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आज का राशिफल 17 जून: करियर, धन और सेहत के लिहाज से कैसा रहेगा आपका दिन?

मेष 17 जून के दिन आप खुलकर बात करेंगे। मददगार दोस्तों को आकर्षित कर सकते हैं। नई स्किल्स सीखना आपके मन को उत्साहित करेगी। किसी रोमांचक टास्क की जिम्मेदारी लेने से पहले समझदारी से योजना बनाएं। तैयारी आपके लिए नए द्वार खोलती है। वृषभ 17 जून के दिन दिल खोलकर सोचें। आप गहरी रचनात्मकता और कोमल भावनाओं का अनुभव करेंगे। अपनी एनर्जी स्टेबल रखने के लिए कला और आराम के बीच संतुलन बनाए रखें। देखभाल करने वाले दोस्तों के माध्यम से सरप्राइज मिल सकते हैं। मिथुन 17 जून के दिन बड़े सपने देखें। घर और स्कूल की लाइफस्टाइल शांति दिला सकती है। चुनाव करते समय खुद पर भरोसा करें। दयालु कार्य सकारात्मक भावना फैलाते हैं। चुनाव करते समय अपनी भावनाओं पर भरोसा करें। कर्क 17 जून के दिन दोस्तों के साथ मधुर संबंध पूरे दिन खुशियां महसूस कराएंगे। नए विचार उत्साह जगाते हैं। आपकी एनर्जी उच्च स्तर पर है। आज का दिन आपके लिए अच्छा मूड और रोमांच की भावना लेकर आएगा। सिंह 17 जून के दिन आप क्रिएटिव सोच या दिलचस्प बातचीत की ओर आकर्षित हो सकते हैं। आपकी जिज्ञासा आपको नई चीजें आजमाने के लिए मोटिवेट कर सकती है। दोस्तों या सहकर्मियों का सपोर्ट आपको कॉन्फिडेंट महसूस कराता है। कन्या 17 जून के दिन आपको अपनी भावनाओं पर भरोसा करने की जरूरत है। आप शांत पलों में शांति पा सकते हैं। आपके आस-पास के लोग आपकी सलाह ले सकते हैं, और आप दयालुता के साथ उन्हें ज्ञान प्रदान करेंगे। तुला 17 जून के दिन आज बारीकियों पर आपका ध्यान समस्या-समाधान कौशल को निखारता है। आप उन पैटर्न पर ध्यान दे सकते हैं, जो दूसरे लोग अनदेखा कर देते हैं, जिससे समाधान निकलते हैं। आत्मविश्वास और प्रगति के लिए धैर्य बनाए रखे और व्यवस्थित रहें। वृश्चिक 17 जून के दिन शांत रहें, जो सबसे सबसे मायने रखता है, उस पर ध्यान केंद्रित करें और ध्यान भटकाने से बचें। आपका देखभाल करने वाला स्वभाव काम आएगा। आज रिश्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करें। बेहतर करियर ग्रोथ के लिए प्रोफेशनल मौकों का उपयोग करें। धनु 17 जून के दिन पूरे दिन पॉजिटिव रहेंगे। धैर्य से आप कार्यों, रिश्तों और स्वास्थ्य को आसानी से संभाल पाएंगे और क्लेरिटी लाएंगे। आपकी एनर्जी और सोच-समझकर लिए गए फैसलों के साथ दिन सुचारू रूप से बीतेगा। मकर 17 जून के दिन एक शांत और प्रोडक्टिव वातावरण रहेगा। जैसे-जैसे आप अपनी लाइफस्टाइल में स्टेबल होंगे, आपको छोटी-छोटी सफलता मिलती जाएगी। आपके आस-पास के लोग सहयोगी रहेंगे और आपके प्रयासों की तारीफ की जाएगी। कुंभ 17 जून के दिन पॉजिटिव दृष्टिकोण और व्यवस्थित मन तनाव को दूर रखेगा। आज का दिन आपको प्यार, काम और स्वास्थ्य के मामले में सही डिसीजन लेने में मदद करता है। इमोशनल संतुलन आपके दिन में सुकून और शांति लाता है। अचानक से धन लाभ हो सकता है। मीन 17 जून के दिन नौकरी में उत्पादकता संबंधी समस्याओं पर काबू पाएं। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं हो सकती हैं और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। लव लाइफ में समस्याओं को सुलझाएं और अपने साथी के साथ एक्स्ट्रा टाइम स्पेंड करें।  

मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार और तकनीकी चुनौतियों के समाधान पर भोपाल में राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

भोपाल  नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनु वास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां ऊर्जा सुरक्षा के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का माध्यम बनेंगी। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, नीति समर्थन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य में हरित ऊर्जा के विस्तार को नई गति मिलेगी। मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक  अमनबीर सिंह बैंस ने कहा कि आधुनिक तकनीकों और प्रभावी ग्रिड प्रबंधन के माध्यम से विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है तथा इससे राज्य की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवसर पर अतिथियों ने पुस्तक विमोचन भी किया। “मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा परिनियोजन को आगे बढ़ाना” विषय पर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, परियोजना विकासकर्ताओं, शोधकर्ताओं, डिस्कॉम प्रतिनिधियों तथा सरकारी एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय जलवायु पहल (आईकेआई), नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश शासन तथा मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में मध्यप्रदेश में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार एवं तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला में मध्यप्रदेश में एग्रीफोटोवोल्टिक्स पर व्यापक कानूनी एवं व्यवहार्यता मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्रों के प्रदर्शन विश्लेषण, रिएक्टिव पावर मापन, रिले एवं ट्रांसफार्मर समन्वय, 11 केवी ग्रिड इंजेक्शन से जुड़ी चुनौतियों तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रभावी क्रियान्वयन सहित विभिन्न तकनीकी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।कार्यशाला में जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग एवं विकास मंत्रालय, जर्मन दूतावास, जीआईजेड इंडिया तथा केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने मध्यप्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी नवाचार और संस्थागत समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।  

आंगनवाड़ी दीदी के प्रयास से कुपोषण के चक्रव्यूह से बाहर आई मासूम माहिका

भोपाल  जब सरकारी प्रयास और एक माँ का संकल्प आपस में मिलते हैं, तो कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती को भी मात दी जा सकती है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जमीनी प्रयासों और 'पोषण पखवाड़ा' अभियान की सफलता की एक बेहद भावुक और प्रेरक कहानी ग्वालियर जिले से सामने आई है। यहाँ के शहरी परियोजना-01 के अंतर्गत आने वाले पीएचई कॉलोनी (सेक्टर 3, वार्ड 7) आंगनबाड़ी केंद्र की सजगता से 'सैम' (SAM – Severe Acute Malnutrition) यानी गंभीर कुपोषण की शिकार एक मासूम बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य श्रेणी में आ चुकी है। इस सफलता ने न केवल एक परिवार को खुशियाँ लौटाई हैं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए कुपोषण के खिलाफ जंग में एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। ग्वालियर की पीएचई कॉलोनी में रहने वाली  मोना के घर 14 मार्च 2025 को बेटी माहिका का जन्म हुआ था। जन्म के कुछ महीनों बाद ही माहिका का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा और वह शारीरिक रूप से कमजोर होने लगी। जनवरी 2026 में जब आंगनबाड़ी केंद्र पर उसका वजन और लंबाई मापी गई, तो आंकड़े बेहद चिंताजनक थे। महज 5 किलो 500 ग्राम वजन और 68 सेंटीमीटर लंबाई के साथ माहिका 'सैम' (गंभीर कुपोषण) की श्रेणी में जा चुकी थी। एक माँ के लिए अपनी संतान को इस हालत में देखना किसी सदमे से कम नहीं था। माहिका की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता  माधुरी राजावत ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने 19 जनवरी 2026 को माहिका को विशेष 'C-SAM' कार्यक्रम के तहत पंजीकृत किया और उस पर विशेष ध्यान देना शुरू किया। इस पूरी मुहिम में बड़ा बदलाव तब आया जब अप्रैल माह में आयोजित 8वें पोषण पखवाड़े के दौरान परियोजना अधिकारी डॉ. मनोज गुप्ता और सेक्टर पर्यवेक्षक  सुमन पांडे ने खुद इस मामले में गहरी रुचि ली। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी टीम ने केंद्र पर आए हितग्राहियों को परामर्श देते हुए भोजन में मोटे अनाज, मौसमी सब्जियों, फलों और 'तिरंगा भोजन' के महत्व को समझाया। इसके साथ ही 6 माह से 2 वर्ष के बच्चों के लिए नियमित स्तनपान के साथ दिन में तीन से चार बार ऊपरी आहार देने की सलाह दी गई। इस आयोजन में माहिका की माँ मोना भी सम्मिलित हुईं और उन्होंने वहाँ दी गई हर सीख को गहराई से समझा। विभागीय अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की टीम ने माहिका के घर जाकर गृहभेंट की और परिवार का हौसला बढ़ाया। आंगनबाड़ी केंद्र से मिली सीख को  मोना ने पूरी निष्ठा से अपने जीवन में लागू किया। उन्होंने आंगनबाड़ी से मिलने वाले टेक होम राशन (THR) का सही उपयोग कर अपनी बेटी के लिए नियमित रूप से पौष्टिक हलवा और खिचड़ी बनाना शुरू किया। पोषण के साथ माँ ने माहिका के मानसिक विकास पर भी ध्यान दिया, जिसके तहत उन्होंने बच्ची के साथ खेलना, उसे कविताएं सुनाना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना प्रारंभ किया। सघन प्रयास के बाद प्रत्येक सप्ताह माहिका की ग्रोथ मॉनिटरिंग की जाने लगी, जिसके सुखद परिणाम अब सामने आ चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और माँ की अथक मेहनत से वर्तमान में माहिका का वजन और लंबाई दोनों ही पूरी तरह से सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। मासूम माहिका के स्वास्थ्य में आया यह क्रांतिकारी सुधार देखकर उसके माता-पिता और पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। आंगनबाड़ी दीदी की इस ममतामयी पहल और विभाग की मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि सही पोषण, सही देखभाल और निरंतर निगरानी से हर आंगन को खुशहाल बनाया जा सकता है।    

