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IND-US ट्रेड समझौते पर नई डेडलाइन तय, अमेरिकी टीम जल्द करेगी दिल्ली दौरा

नई दिल्ली भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता विनिर्माण क्षेत्र, मजबूत डिजिटल ढांचा, नवाचार क्षमता और कुशल मानव संसाधन अमेरिका की तकनीक, निवेश, आधुनिक शोध और कारोबार में उसकी मजबूत स्थिति को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लक्ष्य है कि साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा, यह दिखाता है कि दोनों अर्थव्यवस्थाएं कितनी तेजी से एक-दूसरे के करीब आ रही हैं और भरोसा कितना बढ़ा है। गोर ने ये बातें अमेरिकी वाणिज्य मंडल के वार्षिक लीडरशिप समिट में कहीं।   '20 वर्षों में 220 अरब डॉलर से अधिक हुआ व्यापार' उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार लगभग 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। यह करीब 11 गुना की बढ़ोतरी है, जो मजबूत आर्थिक संबंधों और भरोसे को दर्शाता है। सर्जियो गोर ने कहा कि आज भारत और अमेरिका एक-दूसरे के बड़े व्यापारिक साझेदार बन चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर हफ्ते अमेरिकी दूतावास में आने वाले लोगों से प्रभावित होते हैं और यह देखते हैं कि अमेरिका की बड़ी कंपनियों के प्रमुख अब भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। उबर, वॉलमार्ट, बोइंग, लॉकहीड और जीई जैसी बड़ी कंपनियों के अधिकारी लगातार भारत आ रहे हैं। यह दिखाता है कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि हम इस डील को फाइनल करने के लिए उत्‍सुक हैं, जिससे मार्केट पहुंच का विस्‍तार होगा, बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के व्‍यवसायों के लिए ज्‍यादा निश्चितता पैदा होगी. अगर यह डील सही ढंग से होती है तो यह सप्‍लाई चेन को मजबूत करेगा, नए निवेशों को बढ़ावा देगा और समावेशी विकास को गति देगा. जिससे उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा लाभ होगा।  दोनों देशों के बीच बातचीत जारी  अंतरिम समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने वाशिंगटन गया था. अब उम्मीद है कि तकनीकी चर्चाओं के अगले दौर के लिए अमेरिकी  प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत का दौरा करेगा. इसी शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आगामी अमेरिकी दौरे की पुष्टि की और राजदूत के समय-सीमा संबंधी आशावाद का समर्थन किया।  23 मई को मार्को रुबियो आ रहे भारत  जब उनसे पूछा गया कि क्या द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी आगामी भारत यात्रा पर जाएंगे, तो गोयल ने स्पष्ट किया कि वह उनके साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन अगले महीने उनके आने की कुछ योजना है. रुबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू करने वाले हैं, जो देश की उनकी पहली यात्रा होगी और इसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग शामिल होगा।  व्यापार समझौते पर अंतिम चरण में बातचीत द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मकसद ऐसा समझौता करना है, जिससे अमेरिकी कंपनियों और कामगारों को अधिक अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि अस्थायी व्यापार समझौते पर दोनों देशों के बीच चल रहा वार्ता अंतिम चरण में है और इससे दोनों देशों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि नया समझौता बाजार तक पहुंच आसान बनाएगा, व्यापार की बाधाएं कम करेगा और कारोबार को स्थिरता देगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, निवेश बढ़ेगा और विकास को गति मिलेगी।  उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका गया था और अगले महीने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा, ताकि बातचीत आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि यह बातचीत पिछले डेढ़ साल से चल रही है, जबकि यूरोपीय संघ के साथ समझौते में लगभग 19 साल लगे थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में यह समझौता पूरा हो जाएगा। भारतीय बाजार में निवेश कर रहीं अमेरिकी कंपनियां उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश लगातार बढ़ रहा है। भारतीय कंपनियां अमेरिका में दवा, विनिर्माण और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं, जबकि अमेरिकी कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने का वादा किया है, जो बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि हर देश का दूतावास निवेश लाने की कोशिश करता है। लेकिन इस मामले में भारत में अमेरिकी दूतावास को दुनिया में पहला स्थान मिला है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। 

भारत में 2050 तक किस धर्म के कितने अनुयायी होंगे? सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

