैन और कंसोटिया दोेनों ही अधिकारियों ने 21 अगस्त 1989 को एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइंन की थी और अब दोनों ही सेवा नियमों के अनुसार 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। हालांकि मुख्य सचिव के लिए प्रदेश में पदस्थ और केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अन्य आईएएस अधिकारी भी दावेदारों में शामिल है। अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सीएस के नाम को लेकर चौंकाने वाले निर्णय लिए गए है। यहीं वजह है कि प्रदेश में अनुराग जैन के सेवा विस्तार को लेकर फिलहाल अभी स्थिति साफ नहीं है।   

यमन में समुद्री त्रासदी: डूबती नाव ने छीनी 68 ज़िंदगियाँ, सैकड़ों परिजनों की उम्मीदें टूटी

यमन खाड़ी में बेस देश यमन से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां रविवार को तड़के समुद्र तट के पास 154 प्रवासियों से भरी नाव पलटने से उसमें सवार 68 प्रवासियों की मौत हो गई। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि सभी प्रवासी इथियोपिया से थे, जो यमन होते हुए सऊदी अरब में रोजगार की तलाश में निकले थे। वहीं संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी ने बताया कि इस घटना में 74 अन्य लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। हादसा यमन के अबयान प्रांत के अपतटीय क्षेत्र में हुआ है। हादसे के बाद अभी तक केवल 10 लोगों को बचाया जा सका है, जिनमें नौ इथियोपियाई और एक यमनी नागरिक शामिल हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने इस घटना को हाल के वर्षों की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक करार दिया है. बचावकर्मी शवों की तलाश और संभावित जिंदा बचे लोगों को खोजने में लगातार जुटे हैं. यह सवाल बार-बार उठता जा रहा है कि अफ्रीका के लोग क्यों यमन जैसे संघर्षग्रस्त देश का रास्ता चुनते हैं? इसका उत्तर केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक भी है. गरीबी और बेरोजगारी से जूझते देश इथियोपिया और सोमालिया जैसे देशों में गरीबी, बेरोजगारी और अस्थिरता लोगों को मजबूर करती है कि वे जोखिम भरा समुद्री सफर तय करें. यमन, भले ही खुद गृहयुद्ध से जूझ रहा हो, फिर भी प्रवासियों के लिए खाड़ी देशों तक पहुंचने का रास्ता बना हुआ है. अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, 2024 में अब तक 60,000 से अधिक प्रवासियों ने यमन के रास्ते यात्रा की है, जबकि 2023 में यह संख्या 97,200 थी. यह गिरावट मुख्यतः समुद्री मार्गों पर सुरक्षा गश्त में बढ़ोतरी के कारण देखी जा रही है. प्रवासियों की सुरक्षा अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. 2023 में इस रास्ते पर 558 लोगों की मौत हुई थी और पिछले दस वर्षों में 2,082 से अधिक प्रवासी लापता हो चुके हैं. इन आंकड़ों में 693 की डूबने से मौत की पुष्टि की गई है. यह आंकड़े केवल संख्याएं नहीं हैं, बल्कि उन हज़ारों परिवारों की कहानियां हैं जो अपनों की खोज में दर-दर भटकते हैं. प्रवासियों को न केवल समुद्र की लहरों का सामना करना पड़ता है, बल्कि यमन पहुंचने के बाद उन्हें नजरबंदी, दुर्व्यवहार और अमानवीय स्थितियों में रहना पड़ता है. IOM ने पहले ही चेताया था कि यमन का रास्ता दुनिया के सबसे खतरनाक प्रवासन मार्गों में से एक है. इसके बावजूद, जोखिम के बावजूद प्रवासी लगातार इस मार्ग को चुनते हैं. यमन में मानवीय संकट और राजनीतिक पृष्ठभूमि यमन 2014 से ही गृहयुद्ध की चपेट में है. हूती विद्रोहियों और यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के बीच हुए युद्ध ने देश को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है. हालांकि, अप्रैल 2022 में एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिससे हिंसा में कुछ कमी आई, लेकिन देश अब भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से अस्थिर है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में यमन में लगभग 380,000 प्रवासी और शरणार्थी मौजूद हैं. इनमें से कई सुरक्षा की तलाश में हैं, जबकि कुछ खाड़ी देशों तक पहुंचने के लिए यमन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