मुरैना के डायल-112 हीरोज कुएँ में गिरकर घायल हुए 45 वर्षीय व्यक्ति को पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  मुरैना जिले के थाना कैलारस क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता से कुएँ में गिरकर घायल हुए 45 वर्षीय व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालकर समय पर अस्पताल पहुँचाया गया। त्वरित सहायता के कारण घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया जा सका। 16 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना कैलारस क्षेत्र अंतर्गत डोंगरपुर नरवुआ के पास एक व्यक्ति कुएँ में गिर गया है तथा उसे तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही कैलारस थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया या। डायल-112 स्टाफ आरक्षक  विजयपाल गुर्जर एवं पायलट  संतोषी ने मौके पर पहुंचकर पाया कि 45 वर्षीय व्यक्ति कुएँ में गिर जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए स्थानीय लोगों की सहायता से घायल व्यक्ति को सुरक्षित कुएँ से बाहर निकाला और एफआरव्ही वाहन से शासकीय अस्पताल कैलारस पहुँचाकर भर्ती कराया। डायल-112 की समयबद्ध एवं संवेदनशील कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं के साथ नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर तत्पर है।  

हीट वेव की चुनौती को देखते हुए पूरे प्रदेश में लागू होगी एक समान अवकाश व्यवस्था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है।  अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा तथा 25 जून से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रारंभ होगा। योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की बेहतर और व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार ने यह निर्णय पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया है, जब हीट वेव की स्थिति के कारण जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बार-बार अवकाश बढ़ाना पड़ता था। नई व्यवस्था से पूरे प्रदेश में एकरूपता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों को स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। 22 जून से विद्यालय पहुंचेंगे शिक्षक, नए सत्र की तैयारियां होंगी पूरी योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस अवधि में लेसन प्लान तैयार करने, मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अंतिम रूप देने, पाठ्यपुस्तक वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बाल वाटिका संचालन की तैयारी, विद्यालय परिसर, रसोईघर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील बनाने जैसे कार्य संपन्न किए जाएंगे। 220 कार्यदिवस और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर रहेगा विशेष जोर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 220 कार्यदिवस और नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करने से पूर्व इस विधिक प्रावधान को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार का मानना है कि बच्चों के अधिगम परिणामों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना आवश्यक है। योग, स्वच्छता और बेहतर अधिगम वातावरण पर फोकस आदेश में विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।

