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पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका से आज छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने लोक भवन में सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में वन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वन अधिकारियों के पास कानून, संसाधन और अधिकार उपलब्ध हैं, जिनका प्रभावी उपयोग कर वे पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप भूकंप, बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और  प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करना सतत विकास का आधार है। राज्यपाल ने रेत के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आधारभूत संरचना निर्माण के लिए आवश्यक खनिज है। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में शोध और नवाचार करने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे उपाय विकसित किए जाएं जिससे नदियों में जल प्रवाह सतत बना रहे, उनकी क्षमता बढ़े, पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और आवश्यक मात्रा में रेत भी प्राप्त होती रहे। राज्यपाल ने वन अधिकारियों से कहा कि वे जंगलों के प्रति लगाव उत्पन्न करें, इससे उन्हें जंगलों को समझने में आसानी होगी और वे अपने  दायित्वों का निर्वाह अच्छे से कर सकेंगे। राज्यपाल ने  वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पेड़ों के चारों ओर कंक्रीट का घेरा बना दिया जाता है, जिससे उनके विकास में बाधा आती है तथा वर्षा जल का भू-जल स्तर में समुचित पुनर्भरण नहीं हो पाता। ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वन अधिकारियों का कार्य  कार्यालय में बैठना नहीं है  बल्कि जंगलों में भ्रमण कर  वनवासियों की समस्याओं को समझना और वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नवाचारपूर्ण उपाय करना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जीवन में कोई ऐसा भी काम करें जो सेवा से जुड़ा हुआ हो चाहे वह पर्यावरण सुरक्षा, स्वच्छता, मानव सेवा जैसे कार्य हो सकते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन सेवा 2023 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

अब फोन आधारित शिक्षण से पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा गणित सीखने का अवसर

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो? कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ। ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है। बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं। डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। फरसाबहार में मिले उत्साहजनक परिणाम जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया। बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही। डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला। 260 विद्यार्थियों को मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षता पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। अब जिले के सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’ पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। “साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

सोने का छत्र, हीरे जड़ा मुकुट, चांदी के सिक्के, आईफोन एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी  कार्रवाई के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस थाना लसूड़िया की टीम ने कार शोरूम में हुई लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का मात्र 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई संपूर्ण संपत्ति बरामद किया है। 17 जून को इंदौर स्थित पटेल मोटर्स मारुति कार शोरूम के ऑपरेशन मैनेजर सुरेन्द्र चौधरी द्वारा थाना लसूड़िया में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि शोरूम के केबिन में रखे एप्पल आईफोन, सोने के आभूषण तथा चांदी के सिक्के अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। शिकायत पर थाना लसूड़िया में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान संदेह के आधार पर शोरूम में कार्यरत कर्मचारी लक्की बोरासी (19 वर्ष) निवासी बड़ी ग्वालटोली, इंदौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह शोरूम में साफ-सफाई का कार्य करता था तथा उसे शोरूम की गतिविधियों एवं सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी विश्वास का लाभ उठाकर उसने पहले एप्पल आईफोन चोरी किया तथा बाद में अवसर पाकर शोरूम मालिक के केबिन स्थित लॉकर से मंदिर का सोने का छत्र एवं हीरे जड़ा मुकुट सहित अन्य कीमती सामग्री चोरी कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 1 किलो 426 ग्राम वजनी सोने का छत्र, हीरे जड़ा मुकुट, 12 चांदी के सिक्के, एक एप्पल आईफोन तथा एक मोटरसाइकिल सहित  लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की  है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने महंगे शौक एवं ऐशो-आराम की जिंदगी जीने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा आरोपी का रिमांड प्राप्त कर उससे अन्य अपराधों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई यह त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई अपराध नियंत्रण, वैज्ञानिक विवेचना तथा नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करती है। प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

नेउरगाँव खुर्द में ग्रामीणों ने पेश की आपसी एकता की मिसाल- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का किया लोकार्पण उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम नेउरगाँव खुर्द में भारत माता की प्रतिमा एवं भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों की एकजुटता, देशभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना की सराहना करते हुए कहा कि नेउरगाँव खुर्द ने पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। ’गाँव के हर घर से हुआ सहयोग’  उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि शहीदों के त्याग और बलिदान को स्मरणीय बनाए रखने के लिए ग्रामीणों द्वारा किया गया यह प्रयास समाज में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता का अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने बताया कि शहीद स्मारक परिसर के निर्माण की शुरुआत उनकी विधायक निधि से प्रदत्त 3.50 लाख रुपए की राशि से हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे केवल एक निर्माण कार्य न मानकर अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक बना दिया। इसके लिए गाँव के हर घर से कुछ ना कुछ सहयोग प्रदान किया गया और ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और जनभागीदारी से स्वयं चंदा एकत्र कर लगभग 10 लाख रुपए की लागत से शहीद स्मारक का निर्माण कराया।   ’नई पीढ़ी को मिलेगी देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा’ उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गाँव का सामूहिक प्रयास सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की उत्कृष्ट मिसाल है। ऐसे कार्य नई पीढ़ी को देश के वीर शहीदों के बलिदान से प्रेरणा लेने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों से मुलाकात कर उनसे संवाद भी किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे,  रामकिंकर वर्मा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