टीम इंडिया का ओवल पर धमाका! गिल की अगुवाई में अंग्रेजों के जबड़े से निकाली जीत

 ओवल  वाह टेस्ट क्रिकेट, वाह टीम इंड‍िया… क्या जबरदस्त मैच रहा. क्या शानदार तरह से जीता. भारतीय टीम के ल‍िए मैच में जीत के हीरो मोहम्मद सिराज और प्रस‍िद्ध कृष्णा रहे, ज‍िन्होंने क्रमश: 5 और 4 विकेट झटककर भारतीय टीम की झोली में जीत डाल दी. भारत की यह 6 रनों की जीत टेस्ट क्रिकेट में रनों के अंतर के ल‍िहाज से सबसे कम अंतर की जीत रही.  ओवल मैच की पहली पारी में पिच पर घास ज्यादा थी, जिससे गेंदबाजों को काफी मदद मिली. भारत की ओर से करुण नायर ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक लगाया, साथ में साई सुदर्शन और वॉशिंगटन सुंदर ने भी थोड़ा योगदान दिया जिससे भारत ने किसी तरह 200 का आंकड़ा पार किया. इस तरह टीम इंड‍िया 224 रन पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड के लिए गस एटकिंसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट लिए.  जवाब में इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की और सिर्फ 13 ओवर में 92 रन बना लिए. लेकिन फिर मोहम्मद सिराज ने दूसरी सेशन में कमाल की गेंदबाजी की और इंग्लैंड की मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गई. इंग्लैंड की टीम 247 रन पर सिमट गई. दूसरी पारी में पिच थोड़ी आसान हो गई और यशस्वी जायसवाल ने इस दौरे का अपना दूसरा शतक लगाया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी तेज अर्धशतक मारा. भारत ने इस तरह इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का बड़ा लक्ष्य दिया.  लेकिन इंग्लैंड ने इस लक्ष्य को आसानी से हासिल करने की कोशिश की. शुरुआत बेन डकेट ने की, फिर जो रूट ने पारी को संभाला और आखिर में हैरी ब्रूक ने धमाकेदार 111 रन (सिर्फ 98 गेंदों में) बनाए और लग रहा था कि इंग्लैंड आसानी से जीत जाएगा.  ओवल टेस्ट आख‍िरी दिन कैसे पलटा?  आखिरी दिन (4 अगस्त) को मैच रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया. भारत को जीत के ल‍िए 4 व‍िकेट चाहिए थे और इंग्लैंड को 35 रन. पांचवें द‍िन मैच की शुरुआत में इंग्लैंड ने दो चौके मारे और लगा कि वे जीत जाएंगे, लेकिन वह आत्मविश्वास झूठा निकला. सिराज ने पहले जैमी स्मिथ को आउट किया, फिर जैमी ओवरटन को LBW किया.  इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा ने जोश टंग को बोल्ड किया. जब इंग्लैंड को सिर्फ कुछ रन चाहिए थे, तब एटकिंसन ने एक बड़ा शॉट मारा लेकिन फील्डर आकाश दीप कैच पकड़ने में चूक गए और गेंद छक्के के लिए चली गई. अब इंग्लैंड को सिर्फ 6 रन चाहिए थे, तभी सिराज ने एक शानदार यॉर्कर फेंका और एटकिंसन का स्टंप उड़ा दिया. इंग्लैंड की टीम 6 रन से हार गई.  कुल मिलाकर, 25 दिन तक चली यह टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच बेहद रोमांचक और यादगार रहा. भारत ने लगभग हार चुके मैच को जीत में बदल दिया. यही टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती है.  क्रिस वॉक्स ने टूटे कंधे के बावजूद बैटिंग की भारत और इंग्लैंड के बीच ओवल टेस्ट मैच के आखिरी दिन बेहद रोमांचक हो चुके मैच में क्रिस वॉक्स ने टूटे कंधे के बावजूद बैटिंग के लिए मैदान पर कदम रखा. अपनी टीम की डूबती लुटिया को बचाने के लिए  जो उनकी हिम्मत और जुझारूपन की इस वक्‍त हर कोई तारीफ कर रहा है. वो मैदान पर एक हाथ से बैटिंग करते नजर आए. क्रिकेट में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां खिलाड़ियों ने चोट के बावजूद खेल को प्राथमिकता दी. साउथ अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ ने साल 2008-09 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में चोटिल कंधे के साथ एक हाथ से बैटिंग की थी. सिडनी टेस्ट में उनके कंधे में गंभीर चोट लगी, फिर भी उन्होंने नाबाद 36 रन बनाए. यह प्रदर्शन उनकी दृढ़ता का प्रतीक था. स्मिथ ने टीम की जरूरत को समझते हुए दर्द को नजरअंदाज किया, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने मैच बचा लिया. यह पल क्रिकेट इतिहास में उनकी वीरता के लिए याद किया जाता है. वेस्‍टइंडीज के माल्कम मार्शल ने इंग्लैंड के खिलाफ, लीड्स 1984 टेस्‍ट मैंच में भी ऐसा ही किया था. उन्‍होंने एक हाथ से बैटिंग का अनोखा रिकॉर्ड बनाया था. उनके बाएं हाथ में प्लास्टर था, फिर भी उन्होंने नौवें विकेट के लिए लैरी गोम्स का साथ दिया. मार्शल ने एक हाथ से चार रन बनाए और गोम्स को शतक पूरा करने में मदद की. यह बलिदान वेस्टइंडीज की जीत में महत्वपूर्ण था और उनकी बहादुरी को अमर कर गया. वेस्‍टइंडीज के ब्रायन लारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2005 में सेंट जॉन्स टेस्ट में चोटिल हाथ के साथ एक हाथ से बैटिंग की. उनकी उंगली में फ्रैक्चर था, लेकिन उन्होंने टीम को संकट से निकालने के लिए बल्ला थामा. लारा ने 20 रन बनाए, जो उनकी तकनीक और हिम्मत को दिखाता है. यह प्रदर्शन वेस्टइंडीज के लिए प्रेरणादायक था, भले ही मैच हारा गया. सचिन तेंदुलकर साल 2004 में पाकिस्तान में मुल्तान टेस्ट के दौरान टेनिस एल्बो की चोट के बावजूद एक हाथ से खेले थे. उनकी बांह में दर्द था, लेकिन उन्होंने 194 रन की ऐतिहासिक पारी खेली. हालांकि यह पूरी तरह एक हाथ से नहीं थी, लेकिन चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन असाधारण था, जो क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार है. इंजमाम-उल-हक (पाकिस्तान) – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ, 1999: चैंपियंस ट्रॉफी में इंजमाम-उल-हक ने टूटी हुई कोहनी के साथ एक हाथ से बैटिंग की थी. उन्होंने 21 रन बनाए और टीम को संभाला. यह प्रदर्शन उनकी नेतृत्व क्षमता और जुझारूपन को दर्शाता है, जो पाकिस्तानी क्रिकेट में मील का पत्थर रहा. क्रिस वोक्स का हालिया कारनामा इन महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो सकता है. एक हाथ से बैटिंग न केवल शारीरिक साहस की मांग करती है, बल्कि टीम भावना का भी प्रतीक है. यह परंपरा क्रिकेट के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद की जाएगी.

