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पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार ने ली दीक्षांत परेड की सलामी

भोपाल  स्वाभिमान से ऊँचा मस्तक, अनुशासित कदम, अदम्य साहस से भरा सीना और देशभक्ति के जज्बेा के साथ जब आर्कषक दीक्षांत परेड आगे बढ़ी तो सभी रोमांचित हो गए। मौका था पुलिस प्रशिक्षण शाला भौंरी भोपाल में चतुर्थ नव आरक्षकों के भव्य दीक्षांत समारोह का। पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल  संजय कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि दीक्षांत परेड की सलामी ली और खुली जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। दीक्षांत परेड समारोह के बाद 521 आरक्षक विधिवत रूप से मध्यप्रदेश पुलिस की मुख्य धारा में शामिल हो गए। जिनमें 322 महिला नव आरक्षक एवं 199 पुरूष आरक्षक शामिल हैं। समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त  संजय कुमार ने कहा कि “Passing Out Parade अर्थात दीक्षांत परेड पुलिस विभाग में भर्ती प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण क्षण होता है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात एक पुलिसकर्मी पूर्ण रूप से तैयार होकर फील्ड में जाता है, जहां उसे समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरना होता है।” उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसा विभाग है, जिससे जनसामान्य की अपेक्षाएं अत्यधिक होती हैं। कमजोर एवं पीड़ित व्यक्ति के लिए विषम परिस्थितियों में पुलिस ही उम्मीद की किरण बनती है। आपराधिक न्याय प्रणाली में पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रथम सोपान पुलिस है। किसी दुर्घटना या अनहोनी के समय वर्दीधारी पुलिस जवान घायल एवं पीड़ित व्यक्तियों को साहस और भरोसा प्रदान करता है।  संजय कुमार ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे पुलिस विभाग का प्रतिनिधित्व करती है। एक पुलिसकर्मी के आचरण एवं कार्यशैली से ही विभाग की छवि निर्मित होती है। अतः सभी नव आरक्षकों को ईमानदारी, संवेदनशीलता, अनुशासन एवं जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षकों को आधुनिक पुलिसिंग की अवधारणा एवं व्यवहारिक दक्षताओं के अनुरूप तैयार किया गया, जिससे वे भविष्य में कुशल एवं जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिसकर्मी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई। पुलिस प्रशिक्षण शाला भौंरी में चतुर्थ नव आरक्षक बैच का प्रशिक्षण 30 जून 2025 से प्रारंभ हुआ था, जो दीक्षांत परेड के साथ पूर्ण हुआ। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षुओं को पुलिस कार्य प्रणाली, कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, सामुदायिक पुलिसिंग एवं व्यवहारिक पुलिस कार्यों से संबंधित थाना प्रबंधन जैसे विषयों का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त बाह्य प्रशिक्षण के अंतर्गत शारीरिक दक्षता, आर्म्स प्रशिक्षण, यूएसी, योगा तथा हार्टफुलनेस का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे प्रशिक्षुओं में अनुशासन, मानसिक संतुलन एवं सेवा भावना का विकास हो सके। अंत में मुख्य अतिथि एवं उप निदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवालने प्रशिक्षण में उत्कृष्ट रहे प्रशिक्षु नवआरक्षकोंको शील्ड व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में इनकी भी रही मौजूदगी पुलिस महानिरीक्षक मती रूचिवर्धन मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक (पीएसओटू डीजीपी) डॉ. विनीत कपूर, उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण  मनीष कुमार अग्रवाल, कमाण्डेंट सशस्त्र सीमा बल  देवानन्द, सहायक निदेशक प्रशिक्षण मती रश्मि पाण्डेय, एसपी पीटीएस मती यास्मीन ज़हरा, सहायक निदेशक बाह्य प्रशिक्षण मती ज्योति उमठ एवं संस्थान के स्टाफ सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गरिमामयी दीक्षांत समारोह के साक्षी बने। साथ ही प्रशिक्षु नव आरक्षकों के परिजन भी उत्साहवर्धन के लिए पहुंचे थे। इन्हें मिले पुरस्कार मुख्य अतिथि ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी का पुरस्कार नव आरक्षक रामनिवास मिश्रा को प्रदान किया। इसके अलावा बाह्य प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार नव आरक्षक  मनीष राठौर तथा आंतरिक प्रशिक्षण में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार महिला नव आरक्षक सु माधुरी को प्रदान किया गया।  

जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है। समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है। हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की। सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है। समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

सिंहस्थ:2028 के लिए एआई आधारित ट्रैफिक और आपात सेवा प्रणाली पर हुई चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मंत्रालय में गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदाधिकारियों के साथ प्रदेश में प्रशासनिक दक्षता संवर्धन, एआई आधारित सुशासन और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में एआई आधारित तकनीकी सहयोग के संबंध में राउंड टेबल मीटिंग की। मीटिंग में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय)  नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रन, गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वत्तल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक  मदन ओबरॉय,  पंकज शुक्ला,  लोकेश लोहिया, डॉ. श्रुति गाडगिल,  विजय गुंजाटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव  मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार और गूगल क्लाउड इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग स्थापित किया जा रहा है। इसमें इंदौर में “सेंटर फॉर एक्सीलेंस” स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही एमओयू होगा। यह सेंटर एआई आधारित नवाचार, अनुसंधान, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी समाधान विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। सेंटर से 10 हजार से अधिक एआई डेवलपर्स को जोड़ा जाएगा, जो मध्यप्रदेश सहित देश और साउथ ग्लोबल की आवश्यकताओं के अनुरूप रियल टाइम तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएंगे। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के पश्चात हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया ने “समृद्ध मध्यप्रदेश” की अवधारणा के अनुरूप एआई आधारित विकास और सुशासन के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में सिंहस्थ-2028 को स्मार्ट और तकनीक-सक्षम आयोजन के रूप में विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। गूगल द्वारा प्रस्तुत एआई फ्रेमवर्क में रियल टाइम भीड़ प्रबंधन, प्रेडिक्टिव ट्रैफिक एवं सुरक्षा विश्लेषण, एआई आधारित इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम और डिजिटल ट्विन मॉडल जैसी अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं। बैठक में “सहायक” नामक बहुभाषीय एवं वॉइस-सक्षम एआई एप्लिकेशन की अवधारणा भी प्रस्तुत की गई, जो सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भीड़ की स्थिति, मार्गदर्शन, ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की रियल टाइम जानकारी स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराएगा। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार होगा। गूगल क्लाउड इंडिया के पदाधिकारियों ने बताया कि एआई समिट के दौरान मध्यप्रदेश शासन से मिले अभूतपूर्व समर्थन और सहयोग से गूगल क्लाउड द्वारा राज्य की प्राथमिकताओं अनुसार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, महिला एवं बाल विकास और अन्य विभागों में एआई आधारित समाधान विकसित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में “ओजस एआई” फ्रेमवर्क के माध्यम से दूरस्थ क्लीनिकल निर्णय सहायता, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पूर्व पहचान और रियल टाइम स्वास्थ्य डैशबोर्ड विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।कृषि क्षेत्र में किसानों को स्थानीय सलाह, बाजार मूल्य जानकारी एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए जेमिनी संचालित ओपन एआई नेटवर्क विकसित करने की योजना प्रस्तुत की गई। शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित वर्चुअल ट्यूटर, व्यक्तिगत शिक्षण प्रणाली और शिक्षक सहायता उपकरण विकसित कर 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों और एक लाख शिक्षकों को बहुभाषीय एवं अनुकूलित शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तुत की गई। वहीं पुलिसिंग और जन-सुरक्षा के क्षेत्र में प्रेडिक्टिव लॉ एनफोर्समेंट, बिहेवियरल एनालिटिक्स और डिजिटल फॉरेंसिक्स आधारित एआई समाधान प्रस्तुत किए गए, जिससे जाँच और प्रतिक्रिया प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सके। बैठक में शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए संवादात्मक नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म, स्वचालित शिकायत निवारण प्रणाली, इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग, एकीकृत नागरिक डेटा प्रणाली जैसे एआई सक्षम समाधानों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त वन्य जीव संरक्षण और मानव-वन्य जीव संघर्ष कम करने के लिए कंप्यूटर विजन एवं रियल टाइम अलर्ट सिस्टम आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए। गूगल ने प्रदेश में “एआई फॉर ऑल” स्किलिंग कार्यक्रम, उन्नत क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एवं एआई/एमएल आधारित पायलट परियोजनाओं, स्टार्ट-अप इको सिस्टम संवर्धन और साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। बैठक में आगामी कार्य योजना, विभागवार प्राथमिकताओं, विस्तृत क्रियान्वयन रणनीति और नियमित समीक्षा तंत्र विकसित करने पर सहमति बनी। राज्य सरकार और गूगल ने इस साझेदारी को रणनीतिक विचार विमर्श से आगे बढ़ाकर जमीनी स्तर पर लागू करने और राज्यभर में नागरिक केंद्रित परिणाम सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। गूगल के साथ यह साझेदारी प्रदेश में एआई आधारित सुशासन, सेवा वितरण और समावेशी विकास को नई दिशा देगी।  

