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नगरीय निकाय कर्मियों की सेवाकाल में असमय मृत्यु पर आश्रितों को मिलेगा 1.25 लाख रुपये तक का अनुग्रह अनुदान

भोपाल  "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रगतिशील सोच और लोककल्याणकारी निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता से आज प्रदेश के नगरीय निकाय कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच मिला है।'' नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए बताया कि नगरीय निकायों के सेवकों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने बताया कि मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 के दायरे में आने वाले नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषद के कर्मचारियों की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कर्मचारी के बैण्ड वेतन तथा ग्रेड पे के सम्मिलित योग के छह गुना के बराबर की धनराशि अनुग्रह अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 1,25,000 रुपये (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) होगी। यह कल्याणकारी निर्णय 1 अप्रैल, 2025 और उसके उपरांत घटित होने वाले सभी प्रकरणों पर प्रभावशील होगा। यह निर्णय नगरीय प्रशासन के मैदानी कार्यकर्ता

कृषि विभाग की पहल: 1.14 लाख हेक्टेयर में धान खेती का लक्ष्य, बीज वितरण शुरू

बांका  खरीफ मौसम में धान सहित विभिन्न फसलों की खेती के लिए कृषि विभाग ने किसानों को अनुदानित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले बीजों का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपने पंचायत के किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक अथवा प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करना होगा। जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, इस वर्ष जिले में एक लाख 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीजों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण बीज के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि के साथ किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। संकर धान, डीआरआर धान-53, अरहर, रागी (मंडुआ), ज्वार तथा संकर मक्का के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। वर्तमान में संकर धान का 41.50 क्विंटल, डीआरआर धान-53 का 48 क्विंटल तथा अरहर का 60 क्विंटल बीज उपलब्ध है। वहीं रागी, ज्वार और संकर मक्का के बीज एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध होने की संभावना जताई गई है। शंकर धान एवं शंकर मक्का के बीज पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा अरहर पर 60 रुपये, रागी पर 30 रुपये तथा ज्वार पर 29.95 रुपये प्रति किलोग्राम अनुदान निर्धारित किया गया है। अनुदान के बाद किसानों को संकर धान के लिए 320 रुपये, अरहर के लिए 80 रुपये तथा संकर मक्का के लिए 74 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से राशि का भुगतान करना होगा। 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी पिछले साल की तुलना में इस साल धान की खेती का रकबा बड़ा है। पिछले साल एक लाख 12 हजार हेक्टेयर में खेती की गई थी, लेकिन इस बार एक लाख 14 हजार 300 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 11 हजार हेक्टेयर में नर्सरी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों ने बताया कि नर्सरी डालने के लिए वे लोग पहले से ही खेत को तैयार कर रखें हैं। मौसम का साथ मिलते ही वे लोग खेती किसानी में जुट जाएंगे।

91 करोड़ से अधिक की लागत से 34 एकड़ में बन रहा इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है।  साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।  रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक मती प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त  बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

रतलाम फायरिंग कांड: वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाश, पुलिस जांच में जुटी

रतलाम  दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे सराफा व्यापारी कमल सोनी के मकान पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोली घर की कांच की खिड़की तोड़ते हुए अंदर दीवार से टकराकर दरवाजे के पास पड़े पैरदान पर जा गिरी। वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दो बाइक पर सवार चार बदमाश मुंह पर कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहे हैं। आगे चल रही बाइक के पीछे बैठे सफेद टी-शर्ट पहने आरोपित ने पिस्टल निकालकर चलती बाइक से मकान की ओर निशाना साधते हुए फायर किया।