शानवी शर्मा का गौरवमयी सम्मान: सागर की बेटी को स्काउट गाइड में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार

सागर  मध्य प्रदेश के सागर जिले की होनहार छात्रा शानवी शर्मा को स्काउट गाइड में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय ढाना में कक्षा 11वीं की छात्रा शानवी हाल ही में राज्य स्तरीय स्काउट गाइड पुरस्कार से भी सम्मानित हुई हैं। शानवी को यह सम्मान कटनी में आयोजित सात दिवसीय विशेष स्काउट गाइड कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला। इस शिविर में प्रतिभागियों का मूल्यांकन उनकी यूनिफॉर्म की स्वच्छता, लकड़ी और रस्सियों से उपयोगी वस्तुएं बनाने की क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और सेवा भावना के आधार पर किया गया था। शानवी ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता दिखाई और दूसरों की मदद करने में भी मिसाल पेश की। छोटी उम्र से स्काउट गाइड से जुड़ाव शानवी का स्काउट गाइड से जुड़ाव तीसरी कक्षा से शुरू हुआ था। पिछले छह वर्षों में उन्होंने ट्रैकिंग, पेट्रोलिंग, प्राथमिक उपचार, रस्सियों का उपयोग कर निर्माण कार्य और आपदा प्रबंधन जैसे कई अहम कौशल सीखे हैं। शानवी का मानना है कि स्काउट गाइड केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सीख है जिसने उन्हें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सेवा की भावना दी है। बहुआयामी प्रतिभा की धनी शानवी पढ़ाई के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी अव्वल रही हैं। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत नागालैंड सॉन्ग प्रस्तुत कर उन्होंने अपने विद्यालय को द्वितीय स्थान दिलाया। साथ ही, कला उत्सव और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी वह सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। संगीत में विशेष रुचि रखने वाली शानवी हारमोनियम, तबला और ढोलक जैसे वाद्ययंत्रों में दक्ष हैं। हाल ही में आयोजित बधाई डांस प्रतियोगिता में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। डॉक्टर बनकर करना चाहती हैं समाजसेवा शानवी का सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का है। उनका मानना है कि एक अच्छा इंसान बनना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि वह सागर जिले और पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।    