सरकारी नौकरी का मौका! झारखंड में 1733 कक्षपाल पदों के लिए करें अप्लाई

रांची. राज्य की जेलों में कक्षपाल नियुक्ति को लेकर आयोजित होने वाली झारखंड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में अधिकतम आयु की गणना का कट आफ डेट अब एक अगस्त 2019 निर्धारित किया गया है। पहले यह कट आफ डेट एक अगस्त 2025 निर्धारित था। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 14 मई को पारित आदेश के बाद राज्य सरकार ने अधिकतम आयु सीमा की गणना का कट आफ डेट एक अगस्त 2019 करने का निर्णय किया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इस संबंध में मंगलवार को सूचना प्रकाशित कर दी। इससे उन सभी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जो अधिक आयु होने के कारण इस प्रतियोगिता परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित हो रहे थे। आयोग ने इसी के साथ इस परीक्षा को लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए रजिस्ट्रेशन करने तथा सूचना दर्ज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी। इसकी अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है। परीक्षा शुल्क भुगतान करने तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड कर आवेदन पत्र का प्रिंटआउट लेने के लिए समय सीमा 21 जून मध्य रात्रि तय की गई है। 22 जून से 24 जून मध्य रात्रि तक ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी का नाम, जन्म तिथि, ईमेल आइडी एवं मोबाइल नंबर को छोड़कर किसी भी अशुद्ध प्रविष्टि को संशोधित किया जा सकेगा। 1,733 पदों पर होनी है नियुक्ति इनमें 1,698 नियमित पद कक्षपाल के कुल 1,733 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिनमें 1,698 नियमित तथा 35 बैकलाॅग पद सम्मिलित हैं। कुल नियमित पदों में 1634 पद पुरुषों तथा 64 पद महिलाओं के लिए हैं। बताते चलें कि कक्षपाल नियुक्ति के लिए पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर माह में ही आवेदन भरे जाने थे, लेकिन आयु सीमा के कट आफ डेट को लेकर विवाद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।

छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत रायगढ़ जिले को मिली बड़ी सौगात

रायगढ़  सुरक्षा, सेवा और सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में रायगढ़ जिले को छत्तीसगढ़ डायल-112 (फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन) के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) की सौगात मिली है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने आज पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन आधुनिक आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सहित किसी भी संकट की स्थिति में अब रायगढ़वासियों को तेज, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि “डायल-112  एक्के नम्बर, सब्बो बर” की अवधारणा के साथ यह सेवा पूरे छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही है। राज्यभर में 400 से अधिक आधुनिक वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन प्रदान किए गए हैं। कानून-व्यवस्था को मिलेगी मजबूती वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है। इससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम होगा और कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना शासन के बड़े निर्णयों का धरातल पर दिखाई देने वाला परिणाम है, जिससे पुलिस को कार्य करने में सुविधा होगी और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नए वाहन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह ने बताया कि डायल-112 योजना वर्ष 2018 से संचालित है, जिसे अब फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है। उन्होंने बताया कि नए ईआरवी वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS सिस्टम, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) और स्मार्ट मोबाइल फोन जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध है, जिससे घटनास्थल पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। अब एक ही नंबर पर सभी आपात सेवाएं नई डायल-112 प्रणाली के तहत पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, आपदा प्रबंधन, चाइल्ड हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सहायता सेवाओं को एकीकृत किया गया है। रायपुर स्थित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (C4) के माध्यम से इन सेवाओं का संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम में महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  अभिजीत बबन पठारे,  सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