रामलला को चढ़ाया गया रत्नजड़ित हार बना रहस्य, पुजारियों के बयान से बढ़ी पेचीदगी

अयोध्या  राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से उपहार में दिया गया बेशकीमती हार व चरण पादुका विशेष जांच दल (एसआइटी) के लिए अबूझ पहेली बन गया है। चौथे दिन एसआइटी ने हार व चरण पादुका को खोजने या उसकी जानकारी लेने का प्रयास किया, परंतु पता नहीं चला। रामशंकर यादव टिन्नू व कृष्णदेव तिवारी के साथ रामलला के चार पुजारियों को भी बुलाया गया। पुजारी मोहित पांडेय ने बताया कि मैंने हार पहनाने के बाद टिन्नू को वापस कर दिया था। टिन्नू यही रट लगाए है कि उसे ईंट के रूप में गलाने को बेंगलुरु भेजा गया था। अब एसआइटी हार का असली पता खोज रही है। सूत्रों ने बताया कि एसआइटी के सदस्य लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज आइजी किरण एस. व विशेष सचिव वित्त विभाग नीलरतन कुमार ने गुरुवार दोपहर तीन बजे हार व चरण पादुका की खोज शुरू की। राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव के माध्यम से तीन वरिष्ठ पुजारियों अशोक उपाध्याय, संतोष तिवारी व प्रेमचंद्र त्रिपाठी और साल भर पहले नियुक्त पुजारी मोहित पांडेय को ग्रीन हाउस बुलाया गया। जब यह पता चला कि उस समय वरिष्ठ पुजारी नहीं, युवा पुजारी मोहित पांडेय थे, तो उनसे तस्दीक हुई। सूत्रों ने बताया कि मोहित ने रामलला को पहनाने के बाद टिन्नू यादव को लाैटाने की बात कही, तो एसआइटी ने टिन्नू से पूछा। उसने यही बताया कि उसे उसी समय बेंगलुरु भेज दिया गया था। आभूषण रखने वाले कृष्णदेव तिवारी ने भी इससे अज्ञानता जताई। सूत्रों ने बताया कि अब उसकी न तो ईंट मिल रही, न रसीद। अयोध्या के रोकड़िया हनुमान मंदिर के आचार्य विनोद मिश्रा ने दो दिन पहले मीडिया के सामने आकर बताया था कि जौनपुर के जंगही निवासी उनके भक्त अजय विश्वकर्मा ने पिता केदारनाथ व अन्य परिजनों के साथ 200 किमी पैदल अयोध्या आकर टिन्नू यादव के माध्यम से रामलला को रत्न जड़ित हार व चरण पादुका भेंट की थी। हार पर द्वाद्वश ज्योतिर्लिंग उकेरा गया था, तो पादुका पर 64 चरणों के चिह्न अंकित थे। दोनों बहुमूल्य रहे। उस समय उसकी पहने हुए रामलला की फोटो देने की भी बात हुई थी, लेकिन आज तक नहीं दी गई। अजय मुंबई में कारोबार करते हैं और उन्होंने वहीं पर उसे बनवाया था।

प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों के खातों में अंतरित होंगे 1640 करोड़ रुपये

भोपाल प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी शनिवार 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत देशभर के किसानों को 23वीं किश्त अंतरित करेंगे। इसमें मध्यप्रदेश के 81 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में लगभग 1,640 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2019 से संचालित है। इसके अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की 22 किस्तों के माध्यम से अब तक मध्यप्रदेश के किसान परिवारों को लगभग 33 हजार 800 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से भी किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इस तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से प्रदेश के पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दोनों योजनाओं में अब तक किसानों को 56 हजार 240 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया सड़क निर्माण कार्य का किया भूमि-पूजन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में आयोजित लोकार्पण व भूमि-पूजन कार्यक्रम में कहा है कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प लिया है और उसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।  उन्होंने कहा कि  नगर निगम इंदौर ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा स्वच्छता अभियान में इंदौर ने देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अवधि में देश ने विकास के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि के प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश दोनों विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई मजबूती मिली है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में विकास के विभिन्न मानकों पर निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, रोजगार और जनकल्याण के क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजनांतर्गत जोन 8 में सड़क का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्दौर के जोन क्रमांक 8 के वार्ड क्रमांक 37 में तुलसी नगर पुलिया से निपानिया तक प्रस्तावित सड़क विकास कार्य और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य का आज रिमोट से भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। इसमें सड़क निर्माण कार्य की लागत 13.26 करोड़ और प्राइमरी तथा आंतरिक सीवर लाइन निर्माण कार्य की लागत 2.64 करोड़ रुपए है। यह सड़क लगभग 1.30 किलोमीटर लंबी एवं इन्दौर विकास योजना-2021 के अनुसार 30 मीटर चौड़ाई में निर्मित होगी। परियोजना अंतर्गत सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण, सीवर चैम्बरों का सुदृढ़ीकरण, फुटपाथ निर्माण तथा विद्युत लाइन शिफ्टिंग सहित विभिन्न अधोसंरचनात्मक कार्य किए जाएंगे। सड़क के निर्माण से तुलसी नगर, निपानिया, अंकुर आंगन, राजाराम ऐवेन्यु तथा महालक्ष्मी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के रहवासियों को आवागमन में सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों को बेहतर एवं नई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी। भूमि-पूजन समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त जन द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की गई। महापौर इंदौर  पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ और तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया। विकास कार्यों की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमि-पूजन समारोह में कनाड़िया रोड से खजराना रोड तक लगभग 1400 मीटर लिंक रोड  बनाने की घोषणा की। उन्होंने पूर्वी रिंग रोड से रोबोट चौराहे तक 6 लेन फ्लाई-ओवर बनाने की घोषणा की। इसकी अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपए होगी। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए भी ठोस कार्य करने के प्रयास करेंगे। हितलाभ का किया गया वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया गया जिसमें  राहुल मरमट और  जगदीश उपाध्याय को 50-50 हजार के प्रतीकात्मक चेक मंच से प्रदान किये गये। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट,  क्षेत्रीय सांसद  शंकर लालवानी,  क्षेत्रीय विधायक  महेन्द्र हार्डिया,  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  सुमित मिश्रा तथा संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अमला उपस्थित रहे।