बारिश का कहर बरसेगा अगले 24 घंटे, इन जिलों में अलर्ट जारी

लखनऊ यूपी में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। इसका असर यह हुआ है कि राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 अगस्त को भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी इलाकों में आज गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी यूपी के भी कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में तो भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट – बहुत भारी बारिश की चेतावनी इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है: मथुरा, हाथरस, आगरा, संभल, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर। इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इन जिलों में येलो अलर्ट – भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, यानी यहां भी भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है: नोएडा, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती। इन जिलों में सामान्य बारिश की संभावना इन जिलों में आज कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है: ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, महोबा, बांदा, फतेहपुर, चित्रकूट, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, चंदौली, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशांबी, कुशीनगर, गाजीपुर, वाराणसी। बाढ़ से बिगड़े हालात, रेस्क्यू जारी लगातार बारिश से प्रदेश के 17 से ज्यादा जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। गंगा, यमुना और अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच चुका है। इससे सैकड़ों गांवों में पानी भर गया है और कई इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया है।प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उन्हें जरूरी दवाएं और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही हैं। तापमान में मामूली गिरावट की संभावना मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। क्या करें, क्या न करें:     अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें     बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहें     बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी में रखें     बिजली गिरने के समय खुले स्थानों से बचें     प्रशासन की चेतावनियों और निर्देशों का पालन करें  

सिंहस्थ आयोजन से पहले किसानों को बड़ी राहत, मिलेगा स्पेशल मुआवजा पैकेज

उज्जैन  सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे (special package of compensation) का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन ने किया था अनुरोध विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों (MP Farmers) की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। जिस तरह सिंहस्थ जरूरी, उसी तरह किसान हित जरूरी सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ 2028 जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा। लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं और उनके भाइयों के लिए बड़ी खबर, सीएम ने किया ऐलान सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 1500 रुपए करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि दीपावली लाड़ली बहनों के लिए बेहद शुभ होने वाली है। ये पर्व इनके लिए मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेकर आया है। मां लक्ष्मी की कृपा से दीपावली पर पड़ने वाली भाईदूज से प्रदेश की करोड़ों लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि दी जाएगी। यानी हर महीने 1500 रुपए लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र बहनों के खाते में भेजी जाएगी। यही नहीं सीएम ने लाड़ली बहनों को खुशखबरी देते हुए ये भी ऐलान किया है कि जल्द ही लाड़ली बहना योजना की पात्र युवा बहनों और उनके युवा भाइयों को रोजगार भी दिया जाएगा। उज्जैन में की घोषणा बता दें कि सीएम मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये ऐलान किया है। जहां उन्होंने बहनों से राखी भी बंधवाई। यही नहीं उन्होंने रक्षाबंधन के उपहार को लेकर तारीख की भी घोषणा की है। उन्होंने लाड़ली बहना को राखी पर नेग देने की तारीख का ऐलान करते हुए कहा कि नेग देने की तारीख तय हो गई है। 7 अगस्त को 1250 रुपए की किस्त ट्रांसफर करेंगे। इसी दिन राखी का नेग 250 रुपए भी देंगे। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को 1500 रुपए मिलेंगे। मोहन सरकार 1600 करोड़ खातों में 1905 करोड़ रुपए भेजेगी। वहीं दिवाली की भाईदूज से यह राशि हर माह 1500 रुपए ही दी जाएगी। सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावितों को मिलेगा स्पेशल पैकेज प्रदेश के मुखिया सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ क्षेत्र में प्रभावित होने वाले किसानों के लिए भी स्पेशल मुआवजे का ऐलान किया है। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सीएम डॉक्टर मोहन यादव से अनुरोध किया था कि लैंड पुलिंग में जिन किसानों की जमीन अधिगृहित की जा रही है, उन्हें गाइड लाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलेगा। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। विधायक की इस माग को सीएम मोहन यादव ने गंभीरता से लिया और कहा कि ऐसी ही स्थिति विक्रम उद्योगपुरी में भी बन रही थी, वहां के किसानों को स्पेशल पैकेज दिया गया है। सीएम ने आगे कहा कि जिस तरह हमारे लिए सिंहस्थ जरूरी है, उसी तरह किसानों का हित भी जरूरी है। सीएम ने कहा, किसान घबराएं नहीं, भले ही उन्हें मुआवजा गाइडलाइन के हिसाब से कम मिला हो, लेकिन उन्हें स्पेशल पैकेज के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में आई रफ्तार, मुंबई-अहमदाबाद यात्रा होगी महज 2 घंटे की