अनाथ दुल्हन का टूटा सपना, शादी के मंडप से लौट गई बारात

 खुरई  खुरई में बेगमगंज से आई बारात दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण वापस लौट गई। वरमाला के बाद तीन बहनों में सबसे बड़ी निशा रात भर फेरों का इंतजार करती रही, लेकिन वर पक्ष मारपीट कर भाग गया था। अब निशा बंसल इंसाफ चाहती है, उसे उस लड़के से शादी नहीं करनी है। वरमाला के बाद डीजे की धुन के बीच शुरू हुआ विवाद पूरा मामला सागर जिले की खुरई तहसील का है। जहां लंबी तैयारियों के बाद शहरी थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड स्थित भगवान दास चंदेल वार्ड में एक परिवार में शादी की शहनाई सुनाई दे रही थी। वरमाला की रस्म पूरी होने के बाद शादी की अन्य तैयारियां चल रही थीं। डीजे पर लोग नाच रहे थे और विवाह की मुख्य रस्म शुरू होने वाली थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, विवाद में दूल्हा तक पगड़ी उतारकर झगड़े में शामिल हो गया। आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। वर पक्ष ने वधू पक्ष के साथ मारपीट भी की। इसके बाद वर पक्ष बिना शादी पूरी किए ही बारात लेकर वापस लौट गया। रात भर फोन लगाते रहे परिजन, सुबह थाने पहुंचा मामला हातों में मेहंदी लगाए दुल्हन पूरी रात इंतजार करती रही कि उसके फेरे होंगे, शादी होगी और विदाई के बाद वह ससुराल जाएगी। सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और दहेज के लोभियों ने धन को प्राथमिकता दी और बारात लेकर लौट गए। दुल्हन के स्वजनों ने पूरी रात फोन के जरिए दूल्हे और उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। परिजनों का आरोप है कि दहेज के कारण ही बारात लौटकर चली गई। इस मामले में लड़की पक्ष ने शनिवार को खुरई शहरी थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। बिन मां-बाप की बेटी अब मांग रही है इंसाफ रायसेन जिले के बेगमगंज ग्राम गोपालपुरा से दूल्हा बना सुरेंद्र बंसल दहेज के चक्कर में विवाद करने लगा और मारपीट करना शुरू कर दी। दुल्हन निशा बंसल का कहना है कि उसके माता-पिता नहीं हैं। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी है। दादी और चाचा हम तीनों बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं। शादी पक्की होने के बाद अभी तक मेरी लड़के से बात नहीं हुई है। लड़के पक्ष वालों ने दहेज की मांग को लेकर जमकर विवाद किया। यहां तक कि मारपीट भी की। अब वह उस लड़के से शादी नहीं करना चाहती है, अब केवल इंसाफ चाहिए। दो लाख रुपये नकद और बाइक की अड़ी लड़की के चाचा नारायण बंसल ने कहा कि लड़के पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग कर रहे थे। हम लोगों ने कहा कि लड़की के माता-पिता नहीं हैं, फिर भी हम लोगों ने उचित दहेज दिया है। इसके बाद भी वे मानने  दूल्हे, पिता और भाई पर दर्ज हो रहा है दहेज एक्ट का मामला खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि लड़की पक्ष की रिपोर्ट पर दूल्हा, दूल्हे के पिता और दूल्हे के भाई पर दहेज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।  

अप्रूवल, रिजेक्शन और कार्ड डिसेबल जैसी प्रक्रियाओं के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे राजधानी के चक्कर