नई दिल्ली भारत में इस समय जनगणना चल रही है और माना जा रहा है कि जनगणना के पूरी होने के बाद देश की आबादी के आंकड़ों में काफी बदलाव देखने को मिल सकता है. दरअसल सिर्फ भारत की ही जनगणना नहीं बल्कि 2050 तक अनुमान लगाया जा रहा है कि दुनिया की धार्मिक आबादी में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. अमेरिकी थिंक टैंक प्यू रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दशकों में मुस्लिम आबादी सबसे तेजी से बढ़ेगी, जबकि हिंदू आबादी में भी बढ़ोतरी जारी रहेगी. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत 2050 तक हिंदू बहुसंख्यक देश बना रहेगा. लेकिन दुनिया में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी भी भारत में ही रहने वाली है. वहीं मौजूदा समय में इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले वर्षों में यह स्थिति बदल सकती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2050 तक भारत में हिंदू जनसंख्या कितनी हो जाएगी और कितने लोग इस्लाम और दूसरे धर्म मानेंगे।  2050 तक कितनी होगी हिंदू और मुस्लिम आबादी? प्यू रिसर्च के अनुसार साल 2010 में दुनिया की कुल आबादी करीब 6.9 अरब थी जो 2050 तक बढ़कर 9.3 अरब तक पहुंच सकती है. इसी दौरान मुस्लिम आबादी में सबसे तेज वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 2010 के मुकाबले 2050 तक मुस्लिम आबादी करीब 73 फीसदी बढ़ सकती है. वही हिंदुओं की आबादी में लगभग 34 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान है. रिपोर्ट के अनुसार 2010 में दुनिया में मुसलमानों की आबादी करीब 1.6 अरब थी जो 2050 तक बढ़कर लगभग 2.76 अरब हो जाएगी. दूसरी तरफ हिंदुओं की आबादी 1.3 अरब से बढ़कर 1.38 अरब तक पहुंच सकती है।  दुनिया की आबादी में कितना हिस्सा होगा?  आंकड़ों के अनुसार 2010 में दुनिया की कुल आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी 23.2 फीसदी थी, जो 2050 तक बढ़कर करीब 29.7 फीसदी हो सकती है. वहीं हिंदुओं की हिस्सेदारी 15 फीसदी से मामूली घटकर 14.9 फीसदी रहने का अनुमान है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगले चार दशकों तक ईसाई दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह बने रहेंगे, लेकिन मुस्लिम आबादी तेजी से उनके करीब पहुंच जाएगी।  भारत में क्या होगी स्थिति? रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2050 तक हिंदू आबादी सबसे ज्यादा रहेगी. अनुमान है कि उस समय भारत में हिंदुओं की आबादी करीब 1.29 अरब हो सकती है. वहीं मुस्लिम आबादी 31 करोड़ से ज्यादा पहुंचने का अनुमान है, यानी दुनिया की कुल मुस्लिम आबादी का लगभग 11 फीसदी हिस्सा अकेला भारत में रहेगा. अगर अनुमान सही साबित होते हैं तो 2050 तक भारत की कुल आबादी करीब 166 करोड़ हो सकती है, जिसमें लगभग 78 फीसदी हिंदू और 18 फीसदी मुस्लिम होंगे. वहीं 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की आबादी 121 करोड़ से ज्यादा थी. इसमें हिंदुओं की संख्या 96.63 करोड़ और मुस्लिमों की संख्या 17.22 करोड़ थी. कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 79.8 फीसदी और मुस्लिमों की 14.2 फीसदी थी. इनके अलावा ईसाई 2.3 फीसदी और सिख 1.7 फीसदी आबादी का हिस्सा थे। 

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8th Pay Commission में इंक्रीमेंट नियमों पर चर्चा तेज

नई दिल्ली  केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर आ रही है. सरकार अभी आठवें वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर अलग-अलग संगठनों से बातचीत कर रही है और उनकी राय जान रही है. इसी बीच, केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों मतलब स्टाफ साइड (Staff Side) ने सरकार के सामने कुछ स्पेशल मांगें रखी हैं. अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में हर साल होने वाली बढ़ोतरी दोगुनी हो जाएगी और न्यूनतम वेतन भी पहले से कई गुना बढ़ जाएगा।  कर्मचारियों के संगठनों ने राष्ट्रीय संयुक्त परामर्श तंत्र (National Council of Joint Consultative Machinery) के जरिए आठवें वेतन आयोग को एक मांग पत्र भेजा है. इस मांग पत्र में सबसे बड़ी बात यह कही गई है कि कर्मचारियों की सैलरी की समीक्षा के लिए अब 10 साल का लंबा इंतजार नहीं होना चाहिए. महंगाई और बदलते आर्थिक हालातों को देखते हुए हर 5 साल में सैलरी को दोबारा तय किया जाना चाहिए. इसके साथ ही, संगठनों ने मांग की है कि कर्मचारियों की सालाना वेतन बढ़ोतरी (Annual Increment) की दर को मौजूदा 3% से बढ़ाकर सीधे 6% कर दिया जाए. कर्मचारियों का मानना है कि महंगाई के इस दौर में ठीक-ठाक जीवन जीने के लिए इतना इंक्रीमेंट बहुत जरूरी है।  न्यूनतम सैलरी कितनी हो..? संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि आठवें वेतन आयोग के तहत अलग-अलग पे स्केल्स को आपस में मिला देना चाहिए. इसके अलावा, सबसे निचले स्तर लेवल-1 (Level 1) के कर्मचारी की न्यूनतम शुरुआती सैलरी करीब 69,000 रुपये प्रति महीना की जानी चाहिए. संगठनों का कहना है कि एक अच्छा और सही वेतन ढांचा देश के लिए बहुत जरूरी है. इससे सरकारी नौकरी में बेहतरीन और टैलेंटेड युवाओं को आकर्षित किया जा सकेगा, पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को नौकरी में बनाए रखा जा सकेगा और सरकारी कामकाज में भी तेजी आएगी।  