वर्षों से जब्त वाहनों को लेकर जालंधर पुलिस सख्त, मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम

जालंधर. जालंधर ट्रैफिक पुलिस ने साल 2013 से 2020 के दौरान 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किए गए वाहनों को लेकर अहम सूचना जारी की है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट जालंधर के व्हीकल यार्ड में बड़ी संख्या में वाहन अब भी बंद पड़े हैं, जिन्हें उनके मालिकों ने अभी तक रिलीज नहीं करवाया है। ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को छुड़वाने के लिए जरूरी दस्तावेजों सहित 3 दिनों के भीतर आवेदन जमा करवाएं। वाहन मालिक अपने वाहन के वैलिड दस्तावेज और लिखित दरखास्त खिड़की नंबर-5, इंचार्ज एडमिन, इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, कमिश्नरेट पुलिस लाइन रोड जालंधर में जमा करवा सकते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय के अंदर कोई दावा या आवेदन पेश नहीं किया गया तो नियमों के अनुसार इन वाहनों को डिस्पोज ऑफ कर दिया जाएगा। इसके बाद वाहन मालिकों की ओर से दी गई किसी भी दरखास्त या दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न

रायपुर  मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।        बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया। बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर         मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है। ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी। वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश           मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।         इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए। सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति           बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।        पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।         बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव मती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।  

CG के विद्यार्थियों को मिलेगा समर कैंप का मौका, सभी कलेक्टर और DEO को भेजे गए आदेश

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित करने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक गतिविधियों और बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। जारी निर्देशों के अनुसार समर कैंप का आयोजन स्कूलों या गांव-शहर के सामुदायिक स्थानों में किया जा सकेगा। कैंप का संचालन प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि समर कैंप में कला एवं रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों को औद्योगिक संस्थान, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सकेगा। समर कैंप में स्कूल शिक्षकों और पालकों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप में चित्रकला, गायन-वादन, निबंध एवं कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद और स्थानीय इतिहास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इसके अलावा जिला और स्कूल स्तर पर अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी शामिल किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समर कैंप पूर्णतः स्वैच्छिक रहेगा और इसके लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग का उपयोग करने को कहा गया है।समर कैंप के आयोजन से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति की सहमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ग्रीष्मकालीन प्रायोजना कार्यों को शिक्षक और पालकों के सहयोग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने और प्रतिभा निखारने के अवसर के रूप में उपयोग करें तथा आयोजित गतिविधियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं।

उम्र सिर्फ 15 साल, लेकिन बल्लेबाजी में तूफान! वैभव सूर्यवंशी के आंकड़ों ने उड़ाए होश

जयपुर  वैभव सूर्यवंशी… IPL 2026 का वह नाम, जिसने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे टूर्नामेंट की धड़कन बदल दी है. मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 38 गेंदों में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस 15 साल के बल्लेबाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ उभरता सितारा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार बनने की राह पर है. राजस्थान रॉयल्स ने इस मुकाबले को पांच गेंदें बाकी रहते 7 विकेट से जीतकर प्लेऑफ की ओर मजबूत कदम बढ़ाया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद चर्चा सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी की हो रही थी।  – 93 रन… वो भी सिर्फ 38 गेंदों में – 7 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के – स्ट्राइक रेट 244.73 ऑरेंज कैप की रेस में भी वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा धमाका कर दिया है. 13 मैचों में 579 रन बनाकर वह IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं और फिलहाल ऑरेंज कैप उन्हीं के सिर पर सजी है. खास बात यह है कि उनका स्ट्राइक रेट 236.32 का है, जो टॉप रन स्कोरर्स में सबसे ज्यादा है।  ये आंकड़े किसी वीडियो गेम जैसे लगते हैं, लेकिन वैभव इसे लगातार मैदान पर सच साबित कर रहे हैं. IPL 2026 में अब तक उनके बल्ले से 53 छक्के निकल चुके हैं, जो किसी भी T20 टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा हैं. उनसे आगे सिर्फ यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल हैं, जिन्होंने IPL 2012 में 59 छक्के लगाए थे. यानी अब वैभव और इतिहास के बीच सिर्फ 7 छक्कों की दूरी बची है।  क्रिस गेल का 2012 वाला IPL सीजन आज भी T20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सीजन में गिना जाता है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए गेल ने उस सीजन 15 मैचों में 733 रन बनाए थे और पूरे टूर्नामेंट में 59 छक्के जड़ दिए थे. यही IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है, जिस पर अब वैभव सूर्यवंशी की नजर टिक चुकी है।  सबसे खास बात यह है कि वैभव की बल्लेबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि स्वाभाविक आक्रामकता और असाधारण टाइमिंग दिखाई देती है. कई युवा बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के चक्कर में तकनीक खो देते हैं, लेकिन वैभव के खेल में संतुलन है. वह सिर्फ स्लॉग नहीं करते, बल्कि गेंदबाज की लाइन-लेंथ पढ़कर उसे मानसिक दबाव में डाल देते हैं. यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज भी उनके सामने अपनी योजना बदलने को मजबूर हो रहे हैं।  लखनऊ के खिलाफ उनकी पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण थी. शुरुआत से ही उन्होंने संकेत दे दिया था कि वह मैच को लंबा नहीं खींचेंगे. पावरप्ले में जिस तरह उन्होंने तेज गेंदबाजों को पुल और फ्लिक से निशाना बनाया, उसने विपक्षी कप्तान की रणनीति बिगाड़ दी. स्पिनर्स आए तो वैभव ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें लॉन्ग ऑन और मिडविकेट के ऊपर से उड़ाना शुरू कर दिया. उनकी बल्लेबाजी में डर बिल्कुल नहीं दिखता. यही निडरता उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है।  आज के दौर में T20 क्रिकेट सिर्फ रन बनाने का खेल नहीं रह गया है, बल्कि मनोरंजन का सबसे बड़ा मंच बन चुका है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी किसी फ्रेंचाइजी के लिए सोने की खान साबित होते हैं. वह क्रीज पर आते ही मैच का टेंपो बदल देते हैं. स्टेडियम में शोर बढ़ जाता है, टीवी TRP ऊपर चली जाती है और सोशल मीडिया पर क्लिप्स वायरल होने लगती हैं.यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें IPL 2026 का सबसे रोमांचक खिलाड़ी बता रहे हैं।  राजस्थान रॉयल्स के लिए भी वैभव किसी वरदान से कम नहीं रहे. टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीते हैं और लगभग हर बड़ी जीत में वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी निर्णायक रही है. उनका प्रभाव सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं है. जब एक बल्लेबाज 15-20 गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता हो, तो विपक्षी टीम शुरुआत से दबाव में आ जाती है. यही मानसिक बढ़त राजस्थान को बाकी टीमों से अलग बना रही है।  वैभव की तुलना अब क्रिस गेल जैसे दिग्गजों से होने लगी है. हालांकि दोनों की शैली अलग है. गेल ताकत और लंबे छक्कों के लिए मशहूर थे, जबकि वैभव की बल्लेबाजी में आधुनिक T20 क्रिकेट की गति, एंगल और इनोवेशन दिखता है. वह रैंप शॉट भी खेलते हैं, पिकअप पुल भी लगाते हैं और स्पिनर्स के खिलाफ अंदर-बाहर दोनों तरफ से छक्के मार सकते हैं. यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें भविष्य का ग्लोबल T20 स्टार बना सकती है।  दिलचस्प बात यह है कि वैभव की उम्र को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है. इतनी कम उम्र में इस स्तर का आत्मविश्वास और मैच अवेयरनेस बेहद दुर्लभ मानी जाती है. आमतौर पर युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर दबाव में आ जाते हैं, लेकिन वैभव जितना बड़ा मंच होता है, उतना ही खतरनाक खेलते नजर आते हैं. यही सुपरस्टार खिलाड़ियों की पहचान होती है।  अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी क्रिस गेल का 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए जवाब ‘हां’ की तरफ झुकता नजर आता है. राजस्थान रॉयल्स अगर प्लेऑफ में पहुंचती है, तो उनके पास रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पर्याप्त मैच होंगे. और जिस लय में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, वहां 7 छक्के कोई बड़ी दूरी नहीं लगती।  लेकिन आंकड़ों और रिकॉर्ड्स से परे, वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है. लोग अब सिर्फ राजस्थान रॉयल्स का मैच नहीं देखते, बल्कि वैभव की बल्लेबाजी देखने के लिए टीवी ऑन करते हैं. यही किसी खिलाड़ी की असली स्टार वैल्यू होती है।  IPL 2026 में कई बड़े नाम खेले, कई कप्तानों ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रोमांच पैदा किया, वह वैभव सूर्यवंशी हैं. अगर उनका बल्ला इसी तरह गरजता रहा, तो आने वाले दिनों में सिर्फ गेल का रिकॉर्ड ही नहीं टूटेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया ग्लोबल सुपरस्टार भी मिल सकता है। 