लखनऊ योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की गई है। अब आयुष्मान कार्ड से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए लाभार्थियों को राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) के लखनऊ स्थित कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनकी समस्याओं का निस्तारण अब जिला स्तर पर ही किया जा सकेगा। सभी सीएमओ को उपलब्ध कराई गई तकनीकी आईडी साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि आयुष्मान भारत योजना का वास्तविक लाभ तभी पात्र लोगों तक पहुंचे। उन्हें बिना किसी अनावश्यक परेशानी के समय पर सेवाएं उपलब्ध हों। यही वजह है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ), नोडल आयुष्मान अधिकारियों तथा जिला कार्यान्वयन इकाई की टीमों को विशेष तकनीकी आईडी उपलब्ध करा दी गई है। इसके माध्यम से अब जिला स्तरीय अधिकारी आयुष्मान कार्ड के अप्रूवल, रिजेक्शन और कार्ड को डिसेबल करने जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान कर सकेंगे। इस व्यवस्था से लाभार्थियों का समय और धन दोनों बचेगा तथा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेजी से उपलब्ध होंगी। राष्ट्रीय औसत से कम है यूपी का दावा निस्तारण एवं भुगतान का टाइम वहीं साचीज ने गुणवत्तापूर्ण उपचार और अस्पतालों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। एजेंसी का उद्देश्य एक ओर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है तो दूसरी ओर ईमानदारी से कार्य करने वाले अस्पतालों को समय पर भुगतान देकर उन्हें प्रोत्साहित करना भी है। दावों (क्लेम) के निस्तारण और भुगतान प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में भुगतान लंबित होने को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है और लगभग 500 करोड़ रुपये की देयता ही लंबित है। उत्तर प्रदेश में दावा निस्तारण एवं भुगतान का औसत टर्न-अराउंड टाइम लगभग 57 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 73 दिन है। यह उपलब्धि प्रदेश में लागू की गई प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीकी सुधारों को दर्शाती है। अनियमितताओं के चलते 200 अस्पतालों पर कार्रवाई साचीज की सीईओ ने बताया कि कई बार अस्पतालों द्वारा आवश्यक दस्तावेज समय पर या पूर्ण रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण दावे अस्वीकृत हो जाते हैं। इससे अस्पतालों को भुगतान प्राप्त करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए एजेंसी विभिन्न चरणों में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन प्रशिक्षणों में अस्पतालों को दावा प्रस्तुत करने की सही प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों की जानकारी और स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन्स के अनुरूप उपचार एवं दावा प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अस्पताल पहली बार में ही सही और पूर्ण दावा प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे दावों की अस्वीकृति कम होगी और भुगतान प्रक्रिया और अधिक तेज एवं पारदर्शी बनेगी। इससे मरीजों और अस्पतालों दोनों को लाभ मिलेगा। दूसरी ओर केवल गुणवत्तापूर्ण और लाभार्थी हितैषी अस्पतालों को बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी भी की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में गुणवत्ता मानकों का पालन न करने तथा विभिन्न अनियमितताओं के कारण लगभग 200 अस्पतालों को योजना से डी-एम्पैनल किया गया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। 300 अस्पतालों का कराया जा रहा फील्ड ऑडिट करीब 300 अस्पताल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके विरुद्ध अपकोडिंग अथवा संदिग्ध दावों के माध्यम से अनुचित भुगतान प्राप्त करने की आशंका सामने आई है। ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनके विरुद्ध विस्तृत फील्ड ऑडिट कराया जा रहा है। जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूती मिलेगी। साचीज का स्पष्ट लक्ष्य है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल वही अस्पताल सक्रिय रहें, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उनके दावों और भुगतान के निस्तारण को और अधिक व्यवस्थित एवं समयबद्ध बनाया जाएगा।

मंत्री वर्मा ने की विकास कार्यों की समीक्षा

​रायपुर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों के निपटारे और लोक- कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की ज़मीनी हकीकत परखी। मंत्री   वर्मा ने कहा कि सरकार की योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिकारी-कर्मचारी का सामूहिक योगदान होता है, इसलिए सभी अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करें। राजस्व मामलों में लाएं तेजी, सीमांकन और नामांतरण को दें प्राथमिकता     ​राजस्व मंत्री  वर्मा ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों जैसे—सीमांकन, खाता विभाजन और फौती नामांतरण की तुलनात्मक प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और राजस्व से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने पिछले वर्षों के स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अपूर्ण और अप्रारंभ कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों से इसका कारण पूछा। ​जिला पंचायत सीईओ ने जानकारी दी कि कई मूल हितग्राहियों की मृत्यु हो जाने और उनके वैध नॉमिनी (वारिसदार) न होने के कारण कुछ कार्य अपूर्ण या अप्रारंभ हैं। ​मंत्री  वर्मा ने इस तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द दूर कर आवास निर्माण  कार्य को गति देने के निर्देश दिए। जरूरतमंद हितग्राही को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले        मंत्री  वर्मा ने पीएम ग्राम सड़क योजना (PMGSY) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से जिले की नई स्वीकृत सड़कों और वर्तमान सड़कों के निर्माण व मरम्मत कार्य का ब्यौरा लिया। उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए सड़कों की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी दुरुस्त रखने की हिदायत दी।उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के अच्छे कर्तव्य निर्वहन और सेवा भाव से ही अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद हितग्राही को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सकता है। काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद-बीज का भंडारण व सहकारी समितियों में मांग-आपूर्ति की ली जानकारी      ​ बैठक के दौरान  मंत्री ने जिले के विकास और आम जनता से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। जिसमे आयुष्मान कार्ड प्रगति, जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाएँ, जीवनदीप समिति के कार्य,जिले में पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की उपलब्धता, खरीफ सीजन हेतु किसानों के लिए खाद-बीज का भंडारण व सहकारी समितियों में मांग-आपूर्ति की स्थिति,पेंशन योजनाएं, छात्रावासों की स्थिति, अनुकंपा नियुक्ति के मामले और 'सेवा सेतु' के माध्यम से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रगति,पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,जल जीवन मिशन के कार्य आदि शामिल है। इसी तरह डीएमएफ के कार्यों, ई-ऑफिस प्रणाली, रोड सेफ्टी, महतारी वंदन योजना और देश में लागू 'भारतीय न्याय संहिता' के तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।         बैठक में कलेक्टर मती पद्मिनी भोई साहू, प्रभारी पुलिस अधीक्षक सु निमिषा पाण्डेय सहित जिले के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ​