खर्च नहीं, देश की तरक्की में एक निवेश है सैलरी बढ़ाना आमतौर पर माना जाता है कि वेतन आयोग लागू होने से सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ता है. अभी सरकार अपनी कुल कमाई का करीब 13% हिस्सा कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन पर खर्च करती है. नया वेतन आयोग आने से यह खर्च और बढ़ेगा. लेकिन कर्मचारी संगठनों का नजरिया बिल्कुल अलग है. उनका कहना है कि सैलरी पर होने वाले इस खर्च को बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक निवेश (Investment) की तरह देखा जाना चाहिए. जब कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी, तो बाजार में उनकी परचेजिंग पावर बढ़ेगी. लोग ज्यादा सामान खरीदेंगे तो बाजार में डिमांड बढ़ेगी और जब मांग बढ़ेगी तो सरकार के पास टैक्स के रूप में ज्यादा पैसा वापस आएगा. इस तरह यह पूरा चक्र देश की आर्थिक तरक्की में मदद करेगा. बता दें कि आठवें वेतन आयोग को अपनी पूरी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपने में करीब 18 महीने का समय लग सकता है। 

सोलर, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे और गारमेंट सेक्टर में होगा हजारों करोड़ का निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने 17 बड़ी कंपनियों को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में आवंटन पत्र प्रदान किए। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आएगा और 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। खास बात यह है कि अधिकांश कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई है। इन परियोजनाओं से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला राज्य नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक उद्योगों का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है।  हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सोलर और हरित ऊर्जा क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश सीईएससी ग्रीन पावर लि. द्वारा किया जा रहा है। आरपी-संजीव गोयनका समूह की यह कंपनी 100 एकड़ क्षेत्र में 3 गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹3805 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. 25 एकड़ क्षेत्र में 4 गीगावाट क्षमता की सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में ₹1146 करोड़ का निवेश होगा और 500 रोजगार सृजित होंगे। इन दोनों परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश हरित ऊर्जा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभरता दिखाई दे रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और डाटा सेक्टर को नई ताकत सूचना प्रौद्योगिकी एवं आईटीईएस क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। आर्सेनल इन्फोसॉल्यूशंस प्रा. लि. ₹71.19 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस इकाई स्थापित करेगी, जिससे 1140 रोजगार सृजित होंगे। कंपनी ने 40 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की बात कही है। वर्चुअल एंप्लॉयी प्रा. लि. ₹48 करोड़ निवेश कर आईटी/आईटीईएस परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 600 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह एमॅड्यूस इंडिया प्रा. लि. ₹160 करोड़ की सूचना प्रौद्योगिकी परियोजना स्थापित करेगी, जिससे 275 रोजगार सृजित होंगे। क्वार्क्स टेक्नॉसॉफ्ट प्रा. लि. डाटा प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी। कंपनी इसके लिए ₹47.47 करोड़ निवेश कर लगभग 1800 युवाओं को रोजगार देगी। इससे प्रदेश में डाटा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। *इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण क्षेत्र में तेजी साइनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। कंपनी इसमें ₹37.19 करोड़ निवेश कर 300 लोगों को रोजगार देगी। इसी तरह, समरकूल होम एप्लायंसेज लि. इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹46.13 करोड़ निवेश करेगी और 532 रोजगार उपलब्ध कराएगी। एंजिलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. इलेक्ट्रिकल कंट्रोल पैनल, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स रिले निर्माण क्षेत्र में ₹35 करोड़ निवेश करेगी, जिससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। अल्फ़ा कम्युनिकेशन एलएलपी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और वायर निर्माण क्षेत्र में ₹42.59 करोड़ निवेश कर 150 रोजगार सृजित करेगी। एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. पावर ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद और ईवी चार्जर निर्माण क्षेत्र में ₹66 करोड़ का निवेश करेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. घरेलू उपकरण, पर्सनल केयर उपकरण और इलेक्ट्रिकल उत्पाद निर्माण क्षेत्र में ₹91 करोड़ निवेश करेगी तथा 500 रोजगार उपलब्ध कराएगी। रेलवे, वस्त्र और पैकेजिंग उद्योग को भी बढ़ावा जेएमवी एलपीएस लि. रेलवे सिग्नलिंग उत्पाद निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹54.80 करोड़ की इस परियोजना से 405 लोगों को रोजगार मिलेगा और 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. रेडीमेड वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹70 