जनसुनवाई में छात्रा ने रखी परिवार की पीड़ा, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर उठाए सवाल

 इंदौर स्कूल चले हम अभियान के अंतर्गत कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंगलवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में विद्यार्थियों से संवाद किया। संवाद के दौरान मुसाखेड़ी क्षेत्र की रहने वाली छात्रा सानिया ने कलेक्टर वर्मा से सवाल पूछा कि उज्जैन और इंदौर में विकास के लिए घर तोड़े जा रहे हैं, यह जरूरी है? लोगों को इसके लिए मुआवजा या रहने की जगह नहीं दी जाती। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब भी सड़क बनती है तब इस तरह की परिस्थिति बनती है। इसके लिए लोगों को मुआवजा भी दिया जाता है और रहने की जगह भी दी जाती है। छात्रा ने बताया कि रामनगर पालदा में चौड़ीकरण के दौरान मकान तोड़ने की कार्रवाई की गई, लेकिन कई लोगों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। जब घर पर इस तरह की बातें सुनीं तो यह सवाल किया। संवाद के दौरान कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल अकादमिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि प्रभावी संवाद कौशल (कम्युनिकेशन स्किल) और नेतृत्व क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। स्कूल केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जीवन के अनेक महत्वपूर्ण कौशल सीखने का मंच भी है। मित्रों, शिक्षकों और सहपाठियों के साथ संवाद करते हुए बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, टीमवर्क और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं, जो आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समय के साथ स्वयं को करें अपडेट कलेटर वर्मा ने कहा कि समय के साथ तकनीक में कितने बड़े बदलाव आए हैं और आने वाले वर्षों में भी यह परिवर्तन लगातार जारी रहेगा। विद्यार्थियों को नई तकनीकों, नए उपकरणों और नई जानकारियों को सीखने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए। जो लोग समय के साथ स्वयं को अपडेट रखते हैं, वही भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो पाते हैं। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भार्गव, प्राचार्य पूजा सक्सेना आदि मौजूद रहीं। जिन स्कूलों को मरम्मत की जरूरत, वहां नहीं गए अधिकारी डीपीसी कार्यालय से जारी सूची के अनुसार 154 स्कूलों में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को पढ़ाने के लिए जाना था। लेकिन कार्यालय से सिर्फ उन्हीं स्कूलों को चिह्नित किया जो हाईटेक हैं और वहां समस्याएं नहीं हैं। जबकि जर्जर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई नहीं गया। हर वर्ष की तरह वे राह देखते रह गए कि कोई अधिकारी आए और व्यवस्थाओं में सुधार लाए। एसडीएम, सीएमएचओ नहीं गए पढ़ाने एसडीएम प्रिया वर्मा, सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी सहित 20 प्रतिशत अधिकारी विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाने के लिए ही नहीं पहुंचे। विद्यार्थी सुबह से इनकी राह देखते रहे कि कोई अधिकारी आएगा, जिनसे वे अपने सवाल पूछ सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि एसडीएम वर्मा अवकाश पर होने के कारण नहीं जा पाईं। विद्यार्थियों ने कलेक्टर से पूछे सवाल सवाल: अच्छे लीडर की क्या खूबियां होती हैं? – अदिति, कक्षा 12वीं जवाब: एक अच्छा लीडर वही होता है जो अपने साथ काम करने वाले लोगों के लक्ष्य, उनकी आवश्यकताओं और उनकी सोच को समझकर उन्हें प्रेरित कर सके तथा सही दिशा दिखा सके। सवाल: मुझे डांस, म्यूजिक पसंद है। क्या सिर्फ पढ़ाई करके ही करियर बना सकते हैं? – तपस्या त्रिपाठी, कक्षा 12वीं जवाब: समाज में अक्सर कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला गतिविधियों को केवल सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के रूप में देखा जाता है, जबकि वर्तमान समय में ये उत्कृष्ट करियर विकल्प के रूप में भी उभरकर सामने आए हैं। सवाल: करियर के लिए कई विकल्प होते हैं, सही का चयन कैसे करें? – आदित्य शर्मा, कक्षा 11वीं जवाब: जब मैं कॉलेज में था, तब वहां प्रशासनिक अधिकारी आते थे, उन्हें देखकर लगा था कि यह अच्छा करियर है। यदि किसी क्षेत्र में रुचि हो तो उसे पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ अपनाना चाहिए। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और हर उपलब्धि के पीछे कठोर परिश्रम छिपा होता है।  