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सेठ एवं मंत्री सारंग के साथ हजारों युवाओं ने किया योग

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व सुबह पर राजधानी भोपाल में आयोजित योग कार्यक्रमों में उत्साह और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला। टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित योग कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ एवं सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने सहभागिता कर योगाभ्यास किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार बताते हुए नागरिकों, विशेषकर युवाओं से नियमित योग अपनाने का आह्वान किया। मंत्री सारंग बड़ा तालाब स्थित बोट क्लब में आयोजित योग अभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस योगाभ्यास में भोपाल के हजारों युवा, खिलाड़ी, खेल प्रेमी एवं नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए और सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है और आज पूरी दुनिया भारतीय योग परंपरा को अपना रही है। इस योग दिवस पर 21 जून को विश्व के 192 देश सामूहिक योग करेंगे, उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सशक्त जीवन का माध्यम है। युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी फिटनेस, स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूक है तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के एक दिन पूर्व आयोजित इन कार्यक्रमों ने पूरे शहर को योगमय वातावरण से सराबोर कर दिया।  

सस्ते फर्नीचर का लालच देकर ठगी का प्रयास, कलेक्टर के नाम से बनाई गई फर्जी प्रोफाइल

 शिवपुरी साइबर ठगों ने मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के कलेक्टर अर्पित वर्मा के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर ठगी का प्रयास किया। कलेक्टर की पहचान का उपयोग कर लोगों से संपर्क किया और उन्हें सस्ते दामों पर फर्नीचर व इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने का झांसा देकर रकम की मांग की गई। मामला संज्ञान में आने पर शिकायत दर्ज कराई गई है। क्या है पूरा मामला शिवपुरी जिले के लालगढ़ गांव निवासी प्रमोद रावत को "अर्पित वर्मा IAS" नाम की एक फेसबुक आईडी से मैसेंजर पर संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि कलेक्टर का एक मित्र संतोष कुमार सीआरपीएफ कैंप में अधिकारी है। उसका तबादला हो गया है और वह महज तीन महीने पुराना अपना घरेलू सामान बेहद कम कीमत पर बेच रहा है। इसके लिए वह जल्द ही उनसे संपर्क करेगा। कुछ समय बाद प्रमोद रावत को व्हाट्सएप पर संदेश मिला। उसमें बेड, लैपटॉप, रेफ्रिजरेटर, सोफा सहित अन्य घरेलू सामानों की तस्वीरें भेजी गईं। फर्नीचर और इस सारे सामान की कीमत मात्र 90 हजार रुपये बताई गई। इसे खरीदने के लिए अग्रिम राशि के भुगतान की मांग की गई। अन्य लोगों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए हैं जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रियंका शर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत साइबर सेल शाखा में दर्ज करा दी गई है। पुलिस विधिक कार्रवाई के लिए फर्जी आईडी संचालित करने वालों की पहचान कर रही है।

राज्यपाल डेका ने मरका गांव के स्कूल को दिए डिजिटल बोर्ड

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में बेमेतरा जिले के ग्राम मरका के स्कूल के लिए डिजिटल बोर्ड प्रदान किया।  डेका ने ग्राम पंचायत मरका में संचालित शासकीय मीडिल स्कूल के बच्चों की सुविधा के लिए 65 इंच का यह स्मार्ट बोर्ड अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदान किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके स्कूल में शिक्षक उपलब्ध है लेकिन स्मार्ट बोर्ड नहीं था। अब यह सुविधा मिलने से स्कूल के बच्चे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, प्रयास विद्यालय जैसे उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयारी कर सकेंगे।  ग्रामीणों ने राज्यपाल को जैविक रूप से उत्पादित दाल, चना एवं अन्य सामग्रियां भेंट की।  इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना, ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, शाला प्रबंधक समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।