करोड़ की इस परियोजना से 1992 रोजगार सृजित होंगे। इसमें 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। ऋद्धि सिद्धि पेपर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण परियोजना स्थापित करेगी। ₹59.09 करोड़ की इस परियोजना से 172 लोगों को रोजगार मिलेगा। कंपनी ने 85 प्रतिशत स्थानीय रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है। स्मार्ट ऊर्जा और आधुनिक तकनीक पर फोकस एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. स्मार्ट एनर्जी मीटर और डाटा एनालिसिस परियोजना स्थापित करेगी। ₹40.52 करोड़ की इस परियोजना से 217 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें 90 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का प्रावधान रखा गया है। एमएए पेट प्रा. लि. हाई बैरियर एआई आधारित पीईटी शीट निर्माण इकाई स्थापित करेगी। ₹29.84 करोड़ की इस परियोजना से 68 लोगों को रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यीडा के अंतर्गत 17 निवेशकों को प्रदान किए भूमि आवंटन पत्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के अंतर्गत 17 निवेशकों को शुक्रवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए। निवेशकों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने अब टूरिज्म, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट के विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन के रूप में खुद को स्थापित किया है। आपने उत्तर प्रदेश के ब्रांड अंबेस्डर के रूप में प्रदेश की नई छवि को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। यूपी में निवेश करने वाले निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार के सहयात्री हैं। 9 साल पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र था सीएम योगी ने कहा कि हम लोगों ने जिस जेवर क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया है और जिस क्षेत्र में आपको अलाटमेंट लेटर वितरित किए गए हैं, आज से 9 वर्ष पहले यह भारत का सबसे डरावना क्षेत्र हुआ करता था। वहां गंभीर आपराधिक घटनाएं होती थीं। शाम पांच-साढ़े पांच बजे के बाद आवागमन बंद हो जाता था। लाइफ सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही हुआ करती थी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था, लेकिन आज जेवर, यीडा क्षेत्र में जो परिवर्तन दिख रहा है, वह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, और यही हाल यूपी के हर जनपद का है। 2017 के पहले माफिया को वितरित किए गए थे जनपद सीएम ने कहा कि 2017 के पहले सत्ता के सामानांतर माफिया का साम्राज्य हुआ करता था। हर जनपद में भय व दहशत का माहौल था। महिलाएं बाजार या रोजगार के लिए बाहर जाती थीं तो परिवार की चिंता होती थी कि वे सूर्यास्त के पहले वापस आ जाएं। व्यापारी 6 बजे के पहले प्रतिष्ठान बंद करने पर मजबूर थे। सड़कें गड्ढों से भरी थीं। कनेक्टिविटी, बिजली की हालत बुरी थी। बमुश्किल 4-5 घंटे बिजली मिल जाए तो लोग खुद को भाग्यशाली मानते थे। हर माफिया को अलग-अलग जनपद वितरित किए गए थे। माफिया व आपराधिक गिरोह के लोग जनपद व थाने का संचालन करते थे। सरकार के पास नीति, नीयत, सुरक्षा व लैंडबैंक भी नहीं था।  विकास की पहली शर्त है सुरक्षा सुरक्षा को विकास की पहली शर्त बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए अनुकूल वातावरण बनाना पड़ता है। असुरक्षित वातावरण में कुछ भी नहीं हो सकता। आज यूपी में बिना रोकटोक, बिना लेनदेन, उद्योग-व्यापार अनुकूल नीतियों के लाभ दिखाई दे रहे हैं। अब यूपी का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे बढ़िया है। देश में यदि प्रतिस्पर्धा हो तो यूपी टॉप राज्यों में होगा। एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा और चार लाख किमी. का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी के पास है। हर जिला मुख्यालय फोर-लेन, तहसील या ब्लाक मुख्यालय फोर-लेन/टू-लेन से जुड़ा है। यूपी की एयरकनेक्टिविटी सबसे अच्छी है। 2017 से पहले यूपी में डेढ़ एक्सप्रेसवे, दो एयरपोर्ट संचालित थे। आज 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, उसमें से पांच अंतरराष्ट्रीय हैं। छह एयरपोर्ट पर हम काम कर रहे हैं, एयरक्राफ्ट मिल जाएं तो इन्हें भी बहुत जल्द संचालित करेंगे। निवेश के स्थान पर सारी सुविधाएं उपलब्ध  निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 16 हजार किमी. का रेल कॉरिडोर है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईस्टर्न/वेस्टर्न) का जंक्शन भी यूपी में है। जिस क्षेत्र में आपका निवेश हो रहा है, वहां रोड, फ्रेट कॉरिडोर, विश्व स्तरीय एयर कनेक्टिविटी भी है। वह क्षेत्र लाजिस्टिक हब बनने जा रहा है। यूपी के पास पहली रैपिड रेल, पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी से हल्दिया) संचालित है। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने यूपी में लंबी छलांग लगाई है। सात शहरो में मेट्रो का संचालन हो रहा है।  यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा मुक्त सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब माफिया, गुंडा, कर्फ्यू, अराजकता, दंगा से मुक्त है। यहां हर व्यक्ति, निवेशक को सुरक्षा की गारंटी है। हम निवेशक को केवल निवेशक नहीं मानते, बल्कि वह इन्वेस्टर पार्टनर के रूप में यूपी सरकार के साथ विकास में सहभागी बनकर कार्य करता है। यूपी में निवेश करने वाला निवेशक प्रदेश के विकास में सरकार का सहयात्री है। वह यूपी के नौजवानों को रोजगार देता है, उन्हें स्किलफुल बनाता है। सरकार हर निवेशक का यूपी में स्वागत करती है। सीएम ने बताई यूपी की विकास गाथा सीएम योगी ने कहा कि यूपी के पास 34 सेक्टोरल पॉलिसी हैं। एफडीआई की डेडिकेटेड पॉलिसी, फॉर्चून 500 की पॉलिसी है। 25 हजार हेक्टेयर का बड़ा लैंडबैंक यीडा के पास विकसित करने जा रहे हैं। बीडा नए इंडस्ट्रियल सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ लैंड उपलब्ध होगी। यूपी बना देश की इकॉनमी का ब्रेकथ्रू सीएम ने बताया कि गत वर्ष 156 करोड़ पर्यटक यूपी में आए। यूपी कभी बीमारू नहीं था। राजनीतिक नेतृत्व की मानसिकता ने इसे बीमार बनाया था। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला राज्य था। गुंडों के पीछे दुम दबाकर चलने की प्रवृत्ति और माफिया के सामने नतमस्तक होने वाले राजनीतिक नेतृत्व ने यूपी को बीमारू बनाया था, जब स्वस्थ मानसिकता के साथ डबल इंजन सरकार आई तो यूपी आज देश का इकॉनमी का ब्रेकथ्रू बन चुका है। आज अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर यूपी में निवेश हो रहा है। 15 जून से जेवर एयरपोर्ट से शुरू होगी घरेलू उड़ान सीएम योगी ने कहा कि फरवरी में प्रधानमंत्री जी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। इसमें कार्गो व एमआरओ की भी सुविधा होगी। 15 जून से घरेलू उड़ान शुरू होगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाएं प्रारंभ होंगी। सीएम ने एयरपोर्ट को समय-सीमा के अंदर शुरू करने में सकारात्मक योगदान देने के लिए यमुना अथॉरिटी के सीईओ व उनकी टीम को धन्यवाद दिया।  जहां आपको भूमि आवंटित हो रही, वह सोने के भाव की है सीएम ने निवेशकों से कहा कि आपको जहां भूमि आवंटन किया जा रहा, वह भूमि सोने के भाव की है। यह केवल यूपी-भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में निवेश की सबसे उर्वर भूमि है। जो वहां जाएगा, वही संभावनाओं को समझ पाएगा। आज से 9 वर्ष पहले जब गोरखपुर में निवेश के लिए कहा जाता तो निवेशक हंसकर टाल देते थे, लेकिन पांच वर्ष में हुए निवेश से गोरखपुर में 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। यही हाल यूपी के हर क्षेत्र का है। देवरिया में पेपर मिल चल रही है। महिलाओं को … Read more

शनिवार का राशिफल: किसे मिलेगा धन लाभ, किस राशि के सामने आएंगी चुनौतियां

मेष राशि– आज मेष राशि के लोग अच्छे मूड में हो सकते हैं और आप इस दिन का इस्तेमाल किसी अच्छे काम करने में लगा सकते हैं। सितारे आपके पक्ष में हैं और आज आप जो कुछ भी करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। रिश्ते की खटास को खत्म करने के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। जरूरी कार्यों को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे के बीच करना लाभकारी रहेगा। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मचिंतन करने का है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। कार्यस्थल पर आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपका कोई सपना पूरा हो सकता है। जरूरी कामों को करने के लिए दोपहर बाद का समय भाग्यशाली रहने वाला है। कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज कार्यस्थल पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। लक्ष्यों को पाने के लिए फोकस बनाए रखें। धन की स्थिति में सुधार होगा। कार्यों की बाधाएं खत्म होंगी। कुछ लोगों को प्रमोशन या पदोन्नति भी मिल सकती है। आज आप अपने पेशेवर करियर को बढ़ाने के लिए अपनी रणनीति भी बना सकते हैं। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए चुनौतीपूर्ण दिन का संकेत हो सकती है। आज आपको अपने मन में चल रही कई बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कई कामों को एक साथ निपटाने की गलती न करें, वरना मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। धन की स्थिति उतार-चढ़ाव वाली रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उत्साह भरा हो सकता है। पुराने दोस्तों से मिलने का प्लान बन सकता है। आज आनंदमय समय का आनंद लें और कोशिश करें कि चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचें। महत्वपूर्ण कार्यों को निपटा लें, भाग्य का साथ मिलने का संकेत है। धन का आवक बढ़ेगा। निवेश के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। कन्या राशि– आज कन्या राशि वालों को जीवनसाथी का साथ मिलेगा। पेशेवर जीवन में अच्छा बदलाव देखने को मिल सकता है। धन की स्थिति उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है, इसलिए किसी भी बड़े निवेश से पहले रिसर्च करना जरूरी है। दोपहर बाद महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाना लाभकारी रहेगा। तुला राशि- आज तुला राशि वाले अपनी मेहनत के दम पर कार्यों में सफलता पाएंगे। लोग आपके काम से प्रभावित होंगे और तारीफ भी करेंगे। कार्यस्थल पर सीनियर्स आपके द्वारा लिए गए फैसलों से खुश होंगे, जिसका असर अप्रेजल पर पड़ सकता है। आज आप लक्ष्यों को पाने में सफल रहेंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। आर्थिक रूप से दिन बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वालों का आज नजरिया काफी बदल जाएगा। कोई स्थिति आपके जीवन में सकारात्मकता ला सकती है। आपके जीवन में नया मोड़ आ सकता है, जो आपके सपनों को साकार करने में मदद करेगा। आर्थिक व व्यावसायिक रूप से दिन भाग्यशाली साबित होगा। धनु राशि- आज धनु राशि वालों पर चंद्रमा का खास प्रभाव रहेगा। आज आपके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। पेशेवर जीवन में तरक्की मिल सकती है। विवाहित जातक जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। आज का दिन आत्मचिंतन के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाला है। भविष्य के लिए आप कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। दोपहर बाद आर्थिक स्थिति में बदलाव हो सकता है। मकर राशि- मकर राशि वाले आज का दबाव होने के कारण थका हुआ महसूस कर सकते हैं। मन को शांत रखें और धैर्य के साथ काम करें। सेहत में सुधार होगा। कार्यों में सफलता पाने के लिए दोपहर 3 बजे के बाद का समय आपके लिए भाग्यशाली रहेगा। आय के नए सोर्स बनेंगे और पुराने साधनों से भी रुपए-पैसे आने की संभावना है। कुंभ राशि– कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन अपने दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने का है। आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा। यात्रा के योग बन रहे हैं। आप पहले से ज्यादा ऊर्जावान और तरोताजा महसूस कर सकते हैं। काम से जुड़ी बातों को लेकर तनाव नहीं लें। दोपहर बाद आपको आर्थिक लाभ होने के संकेत हैं, हालांकि खर्चों पर नजर रखें। मीन राशि- मीन राशि वाले आज काफी सकारात्मक महसूस कर सकते हैं। आपको व्यावसायिक और व्यक्तिगत जीवन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि सेहत पर नजर बनाए रखें। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे। व्यापारियों के लिए आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। नौकरी पेशा करने वाले जातक सतर्क रहें। धन के मामले में दिन सामान्य नजर आ रहा है।  

बालाघाट के सांदीपनि विद्यालय का छात्र जाएगा नासा, शैक्ष्रणिक भ्रमण के लिए हुआ चयन

भोपाल प्रदेश के बालाघाट जिले स्थित सांदीपनि विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र  मयंक मात्रे ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल कर मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। आईएसएससी 2026 में  मयंक मात्रे ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता के आधार पर उनका चयन प्रतिष्ठित नासा एजुकेशन टूर के लिए हुआ है।  मयंक की यह उपलब्धि प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनकी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। “Grand Winner” घोषित मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसी क्रम में बालाघाट जिले के सांदीपनि विद्यालय वारासिवनी के कक्षा 12वीं के छात्र मयंक मात्रे ने आईएसएससी (International Space Science Competition) में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर विद्यालय एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ उन्हें “Grand Winner” घोषित किया गया तथा आगामी सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले नि:शुल्क नासा एजुकेशन टूर (USA) के लिये चयनित किया गया है। यह प्रतियोगिता Go4Guru द्वारा देशभर के स्कूल एवं महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाती है। सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों को आईएसएससी 2026 प्रतियोगिता की जानकारी दिए जाने के बाद इच्छुक विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में मयंक ने 8 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया। 4 मई को घोषित परिणामों में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-5 प्राप्त कर देशभर के शीर्ष 17 विद्यार्थियों में स्थान बनाते हुए फाइनल राउंड के लिए चयनित हुए। इसके बाद 15 मई 2026 को जूम के माध्यम से आयोजित लाइव फाइनल राउंड में नासा से संबद्ध शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रतिनिधियों एवं Go4Guru टीम की उपस्थिति में प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में त्वरित उत्तर आधारित विभिन्न क्विज राउंड हुए, जिनमें प्रतिभागियों को कुछ ही सेकंड में उत्तर प्रस्तुत करना था। देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के मध्य प्रतिस्पर्धा करते हुए मयंक ने सर्वाधिक 155 अंक प्राप्त किए और आईएसएससी 2026 के विजेता घोषित हुए। इस उपलब्धि के अंतर्गत मयंक का चयन आगामी नासा शैक्षणिक भ्रमण (NASA Educational Tour) के लिए किया गया है। इस दौरान उन्हें केनेडी स्पेस सेंटर, ऑरलैंडो का भ्रमण, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय परिसर का अवलोकन, थीम पार्क अनुभव तथा डिज़्नी स्प्रिंग्स जैसी शैक्षणिक एवं प्रेरणादायक गतिविधियों