56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, युवाओं को दिए क्रिकेट किट

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक  अरुण साव ने लोरमी के खेकतरा, कुम्हरौली, मोहतरा कुर्मी, पीपरखुंटा और औराबांधा में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने इन गांवों में 56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने जनचौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनके सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार और साय सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने गांववालों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया। उप मुख्यमंत्री  साव ने खेकतरा में महामाया मंदिर में ज्योति कलश भवन का लोकार्पण कर ग्रामवासियों को समर्पित किया। उन्होंने औराबांधा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का लोकार्पण किया।  साव ने पांचों गांवों के युवाओं को क्रिकेट किट भी प्रदान किया। उन्होंने युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

79 करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च, पयर्टन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर टेंपल इकोनॉमी की जाएगी मजबूत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग ने 31 मार्च 2026 तक स्वीकृत परियोजनाओं पर तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश के 8 जिलों में 33 पर्यटन एवं धार्मिक विकास परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जा रहा है, जिन पर लगभग 79.18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ‘आस्था के साथ विकास’ है। इसी सोच के तहत धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देकर टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दी गई है और कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को 8 जिलों की 33 परियोजनाओं का दायित्व सौंपा गया है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 79.17 करोड़ रुपये से अधिक है। आधुनिक सुविधाओं से जुड़ेंगे आस्था स्थल इन परियोजनाओं में लखनऊ और सीतापुर की एक-एक परियोजना, मिर्जापुर की 7, भदोही की 5, सोनभद्र की 2, हमीरपुर की 2, महोबा की 3, बांदा और चित्रकूट की 6-6 परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के विभिन्न आस्था स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई दी जाए। परियोजनाओं के लिए जारी धनराशि का ब्योरा जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ स्थित मोहनलाल गंज में हुलासखेड़ा का पर्यटन विकास के लिए 11.99 करोड़, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम में बेदारण्यम की स्थापना कार्य के लिए 1.49 करोड़ रुपये, मिर्जापुर की 07 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.04 करोड़, करोड़, 79.64 लाख, 1.94 करोड़, 1.97 करोड़, 83.69 लाख, 88.87 लाख और 2.15 करोड़ रुपये के करीब धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार भदोही जनपद की 05 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.03 करोड़, 1.47 करोड़, 1.45 करोड़ 99.97 लाख, 1.25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं सोनभद्र जनपद की 02 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.25 करोड़ और 1.16 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमोदित की गई है। इसी तरह महोबा जनपद के विभिन्न मंदिरों के लिए क्रमशः 1.08 करोड़ रुपये, 45.58 लाख और 71.77 लाख रुपये तीन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत किए गए। हमीरपुर की 02 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 70 लाख और 69.81 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। बांदा की 06 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 53.82 लाख, 1.38 करोड़, 1.14 करोड़, 1.30 करोड़, 3.38 करोड़ और 2.83 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई। वहीं चित्रकूट की 06 परियोजनाओं के लिए क्रमशः 1.81 करोड़, 2.29 करोड़, 5.25 करोड़, 1.71 करोड़, 1.66 करोड़ और 9.05 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। निविदा की कार्यवाही भी जारी उन्होंने बताया कि लगभग सभी परियोजनाओं पर कार्य प्रारम्भ कराने के लिए निविदा की कार्यवाही प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सेक्टर की लोकप्रियता एवं निवेश की असीमित संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार आस्था के साथ विकास के अंतर्गत सभी स्थलों पर बुनियादी सुविधाएं सुलभ करा रही है।