जंबूरी मैदान, भोपाल में हुआ ग्राम रोजगार सहायकों का राज्य स्तरीय महासम्मेलन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण विकास और ग्राम को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी भूमिका हनुमान की तरह होती है। राज्य सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के हित संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकास की मुख्य धुरी है। प्रधानमंत्री  मोदी के डिजिटल भारत के स्वप्न को साकार करने ग्राम रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। ग्राम रोजगार सहायक इस महत्वपूर्ण कार्य के सारथी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग में आगे हैं ग्राम सहायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने ग्राम स्वराज का सपना देखा था। हमारे प्रधानमंत्री  मोदी ने डीबीटी व्यवस्था को लागू कर इसे लोकप्रिय बनाया है। हितग्राहियों तक योजनाओं की राशि पहुंचाने का कार्य इस पद्धति से हो रहा है। जिसका श्रेय रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को जाता है। शासन और जनता के लिए कार्य करते हुए यही वर्ग अपनी बुद्धि, पराक्रम, पुरूषार्थ और कुशलता से समाज को आदर्श रूप में दिखाई देता है। अनेक असंभव कार्य भी वे कर दिखाते हैं। इस नाते जमीनी स्तर पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज के निर्धन और जरूरतमंद व्यक्ति जो समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े हैं, उन्हें लाभान्वित करने में अपनी भूमिका निभाते है। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण में ग्राम सहायकों की महत्वपूर्ण है भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी महिला, किसान, युवा और गरीबों के हित को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहे हैं। ग्राम सहायकों की भूमिका भी इन वर्गों के विकास में पुरुषार्थ के रूप में समाज को आदर्श रूप में दिखाई देती है। ग्राम सहायक और पंचायत सचिव युक्ति और बुद्धि का उपयोग कर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे- वीबी जी-राम-जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन) के क्रियान्वयन और जनता की विभिन्न समस्याओं का समाधान का रास्ता निकालते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गेहूं उपार्जन कार्य में भी ग्राम सहायकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए घोषणा की कि प्रदेश में जिन किसानों के उपार्जन के लिए स्लॉट 23 मई तक बुक थे। उन किसानों के लिये आवश्यकतानुसार उपार्जन कार्य 28 मई तक बढ़ाने का प्रबंध किया जायेगा। जल गंगा संवर्धन के अच्छे परिणाम लाने में जुटे हैं ग्राम सहायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यो में अग्रणी है। प्रदेश को ग्राम सहायकों के परिश्रम से इस कार्य में प्रथम स्थान आने का यश मिला है। कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों को उपयोगी बनाने, आम जनता को पानी बचाने और जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे ग्राम सहायक निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। ग्राम सहायकों की चिंता करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम सचिवों के मानदेय बढ़ाने और उन्हें अन्य सुविधायें प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी चिंता करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी। पूर्व में भी पारिश्रमिक दोगुना करने का निर्णय लिया जा चुका है। ग्राम सहायकों के हित में जनप्रतिनिधियों के साथ और संगठन के पदाधिकारियों के परामर्श से बैठक में विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिया जायेगा। दुर्घटना का शिकार हुए रोजगार सहायकों के परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस महासम्मेलन के लिए भोपाल आ रहे दो ग्राम सहायक  मीणा और  लखन के दुर्घटना में असामयिक देवलोक गमन का समाचार पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए, दोनों के परिजन को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गंभीर घायल को 1 लाख रुपये और अन्य सामान्य घायलों को समुचित उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की। सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष  रमेशचंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री  कुलदीप गुर्जर के अलावा  रवि भट्ट,  राकेश पंडया और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।