में सहभागिता का अवसर प्राप्त होगा। मयंक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी निरंतर मेहनत, अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने बताया कि वे नियमित अध्ययन के साथ ISRO, NASA एवं Space Science से संबंधित विषयों का लगातार अध्ययन करते रहे। गौरतलब है कि विद्यालय के उप प्राचार्य  हुमराज पटले के नेतृत्व में विद्यालय में विज्ञान, नवाचार एवं समग्र विकास आधारित गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। विद्यालय में नियमित अकादमिक संवाद, शिक्षक समीक्षा बैठकें, योजनाबद्ध शैक्षणिक गतिविधियाँ एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये विभिन्न प्रक्रियाएँ संचालित की जाती हैं। साथ ही, पीपल संस्था द्वारा प्रदान किए जा रहे सतत शैक्षणिक सहयोग, प्रशिक्षण आधारित मार्गदर्शन, अकादमिक सुझावों एवं विभिन्न शिक्षण प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने विद्यालय में शिक्षण गुणवत्ता, अकादमिक संवाद एवं सीखने के वातावरण को और अधिक बेहतर एवं परिणामोन्मुख बनाया है। छात्र की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 निवेशकों को सौंपे आवंटन पत्र

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अंतर्गत 17 निवेशकों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। सीएम योगी ने प्रदेश में नए निवेश, रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने पर निवेशकों को बधाई दी। वहीं निवेशकों ने भी सीएम योगी के प्रति आभार जताया।  सीएम योगी के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र  सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. के एसके महाजन, सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल, वेगा इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के संदीप जैन, साहू इंटरनेशनल अटायर प्रा. लि. के मनोज गोयल, क्वार्क्स टेक्नोसॉफ्ट प्रा. लि. के विपिन बिंदल, एमेड्यूज इंडिया प्रा. लि. की श्रेया अरोरा, वर्चुअल इम्प्लाई प्रा. लि. के कुमार हर्षवर्धन, समरकूल होम अप्लायंसेज लि. के संजीव कुमार गुप्ता, ऋद्धि सिद्धि पेपर्स के सुशील गुप्ता, जेएमवी एलपीएस प्रा. लि. के नीरज सैनी, अर्सेनल इंफोसाल्यूशन प्रा. लि. के विनोद पटानी, साईंनाथ सेल्स एंड सर्विसेज प्रा. लि. के मनीष मुद्गल, एमएए पेट प्रा. लि. के कामेश अग्निहोत्री, एजीलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स प्रा. लि. की प्रतिमा गर्ग-मुकेश गर्ग, एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के हरिशंकर सिंह, अल्फा कम्युनिकेशन एलएलपी के संदीप सिंह व एडवांस पैनल्स एंड स्विचगियर्स प्रा. लि. के सुरेश राज जैन को आवंटन पत्र प्रदान किया।  बोले निवेशक आधुनिक उत्तर प्रदेश के शिल्पकार हैं सीएम योगी आदित्यनाथः अंशुल सीईएससी ग्रीन पावर लि. के अंशुल खंडेलवाल ने सीएम योगी आदित्यनाथ को आधुनिक उत्तर प्रदेश का शिल्पकार बताया। कहा कि सीएम योगी ने जिस दृढ़ संकल्प शक्ति के साथ एक दशक पहले उत्तर प्रदेश का पुनर्निर्माण शुरू किया था, उसी का फल है कि हम लोग यहां विश्व स्तरीय विकास देख रहे हैं। उत्तर प्रदेश से अधिक अनुकूल वातावरण उद्योग के लिए कहीं नहीं है। यूपी निवेश व निवेशक की पूंजी के लिए सबसे अच्छी जगह है। उद्योग को गति, पारदर्शिता व मूलभूत व्यवस्था की जरूरत होती है, जो यहां है। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के पास प्राधिकरण की जो सुविधाएं हैं, उतनी फैसिलिटी अब चीन में भी नहीं है। यहां जमीन का आवंटन हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारी कोशिश रहेगी कि यूनिट में 40-50 प्रतिशत महिला की सहभागिता हो। यहां सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना भी करेंगे, साथ ही सोलर में यूपी का नाम सबसे ऊपर करेंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकेंः महाजन एसके महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया है कि हम उद्योग लगा सकें। पिछले पांच साल में तीन अलॉटमेंट लेटर लिया है और उसे इंडस्ट्री में कन्वर्ट कर चुका हूं। यूपी में काम करने का बेहतरीन माहौल है। पहले तो कठिनाई आती नहीं, यदि आती है तो उसका निराकरण भी होता है। दुनिया जब लॉकडाउन में थी, तब भी मुख्यमंत्री जी उद्योग लगाने की बात कर रहे थे। 24 अप्रैल 2020 को लखनऊ से मुझे फोन आया कि क्या आप उद्योग लगाना चाहते हैं। इसके लिए 5 मई 2020 को मुझे लेटर दिया गया। हम इंडस्ट्री लगाकर 500 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ग्रेनो में फैक्टरी लगाकर 250 लोगों को रोजगार दिया है। यूपी सरकार की वजह से काफी सकारात्मक माहौल मिला।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई, कहा – आकांक्षी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर   नीति आयोग के मार्गदर्शन में संचालित “चैंपियंस ऑफ चेंज" कार्यक्रम के अंतर्गत बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड ने अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।  यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकेंद्रित विकास सोच, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।