मुंबई  देश में पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train In India) चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं और इससे जुड़े तमाम काम तेजी से पूरे किए जा रहे हैं. मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली इस पहली बुलेट ट्रेन (Mumbai Ahmedabad Bullet Train) को लेकर अब एक बड़ा अपडेट सामने आया है. जी हां, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को कहा कि, 'भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा बहुत जल्द शुरू होगी और इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय करीब दो घंटेरह जाएगा.'  जल्द शुरू होने वाली है बुलेट ट्रेन केंद्रीय रेलवे मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने रविवार को गुजरात के भावनगर टर्मिनस से अयोध्या एक्सप्रेस, रीवा-पुणे एक्सप्रेस और जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और इस कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए Bullet Train को लेकर ये बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन से मुंबई से अहमदाबाद के बीच की दूरी महज 2 घंटे और 7 मिनट में पूरी होगी. इस बीच इसकी शुरुआत को लेकर टाइमलाइन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह बहुत जल्दी चालू होने वाली है और इसे लेकर तेजी के साथ काम चल रहा है. बता दें कि रेलवे मिनिस्ट्री (Ministry Of Railway) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर लगातार Bullet Train Project को लेकर युद्धस्तर पर जारी काम के बारे में अपडेट शेयर किया जाता रहता है. बीते दिनों ही एक पोस्ट में रेलवे की ओर से बताया गया था कि मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR Corridor) पर एक बड़े निरंतर सुरंग खंड का काम सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है, जो उस 21 किलोमीटर की सुरंग का एक हिस्सा है, जिससे होकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन गुजरेगी.  अमृत भारत में  Vande Bharat के फीचर कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन (Amrit Bharat Train) नई चालू हुई है और अभी करीब 8 गाड़ियां ऐसी चलाई जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि अमृत भारत गाड़ी में वंदे भारत जैसे फीचर हैं, लेकिन ये एकदम कम किराये की गाड़ी, एकदम कम टिकट वाली ट्रेन है. उनके मुताबिक, पोरबंदर-राजकोट नई डेली ट्रेन जल्दी चालू होगी. राणावाव स्टेशन पर नई कोच मेंटिनेंस फैसिलिटी, सरदिया-वासजालिया नई लाइन, फिर भद्रकाली गेट, पोरबंदर शहर में नया फ्लाईओवर, भावनगर में 2 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और एक नया पोर्ट बनने वाला है.  वंदे भारत स्लीपर भी जल्द  इसके साथ ही अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे का सेफ्टी पर बहुत फोकस है, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान है. उन्होंने कहा कि Indian Railway का हर तरीके से विकास हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का ऐसा प्रयास है. इसके साथ ही एक और बड़ा अपडेट जारी करते हुए उन्होंने बताया कि बहुत जल्द ही वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper Train) भी आने वाली है.  11 साल में रेलवे में बड़ा परिवर्तन रेल मंत्री ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय रेलवे में हुए बदलावों के बारे में बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का रेलवे के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव है. उनका ध्यान हमेशा इस बात पर रहता है कि रेलवे को कैसे विकसित करें, कैसे नई टेक्नोलॉजी लाएं और इसका कैसे विस्तार करें. अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, बीते 11 वर्षों में रेलवे में बहुत नए काम चालू किए गए हैं और बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है. फिलहाल, 1300 स्टेशनों का नवनिर्माण किया जा रहा है, जो आज की तारीख में दुनिया में स्टेशन के नवनिर्माण का सबसे बड़ा काम है. इसके अलावा 11 वर्षों में 34000 किमी नए रेलवे ट्रैक बनाए गए हैं, डेली करीब 12 किमी नए ट्रैक बनते हैं, जोकि इतिहास में कभी नहीं हुआ.