श्रमिकों के बच्चों के लिए “मेधा छात्र उन्नयन छात्रवृत्ति योजना” प्रारंभ करने का निर्णय

भोपाल श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रमिक कल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने यह निर्देश मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल, मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल तथा मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान दिए। मंत्री  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। नई श्रम संहिताएं श्रमिकों को नया संरक्षण प्रदान करते हुए उनके कल्याण के लिए संचालित व्यवस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप श्रम कल्याण संबंधी प्रावधानों को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जाए, जिससे कर्मचारी और नियोक्ता के मध्य बेहतर संबंध स्थापित हों और औद्योगिक विकास को गति मिले। श्रम मंत्री  पटेल की पहल पर श्रमिकों के बच्चों के लिए “मेधा छात्र उन्नयन छात्रवृत्ति योजना”। प्रारंभ करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश और सीबीएसई बोर्ड में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले 100 मेधावी विद्यार्थियों को 7,500 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अलावा, श्रमिकों को स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए प्रदेश के 422 संस्थानों में योग गतिविधियां चलाई जा रही हैं। बुरहानपुर और नरसिंहपुर में आदर्श श्रम कल्याण केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जबकि इंदौर और ग्वालियर में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। बैठक में जानकारी दी गई कि नई श्रम संहिताओं (वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं नियम-2026) के माध्यम से श्रमिकों को अधिक सुरक्षा और सुविधाएं मिलेंगी। इसके तहत न्यूनतम वेतन का दायरा सभी वर्गों तक बढ़ाया गया है, मातृत्व अवकाश को 26 सप्ताह सुनिश्चित किया गया है तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों की सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, असंगठित श्रमिकों के उपचार के लिए शीघ्र ही एक नई स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की जाएगी और पंजीकृत श्रमिकों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था की जाएगी। निर्माण श्रमिकों के कल्याण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मंडल द्वारा प्रसूति सहायता योजना में 190.84 करोड़ रुपये और अनुग्रह सहायता में 23.36 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 92.95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। बैठक में योजनाओं की बेहतर निगरानी के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और पोर्टल का सिक्योरिटी ऑडिट कराने तथा मोबाइल एप्लीकेशन विकसित करने पर सहमति बनी। श्रमिकों तक सीधी मदद पहुंचाने के लिए 'श्रम साथी योजना' के तहत स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप भोपाल के पांच महाविद्यालयों में श्रम एवं कौशल आधारित शिक्षा की पायलट परियोजना भी शुरू की जाएगी। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।  

72 जिलों के 1011 केंद्रों पर पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से सम्पन्न हुई बी.एड. प्रवेश परीक्षा