यह सफलता केवल बीजापुर जिले तक सीमित नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करती है। विशेष रूप से आकांक्षी और दूरस्थ क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच, सेवा प्रदायगी में सुधार तथा विकास संकेतकों में सकारात्मक परिवर्तन को इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग द्वारा संचालित “Champions of Change” कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर विकासखण्डों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। उसूर विकासखण्ड ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर परिणामों तथा विभागीय समन्वय के आधार पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। इस उपलब्धि के पीछे बीजापुर जिले द्वारा अपनाया गया “3C मॉडल” — Convergence (अभिसरण), Collaboration (सहयोग) एवं Competition (प्रतिस्पर्धा) महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। इस मॉडल के माध्यम से योजनाओं के अभिसरण, जनभागीदारी, विभागीय तालमेल तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित कर परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित की गई। Convergence (अभिसरण) के अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा, कृषि सहित अन्य विभागों की योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया गया। Collaboration (सहयोग) के माध्यम से मैदानी अमले, जनप्रतिनिधियों तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, वहीं Competition (प्रतिस्पर्धा) के जरिए विकासखण्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया। "नीति आयोग के ' चैंपियंस ऑफ चेंज' कार्यक्रम में बीजापुर के उसूर विकासखण्ड का राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और विश्वास का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि हमारा छत्तीसगढ़ अब आकांक्षी क्षेत्रों में भी विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहा है। कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले दूरस्थ अंचल आज स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह सफलता हमारी जनकेंद्रित विकास सोच, विभागीय समन्वय, सतत मॉनिटरिंग और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय            

मजबूत बाल संरक्षण तंत्र ने बिछड़े परिवार से मिलाया, लगातार पता खोजने में लगे रहे अधिकारी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में बाल संरक्षण और पुनर्वास व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। इसी संवेदनशील कार्यशैली का एक भावुक उदाहरण उस समय सामने आया, जब लगभग दो वर्षों से घर से लापता एक मूक-बधिर बालक को राजकीय बालगृह (बालक), मोहान रोड, लखनऊ के प्रयासों से उसके परिवार से मिलवाया गया। परिवार ने जिस बेटे के लौटने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, उसे योगी सरकार की सक्रिय व्यवस्था और अधिकारियों की संवेदनशीलता ने फिर से अपने परिजनों से मिला दिया। शुक्रवार को जब यह बालक पश्चिम बंगाल से आए परिजनों को सौंपा गया तो भावुक होकर उन्होंने योगी सरकार को शुक्रिया कहा। बालगृह प्रशासन ने नहीं मानी हार दरअसल, बाल कल्याण समिति मेरठ के आदेश पर 12 सितंबर 2025 को करीब 13 वर्षीय एक मूक-बधिर बालक को राजकीय बालगृह (बालक), मोहान रोड में प्रवेश दिलाया गया था। बालक बोल और सुन नहीं सकता था, इसलिए वह अपना नाम, पता या परिवार की कोई जानकारी देने में असमर्थ था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बालगृह प्रशासन ने उसकी पहचान जानने के प्रयास लगातार जारी रखे। बालक की देखभाल के साथ-साथ उसकी पहचान पता लगाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया गया।  आधार कार्ड से खुला घर का पता इसी बीच इस बालक का आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। जब बालक ने स्कैन मशीन पर उंगलियों के निशान दिए तो पूर्व में बने आधार कार्ड का विवरण सामने आ गया। इस आधार कार्ड से बालक का पता पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के ग्राम गंगासार का मिला। इसके बाद बालगृह प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में संपर्क स्थापित कर परिवार तक सूचना पहुंचाई। जानकारी मिलते ही परिवार भावुक हो उठा, क्योंकि रमजान नाम का यह बालक करीब दो वर्षों से लापता था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे इस पूरी प्रक्रिया में उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी एवं उप निदेशक मेरठ मंडल पुनीत मिश्रा का विशेष सहयोग रहा। अधिकारियों की सक्रियता और मानवीय संवेदनाओं ने एक बिछड़े परिवार को फिर से जोड़ने का कार्य किया। बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास को प्राथमिकता महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि योगी सरकार बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मूक-बधिर बालक की पहचान स्थापित करना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। आधुनिक तकनीक और आधार कार्ड की मदद से आखिरकार बालक को उसके परिवार तक पहुंचाना संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन और मानवता की बड़ी मिसाल है।