भजनलाल शर्मा की सुरक्षा में लापरवाही! चार्टर विमान की गलत लैंडिंग से बढ़ा खतरा

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के चार्टर विमान की गलत लैंडिंग का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। घटना 31 जुलाई दोपहर करीब 3 बजे की है, जब सीएम दिल्ली से फालौदी के लिए फाल्कन-2000 चार्टर विमान से रवाना हुए थे। विमान को फालौदी के एयरफोर्स स्टेशन पर उतरना था, लेकिन पायलटों की गलती से वह पास ही स्थित सिविल एयरस्ट्रिप पर उतर गया। रनवे पर लैंड करते ही पायलटों को अपनी चूक का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत विमान को दोबारा टेक-ऑफ कराया। करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित फालौदी वायुसेना स्टेशन पर फिर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। अब इस मामले में DGCA ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम भजनलाल के प्लेन की इसिलए कराई गई गलत लैडिंग       चार्टर कंपनी ने इस चूक की सूचना DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) को दी। जांच में सामने आया कि दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा और भौगोलिक स्थिति आपस में काफी मिलती-जुलती हैं। इसी वजह से पायलटों को कन्फ्यूजन हुआ और यह बड़ी चूक हो गई।     DGCA सूत्रों के अनुसार, पायलटों को उड़ान से पहले दोनों एयरफील्ड की सटीक जानकारी नहीं दी गई थी। यही इस चूक का मुख्य कारण माना जा रहा है। पायलटों से क्यों हुई चूक? डीजीसीए सूत्रों के अनुसार, इस चूक का मुख्य कारण फलौदी में दो हवाई पट्टियों की समान भौगोलिक स्थिति है। फलौदी में सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के रनवे की दिशा और बनावट में काफी समानता है, जिसके चलते पायलट भ्रमित हो गए। इसके अलावा, उड़ान से पहले पायलटों को दोनों हवाई अड्डों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग को और सख्त करना होगा। चार्टर कंपनी ने डीजीसीए को इस गलत लैंडिंग की स्वैच्छिक रिपोर्ट दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि सिविल एयरस्ट्रिप और वायुसेना स्टेशन के बीच करीब 5-10 किलोमीटर का फासला है, लेकिन दोनों की समान विशेषताओं के चलते पायलटों से गलती हो गई। डीजीसीए ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम और वापसी? बता दें, लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से रामदेवरा पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ घंटे बिताए। इसके बाद वे उसी विमान से फलौदी वायुसेना स्टेशन से जयपुर लौटे। विमान रात में दिल्ली वापस चला गया। सूत्रों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के लिए बेहतर तालमेल की जरूरत है। फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है फाल्कन बताते चलें कि फाल्कन-2000 एक फ्रांसीसी व्यावसायिक जेट है, जो 8-10 यात्रियों को 6,000 किलोमीटर की रेंज तक ले जा सकता है। डीजीसीए की जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि पायलटों को उड़ान-पूर्व ब्रीफिंग में क्या कमियां थीं और इस चूक को कैसे रोका जा सकता था। क्योंकि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ऑपरेटरों को उड़ान-पूर्व प्रक्रियाओं को और मजबूत करना होगा। क्यों राजस्थान के पायलट ड्यूटी से हटे     सुरक्षा पर सवाल DGCA ने तत्काल प्रभाव से दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस तरह की गलती अगर मिलिट्री एरिया में होती तो सुरक्षा और कानूनी संकट खड़ा हो सकता था।     सीएम भजनलाल शर्मा घटना के बाद हेलीकॉप्टर से रामदेवरा दर्शन के लिए गए और फिर फालौदी लौटकर उसी विमान से जयपुर पहुंचे। बाद में विमान दिल्ली रवाना हो गया। DGCA ने इस मामले को सुरक्षा में गंभीर चूक माना     दोनों एयरस्ट्रिप की दिशा, भौगोलिक स्थिति और पहचान—पायलटों को उड़ान से पहले स्पष्ट तौर पर पता होनी चाहिए थी।     सैन्य हवाईपट्टी के बजाय सिविल एयरस्ट्रिप पर उतरने से सुरक्षा, परिचालन और संभावित कानूनी संकट पैदा हो सकता था।     घटना के बाद चार्टर कंपनी ने खुद यह पूरी रिपोर्ट विभाग को दी, और जांच में पाया गया कि उड़ान से पहले पर्याप्त ब्रीफिंग और सतर्कता नहीं बरती गई थी।     इसी गंभीर प्रोफेशनल लापरवाही और सुरक्षा के मद्देनज़र DGCA ने दोनों पायलटों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय उद्यमियों के लिए वरदान बनी रैम्प योजना, जिला कार्यशाला में मिली नई दिशा