लखनऊ मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के पुस्तकालय भवन में उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 के टॉपर्स से उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्यमंत्री रजनी तिवारी, कुलपतिगण तथा प्रमुख सचिव एवं सचिव द्वारा वीडियो कॉल पर वार्ता कर शुभकामनाएं दी और उनकी भविष्य की योजनाओं को जाना। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परीक्षा में उत्तीर्ण होकर अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य की दिशा तय की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता के त्याग और गुरुओं के मार्गदर्शन से ही यह मुकाम हासिल हुआ है। 'गुरु देवो भव, मातृ देवो भव, पितृ देवो भव' की भावना के साथ हमें राष्ट्र के प्रति समर्पित रहना चाहिए। देशभक्ति केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। समाज ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका ईमानदारी, परिश्रम और समर्पण से पालन करना ही सच्ची देशभक्ति है। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय ने टेक्नोलॉजी और एआई को जोड़कर अभेद्य सिस्टम से परीक्षा कराई। यह उदाहरण प्रस्तुत करता है कि परीक्षाएं कैसे शुचिता, पारदर्शिता और गोपनीयता के साथ कराई जाएं। योगी सरकार के आने के बाद लखनऊ, बरेली और अब झांसी विश्वविद्यालय ने बी.एड. परीक्षाएं कराकर शिक्षा के स्तर को सुधारा है। पहले नकल को बढ़ावा देने की बात होती थी, लेकिन अब टेक्नोलॉजी से जुड़कर परीक्षाएं नकलविहीन हो रही हैं। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि आज बी.एड. करने वाले छात्रों के लिए हर्ष का दिन है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका ज्ञान, अनुभव और समर्पण आपको अलग पहचान दिलाएगा। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उसकी टीम को परीक्षा के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी को राज्य स्तरीय संयुक्त बी.एड. प्रवेश परीक्षा-2026 आयोजित कराने का दायित्व सौंपा गया था। विश्वविद्यालय द्वारा दिनांक 31 मई 2026 को दो पालियों में प्रातः 9.00 से 12.00 बजे तक तथा अपराह्न 2.00 से 5.00 बजे तक प्रदेश के 72 जिलों के 1011 परीक्षा केंद्रों पर पूर्ण शुचिता, पारदर्शिता एवं गोपनीयता के साथ परीक्षा आयोजित कराई गई। बी.एड. प्रवेश परीक्षा में 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 2,72,659 महिलाएं, 1,72,297 पुरुष तथा 2 ट्रांसजेंडर शामिल थे। श्रेणीवार 2,36,272 सामान्य, 1,32,217 अन्य पिछड़ा वर्ग, 72,128 अनुसूचित जाति, 1341 अनुसूचित जनजाति तथा 2448 विकलांग अभ्यर्थी पंजीकृत थे। प्रथम पाली में 4,00,499 तथा द्वितीय पाली में 4,00,756 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए। कुल उपस्थिति लगभग 90 प्रतिशत रही। कासगंज एवं पीलीभीत में सबसे अधिक 95 प्रतिशत तथा गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में सबसे कम 84 प्रतिशत उपस्थिति रही। तकनीक का हुआ अभूतपूर्व प्रयोग:   परीक्षा में हाईटेक कमांड कंट्रोल रूम स्थापित कर आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर) के माध्यम से 72 जिलों के 1011 केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। 22000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 5651 बायोमेट्रिक्स मशीनें लगाई गईं। एआई और रियल टाइम बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से सभी अभ्यर्थियों की फेस रिकॉगनीशन एवं फिंगर प्रिंट अटेंडेंस कराई गई। स्ट्रांग रूम, परीक्षा कक्ष एवं प्रवेश/निकास स्थान की एआई युक्त सीसीटीवी से निगरानी की गई। वीओआईपी आधारित सिस्टम से सभी केंद्रों से रियल टाइम संपर्क स्थापित किया गया। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी बॉर्न कैमरे दिए गए। परीक्षा के दौरान 04 अभ्यर्थी अनुचित साधन प्रयोग करते पाए गए, जिनका परिणाम निरस्त कर दिया गया। परीक्षाफल: परीक्षा के दौरान ओएमआर उत्तर पत्रकों की डबल स्कैनिंग एवं इमेज स्कैनिंग के माध्यम से स्कोरिंग की गई। कुल 4,00,107 अभ्यर्थियों को रैंक जारी की गई, जिनमें 1,53,612 पुरुष, 2,46,494 महिला तथा 01 ट्रांसजेंडर हैं। कला वर्ग के 2,48,452, विज्ञान वर्ग के 1,28,018, वाणिज्य वर्ग के 20,514 एवं कृषि वर्ग के 3771 अभ्यर्थी शामिल हैं। टॉपर्स: प्रथम 10 में स्थान प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों में 04 पुरुष तथा 06 महिला हैं। जनपद अलीगढ़ की सुश्री वन्दना सिंह (विज्ञान वर्ग) ने प्रदेश में प्रथम, अलीगढ़ के श्री नितिन पचौरी (विज्ञान वर्ग) ने द्वितीय तथा जौनपुर की सुश्री मिश्रा खुशी अजय (विज्ञान वर्ग) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।  इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडे, आरएमएल विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा  एम.के. अग्रवाल, प्रमुख सलाहकार प्रो. एस.पी. सिंह, राज्य समन्वयक प्रो. सौरव श्रीवास्तव, सह राज्य समन्वयक प्रो. डी.के. भट्ट एवं प्रो. काव्या दुबे, कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।