अभावों से निकले हीरो: आशीष और प्रेमचंद बने एशिया कप के स्टार

जमशेदपुर  पसीने की स्याही से जब किस्मत लिखी जाती है, तो मुफलिसी की दीवारें भी रास्ता छोड़ देती हैं। झारखंड के खूंटी जिले की लाल मिट्टी से निकले दो युवा खिलाड़ी प्रेमचंद सोरेन और आशीष तानी पूर्ति ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। अभावों की भट्टी में तपकर कुंदन बने नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के इन दोनों खिलाड़ियों ने जापान में आयोजित अंडर-18 पुरुष एशिया कप में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। कच्चे मकान और गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा जाने वाले ये दोनों हॉकी सनसनी आज देश की धड़कन बन चुके हैं। सफलता के इस शिखर पर पहुंचकर दोनों खिलाड़ी भावुक हो उठते हैं। अपने संघर्षों को याद करते हुए दोनों के मुख से बरबस ही निकल पड़ता है, अगर टाटा ट्रस्ट और नेवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) का संबल न मिलता, तो हमारी स्टिक खेतों की पगडंडियों में ही टूटकर खो जाती। एनटीएचए की विश्वस्तरीय सुविधाओं और मार्गदर्शन ने ही हमारे सपनों को परवाज दी है। प्लास्टिक की छत से नीले आसमान की उड़ान खूंटी के मुरहू प्रखंड स्थित गनालोया गांव की एक जर्जर कच्ची झोपड़ी, जिसकी छत को महज एक नीली प्लास्टिक शीट से ढका गया है, वहीं से आशीष तानी पूर्ति के आसमानी सपनों ने आकार लिया। खेतों में पसीना बहाकर दिन के बमुश्किल 20-30 रुपये कमाने वाले मजदूर सुकुदानी पूर्ति और ललिता पूर्ति के इकलौते बेटे (तीन बहनों के भाई) आशीष बचपन में स्कूल की चारदीवारी से अक्सर भाग जाया करते थे। ननिहाल में पले-बढ़े आशीष को हॉकी की विरासत अपने मामा और नाना से मिली, जो पूर्व खिलाड़ी रह चुके थे। जब आशीष ने पहली बार पुरानी और घिसी हुई स्टिक थामी, तो उनके फटे जूतों और कीचड़ सने मैदान ने कभी उनके हौसलों की उड़ान को नहीं रोका। भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर वर्ष 2022 में रीजनल डेवलपमेंट सेंटर और खूंटी के आवासीय सेंटर से होते हुए 2023 में एनटीएचए पहुंचने वाले आशीष को दिग्गज कोच हरिंदर सिंह का सानिध्य मिला। अकादमी की कृत्रिम टर्फ पर कड़ी मेहनत से आशीष आज भारत के सबसे घातक डिफेंडर और फ्लिकर बन चुके हैं। जापान में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में उनका प्रदर्शन किसी सुनामी से कम नहीं था। सेमीफाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अकेले चार गोल दागकर उन्होंने करोड़ों देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। फाइनल में आया शानदार हैट्रिक आशीष के खेल का असली तूफान फाइनल में आया, जब उन्होंने मेजबान जापान के कड़े डिफेंस को भेदते हुए शानदार हैट्रिक लगाई और भारत को 4-1 से एकतरफा जीत दिलाकर चैंपियन बना दिया। इससे पहले चीनी ताइपेई के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल दागे थे। टूर्नामेंट में सर्वाधिक 13 गोल कर टॉप स्कोरर और प्लेयर ऑफ द मैच बने आशीष मानते हैं कि फाइनल जीतने से कहीं ज्यादा रूहानी खुशी उन्हें पाकिस्तान को हराने में मिली। हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में रांची रॉयल्स के लिए खेलते हुए रजत पदक जीतने वाले आशीष की इस ऐतिहासिक सफलता पर हॉकी इंडिया ने उन्हें तीन लाख रुपये का नकद इनाम दिया है। अभावों की राख से उठकर चमकने वाला यह सितारा आज भारतीय खेलों का नया हीरो है। फुटबॉल के मैदान से हॉकी के शिखर तक खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले कल्याण सोरेन और जसमनी सोरेन का बेटा प्रेमचंद आज भारतीय हाकी के आसमान का चमकता सितारा है लॉकडाउन के दौरान जब वह अपने