रैम्प योजना अंतर्गत उद्यमियों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन रैम्प योजना के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न, उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन स्थानीय उद्यमियों के लिए वरदान बनी रैम्प योजना, जिला कार्यशाला में मिली नई दिशा बिलासपुर विश्व बैंक समर्थित भारत सरकार की योजना रैम्प  अंतर्गत प्रार्थना भवन खारंग जल संसाधन परिसर बिलासपुर में उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम’’ का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के तत्वाधान में आयोजित किया गया।  कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को हरित बनाने में सहायता करना ऋण तक पहुंच को सुगम बनाना बाजार तक पहुंच बनाना विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान करना एवं इस संबंध में भागीदारों के साथ चर्चा परिचर्चा कर समाधान करना मुख्य उद्देश्य है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.आर.टेकाम के द्वारा प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराते हुए नवीन उद्यम स्थापना के संबंध में औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत प्रावधान, अनुदान, रियायतें छूट एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर रैम्प योजना एवं पीएमएफएमई योजनाओं का राज्य स्तर से आये श्री योगेश शर्मा एवं श्री भूषण के द्वारा विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बैंकर्स से यथासंभव सहयोग करने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमी, पीएमएफएमई व पीएमईजीपी योजना के हितग्राही व जिले के प्रमुख बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैक सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों ने भाग लेकर उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं के लाभों की जानकारी दी गई।     कार्यक्रम का अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा के द्वारा अपने उद्बोधन में ऋण हेतु किये गये आवेदनों पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करने का आश्वासन दिया गया, प्रतिभागियों के द्वारा किये गये प्रश्नों के उत्तर से प्रतिभागी आश्वस्त हुए। इसी कड़ी में लीड बैंक अधिकारी श्री दिनेश उरांव के द्वारा विभिन्न बैंक शाखाओं में शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों पर स्वीकृति एवं वितरित करने में विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य पूर्ति करने में कटिबद्ध होना बताया गया। सफल उद्यमी के रूप में मेसर्स रानीसती उद्योग औ.क्षे. तिफरा के इकाई स्वामी श्री पुरूषोत्तम अग्रवाल के द्वारा अपने उद्बोधन में छोटे एवं कम लागत से उत्पादन प्रारंभ करके बड़े उद्योग तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान की जानकारी दी गयी।      कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागी शामिल हुए एवं उनके जानकारी प्राप्त करने की उत्सुकता और उत्तर प्रतिउत्तर से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी श्री एल.के.लाकरा महाप्रबंधक, श्री सी.डी. प्रसाद महाप्रबंधक, श्री संतोष धुर्वे महाप्रबंधक, श्री सत्येंद्र वर्मा प्रबंधक, श्री सुनील पाण्डेय प्रबंधक, श्री ए.श्रीधर राव प्रबंधक, श्रीमती रेवती झलरिया प्रबंधक, श्रीमती आरती झलरिया प्रबंधक, एवं अन्य कर्मचारियों के साथ जिले में नियुक्त डीआरपी उपस्थित रहे।