गांव लौटे, तो वहां की जीवनरेखा माना जाने वाला एकमात्र पुल टूट चुका था। गांव की सरहदों में कैद होने की वह मजबूरी प्रेमचंद के लिए अप्रत्याशित वरदान बन गई। गांव के कीचड़ और उबड़-खाबड़ मैदानों में समय बिताने के दौरान उनका रुझान हॉकी की ओर हुआ और फिर जो सफर शुरू हुआ, वह आज इतिहास के पन्नों में दर्ज है। भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने तार कंपनी स्थित नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) के अनुशासित और आधुनिक माहौल में एक कैडेट के रूप में प्रेमचंद ने अपनी खेल प्रतिभा को उस अकल्पनीय स्तर तक तराशा, जहां उनकी हॉकी स्टिक की गूंज से विरोधियों के पसीने छूट जाते हैं। 16वीं हॉकी इंडिया सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने अद्भुत खेल से प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतकर उन्होंने अपने मजबूत इरादे जता दिए थे। जापान में संपन्न अंडर-18 पुरुष एशिया कप में मिडफील्डर के रूप में वह भारतीय टीम की अजेय दीवार और धुरी बने रहे। टूर्नामेंट के एक अहम मुकाबले में उन्होंने शानदार गोल दागा। विदेश में जापानी खान-पान उन्हें बिल्कुल रास नहीं आया, लेकिन वतन के लिए कुछ कर गुजरने की भूख ने कभी उनकी ऊर्जा कम नहीं होने दी। लीग मैच में जापान से मिली हार ने उन्हें भीतर तक आहत किया था, मगर सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से धूल चटाने के बाद उनकी सारी निराशा जश्न में बदल गई। आज पूरा देश इस युवा मिडफील्डर को भारतीय टीम का स्वर्णिम भविष्य मान रहा है।

एशियन गेम्स टीम में जगह नहीं मिलने पर मनिका बत्रा नाराज, चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

 नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया।  वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है।  सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया।  भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए।  घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए।  पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है।  उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं।  भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।  अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, अधिकारियों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज जशपुर जिले में विभाग द्वारा निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों का सतत पर्यवेक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से काम पूर्ण करने के निर्देश दिए।  बंसल ने जशपुर में रौनीघाट से बगीचा मार्ग, बगीचा से चराईडांड मार्ग तथा मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित पहुंच मार्ग का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर जोर देते हुए फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जशपुर से पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और त्वरित गति से निर्माण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय सचिव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जशपुर और पत्थलगांव में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सड़कों, पुलों तथा भवनों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। कार्यों के निरीक्षण और बैठक के दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  व्ही.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता सर्व  बी.एस. बघेल, ज्ञानेश्वर कश्यप और जी.एस. मंडावी सहित जिले के कार्यपालन अभियंता तथा अनुविभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।